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  • मां की एक सलाह ने बदल दी जिंदगी धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी राजनीति में जाएं एक्ट्रेस ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    मां की एक सलाह ने बदल दी जिंदगी धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी राजनीति में जाएं एक्ट्रेस ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता हेमा मालिनी ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया था तब उनके पति और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इसके पक्ष में नहीं थे। इसका कारण किसी राजनीतिक मतभेद से ज्यादा उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता थी। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान होने वाली भारी भीड़ और लगातार हेलिकॉप्टर से यात्रा करना धर्मेंद्र को हमेशा परेशान करता था।

    हेमा मालिनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उन्हें अलग अलग राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए भेजा जाता था जहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती थी। ऐसी परिस्थितियों को देखकर धर्मेंद्र हमेशा चिंतित रहते थे। वह बार बार उनसे सुरक्षित रहने की सलाह देते और पूछते कि क्या इतना जोखिम उठाना वास्तव में जरूरी है। चुनाव प्रचार के दौरान हेलिकॉप्टर से लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने पर भी उन्हें काफी चिंता रहती थी। हालांकि हेमा मालिनी का कहना है कि पार्टी की जिम्मेदारी होने के कारण उन्हें अपना दायित्व निभाना पड़ता था।

    उन्होंने बताया कि राजनीति की ओर उनका झुकाव वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ जब उन्होंने अभिनेता और भाजपा नेता विनोद खन्ना के लिए चुनाव प्रचार किया था। उसी दौरान उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन और स्नेह देखा। उन्होंने कहा कि जब भी चुनावी सभाओं में विशाल भीड़ उमड़ती थी तो उन्हें विश्वास ही नहीं होता था कि इतने लोग उन्हें देखने और सुनने आए हैं। लोगों का यह प्रेम उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक अनुभव था।

    हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्होंने राजनीति में आने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। लेकिन उनकी मां ने उन्हें समझाया कि अब केवल अभिनय तक सीमित रहने के बजाय देश के लिए भी योगदान देने का समय आ गया है। उनकी मां ने उन्हें बताया कि भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े और सम्मानित नेता हैं तथा यह अवसर देश सेवा का माध्यम बन सकता है। मां की यह बात उनके मन को छू गई और उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने का निर्णय ले लिया।

    एक्ट्रेस ने अपने पहले चुनाव से जुड़ा एक और रोचक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी के सामने स्पष्ट शर्त रखी थी कि यदि वह चुनाव लड़ेंगी तो केवल मथुरा लोकसभा सीट से ही लड़ेंगी क्योंकि वह भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त हैं और मथुरा से उनका विशेष आध्यात्मिक जुड़ाव है। बाद में पार्टी ने उनकी इच्छा का सम्मान किया और उन्हें मथुरा से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने इस दौरान दिवंगत नेताओं सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के सहयोग को भी याद करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

    फिल्मी दुनिया में दशकों तक अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीतने वाली हेमा मालिनी आज राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में मनोरंजन और जनसेवा दोनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका यह अनुभव बताता है कि परिवार की चिंताओं और व्यक्तिगत दुविधाओं के बावजूद यदि उद्देश्य स्पष्ट हो तो जीवन में नए रास्ते अपनाए जा सकते हैं।

  • 'लवयात्री' के बाद करियर में आया ठहराव, आयुष शर्मा ने संघर्ष और एक्टिंग स्कूल लौटने का किया खुलासा

    'लवयात्री' के बाद करियर में आया ठहराव, आयुष शर्मा ने संघर्ष और एक्टिंग स्कूल लौटने का किया खुलासा

    नई दिल्ली । अभिनेता आयुष शर्मा ने अपने फिल्मी करियर के संघर्ष को लेकर खुलकर बात करते हुए बताया है कि पहली फिल्म के बाद उन्हें उम्मीद के अनुरूप काम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें विश्वास था कि डेब्यू के बाद नए प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी अनुभव ने उन्हें अपने अभिनय पर दोबारा काम करने और खुद को बेहतर बनाने के लिए फिर से एक्टिंग स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

    आयुष शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘लवयात्री’ से की थी। इस फिल्म से उन्हें काफी उम्मीदें थीं और उन्हें लगा था कि इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह की फिल्मों के प्रस्ताव मिलेंगे। हालांकि, उनकी अपेक्षाओं के विपरीत ऐसा नहीं हुआ। उनका कहना है कि पहली फिल्म में उनके अभिनय को वैसी सराहना नहीं मिली, जिसकी उन्होंने उम्मीद की थी। इसके चलते उन्हें अपने करियर की दिशा पर दोबारा गंभीरता से विचार करना पड़ा।

    उन्होंने कहा कि अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए केवल पहली फिल्म पर्याप्त नहीं होती, बल्कि लगातार अच्छा प्रदर्शन और दर्शकों की स्वीकृति भी जरूरी होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने दोबारा एक्टिंग स्कूल जाकर अपनी कला को और निखारने का फैसला किया। उनका मानना है कि एक कलाकार के लिए सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और हर अनुभव उसे बेहतर बनने का अवसर देता है।

    आयुष शर्मा ने यह भी बताया कि उनके करियर के शुरुआती दौर में अभिनेता सलमान खान ने उन्हें लगातार मार्गदर्शन दिया। फिल्मों के चयन से लेकर अभिनय से जुड़े कई पहलुओं पर उन्हें सलाह मिलती रही। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग का अनुभव कम होने के कारण उन्होंने वरिष्ठ कलाकार के रूप में सलमान खान के सुझावों को हमेशा गंभीरता से लिया। बाद में दोनों ने फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ में साथ काम किया, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि उनके करियर को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने स्वीकार किया कि ‘अंतिम’ के बाद भी उन्हें वैसी फिल्में नहीं मिलीं, जैसी वे करना चाहते थे। उनके अनुसार फिल्म उद्योग में अवसर काफी हद तक बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर निर्भर करते हैं। यदि किसी कलाकार की फिल्में व्यावसायिक रूप से अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पातीं, तो नए अवसर सीमित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे लगातार अच्छे किरदारों की तलाश में हैं और भविष्य में चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना चाहते हैं।

    आयुष शर्मा का मानना है कि फिल्मी करियर में संघर्ष हर कलाकार के सफर का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उनका विश्वास है कि लगातार मेहनत और सही अवसर मिलने पर कलाकार अपनी पहचान बना सकता है। इसी सोच के साथ वे भविष्य की परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं और अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों का भरोसा जीतना चाहते हैं।

    आयुष शर्मा ने वर्ष 2018 में फिल्म ‘लवयात्री’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ और ‘रुसलान’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। हालांकि अब तक उनका सफर अपेक्षित सफलता तक नहीं पहुंच सका है, लेकिन उनका कहना है कि वे अपने अभिनय को लगातार बेहतर बनाने और नए अवसरों के लिए पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

  • वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    वीकेंड पर क्या देखें यहां है इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्मों की पूरी लिस्ट एक्शन कॉमेडी रोमांस और फैमिली ड्रामा सब कुछ मिलेगा

    नई दिल्ली । अगर आप वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ थिएटर में नई फिल्म देखने की योजना बना रहे हैं तो यह सप्ताह आपके लिए शानदार रहने वाला है। 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच बड़े पर्दे पर एक्शन सुपरहीरो कॉमेडी फैमिली ड्रामा और रोमांस से भरपूर कई फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक अलग अलग जॉनर की फिल्मों के साथ दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर मौका मिलेगा।

    स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    इस सप्ताह की सबसे बड़ी रिलीज हॉलीवुड की सुपरहीरो फिल्म स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे है। फिल्म में पीटर पार्कर अपनी सुपरहीरो पहचान से दूर एक सामान्य कॉलेज छात्र की जिंदगी जीने की कोशिश करता है। लेकिन जब उसके करीबियों पर नया खतरा मंडराता है तो उसे फिर से स्पाइडर मैन बनकर दुनिया की रक्षा के लिए मैदान में उतरना पड़ता है। एक्शन और सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म खास आकर्षण होगी।

    भाई तेरा स्टार है
    रिलीज डेट – 30 जुलाई
    राघव जुयाल अभिनीत यह फिल्म कॉमेडी और फैमिली ड्रामा का अनोखा मिश्रण है। कहानी एक ऐसे अभिनेता की है जो क्रिकेट सट्टेबाजी के कारण कर्ज में फंस जाता है। मुश्किलों से निकलने की कोशिश में बोला गया एक झूठ उसे और उसके परिवार को हास्यास्पद और रोमांचक घटनाओं के बीच पहुंचा देता है। राघव जुयाल की कॉमिक टाइमिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है।

    ओह माय डॉग
    नई रिलीज डेट – 7 अगस्त
    यह फिल्म पहले 31 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन निर्माताओं ने इसकी रिलीज टाल दी है। अब यह 7 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी। फिल्म एक छोटे बच्चे और एक बेघर कुत्ते के बीच बने भावनात्मक रिश्ते की कहानी है। पेट लवर्स और पारिवारिक दर्शकों के लिए यह एक भावुक और प्रेरणादायक फिल्म मानी जा रही है।

    दिल दीवाना हो गया
    रिलीज डेट – 31 जुलाई
    रोमांस और फैमिली ड्रामा से भरपूर यह फिल्म राहुल नैना और राज की जिंदगी के इर्द गिर्द घूमती है। प्यार विश्वास त्याग और रिश्तों की खूबसूरती को दर्शाती यह म्यूजिकल फिल्म पूरे परिवार के साथ देखने के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। साफ सुथरी कहानी और पारिवारिक भावनाओं के कारण यह फिल्म हर आयु वर्ग के दर्शकों को पसंद आ सकती है।

    इस सप्ताह सिनेमाघरों में हर वर्ग के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ खास मौजूद है। जहां सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसकों के लिए स्पाइडर मैन सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा वहीं कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए भाई तेरा स्टार है और पारिवारिक दर्शकों के लिए दिल दीवाना हो गया अच्छी पसंद साबित हो सकती है। हालांकि ओह माय डॉग देखने के लिए दर्शकों को अब 7 अगस्त तक इंतजार करना होगा।

  • रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल

    रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल


    नई दिल्ली । फिल्म रामायण के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता यश ने शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। रावण का किरदार निभा रहे यश ने बताया कि वह सेट पर बड़े स्पीकर्स लेकर आते थे और तेज आवाज में शिव भक्ति के गीत बजाते थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी इस आदत से पूरे सेट का माहौल बदल जाता था और कई बार लोगों को बातचीत करने में भी दिक्कत होती थी।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर निर्देशक नितेश तिवारी निर्माता नमित मल्होत्रा और यश मौजूद रहे। बातचीत के दौरान जब यश से पूछा गया कि वह हर दिन खुद को रावण के किरदार में कैसे ढालते थे तो उन्होंने बताया कि जैसे ही वह रावण का विशाल मुकुट पहनते थे वह अपने किरदार के भाव में पहुंच जाते थे। इसके साथ ही संगीत भी उनके लिए इस तैयारी का अहम हिस्सा था।

    इसी दौरान निर्देशक नितेश तिवारी ने यश को उनके तेज म्यूजिक की याद दिलाई। इस पर यश ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक तरह से पूरे सेट का माहौल बदल दिया था। वह बड़े स्पीकर्स पर पूरी आवाज में गाने चलाते थे ताकि अपने किरदार की मानसिक स्थिति में बने रह सकें।

    यश ने बताया कि वह खास तौर पर भगवान शिव की भक्ति से जुड़े गीत सुनते थे। उनके अनुसार रावण भगवान शिव का परम भक्त था इसलिए वह उसी भक्ति और ऊर्जा को महसूस करना चाहते थे। उनका मानना था कि इस तरह का माहौल उन्हें अपने अभिनय में गहराई लाने में मदद करता था। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तेज संगीत के कारण सेट पर मौजूद अन्य लोगों को बातचीत करने में परेशानी होती थी।

    रणबीर कपूर ने भी इस दौरान यश की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही पहले भाग में उनके और यश के साथ कोई दृश्य नहीं है लेकिन जिन कलाकारों ने यश के साथ काम किया उन्होंने बताया कि उनका व्यक्तित्व और उनकी तैयारी पूरे सेट की ऊर्जा बदल देती थी। रणबीर ने कहा कि यश का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनके किरदार की झलक शूटिंग के माहौल में भी महसूस होती थी।

    फिल्म रामायण का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने वाला है। पहले भाग में राम और रावण आमने सामने नहीं दिखाई देंगे जबकि दोनों के बीच महायुद्ध दूसरे भाग में दिखाया जाएगा जो वर्ष 2027 में रिलीज होगा। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा साई पल्लवी सीता सनी देओल हनुमान काजल अग्रवाल मंदोदरी रवि दुबे लक्ष्मण अरुण गोविल दशरथ और लारा दत्ता कैकेयी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जिम में वर्कआउट करते हुए एक तस्वीर साझा की जिसके साथ लिखा कि सलमान खान डर गया हम्म जो डर गया वो मर गया। इस छोटे से संदेश ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी और कुछ ही समय में यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा। प्रशंसकों ने इस पोस्ट के अलग अलग मायने निकाले और कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

    सलमान खान पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में बने हुए हैं। इससे पहले उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए युवाओं के समर्थन में संदेश साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की परेशानियों पर सहानुभूति जताई थी और न्यायपूर्ण व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में आंदोलन कर रहे छात्रों से संयम बनाए रखने और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की थी।

    अब उनके नए पोस्ट ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है। जिम में पसीना बहाते हुए साझा की गई तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश कई लोगों को प्रेरणादायक लगा तो कुछ ने इसे एक रहस्यमयी संकेत के रूप में देखा। हालांकि सलमान खान ने इस पोस्ट के पीछे किसी विशेष संदर्भ का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके प्रशंसकों ने इसे अपने अपने अंदाज में समझा।

    पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि भाईजान को कोई रिप्लेस नहीं कर सकता जबकि कुछ ने कहा कि सलमान खान हमेशा अपने अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। कई प्रशंसकों ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे दमदार स्टार बताते हुए लिखा कि उनका आत्मविश्वास और अंदाज ही उन्हें सबसे अलग बनाता है। अभिनेत्री राखी सावंत ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई लिखकर अपना समर्थन जताया।

    सलमान खान का सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आते हैं। यही वजह है कि उनका कोई भी संदेश कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाता है। फैंस उनके हर नए पोस्ट के पीछे छिपे संदेश को समझने की कोशिश करते रहते हैं और यही बात उन्हें सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित सितारों में शामिल करती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इसके अलावा वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी परियोजना की शूटिंग में भी व्यस्त हैं जिसमें उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म अगले वर्ष ईद के अवसर पर रिलीज होने की संभावना है।

    सलमान खान का नया पोस्ट चाहे प्रेरणादायक संदेश हो या सिर्फ एक स्टाइलिश कैप्शन लेकिन इतना तय है कि उन्होंने एक बार फिर अपने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर उनके इस रहस्यमयी संदेश को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है और प्रशंसक अब उनके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए

    अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की चर्चित अभिनेत्री निम्मी ने अपने अभिनय और मासूमियत से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के दौर से लेकर रंगीन सिनेमा तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। दिलीप कुमार राज कपूर और भारत भूषण जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने वाली निम्मी उस दौर की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी खूबसूरती और सादगी के किस्से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।

    निम्मी का असली नाम नवाब बानो था। फिल्म निर्माता और निर्देशक राज कपूर ने उन्हें अपनी चर्चित फिल्म बरसात के जरिए फिल्मी दुनिया में मौका दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरा। उनकी सहज अदायगी और भावपूर्ण अभिनय ने उन्हें उस दौर की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।

    निम्मी के करियर का एक बेहद चर्चित किस्सा फिल्म आन से जुड़ा है। इस फिल्म का प्रीमियर लंदन के रियाल्टो थिएटर में आयोजित किया गया था जहां कई अंतरराष्ट्रीय मेहमान और हॉलीवुड से जुड़े कलाकार भी मौजूद थे। इसी कार्यक्रम के दौरान हॉलीवुड अभिनेता एरल फ्लिन ने पश्चिमी परंपरा के अनुसार निम्मी का हाथ चूमने की कोशिश की। लेकिन भारतीय संस्कारों में विश्वास रखने वाली निम्मी ने विनम्रता से ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनका यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

    इस घटना के बाद विदेशी मीडिया ने निम्मी को अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया का नाम दिया। देखते ही देखते यह उपनाम पूरी दुनिया में उनकी पहचान बन गया। उस दौर में यह खबर अंतरराष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां बनी और निम्मी की लोकप्रियता भारत के बाहर भी तेजी से बढ़ गई।

    लंदन प्रीमियर के बाद निम्मी के सामने हॉलीवुड से चार फिल्मों के प्रस्ताव आए। किसी भी भारतीय अभिनेत्री के लिए उस समय यह बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। हालांकि निम्मी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। इसकी वजह केवल एक थी। वह अपनी व्यक्तिगत मर्यादाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहती थीं। उस समय हॉलीवुड फिल्मों में किसिंग और अंतरंग दृश्यों का होना सामान्य माना जाता था जबकि निम्मी ऐसे दृश्य करने के पक्ष में नहीं थीं।

    निम्मी का मानना था कि सफलता तभी सार्थक है जब वह अपने सिद्धांतों और आत्मसम्मान के साथ मिले। उन्होंने कभी लोकप्रियता या बड़े अवसरों के लिए अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज भी उन्हें केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं बल्कि मजबूत व्यक्तित्व वाली कलाकार के रूप में भी याद किया जाता है।

    अपने फिल्मी सफर में निम्मी ने बरसात दीदार आन दाग कुंदन भाई भाई उड़नखटोला और बसंत बहार जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों और अभिनय ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। निम्मी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची पहचान केवल सफलता से नहीं बल्कि अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने से भी बनती है। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है।

  • दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता

    दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता


    नई दिल्ली। भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता तथा सांसद रवि किशन ने फिल्मों में सेंसरशिप को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की आपत्तियां या बदलाव की मांग कोई नई बात नहीं है बल्कि यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है। रवि किशन का कहना है कि किसी भी फिल्म निर्माता और कलाकार की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती बल्कि समाज और इतिहास के प्रति भी उसकी जवाबदेही होती है।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान रवि किशन से अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म को लेकर उठे विवाद और सेंसरशिप पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें उस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि एक फिल्म रिलीज हुई और बाद में उसे हटाया गया लेकिन बिना पूरी जानकारी के किसी विवाद पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

    हालांकि सेंसरशिप के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। रवि किशन ने कहा कि जब भी कोई फिल्म बनाई जाती है तब उसके निर्माता निर्देशक और कलाकारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी प्रस्तुति से किसी समुदाय की भावनाएं आहत न हों और किसी ऐतिहासिक घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत न किया जाए। उनके अनुसार फिल्मों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है और युवा पीढ़ी भी उनसे काफी प्रभावित होती है इसलिए जिम्मेदारी के साथ कंटेंट तैयार करना बेहद जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि कलाकारों का काम केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाना भी है। यदि किसी फिल्म या कहानी में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया जाता है या झूठी जानकारी दिखाई जाती है तो उसका असर लंबे समय तक लोगों की सोच पर पड़ सकता है। इसलिए लेखन से लेकर निर्माण तक हर स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    रवि किशन ने यह भी कहा कि अगर कभी उनकी किसी फिल्म पर सेंसर बोर्ड की ओर से आपत्ति जताई जाती है तो वह सबसे पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर समस्या क्या है। यदि किसी दृश्य या संवाद से किसी वर्ग की भावनाएं आहत होती हैं या इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया है तो उसमें सुधार करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उनका कहना था कि फिल्मों के निर्माण में काफी समय मेहनत और धन लगता है इसलिए विवाद की जगह समाधान तलाशना बेहतर होता है।

    सेंसरशिप को लेकर उन्होंने इतिहास का भी जिक्र किया। रवि किशन ने कहा कि फिल्मों पर कट्स लगना या रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सवाल उठना पहले भी होता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई चर्चित फिल्मों को भी सेंसर बोर्ड की आपत्तियों का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार यह केवल आज की स्थिति नहीं है बल्कि पहले की सरकारों के समय भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।

    रवि किशन का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग को ऐसे विषयों पर काम करते समय संवेदनशीलता और तथ्यों की सटीकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि मनोरंजन के साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचे।

  • रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन

    रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म का ट्रेलर सैन डिएगो कॉमिक कॉन में प्रदर्शित किया गया जहां अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के किरदार को निभाने के लिए उन्होंने करीब दो वर्षों तक विशेष तैयारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी पौराणिक चरित्र को निभाना केवल अभिनय का विषय नहीं होता बल्कि उसके विचारों आदर्शों और जीवन दर्शन को आत्मसात करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि किसी एक्शन फिल्म या सामान्य किरदार के लिए शरीर बनाना डांस सीखना या नई तकनीक अपनाना अपेक्षाकृत आसान होता है लेकिन भगवान श्रीराम जैसा चरित्र निभाने के लिए मन और विचारों को भी उसी दिशा में ढालना जरूरी था। उन्होंने महसूस किया कि यदि श्रीराम के आदर्शों को समझे बिना केवल बाहरी रूप अपनाया जाए तो यह किरदार अधूरा रह जाएगा।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास किया। उनके साथ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रहे जिन्होंने घंटों तक उन्हें ध्यान कराया और श्रीराम के जीवन मूल्यों तथा शिक्षाओं को विस्तार से समझाया। रणबीर ने कहा कि इन सत्रों ने उन्हें केवल अभिनय के स्तर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी काफी बदल दिया। उन्होंने धैर्य संयम करुणा और कर्तव्य जैसे मूल्यों को गहराई से समझने की कोशिश की।

    रणबीर कपूर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान अनेक धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न विद्वानों की व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को अलग अलग दृष्टिकोण से समझा ताकि पर्दे पर उनका अभिनय स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखाई दे। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक राजा या योद्धा का नहीं बल्कि आदर्श पुत्र आदर्श भाई आदर्श पति और आदर्श शासक का भी प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि आठ साल के बच्चे से लेकर अस्सी वर्ष के बुजुर्ग तक हर दर्शक उनके अभिनय में भगवान श्रीराम की सहजता और मर्यादा महसूस कर सके। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी को सबसे अधिक महत्व दिया। रणबीर का मानना है कि ऐसे किरदार निभाने वाले कलाकार के भीतर भी विनम्रता और सादगी होना आवश्यक है।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है और प्रशंसक फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश भी मौजूद रहे।

    रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे। भव्य विजुअल इफेक्ट्स विशाल सेट और दमदार स्टारकास्ट के कारण यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

  • छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    नई दिल्ली ।  NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन को अब फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है। विभिन्न कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर अपनी राय व्यक्त की है। इस बीच आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा भी लगातार तेज होती जा रही है।

    अभिनेता शाहिद कपूर ने छात्रों के समर्थन में कहा कि यदि युवा पीढ़ी का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठने लगे तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों से वर्षों तक परीक्षाओं में जवाब मांगे जाते हैं, उन्हें भी अपने भविष्य से जुड़े सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना किसी भी देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    सलमान खान ने भी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और विश्वास जताया कि न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए और समाधान पर ध्यान केंद्रित करना अधिक आवश्यक है।

    करीना कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जब बड़ी संख्या में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हों तो उनकी बात सुनना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं में विश्वास और उम्मीद पैदा करना है। यदि मेहनत और योग्यता पर सवाल उठने लगें तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता दोहराई।

    अभिनेता वरुण धवन ने भी छात्रों के सवालों को उचित बताते हुए कहा कि किसी छात्र का सपना टूटने का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों पर पड़ता है। वहीं अनन्या पांडे ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बदलाव और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रही है। उनके अनुसार अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

    लेखिका और अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। दूसरी ओर सारा अली खान ने युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के सपने देश के भविष्य से जुड़े हैं और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रही हैं। फिल्मी कलाकारों की प्रतिक्रियाओं ने भी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही बहस को नया आयाम दिया है। आने वाले समय में इस पूरे मामले पर सरकार और संबंधित संस्थाओं की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • NEET आंदोलन पर टूटी बॉलीवुड की चुप्पी, सलमान से आलिया तक कई सितारों ने छात्रों का किया समर्थन

    NEET आंदोलन पर टूटी बॉलीवुड की चुप्पी, सलमान से आलिया तक कई सितारों ने छात्रों का किया समर्थन



    नई दिल्ली । NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच अब बॉलीवुड की चुप्पी भी टूटती नजर आ रही है। शुरुआत में जहां फिल्म उद्योग के चुनिंदा कलाकार ही इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे थे वहीं अब कई बड़े सितारे खुलकर छात्रों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज है कि क्या सलमान खान की प्रतिक्रिया के बाद बॉलीवुड के अन्य कलाकारों ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी या फिर यह छात्रों के बढ़ते आंदोलन का असर है।

    सबसे पहले अभिनेता सलमान खान ने NEET पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। बाद में उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और सरकार की कार्रवाई पर भरोसा जताते हुए आंदोलन समाप्त करने का भी आग्रह किया।

    सलमान खान की प्रतिक्रिया के बाद अभिनेत्री आलिया भट्ट ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हर छात्र के पीछे एक सपना और एक परिवार की उम्मीद जुड़ी होती है। उनके अनुसार नई पीढ़ी की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

    इसके अलावा कई अन्य कलाकारों ने भी आंदोलन को लेकर अपनी राय सार्वजनिक की। रिपोर्टों के अनुसार शबाना आजमी हुमा कुरैशी और अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की। कुछ कलाकारों ने यह भी कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक बहस से अलग रखते हुए छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

    फिल्म जगत के कई लोगों का मानना है कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। वहीं कुछ कलाकारों ने यह भी अपील की कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा सुधार बना रहे और किसी भी तरह की हिंसा या भटकाव से बचा जाए।

    सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मान रहे हैं कि सलमान खान की टिप्पणी के बाद बॉलीवुड के अन्य सितारों का भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आना शुरू हुआ है जबकि कुछ का कहना है कि लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन और जनसमर्थन ने कलाकारों को अपनी राय रखने के लिए प्रेरित किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि किसी एक अभिनेता की प्रतिक्रिया ही बाकी सितारों के बोलने का कारण बनी।

    फिलहाल NEET पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसी बीच फिल्म जगत से मिल रहे समर्थन ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया है।