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  • पहली ही फिल्म से मिला ऐसा नाम, जिसने राजीव भाटिया को बना दिया बॉलीवुड का सुपरस्टार अक्षय कुमार

    पहली ही फिल्म से मिला ऐसा नाम, जिसने राजीव भाटिया को बना दिया बॉलीवुड का सुपरस्टार अक्षय कुमार

    अक्षय कुमार ने आखिर क्यों बदला अपना असली नाम?
     नई दिल्ली ।  बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई स्टार्स ऐसे हैं, जिन्होंने अपने असली नाम की जगह किसी और नाम से अपनी पहचान बनाई। इस लिस्ट में दिलीप कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स का नाम शामिल है। वहीं, इस लिस्ट में बॉलीवुड खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार का नाम भी शामिल है।

    अक्षय कुमार का असली नाम ये है
    अक्षय कुमार का असली नाम राजीव हरिओम भाटिया है। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले अपना नाम बदल कर अक्षय कुमार कर लिया।

    जानते हैं क्यों अक्षय कुमार ने बदला नाम
    लेकिन इसके पीछे का मजेदार किस्सा शायद ही आप जानते होंगे। अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं आखिर किस वजह से अक्षय ने अपना नाम चेंज किया।

    इंटरव्यू में बताया दिलचस्प किस्सा
    Galatta Plus के साथ एक इंटरव्यू में, बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार (जिनका जन्म राजीव भाटिया के रूप में हुआ था) ने अपना नाम बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। आम धारणा के विपरीत, उन्होंने नाम बदलने का ये फैसला किसी पंडित या ज्योतिषीय सलाह से प्रभावित होकर नहीं लिया था।


    महज 8 मिनट का रोल

    Galatta Plus के साथ एक इंटरव्यू में, बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार (जिनका जन्म राजीव भाटिया के रूप में हुआ था) ने अपना नाम बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। आम धारणा के विपरीत, उन्होंने नाम बदलने का ये फैसला किसी पंडित या ज्योतिषीय सलाह से प्रभावित होकर नहीं लिया था।


    एक्ट्रेस को सिखाते हैं मार्शल आर्ट

    इंटरव्यू में अक्षय ने बताया, ‘उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म ‘आज’ में महज 8 सेकंड का एक छोटा सा रोल किया था। इस फिल्म में वो 8 सेकंड के लिए आते हैं और एक्ट्रेस को मार्शल आर्ट सिखाते हैं और चले जाते हैं।’


    कुमार गौरव की वजह से बदला नाम

    अक्षय ने आगे कहा, ‘उस फिल्म में शायद ही किसी ने मुझे नोटिस किया हो। इस फिल्म में मेन लीड एक्टर कुमार गौरव थे और फिल्म में उनका नाम ‘अक्षय’ था। तो ये मुझे बहुत अच्छा लगा कि यार ये मेरी पहली फिल्म है और कुमार गौरव का नाम अक्षय है तो मैंने सोचा कि मैं अपना नाम बदल लेता हूं।’

    ऐसे राजीव से अक्षय बने एक्टर
    बस फिर क्या था ये राजीव भाटिया से वो बॉलीवुड के चमकते सितारे अक्षय कुमार बन गए। आज पूरी दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती है।

    भूत बंगला के बाद इस फिल्म में आएंगे नजर
    अक्षय कुमार ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ रिलीज हुई थी। वहीं, इन दिनों अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग मूवी ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में आएगी

  • जब मोहब्बत हार गई धर्म की दीवारों से, हसरत जयपुरी के दर्द ने जन्म दिया हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक गीत को

    जब मोहब्बत हार गई धर्म की दीवारों से, हसरत जयपुरी के दर्द ने जन्म दिया हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक गीत को

    नई दिल्ली ।  हिंदी सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट कुछ ऐसे गाने लिख गए जिन पर आज भी चर्चा होती है। ऐसा ही एक गाना है हसरत जयपुरी का लिखा गाना दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर। यह गाना शम्मी कपूर पर फिल्माया गया है। वह शूट के वक्त मुश्किल से अपने आंसू रोक पाए थे। कम लोग जानते हैं कि हसरत जयपुरी ने जिस दिन यह गाना लिखा था, उनकी प्रेमिका की शादी थी। वह जिसे पसंद करते थे वह हिंदू थी। धर्म की वजह से दोनों नहीं मिल सके और उसकी डोली उठी तो हसरत ने उसकी यादों को दुलहन बनाकर दिल के पास रखने का फैसला लिया।
    लड़कपन में लिखा था गाना
    हसरत जयपुरी ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन गाने दिए। वह छोटी उम्र से ही गीत लिखने लगे थे। जब बड़े हुए तो कच्ची उम्र के प्यार के दौरान लिखे गए गाने उन्होंने फिल्मों में दे दिए। ऐसा ही एक गाना था दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर। हसरत जयपुरी को उनके पड़ोस में रहने वाली लड़की से प्यार था। उस जमाने का प्यार बस आंखों-आंखों में और लव-लेटर वाला होता था। हसरत राधा के लिए लव-लेटर और गाने लिखते लेकिन दे नहीं पाते थे। इसी डर में उन्होंने लिख डाला था, ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज ना होना।

    धर्म की वजह से नहीं बनी बात
    दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। लेकिन धर्म अलग था तो राहें अलग होनी ही थीं। एक दिन आया जब राधा की शादी हो गई। हसरत को कुछ कर नहीं सकते थे लेकिन अपने दर्द को उन्होंने गाने का रूप दिया। उन्होंने लिखा, दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर, यादों को तेरी मैं दुलहन बनाकर, रखूंगा मैं दिल के पास, मत हो मेरी जां उदास…शम्मी कपूर की फिल्म ब्रह्मचारी की सिचुएशन पर यह गाना फिट बैठ गया। हसरत ने यह गाना दिया।

    जब शम्मी कपूर नहीं रोक पाए अपने आंसू
    इस गाने की शूटिंग से जुड़ा किस्सा भी इंट्रेस्टिंग है। इंडियन आइडल के एपिसोड में मनोज मुंतशिर ने बताया था कि गाना गाने के लिए शम्मी कपूर ने पहले मना कर दिया था। उन्होंने जब गाना सुना तो इस सिचुएशन को विजुअलाइज किया। वह इमोशंस कंट्रोल नहीं कर पाए और उनके आंसू आने लगे। उन्होंने गाना सुनकर मना कर दिया और बोले, प्लीज इसे बदल दो। दरअसल इस सीन में उनको रोना नहीं था। शम्मी को लग रहा था कि सीन में घुस गए तो आंसू रोकना मुश्किल हो जाएगा।

  • क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश

    क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश


    नई दिल्ली।
    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में अभिनेता ने अपने बेहद करीबी और वर्षों पुराने बॉडीगार्ड शेरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन उससे पहले किए गए कुछ रहस्यमयी और गुस्से भरे पोस्ट ने फैंस को उलझन में डाल दिया। सलमान खान के बदले हुए अंदाज और तीखे शब्दों ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। उनके चाहने वाले लगातार यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर अभिनेता के मन में किस बात को लेकर इतनी नाराजगी है।

    सलमान खान ने शेरा के साथ एक खास तस्वीर साझा करते हुए बेहद छोटे लेकिन भावुक अंदाज में उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। तस्वीर में दोनों के बीच गहरी दोस्ती और विश्वास साफ नजर आया। वर्षों से शेरा सिर्फ सलमान के बॉडीगार्ड नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्य की तरह रहे हैं। हर मुश्किल समय में शेरा सलमान के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दिए हैं। यही वजह है कि अभिनेता का यह पोस्ट उनके फैंस को काफी पसंद आया और लोगों ने दोनों की दोस्ती की जमकर तारीफ की।

    हालांकि इस भावुक पोस्ट से पहले सलमान खान ने कुछ ऐसे संदेश साझा किए थे, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। अभिनेता ने इशारों-इशारों में कुछ लोगों और मीडिया के एक वर्ग पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि जब वे तकलीफ में थे और अस्पताल में थे, तब कुछ लोग उनकी हालत का मजाक बना रहे थे। सलमान ने बेहद सख्त शब्दों में यह भी कहा कि जिंदगी ज्यादा जरूरी है या तस्वीरें। उनके इस बयान के बाद फैंस लगातार अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर अभिनेता किस घटना से इतने नाराज हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे 60 साल के हो चुके हैं लेकिन लड़ना अभी नहीं भूले हैं। इस लाइन ने इंटरनेट पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी। कई लोग उनके गुस्से को सही बता रहे हैं तो कुछ लोग उनके पोस्ट को समझने की कोशिश में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सलमान खान के कैप्शन को समझना किसी पहेली से कम नहीं है। इसके बावजूद उनके फैंस लगातार अभिनेता का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

    सलमान खान लंबे समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ समय से अभिनेता के अकेलेपन और उनके व्यवहार को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। हालांकि सलमान ने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है और मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत बनाए रखा है। यही वजह है कि उनका हर बयान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है।

    अगर उनके प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं। इसके अलावा वे एक और बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त बताए जा रहे हैं, जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री भी दिखाई देंगी। फैंस को उम्मीद है कि सलमान खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का दिल जीतेंगे।

    फिलहाल सलमान खान अपने रहस्यमयी पोस्ट, गुस्से भरे तेवर और शेरा के प्रति अपने खास लगाव को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। अभिनेता का यह बदला हुआ अंदाज लोगों के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत

    दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत


    नई दिल्ली /मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने अपने करियर और अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे प्रोजेक्ट्स से लोकप्रियता हासिल करने वाले दिव्येंदु का मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए संघर्ष केवल एक पड़ाव नहीं बल्कि एक जरूरी प्रक्रिया है, जो उसे भीतर से मजबूत बनाती है और उसके अभिनय को निखारती है।

    दिव्येंदु शर्मा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि करियर की शुरुआत बिना किसी सपोर्ट के करना एक कठिन लेकिन जरूरी अनुभव होता है। उनके अनुसार, जब कोई कलाकार शून्य से शुरुआत करता है, तो वह हर छोटे अवसर को सीखने और आगे बढ़ने का जरिया बनाता है। यही अनुभव आगे चलकर उसके काम में गहराई और परिपक्वता लाता है।

    अभिनेता का मानना है कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने के लिए सिर्फ टैलेंट ही नहीं बल्कि लगातार सीखने और खुद को चुनौती देने की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनने की कोशिश करते हैं जिनमें उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का मौका मिले, ताकि वह खुद को बार-बार नए रूप में ढाल सकें और अपने अभिनय को और बेहतर बना सकें।

    दिव्येंदु ने यह भी स्वीकार किया कि बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन यदि इरादा मजबूत हो तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह खुद को भाग्यशाली और आभारी महसूस करते हैं, क्योंकि दर्शकों ने उनके काम को पहचान और प्यार दिया है।

    उन्होंने उन उभरते कलाकारों का भी जिक्र किया जो अभी अपने अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, हर दिन खुद को याद दिलाना जरूरी है कि जो भी सफलता मिली है वह एक लंबे संघर्ष का परिणाम है और इसे बनाए रखने के लिए निरंतर मेहनत करनी होती है।

    दिव्येंदु शर्मा जल्द ही एक नए बड़े प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, जिसमें वह कई नामी कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करेंगे। यह फिल्म उनकी अभिनय यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो उनके करियर को एक नए स्तर पर ले जा सकती है।

  • राज कुमार की अनोखी आदत का हुआ खुलासा, मूडी नेचर के कारण अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा कठिन थे संभालना

    राज कुमार की अनोखी आदत का हुआ खुलासा, मूडी नेचर के कारण अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा कठिन थे संभालना

    नई दिल्ली ।
    राज कुमार सबको जानी कहकर बात करते थे। आपने फिल्मों में भी कई बार देखा होगा कि वह सामने वाले किरदार को जानी बोलते थे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि राज, जानी क्यों बोलते थे। इसके पीछे की वजह काफी अलग है और खास भी। फिल्ममेकर केसी बोकादिया ने इसका खुलासा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज कुमार को हैंडल करना अमिताभ बच्चन से भी ज्यादा मुश्किल होता था।

    क्यों सबको जानी बोलते थे राज कुमार

    केसी ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा, ‘उनके कुत्ते का नाम जानी था, यही वजह है कि वह सबको जानी कहते थे। अच्छी बात यह है कि उन्होंने कभी मुझे इस नाम से नहीं बुलाया और मुझे सिर्फ बोकादिया साब बोलते थे।’ हालांकि उन्होंने यह भी क्लीयर किया कि राज के इरादे इसके पीछे नेगेटिव नहीं थे। वह अपने डॉग को काफी प्यार करते थे और उन्हें ये शब्द काफी पसंद था इसलिए वे सबको जानी बोलते थे।
    राज कुमार को कैसे अपनी फिल्म के लिए मनाया
    केसी ने आगे बताया कि कैसे उनकी फिल्म पुलिस और मुजरिम के लिए उन्होंने राज कुमार को लिया था। वह बोले, मैंने उन्हें एक शाम को फोन किया। हमने फिर अगले दिन मुहर्रत शॉट प्लान किया। अगर वह किसी इंसान का चेहरा नहीं जानते तो वह फिल्म नहीं करते। फिल्म की स्टोरी उनके लिए दूसरे नंबर पर होती थी। अब जैसे ही उन्होंने फोन उठाया मैंने कहा राज साहब, मैं आपको एक लाइन कहना चाहता हूं। वह मान गए। उन्हें हैंडल करना, अमिताभ बच्चन को हैंडल करने से काफी मुश्किल होता था। बच्चन कैलकुलेटिव इंसान हैं और राज साहब मूडी थे।
    अमिताभ बच्चन से ज्यादा मुश्किल था राज कुमार को हैंडल करना
    वह आगे बोले, ‘कैलकुलेटिव इंसान को समझाना आसान होता है, लेकिन जब बात मूडी इंसान की आती है तो ये उनकी मूड पर डिपेंड करता है जो हर समय बदलता रहता है। एक गाय भी तभी दूध देती है जब उसका मन हो, नहीं तो नहीं। तो मेरे सीन के डिसक्रिप्शन को पढ़कर उन्होंने कहा कि ये अच्छा है। मैंने फिर उनसे तुरंत मूवी करने की रिक्वेस्ट की। उन्होंने मुझे कहा कि वह मुझे ना नहीं कह सकते हैं।’
    राज कुमार को ज्यादा पैसे किए ऑफर
    केसी ने आगे कहा, ‘मैंने उनसे पूछा कि उन्हें कितना पैसा चाहिए तो उन्होंने कहा लास्ट टाइम तुमने कितना दिया था? मैंने कहा 21 लाख तो उन्होंने मुझे ज्यादा अमाउंट देने को कहा तो मैंने 24 लाख कहा और फिर तुरंत मैंने 25 लाख का ऑफर दिया। इसके साथ मैंने उनसे एक और फेवर मांगा और रिक्वेस्ट किया कि आप अगली सुबह ही मुझे ज्वाइन करोगे क्योंकि मुहूर्त अगले दिन का शेड्यूल है।’
    पुराना आउटफिट पहन दिया था मुहूर्त शॉट
    राज ने फिर पूछा कि इतनी जल्दी कॉस्ट्यूम कैसे तैयार होंगे तो मैंने उन्हें कहा कि आप पिछले 25-30 साल से वैसे ही लग रहे हो तो न्यू कॉस्ट्यूम की क्या जरूरत। मुझे बस आपसे मुहूर्त शॉट चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि राज फिर आए और उन्होंने वही येलो कलर का कोट पहना है जो उन्होंने नीले गगन के तले पहना था, हमराज फिल्म में।

  • भूमि पेडनेकर की आध्यात्मिक यात्रा, दलाई लामा से मुलाकात ने बदल दिया अनुभव का एहसास

    भूमि पेडनेकर की आध्यात्मिक यात्रा, दलाई लामा से मुलाकात ने बदल दिया अनुभव का एहसास

    नई दिल्ली । अभिनेत्री भूमि पेडनेकर इन दिनों अपने पेशेवर काम के साथ-साथ व्यक्तिगत और आध्यात्मिक अनुभवों को लेकर भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मुलाकात की, जिसने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। इस मुलाकात के बाद उन्होंने अपने अनुभव को बेहद भावनात्मक शब्दों में साझा किया, जिसमें उन्होंने मानसिक शांति और आत्मिक सुकून की अनुभूति का उल्लेख किया।

    धर्मशाला की शांत वादियों में हुई यह मुलाकात उनके लिए केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया। भूमि पेडनेकर ने बताया कि उस माहौल में उन्हें एक अलग ही प्रकार की शांति और हल्कापन महसूस हुआ, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना कठिन है। मुलाकात के बाद जब वह वहां से लौटीं, तो उनकी भावनाएं इतनी गहरी थीं कि उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।

    उन्होंने अपने संदेश में यह भी साझा किया कि वह पिछले कुछ समय से आत्मिक संतुलन और खुद को बेहतर समझने की कोशिश कर रही हैं। उनके अनुसार, जीवन में ऐसे क्षण बहुत दुर्लभ होते हैं जब व्यक्ति को आंतरिक शांति और कृतज्ञता का वास्तविक अनुभव होता है। दलाई लामा से मुलाकात उनके लिए ऐसा ही एक क्षण साबित हुई, जिसने उन्हें जीवन और मानवीय मूल्यों के प्रति और अधिक संवेदनशील बना दिया।

    यह मुलाकात न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में एक भावनात्मक मोड़ के रूप में देखी जा रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने उनके इस अनुभव को सराहा और सकारात्मक प्रतिक्रियाएं साझा कीं। भूमि की यह पोस्ट इस बात का संकेत भी देती है कि आधुनिक जीवन की तेज रफ्तार के बीच लोग मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन की ओर भी बढ़ रहे हैं।

    दलाई लामा का जीवन स्वयं में एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक माना जाता है। तिब्बत से निर्वासन के बाद उन्होंने भारत में शरण ली और धर्मशाला को तिब्बती समुदाय का प्रमुख केंद्र बनाया। वर्षों से यह स्थान न केवल तिब्बती संस्कृति का प्रतीक बना हुआ है, बल्कि विश्वभर से आने वाले लोगों के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र भी रहा है।

    उनका जीवन संघर्ष, शांति और अहिंसा के संदेशों से भरा हुआ है, जिसने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित किया है। इसी कारण उनसे जुड़ी हर मुलाकात अक्सर लोगों के लिए गहरा भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव बन जाती है, जैसा कि भूमि पेडनेकर के मामले में भी देखने को मिला।

  • रवीना टंडन का बड़ा खुलासा, भीड़ ने घर के बाहर किया हंगामा; एक शख्स जबरन अंदर घुसा

    रवीना टंडन का बड़ा खुलासा, भीड़ ने घर के बाहर किया हंगामा; एक शख्स जबरन अंदर घुसा

    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने हाल ही में एक पुराने विवादित मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अभिनेत्री ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे एक वायरल वीडियो के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए थे और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था। रवीना ने इस पूरे मामले को बेहद डरावना और परेशान करने वाला अनुभव बताया।

    यह मामला साल 2024 का बताया जा रहा है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में अभिनेत्री और उनके ड्राइवर पर एक महिला के साथ बदसलूकी और कार से टक्कर मारने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि बाद में जांच और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सच्चाई अलग निकली, लेकिन उस समय स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।

    रवीना टंडन ने बताया कि वीडियो को इस तरह पेश किया गया, जिससे पूरा मामला गलत दिशा में चला गया। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर हंगामा खड़ा करना चाहते थे और उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। अभिनेत्री ने कहा कि जब उन्होंने स्थिति को शांत करने के लिए खुद बाहर जाकर बात करने की कोशिश की, तभी माहौल अचानक बेकाबू हो गया।

    उन्होंने बताया कि बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। उनके ड्राइवर को घेर लिया गया और स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें तुरंत पुलिस को बुलाना पड़ा। अभिनेत्री के मुताबिक, उनके ड्राइवर को धमकियां दी जा रही थीं और लोग उसे बाहर सौंपने की मांग कर रहे थे। रवीना ने कहा कि वह अपने कर्मचारी को अकेला छोड़ने की स्थिति में नहीं थीं, क्योंकि उन्हें डर था कि भीड़ उसके साथ हिंसा कर सकती है।

    रवीना ने इस घटना का सबसे डरावना हिस्सा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही तो उनका फोन तक छीनने की कोशिश हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति जबरन घर के भीतर घुस आया, जिसे उन्होंने खुद रोकते हुए बाहर धकेला। अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय घर में मौजूद महिलाएं और स्टाफ लगातार लोगों को रोकने की कोशिश कर रहे थे।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके घर के बाहर जो कुछ हो रहा था, वह बेहद भयावह था और उन्होंने ऐसी स्थिति की कभी कल्पना नहीं की थी। बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस जांच में साफ हो गया कि लगाए गए आरोप सही नहीं थे और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था।

    रवीना टंडन का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा। उन्होंने यह भी माना कि ऐसी घटनाएं किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बेहद तनावपूर्ण हो सकती हैं।

    यह खुलासा सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। फैंस अभिनेत्री के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं।

  • अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    अजय देवगन ने टाली ‘धमाल 4’ की रिलीज, अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिला बड़ा फायदा

    नई दिल्ली ।  अक्सर देखा जाता है कि कई फिल्में एक ही वक्त पर सिनेमाघरों में रिलीज हो जाती हैं, इससे दोनों ही फिल्मों के बिजनेस पर गहरा असर पड़ता है। यही नहीं मेकर्स फिल्मों के क्लैश को लेकर आलोचना का सामना भी करते हैं। इसलिए जब ऐसी टक्करों से बचा जाता है, तो यह सभी लोगों के लिए खुशी की बात होती है। इसका ताजा उदाहरण अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ और अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ है।
    बदल गई ‘धमाल 4’ की रिलीज डेट
    ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक ट्वीट कर जानकारी दी है कि अजय देवगन ने अपनी फिल्म ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट बदल दी है। तरण ने अपने ट्वीट में लिखा, ”धमाल 4’ – ‘वेलकम टू द जंगल’: अजय देवगन – अक्षय कुमार का क्लैश टल गया… आपसी सम्मान और स्मार्ट बिजनेस प्लानिंग के तहत, अजय देवगन ने ‘धमाल 4′ की रिलीज डेट 17 जुलाई 2026 जो [पहले 3 जुलाई, 2026 को तय थी] उसे बदलने का फैसला किया है।’

    अजय के फैसले से मिलेगा अक्षय को फायदा

    तरण ने आगे लिखा, ‘खबर है कि अजय देवगन और अक्षय कुमार ने बात की और आपसी सहमति से दोनों फिल्मों – ‘धमाल 4’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ को उतना ही थिएटर में चलने दिया, जितना वे डिजर्व करती हैं। साथ ही यह भी पक्का किया कि ऑडियंस को दो फुल-स्केल मैडकैप एंटरटेनर उसी तरह देखने को मिलें, जैसा उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का मकसद है। जहां ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में आएगी, वहीं ‘धमाल 4′ अब 17 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, जिससे WTTJ को बॉक्स ऑफिस पर तीन हफ्ते का अच्छा विंडो मिलेगा।’ अब ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘धमाल 4’ दोनों को लेकर ऑडियंस के बीच एक्साइटमेंट और बढ़ गई है। दोनों फ्रेंचाइजी पहले भी ऑडियंस को एंटरटेन कर चुकी हैं और इस बार भी मेकर्स बड़े लेवल पर फिल्मों को तैयार कर रहे हैं।
    ‘भूत बंगला’ से चर्चा में हैं अक्षय कुमार
    अक्षय कुमार इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर खबरों में बने हुए हैं। इस फिल्म के साथ अक्षय ने एक बार फिल्ममेकर प्रियदर्शन के साथ हाथ मिलाया है। इनकी जोड़ी ने हमेशा ही पर्दे पर कमाल किया है। ‘भूत बंगला’ 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने 29 दिनों में भारत में करीब 165 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल, राजपाल यादव, असरानी, तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों ने अहम रोल अदा किया है।

  • अमजद खान की इंडस्ट्री में सोच को लेकर बयान चर्चा में, शादाब ने कहा- छोटे-बड़े सभी के शोषण के खिलाफ थे अमजद खान, आज वैसा प्रभावशाली कोई नहीं

    अमजद खान की इंडस्ट्री में सोच को लेकर बयान चर्चा में, शादाब ने कहा- छोटे-बड़े सभी के शोषण के खिलाफ थे अमजद खान, आज वैसा प्रभावशाली कोई नहीं

    नई दिल्ली। अभिनेता अमजद खान को लेकर दिए गए एक बयान ने फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी कार्यशैली और व्यवहार पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। शादाब ने कहा कि अमजद खान का मानना था कि इंडस्ट्री में सिर्फ एक्ट्रेसेस ही नहीं, बल्कि छोटे डायरेक्टर, बड़े एक्टर्स और दिहाड़ी मजदूर तक का कई तरह से शोषण होता था।

    उन्होंने बताया कि अमजद खान इस “ऊंच-नीच” वाली मानसिकता के खिलाफ थे और हमेशा कमजोर माने जाने वाले लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते थे। शादाब के अनुसार, अमजद खान का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।

    शादाब ने आगे कहा कि अमजद खान अपने समय में एक ऐसे शख्स थे जिनकी साख और व्यक्तित्व के कारण लोग उनकी बात सुनने को मजबूर होते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर की फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा प्रभावशाली और सिद्धांतों पर अडिग व्यक्ति शायद ही देखने को मिलता है। 

  • कान्स को अलविदा कहती आलिया भट्ट का रॉयल फाइनल अवतार, तीन दिन के स्टाइल ने जीता दिल

    कान्स को अलविदा कहती आलिया भट्ट का रॉयल फाइनल अवतार, तीन दिन के स्टाइल ने जीता दिल

    नई दिल्ली । कान फिल्म फेस्टिवल 2026 इस बार बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट के ग्लैमरस और एलीगेंट फैशन मोमेंट्स के लिए खास चर्चा में रहा। तीन दिनों तक लगातार अलग-अलग स्टाइल में रेड कार्पेट पर नजर आने के बाद आलिया ने अपने आखिरी दिन एक ऐसा लुक पेश किया जिसने पूरे फेस्टिवल का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनका यह फाइनल अवतार न सिर्फ फैशन की दुनिया में चर्चा का विषय बना, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।

    फेस्टिवल के अंतिम दिन आलिया भट्ट मैरून रंग के ऑफ-शोल्डर कॉर्सेट गाउन में नजर आईं। यह आउटफिट उनकी पर्सनालिटी को एक रॉयल और ग्रेसफुल टच दे रहा था। इस डिजाइन में भारतीय टेक्सटाइल की झलक के साथ वेस्टर्न विक्टोरियन स्टाइल का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। इस खास ड्रेस को एक अनुभवी डिजाइन टीम की मदद से तैयार किया गया था, जिसमें हर डिटेल पर बारीकी से काम किया गया था ताकि यह लुक रेड कार्पेट पर अलग पहचान बना सके।

    इस आखिरी दिन आलिया ने अपने स्टाइल में सादगी को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी। उन्होंने भारी मेकअप या ज्यादा एक्सेसरीज की बजाय हल्का और नैचुरल मेकअप चुना। उनके बालों को हाई बन स्टाइल में बांधा गया था, जिससे उनका पूरा लुक और भी एलीगेंट और क्लासी नजर आया। फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह लुक उनकी पूरी कान्स जर्नी का सबसे परफेक्ट और बैलेंस्ड अवतार माना जा सकता है, जिसमें ग्लैमर और ग्रेस दोनों का सुंदर संतुलन देखने को मिला।

    कान्स के दौरान आलिया भट्ट ने तीन दिनों में अलग-अलग फैशन स्टेटमेंट पेश किए, जिसने उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। पहले दिन उनका स्टील ब्लू गाउन एक फेयरी टेल जैसी झलक दे रहा था, जिसमें वे किसी ड्रीम वर्ल्ड की कैरेक्टर जैसी नजर आईं। दूसरे दिन रेड ऑफ-शोल्डर ड्रेस में उनका अंदाज और भी बोल्ड और रॉयल दिखाई दिया, जिसने रेड कार्पेट पर अलग ही आकर्षण पैदा किया। तीसरे दिन कोरल शेड आउटफिट में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न स्टाइल का ऐसा मेल दिखाया, जिसने उनकी फैशन वर्सेटिलिटी को और मजबूत किया।

    इन तीन दिनों के दौरान आलिया की कई तस्वीरें सामने आईं, जिनमें उनका ग्लैमरस अवतार तो था ही, लेकिन साथ ही कुछ ऐसे पल भी कैद हुए जिनमें वे काफी रिलैक्स और सामान्य मूड में नजर आईं। ये अनफिल्टर्ड और बैकस्टेज मोमेंट्स फैंस के लिए उतने ही खास रहे जितने उनके रेड कार्पेट लुक्स। इन तस्वीरों ने उनकी पर्सनालिटी का एक और साइड दिखाया, जो आमतौर पर कैमरों के सामने कम ही देखने को मिलता है।

    अपने आखिरी पोस्ट में आलिया भट्ट ने इस पूरी जर्नी को एक यादगार अनुभव बताया। उन्होंने संकेत दिया कि यह इस साल का उनका अंतिम लुक है और उन्होंने इन तीन दिनों को बेहद खास और भावनात्मक बताया। उनकी पोस्ट में फेस्टिवल के लिए आभार और भविष्य में फिर से इस मंच पर लौटने की उम्मीद भी साफ झलक रही थी।