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  • दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी निजी जिंदगी के खूबसूरत दौर का आनंद ले रहे हैं। दोनों जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं और इसी बीच मुंबई में उनकी एक सादगी भरी आउटिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। हाल ही में दोनों को शहर के एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट में साथ देखा गया, जहां वे डोसा खाने पहुंचे थे। इस दौरान उनका सहज अंदाज और एक-दूसरे के साथ बिताया गया समय प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    रेस्टोरेंट से बाहर निकलते समय दोनों को कैमरों में कैद किया गया, जिसके बाद उनका वीडियो और तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर साझा होने लगीं। हालांकि, इस दौरान उनकी सुरक्षा टीम लगातार लोगों से वीडियो रिकॉर्डिंग और अत्यधिक भीड़ से बचने की अपील करती नजर आई। दोनों कलाकारों ने अपनी इस आउटिंग को पूरी तरह निजी रखने का प्रयास किया और बिना किसी औपचारिकता के सामान्य तरीके से समय बिताया।

    इस मौके पर दीपिका और रणवीर का पहनावा भी काफी साधारण रहा। रणवीर सिंह ब्लैक टी-शर्ट और ट्राउजर में दिखाई दिए, जबकि दीपिका पादुकोण ने आरामदायक को-ऑर्ड सेट पहन रखा था। दोनों ने चेहरे पर मास्क भी लगाया हुआ था, जिससे उनकी आउटिंग अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल बनी रही। प्रशंसकों ने उनके इस सहज और सादगी भरे अंदाज की सराहना की और सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

    यह पहली बार नहीं है जब यह स्टार कपल इसी रेस्टोरेंट में नजर आया हो। इससे पहले भी दोनों यहां एक विशेष अवसर पर साथ पहुंचे थे। यही वजह है कि इस रेस्टोरेंट से उनका एक विशेष जुड़ाव माना जाता है। इस बार भी दोनों ने भीड़भाड़ और सार्वजनिक आकर्षण से दूर सामान्य तरीके से अपना समय बिताने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वहां लोगों की नजरें उन पर टिक गईं।

    दीपिका और रणवीर ने इसी वर्ष अपने दूसरे बच्चे के आने की खुशखबरी साझा की थी। इसके बाद से दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित रूप से नजर आ रहे हैं और अधिकतर समय परिवार के साथ बिता रहे हैं। वर्ष 2018 में विवाह बंधन में बंधे इस दंपति ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। अब परिवार में एक नए सदस्य के आगमन की तैयारियां चल रही हैं, जिसे लेकर उनके प्रशंसकों में भी उत्साह बना हुआ है।

    फिल्मी करियर की बात करें तो दोनों कलाकार अपने-अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। दीपिका पादुकोण आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखाई देंगी, जबकि रणवीर सिंह भी अपनी नई फिल्मों की तैयारियों में जुटे हैं। निजी जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए दोनों लगातार अपने प्रशंसकों से जुड़े हुए हैं। उनकी हालिया आउटिंग ने एक बार फिर यह दिखाया कि लोकप्रियता के बावजूद वे निजी जीवन के छोटे-छोटे पलों को सादगी के साथ जीना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बीच प्रशंसक इस दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके परिवार में आने वाली नई खुशियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • इंडिया-इंग्लैंड मैच के दौरान एजबेस्टन स्टेडियम में साथ दिखे कृति सेनन और कबीर बहिया,

    इंडिया-इंग्लैंड मैच के दौरान एजबेस्टन स्टेडियम में साथ दिखे कृति सेनन और कबीर बहिया,

    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए एकदिवसीय मुकाबले के दौरान एजबेस्टन स्टेडियम में बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन की मौजूदगी ने क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन जगत में भी चर्चा का विषय बना दिया। मैच देखने पहुंचीं कृति सेनन को ब्रिटेन के कारोबारी कबीर बहिया के साथ स्टैंड्स में देखा गया, जिसके बाद दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। इन तस्वीरों ने एक बार फिर दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं को हवा दे दी है।

    मैच के दौरान कृति सेनन दर्शक दीर्घा में कबीर बहिया और अपने कुछ अन्य परिचितों के साथ नजर आईं। दोनों आरामदायक अंदाज में मैच का आनंद लेते दिखाई दिए। स्टेडियम से साझा की गई तस्वीरों में उनकी सहज मौजूदगी ने प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें तेजी से साझा की जाने लगीं और उनके निजी रिश्ते को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।

    कबीर बहिया ने भी इस क्रिकेट मुकाबले से जुड़ी कुछ तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कीं, जिनमें कृति सेनन भी दिखाई दीं। वहीं कृति ने भी अपने सोशल मीडिया पर मैच के दौरान की कुछ झलकियां साझा कीं। हालांकि दोनों ने किसी भी पोस्ट में अपने रिश्ते को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। ऐसे में यह चर्चा केवल सार्वजनिक रूप से साथ दिखाई देने और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों तक ही सीमित है।

    कृति सेनन और कबीर बहिया के रिश्ते को लेकर चर्चाएं पिछले काफी समय से चल रही हैं। दोनों कई अवसरों पर एक साथ दिखाई दे चुके हैं, जिससे डेटिंग की अटकलें समय-समय पर सामने आती रही हैं। अभिनेत्री के जन्मदिन समारोह और पारिवारिक आयोजनों में कबीर बहिया की मौजूदगी के बाद भी इस तरह की चर्चाओं को बल मिला था। हालांकि अब तक दोनों में से किसी ने भी अपने रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं किया है।

    कबीर बहिया का नाम ब्रिटेन के कारोबारी जगत से जुड़ा बताया जाता है। वह एक व्यवसायिक परिवार से संबंध रखते हैं और विमानन तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबार में सक्रिय हैं। इसी वजह से उनका नाम पिछले कुछ समय से मनोरंजन जगत की खबरों में भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। कृति सेनन के साथ उनकी सार्वजनिक मौजूदगी के कारण सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता भी बढ़ी है।

    दूसरी ओर कृति सेनन अपने फिल्मी करियर में लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह अपनी नई फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच नजर आईं और आगामी परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं। अभिनय के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी अक्सर सुर्खियों का हिस्सा बन जाती है। हालांकि अभिनेत्री निजी मामलों पर सार्वजनिक रूप से कम ही प्रतिक्रिया देती हैं।

    फिलहाल एजबेस्टन स्टेडियम से सामने आई तस्वीरों ने प्रशंसकों के बीच उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन दोनों के रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। जब तक संबंधित पक्ष स्वयं कोई जानकारी साझा नहीं करते, तब तक इन खबरों को केवल चर्चाओं और कयासों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    शोहरत खोने के डर से बेखौफ शहनाज गिल ने किया रिजेक्शन और मानसिक तनाव का सामना, इम्तियाज अली संग काम करने की जताई इच्छा

    नई दिल्ली । हिंदी और पंजाबी सिनेमा जगत में अपनी विशेष पहचान बना चुकीं अभिनेत्री शहनाज गिल ने हाल ही में फिल्म उद्योग में अपने व्यक्तिगत अनुभवों, मानसिक चुनौतियों और करियर के प्रति अपने दृष्टिकोण पर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने स्वीकार किया है कि ग्लैमर की इस दुनिया में वे दैनिक स्तर पर अकेलेपन का सामना करती हैं। उनके अनुसार, फिल्म जगत की व्यस्तताओं के बावजूद एक कलाकार के जीवन में यह अकेलापन बेहद स्वाभाविक है क्योंकि यहां लोग आते-जाते रहते हैं और अंततः इंसान को अपने दम पर ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

    शहनाज गिल ने अकेलेपन को एक नकारात्मक तत्व के रूप में देखने के बजाय इसे आत्ममंथन का एक माध्यम माना है। उनका मानना है कि एकांत के इन क्षणों में उन्हें विभिन्न विषयों पर गहराई से सोचने का अवसर मिलता है। हालांकि अधिक सोचने और मानसिक तनाव से उन्हें अपने काम को बेहतर करने में मदद मिलती है, लेकिन जीवन में एक ऐसे मार्गदर्शक की कमी हमेशा खलती है जो संकट या गुस्से के समय उन्हें शांत कर सके। इस चकाचौंध भरी दुनिया में वे आज भी किसी ऐसे सच्चे साथी की तलाश में हैं जो भीड़ में भी उनके अस्तित्व को समझ सके।

    फिल्म इंडस्ट्री में अपने सामाजिक दायरे पर बात करते हुए अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि बॉलीवुड में उनके करीबी दोस्तों की संख्या बेहद सीमित है। उन्होंने माना कि फिल्म जगत के बदलते समीकरणों के कारण उन्हें लोगों पर भरोसा करने में कठिनाई होती है, जिसे आमतौर पर ट्रस्ट इश्यूज कहा जाता है। यहां दोस्त बहुत जल्दी बनते और बिगड़ते हैं, जिसके कारण एक वास्तविक संबंध को पहचान पाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उनके लिए किसी भी रिश्ते या दोस्ती में आपसी सम्मान और एक-दूसरे को बिना किसी स्वार्थ के समर्थन देना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।

    करियर के मोर्चे पर बात करते हुए शहनाज गिल ने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में मिलने वाले रिजेक्शंस यानी अस्वीकृतियों के प्रति एक बेहद परिपक्व दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वे रिजेक्शन से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखती हैं। एक कुशल अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए वे आलोचनाओं को बेहद सकारात्मक तरीके से स्वीकार करती हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि कोई उनके सीधेपन या प्रेम का गलत फायदा उठाने का प्रयास करता है, तो वे स्थिति को नियंत्रित करना और खुद को संभालना बखूबी जानती हैं।

    आगामी परियोजनाओं को लेकर अभिनेत्री ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल संख्या बढ़ाने के लिए फिल्मों का चयन नहीं करेंगी, बल्कि उनका पूरा ध्यान गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर केंद्रित रहेगा। वे केवल उन्हीं स्क्रिप्ट्स को स्वीकार करेंगी जो एक कलाकार के रूप में उनकी क्षमताओं को चुनौती दें। अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के साथ काम करने की तीव्र इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे इस अवसर को हासिल करने के लिए लगातार सकारात्मक प्रयास कर रही हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे एक दिन उनकी फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के रूप में नजर आएंगी।

    आमतौर पर फिल्म सितारों में लोकप्रियता और फेम खोने का एक अनजाना डर देखा जाता है, लेकिन शहनाज गिल ने इस धारणा को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने बेहद तार्किक रूप से कहा कि लोकप्रियता एक अस्थायी पहलू है, जो आज है और कल समाप्त हो सकता है। वे इस वास्तविकता को पूरी तरह स्वीकार करती हैं कि शोहरत के पीछे भागने के बजाय अपने काम के प्रति ईमानदार रहना ज्यादा जरूरी है। फिलहाल वे अपनी अपकमिंग पंजाबी फिल्म ‘इश्कनामा’ को लेकर चर्चा में हैं और उनका पूरा ध्यान सिनेमाई पर्दे पर बेहतरीन प्रदर्शन करने पर केंद्रित है।

  • 7 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेंगे गोविंदा, नई फिल्म 'रूपा' से करेंगे दमदार कमबैक; बोले- लोगों ने खत्म मान लिया था,

    7 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटेंगे गोविंदा, नई फिल्म 'रूपा' से करेंगे दमदार कमबैक; बोले- लोगों ने खत्म मान लिया था,

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा ने लंबे अंतराल के बाद अपने प्रशंसकों को बड़ी खुशखबरी दी है। करीब सात वर्षों तक फिल्मों से दूर रहने के बाद उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘रूपा’ का ऐलान कर दिया है। इस फिल्म के जरिए वह एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी करेंगे। खास बात यह है कि गोविंदा इस परियोजना में केवल अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि निर्माता के तौर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिल्म की घोषणा के दौरान उन्होंने अपने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

    फिल्म की घोषणा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में गोविंदा ने कहा कि समय-समय पर लोगों ने यह मान लिया था कि अब उनकी फिल्मी यात्रा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। अभिनेता ने विश्वास जताया कि ‘रूपा’ उनके करियर में एक नई शुरुआत साबित होगी और दर्शकों को एक अलग अनुभव देने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा कि हर कलाकार के जीवन में चुनौतीपूर्ण दौर आता है, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर वापसी हमेशा संभव होती है।

    गोविंदा ने बताया कि ‘रूपा’ केवल मनोरंजन तक सीमित फिल्म नहीं होगी, बल्कि इसमें ऐसा संदेश भी होगा जो विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रेरित करेगा। उनके अनुसार फिल्म की कहानी सपनों, संघर्ष और आत्मविश्वास के इर्द-गिर्द बुनी गई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपने लक्ष्य पर विश्वास बनाए रखें और लगातार प्रयास करें तो सफलता अवश्य मिलती है। इसी सोच को फिल्म के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

    फिल्म की एक और खास बात नई अभिनेत्री रानी स्वर्णकार का बॉलीवुड में पदार्पण है। गोविंदा ने उन्हें फिल्म की मुख्य अभिनेत्री के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि नए कलाकारों को अवसर देना भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि रानी अपने अभिनय से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने में सफल होंगी। फिल्म के जरिए एक अनुभवी अभिनेता और एक नई प्रतिभा की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आएगी।

    कार्यक्रम के दौरान गोविंदा ने अपनी जिंदगी में अंक 14 के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह संख्या उनके जीवन में कई बार शुभ साबित हुई है। अभिनेता के अनुसार कम उम्र से ही उनका इस अंक पर विश्वास रहा है और करियर के कई महत्वपूर्ण पड़ाव इससे जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता और संघर्ष दोनों का दौर आया, लेकिन हर अनुभव ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अब वह नए उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ अपने फिल्मी सफर की नई शुरुआत कर रहे हैं।

    गोविंदा ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1986 में की थी और इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग, दमदार अभिनय और बेहतरीन डांस शैली के कारण उन्होंने लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। 1990 के दशक में वह हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते थे और उनकी कई फिल्में व्यावसायिक रूप से बड़ी सफल रहीं। हालांकि, बाद के वर्षों में उनकी फिल्मों की संख्या कम होती गई और वह लंबे समय तक बड़े पर्दे से दूर रहे।

    अब ‘रूपा’ के साथ गोविंदा की वापसी को उनके प्रशंसकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अभिनेता को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल उनके करियर को नई दिशा देगी, बल्कि दर्शकों के बीच भी एक सकारात्मक संदेश छोड़ने में सफल होगी। लंबे अंतराल के बाद उनकी वापसी को लेकर फिल्म प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ गई है और अब सभी की निगाहें इस नई परियोजना की रिलीज पर टिकी हैं।

  • 24 हजार करोड़ कमाने वाली Avatar पर लगा भारतीय फिल्म की कहानी अपनाने का दावा, जानिए पूरा मामला

    24 हजार करोड़ कमाने वाली Avatar पर लगा भारतीय फिल्म की कहानी अपनाने का दावा, जानिए पूरा मामला


    नई दिल्ली । अक्सर बॉलीवुड फिल्मों पर हॉलीवुड या दक्षिण भारतीय फिल्मों की कहानी कॉपी करने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन अब एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने इस बहस को नया मोड़ दे दिया है। अभिनेता और कॉमेडियन राजीव ठाकुर ने एक इंटरव्यू में कहा कि दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में शामिल Avatar की कहानी भारतीय फिल्म ठिकाना से काफी मिलती है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग दोनों फिल्मों की कहानी की तुलना करने लगे हैं।

    राजीव ठाकुर ने बातचीत के दौरान कहा कि हमेशा भारतीय फिल्मों पर कहानी चुराने के आरोप लगाए जाते हैं लेकिन कभी यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या विदेशी फिल्मों ने भी भारतीय सिनेमा से प्रेरणा ली है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई ठिकाना फिल्म की कहानी ध्यान से देखे तो उसे Avatar की कहानी से कई समानताएं दिखाई देंगी। हालांकि उन्होंने यह भी नहीं कहा कि उनके पास इस बात का कोई आधिकारिक प्रमाण है बल्कि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत राय और कहानी की समानता के आधार पर रखा।

    राजीव ठाकुर के अनुसार ठिकाना की कहानी में एक पुलिस अधिकारी अपराधियों के बीच अपनी पहचान छिपाकर पहुंचता है। वहां वह उस समुदाय का विश्वास जीतता है और उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है। बाद में जब उसी समुदाय पर हमला होने की स्थिति बनती है तो वह उनके पक्ष में खड़ा होकर संघर्ष करता है। उनका कहना है कि Avatar में भी मुख्य किरदार दूसरी दुनिया में जाकर वहां के लोगों के साथ जुड़ता है और अंत में उन्हीं की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ता है। इसी आधार पर उन्होंने दोनों फिल्मों के कथानक में समानता होने का दावा किया।

    हालांकि फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी दो फिल्मों में कुछ कथानक या पात्रों की समानता मिल जाना यह साबित नहीं करता कि एक फिल्म दूसरी की कॉपी है। साहित्य और सिनेमा में नायक का किसी नए समाज में जाना वहां के लोगों का विश्वास जीतना और अंत में उनके लिए संघर्ष करना जैसी संरचनाएं लंबे समय से अलग अलग कहानियों में इस्तेमाल होती रही हैं। इसलिए केवल कहानी के कुछ हिस्सों के आधार पर कॉपी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता।

    जेम्स कैमरून के निर्देशन में बनी Avatar वर्ष 2009 में रिलीज हुई थी और यह दुनिया की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की और आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के नए मानक स्थापित किए। वहीं ठिकाना अपने समय की चर्चित हिंदी फिल्मों में शामिल रही थी लेकिन दोनों फिल्मों के बीच किसी आधिकारिक स्तर पर कहानी की समानता या कॉपीराइट विवाद कभी सामने नहीं आया।

    फिलहाल राजीव ठाकुर का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन इसे तथ्य के बजाय एक व्यक्तिगत दावा माना जा रहा है। जब तक किसी आधिकारिक पक्ष या कानूनी दस्तावेज के जरिए इसकी पुष्टि नहीं होती तब तक यह कहना सही नहीं होगा कि Avatar की कहानी वास्तव में भारतीय फिल्म से ली गई थी। फिर भी इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि प्रेरणा और कॉपी के बीच की सीमा आखिर कहां तय होती है।

  • बॉलीवुड में गोविंदा के बेटे यशवर्धन की ग्रैंड एंट्री: सितंबर में रिलीज होगी डेब्यू फिल्म, मां सुनीता आहूजा भी स्क्रीन पर आएंगी नजर

    बॉलीवुड में गोविंदा के बेटे यशवर्धन की ग्रैंड एंट्री: सितंबर में रिलीज होगी डेब्यू फिल्म, मां सुनीता आहूजा भी स्क्रीन पर आएंगी नजर

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत के दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता गोविंदा के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी और बेहद रोमांचक खबर सामने आ रही है। गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा अब अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यशवर्धन की बहुप्रतीक्षित डेब्यू फिल्म की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और यह फिल्म इसी साल सितंबर के महीने में सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित की गई है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर स्टार किड को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    इस खास प्रोजेक्ट को लेकर सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि फिल्म में केवल यशवर्धन ही नहीं, बल्कि उनकी मां और गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा भी अभिनय करती हुई नजर आने वाली हैं। हाल ही में एक रियलिटी शो और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बेबाक बातचीत से सुर्खियां बटोरने वाली सुनीता आहूजा ने खुद इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बेटा यशवर्धन पिछले काफी समय से अभिनय, डांस और फिल्म निर्माण की बारीकियों को सीख रहा था और अब वह दर्शकों के सामने आने के लिए पूरी तरह से परिपक्व हो चुका है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, यशवर्धन आहूजा को बॉलीवुड में लॉन्च करने का जिम्मा मशहूर फिल्म निर्माता एकता कपूर ने उठाया है। यह फिल्म एकता कपूर के प्रोडक्शन बैनर के तहत बनाई जा रही है, जो लीक से हटकर और मनोरंजक सिनेमा बनाने के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, फिल्म के नाम और इसकी मुख्य कहानी को लेकर अभी तक पूरी गोपनीयता बरती जा रही है, लेकिन उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह एक आधुनिक दौर की कमर्शियल एंटरटेनर फिल्म होगी, जिसमें यशवर्धन को एक बेहद प्रभावशाली किरदार में पेश किया जाएगा।

    यशवर्धन ने बड़े पर्दे पर कदम रखने से पहले सिनेमा की तकनीकी समझ विकसित करने के लिए निर्माता-निर्देशक साजिद नाडियाडवाला के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर भी काम किया है। उन्होंने अभिनय की बाकायदा ट्रेनिंग ली है और अपने पिता की तरह ही डांस कौशल को भी निखारा है। सुनीता आहूजा ने मीडिया से बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि एक मां के तौर पर उनके लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि उनका बेटा आखिरकार अपने सपनों को पूरा करने जा रहा है और वे खुद भी इस सफर में स्क्रीन पर उनके साथ जुड़कर बेहद उत्साहित हैं।

    गोविंदा के फैंस लंबे समय से उनके बेटे के बॉलीवुड डेब्यू का इंतजार कर रहे थे। नब्बे के दशक में अपनी अनूठी कॉमेडी और बेजोड़ डांस स्टाइल से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले गोविंदा की विरासत को आगे बढ़ाना यशवर्धन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि सितंबर में होने वाली यह रिलीज इस साल के सबसे बड़े डेब्यू में से एक हो सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि पिता गोविंदा की तरह यशवर्धन अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीतने में कितने कामयाब हो पाते हैं।

  • गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह

    गोल्डन दौर को किया याद हेमा मालिनी ने बताया क्यों नहीं कर रहीं फिल्मों में वापसी और क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। उनके प्रशंसक अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि आखिर वह नई फिल्मों में नजर क्यों नहीं आतीं। अब खुद हेमा मालिनी ने इस सवाल का जवाब देते हुए अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ कहा है कि आज की फिल्मों का स्वरूप उनके दौर से पूरी तरह बदल चुका है। यही सबसे बड़ी वजह है कि उन्होंने फिल्मों से दूरी बना रखी है।

    एक बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि उन्हें उस दौर का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला जिसे हिंदी सिनेमा का स्वर्णिम काल कहा जाता है। उनके अनुसार उस समय बनने वाली फिल्मों में कहानी भावनाएं संगीत और अभिनय का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता था। खास बात यह थी कि महिला प्रधान फिल्मों को भी बराबर महत्व दिया जाता था और अभिनेत्रियों को दमदार किरदार निभाने का अवसर मिलता था।

    उन्होंने बताया कि अपने करियर में उन्हें सीता और गीता सपनों का सौदागर खुशबू शोले ड्रीम गर्ल सत्ते पे सत्ता त्रिशूल क्रांति और बागबान जैसी यादगार फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि उन्होंने लगभग दो सौ फिल्मों में अभिनय किया और कई निर्माता निर्देशकों ने बार बार उन्हें अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाया। उस दौर में फिल्मों के गीत भी सफलता की सबसे बड़ी पहचान होते थे और हर फिल्म में कई यादगार गाने दर्शकों के दिलों में बस जाते थे।

    हेमा मालिनी का कहना है कि समय के साथ फिल्म निर्माण की शैली पूरी तरह बदल गई है। आज की फिल्मों की सोच प्रस्तुति और कहानी कहने का तरीका पहले से काफी अलग हो चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह अब फिल्मों में काम क्यों नहीं करतीं लेकिन उन्हें लगता है कि वर्तमान दौर की फिल्मों में खुद को सहज रूप से ढाल पाना उनके लिए आसान नहीं है। यही कारण है कि उन्होंने नई फिल्मों से दूरी बनाए रखना बेहतर समझा।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर दौर की अपनी अलग पहचान होती है और हर कलाकार उस दौर की जरूरतों के अनुसार काम करता है। उनका मानना है कि जिस तरह का सिनेमा उन्होंने अपने समय में किया वह आज भी दर्शकों के बीच पसंद किया जाता है और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार कलाकार के लिए यह संतोष की बात होती है कि वर्षों बाद भी उसके निभाए किरदार लोगों की यादों में जिंदा रहें।

    हेमा मालिनी ने अपने करियर की शुरुआत राज कपूर के साथ फिल्म सपनों का सौदागर से की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों में अभिनय कर खुद को हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर लिया। अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई और ड्रीम गर्ल की पहचान हासिल की।

    उनकी आखिरी फिल्म शिमला मिर्ची थी जो वर्ष 2020 में रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने कोई नई फिल्म स्वीकार नहीं की। फिलहाल वह सक्रिय राजनीति में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं और सार्वजनिक जीवन के साथ परिवार को भी पूरा समय दे रही हैं। मुंबई में रहने के दौरान वह अपनी दोनों बेटियों और नाती नातिनों के साथ समय बिताना पसंद करती हैं। हालांकि फिल्मों से दूरी के बावजूद उनके प्रशंसकों के बीच उनका सम्मान और लोकप्रियता आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट

    सुपरहिट डेब्यू के बाद भी क्यों पीछे रह गए जावेद जाफरी अभिनेता ने बताया करियर में क्या बनी सबसे बड़ी रुकावट


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता डांसर और कॉमेडियन जावेद जाफरी ने अपने लंबे फिल्मी सफर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रतिभा और मेहनत होने के बावजूद वह कभी बॉलीवुड के ए लिस्ट सितारों में अपनी जगह नहीं बना सके। जावेद का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल अभिनय ही सफलता की गारंटी नहीं होता बल्कि मजबूत पीआर सही नेटवर्क और लगातार मिलने वाली बड़ी सफलताएं भी कलाकार की पहचान तय करती हैं।

    एक बातचीत के दौरान जावेद जाफरी ने कहा कि किसी भी कलाकार का करियर इस बात पर निर्भर करता है कि उसे किस तरह पेश किया जाता है। उनके अनुसार इंडस्ट्री का अपना एक तंत्र होता है जहां पीआर और ग्रुप का हिस्सा होना कई बार आगे बढ़ने में मदद करता है। अगर किसी कलाकार के बारे में लगातार सकारात्मक माहौल बनाया जाए तो उसके लिए नए अवसर बढ़ जाते हैं जबकि नकारात्मक छवि करियर की रफ्तार धीमी कर सकती है।

    जावेद ने स्वीकार किया कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा कभी नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो किसी ग्रुप का सहारा लिया और न ही अपने लिए अलग से प्रचार अभियान चलाया। यही वजह रही कि उन्हें वैसी पहचान और मौके नहीं मिले जिनके वह हकदार थे। उनके मुताबिक इंडस्ट्री में सफलता मिलने के बाद ही लोगों का नजरिया तेजी से बदलता है और फिर वही कलाकार सबकी पहली पसंद बन जाता है।

    अपने तर्क को समझाने के लिए जावेद ने सलमान खान का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि सलमान की शुरुआती फिल्म को वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी और उस समय उनके बारे में ज्यादा सकारात्मक बातें नहीं हुईं। लेकिन जब एक बड़ी हिट फिल्म आई तो पूरा माहौल बदल गया और वही सलमान इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। जावेद का कहना है कि कलाकार वही रहता है लेकिन एक बड़ी सफलता उसकी पूरी छवि बदल देती है।

    जावेद ने अपनी पहली फिल्म मेरी जंग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में उन्हें खलनायक के रूप में पेश किया गया था। फिल्म सफल रही लेकिन दर्शकों और फिल्म निर्माताओं ने उन्हें उसी छवि में देखना शुरू कर दिया। उनके अनुसार अगर उस समय किसी निर्देशक ने उन्हें हल्की फुल्की मनोरंजक या संगीत प्रधान फिल्म में मौका दिया होता तो उनकी छवि बदल सकती थी और करियर नई दिशा पकड़ सकता था।

    उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी खुद को अलग तरह के किरदारों के लिए आगे बढ़कर पेश नहीं किया। हालांकि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। उनका मानना है कि हर कलाकार का सफर अलग होता है और उन्होंने अपने हिस्से के काम को पूरी ईमानदारी से निभाया है। अभिनय डांस कॉमेडी और वॉयस ओवर जैसे कई क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो जावेद जाफरी इन दिनों फिल्म धमाल 4 को लेकर चर्चा में हैं। कॉमेडी से भरपूर इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन रितेश देशमुख अरशद वारसी समेत कई लोकप्रिय कलाकार नजर आ रहे हैं। दर्शकों को उम्मीद है कि एक बार फिर जावेद अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से सभी का मनोरंजन करेंगे।

  • राजेंद्र कुमार के बेटे और संजय दत्त के जीजा होने के बावजूद क्यों नहीं चला कुमार गौरव का फिल्मी सफर, सफलता के बाद कहां छूट गई रफ्तार?

    राजेंद्र कुमार के बेटे और संजय दत्त के जीजा होने के बावजूद क्यों नहीं चला कुमार गौरव का फिल्मी सफर, सफलता के बाद कहां छूट गई रफ्तार?

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की, लेकिन शुरुआती सफलता को लंबे समय तक कायम नहीं रख सके। अभिनेता कुमार गौरव भी ऐसे ही सितारों में शामिल हैं, जिन्होंने पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन समय के साथ उनका फिल्मी सफर अपेक्षित ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सका। उनके करियर की कहानी आज भी बॉलीवुड में सफलता और संघर्ष के अनोखे उदाहरण के रूप में याद की जाती है।

    11 जुलाई 1967 को जन्मे कुमार गौरव प्रसिद्ध अभिनेता राजेंद्र कुमार के बेटे हैं। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े कुमार गौरव का अभिनय की दुनिया में आना लगभग तय माना जाता था। वर्ष 1981 में उन्होंने निर्देशक राहुल रवैल की रोमांटिक फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म ने रिलीज के साथ ही शानदार सफलता हासिल की और कुमार गौरव रातोंरात युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरा बन गए। उनकी सादगी, रोमांटिक छवि और अलग अंदाज ने उन्हें उस दौर के सबसे चर्चित नए सितारों में शामिल कर दिया।

    ‘लव स्टोरी’ की सफलता के बाद दर्शकों और फिल्म जगत को उम्मीद थी कि कुमार गौरव लंबे समय तक बॉलीवुड पर राज करेंगे। इसके बाद उन्होंने ‘तेरी कसम’, ‘स्टार’, ‘लवर्स’, ‘नाम’, ‘फूल’ और ‘कांटे’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि इनमें से कुछ फिल्मों को सराहना मिली, लेकिन उन्हें पहली फिल्म जैसी लोकप्रियता और व्यावसायिक सफलता दोबारा नहीं मिल सकी। लगातार बदलते फिल्मी दौर और दर्शकों की पसंद ने भी उनके करियर को प्रभावित किया।

    कुमार गौरव के करियर से जुड़ा एक चर्चित किस्सा भी समय-समय पर सामने आता रहा है। कहा जाता है कि शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने कुछ नई अभिनेत्रियों के साथ काम करने के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। इसी संदर्भ में अभिनेत्री मंदाकिनी के साथ फिल्म न करने की चर्चा भी अक्सर होती रही। हालांकि इस विषय पर अलग-अलग समय पर विभिन्न दावे किए गए हैं, लेकिन इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिल्मी गलियारों में प्रचलित चर्चाओं के रूप में ही देखा जाता है।

    समय के साथ उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने अलग तरह की भूमिकाएं भी निभाईं, लेकिन दर्शकों के बीच वह प्रभाव दोबारा नहीं बन पाया जो उन्हें पहली फिल्म से मिला था। वर्ष 2002 में ‘कांटे’ में नजर आने के बाद उन्होंने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली। बाद में वह एक छोटे प्रोजेक्ट में दिखाई दिए, लेकिन बड़े पर्दे पर उनकी सक्रिय मौजूदगी फिर देखने को नहीं मिली।

    फिल्मों से दूरी बनाने के बाद कुमार गौरव ने व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने का निर्णय लिया। निजी जीवन में उन्होंने नम्रता दत्त से विवाह किया, जो अभिनेता संजय दत्त की बहन हैं। इस रिश्ते के कारण उनका परिवार बॉलीवुड के कई प्रमुख कलाकारों से जुड़ा रहा, लेकिन उन्होंने लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और फिल्मी गतिविधियों से दूरी बनाए रखी है।

    कुमार गौरव का करियर इस बात का उदाहरण माना जाता है कि फिल्म उद्योग में शुरुआती सफलता जितनी महत्वपूर्ण होती है, उससे कहीं अधिक चुनौती उसे लगातार बनाए रखने की होती है। प्रतिभा, अवसर, सही फिल्मों का चयन और बदलते दर्शक रुझानों के साथ तालमेल ही किसी कलाकार के लंबे और सफल करियर की सबसे बड़ी कसौटी माने जाते हैं।