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  • संघर्ष, विवाद और सफलता की अनोखी कहानी: चाइल्ड आर्टिस्ट से बॉलीवुड स्टार बनने तक ऐसा रहा कुणाल खेमू का सफर

    संघर्ष, विवाद और सफलता की अनोखी कहानी: चाइल्ड आर्टिस्ट से बॉलीवुड स्टार बनने तक ऐसा रहा कुणाल खेमू का सफर

    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खास पहचान बनाई, लेकिन कुछ सितारों की कहानी संघर्ष, विवाद और लगातार खुद को साबित करने की जिद से भी भरी होती है। अभिनेता कुणाल खेमू का सफर भी कुछ ऐसा ही रहा है। बचपन में कैमरे के सामने कदम रखने वाले कुणाल ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और समय के साथ खुद को केवल अभिनेता ही नहीं बल्कि लेखक और निर्देशक के रूप में भी स्थापित किया। उनका जीवन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निजी जीवन, विवाद और लगातार आगे बढ़ने की सोच ने भी उनके सफर को खास बनाया।

    कुणाल खेमू का बचपन बेहद अलग परिस्थितियों में गुजरा। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में जन्मे कुणाल का शुरुआती जीवन सामान्य था, लेकिन समय के साथ हालात बदलते गए। देश के एक संवेदनशील दौर का असर उनके परिवार पर भी पड़ा और परिस्थितियों ने उन्हें अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद परिवार ने नए शहर में नई शुरुआत की और यहीं से कुणाल की जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। बदलती परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा।

    बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले कुणाल ने अपने मासूम चेहरे और स्वाभाविक अभिनय से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने कई फिल्मों और धारावाहिकों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। छोटी उम्र में भी उनके अभिनय की गंभीरता और भावनात्मक प्रस्तुति को खूब सराहा गया। धीरे-धीरे वह दर्शकों के बीच एक पहचाना हुआ चेहरा बन गए और उनके अभिनय को लगातार सराहना मिलने लगी।

    हालांकि बाल कलाकार से मुख्य अभिनेता बनने का सफर आसान नहीं था। बड़े पर्दे पर वापसी के दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फिल्मी दुनिया में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही थी और खुद को स्थापित करना किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं था। लेकिन कुणाल ने हार नहीं मानी और अलग-अलग किरदारों के जरिए अपनी अभिनय क्षमता साबित की। कॉमेडी, रोमांस और गंभीर भूमिकाओं में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

    कुणाल का नाम कई बार विवादों में भी रहा। खासकर उनके टैटू को लेकर उठा विवाद काफी चर्चा में रहा था। इस मामले ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में बड़ी बहस को जन्म दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी भावनाएं सम्मान और श्रद्धा से जुड़ी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि लोकप्रियता के साथ विवाद भी कलाकारों की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।

    आज कुणाल खेमू केवल अभिनेता नहीं बल्कि मनोरंजन जगत में एक बहुआयामी प्रतिभा के रूप में देखे जाते हैं। अभिनय से आगे बढ़कर उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा और अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश की। उनका सफर यह साबित करता है कि कठिन परिस्थितियां, विवाद और असफलताएं रास्ता जरूर कठिन बनाती हैं, लेकिन लगातार मेहनत और विश्वास इंसान को मंजिल तक पहुंचाने की ताकत रखते हैं।

  • ‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह निकला ‘होम फ्रॉम वर्क’, रवि किशन ने वायरल वीडियो पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

    ‘वर्क फ्रॉम होम’ की जगह निकला ‘होम फ्रॉम वर्क’, रवि किशन ने वायरल वीडियो पर पहली बार तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली ।  इंटरनेट के दौर में कौन कब वायरल हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कभी फोटो तो कभी लोगों की जुबान से निकले शब्द सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। जब लोग कुछ सोच पाते हैं तब तक वह हजारों लोगों तक पहुंच जाता है। ऐसे में कुछ लोगों को इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक वीडियो गोरखपुर सांसद रवि किशन का वायरल हो गया। रवि किशन के इस वीडियो पर लोगों ने अब मीम्स बनाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि रवि किशन ने इसको लेकर सफाई भी दी।
    गोरखपुर से भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन का कहना है कि वह आज तक यह नहीं समझ पाए हैं कि सोशल मीडिया पर उनके वीडियो और ‘मीम्स’ क्यों प्रसारित होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह महज एक आम इंसान हैं और दूसरों की तरह उनसे भी गलतियां हो जाती हैं। अभिनेता रवि किशन से शुक्रवार शाम उनकी आगामी फिल्म ‘मां बहन’ के ट्रेलर जारी करने के मौके पर उनकी हालिया वायरल हुई वीडियो के संबंध में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने गलती से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कहने के बजाय ‘होम फ्रॉम वर्क’ कह दिया। वह इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अपील के समर्थन में बोल रहे थे।
    मां-बहन फिल्म में नजर आएंगे रवि किशन
    गोरखपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद रवि किशन ने कहा, मैं महादेव की कसम खाकर कहता हूं कि मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि मैं क्यों वायरल होता रहता हूं। मैं उस समय संसद जा रहा था और कहना चाहता था कि ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करने की जरूरत है, लेकिन उसकी जगह मुंह से ‘होम फ्रॉम वर्क’ निकल गया। बतादें कि ‘मां बहन’ फिल्म में रवि किशन के साथ माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धारणा दुर्गा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। नेटफ्लिक्स की इस फिल्म का निर्देशन ‘सूबेदार’ और ‘तुम्हारी सुलू’ फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने किया है।
    साइकिल चलाकर दिया था पेट्रोल-डीजल बचत का संदेश
    ईंधन बचाने को लेकर पीएम मोदी की अपील के बाद पिछले दिनों सांसद रवि किशन ने साइकिल चलाकर लोगों को पेट्रोल-डीजल बचत का संदेश दिया था। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सांसद रवि किशन शुक्ला ने पेट्रोल-डीजल संकट से निपटने के लिए तारामंडल क्षेत्र में साइकिल चलाकर लोगों को जागरूक किया। सांसद ने अपने समर्थकों के साथ रामगढ़झील क्षेत्र में साइकिल चलाई। मीडिया से बातचीत में कहा कि मध्य पूर्व एशिया में युद्ध से उपजे हालात से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल हो रहा है। पेट्रोलियम पदार्थ की खरीद में देश को करोड़ों डॉलर आयात में खर्च करना पड़ रहा है। सासंद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले डॉलर को देश वासी जागरूकता से बचा सकते हैं।
  • ‘हेरा फेरी 3’ को लेकर फैली अफवाहों पर फूटा परेश रावल का गुस्सा, बोले- फिल्म नहीं छोड़ी, सच्चाई कुछ और है

    ‘हेरा फेरी 3’ को लेकर फैली अफवाहों पर फूटा परेश रावल का गुस्सा, बोले- फिल्म नहीं छोड़ी, सच्चाई कुछ और है


    नई दिल्ली । 
    हेरी फेरी 3 को लेकर एक बार फिर खबर आई कि परेश रावल ने फिल्म से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। दावा किया गया कि परेश रावल ने फिल्म के साइनिंग अमाउंट में मिले 11 लाख रुपये भी अक्षय कुमार को वापस कर दिए हैं। इस खबर से फैंस परेशान थे। इस बीच परेश रावल ने इन खबरों पर रिएक्ट किया है। उन्होंने साफ किया है कि ये खबरें झूठी हैं और वो फिल्म का हिस्सा हैं।

    परेश रावल ने नहीं छोड़ी है हेरा फेरी 3

    विकी लालवाणी के इंस्टाग्राम पेज के मुताबिक, परेश रावल ने साफ किया है कि वो अब भी हेरा फेरी का हिस्सा हैं। उन्होंने कोई भी साइनिंग अमाउंट वापस नहीं किया है। परेश रावल ने कहा कि उनके फिल्म छोड़ने की खबरों आधारहीन हैं।
    परेश रावल ने वापस कर दिए 11 लाख रुपये
    बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि परेश रावल ने प्रोजेक्ट से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। उन्होंने निर्माताओं को 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ साइनिंग अमाउंट में मिले 11 लाख रुपये लौटा दिए हैं।
    किस चीज से खुश नहीं थे परेश रावल?
    रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया था कि परेश रावल की टोटल फीस 15 करोड़ रुपये थी। शीट में लिखा गया था कि फिल्म के रिलीज के एक महीने बाद परेश रावल को 14.89 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। परेश रावल इस शर्त से खुश नहीं थे। फिल्म का शूट अगले साल शुरू होना है। इसका मतलब है कि हेरा फेरी 3 2026 या 2027 में रिलीज होगी। इसका मतलब है कि परेश रावल को अपने बकाया रुपयों के लिए दो साल का इंतजार करना पड़ता। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि हेरा फेरी 3 का अनाउंसमेंट वीडियो भूत बंगला के सेट पर शूट किया गया था।
    फिल्म को लेकर क्या बोले थे अक्षय कुमार?
    बता दें, कुछ वक्त पहले अक्षय कुमार ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि हेरा फेरी 3 अभी नहीं बन रही है। उन्होंने कहा था कि जब सही समय होगा तब हेरा फेरी 3 बनेगी। उन्होंने ये भी कहा था कि ऐसा न कि सही समय आते-आते वो लोग बहुत बूढ़े हो जाएं।
    साल 2025 में शुरू हुआ था विवाद
    हेरा फेरी 3 को लेकर विवाद साल 2025 में शुरू हुआ था। जब परेश रावल ने कहा था कि वो हेरा फेरी 3 नहीं करेंगे। फैंस इस बात से काफी निराश हुए थे। इसके बाद खबरें आईं कि अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउस ने परेश रावल के अचानक एग्जिट से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए एक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसके बाद खबरें आई थीं कि परेश रावल पार्ट 3 का हिस्सा होंगे।

  • राज बब्बर जैसा स्टार बनने का सपना अधूरा रह गया, आर्य बब्बर को बॉलीवुड में नहीं मिला बड़ा मुकाम

    राज बब्बर जैसा स्टार बनने का सपना अधूरा रह गया, आर्य बब्बर को बॉलीवुड में नहीं मिला बड़ा मुकाम

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में कई ऐसे स्टार किड्स आए जिन्होंने बड़े सपने लेकर फिल्मी दुनिया में कदम रखा, लेकिन हर किसी को वैसी सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद की जाती है। अभिनेता आर्य बब्बर भी उन्हीं कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हो सका जो उनके पिता राज बब्बर को मिला था। फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उनका सफर संघर्षों और उतार-चढ़ाव से भरा रहा।

    आर्य बब्बर का जन्म मुंबई के एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार में हुआ। उनके पिता राज बब्बर हिंदी सिनेमा के चर्चित और सफल अभिनेता रहे हैं, जबकि उनकी मां नादिरा बब्बर थिएटर जगत का बड़ा नाम मानी जाती हैं। घर में अभिनय और कला का माहौल होने की वजह से आर्य का झुकाव भी बचपन से फिल्मों की तरफ हो गया था। उन्होंने हमेशा अपने पिता की तरह लंबा और मजबूत करियर बनाने का सपना देखा, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का रास्ता उनके लिए आसान नहीं रहा।

    आर्य बब्बर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2002 में फिल्म ‘अब के बरस’ से की थी। इस फिल्म से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं और दर्शकों को भी लगा था कि वह बॉलीवुड में लंबी पारी खेलेंगे। फिल्म में उनके साथ अमृता राव नजर आई थीं, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी। पहली फिल्म के असफल होने का असर उनके करियर पर भी पड़ा। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार फिल्मों में काम करते रहे।

    आर्य बब्बर कई फिल्मों में नजर आए जिनमें ‘गुरु’, ‘रेडी’ और ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की, लेकिन फिर भी उन्हें इंडस्ट्री में वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें तलाश थी। धीरे-धीरे बॉलीवुड में उनका करियर कमजोर पड़ने लगा और उन्हें मुख्य अभिनेता के बजाय सहायक भूमिकाओं तक सीमित होना पड़ा।

    बॉलीवुड में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के बाद आर्य ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख किया। यहां उनके अभिनय को सराहना मिली और दर्शकों ने उन्हें पसंद भी किया। उनकी फिल्म ‘यार अन्मुल्ले’ ने उन्हें पंजाबी सिनेमा में एक नई पहचान दिलाई। इससे यह साबित हुआ कि उनमें अभिनय की क्षमता थी, लेकिन शायद हिंदी फिल्मों में उन्हें सही मौके नहीं मिल पाए।

    फिल्मों के अलावा आर्य बब्बर ने टीवी की दुनिया में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह रियलिटी शो ‘बिग बॉस 8’ का हिस्सा बने, जहां उनके अलग अंदाज और बेबाक बयान काफी चर्चा में रहे। हालांकि शो में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन उन्होंने दर्शकों का ध्यान जरूर खींचा। इसके अलावा उन्होंने पौराणिक टीवी शो में रावण का किरदार निभाकर भी लोगों की सराहना हासिल की।

    आर्य बब्बर केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहे। उन्हें लेखन का भी शौक है और उन्होंने कॉमिक बुक भी लिखी। यह दिखाता है कि वह खुद को लगातार नए क्षेत्रों में आजमाने की कोशिश करते रहे। भले ही उन्हें बॉलीवुड में पिता जैसी सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने हुनर के दम पर अलग-अलग मंचों पर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखी।

  • धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए बॉबी देओल, बोले- पापा के बिना जिंदगी में एक ऐसा खालीपन है जो कभी नहीं भर सकता

    धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए बॉबी देओल, बोले- पापा के बिना जिंदगी में एक ऐसा खालीपन है जो कभी नहीं भर सकता


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल हाल ही में एक बातचीत के दौरान अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए बेहद भावुक नजर आए। बातचीत के दौरान उन्होंने खुलकर बताया कि पिता के जाने के बाद जिंदगी पहले जैसी नहीं रही और उनके बिना हर दिन एक गहरा खालीपन महसूस होता है। बॉबी की आंखों में अपने पिता की याद में आंसू साफ दिखाई दिए। उनका यह भावुक अंदाज देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ उनके पिता ही नहीं थे, बल्कि पूरे परिवार की ताकत और सबसे मजबूत सहारा थे।

    बॉबी देओल ने कहा कि उनके पिता एक ऐसे इंसान थे जिन्हें सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया प्यार करती थी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्होंने लोगों के दिलों में अपने पिता के लिए खास सम्मान और अपनापन देखा था। आज भी जब वे कहीं जाते हैं तो लोग धर्मेंद्र को याद कर भावुक हो जाते हैं। बॉबी ने कहा कि उनके पिता की सादगी, प्यार और इंसानियत ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। उन्होंने माना कि जिंदगी में कई रिश्ते बनते हैं, लेकिन पिता जैसी जगह कोई नहीं ले सकता।

    बातचीत के दौरान परिवार और रिश्तों की अहमियत पर भी चर्चा हुई। बॉबी ने कहा कि पिता के जाने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी हर पल उनकी कमी महसूस होती है। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र परिवार को हमेशा एकजुट रखने वाले इंसान थे और हर सदस्य से बेहद प्यार करते थे। उनके जाने के बाद घर का माहौल बदल गया है और कई बार छोटी-छोटी बातें भी उनकी याद दिला देती हैं।

    बॉबी देओल ने अपने पिता की सादगी को याद करते हुए कहा कि धर्मेंद्र को जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती थी। उन्हें परिवार के साथ समय बिताना, साधारण खाना खाना और लोगों से प्यार से बात करना बेहद पसंद था। यही वजह थी कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें दिल से सम्मान देता था। बॉबी ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिर्फ अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत और रिश्तों की अहमियत भी सिखाई।

    उन्होंने यह भी कहा कि एक पिता का जाना सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए बड़ा नुकसान होता है जो उनसे जुड़े होते हैं। बॉबी ने स्वीकार किया कि समय के साथ इंसान खुद को संभालना सीख जाता है, लेकिन कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो जिंदगीभर साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, पिता की यादें हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी और वही यादें उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती रहेंगी।

    बॉबी देओल का यह भावुक बयान सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस लगातार धर्मेंद्र को याद कर रहे हैं और बॉबी के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं। इस बातचीत ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि परिवार का रिश्ता कितना गहरा और अनमोल होता है, खासकर एक पिता और बेटे के बीच का संबंध जिंदगीभर इंसान के दिल में जिंदा रहता है।

  • सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    नई दिल्ली ।  पर्दे पर प्यार भरे और रोमांटिक रोल निभाने वाले स्टार को असल जिंदगी में भी ये सारी खुशियां नसीब हों ये जरूरी नहीं। कई बार किस्मत ऐसा खेल खेलती है सपने एक पल में चकनाचूर हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही बॉलीवुड की एक टॉप एक्ट्रेस के साथ भी हुआ है। एक तरफ वो शादी के सपने सजा रही थी और दूसरी तरफ किस्मत ने उसके साथ ऐसा खेल रचा कि बिना शादी के ही उसे ताउम्र विधवा की जिंदगी जीनी पड़ी। आइए जानते है कौन है वो एक्ट्रेस?

    अपने जमाने की सुपरस्टार थी ये एक्ट्रेस

    हम बात कर रहे हैं 1960 और 1970 के दशक तक बॉलीवुड पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री नंदा की। नंदा का असली नाम नंदिनी कर्नाटकी था। नंदा ने लगभग 30 वर्षों तक बॉलीवुड पर राज किया और 70 से ज्यादा फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में कई हिट फिल्मों में काम करने के साथ ही उन्होंने शशि कपूर, राजेश खन्ना, देवानंद, जितेंद्र, धर्मेंद्र जैसे एक्टर्स संग स्क्रीन शेयर किया। नंदा उस दौर की सुपरस्टार रही हैं। यही नहीं, नंदा उस जमाने की हाई पेड एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं।
    शादीशुदा डायरेक्टर से हुआ प्यार
    नंदा का फिल्मी करियर काफी सुपरहिट रहा, लेकिन पर्सनल लाइफ में उन्होंने काफी दर्द झेले। 70 के दशक में नंदा को शादीशुदा डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से प्यार हो गया। ये कोई और नहीं, बल्कि मनमोहन देसाई थे। मनमोहन की शादी जीवनप्रभा संग हुई थी, लेकिन अप्रैल 1979 में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। दोनों का एक बेटा भी है केतन देसाई जो फिल्मों में आए। केतन ने शम्मी कपूर और गीता बाली की बेटी कंचन कपूर संग शादी की।
    वहीदा रहमान बनीं थीं नंदा-मनमोहन के बीच की कड़ी
    पिंकविला को दिए इंटरव्यू में एक बार नंदा के भाई जयप्रकाश ने नंदा और मनमोहन की लव स्टोरी को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने बताया था, ‘दोनों की लव स्टोरी में एक्ट्रेस वहीदा रहमान की काफी अहम भूमिका थी। एक बार दोनों को मिलवाने के लिए वहीदा ने एक डिनर प्लान किया। वहीं, उन्होंने डिनर के बीच में ही दीदी और मनमोहन जी को अकेला छोड़ दिया ताकि फिल्ममेकर अपनी दिल की बात नंदा से कह पाए और हुआ भी कुछ ऐसा ही। उसी डिनर नाइट पर डायरेक्टर ने नंदा से कहा कि वो उनसे शादी करना चाहते हैं।’
    नंदा के लिए आया था रिश्ता
    इंटरव्यू में जयप्रकाश ने आगे बताया कि नंदा के लिए बेहद सिंपल तरीके से शादी का प्रपोजल आया था। फिर उनकी दीदी ने सोच विचार किया। नंदा ने इसके बाद एक दिन वहीदा रहमान को फोन किया और नंदा ने इस रिश्ते के लिए हां कह दिया।

    बालकनी से गिरकर हुई मौत होने मंगेतर की मौत

    नंदा के हां करते ही मनमोहन देसाई संग उनकी सगाई हो गई। दोनों की सगाई साल 1992 में हुई थी और वो भी काफी प्राइवेट तरीके से। मगर उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी जिंदगी में पहाड़ टूटने वाला है। नंदा एक तरफ अपनी शादी को लेकर तरह-तरह के सपने संजोए थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। 1994 में मनमोहन देसाई की एक दुखद दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वे अपने घर की बालकनी से गिर गए थे। इस हादसे ने नंदा को पूरी तरह से तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने कभी शादी नहीं की और जीवन भर अकेली रही और विधवा की तरह जिंदगी बिताई। उन्होंने मनमोहन के निधन के बाद उन्होंने ताउम्र सफेद कपड़े ही पहने। क्योंकि वो मनमोहन को अपना पति मान चुकी थीं।
  • पहली ही फिल्म से मिला ऐसा नाम, जिसने राजीव भाटिया को बना दिया बॉलीवुड का सुपरस्टार अक्षय कुमार

    पहली ही फिल्म से मिला ऐसा नाम, जिसने राजीव भाटिया को बना दिया बॉलीवुड का सुपरस्टार अक्षय कुमार

    अक्षय कुमार ने आखिर क्यों बदला अपना असली नाम?
     नई दिल्ली ।  बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई स्टार्स ऐसे हैं, जिन्होंने अपने असली नाम की जगह किसी और नाम से अपनी पहचान बनाई। इस लिस्ट में दिलीप कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार्स का नाम शामिल है। वहीं, इस लिस्ट में बॉलीवुड खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार का नाम भी शामिल है।

    अक्षय कुमार का असली नाम ये है
    अक्षय कुमार का असली नाम राजीव हरिओम भाटिया है। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले अपना नाम बदल कर अक्षय कुमार कर लिया।

    जानते हैं क्यों अक्षय कुमार ने बदला नाम
    लेकिन इसके पीछे का मजेदार किस्सा शायद ही आप जानते होंगे। अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं आखिर किस वजह से अक्षय ने अपना नाम चेंज किया।

    इंटरव्यू में बताया दिलचस्प किस्सा
    Galatta Plus के साथ एक इंटरव्यू में, बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार (जिनका जन्म राजीव भाटिया के रूप में हुआ था) ने अपना नाम बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। आम धारणा के विपरीत, उन्होंने नाम बदलने का ये फैसला किसी पंडित या ज्योतिषीय सलाह से प्रभावित होकर नहीं लिया था।


    महज 8 मिनट का रोल

    Galatta Plus के साथ एक इंटरव्यू में, बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार (जिनका जन्म राजीव भाटिया के रूप में हुआ था) ने अपना नाम बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानी बताई। आम धारणा के विपरीत, उन्होंने नाम बदलने का ये फैसला किसी पंडित या ज्योतिषीय सलाह से प्रभावित होकर नहीं लिया था।


    एक्ट्रेस को सिखाते हैं मार्शल आर्ट

    इंटरव्यू में अक्षय ने बताया, ‘उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म ‘आज’ में महज 8 सेकंड का एक छोटा सा रोल किया था। इस फिल्म में वो 8 सेकंड के लिए आते हैं और एक्ट्रेस को मार्शल आर्ट सिखाते हैं और चले जाते हैं।’


    कुमार गौरव की वजह से बदला नाम

    अक्षय ने आगे कहा, ‘उस फिल्म में शायद ही किसी ने मुझे नोटिस किया हो। इस फिल्म में मेन लीड एक्टर कुमार गौरव थे और फिल्म में उनका नाम ‘अक्षय’ था। तो ये मुझे बहुत अच्छा लगा कि यार ये मेरी पहली फिल्म है और कुमार गौरव का नाम अक्षय है तो मैंने सोचा कि मैं अपना नाम बदल लेता हूं।’

    ऐसे राजीव से अक्षय बने एक्टर
    बस फिर क्या था ये राजीव भाटिया से वो बॉलीवुड के चमकते सितारे अक्षय कुमार बन गए। आज पूरी दुनिया उन्हें इसी नाम से जानती है।

    भूत बंगला के बाद इस फिल्म में आएंगे नजर
    अक्षय कुमार ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ रिलीज हुई थी। वहीं, इन दिनों अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग मूवी ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में आएगी

  • जब मोहब्बत हार गई धर्म की दीवारों से, हसरत जयपुरी के दर्द ने जन्म दिया हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक गीत को

    जब मोहब्बत हार गई धर्म की दीवारों से, हसरत जयपुरी के दर्द ने जन्म दिया हिंदी सिनेमा के सबसे भावुक गीत को

    नई दिल्ली ।  हिंदी सिनेमा के दिग्गज लिरिसिस्ट कुछ ऐसे गाने लिख गए जिन पर आज भी चर्चा होती है। ऐसा ही एक गाना है हसरत जयपुरी का लिखा गाना दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर। यह गाना शम्मी कपूर पर फिल्माया गया है। वह शूट के वक्त मुश्किल से अपने आंसू रोक पाए थे। कम लोग जानते हैं कि हसरत जयपुरी ने जिस दिन यह गाना लिखा था, उनकी प्रेमिका की शादी थी। वह जिसे पसंद करते थे वह हिंदू थी। धर्म की वजह से दोनों नहीं मिल सके और उसकी डोली उठी तो हसरत ने उसकी यादों को दुलहन बनाकर दिल के पास रखने का फैसला लिया।
    लड़कपन में लिखा था गाना
    हसरत जयपुरी ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन गाने दिए। वह छोटी उम्र से ही गीत लिखने लगे थे। जब बड़े हुए तो कच्ची उम्र के प्यार के दौरान लिखे गए गाने उन्होंने फिल्मों में दे दिए। ऐसा ही एक गाना था दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर। हसरत जयपुरी को उनके पड़ोस में रहने वाली लड़की से प्यार था। उस जमाने का प्यार बस आंखों-आंखों में और लव-लेटर वाला होता था। हसरत राधा के लिए लव-लेटर और गाने लिखते लेकिन दे नहीं पाते थे। इसी डर में उन्होंने लिख डाला था, ये मेरा प्रेम पत्र पढ़कर कि तुम नाराज ना होना।

    धर्म की वजह से नहीं बनी बात
    दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे। लेकिन धर्म अलग था तो राहें अलग होनी ही थीं। एक दिन आया जब राधा की शादी हो गई। हसरत को कुछ कर नहीं सकते थे लेकिन अपने दर्द को उन्होंने गाने का रूप दिया। उन्होंने लिखा, दिल के झरोखे में तुझको बिठाकर, यादों को तेरी मैं दुलहन बनाकर, रखूंगा मैं दिल के पास, मत हो मेरी जां उदास…शम्मी कपूर की फिल्म ब्रह्मचारी की सिचुएशन पर यह गाना फिट बैठ गया। हसरत ने यह गाना दिया।

    जब शम्मी कपूर नहीं रोक पाए अपने आंसू
    इस गाने की शूटिंग से जुड़ा किस्सा भी इंट्रेस्टिंग है। इंडियन आइडल के एपिसोड में मनोज मुंतशिर ने बताया था कि गाना गाने के लिए शम्मी कपूर ने पहले मना कर दिया था। उन्होंने जब गाना सुना तो इस सिचुएशन को विजुअलाइज किया। वह इमोशंस कंट्रोल नहीं कर पाए और उनके आंसू आने लगे। उन्होंने गाना सुनकर मना कर दिया और बोले, प्लीज इसे बदल दो। दरअसल इस सीन में उनको रोना नहीं था। शम्मी को लग रहा था कि सीन में घुस गए तो आंसू रोकना मुश्किल हो जाएगा।

  • क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश

    क्रिप्टिक पोस्ट के बाद भावुक हुए सलमान खान, बॉडीगार्ड शेरा के लिए लिखा दिल छू लेने वाला संदेश


    नई दिल्ली।
    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में अभिनेता ने अपने बेहद करीबी और वर्षों पुराने बॉडीगार्ड शेरा को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन उससे पहले किए गए कुछ रहस्यमयी और गुस्से भरे पोस्ट ने फैंस को उलझन में डाल दिया। सलमान खान के बदले हुए अंदाज और तीखे शब्दों ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। उनके चाहने वाले लगातार यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर अभिनेता के मन में किस बात को लेकर इतनी नाराजगी है।

    सलमान खान ने शेरा के साथ एक खास तस्वीर साझा करते हुए बेहद छोटे लेकिन भावुक अंदाज में उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। तस्वीर में दोनों के बीच गहरी दोस्ती और विश्वास साफ नजर आया। वर्षों से शेरा सिर्फ सलमान के बॉडीगार्ड नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्य की तरह रहे हैं। हर मुश्किल समय में शेरा सलमान के साथ मजबूती से खड़े दिखाई दिए हैं। यही वजह है कि अभिनेता का यह पोस्ट उनके फैंस को काफी पसंद आया और लोगों ने दोनों की दोस्ती की जमकर तारीफ की।

    हालांकि इस भावुक पोस्ट से पहले सलमान खान ने कुछ ऐसे संदेश साझा किए थे, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। अभिनेता ने इशारों-इशारों में कुछ लोगों और मीडिया के एक वर्ग पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि जब वे तकलीफ में थे और अस्पताल में थे, तब कुछ लोग उनकी हालत का मजाक बना रहे थे। सलमान ने बेहद सख्त शब्दों में यह भी कहा कि जिंदगी ज्यादा जरूरी है या तस्वीरें। उनके इस बयान के बाद फैंस लगातार अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर अभिनेता किस घटना से इतने नाराज हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे 60 साल के हो चुके हैं लेकिन लड़ना अभी नहीं भूले हैं। इस लाइन ने इंटरनेट पर मीम्स और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी। कई लोग उनके गुस्से को सही बता रहे हैं तो कुछ लोग उनके पोस्ट को समझने की कोशिश में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सलमान खान के कैप्शन को समझना किसी पहेली से कम नहीं है। इसके बावजूद उनके फैंस लगातार अभिनेता का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं।

    सलमान खान लंबे समय से अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। पिछले कुछ समय से अभिनेता के अकेलेपन और उनके व्यवहार को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। हालांकि सलमान ने हमेशा अपने काम को प्राथमिकता दी है और मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को मजबूत बनाए रखा है। यही वजह है कि उनका हर बयान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है।

    अगर उनके प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर लगातार चर्चा में हैं। इसके अलावा वे एक और बड़े प्रोजेक्ट की शूटिंग में व्यस्त बताए जा रहे हैं, जिसमें उनके साथ दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री भी दिखाई देंगी। फैंस को उम्मीद है कि सलमान खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का दिल जीतेंगे।

    फिलहाल सलमान खान अपने रहस्यमयी पोस्ट, गुस्से भरे तेवर और शेरा के प्रति अपने खास लगाव को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। अभिनेता का यह बदला हुआ अंदाज लोगों के बीच लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत

    दिव्येंदु शर्मा का बयान: इंडस्ट्री में संघर्ष ही देता है असली पहचान, मेहनत से बनता है कलाकार मजबूत


    नई दिल्ली /मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता दिव्येंदु शर्मा ने अपने करियर और अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘मिर्जापुर’ जैसे प्रोजेक्ट्स से लोकप्रियता हासिल करने वाले दिव्येंदु का मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए संघर्ष केवल एक पड़ाव नहीं बल्कि एक जरूरी प्रक्रिया है, जो उसे भीतर से मजबूत बनाती है और उसके अभिनय को निखारती है।

    दिव्येंदु शर्मा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि करियर की शुरुआत बिना किसी सपोर्ट के करना एक कठिन लेकिन जरूरी अनुभव होता है। उनके अनुसार, जब कोई कलाकार शून्य से शुरुआत करता है, तो वह हर छोटे अवसर को सीखने और आगे बढ़ने का जरिया बनाता है। यही अनुभव आगे चलकर उसके काम में गहराई और परिपक्वता लाता है।

    अभिनेता का मानना है कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने के लिए सिर्फ टैलेंट ही नहीं बल्कि लगातार सीखने और खुद को चुनौती देने की भी जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा ऐसे प्रोजेक्ट्स चुनने की कोशिश करते हैं जिनमें उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का मौका मिले, ताकि वह खुद को बार-बार नए रूप में ढाल सकें और अपने अभिनय को और बेहतर बना सकें।

    दिव्येंदु ने यह भी स्वीकार किया कि बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन यदि इरादा मजबूत हो तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह खुद को भाग्यशाली और आभारी महसूस करते हैं, क्योंकि दर्शकों ने उनके काम को पहचान और प्यार दिया है।

    उन्होंने उन उभरते कलाकारों का भी जिक्र किया जो अभी अपने अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, हर दिन खुद को याद दिलाना जरूरी है कि जो भी सफलता मिली है वह एक लंबे संघर्ष का परिणाम है और इसे बनाए रखने के लिए निरंतर मेहनत करनी होती है।

    दिव्येंदु शर्मा जल्द ही एक नए बड़े प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, जिसमें वह कई नामी कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करेंगे। यह फिल्म उनकी अभिनय यात्रा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो उनके करियर को एक नए स्तर पर ले जा सकती है।