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  • प्राण Birth Anniversary: पान की दुकान पर चमकी थी इस एक्टर की किस्मत, दिलचस्प है बॉलीवुड के खलनायक की कहानी

    प्राण Birth Anniversary: पान की दुकान पर चमकी थी इस एक्टर की किस्मत, दिलचस्प है बॉलीवुड के खलनायक की कहानी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के कई सितारे ऐसे हैं जिन्होंने इंडस्ट्री में खुद से अपनी पहचान बनाई है. ये सितारे हर किसी के दीवाने हैं. वहीं 90s के होने के बाद भी ये सितारे आज ऑडियंस के फेवरेट हैं. इन सितारों को बॉलीवुड में आने के लिए बड़े-बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं. आज हम एक ऐसे सितारे की बात करने जा रहे हैं जिसे पहली फिल्म बेहद सरप्राइज तरीके से ऑफर हुई थी. इसके बाद ये सितारा बॉलीवुड का जाना-माना खलनायक बनकर उभरा. अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर हम किस स्टार की बात कर रहे हैं, तो चलिए आपको भी बताते हैं आखिर ये सितारा कौन है?

    कैसे मिला रोल?
    बॉलीवुड में जाने-माने इस विलेन का नाम प्राण है. भले ही ये सितारा आज हमारे बीच ना हो लेकिन उनकी आइकॉनिक फिल्मों ऑडियंस के दिलों में आज भी जिंदा है. प्राण को अपनी पहली फिल्म बेहद सरप्राइज तरीके से मिली थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक प्राण अक्सर साल 1940 में लाहौर में एक पान की दुकान पर पान खाने जाते थे. वहीं उसी दुकान पर मशहूर फिल्म राइटर वली मोहम्मद भी अक्सर जाया करते थे.

    पहली फिल्म
    वली मोहम्मद जब ‘यमला जट’ फिल्म बना रहे थे तो वो एक नए विलेन की तलाश में थे. इसी बीच उनकी नजर प्राण पर पड़ी और इसके बाद वली मोहम्मद ने प्राण को मिलने के लिए स्टूडियो बुलाया. लेकिन प्राण ने उस दौरान वली मोहम्मद की बात को सीरियस नहीं लिया और उन्हें इग्नोर कर दिया. इसके बाद एक बार फिर दोनों की मुलाकात हुई और वली मोहम्मद ने इस दौरान प्राण को फिल्म करने के लिए मना लिया.

    भारत सरकार से मिला अवॉर्ड
    प्राण ने इस बार वली मोहम्मद की बात मान ली और इस तरीके से उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘यमला जट’ में रोल मिला. वहीं अपनी पूरी जिंदगी प्राण ने वली मोहम्मद को हमेशा अपना गुरु माना. बता दें प्राण बॉलीवुड के बेहतरीन कलाकारों में से एक थे और उन्हें अपनी एक्टिंग के लिए भारत सरकार से पद्म भूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा जा चुका है. प्राण का निधन 12 जुलाई साल 2013 में हो गया था.
  • ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल

    ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल


    नई दिल्ली । 2 फरवरी को शमिता शेट्टी ने धूमधाम से अपना 47वां बर्थडे सेलिब्रेट किया. शमिता ने बर्थडे का जश्न बहन शिल्पा शेट्टी और जीजू राज कुंद्रा के साथ मनाया. खास मौके पर उनके साथ टेक्नो आर्टिस्ट दीपेश शर्मा भी नजर आए. दीपेश और शमिता को साथ देखकर इनकी डेटिंग की अफवाहें शुरू हो गईं. लेकिन क्या सच में शमिता और दीपेश रिश्ते में हैं? एक्ट्रेस ने खुद इंस्टाग्राम पोस्ट में डेटिंग रूमर्स का सच बताया है.

    रिलेशनशिप में शमिता?

    बॉलीवुड डीवा शमिता शेट्टी अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर हमेशा से ही चर्चा में आ जाती हैं. बर्थडे के बाद से उनका नाम दीपेश शर्मा के साथ जोड़ा जा रहा है. इससे पहले बात बहुत आगे बढ़ती एक्ट्रेस ने खुद ही सारी चीजें क्लियर कर दीं हैं. डेटिंग रूमर्स का सच बताते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- सिंगल और शांत. सच्ची दोस्ती को गलत तरीके से समझने वाले रूढ़िवादी बनना बंद करो. ये सब सच में बकवास है.

    कैसे शुरू हुई डेटिंग रूमर्स?

    दीपेश ने इंस्टाग्राम पर शमिता के जन्मदिन की कुछ फोटोज शेयर की थींजिसमें वो एक्ट्रेस के बेहद करीब नजर आए. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि हैप्पी बर्थडे मेरी हमेशा की हंसी का राजजिसे मेरी सारी कहानियां पता हैं और फिर भी साथ है. लव यूमाई शम्स्टर. बस इसके बाद से ही उनका नाम शमिता के साथ जोड़ा जाने लगा.

    दीपेश शर्मा की बात करेंतो वो मुंबई बेस्ड टेक्नो आर्टिस्ट/डीजे हैं. वो टुमॉरोलैंड जैसे बड़े फेस्टिवल्स में परफॉर्म करते हैं. दीपेश का गोवा के क्रॉनिकल बीच पर एक क्लब भी है. वो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 192K फॉलोअर्स हैं. दीपेश कई बॉलीवुड सेलेब्स संग अच्छा रिश्ता शेयर करते हैं.

    शमिता शेट्टी वो एक्ट्रेस हैं जिन्होंने कभी छिपकर किसी से प्यार नहीं किया. बिग बॉस ओटीटी में उनका रिश्ता राकेश बापट संग बना थालेकिन शो खत्म होने के बाद दोनों का ब्रेकअप हो गया. शमिता और राकेश भले ही साथ नहीं हैंलेकिन उनके बीच आज भी अच्छा बॉन्ड है.

  • मर्दानी 3’ बॉक्स ऑफिस पर हुई ढीली, चौथे दिन गिरा कलेक्शन

    मर्दानी 3’ बॉक्स ऑफिस पर हुई ढीली, चौथे दिन गिरा कलेक्शन


    नई दिल्ली । रानी मुखर्जी ने मर्दानी फ्रेंचाइज़ के जरिए एक मजबूत ब्रांड तैयार किया था। पहली और दूसरी फिल्म को जहां दर्शकों और समीक्षकों से जमकर सराहना मिली, वहीं बॉक्स ऑफिस पर भी दोनों फिल्मों ने अच्छी कमाई की थी। लेकिन तीसरी किस्त मर्दानी 3 वह असर नहीं छोड़ पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। रिलीज़ के साथ ही फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली और अब इसका सीधा असर कमाई पर साफ नजर आने लगा है।

    Day 4 पर सिर्फ 2.15 करोड़, कमाई सिंगल डिजिट में सिमटी

    देश में बालिका तस्करी जैसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को उठाने वाली मर्दानी 3 ने शुरुआती चार दिनों में कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बनाया। सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज़ के चौथे दिन यानी पहले सोमवार को महज 2.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई 19.65 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी है। वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो यह आंकड़ा 29.3 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

    वीकेंड पर दिखी उम्मीद, लेकिन सोमवार को टूटा दम

    फिल्म ने पहले दिन 4 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली थी। शनिवार को कमाई बढ़कर 6.25 करोड़ रुपये और रविवार को 7.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे लगा कि फिल्म धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ सकती है। हालांकि, सोमवार आते ही फिल्म की कमाई में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह साफ हो गया कि फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ का सहारा नहीं मिल पा रहा है।

    दिनवार कमाई भारत में

    पहला दिन शुक्रवार 4.00 करोड़

    दूसरा दिन शनिवार 6.25 करोड़

    तीसरा दिन रविवार 7.25 करोड़

    चौथा दिन सोमवार 2.15 करोड़

    कुल: 19.65 करोड़ रुपये

    ऑक्यूपेंसी भी रही निराशाजनक

    सोमवार, 2 फरवरी 2026 को फिल्म की कुल हिंदी ऑक्यूपेंसी महज 11.27 प्रतिशत रही। कम दर्शक संख्या यह संकेत देती है कि फिल्म सिनेमाघरों तक दर्शकों को खींचने में नाकाम रही है।

    60 करोड़ के बजट पर भारी पड़ रही कम कमाई

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मर्दानी 3 का अनुमानित बजट करीब 60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि रानी मुखर्जी ने एसीपी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये फीस ली है, जबकि फिल्म में मुख्य विलेन अम्मा का रोल निभाने वाली मल्लिका प्रसाद को करीब 50 लाख रुपये मिले।

    स्टारकास्ट और रिलीज़

    अभिराज मिनावाला के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जानकी बोदिवाला और मिखाइल यावलकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। मर्दानी 3 को 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था। अब आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई किस दिशा में जाती है, इस पर ट्रेड और दर्शकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी

    रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी


    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने हाल ही में जॉन अब्राहम के शुरुआती करियर और उनकी एक्टिंग को लेकर खुलासा किया। रिमी सेनजिन्होंने जॉन अब्राहम के साथ धूम 4 में काम किया हैने बताया कि जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी और वह इसे बड़ी समझदारी से छुपाते थे।

    रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।

    रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।

    रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।

    जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।

  • अनुराग कश्यप का गुस्सा बना ‘गुलाल’, 8 साल की मेहनत के बाद बनी कल्ट फिल्म..

    अनुराग कश्यप का गुस्सा बना ‘गुलाल’, 8 साल की मेहनत के बाद बनी कल्ट फिल्म..


    नई दिल्ली: बॉलीवुड के ऑफ-बीट और बोल्ड निर्देशक अनुराग कश्यप हमेशा अपनी कहानियों के लिए चर्चित रहे हैं। लेकिन उनकी एक खास फिल्म ऐसी है जो उनके जीवन के गुस्से और समाज में व्याप्त असमानताओं का नतीजा बनी। यह फिल्म है गुलाल जिसे बनाने में पूरे 8 साल लगे और यह आज भी दर्शकों की पसंदीदा फिल्मों में शामिल है।

    गुलाल की कहानी की शुरुआत हुई साल 2001 में। उस वक्त अनुराग कश्यप जीवन के ऐसे पड़ाव पर थे जब उन्हें हर चीज़ पर गुस्सा आता था। उन्होंने कहा कि उस साल सेंसर बोर्ड ने उनकी फिल्म को पांच सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था और उन्हें महसूस हुआ कि वे हर चीज़ से नाराज हैं-चाहे वह नए राज्य बनना हो या प्यार में पड़ने की घटनाएं। इसी गुस्से और असंतोष ने उन्हें गुलाल बनाने की प्रेरणा दी।फिल्म की कहानी उन्हें तब मिली जब अभिनेता पंकज सारस्वत ने उन्हें राजा चौधरी से मिलवाया। राजा ने कॉलेज पॉलिटिक्स पर लिखी एक कहानी साझा की जिसे अनुराग ने पृष्ठभूमि देने का निर्णय लिया। इसके लिए वे जयपुर गए और वहां कई राजपरिवारों के सदस्यों से मुलाकात की। इन मुलाकातों ने फिल्म की कहानी को वास्तविकता और इतिहास से जोड़ने में मदद की।

    गुलाल की रिसर्च में अनुराग कश्यप ने इतिहासकार शारदा द्विवेदी रोमिला थापर और कई अन्य लेखकों के लेख पढ़े। उन्होंने भारत गणराज्य में राजपूतों की भूमिका और पटियाला रिपोर्ट जैसी ऐतिहासिक जानकारियों को फिल्म की कहानी में समाहित किया। इस तरह फिल्म की पटकथा तैयार हुई।फिल्म का संगीत भी खास रहा। जब अनुराग कश्यप फिल्म लिख रहे थे तब पीयूष मिश्रा ने संगीत की दुनिया में अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने फिल्म के लिए ऐसे गाने लिखे जो आज भी याद किए जाते हैं। शुरुआत में प्रोड्यूसर नहीं मिलने की वजह से फिल्म का निर्माण अटक गया लेकिन बाद में जी मोशन पिक्चर्स ने फिल्म को उठाया और आखिरकार यह रिलीज हो सकी।

    गुलाल बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही लेकिन इसके बावजूद इसने दर्शकों के बीच कल्ट फिल्म का दर्जा पा लिया। इसकी कहानी राजनीति और संगीत आज भी फिल्म प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। IMDb पर इस फिल्म को 8 रेटिंग मिली है जो इसे और भी खास बनाती है।गुलाल सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अनुराग कश्यप के गुस्से शोध और जुनून का परिणाम है। 8 साल की मेहनत और सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर तीव्र नजर ने इसे भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल कर दिया।

  • मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज़ को बनाया ताकत

    मर्दानी से थप्पड़ तक: 2014 के बाद बॉलीवुड ने महिलाओं की आवाज़ को बनाया ताकत


    नई दिल्ली। 2014 के बाद बॉलीवुड में हीरोइन की परिभाषा बदल गई। अब महिलाएं केवल कहानी का हिस्सा नहीं बल्कि कहानी की धुरी बन चुकी हैं। इस दौर में फिल्में न केवल मनोरंजन का माध्यम बनी हैं बल्कि समाज में बदलाव और महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश देने का भी जरिया हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 जनवरी 2015 को शुरू किया गया बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और सुकन्या समृद्धि योजना के साथ इस बदलाव ने देश में बालिकाओं और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को भी नया आयाम दिया।

    रानी मुखर्जी की मर्दानी फ्रैंचाइजी इसकी बेहतरीन मिसाल है। 2014 में रिलीज हुई फिल्म मर्दानी में रानी ने शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाया। यह निडर पुलिस अधिकारी महिला उत्पीड़न और अपराध के खिलाफ लड़ती है। गोपी पुथरान के निर्देशन में बनी यह क्राइम थ्रिलर पुरुष प्रधान मानसिकता के खिलाफ महिला की ताकत और साहस को प्रदर्शित करती है।2018 में रानी मुखर्जी की हिचकी ने महिलाओं की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों पर भी ध्यान खींचा। नैना माथुर के किरदार में रानी ने टॉरेट सिंड्रोम जैसी चुनौती का सामना करते हुए बच्चों को पढ़ाने और अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।

    आलिया भट्ट की फिल्में डियर जिंदगी और राजी महिलाओं के आत्मविश्वास और साहस को अलग अंदाज में पेश करती हैं। डियर जिंदगी मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करती है जबकि राजी में आलिया की भूमिका देशभक्ति और बुद्धिमानी से जोखिम भरे कार्यों में सफल होने की मिसाल बनती है।अनुभव सिन्हा की फिल्म थप्पड़ ने घरेलू हिंसा और पारिवारिक दबाव की कहानियों को पर्दे पर उतारा। तापसी पन्नू ने अमृता के किरदार में दिखाया कि कैसे एक छोटे से थप्पड़ ने उसकी जिंदगी बदल दी और उसने अपने हक के लिए आवाज उठाई।

    2023 में द केरल स्टोरी ने महिलाओं की पहचान और स्वतंत्रता की लड़ाई को नए ढंग से पेश किया। अदा शर्मा के किरदार फातिमा के माध्यम से फिल्म दिखाती है कि डर और पीड़ा के बावजूद महिलाएं अपनी हिम्मत और समझदारी से संघर्ष कर सकती हैं।2014 के बाद की ये फिल्में साबित करती हैं कि बॉलीवुड अब महिलाओं की आवाज़ को ताकत बना रहा है। ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं के आत्मविश्वास की मिसाल भी हैं।

  • परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी

    परवीन बाबी: बॉलीवुड की चमकती हसीना, अकेलेपन और बीमारी के बीच डूब गई जिंदगी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में शोहरत जितनी तेजी से मिलती है उतनी ही बेरहमी से छिन भी जाती है। इस बात का सबसे दर्दनाक उदाहरण हैं 70 और 80 के दशक की ग्लैमरस और बोल्ड अभिनेत्री परवीन बाबी। पर्दे पर आत्मविश्वास और ग्लैमर की नई परिभाषा गढ़ने वाली परवीन असल जिंदगी में अकेलेपन मानसिक बीमारी और गुमनामी से जूझती रहीं।

    परवीन बाबी का जन्म 4 अप्रैल 1954 को गुजरात के जूनागढ़ में हुआ। एक नवाबी परिवार में जन्मी परवीन ने कम उम्र में ही पिता का साथ खो दिया लेकिन उनका पालन-पोषण अच्छे माहौल में हुआ। 18 साल की उम्र में उन्होंने मॉडलिंग शुरू की। अहमदाबाद में एक शूटिंग के दौरान फिल्ममेकर बी.आर. इशारा की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने परवीन को फिल्मों में कदम रखने का मौका दिया।

    साल 1974 में परवीन नेमजबूर फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। इसके बाद उन्होंनेदीवारअमर अकबर एंथनीनमक हलाल जैसी सुपरहिट और कल्ट फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई।परवीन की निजी जिंदगी भी हमेशा सुर्खियों में रही। उनका नाम अभिनेता डैनी डेन्जोंगपा कबीर बेदी और फिल्ममेकर महेश भट्ट से जुड़ा। महेश भट्ट के साथ उनका रिश्ता सबसे चर्चित रहा लेकिन समय के साथ यह रिश्ता टूट गया और परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी।

    परवीन पैरानॉइड सिज़ोफ्रेनिया जैसी गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। इस बीमारी में व्यक्ति को भ्रम होने लगता है कि उसके आसपास के लोग उसे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कई बार अपने करीबियों और फिल्मी हस्तियों पर गंभीर आरोप लगाए और धीरे-धीरे उन्होंने खुद को दुनिया से अलग कर लिया।22 जनवरी 2005 को परवीन बाबी की मौत हुई। उनके फ्लैट में 2-3 दिन तक दूध और अखबार पड़े रहने के कारण पड़ोसियों को शक हुआ। पुलिस ने जब दरवाजा खोला तो उनका शव बिस्तर पर पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि उनके पेट में खाने का एक निवाला तक नहीं था यानी वह भूख से भी जूझ रही थीं।

    उनका अंतिम संस्कार मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ क्योंकि उस समय उन्हें पहचानने वाला कोई नहीं था।परवीन बाबी की कहानी केवल एक अभिनेत्री की नहीं है बल्कि यह ग्लैमर और शोहरत के पीछे छिपे अकेलेपन और मानसिक संघर्ष की कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है। चमकते सितारे की यह जिंदगी अंत में गुमनामी बीमारी और तन्हाई में समाप्त हुई।

  • शाहरुख खान वीडियो विवाद: हांडे एर्सेल की कथित सफाई ने बढ़ाया कन्फ्यूजन

    शाहरुख खान वीडियो विवाद: हांडे एर्सेल की कथित सफाई ने बढ़ाया कन्फ्यूजन


    नई दिल्ली। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित जॉय अवॉर्ड्स 2026 के दौरान बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की मौजूदगी एक बार फिर सुर्खियों में रही। इस इवेंट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसमें तुर्की की मशहूर एक्ट्रेस हांडे एर्सेल दर्शक दीर्घा में बैठकर अपने मोबाइल फोन से मंच का वीडियो रिकॉर्ड करती नजर आईं। मंच पर उस वक्त शाहरुख खान मिस्र की जानी-मानी एक्ट्रेस अमीना खलील के साथ मौजूद थे।

    वीडियो के वायरल होने के बाद कई फैन पेजों ने इसे शेयर किया और दावा किया कि हांडे एर्सेल शाहरुख खान को रिकॉर्ड कर रही थीं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यहां तक कहना शुरू कर दिया कि हांडे शाहरुख की फैन हैं। देखते ही देखते यह क्लिप ट्रेंडिंग में आ गई और दोनों सितारों को लेकर चर्चा तेज हो गई।

    हालांकि इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित इंस्टाग्राम स्टोरी वायरल हुई जिसमें लिखा गया-
    ये अंकल कौन हैं? मैं सिर्फ अपनी दोस्त अमीना खलील को रिकॉर्ड कर रही थी। मैं उनकी फैन नहीं हूं। कृपया गलत जानकारी न फैलाएं।इस स्टोरी के सामने आते ही मामला और तूल पकड़ गया। लेकिन यह स्टोरी फिलहाल हांडे एर्सेल के आधिकारिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर मौजूद नहीं है। न ही एक्ट्रेस ने सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि की कि यह पोस्ट उन्होंने खुद साझा की थी या नहीं।

    कई सोशल मीडिया यूजर्स और फैन अकाउंट्स का दावा है कि यह स्टोरी फर्जी है और जानबूझकर वायरल की जा रही है। कुछ लोगों का आरोप है कि इस तरह की पोस्ट शाहरुख खान की छवि को नुकसान पहुंचाने या विवाद खड़ा करने के इरादे से फैलाई गई हैं। अब तक हांडे एर्सेल या उनकी टीम की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।गौरतलब है कि शाहरुख खान इस इवेंट में बतौर गेस्ट शामिल हुए थे और उन्होंने मंच से अवॉर्ड भी प्रेजेंट किया। उनके आने को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर पहले से ही खासा उत्साह देखा गया।

    हांडे एर्सेल तुर्की की चर्चित एक्ट्रेस और मॉडल हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1993 को तुर्की के बांदिरमा शहर में हुआ। उन्होंने मॉडलिंग से करियर की शुरुआत की और 2012 में मिस तुर्की का खिताब जीता। टीवी सीरीज अस्क लाफ्तान अनलमाज सेन चाल कपीमी और बंबास्का बिरी से उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। 2026 में उन्हें ELLE स्टाइल अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। हांडे कई मौकों पर भारतीय सिनेमा की तारीफ कर चुकी हैं और बॉलीवुड में काम करने की इच्छा भी जता चुकी हैं।

  • 55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं

    55 साल की उम्र में सुनीता आहूजा कर रही हैं धमाल बोलीं– भूल गई हूं गोविंदा की पत्नी हूं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हमेशा अपने बेबाक और खुले अंदाज के लिए जानी जाती हैं। पिछले कुछ सालों से वह मीडिया और इंटरव्यूज में चर्चा में हैंलेकिन हाल ही में उन्होंने अपने जीवन और पहचान को लेकर एक खास खुलासा किया। सुनीता ने कहा कि अब वह 55 साल की उम्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैंऔर लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी नहीं बल्कि सुनीता आहूजा के नाम से जानने लगे हैं।मिस मालिनी के साथ बातचीत में सुनीता ने बतायाआज मेरे नसीब ने 55 साल में नामइज्जत और शोहरत देने का मौका दिया है। लोग मुझे अब सुनीता आहूजा के नाम से जानते हैं। गोविंदा की पत्नी तो हूंयह सबको पता है। लेकिन मैंने अपनी भी तो पहचान बनानी है। यहां तक कि अब मैं भूल गई हूं कि मैं गोविंदा की पत्नी हूं! पति हैं लेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए ना।

    सुनीता ने अपने उदाहरण में जया बच्चन को भी बताया। उन्होंने कहाजैसे जया जी को संसद में एक बार जया अमिताभ बच्चन कहकर बुलाया गया था। लेकिन वह जया भादुड़ी हैं! प्लीज सभी को यह समझना चाहिए कि उनके पास अमिताभ हैंलेकिन अपनी भी तो पहचान होनी चाहिए। दरअसलयह वह घटना थी जब जया बच्चन को उनके पति अमिताभ बच्चन के नाम से जोड़ा गया था और उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने नाम और पहचान की वजह से अलग हैं।सुनीता आहूजा अब इसी रास्ते पर चल रही हैं। वह खुद को एक स्वतंत्र और पहचान बनाने वाली महिला के रूप में स्थापित करना चाहती हैं। उन्होंने अपने इंटरव्यूज में पति गोविंदा के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर भी बात की थीजिसके बारे में गोविंदा ने सफाई दी कि उनकी पत्नी किसी साजिश का शिकार हुई हैं।

    इस बीच सुनीता को उनके फैंस और मीडिया द्वारा मिली पहचान ने उन्हें और भी प्रेरित किया है। वह कहती हैं कि अब लोग उन्हें सिर्फ गोविंदा की पत्नी के रूप में नहीं देखतेबल्कि उनके अपने व्यक्तित्व और उपलब्धियों की वजह से जानते हैं। सुनीता का यह बेबाक अंदाज और अपने नाम के लिए जुझारूपन उन्हें और भी लोकप्रिय बनाता है।55 साल की उम्र में अपनी पहचान बनाने की यह कहानी बताती है कि उम्र कभी भी किसी की पहचान या महत्व को कम नहीं कर सकती। सुनीता आहूजा का यह उदाहरण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता हैजो अपने जीवन में व्यक्तिगत पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

  • शाहरुख खान की ‘किंग’ 25 दिसंबर 2026 को होगी रिलीज, रामायण से बनाई दूरी

    शाहरुख खान की ‘किंग’ 25 दिसंबर 2026 को होगी रिलीज, रामायण से बनाई दूरी

    नई दिल्ली। शाहरुख खान पिछले ढाई सालों से बड़े पर्दे से गायब थे, लेकिन अब उनके फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी है। साल 2023 में आई उनकी फिल्मों पठान और जवान ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका किया, और अब दर्शक शाहरुख को किंग में देखने के लिए उत्साहित हैं। इस फिल्म की कास्ट और कहानी के बारे में चर्चा लंबे समय से जारी है। शाहरुख के साथ फिल्म को निर्देशित कर रहे हैं सिद्धार्थ आनंद, जिन्होंने इससे पहले पठान और रॉवर जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है।

    किंग की रिलीज डेट
    हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, शाहरुख और सिद्धार्थ आनंद ने फिल्म की रिलीज डेट तय करने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया। शुरुआती तौर पर फिल्म 4 और 25 दिसंबर 2026 को रिलीज हो सकती थी। सभी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद दोनों ने 25 दिसंबर 2026 को फाइनल डेट तय की।

    रामायण से क्यों बनाई दूरी
    रिपोर्ट्स के अनुसार, शाहरुख ने अपनी फिल्म को 4 दिसंबर को रिलीज नहीं किया क्योंकि उसी समय रणबीर कपूर की रामायण रिलीज होने वाली है। रणबीर की यह फिल्म दिवाली के समय रिलीज होगी और ऐतिहासिक कमाई करने की उम्मीद जताई जा रही है। शाहरुख और मेकर्स ने यह खास ख्याल रखा कि दोनों फिल्मों के बीच लगभग 45 दिनों का अंतर रहे, ताकि दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपना बिजनेस कमाल कर सकें और किसी तरह का नुकसान न हो।

    किंग की जबरदस्त कास्ट
    शाहरुख खान की यह फिल्म कई मायनों में खास होने वाली है। इसमें शाहरुख एक ग्रे शेड किरदार निभाते नजर आएंगे। हाल ही में उनके बर्थडे पर फिल्म का पहला लुक भी जारी किया गया था, जिसे फैंस ने खूब पसंद किया।फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, अरशद वारसी, जयदीप अहलावत समेत कई बड़े स्टार्स की मौजूदगी होगी। खास बात यह है कि शाहरुख की बेटी सुहाना खान भी इस फिल्म का हिस्सा होंगी।

    निर्देशक सिद्धार्थ आनंद का कहना है कि किंग में दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेमिसाल मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म की कहानी शाहरुख के किरदार और उनके आसपास के जटिल रिश्तों पर केंद्रित होगी, जो दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव साबित होगी।इस रिलीज डेट के फैसले से यह भी साफ हो गया है कि बॉलीवुड में बड़े स्टार्स और मेकर्स अब बॉक्स ऑफिस टकराव से बचने के लिए पहले से रणनीति बना रहे हैं। शाहरुख खान के फैंस के लिए 25 दिसंबर 2026 एक सुपरहिट और धमाकेदार क्रिसमस लेकर आने वाला है।