इस मामले में 17 दिनों की जांच के बाद बिहार पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इधर मृत छात्रा के परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाया है। कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है। शुक्रवार को पीड़िता की मां की डीजीपी विनय कुमार के साथ मुलाकात हुई थी। डीजीपी आवास से निकलने के बाद वे काफी गुस्से में दिखीं। यहां तक कह दिया कि पुलिस बिक गई है। यहां उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।
मीडिया कर्मियों से मां, भाई और मामा ने बताया कि डीजीपी ने कहा है कि रेप नहीं हुआ था, छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी, यह बात मान जाइए। उन्हें गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया। पीड़ित परिवार के वकील ने भी बताया कि पुलिस की जांच से परिवार के लोग संतुष्ट नहीं है। ये बातें तब सामने आईं जब एफएसएल की जांच रिपोर्ट में मृत छात्रा के अंतःवस्त्र से पुरुष स्पर्म के अवशेष पाए गए। एसआईटी बड़े पैमाने पर डीएनए टेस्ट की कार्रवाई कर रही है। परिजनों समेत 30 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल अबतक लिए जा चुके हैं। छात्रा के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की संभावना से इनकार नहीं किया गया। उसके शरीर पर खरोंच के भी निशान पाए गए।
शुक्रवार की शाम सम्राट चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को आवास पर तलब किया और जांच से संबधित जानकारी ली। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उसके बाद यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर देने का निर्णय लिया गया। अब सीबीआई फ्रेश केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी। हालांकि, परिजनों ने कभी सीबीआई जांच की लिखित मांग नहीं किया।
