मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया। मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान और संबल योजना के तहत चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, रेड क्रॉस से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से दो-दो लाख और रेड क्रॉस से पचास-पचास हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
सीएम डॉ मोहन यादव ने लिखा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि उन्हें राहत मिले और स्थिति संभाली जा सके।
हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, कोतमा पुलिस, नगर पालिका और एसईसीएल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने शहर और राज्य में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों के पालन की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। सरकार ने प्रभावित परिवारों और घायलों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है और कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।









पड़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है।
महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ग्रीन एक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में दाल मिलिंग, मसाला मशीनरी, फ्लोर मिल, राइस मिल सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में कनाडा, तुर्की, ताइवान, स्पेन, ब्रिटेन, चीन, इंग्लैंड सहित भारत के विभिन्न शहरों से आई आधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया है।