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  • ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन के साथ CM डॉ. मोहन यादव ने फूंका ज्ञान क्रांति का शंखनाद, मध्य प्रदेश बनेगा देश का एजुकेशन हब!

    ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन के साथ CM डॉ. मोहन यादव ने फूंका ज्ञान क्रांति का शंखनाद, मध्य प्रदेश बनेगा देश का एजुकेशन हब!


    मध्य प्रदेश
    की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी ग्वालियर अब ज्ञान और कौशल के नए वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर की इस पावन धरा पर ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का विधि-विधान से भूमिपूजन कर प्रदेश के शिक्षा जगत में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्वालियर की वीरता, विद्वता और कला की त्रिवेणी का स्मरण करते हुए कहा कि एक विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला केंद्र नहीं होता, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होता है। ऋषि गालव के नाम पर स्थापित होने वाला यह संस्थान हमारी भावी पीढ़ियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों से भी जोड़ेगा, ताकि वे राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत बन सकें।

    मुख्यमंत्री ने मध्य भारत शिक्षा समिति के संस्थापक सदाशिव गणेश गोखले के महान योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पराधीनता के कठिन समय में वर्ष 1941 में जो दीया एक छोटे से स्कूल के रूप में जलाया गया था, वह आज चार महाविद्यालयों, पांच विद्यालयों और एक खेल अकादमी के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षित कर रही यह संस्था अब विश्वविद्यालय के रूप में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के संगम का केंद्र बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो न केवल तकनीकी रूप से दक्ष हों, बल्कि चरित्रवान, नवाचारी और समाज के प्रति पूर्णतः उत्तरदायी भी हों। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों का यह अनूठा उदाहरण प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

    शिक्षा प्रणाली में बदलाव की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी को आधार मानकर प्रदेश में कई क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। अब दीक्षांत समारोहों में औपनिवेशिक काल के काले कोट के स्थान पर भारतीय वेशभूषा और साफे की परंपरा को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ‘कुलगुरु’ का गौरवपूर्ण संबोधन दिया गया है, जो हमारी गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा में अमीर-गरीब का भेद समाप्त होना चाहिए और सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    मध्य प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के लोकतंत्रीकरण के लिए निरंतर कार्यरत है, जिसके तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में ‘पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गुमनाम नायकों और महान क्रांतिकारियों के सम्मान में तात्या टोपे विश्वविद्यालय, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय और रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की स्थापना की है, ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्वालियर का यह नया विश्वविद्यालय अगले वर्ष गुरु पूर्णिमा तक अपना कार्य प्रारंभ कर देगा और ग्वालियर न केवल मध्य भारत, बल्कि पूरे देश में शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र (एजुकेशन हब) के रूप में नई चमक बिखेरेगा। यह संस्थान राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत होकर छात्रों के भीतर योग्यता और दक्षता का नया संचार करेगा।

  • भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल

    भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल


    भोपाल । भोपाल में आज रात प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर बढ़ने वाली है क्योंकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आकर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की है जिसके बाद से ही लोगों के बीच उत्सुकता और अटकलों का दौर तेज हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वे एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह विषय क्या होगा लेकिन इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि यह संबोधन किसी बड़ी योजना घोषणा नीति बदलाव या जनकल्याण से जुड़े अहम फैसले से जुड़ा हो सकता है।

    इस लाइव कार्यक्रम को केवल औपचारिक संबोधन नहीं माना जा रहा है बल्कि इसे मध्यप्रदेश के विकास और आने वाले समय की दिशा तय करने वाला संवाद बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम उनकी संवादात्मक और पारदर्शी कार्यशैली को भी दर्शाता है जिसमें वे सीधे जनता से जुड़कर उनकी राय और सुझावों को महत्व देते हैं।

    पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद करते रहे हैं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इसी माध्यम से साझा करते आए हैं। उनकी यह शैली सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।

    राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह लाइव संबोधन किसी नई विकास योजना या बड़े प्रशासनिक निर्णय से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि इसमें किसानों युवाओं या रोजगार से जुड़े किसी बड़े फैसले की घोषणा हो सकती है। हालांकि आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    प्रदेशभर में लोग इस लाइव संबोधन का इंतजार कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे संभावित बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं जबकि कुछ इसे सरकार की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का यह संबोधन आज रात प्रदेश की नजरों का केंद्र रहने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे जनता के सामने क्या बड़ा संदेश रखते हैं और क्या कोई नई घोषणा प्रदेश के विकास की दिशा को और गति देती है या नहीं।

  • MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

    MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।

    विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।

    राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।

    दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।

  • अनूपपुर बिल्डिंग हादसा: तीन की मौत, CM डॉ मोहन यादव ने दुख जताया और पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान किया

    अनूपपुर बिल्डिंग हादसा: तीन की मौत, CM डॉ मोहन यादव ने दुख जताया और पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान किया


    भोपाल। अनूपपुर के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार को अग्रवाल लॉज की तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हादसे के समय इमारत के बगल में निर्माण कार्य भी चल रहा था, जिससे यह घटना होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया। मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान और संबल योजना के तहत चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, रेड क्रॉस से एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से दो-दो लाख और रेड क्रॉस से पचास-पचास हजार रुपये की राशि दी जाएगी।

    सीएम डॉ मोहन यादव ने लिखा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि उन्हें राहत मिले और स्थिति संभाली जा सके।

    हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, कोतमा पुलिस, नगर पालिका और एसईसीएल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

    इस घटना ने शहर और राज्य में इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों के पालन की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है। सरकार ने प्रभावित परिवारों और घायलों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है और कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से बचा जा सके।

  • MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त

    MP: CM मोहन यादव का किसानों के हित में बड़ा ऐलान… कंबाइन हार्वेस्टर को किया टोल मुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कंबाइन हार्वेस्टर (Combine Harvester) को टोल टैक्स से मुक्त (Toll Tax free) कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। फसल कटाई के लिए हार्वेस्टर एक जरूरी उपकरण है। टोल प्लाजा पर शुल्क न लगने से इनके परिवहन का खर्च कम होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधी मदद पहुंचाना है। सरकार के इस फैसले से कृषि कार्यों में सुगमता आएगी। यही नहीं मध्य प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कंबाइन हार्वेस्टर को नहीं देना होगा टोल
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की भलाई के लिए काम कर रही है और इसीलिए अब कंबाइन हार्वेस्टर को टोल टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने बताया कि फसल काटने के लिए यह मशीन बहुत जरूरी है और टोल में छूट मिलने से इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च कम हो जाएगा। इससे खेती की लागत घटेगी और सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।

    नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी
    एमपी के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सड़क विकास निगम की बैठक हुई जिसमें इंदौर-उज्जैन और उज्जैन-जावरा के बीच नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इन सड़कों को नॉन एक्सेस कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत बनाया जाएगा। बैठक में पश्चिमी भोपाल बायपास के नए रास्ते को भी मंजूरी दी गई और इसे बनाने की अनुमति दी गई। साथ ही साल भर के खर्चों और मैनेजमेंट से जुड़े दूसरे जरूरी विषयों पर भी चर्चा करके फैसले लिए गए।


    गेहूं खरीद में देरी पर भड़के किसान

    इस बीच राज्य में MSP पर गेहूं की सरकारी खरीद में देरी को लेकर किसान संगठनों ने बुधवार को गहरी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार पर व्यवस्थाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। एमपी सरकार ने निर्णय किया है कि वह गेहूं की खरीद के दौरान किसानों को 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी देगी।

    भारतीय किसान संघ के मालवा प्रांत के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा कि हर साल 15 मार्च के आसपास एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाती है पर इस साल इसकी तारीख लगातार बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गलत दावा कर रही है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की वजह से प्लास्टिक की बोरियों की कमी हो गई है। इसी कारण गेहूं की खरीद टल रही है। सरकार की अव्यवस्थित नीतियों ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है।

  • CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी

    CM ने 'क्वींस ऑन द व्हील्स' को दिखाई हरी झंडी: 25 महिला सुपर बाइकर्स सात दिन में 1,400km का रोमांचक सफर करेंगी


    भोपाल। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से ‘क्वींस ऑन द व्हील्स’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाकर फ्लैग ऑफ किया। इस कार्यक्रम के तहत देशभर से आए 25 महिला सुपर बाइकर्स मध्य प्रदेश के समृद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सात दिवसीय यात्रा पर रवाना हुईं।

    यह यात्रा केवल बाइकिंग का रोमांच नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। महिलाओं की इस अनूठी ट्रेल में भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर का सफर शामिल है, जिसमें सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल शामिल हैं।

    मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इसके साथ ही यह अभियान कम-ज्ञात पर्यटन स्थलों और ग्रामीण टूरिज्म सर्किट्स को प्रमुखता देगा और रिस्पॉन्सिबल ट्रैवल को बढ़ावा देगा।

    यात्रा का समापन 13 मार्च को भोपाल में होगा, जहां महिला राइडर्स अपनी साहसिक यात्रा का फाइनल उत्सव मनाएंगी।

    सफर में शामिल महिला बाइकर्स:
    महाराष्ट्र की कविता जाधव, डॉ. प्रियंका, हेतल उपाध्याय, रुकमणी, माधुरी नायक, मधु हेलचेल, कल्याणी पोटकर, डॉ. नीता, तनुप्रिया, रिद्धी, रुचिका मेघे, मैथीली सिंह, एकता खाटे, पल्लवी देशमुख, उत्तरप्रदेश से डॉ. सुमित, मध्यप्रदेश की राज नंदनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दीक्षा राकेसिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, शबनम बानो, सारा खान, कर्नाटक की सोना प्रियदर्शनी, पश्चिम बंगाल की शांति घोस।

    इस तरह के आयोजन से न सिर्फ महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देश-दुनिया में पहचान पाएगी।

  • बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.

    बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.


    भोपाल:1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बस हड़ताल अब टल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन और मध्यस्थता के बाद बस संचालकों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के हर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस ऑपरेटर्स की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से किया जाएगा।

    समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी।

    सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो।

    सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे।

    इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।

    प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।

  • नई दिल्ली दौरे पर CM मोहन यादव, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की अहम मुलाकात

    नई दिल्ली दौरे पर CM मोहन यादव, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की अहम मुलाकात


    नई दिल्ली। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को राजधानी दिल्ली के दौरे पर हैं। इस यात्रा को प्रशासनिक और संगठनात्मक लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाम तक उनके भोपाल लौटने की संभावना है।

    दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रदेश के विकास कार्यों चल रही योजनाओं और केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बताया जा रहा है कि बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और इसमें समसामयिक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस भेंट को अहम माना जा रहा है।
    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी सौजन्य भेंट की।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
    , मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं पूर्व संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा की पूज्य माताजी श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां सम्पूर्ण जीवन की आधारिाला होती हैं, उनका जाना अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स

    MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स


    भोपाल।
    एमपी (MP) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि अब राज्य के विश्वविद्यालयों (Universities) में मंदिर प्रबंधन (Temple Management) को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन पाठ्यक्रमों में मंदिरों की सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) ने डिप्लोमा और पीजी कोर्स शुरू भी कर दिए हैं।


    अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में मंदिर प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई से जोड़ने और इस विषय पर अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।


    मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में धार्मिक पर्यटन के साथ ही मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई कराई जाएगी। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


    13 तीर्थस्थलों पर बनाए जा रहे धार्मिक गलियारे

    मोहन यादव ने कहा कि मंदिर हमेशा से हमारी आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। हम मंदिरों के सही प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक की तरह राज्य के 13 तीर्थस्थलों पर धार्मिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महाकाल महालोक परिसर से फाइबर की मूर्तियां हटाकर वहां पत्थर और धातु की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है।


    उज्जैन में बनाई जा रही प्रतिमाएं

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि देश की प्राचीन स्थापत्य कला पर आधारित ये प्रतिमाएं उज्जैन में ही गढ़ी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश दिव्यांग खेलों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और यहां के खिलाड़ी दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं। सीएम भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।