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  • MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त

    MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) और इसके लिए आवेदन करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें 2 बच्चों वाले नियम का पालन नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को ना सिर्फ नए प्रस्ताव को वापस लेने का आदेश दिया, बल्कि पुराने नियमों को भी खत्म करने को कहा है। यादव ने प्रस्तावित सिविल सर्विसेज रूल्स के मसौदे से उस नियम को हटाने का आदेश दिया, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम दो बच्चों की सीमा निर्धारित करने की बात कही गई थी।

    मोहन यादव ने आधिकारिक पोर्टल से ट्राफ्ट को तुरंत हटाने को कहा है। हालांकि, यह नियम प्रदेश में काफी पुराना है। 2001 में सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रावधान को लागू किया था। इसके तहत दो से अधिक जीवित बच्चों वाले उम्मीदवारों को सीधी भर्ती या विभागों में नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

    सीएम ने नया आदेश प्रकाशित करने को कहा
    मध्य प्रदेश में 2001 में लागू किए गए नियम के मुताबिक, 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले लोग सरकारी नौकरी के योग्य नहीं थे। इसके अलावा एमपी सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स 1965 के तहत दो से अधिक बच्चे होना सरकारी कर्मचारियों के लिए कदाचार माना जाता था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर अब तक के सबी नियमों को हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने नया मसौदा तैयार करने का आदेश दिया है।

    नए मसौदे के बाद सीएम का ऐक्शन
    दरअसल, मध्य प्रदेश में सेवा की सामान्य शर्तें नियम 2026 का मसौदा तैयार किया गया था और इस पर आम लोगों से 15 जून तक सुझाव मांगे गए थे। इसमें लाए गए कई नए नियमों के बीच बच्चे वाले पुराने नियम को भी शामिल किया गया था। लेकिन अब मोहन यादव सरकार ने इसे खत्म करने का आदेश दे दिया है।

  • यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव

    यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया. कहा कि इस भयानक घटना ने नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।

    CM यादव विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई। सीएम यादव ने कहा, “भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह सबसे भयानक घटना थी जिसने आम नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।


    फैक्ट्री के कचरे का हुआ सफल निपटारा

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का निपटारा कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, “इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिट गया है. अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की जमीन के सही प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    बता दें कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था. इसमें कम से कम 5,479 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग अपंग हो गए. इसे दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है।


    ग्रीन एनर्जी और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व

    CM यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा के लिए सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, और सांची, खजुराहो व अन्य जगहों पर बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं।

    वन्यजीव संरक्षण के साथ सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण पेश करने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदुओं को लाने के अलावा असम से जंगली भैंसें भी लाई गई हैं.

    उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा हमारी सनातन संस्कृति में निहित है. 5 तत्वों से बनी इस सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारी पूजा-पद्धति, खान-पान और प्रार्थनाओं में मौजूद है. सनातन संस्कृति में एक पेड़ को दस पुत्रों के बराबर माना जाता है. पर्यावरण संरक्षण हमारी जीवनशैली में झलकता है.”

    यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत राज्य में नदियों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का पवित्र कार्य चल रहा है.

    इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे. अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हवा, पानी और पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है।

  • उज्जैन में धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज: शिप्रा परिक्रमा को लेकर अहम बैठक

    उज्जैन में धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज: शिप्रा परिक्रमा को लेकर अहम बैठक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain में हर वर्ष आयोजित होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा इस बार भी भव्य रूप में शुरू होने जा रही है। 25 मई को सुबह 9 बजे रामघाट से मां क्षिप्रा और धर्म ध्वजा के पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

     सीएम मोहन यादव होंगे शामिल
    इस वर्ष परिक्रमा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav स्वयं कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर रामघाट पर मां क्षिप्रा को चुनरी अर्पित करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। भाजपा नगर मंडल की बैठकों में यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं ताकि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

     रामघाट से शुरू होकर शहर के मार्गों से गुजरेगी यात्रा
    परिक्रमा की शुरुआत रामघाट से होगी, जिसके बाद यह नृसिंह घाट, लालपुल और त्रिवेणी होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस रामघाट पहुंचेगी। 26 मई को गंगा दशहरा के दिन यात्रा का समापन होगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

     23 वर्षों पुरानी परंपरा
    यह परिक्रमा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 23 वर्ष पहले मां शिप्रा के संरक्षण और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। तब से यह परंपरा लगातार जारी है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।

     भव्य आयोजन की तैयारियां तेज
    इस वर्ष आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    शिप्रा तीर्थ परिक्रमा 2026 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी मजबूत करती है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन को और अधिक भव्य और महत्वपूर्ण बना देगी।

  • काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती

    काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त नेताओं के काफिला और शक्ति प्रदर्शन विवाद के बाद अब सरकार और संगठन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भोपाल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ संदेश दिया कि नेताओं को खुद अनुशासन में रहना होगा और किसी के उकसावे में आने से बचना होगा।

    CM बोले- सोशल मीडिया की ‘तीसरी आंख’ सब देख रही
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया हर गतिविधि पर नजर रखता है। नेताओं को समझदारी और संयम के साथ काम करना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई आपको उलझाए या भड़काए तो उससे बचना आपको ही है। कोई दूसरा आपका मददगार नहीं होगा। आप खुद जवाबदार हैं।”

    मुख्यमंत्री ने नेताओं को सलाह दी कि शुरुआत के एक-दो महीने काम को समझने और सीखने में लगाएं। नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करें और अपने संस्थानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार से केवल नुकसान होगा। सरकार जब चाहे जिम्मेदारी बदल सकती है, इसलिए पद को सेवा का माध्यम मानकर काम करें।

    हेमंत खंडेलवाल बोले- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई
    Hemant Khandelwal ने हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ घटनाओं की वजह से संगठन को दुखी मन से कार्रवाई करनी पड़ी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपेक्षा है कि पार्टी के लोग ताकतवर बनें, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल जनता और कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए होना चाहिए।

    खंडेलवाल ने कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्त सभी लोगों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और संगठन उनसे अनुशासन तथा जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है।

    प्रदेश प्रभारी की चेतावनी- रोज जाएगी रिपोर्ट
    बीजेपी प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh ने नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अब उनके कामकाज और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग होगी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक रोज रिपोर्ट पहुंचेगी कि कौन क्या कर रहा है, उसका व्यवहार कैसा है और परिवार की भूमिका कितनी है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे।साथ ही नेताओं को सोशल मीडिया सक्रिय रखने, अनुशासन बनाए रखने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई।

    18 विभागों के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं को वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रिया, अधिकार, जिम्मेदारियां और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

    अधिकारियों ने समझाया कि निगम-मंडलों में काम करते समय सरकारी नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कैसे करना है ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो।

    काफिला और शक्ति प्रदर्शन बना था विवाद की वजह
    हाल ही में कई निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े-बड़े काफिले और वाहन रैलियां निकाली गई थीं। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन को दिल्ली स्तर तक नाराजगी झेलनी पड़ी थी।

    इसके बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।

    मंत्रियों और अफसरों से टकराव रोकने की तैयारी
    सरकार नहीं चाहती कि निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं और विभागीय मंत्रियों या अफसरों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बने। इसी वजह से प्रशिक्षण में अधिकारों की सीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

  • कूनो नेशनल पार्क में चीतों की नई शुरुआत, CM मोहन यादव ने दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ा

    कूनो नेशनल पार्क में चीतों की नई शुरुआत, CM मोहन यादव ने दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ा

    श्योपुर। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को उस समय महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। ये दोनों चीते अफ्रीकी देश बोत्सवाना से हाल ही में भारत लाए गए थे। मुख्यमंत्री रविवार शाम कूनो पहुंचे थे और वहीं रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह कूनो नदी किनारे स्थित रिलीज साइट पर पहुंचे। जैसे ही चीतों को जंगल में छोड़ा गया, वे तेजी से प्राकृतिक वातावरण की ओर दौड़ पड़े, जिसे देखकर वन विभाग के अधिकारी और उपस्थित अमला उत्साहित नजर आया।

    चीता प्रोजेक्ट और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया

    भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत लगभग साढ़े तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर की गई थी। इसके तहत अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया जा रहा है। हाल ही में बोत्सवाना से कुल 9 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें 5 मादा और 4 नर शामिल हैं। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन और फिर सॉफ्ट बाड़ों में रखा गया था। एक महीने की निगरानी के बाद इनमें से दो चीतों को पहली बार खुले जंगल में छोड़ा गया है, जबकि बाकी चीतों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा।

    प्रदेश में चीता स्टेट की पहचान और भविष्य की योजना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और यह परियोजना लगातार सफल हो रही है। वर्तमान में कूनो और गांधी सागर क्षेत्र में कुल 57 चीते मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश कूनो नेशनल पार्क में हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में धीरे-धीरे प्राकृतिक जीवन के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वन विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है।

    मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित होगा। यह रेलगाड़ी भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे।

    संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है। यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है। इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया। सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी।

  • भोपाल से सोमनाथ यात्रा की शुरुआत, CM मोहन यादव दिखाएंगे हरी झंडी

    भोपाल से सोमनाथ यात्रा की शुरुआत, CM मोहन यादव दिखाएंगे हरी झंडी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। पहली बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ गुरुवार को भोपाल से रवाना होगी। इस विशेष ट्रेन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
    इस यात्रा में प्रदेशभर से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यह पहल संस्कृति विभाग द्वारा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026’ के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करना बताया जा रहा है।
    इस यात्रा का संबंध गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से है, जिसे भारत के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भारतीय इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसी पृष्ठभूमि में इस विशेष यात्रा की शुरुआत की गई है।
    यह मध्य प्रदेश से पहली बार आयोजित होने वाली ऐसी धार्मिक ट्रेन यात्रा है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु एक साथ सोमनाथ धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। यह ट्रेन भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
    यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वहां आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी उनकी सहभागिता होगी।
    सरकारी स्तर पर इस यात्रा को सांस्कृतिक एकता और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की यात्राएं लोगों को भारत की समृद्ध विरासत और परंपराओं से जोड़ने में मदद करती हैं।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
    यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और श्रद्धा के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन के साथ CM डॉ. मोहन यादव ने फूंका ज्ञान क्रांति का शंखनाद, मध्य प्रदेश बनेगा देश का एजुकेशन हब!

    ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन के साथ CM डॉ. मोहन यादव ने फूंका ज्ञान क्रांति का शंखनाद, मध्य प्रदेश बनेगा देश का एजुकेशन हब!


    मध्य प्रदेश
    की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी ग्वालियर अब ज्ञान और कौशल के नए वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर की इस पावन धरा पर ‘ऋषि गालव विश्वविद्यालय’ का विधि-विधान से भूमिपूजन कर प्रदेश के शिक्षा जगत में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्वालियर की वीरता, विद्वता और कला की त्रिवेणी का स्मरण करते हुए कहा कि एक विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाला केंद्र नहीं होता, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होता है। ऋषि गालव के नाम पर स्थापित होने वाला यह संस्थान हमारी भावी पीढ़ियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों से भी जोड़ेगा, ताकि वे राष्ट्र निर्माण के अग्रदूत बन सकें।

    मुख्यमंत्री ने मध्य भारत शिक्षा समिति के संस्थापक सदाशिव गणेश गोखले के महान योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पराधीनता के कठिन समय में वर्ष 1941 में जो दीया एक छोटे से स्कूल के रूप में जलाया गया था, वह आज चार महाविद्यालयों, पांच विद्यालयों और एक खेल अकादमी के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षित कर रही यह संस्था अब विश्वविद्यालय के रूप में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के संगम का केंद्र बनेगी। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो न केवल तकनीकी रूप से दक्ष हों, बल्कि चरित्रवान, नवाचारी और समाज के प्रति पूर्णतः उत्तरदायी भी हों। सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों का यह अनूठा उदाहरण प्रदेश के शैक्षणिक ढांचे को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

    शिक्षा प्रणाली में बदलाव की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी को आधार मानकर प्रदेश में कई क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। अब दीक्षांत समारोहों में औपनिवेशिक काल के काले कोट के स्थान पर भारतीय वेशभूषा और साफे की परंपरा को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ‘कुलगुरु’ का गौरवपूर्ण संबोधन दिया गया है, जो हमारी गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि शिक्षा में अमीर-गरीब का भेद समाप्त होना चाहिए और सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

    मध्य प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के लोकतंत्रीकरण के लिए निरंतर कार्यरत है, जिसके तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में ‘पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने गुमनाम नायकों और महान क्रांतिकारियों के सम्मान में तात्या टोपे विश्वविद्यालय, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय और रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों की स्थापना की है, ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि ग्वालियर का यह नया विश्वविद्यालय अगले वर्ष गुरु पूर्णिमा तक अपना कार्य प्रारंभ कर देगा और ग्वालियर न केवल मध्य भारत, बल्कि पूरे देश में शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र (एजुकेशन हब) के रूप में नई चमक बिखेरेगा। यह संस्थान राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत होकर छात्रों के भीतर योग्यता और दक्षता का नया संचार करेगा।

  • भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल

    भोपाल से बड़ा संदेश ,देने की तैयारी में CM मोहन यादव, रात 9 बजे लाइव संबोधन से बढ़ी हलचल


    भोपाल । भोपाल में आज रात प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल एक बार फिर बढ़ने वाली है क्योंकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव आकर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की है जिसके बाद से ही लोगों के बीच उत्सुकता और अटकलों का दौर तेज हो गया है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वे एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर प्रदेश की जनता से सीधा संवाद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह विषय क्या होगा लेकिन इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। माना जा रहा है कि यह संबोधन किसी बड़ी योजना घोषणा नीति बदलाव या जनकल्याण से जुड़े अहम फैसले से जुड़ा हो सकता है।

    इस लाइव कार्यक्रम को केवल औपचारिक संबोधन नहीं माना जा रहा है बल्कि इसे मध्यप्रदेश के विकास और आने वाले समय की दिशा तय करने वाला संवाद बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह कदम उनकी संवादात्मक और पारदर्शी कार्यशैली को भी दर्शाता है जिसमें वे सीधे जनता से जुड़कर उनकी राय और सुझावों को महत्व देते हैं।

    पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से जनता से संवाद करते रहे हैं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी इसी माध्यम से साझा करते आए हैं। उनकी यह शैली सरकार और जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।

    राजनीतिक और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह लाइव संबोधन किसी नई विकास योजना या बड़े प्रशासनिक निर्णय से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा यह भी संभावना जताई जा रही है कि इसमें किसानों युवाओं या रोजगार से जुड़े किसी बड़े फैसले की घोषणा हो सकती है। हालांकि आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है जिससे लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    प्रदेशभर में लोग इस लाइव संबोधन का इंतजार कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई लोग इसे संभावित बड़े राजनीतिक या प्रशासनिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं जबकि कुछ इसे सरकार की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री का यह संबोधन आज रात प्रदेश की नजरों का केंद्र रहने वाला है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे जनता के सामने क्या बड़ा संदेश रखते हैं और क्या कोई नई घोषणा प्रदेश के विकास की दिशा को और गति देती है या नहीं।

  • MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम

    MP: CM मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन एक्ट को बताया सदी का सबसे बड़ा कदम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav ) ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।

    विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।

    राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।

    दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्य प्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है।