Tag: Controversy
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मथुरा में नए साल पर सनी लियोन के प्रोग्राम पर बवाल, भड़के साधु-संत, दी आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली । नए साल के आगमन पर उत्तर प्रदेश में जगह-जगह रंगारंग कार्यक्रम हो रहे हैं. लेकिन ऐसे ही एक प्रोग्राम को लेकर मथुरा में माहौल गरमा गया. साधु-संत इसको लेकर नाराजगी जाहिर करने लगे और कार्यक्रम रद्द करने की मांग करने लगे. इस बाबत उन्होंने प्रशासन को पत्र लिखा और आंदोलन की चेतावनी भी दी. आखिरकार, साधु-संतों की धमकी व विरोध के चलते सनी लियोन का प्रोग्राम अब कैंसिल हो गया है. आइये जानते हैं पूरा मामला..दरअसल, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने नए साल पर मथुरा में आयोजित होने वाले सनी लियोन के कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने होटल ललिता ग्रैंड और होटल द ट्रक में होने वाले इस आयोजन को ब्रजभूमि को कलंकित करने की साजिश बताया था.सोमवार को साधु-संतों ने ‘जिंदाबाद-मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया और कार्यक्रम को तुरंत निरस्त करने की मांग की. दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र लिखकर कहा कि यह दिव्य गोलोक भूमि योग, साधना और भजन की है. यहां फूहड़ता और अश्लीलता परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी. संतों का तर्क था कि ऐसी अभिनेत्री, जो पोर्न फिल्मों से जुड़ी रही हों, उनका ब्रज में आना धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आयोजकों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की थी. फिलहाल, ये पूरा विवाद गहरा गया है और पुलिस भी अलर्ट हो गई है. मंगलवार को कन्फर्म किया गया कि सनी लियोन का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया है. -

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा
नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया
धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।
प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़
मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।
धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटनामनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।
धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।
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कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग
नई दिल्ली । कुमार सानू ने अपनी एक्स वाइफ रीता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है और मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब रीता ने कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाए।क्या है मामला
रीता ने अपने बयानों में दावा किया था कि कुमार सानू ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उनका बहुत बुरा व्यवहार किया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुमार सानू ने उन्हें भूखा रखा किचन में बंद कर दिया और प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दूध और मेडिकल केयर तक नहीं दिया। रीता का यह भी कहना था कि कुमार सानू ने इस दौरान कोर्ट के मामलों को भी जारी रखा था।
इन आरोपों को लेकर कुमार सानू ने मानहानि की याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि इन झूठे आरोपों के कारण उनकी इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है और उन्होंने मानसिक तनाव का सामना भी किया है। कुमार सानू का कहना है कि इन आरोपों के कारण उनकी पब्लिक इमेज खराब हुई है और इसका असर उनके प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा है।
याचिका में क्या कहा गया
याचिका में कहा गया है कि इन बयानों ने सिंगर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। इस मानहानि के मामले में रीता और संबंधित मीडिया पोर्टल्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। कुमार सानू ने यह भी कहा कि इन आरोपों से उन्हें आर्थिक और प्रतिष्ठा संबंधी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा रीता ने यह भी आरोप लगाया था कि शादी के दौरान कुमार सानू के कई अफेयर थे जो मामला और पेचीदा बना रहा है।
सना रईस खान ने लिया कुमार सानू का पक्ष
कुमार सानू की ओर से इस मानहानि केस की याचिका वकील सना रईस खान द्वारा दायर की गई है। सना रईस खान बिग बॉस 17 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं और उन्होंने ही कुमार सानू का कानूनी प्रतिनिधित्व किया है।
कुमार सानू और रीता का तलाक
कुमार सानू और रीता का तलाक 2001 में हुआ था। दोनों का एक बेटा है जान कुमार सानू जो बिग बॉस 14 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके थे। जान कुमार सानू का नाम भी इस विवाद से जुड़ा है लेकिन अभी तक उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह विवाद सिंगर कुमार सानू और उनकी एक्स वाइफ रीता के बीच बढ़ता जा रहा है। यदि कोर्ट इस मामले में फैसला देता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मानहानि के इस केस में क्या परिणति होती है और क्या कुमार सानू को मुआवजा मिलता है।
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हिजाब हटाने को लेकर विवाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग इमारत-ए-शरिया के सचिव भड़के
पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला आयुष चिकित्सक के चेहरे से हिजाब हटाने का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना पर अब इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईदउर रहमान कासमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए था और इस कदम की सख्त निंदा करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार से माफी की मांग की है।घटना उस समय की है जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। कार्यक्रम के दौरान जब नुसरत परवीन नामक महिला चिकित्सक की बारी आई तो वह हिजाब पहने हुए थीं। मुख्यमंत्री ने यह देखकर कहा यह क्या है और फिर महिला के चेहरे से हिजाब हटा दिया। इससे महिला असहज हो गई और एक अधिकारी ने जल्दी से उन्हें एक और कर दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिस पर इमारत-ए-शरिया के सचिव ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
मौलाना रहमान कासमी ने कहा कि पर्दा महिलाओं और समाज की इज्जत है और हिजाब को हटाना महिला का अपमान है। मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए था क्योंकि यह महिलाओं की इज्जत और गरिमा की तौहीन है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने हालांकि इस घटना पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन यह मामला अब राजनीति में भी गहरे विवाद का कारण बन गया है। विपक्षी दलों खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने इस वीडियो को साझा करते हुए इसे मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया है। राजद ने एक्स पर पोस्ट किया नीतीश जी का क्या हो गया है अब उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह से अस्थिर हो गई है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने हाल ही में 685 आयुर्वेद 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सकों को नियुक्त किया था जिनमें से कुछ को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे। हालांकि यह घटना और इसके बाद की प्रतिक्रिया राज्य की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है। विपक्षी नेताओं ने इसे नीतीश कुमार के विचारधारा परिवर्तन के रूप में भी देखा है और इसपर तीखे हमले किए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले समय में बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
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विवादों में घिरे नीतीश….कार्यक्रम में महिला का हिजाब हटाने का आरोप, RJD-कांग्रेस ने उठाए सवाल
पटना। बिहार (Bihar ) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला चिकित्सक (Female Doctor) के चेहरे से कपड़ा हटाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस (Rashtriya Janata Dal and Congress) ने उन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. इस पूरे मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला चिकित्सक नुसरत प्रवीण को नियुक्ति पत्र देते समय उनका हिजाब हटाते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो आज आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का बताया जा रहा है. आरजेडी ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने इस मामले को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लगातार महिलाओं का अपमान कर रहे हैं और अब वे बिहार संभालने की स्थिति में नहीं हैं. आरजेडी का आरोप है कि इस तरह का व्यवहार एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता.
आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी इस मामले को गंभीर मानती है. आरजेडी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पोस्ट में यह भी कहा गया है कि यह आचरण महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।
कांग्रेस पार्टी ने भी इस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि एक महिला डॉक्टर जब नियुक्ति पत्र लेने आई तो मुख्यमंत्री ने उनका हिजाब खींच लिया. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब राज्य का मुख्यमंत्री सार्वजनिक मंच पर ऐसा व्यवहार करेगा तो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या संदेश जाएगा. पार्टी ने इस घटना के लिए नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग भी की है.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. वीडियो के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है और विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.



