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  • दूध लेने घर से निकला किसान फिर नहीं लौटा, उज्जैन में घेरकर हमला करने का आरोप, तीन पर केस दर्ज

    दूध लेने घर से निकला किसान फिर नहीं लौटा, उज्जैन में घेरकर हमला करने का आरोप, तीन पर केस दर्ज


    उज्जैन  । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में जमीन विवाद को लेकर एक किसान की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। माकड़ोन थाना क्षेत्र में किसान जीवन शर्मा पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। गंभीर चोटें लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी रंजिश के चलते जीवन को घेरकर हमला किया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक जीवन शर्मा बीती रात दूध लेने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान आरोपियों ने उसे घेर लिया और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में जीवन को गंभीर चोटें आईं और उसकी जान चली गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का कहना है कि जमीन को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था। दशहरे के दिन भी इसी मुद्दे पर विवाद हुआ था। परिवार को आशंका है कि पुरानी रंजिश के कारण ही इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    परिजनों ने कई लोगों पर लगाया हमले का आरोप
    मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि राजाराम कृष्णपाल नंदकिशोर बाबूलाल सहित अन्य लोगों ने जीवन को घेरकर हमला किया था। हालांकि पुलिस ने शिकायत के आधार पर वीरेंद्र शर्मा नंदकिशोर और बाबूलाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वारदात में अन्य लोगों की भूमिका होने की जानकारी भी सामने आई है। इस पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।
    पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन और समर्थक
    घटना की सूचना मिलने पर माकड़ोन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन भेजा गया। घटना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और समर्थक पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। मृतक के कांग्रेस से जुड़े होने के कारण राजनीतिक हलकों में भी मामला चर्चा में आ गया। विधायक महेश परमार भी समर्थकों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
    पुलिस जांच में जुटी
    जमीन विवाद से जुड़ी इस घटना के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों के आरोपों के साथ ही पुराने विवाद और वारदात में संभावित रूप से शामिल अन्य लोगों की भूमिका को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। इस घटना ने एक बार फिर जमीन संबंधी विवादों के हिंसक रूप लेने और आपसी रंजिश के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है।
  • भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम

    भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम


    भिंड । मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले के मिहोना थाना क्षेत्र के चांदौख गांव में 35 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। युवक बुधवार रात गांव के पास स्थित पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजनों को उसका शव चारपाई पर मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। शुरुआती तौर पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने संदेहियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विश्व प्रताप सिंह राजावत उर्फ वीपी सिंह (35), निवासी चांदौख गांव के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद गांव के पास बनी पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजन मवेशियों की देखभाल के लिए वहां पहुंचे तो वीपी सिंह चारपाई पर मृत मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमले के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के आधार पर हत्या में कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हथियार और हत्या के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर पहुंचे और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि जिन लोगों पर उन्हें हत्या का संदेह है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए। परिजनों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच किए जाने की बात पर आपत्ति जताई। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    मामले में एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि वीपी सिंह की हत्या की जांच की जा रही है। परिजनों की बात सुनी गई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • SBI शाखा में टिफिन को लेकर हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचा, गार्ड की बंदूक जब्त कर पूछताछ शुरू

    SBI शाखा में टिफिन को लेकर हुआ विवाद फायरिंग तक पहुंचा, गार्ड की बंदूक जब्त कर पूछताछ शुरू


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर में रविवार रात एसबीआई की एसीबी शाखा में टिफिन कम आने को लेकर हुआ विवाद अचानक फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर छिप गए। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी गार्ड को हिरासत में लेकर उसकी बंदूक जब्त कर ली। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब 9 बजे बैंक शाखा में फर्नीचर का काम चल रहा था। इसी दौरान टिफिन सेंटर संचालक विपिन नेमा अपने दो बच्चों के साथ मजदूरों और सुरक्षा गार्ड के लिए टिफिन लेकर बैंक पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि टिफिन की संख्या को लेकर गार्ड राजकुमार नाराज हो गया। उसका कहना था कि टिफिन कम आए हैं। इसी बात को लेकर उसकी विपिन नेमा से बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल टिफिन को लेकर था लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में गार्ड ने अपनी बंदूक उठा ली और फायरिंग कर दी। अचानक बैंक परिसर में गोली चलने से वहां मौजूद लोगों में डर फैल गया। कुछ लोग खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर छिप गए। घटना के बाद बैंक परिसर में कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।

    फायरिंग की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने गार्ड को हिरासत में लिया और उसके पास मौजूद बंदूक को जब्त कर लिया। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और विवाद के दौरान वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था।

    पुलिस ने घटना के समय बैंक में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि फायरिंग की पूरी वजह सामने आ सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोली किस दिशा में चली और इससे किसी व्यक्ति को नुकसान तो नहीं पहुंचा।

    फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। टिफिन कम मिलने जैसी छोटी बात से शुरू हुआ विवाद हथियार चलाने तक कैसे पहुंचा यह जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस की जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस

    IAS मर्डर केस में वरुण पर शिकंजा कसने की तैयारी, 5 राज्यों में छापेमारी, रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने का सुराग तलाश रही पुलिस


    भोपाल। भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। वारदात के बाद फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश में पुलिस ने अब बड़ा कदम उठाते हुए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोपी घटना के बाद से पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसे गिरफ्तार करने के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की करीब 12 टीमें लगातार काम कर रही हैं। जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है वैसे वैसे आरोपी के भागने और संभावित ठिकानों से जुड़े नए सुराग सामने आ रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार वरुण कुमार की तलाश मध्यप्रदेश के अलावा पंजाब हरियाणा उत्तरप्रदेश और दिल्ली में की जा रही है। पुलिस की अलग अलग टीमें उसके रिश्तेदारों परिचितों और संभावित संपर्कों से जुड़े ठिकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटा रही हैं। कुछ स्थानों पर परिजनों से पूछताछ भी की जा चुकी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिचितों के संपर्क का सहारा ले सकता है।

    आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अब तकनीकी जांच को भी तेज कर दिया है। उसकी मोबाइल गतिविधियों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के बाद उसने किन लोगों से संपर्क किया और किन स्थानों पर उसकी मौजूदगी रही। इसके साथ ही घटना के बाद उसके आने जाने के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को जोड़कर आरोपी की गतिविधियों की पूरी कड़ी तैयार की जा सकेगी।

    जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि वारदात के बाद वरुण भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसके बाद उसके ट्रेन से दिल्ली की ओर जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की टीमें दिल्ली और आसपास के इलाकों के साथ दूसरे राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं। पुलिस उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोपाल से निकलने के बाद उसे किसने मदद दी या किन लोगों के संपर्क में वह रहा।

    राकेश अग्रवाल की हत्या ने भोपाल में सनसनी फैला दी थी। बुधवार सुबह सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव कमरे के अंदर जमीन पर मिला था। शुरुआती जांच में उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले थे। घर के अंदर अलमारी के लॉक टूटे हुए पाए गए थे जिससे पुलिस ने लूट की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा। इसके अलावा किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला था। इससे पूरे घर में गैस भर गई थी और पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आग लगाने की साजिश भी की गई हो सकती है।

    अब पुलिस इस पूरे मामले में हत्या के पीछे की वजह और आरोपी की भूमिका को लेकर अलग अलग पहलुओं की जांच कर रही है। फरार केयरटेकर पर इनाम घोषित होने के बाद उसकी तलाश और तेज होने की उम्मीद है। पांच राज्यों में फैली पुलिस टीमों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी आरोपी के मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रहे हैं। पुलिस का फोकस अब वरुण को जल्द गिरफ्तार करने के साथ वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में उसे किस स्तर पर मदद मिली।

  • शव के पास पति के आंसू और पीछे छिपा था बड़ा राज, 70 लाख के बीमे के लिए पत्नी की हत्या का खुलासा

    शव के पास पति के आंसू और पीछे छिपा था बड़ा राज, 70 लाख के बीमे के लिए पत्नी की हत्या का खुलासा

    जबलपुर । जबलपुर जिले के पाटन में गर्भवती कविता चौधरी की मौत के 28 दिन बाद पुलिस ने मामले का चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा माना जा रहा था वह पुलिस जांच में सुनियोजित हत्या निकली। आरोप है कि कविता के पति प्रयास पांडे ने करीब 70 लाख रुपए की बीमा राशि हासिल करने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची और पांच लाख रुपए में सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलवाया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि कथित मास्टरमाइंड पति और उसका साथी अभी फरार बताए जा रहे हैं।

    पुलिस जांच के मुताबिक प्रयास पांडे ने वर्ष 2022 में कविता चौधरी से प्रेम विवाह किया था। दोनों की शादी अलग समाज में होने के कारण परिवार में इस रिश्ते को लेकर विरोध और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। इसी बीच प्रयास को जानकारी हुई कि कविता के नाम करीब 70 लाख रुपए की बीमा पॉलिसी है। पुलिस के अनुसार इसके बाद उसने पत्नी से छुटकारा पाने और बीमा राशि हासिल करने की योजना बनाई। हत्या की साजिश कथित तौर पर घटना से करीब दो महीने पहले शुरू की गई थी।

    बताया गया कि प्रयास ने सबसे पहले पाटन की शराब दुकान के पास दो युवकों से संपर्क कर पत्नी की हत्या के लिए रकम की पेशकश की लेकिन दोनों ने इस काम से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके दोस्त मान सिंह के जरिए चौधरी मोहल्ले के धनीराम रामजी और विक्रम अहिरवार से संपर्क हुआ। पुलिस के अनुसार पांच लाख रुपए में हत्या का सौदा तय हुआ और प्रयास ने एक लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए।

    पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए पहले से तैयारी की थी। इसके लिए उन्होंने तीन से चार बार घटनास्थल के आसपास जाकर पूरी योजना की प्रैक्टिस की। वारदात में इस्तेमाल करने के लिए करीब 20 हजार रुपए देकर एक पिकअप वाहन किराए पर लिया गया था। घटना वाले दिन प्रयास फोन पर कविता से लगातार बात करता रहा और उसकी लोकेशन अपने साथियों तक पहुंचाता रहा।

    4 सितंबर की रात करीब 9 बजे कविता एक्टिवा से रानीताल पुलिया के पास पहुंची। पुलिस के अनुसार इसी दौरान विक्रम ने पिकअप से पीछे से एक्टिवा को टक्कर मारी। टक्कर लगने के बाद कविता सड़क पर गिर गई और आरोप है कि उसके ऊपर वाहन चढ़ा दिया गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पिकअप को नहर में ले जाकर धोने के बाद वापस कर आए।

    घटना के बाद प्रयास मौके पर पहुंचा और पुलिस तथा परिजनों के सामने पत्नी की मौत पर शोक जताता रहा। वह अंतिम संस्कार तक पुलिस के साथ मौजूद रहा। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे अज्ञात वाहन से हुआ सड़क हादसा माना था लेकिन बाद में एक मुखबिर से मिली सूचना ने जांच की दिशा बदल दी। पुलिस को जानकारी मिली कि प्रयास कुछ दिन पहले शराब दुकान के पास पत्नी की हत्या को लेकर बातचीत कर रहा था।

    इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश और वारदात से जुड़ी जानकारी दी। इसके आधार पर धनीराम रामजी और विक्रम अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस फरार प्रयास पांडे और उसके साथी मान सिंह की तलाश कर रही है। मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बीमा पॉलिसी से जुड़ी जानकारी और हत्या की साजिश के बीच क्या पूरा संबंध था।

  • रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास

    रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास


    भोपाल । भोपाल में बुधवार सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि हत्या के पीछे उनके केयरटेकर वरुण कुमार का हाथ हो सकता है जो वारदात के बाद से लापता है। खास बात यह है कि वरुण कुमार को महज दो दिन पहले ही पंजाब की एक एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही उसकी तलाश में जुटी है।

    राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित मकान में रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी की नींद खुली। वह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए जाने की तैयारी कर रही थीं लेकिन जब उन्होंने मुख्य दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर राजन थापा को फोन किया। स्थिति असामान्य लगने पर वह घर के अंदर राकेश अग्रवाल के कमरे की ओर गईं। कमरे का दरवाजा खोलने पर जमीन पर राकेश अग्रवाल का शव पड़ा मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रातीबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस समय हुई और घर में उस दौरान कौन कौन मौजूद था। जांच में केयरटेकर वरुण कुमार का लापता होना भी महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसका सामान भी घर में नहीं मिला है। इससे पुलिस की जांच का एक प्रमुख फोकस उसकी तलाश और घटना से उसके संभावित संबंध पर है।

    मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को घर के अंदर आग लगाने की कोशिश के संकेत मिले हैं। किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला और पूरे घर में गैस फैल गई थी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घर में आग लगाकर घटना के निशान मिटाने का प्रयास किया गया था। हालांकि इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी व्यक्ति के मकान के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही घर में काम करने वाले अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद इलाके में भी लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की जांच के केंद्र में लापता केयरटेकर वरुण कुमार है और उसकी तलाश के बाद मामले की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

  • 10 लाख के लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद तक, भोपाल में कारोबारी की आत्महत्या से हड़कंप, सुसाइड नोट खंगाल रही पुलिस

    10 लाख के लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद तक, भोपाल में कारोबारी की आत्महत्या से हड़कंप, सुसाइड नोट खंगाल रही पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र के अब्बास नगर स्थित फाइन अपार्टमेंट में एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 28 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान भूपेंद्र शर्मा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। इस मामले में सुसाइड नोट को लेकर पुलिस और परिवार के दावों में अंतर सामने आया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला जबकि परिजनों का दावा है कि उन्होंने एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है।

    मृतक के बेटे दीप शर्मा के मुताबिक उनके पिता के अमर अदानी नाम के व्यक्ति से दोस्ताना संबंध थे। बेटे का दावा है कि काम छूटने के बाद पिता ने अमर को करीब एक लाख रुपए दिए थे। इसके बाद उन्हें सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की राइस एंड रोड स्थित कैंटीन का काम दिलाने की बात कही गई। आरोप है कि कैंटीन में मौजूद सामान सहित पूरा काम करीब 10 लाख रुपए में देने की बात हुई थी। परिवार के अनुसार भूपेंद्र को पहले कुछ समय कैंटीन चलाने और बाद में एग्रीमेंट करने की बात कही गई थी लेकिन बाद में इसी एग्रीमेंट और पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया।

    दीप के अनुसार जब भूपेंद्र ने अपने पैसे वापस करने और कैंटीन के काम को लेकर बातचीत की तो कथित तौर पर उनसे पैसे लौटाने के बजाय दो लाख रुपए और देने की मांग की गई। बेटे का दावा है कि कैंटीन में दूसरे पक्ष का सामान भी मौजूद था और इसको लेकर उनके पिता के मोबाइल पर संदेश आते थे। परिवार का कहना है कि लगातार चल रहे पैसों के विवाद के कारण भूपेंद्र मानसिक रूप से परेशान थे।

    परिजनों द्वारा पुलिस को सौंपे गए बताए जा रहे सुसाइड नोट में भी पैसों के लेनदेन और कैंटीन के काम का उल्लेख होने की बात कही गई है। नोट में अमर अदानी पर पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर टालने और धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भूपेंद्र ने अपने ससुर शिवनारायण शर्मा पर भी परिवार को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने परिवार के लिए न्याय की मांग किए जाने की बात भी लिखी है।

    सुसाइड नोट में भूपेंद्र ने पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर भावुक संदेश भी लिखा है। उन्होंने पत्नी से माफी मांगते हुए बच्चों का ध्यान रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने लिखा कि उन्होंने किसी का बुरा नहीं किया फिर भी वह और उनका परिवार लगातार परेशान रहा।

    हालांकि पुलिस ने अभी सुसाइड नोट की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गांधीनगर थाने के एएसआई जेएस पाटिल के मुताबिक भूपेंद्र ने घर में फांसी लगाई थी। पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और एफएसएल टीम ने कमरे का निरीक्षण किया है। पुलिस के अनुसार मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दूसरी ओर परिवार का कहना है कि उनके पास मौजूद नोट पुलिस को सौंप दिया गया है। ऐसे में अब पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज

    मजदूरी से लौटे परिजन तो घर में दिखा खौफनाक मंजर, अकेले थे भूरा जाटव, टीबी का चल रहा था इलाज


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा में बुधवार शाम एक अधेड़ व्यक्ति का शव घर के अंदर फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांधीनगर वार्ड क्रमांक 13 निवासी 50 वर्षीय भूरा पुत्र ओमकार जाटव के रूप में हुई है। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे जबकि भूरा जाटव घर पर अकेले थे। शाम को जब उनकी पत्नी मजदूरी से वापस लौटीं तो कमरे के अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा जिसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी गई। लोगों ने आनन फानन में उन्हें नीचे उतारा लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    जानकारी के मुताबिक भूरा जाटव के बेटे रंजीत उनकी पत्नी गुड्डी बाई और दूसरे बेटे राजा बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूरी करने के लिए घर से निकले थे। रोज की तरह परिवार के लोग काम पर चले गए थे। भूरा उस समय घर पर ही थे। परिवार के सदस्य दिनभर मजदूरी करने के बाद शाम करीब 4:30 बजे वापस लौटे। इसी दौरान गुड्डी बाई की नजर कमरे में गई तो उन्होंने भूरा को फंदे पर लटका देखा। यह देखकर वह घबरा गईं और उन्होंने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों तथा पड़ोसियों को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। परिजनों ने भूरा को फंदे से नीचे उतारा लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक भूरा जाटव लंबे समय से टीबी की बीमारी से परेशान थे और उनका इलाज भी चल रहा था। बीमारी को लेकर वह काफी समय से परेशान बताए जा रहे थे। हालांकि घटना के पीछे बीमारी के अलावा कोई अन्य वजह थी या नहीं इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।

    पुलिस की कार्रवाई के बाद गुरुवार को भूरा जाटव के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस घर में परिवार के लोग रोजी रोटी के लिए सुबह मजदूरी करने निकले थे उसी घर में शाम को उन्हें अपने परिजन का शव मिला। घटना ने पूरे इलाके के लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

  • विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली

    विसर्जन जुलूस में DJ बना विवाद की वजह दतिया में पहले चाचा-भतीजे को पीटा फिर पैरों में मारी गोली


    दतिया । दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मैथाना पाली गांव में गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग की घटना सामने आई है। बुधवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों और गांव के दो लोगों के बीच DJ बजाने को लेकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच लाठी डंडों से मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद फायरिंग होने की बात सामने आई जिसमें चाचा और भतीजे के पैर में गोली लगी।

    घटना में घायल चाचा भतीजे की पहचान अजय यादव उम्र 28 वर्ष और उनके चाचा वकील यादव उम्र 43 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों को पहले इंदरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दतिया जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत और बेहतर इलाज की जरूरत को देखते हुए दोनों को ग्वालियर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है।

    परिजनों के मुताबिक अजय यादव और वकील यादव गांव से नदी की ओर भैंस चराने गए थे। इसी दौरान चौकपुरा गांव के लोग गणेश प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए नदी की ओर जा रहे थे। जुलूस में DJ बजाया जा रहा था। बताया गया है कि भैंस लेकर वापस घर की ओर लौट रहे चाचा भतीजे ने DJ बजाने से मना किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।

    कहासुनी के बाद विवाद ने तेजी से गंभीर रूप ले लिया। घायल पक्ष के परिजनों का आरोप है कि पहले चाचा भतीजे के साथ लाठी डंडों से मारपीट की गई और इसके बाद फायरिंग कर दी गई। परिजनों ने मानवेंद्र उर्फ छुट्टी रोहित गजराज यादव श्रीकांत यादव हाकिम यादव ऋषभ यादव और रघुराज यादव समेत अन्य लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि इन्हीं लोगों की ओर से गोली चलाई गई।

    ग्रामीणों के अनुसार चौकपुरा के लोगों ने गांव के खेरा पति मंदिर के पास गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। बुधवार को प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान मैथाना पाली गांव के पास विवाद हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

    इस विवाद में दूसरे पक्ष के लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। हाकिम सिंह उम्र 50 वर्ष गजराज सिंह यादव उम्र 52 वर्ष और पंजाब सिंह यादव के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा तीन से चार अन्य लोगों के घायल होने की भी जानकारी है। सभी घायलों का इलाज इंदरगढ़ अस्पताल में कराया जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी गौरव शर्मा के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाई है और दोनों पक्षों से जुड़े लोगों तथा घायलों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस फायरिंग की परिस्थितियों और विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और फायरिंग की घटना किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घायलों के उपचार के साथ मामले से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।

  • लखीमपुर के स्कूल में शिक्षिका की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद को भी मारी गोली, बच्चों के सामने हुई वारदात

    लखीमपुर के स्कूल में शिक्षिका की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद को भी मारी गोली, बच्चों के सामने हुई वारदात


    लखीमपुर खीरी।
    सदर कोतवाली क्षेत्र के चिल्ड्रेन अकादमी स्कूल में सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गोलीकांड से हड़कंप मच गया। एक युवक ने स्कूल की शिक्षिका निशात फातिमा को गोली मार दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान स्कूल में बच्चे मौजूद थे, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चे सहम गए।

    स्कूल की पहली मंजिल पर हुई वारदात

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक नौरंगाबाद निवासी सऊद अंसारी स्कूल परिसर में पहुंचा था। वह पहली मंजिल पर गया, जहां क्लासरूम के बाहर शिक्षिका निशात फातिमा से उसकी कहासुनी हुई। इसके बाद उसने तमंचे से शिक्षिका को गोली मार दी। कुछ ही देर बाद युवक ने अपनी कनपटी पर भी गोली चला ली। दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    घटना के बाद स्कूल में मौजूद बच्चों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने स्कूल स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    बच्चों को भेजा गया घर

    गोलीकांड की खबर फैलते ही स्कूल के बाहर अभिभावकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। परिजन अपने बच्चों को लेकर चिंतित नजर आए। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को घर भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की।

    प्रेम प्रसंग के एंगल पर जांच

    पुलिस को शुरुआती तौर पर घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का शक है। निशात फातिमा हिदायत नगर की रहने वाली थीं, जबकि सऊद अंसारी नौरंगाबाद का निवासी बताया गया है। दोनों के मोहल्ले आसपास बताए जा रहे हैं। हालांकि, वारदात की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    एसपी ने बताया- पहले शिक्षिका को मारी गोली

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के मुताबिक युवक स्कूल परिसर में आया था और पहली मंजिल पर शिक्षिका से उसकी कहासुनी हुई। इसके बाद उसने पहले शिक्षिका को गोली मारी और फिर खुद को गोली मार ली। दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

    घटना ने स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक हथियार लेकर स्कूल के अंदर तक कैसे पहुंचा और वारदात से पहले उसके और शिक्षिका के बीच क्या बातचीत हुई थी। सीसीटीवी फुटेज और मौके से जुटाए गए साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।