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  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • 3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक 10वीं कक्षा की छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा करने वाले युवक का डटकर सामना किया। आरोप है कि युवक पिछले करीब तीन महीने से छात्रा का पीछा कर उसे परेशान कर रहा था। रविवार देर शाम जब छात्रा घर पर अकेली थी तब आरोपी उसके घर में घुस गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने डरने के बजाय शोर मचाकर विरोध किया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल उतारकर युवक की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

    जानकारी के मुताबिक 16 वर्षीय छात्रा कोंच कोतवाली क्षेत्र में अपने दादा के साथ रहती है। उसकी मां का कुछ साल पहले निधन हो चुका है जबकि पिता ने दूसरी शादी कर ली है और अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। छात्रा की सौतेली मां दूसरे जिले में शिक्षिका हैं। छात्रा के मुताबिक उसे पढ़ाई के लिए रोजाना घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। इसी दौरान भगतसिंहनगर निवासी 22 वर्षीय युवक नजर खान कथित तौर पर उसका पीछा करता था। छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उससे बातचीत करने की कोशिश करता था और लगातार परेशान करता था। उसकी हरकतों से वह डरने लगी थी।

    रविवार शाम छात्रा के दादा किसी काम से घर से बाहर गए थे। छात्रा उस समय घर पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान युवक घर के अंदर घुस आया और छात्रा के साथ अभद्रता करने की कोशिश की। छात्रा ने उसका विरोध किया और जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी की पिटाई की। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। वीडियो में आरोपी कथित तौर पर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहा है और दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की बात कह रहा है।

    मामले की सूचना छात्रा ने पुलिस को भी दी। डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले से छात्रा को किस तरह परेशान करता था और उसके खिलाफ पहले कोई शिकायत हुई थी या नहीं।

    कोंच कोतवाली प्रभारी निग्वेंद्र प्रताप के मुताबिक युवक को मौके से पकड़ा गया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस स्कूल जाने वाली छात्रा की सहपाठी छात्राओं से भी पूछताछ करेगी ताकि आरोपी की कथित गतिविधियों और पीछा करने की पूरी जानकारी सामने आ सके। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में युवती के साथ दो युवकों के मिलने के बाद रविवार रात हंगामा हो गया। स्कीम नंबर 114 पार्ट-1 स्थित होटल सिल्वर पैलेस में कुछ लोगों ने युवती के साथ गलत गतिविधि होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और होटल के कमरे से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फिलहाल पकड़े गए युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मिली जानकारी के मुताबिक करणी सेना के कार्यकर्ताओं को होटल में एक हिंदू युवती के साथ दो युवकों के मौजूद होने की सूचना मिली थी। संगठन के पदाधिकारी होटल पहुंचे और कमरे में मौजूद युवकों से पूछताछ की। आरोप है कि दोनों युवक युवती को नशा करा रहे थे। पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने पहले अपनी पहचान छिपाते हुए अपना नाम लक्की बताया। बाद में पूछताछ में उसकी पहचान खजराना निवासी फैजान खान के रूप में हुई। उसके साथ मौजूद अमन खान मौके से निकल गया।

    मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने अमन पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। संगठन का दावा है कि दोनों युवक खजराना और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

    घटना के दौरान फैजान के मोबाइल फोन की जांच किए जाने का भी दावा किया गया। संगठन के मुताबिक मोबाइल में कई युवतियों के साथ आपत्तिजनक फोटो वीडियो और चैट मिले। इसके अलावा गांजा एमडी और चाकू की तस्वीरें भी मोबाइल में होने की बात सामने आई। होटल के कमरे की तलाशी के दौरान शराब की बोतलें कंडोम और कथित तौर पर सेक्स वर्धक गोलियां मिलने का भी दावा किया गया है। पुलिस इन सभी बरामद वस्तुओं और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है।

    मामले में सबसे अहम पहलू युवती की स्थिति और उसके बयान को माना जा रहा है। लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव के मुताबिक पुलिस के पास करणी सेना के कार्यकर्ता फैजान नाम के युवक को लेकर आए थे। पुलिस का कहना है कि युवक काफी नशे की हालत में था। उसके मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो चाकू और गांजे से संबंधित तस्वीरें मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार युवक का नशा उतरने के बाद उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी और युवती से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। फरार बताए जा रहे अमन खान की तलाश और मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। करणी सेना के पदाधिकारियों ने फरार युवक की गिरफ्तारी और पूरे मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि होटल के कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और युवती के साथ किसी तरह की जबरदस्ती या नशीला पदार्थ देने की बात सही है या नहीं। फिलहाल मामले में लगाए गए सभी गंभीर आरोप जांच के अधीन हैं।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • शादी का झांसा देकर महिलाओं से करोड़ों ऐंठने वाला गिरफ्तार ज्वेलरी दुकान पर हुई थी मुलाकात 1.27 करोड़ की ठगी का खुलासा

    शादी का झांसा देकर महिलाओं से करोड़ों ऐंठने वाला गिरफ्तार ज्वेलरी दुकान पर हुई थी मुलाकात 1.27 करोड़ की ठगी का खुलासा


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में महिलाओं को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और उनसे मोटी रकम ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने जयपुर निवासी एक युवक को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि आरोपी महिलाओं से पहले नजदीकी बढ़ाता था और शादी का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम लेता था। इसके बाद जब महिलाएं शादी के लिए दबाव बनाती थीं तो वह उनसे दूरी बनाने लगता और अपना ठिकाना बदलकर फरार हो जाता था। उज्जैन में सामने आए मामले में आरोपी पर एक महिला से करीब 1 करोड़ 27 लाख रुपये लेने का आरोप है।
    मामले की शिकायत उज्जैन निवासी महिला ने 13 मई 2026 को माधवनगर थाने में दर्ज कराई थी। महिला के मुताबिक उसकी मुलाकात आरोपी मनीष से एक ज्वेलरी की दुकान पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे धीरे नजदीकियां हो गईं। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और भरोसा दिलाया कि दोनों जल्द शादी करेंगे। इसी भरोसे के आधार पर उसने महिला से अलग अलग समय पर बड़ी रकम ली। शिकायत के अनुसार करीब चार महीने तक संपर्क में रहने के दौरान आरोपी ने महिला से लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च करा लिए।

    महिला का आरोप है कि मार्च 2026 में जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर उसने महिला को धमकी भी दी और वहां से फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माधवनगर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर आरोपी को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने पूछताछ और बरामदगी के लिए उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।

    उज्जैन पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर नकदी दो महंगे मोबाइल फोन और ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खरीदा गया सामान बरामद किया गया है। पुलिस को शक है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है। शुरुआती जांच में आरोपी के मध्य प्रदेश के धार और नीमच में भी युवतियों के संपर्क में रहने और उनसे लाखों रुपये लेने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन दावों की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर अपना ठिकाना बदलकर किराए के मकानों में रहता था और महिलाओं से बातचीत के जरिए नजदीकी बढ़ाता था। इसके बाद शादी का वादा कर उनसे पैसे लेने का तरीका अपनाता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदारी बैंकिंग और पैसों के लेन देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही उसके संपर्क में रही महिलाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि उसने कितनी महिलाओं को कथित तौर पर अपना शिकार बनाया।

    उज्जैन पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ के बाद इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ठगी गई रकम कहां इस्तेमाल की गई और आरोपी के साथ इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क और रकम का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा।

  • घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला

    घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसके घर में जबरदस्ती घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और इसी के सहारे उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने 16 अगस्त की रात पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता के आरोपों के मुताबिक आरोपी युवक उसके पड़ोस में रहता है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी की धमकियों के कारण वह लंबे समय तक परेशान रही और उसका शारीरिक शोषण जारी रहा। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की है।

    मामले में आरोपी युवक पर पीड़िता के भाई के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि बीते शाम आरोपी धर्मेंद्र पर पीड़िता के भाई के साथ विवाद और मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को अपनी शिकायत दी। इस तरह मामले में युवती के आरोपों के साथ उसके भाई की शिकायत भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गई है।

    पुलिस ने युवती और उसके भाई की शिकायत के आधार पर धर्मेंद्र शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के साथ घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी।

    पुलिस का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जाती है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती की शिकायत में घर में घुसकर दुष्कर्म करने और बाद में धमकी देकर शारीरिक शोषण जारी रखने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं उसके भाई की शिकायत में मारपीट का आरोप सामने आया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • PWD इंजीनियर आरती यादव की मौत मामले में बड़ा मोड़, पति निलेश यादव पर प्रताड़ना का केस दर्ज

    PWD इंजीनियर आरती यादव की मौत मामले में बड़ा मोड़, पति निलेश यादव पर प्रताड़ना का केस दर्ज


    इंदौर। इंदौर के पलासिया इलाके में PWD की महिला इंजीनियर आरती यादव की मौत के मामले में पुलिस ने करीब 20 दिन बाद उनके पति निलेश यादव के खिलाफ प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की है। आरती की मौत के बाद मायके पक्ष ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच के लिए SIT का गठन किया था। जांच के बाद पलासिया पुलिस ने गुरुवार देर रात पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब FIR में लगाए गए आरोपों और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

    आरती यादव PWD में वरिष्ठ इंजीनियर के पद पर पदस्थ थीं। उनके पति निलेश यादव भी लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं। दोनों की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी और दंपती की दो बेटियां हैं। आरती का मायका इंदौर के सुखलिया इलाके में बताया गया है जबकि उनका ससुराल झाबुआ में है। घटना के बाद मायके पक्ष ने आरोप लगाया था कि पति पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था और इसी वजह से आरती मानसिक दबाव में थीं।

    पुलिस के मुताबिक आरती ने पलासिया स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके बाद उनके पति निलेश उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में उपचार के दौरान अगले दिन आरती की मौत हो गई। घटना के बाद मामला पहले मर्ग के तौर पर जांच में लिया गया था। लेकिन मायके पक्ष की शिकायत और लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया।

    जांच के लिए गठित SIT ने मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को खंगाला। पुलिस ने आरती के मायके पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा पति और पत्नी के संबंधों तथा घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने के लिए अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की गई। दंपती की दोनों बेटियों के बयान भी जांच का हिस्सा रहे। पुलिस ने इन बयानों के साथ उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया।

    इससे पहले आरती के भाई उपेन्द्र ने दोनों के बीच लंबे समय से तनाव होने की बात कही थी। मायके पक्ष ने पुलिस से पूरे मामले की गहराई से जांच करने और यदि प्रताड़ना के आरोप सही पाए जाएं तो कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

    आरती की मौत से जुड़े मामले में सामने आए कुछ अन्य दावों की भी अलग-अलग रिपोर्टों में चर्चा हुई थी। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए थे और घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस सभी तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाकर आगे बढ़ रही है।

    अब पति निलेश यादव के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामले में कानूनी जांच का नया चरण शुरू हो गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरती को कथित तौर पर किस तरह की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था और उसका उनकी मौत से कोई संबंध था या नहीं। जांच में सामने आने वाले बयान और अन्य साक्ष्य आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।

    फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ऐसे संवेदनशील मामले में आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। आरती की मौत के वास्तविक कारणों और पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी

    भोपाल में पुलिस आरक्षक को बनाया बंधक! रातभर कार में घुमाया और जंगल में फेंकने की दी धमकी


    भोपाल । भोपाल में नाइट गश्त के दौरान खुले में शराब पी रहे दो युवकों को रोकना एक पुलिस आरक्षक के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। शाहपुरा थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जब कार में शराब पी रहे युवकों को थाने चलने के लिए कहा तो आरोपियों ने आरक्षक को ही अपनी कार में बैठा लिया और थाने ले जाने के बजाय उसे रातभर शहर में घुमाते रहे। इस दौरान आरक्षक के साथ मारपीट की गई और उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी गई। हालांकि आरक्षक ने हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए अपने साथी को मोबाइल से लाइव लोकेशन भेज दी जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

    घटना 8 और 9 अगस्त की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक सुंदर पटेल और आरक्षक मयंक ठाकुर नाइट रूटीन ड्यूटी पर थे। गश्त के दौरान दोनों पुलिसकर्मी दाना पानी रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे। यहां उन्हें एक कार में दो युवक शराब पीते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मियों ने दोनों युवकों से पूछताछ की और उन्हें थाने चलने के लिए कहा।

    इसके बाद आरक्षक मयंक ठाकुर बाइक से थाने की ओर निकल गए जबकि आरक्षक सुंदर पटेल दोनों युवकों की कार में बैठ गए। पुलिस के मुताबिक कार में सवार भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव ने आरक्षक को शाहपुरा थाने ले जाने के बजाय कार को दूसरी दिशा में दौड़ा दिया। आरक्षक को कुछ समझ आता उससे पहले ही दोनों आरोपी उसे लेकर एमपी नगर की तरफ निकल गए।

    कार के भीतर आरक्षक के साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे जंगल में ले जाकर फेंकने की धमकी भी दी। खतरे को भांपते हुए सुंदर पटेल ने किसी तरह अपने साथी आरक्षक को मोबाइल से अपनी लाइव लोकेशन शेयर कर दी। जब आरोपियों को इसका पता चला तो उन्होंने आरक्षक के साथ दोबारा मारपीट शुरू कर दी। इसके बावजूद आरक्षक ने हिम्मत नहीं छोड़ी।

    आरक्षक मयंक ठाकुर को मिली लोकेशन के आधार पर उन्होंने बाइक से कार का पीछा शुरू कर दिया। आरोपी गणेश मंदिर होते हुए डीबी मॉल की तरफ पहुंचे। जीजी फ्लाईओवर के पास ट्रैफिक और पुलिस की घेराबंदी के कारण कार की रफ्तार धीमी हुई। इसी मौके का फायदा उठाकर सुंदर पटेल ने कार का दरवाजा खोला और बाहर कूद गए। आरोपियों ने कार रोकी और उन्हें फ्लाईओवर के पास उतारकर वहां से फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने कार के नंबर और आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भूपेंद्र शर्मा और ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ अपहरण शासकीय कार्य में बाधा डालने मारपीट और धमकी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार भूपेंद्र शर्मा मूल रूप से गंजबासौदा का रहने वाला है और उसके खिलाफ विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला पहले से दर्ज है। वह हाल ही में कोलार इलाके में रहने आया था। दूसरा आरोपी ऋषि नामदेव बावड़िया कला क्षेत्र का निवासी बताया गया है। दोनों आरोपी ड्राइवरी का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक घटना में इस्तेमाल कार एक ट्रैवल्स कंपनी से अटैच है।

    शाहपुरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में अपहरण शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब घटना के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होने पर संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों को कई वर्षों तक की सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

  • दहेज प्रताड़ना केस में 8 साल बाद गिरफ्तारी, कार्यक्रम के कार्ड ने खोल दिया फरार पिता-पुत्र का राज

    दहेज प्रताड़ना केस में 8 साल बाद गिरफ्तारी, कार्यक्रम के कार्ड ने खोल दिया फरार पिता-पुत्र का राज


    ग्वालियर । ग्वालियर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के एक बहुचर्चित मामले में आठ वर्षों से फरार चल रहे पिता-पुत्र को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए गुजरात के अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदलकर रह रहे थे। लगातार की जा रही तलाश के बावजूद पुलिस उनके करीब नहीं पहुंच पा रही थी लेकिन एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड ऐसा सुराग बना जिसने उनकी फरारी का अंत कर दिया।

    महिला सुरक्षा डीएसपी शिखा सोनी के अनुसार नवविवाहिता की शिकायत पर महिला थाने में उसके पति मंगल सिंह उर्फ पुतुआ राजावत और ससुर सुरेश सिंह राजावत के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि विवाह के बाद दोनों ने कार और नकदी की मांग करते हुए महिला पर लगातार दबाव बनाया और प्रताड़ित कर उसे घर से निकाल दिया।

    मामला दर्ज होने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन जमानत मिलने के बाद वे फरार हो गए। इसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी रही। संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी गई लेकिन दोनों हर बार पुलिस को चकमा देकर स्थान बदल लेते थे।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम पिछले चार दिनों से गुजरात में संभावित ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रही थी। दो दिन पहले पुलिस एक ऐसे ठिकाने पर पहुंची जहां आरोपी कुछ समय पहले तक रह रहे थे लेकिन वहां से वे निकल चुके थे। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड मिला जिसमें भिंड का पता दर्ज था। यही कार्ड जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

    पुलिस ने तुरंत रणनीति बदलते हुए भिंड में निगरानी शुरू की और सोमवार रात कार्यक्रम स्थल पर दबिश दी। वहां दोनों आरोपी मौजूद मिले जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए हर कुछ महीनों में अपना ठिकाना बदल लेते थे और वर्षों बाद पहली बार किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने गांव पहुंचे थे। इसी चूक की वजह से वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

    अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान किन लोगों ने दोनों आरोपियों को शरण दी और उन्हें पुलिस से बचाने में मदद की। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पूरी कार्रवाई में एएसआई संतपाल सिंह, वीर सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक असीम कृष्ण यादव, मुकेश यादव, आरक्षक अंकुर शर्मा, राजदीप जाट और महिला आरक्षक काजल जादौन की अहम भूमिका रही। पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित मामले में बड़ी सफलता मानी जा रही है और फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई का अहम उदाहरण भी है।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।