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  • चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    चित्रकूट में चाय दुकान पर अचानक भिड़े दो पक्ष पुरानी रंजिश में जमकर मारपीट और तोड़फोड़ CCTV में कैद हुई पूरी घटना


    सतना । सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम चाय की एक दुकान पर पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट के साथ दुकान में तोड़फोड़ शुरू हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें कुछ युवक दुकान के बाहर आपस में मारपीट करते और सामान में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

    घटना चित्रकूट के स्फटिक शिला मोड़ पर स्थित मनोहर चाय दुकान की बताई जा रही है। रविवार शाम कुछ युवक बोलेरो और ओमनी वैन से वहां पहुंचे थे। इसके बाद किसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर दुकान के बाहर रखा सामान तोड़ दिया गया। इस दौरान दुकान में मौजूद ब्रजनारेश सिंह ने युवकों को तोड़फोड़ करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि उनके रोकने पर युवक और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने ब्रजनारेश सिंह पर डंडे से हमला कर दिया।

    पिता पर हमला होते देख उनके बेटे अंकित सिंह ने बीच बचाव किया और उन्हें बचाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दुकान के आसपास मौजूद लोगों ने भी घटना देखी। कुछ देर तक चले विवाद के बाद मामला शांत हुआ लेकिन तब तक दुकान के बाहर रखा सामान क्षतिग्रस्त हो चुका था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

    मामले में दुकान संचालक अंकित सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। चित्रकूट थाना प्रभारी नीलेश तिवारी के मुताबिक विवाद के पीछे दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर वरुण तिवारी और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटाने के साथ विवाद की वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच को भी दिशा मिली है। फुटेज में कुछ युवक दुकान के बाहर मारपीट और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। पुलिस इसी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों की पहचान फुटेज और जांच के आधार पर होगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने सोमवार सुबह मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    चाय दुकान पर हुए इस विवाद ने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया। पुरानी रंजिश के चलते शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी है।

  • शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक

    शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में नशे के कारोबार और खुलेआम नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सामने आए दो वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में एक तरफ पुलिस की ओर से नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ सामने आए वीडियो में कथित तौर पर नशे की खरीद बिक्री और सेवन के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान शुरू कर दी है।

    पहला वीडियो शिवपुरी के लुधावली क्षेत्र के वार्ड नंबर 17 का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक स्थान पर नजर आ रहे हैं। इसमें दो युवक एक लड़के को कथित तौर पर स्मैक बेचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में नशे के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक स्थान पर नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री हो रही है तो इस पर निगरानी रखने वाली व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की वास्तविक पहचान और वहां मौजूद पदार्थ की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इसी बीच दूसरा वीडियो भी सामने आया है जो हवाई पट्टी के पास लगने वाली रेत मंडी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक सड़क किनारे बैठा दिखाई देता है और उसके हाथ में सिरिंज नजर आती है। वीडियो के मुताबिक युवक कथित तौर पर सिरिंज के जरिए नशा कर रहा था। वहां मौजूद दो लोगों ने युवक को इस तरह खुलेआम नशा करते देखा तो उसे पकड़ लिया और सड़क पर नशा करने को लेकर फटकार लगाई।

    पूछताछ के दौरान युवक ने खुद को ईंट के कारोबार से जुड़ा बताया। उसने यह भी बताया कि वह फिजिकल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला भी पुलिस के संज्ञान में आया है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह नशीले पदार्थ का सेवन दिखाई देना शहर में नशे की समस्या की गंभीरता को सामने लाता है।

    इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद अब पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि स्मैक बेचने और खरीदने से जुड़ा वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक कौन हैं और नशे से जुड़े इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। यदि जांच में नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इन घटनाओं ने एक बार फिर शहर में नशे के खिलाफ लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम

    जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक: सांड ने युवक को पटककर किया घायल, अस्पताल में तोड़ा दम


    जबलपुर । जबलपुर में आवारा मवेशियों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। हनुमानताल क्षेत्र में सड़क पर लड़ रहे दो सांडों के बीच से
    गुजरना एक युवक को भारी पड़ गया। अचानक एक सांड ने युवक पर हमला कर दिया और उसे उठाकर सड़क पर पटक दिया। हमले के बाद सांड उसके ऊपर से गुजरते हुए वहां से भाग गए। गंभीर रूप से घायल युवक को आसपास मौजूद लोगों ने ऑटो की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।

    मृतक की पहचान गोराबाजार निवासी रवि यादव के रूप में हुई है। बताया गया है कि रवि दूध का कारोबार करता था और घटना वाले दिन दूध लेकर हनुमानताल क्षेत्र में आया था। घटना 5 सितंबर की शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। उस समय सड़क पर दो सांड आपस में लड़ रहे थे। सांडों की लड़ाई के कारण सड़क पर यातायात भी रुक गया था। आसपास मौजूद लोग उन्हें हटाने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान सांडों पर पानी डाला जा रहा था।

    इसी बीच रवि वहां से निकल रहा था। अचानक एक सांड ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। सांड ने रवि को अपने सींगों से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद वह सांड उसके ऊपर से गुजर गया और दोनों सांड मौके से भाग निकले। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। रवि काफी देर तक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

    हनुमानताल थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल के मुताबिक मृतक दूध व्यवसाय से जुड़ा था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सड़क पर घूमने वाले आवारा मवेशियों की समस्या एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

    नगर निगम के मुताबिक जबलपुर शहर में 20 हजार से अधिक आवारा मवेशी हैं। इन्हें पकड़ने के लिए करीब 80 कर्मचारी लगाए गए हैं और रोजाना 70 से 80 मवेशियों को पकड़ा जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या इन मवेशियों को रखने की है। निगम अधिकारी कुशाग्र सिंह ठाकुर के मुताबिक तिलवारा में करीब 800 रामपुर में 130 और उमरिया में 170 मवेशियों को रखने की क्षमता है। इससे ज्यादा मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

    अधिकारी का यह भी कहना है कि कई जगहों पर मवेशियों को पकड़ने के दौरान गौभक्तों की ओर से विरोध या विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में निगम के सामने एक तरफ शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने की चुनौती है तो दूसरी तरफ उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की समस्या भी बनी हुई है। रवि यादव की मौत ने इस पूरे इंतजाम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सड़क पर घूम रहे हजारों आवारा मवेशियों से लोगों की जान कब तक खतरे में पड़ती रहेगी।

  • गमछा बांधा चप्पल पहनी और पंक्चर बनाने लगा TI: 1322 किमी दूर पहुंची पुलिस ने ऐसे पकड़ा पत्नी का हत्यारा

    गमछा बांधा चप्पल पहनी और पंक्चर बनाने लगा TI: 1322 किमी दूर पहुंची पुलिस ने ऐसे पकड़ा पत्नी का हत्यारा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के सीधी में महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या कर करीब एक साल से फरार चल रहे उसके पति वीरेंद्र साकेत को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऐसी रणनीति बनाई जिसकी भनक आरोपी को भी नहीं लगी। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और फरारी के दौरान मोबाइल फोन तक इस्तेमाल नहीं कर रहा था। परिवार और बच्चों से भी उसने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया था। कई राज्यों में तलाश और लगातार दबिश के बावजूद जब उसका सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ऐसा जाल बिछाया जिसमें खुद कोतवाली थाना प्रभारी मजदूर बनकर पंक्चर की दुकान पर बैठ गए।

    29 अगस्त को सीधी के एक व्यक्ति से पुलिस को अहम जानकारी मिली कि वीरेंद्र कुछ साल पहले महाराष्ट्र के राजगढ़ इलाके में काम कर चुका है। पुलिस ने इस सुराग को गंभीरता से लिया और टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना कर दिया। सीधी से पुलिस टीम ने करीब 1322 किलोमीटर का सफर तय किया। राजगढ़ पहुंचने के बाद पता चला कि वीरेंद्र खिरखिनदीवाड़ी इलाके की एक कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है और कंपनी के पास ही एक झोपड़ी किराए पर लेकर रह रहा है। पुलिस को डर था कि अगर आरोपी को पुलिस की भनक लग गई तो वह दोबारा फरार हो सकता है। इसलिए सीधे उसके ठिकाने पर दबिश देने के बजाय उसकी रोजमर्रा की गतिविधियों को समझने की रणनीति बनाई गई।

    पुलिस को पता चला कि वीरेंद्र कंपनी की गाड़ी लेकर अक्सर पास की एक पंक्चर की दुकान पर आता है। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी दिव्यप्रकाश त्रिपाठी ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया। सिर पर गमछा बांधा गया। पैरों में चप्पल पहनी गई और पुराने कपड़े पहनकर वह मजदूर की तरह पंक्चर की दुकान पर पहुंच गए। दुकान संचालक को भी उनकी असली पहचान नहीं बताई गई। थाना प्रभारी ने वहां आम मजदूर की तरह काम करना शुरू कर दिया। कभी गाड़ियों में हवा भरी तो कभी पंक्चर बनाया। इस दौरान पुलिस की बाकी टीम आसपास सादी वर्दी में तैनात रही और आरोपी की हर गतिविधि पर नजर रखती रही।

    पुलिस को वीरेंद्र का इंतजार करीब 16 घंटे तक करना पड़ा। आखिरकार 2 सितंबर को वह कंपनी की गाड़ी लेकर उसी पंक्चर की दुकान पर पहुंचा। जैसे ही वीरेंद्र गाड़ी से उतरकर दुकान की ओर बढ़ा पहले से तैयार पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी को तत्काल वाहन में बैठाया गया और पुलिस टीम उसे लेकर सीधी रवाना हो गई। इस पूरी कार्रवाई में सबसे अहम बात यह रही कि जिस थाना प्रभारी को आरोपी पहचानता था वही उसके सामने मजदूर बनकर कई घंटे तक पंक्चर की दुकान पर काम करता रहा और उसे इसकी भनक तक नहीं लगी।

    वीरेंद्र पर अपनी पत्नी और सीधी पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या का आरोप है। दोनों की शादी करीब 22 साल पहले हुई थी और उनके एक बेटा और एक बेटी हैं। 15 सितंबर 2025 की रात शराब के नशे में दोनों के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद मारपीट शुरू हो गई। बच्चों ने डरकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसी दौरान वीरेंद्र ने घर में रखे बेसबॉल के डंडे से सविता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी आधी रात को घर से फरार हो गया।

    पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। उसके ऊपर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। इस दौरान कई राज्यों में दबिश दी गई लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया। करीब एक साल में कोतवाली थाने के चार थाना प्रभारी बदल गए। 11 अगस्त 2026 को दिव्यप्रकाश त्रिपाठी ने थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली और एसपी संतोष कोरी ने उन्हें सविता हत्याकांड की फाइल सौंपकर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। आखिरकार पुलिस की बदली हुई रणनीति काम आई और मजदूर के भेष में पंक्चर की दुकान पर बैठकर बिछाए गए जाल में एक साल से फरार आरोपी फंस गया। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की बात कही है।

  • वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बगदरी फॉल पर दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। करीब 12 साल के दोनों बच्चे बुधवार को पाटन से वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान तेंदूखेड़ा से बाइक पर आए कुछ युवकों ने बच्चों पर चोरी करने का आरोप लगा दिया। इसके बाद युवकों ने दोनों बच्चों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बच्चे लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और युवकों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उनके साथ मारपीट जारी रही।

    बताया जा रहा है कि युवक वाटरफॉल के पास अपने कपड़े और सामान रखकर नहाने गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद दोनों बच्चों पर कपड़ों से रुपए निकालने का आरोप लगाया गया। युवकों ने बच्चों से पूछताछ के नाम पर उनके साथ मारपीट की। बच्चे बार बार कहते रहे कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की है और अपने पिता को फोन लगाने की बात भी कहते रहे। इसके बावजूद युवकों ने उनकी बात नहीं मानी।

    मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि दोनों बच्चों के कपड़े उतरवा दिए गए और उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया गया। इसी दौरान एक युवक मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। वीडियो में बच्चे चोरी से इनकार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे लगातार युवकों से छोड़ने की अपील करते रहे। इस दौरान बच्चों के साथ मौजूद लोगों के सामने भी कथित तौर पर अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया गया।

    बच्चों के मुताबिक उनके पास मोबाइल फोन भी था जिसे युवकों ने छीन लिया। आरोप है कि उनसे रुपए भी लिए गए और शराब के लिए पैसे मांगने की बात कही गई। घटना के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। वीडियो में दो नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट और उन्हें निर्वस्त्र किए जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच पाटन थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस वीडियो के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान करने में जुटी है।

    इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों पर निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी बच्चे पर चोरी का संदेह होने की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। बच्चों के साथ मारपीट करना और कथित तौर पर उन्हें निर्वस्त्र कर वीडियो बनाकर प्रसारित करना गंभीर मामला है। पुलिस अब वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल । भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • 3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    3 महीने से पीछा कर रहा था मनचला, घर में घुसकर की गलत हरकत की कोशिश; 10वीं की छात्रा ने चप्पलों से कर दी पिटाई

    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक 10वीं कक्षा की छात्रा ने हिम्मत दिखाते हुए उसका पीछा करने वाले युवक का डटकर सामना किया। आरोप है कि युवक पिछले करीब तीन महीने से छात्रा का पीछा कर उसे परेशान कर रहा था। रविवार देर शाम जब छात्रा घर पर अकेली थी तब आरोपी उसके घर में घुस गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने डरने के बजाय शोर मचाकर विरोध किया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल उतारकर युवक की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

    जानकारी के मुताबिक 16 वर्षीय छात्रा कोंच कोतवाली क्षेत्र में अपने दादा के साथ रहती है। उसकी मां का कुछ साल पहले निधन हो चुका है जबकि पिता ने दूसरी शादी कर ली है और अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं। छात्रा की सौतेली मां दूसरे जिले में शिक्षिका हैं। छात्रा के मुताबिक उसे पढ़ाई के लिए रोजाना घर से करीब दो किलोमीटर दूर स्कूल जाना पड़ता है। इसी दौरान भगतसिंहनगर निवासी 22 वर्षीय युवक नजर खान कथित तौर पर उसका पीछा करता था। छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उससे बातचीत करने की कोशिश करता था और लगातार परेशान करता था। उसकी हरकतों से वह डरने लगी थी।

    रविवार शाम छात्रा के दादा किसी काम से घर से बाहर गए थे। छात्रा उस समय घर पर अकेली थी। आरोप है कि इसी दौरान युवक घर के अंदर घुस आया और छात्रा के साथ अभद्रता करने की कोशिश की। छात्रा ने उसका विरोध किया और जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए और आरोपी को पकड़ लिया। लोगों ने आरोपी की पिटाई की। इसके बाद छात्रा ने भी चप्पल से उसकी पिटाई कर दी। वीडियो में आरोपी कथित तौर पर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहा है और दोबारा ऐसी हरकत नहीं करने की बात कह रहा है।

    मामले की सूचना छात्रा ने पुलिस को भी दी। डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले से छात्रा को किस तरह परेशान करता था और उसके खिलाफ पहले कोई शिकायत हुई थी या नहीं।

    कोंच कोतवाली प्रभारी निग्वेंद्र प्रताप के मुताबिक युवक को मौके से पकड़ा गया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस स्कूल जाने वाली छात्रा की सहपाठी छात्राओं से भी पूछताछ करेगी ताकि आरोपी की कथित गतिविधियों और पीछा करने की पूरी जानकारी सामने आ सके। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर होटल कांड में नया मोड़, युवक ने बदली पहचान; मोबाइल और कमरे की तलाशी में मिला संदिग्ध सामान, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में स्थित एक होटल में युवती के साथ दो युवकों के मिलने के बाद रविवार रात हंगामा हो गया। स्कीम नंबर 114 पार्ट-1 स्थित होटल सिल्वर पैलेस में कुछ लोगों ने युवती के साथ गलत गतिविधि होने का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और होटल के कमरे से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फिलहाल पकड़े गए युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मिली जानकारी के मुताबिक करणी सेना के कार्यकर्ताओं को होटल में एक हिंदू युवती के साथ दो युवकों के मौजूद होने की सूचना मिली थी। संगठन के पदाधिकारी होटल पहुंचे और कमरे में मौजूद युवकों से पूछताछ की। आरोप है कि दोनों युवक युवती को नशा करा रहे थे। पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने पहले अपनी पहचान छिपाते हुए अपना नाम लक्की बताया। बाद में पूछताछ में उसकी पहचान खजराना निवासी फैजान खान के रूप में हुई। उसके साथ मौजूद अमन खान मौके से निकल गया।

    मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने अमन पर फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को डराने और ब्लैकमेल करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। संगठन का दावा है कि दोनों युवक खजराना और आसपास के क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

    घटना के दौरान फैजान के मोबाइल फोन की जांच किए जाने का भी दावा किया गया। संगठन के मुताबिक मोबाइल में कई युवतियों के साथ आपत्तिजनक फोटो वीडियो और चैट मिले। इसके अलावा गांजा एमडी और चाकू की तस्वीरें भी मोबाइल में होने की बात सामने आई। होटल के कमरे की तलाशी के दौरान शराब की बोतलें कंडोम और कथित तौर पर सेक्स वर्धक गोलियां मिलने का भी दावा किया गया है। पुलिस इन सभी बरामद वस्तुओं और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है।

    मामले में सबसे अहम पहलू युवती की स्थिति और उसके बयान को माना जा रहा है। लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव के मुताबिक पुलिस के पास करणी सेना के कार्यकर्ता फैजान नाम के युवक को लेकर आए थे। पुलिस का कहना है कि युवक काफी नशे की हालत में था। उसके मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो चाकू और गांजे से संबंधित तस्वीरें मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार युवक का नशा उतरने के बाद उससे विस्तार से पूछताछ की जाएगी और युवती से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जाएगी।

    फिलहाल पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। फरार बताए जा रहे अमन खान की तलाश और मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। करणी सेना के पदाधिकारियों ने फरार युवक की गिरफ्तारी और पूरे मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि होटल के कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और युवती के साथ किसी तरह की जबरदस्ती या नशीला पदार्थ देने की बात सही है या नहीं। फिलहाल मामले में लगाए गए सभी गंभीर आरोप जांच के अधीन हैं।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • शादी का झांसा देकर महिलाओं से करोड़ों ऐंठने वाला गिरफ्तार ज्वेलरी दुकान पर हुई थी मुलाकात 1.27 करोड़ की ठगी का खुलासा

    शादी का झांसा देकर महिलाओं से करोड़ों ऐंठने वाला गिरफ्तार ज्वेलरी दुकान पर हुई थी मुलाकात 1.27 करोड़ की ठगी का खुलासा


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में महिलाओं को कथित तौर पर प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और उनसे मोटी रकम ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने जयपुर निवासी एक युवक को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि आरोपी महिलाओं से पहले नजदीकी बढ़ाता था और शादी का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम लेता था। इसके बाद जब महिलाएं शादी के लिए दबाव बनाती थीं तो वह उनसे दूरी बनाने लगता और अपना ठिकाना बदलकर फरार हो जाता था। उज्जैन में सामने आए मामले में आरोपी पर एक महिला से करीब 1 करोड़ 27 लाख रुपये लेने का आरोप है।
    मामले की शिकायत उज्जैन निवासी महिला ने 13 मई 2026 को माधवनगर थाने में दर्ज कराई थी। महिला के मुताबिक उसकी मुलाकात आरोपी मनीष से एक ज्वेलरी की दुकान पर हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे धीरे नजदीकियां हो गईं। महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और भरोसा दिलाया कि दोनों जल्द शादी करेंगे। इसी भरोसे के आधार पर उसने महिला से अलग अलग समय पर बड़ी रकम ली। शिकायत के अनुसार करीब चार महीने तक संपर्क में रहने के दौरान आरोपी ने महिला से लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च करा लिए।

    महिला का आरोप है कि मार्च 2026 में जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित तौर पर उसने महिला को धमकी भी दी और वहां से फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माधवनगर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर आरोपी को राजस्थान के पाली से गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस ने पूछताछ और बरामदगी के लिए उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया।

    उज्जैन पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर नकदी दो महंगे मोबाइल फोन और ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए खरीदा गया सामान बरामद किया गया है। पुलिस को शक है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है। शुरुआती जांच में आरोपी के मध्य प्रदेश के धार और नीमच में भी युवतियों के संपर्क में रहने और उनसे लाखों रुपये लेने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन दावों की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर अपना ठिकाना बदलकर किराए के मकानों में रहता था और महिलाओं से बातचीत के जरिए नजदीकी बढ़ाता था। इसके बाद शादी का वादा कर उनसे पैसे लेने का तरीका अपनाता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन ऑनलाइन खरीदारी बैंकिंग और पैसों के लेन देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही उसके संपर्क में रही महिलाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि उसने कितनी महिलाओं को कथित तौर पर अपना शिकार बनाया।

    उज्जैन पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ के बाद इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर ठगी गई रकम कहां इस्तेमाल की गई और आरोपी के साथ इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के पूरे नेटवर्क और रकम का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा।