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  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में

    जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में


    रायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जमीन विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नसीराबाद थाना क्षेत्र के कुंवरमऊ ग्राम सभा के पूरे दुर्गा सिंह मजरे में हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान वीरेंद्र सिंह पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृतक के परिजनों ने इस घटना के लिए उसके ससुर को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान ससुर ने चाकू से हमला किया, जिसके कारण वीरेंद्र सिंह की मौत हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    घटना की सूचना मिलते ही नसीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ साक्ष्य भी जुटाए हैं। मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने मृतक के सास और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

  • लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां चौक थाना क्षेत्र में स्थित केजीएमयू के बाहर बीच सड़क एक युवक के साथ दबंगों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवक मिलकर एक व्यक्ति को घेरकर बेल्ट और डंडों से लगातार पीट रहे हैं। मारपीट इतनी बेरहमी से की जा रही है कि वहां से गुजरने वाले लोग भी कुछ देर के लिए ठहर जाते हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है और केजीएमयू परिसर के बाहर हुई थी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे क्या कारण था। न ही अब तक यह जानकारी सामने आई है कि पीड़ित युवक की ओर से किसी तरह की शिकायत पुलिस को दी गई है या नहीं। घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और पुलिस जांच का इंतजार किया जा रहा है।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक हिंसा बेहद चिंताजनक है और पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

    स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की खुलेआम गुंडई से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

  • लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार

    लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। झकनावदा पुलिस ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर एक लक्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। हालांकि कार्रवाई के दौरान वाहन चालक पुलिस को देखकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

    यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस कप्तान देवेंद्र पाटीदार के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध लक्जरी कार में अवैध शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद पुलिस टीम ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर एक संदिग्ध कार को रोका। जैसे ही चालक ने पुलिस को देखा, उसने वाहन रोक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।

    इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें 30 पेटी लाल देसी मसाला शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कुल मात्रा लगभग 270 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने वाहन और शराब दोनों को कब्जे में ले लिया।

    इस कार्रवाई को अंजाम देने में पेटलावद एसडीओपी अनुरक्ति सबनानी, रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव और झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्रसिंह सिसोदिया की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम में शामिल आरक्षक राजू मुवेल, सैनिक लक्ष्मण मेड़ा और आरक्षक शंकर भाभर ने भी सक्रियता से कार्रवाई में सहयोग किया।

    पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

  • जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली

    जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली


    मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए गढ़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक पर तीन राउंड फायरिंग करने वाले शातिर बदमाश करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    यह पूरा मामला सोमवार रात करीब 10:30 बजे का है, जब आरोपी करण विश्वकर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक से लाल बिल्डिंग इलाके में पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात अंकित लखेरा नामक युवक से हुई। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    गुस्से में आकर करण विश्वकर्मा ने अपने पास रखी पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन राउंड फायर कर दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे अंकित लखेरा को नहीं लगी। लेकिन फायरिंग से बचने के लिए भागते समय वह दीवार से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि करण विश्वकर्मा को अंकित लखेरा पर शक था कि वह उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचाता है। इसी शक के चलते दोनों के बीच करीब एक महीने पहले भी विवाद हुआ था, जो बाद में रंजिश में बदल गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस विवाद में हर्ष अहिरवार और आर्यन नामक अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    पुलिस के अनुसार, करण विश्वकर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

    गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से लाया गया था।

    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आपसी रंजिश और शक के आधार पर हुई हिंसक घटना मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही आरोपी महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि घटना में उसकी कितनी और क्या भूमिका थी।

  • दिल दहला देने वाले मर्डर केस में बड़ा फैसला, आरोपी भाई-बहन को मौत की सजा

    दिल दहला देने वाले मर्डर केस में बड़ा फैसला, आरोपी भाई-बहन को मौत की सजा


    नई दिल्ली । हैदराबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए एक भाई और बहन को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को अपने ही पिता की हत्या का दोषी पाया गया। इस मामले ने न केवल पूरे इलाके को झकझोर दिया था, बल्कि पारिवारिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अदालत ने मामले में मृतक की बहू को भी दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक 70 वर्षीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से वर्ष 2000 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और पेंशन प्राप्त कर रहे थे। जांच में सामने आया कि उनके बेटे, बेटी और बहू की नजर उनकी पेंशन और संपत्ति पर थी। इसी लालच में तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

    मामले के अनुसार, आरोपियों ने वृद्ध व्यक्ति के भोजन में जहर मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद उन्होंने अपराध को छिपाने की कोशिश की। बताया गया कि शव को ठिकाने लगाने में असफल रहने पर उसके कई टुकड़े किए गए और उन्हें घर के भीतर अलग-अलग बाल्टियों में भरकर रखा गया। इस भयावह घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से लगातार दुर्गंध आने लगी।

    18 अगस्त 2019 को आसपास के लोगों को घर से आ रही बदबू पर संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के भीतर मानव अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और तीनों आरोपियों को 21 अगस्त 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया।

    मल्काजगिरि स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता, हत्या की क्रूरता और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मृतक के बेटे और बेटी को फांसी की सजा सुनाई, जबकि बहू को उम्रकैद की सजा दी गई।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें लालच के लिए अपने ही पिता की निर्मम हत्या की गई थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं तथा ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।

    इस फैसले को न्याय व्यवस्था की सख्ती और अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं यह घटना परिवार और रिश्तों में विश्वास को झकझोर देने वाली घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

  • रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी

    रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। मनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनिकवार नंबर-2 इलाके में शराब के लिए पैसे न देने पर कुछ बदमाशों ने दिनदहाड़े हमला, तोड़फोड़ और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार रात कुछ युवक इलाके में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब लोगों ने पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद अचानक हिंसक हो गया और आरोपियों ने लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से हमला कर दिया।

    इस दौरान बदमाशों ने न सिर्फ लोगों को बेरहमी से पीटा, बल्कि वहां खड़ी जेसीबी मशीन और बोलेरो वाहन को भी निशाना बनाया। दोनों वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर जमकर उत्पात मचाया गया।

    हमले में पवन पटेल, पुनीत पटेल और अंकित पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से जेसीबी संचालक की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जिसका पैर टूट गया है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावर करीब 70 से 80 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी लूटकर फरार हो गए। उनका कहना है कि यह हमला पहले पैसों की मांग से शुरू हुआ और बाद में लूटपाट व मारपीट में बदल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही मनगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि इलाके में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार

    जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक बेहद शातिर और धोखाधड़ी के तरीके से अपराध करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया और अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी “आदित्य”, कभी “दिव्यांशु” तो कभी “पंकज” बनकर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए युवतियों से संपर्क करता था। वह खुद को बिजनेसमैन बताकर शादी का झांसा देता, भरोसा जीतता और फिर निजी मुलाकात के बहाने होटल में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाता था।

    इसके बाद वह युवतियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और पैसों की मांग करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पहचान दस्तावेजों—आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस—में अलग-अलग नाम दर्ज थे, जिससे उसकी असली पहचान को लेकर भ्रम बना हुआ था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार का रहने वाला है, हालांकि वह खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था और फिलहाल उसका असली नाम ओमप्रकाश बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसने मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब 20 मार्च 2026 को महिला थाना जबलपुर में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान शादी डॉट कॉम पर एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को “आदित्य सिंह” और बिजनेसमैन बताया था।

    शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 14 मार्च को जबलपुर आकर एक होटल में मिलने के बहाने उसे बुलाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार अलग-अलग नामों से संपर्क करता रहा और धमकी देकर पैसे मांगता रहा। बाद में जब पीड़िता ने परिवार को जानकारी दी, तो मामला पुलिस तक पहुंचा।

    जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। बाद में पता चला कि वह बेंगलुरु में रह रहा है, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार, यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी 2022 के एक मामले में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जिसमें वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था।

    इस पूरे मामले ने साइबर अपराध और ऑनलाइन रिश्तों के जरिए होने वाली ठगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप

    बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले के दलौदा कस्बे में शनिवार रात एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करने के बाद शुरू हुई कहासुनी चाकूबाजी तक पहुंच गई। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कुमारवाड़ा निवासी 23 वर्षीय विजय नाथ शनिवार रात दलौदा कृषि उपज मंडी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर चाय पीने गया था। इसी दौरान वहां सिराज नामक युवक भी पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, सिराज ने विजय से बीड़ी मांगी, लेकिन विजय ने उसे बीड़ी देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में मामूली कहासुनी के रूप में शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर सिराज ने विजय पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान विजय ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई। घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भीड़ एकत्र हो गई।

    स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक की मदद की और उसे दलौदा थाने पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी चोटों का इलाज किया। परिजनों के मुताबिक, चाकू का वार काफी गहरा था, जिसके कारण घायल युवक के हाथ में सात से आठ टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की वजह बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करना था। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।

    एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती आक्रामकता किस तरह गंभीर अपराधों का रूप ले रही है। सामाजिक स्तर पर भी ऐसे मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि मामूली विवादों का हिंसा में बदलना कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। वहीं घायल युवक के परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।