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  • इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते

    इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते


    मध्य प्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शव के आसपास कई आवारा कुत्ते घूम रहे थे। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे स्पष्ट था कि वह लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहा होगा।

    खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार प्रथम दृष्टया नवजात लगभग छह से सात माह का प्री-मैच्योर शिशु प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मृत्यु किन कारणों से हुई और शव वहां कितने समय से पड़ा था।

    घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर दुख और चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह नवजात को खुले में छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक घटना है।

    पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों, झुग्गी बस्ती के लोगों और आसपास के संस्थानों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह मामला अवैध गर्भपात, लावारिस प्रसव या किसी अन्य परिस्थिति से तो जुड़ा नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी एमवाय अस्पताल परिसर में एक नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। अस्पताल के बाथरूम में मिले उस शव की जांच अब तक पूरी तरह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर नवजातों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, उसके आसपास चिकित्सा सुविधाएं और जांच केंद्र भी मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

    फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाले सुराग इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
  • जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल

    जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के रांझी क्षेत्र स्थित रक्षा नगर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कचरे के ढेर में मानव खोपड़ी देखी। यह जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत रांझी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीएसपी सतीश साहू पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की।

    कचरे के ढेर में मिली खोपड़ी, पास में मिला लाल कपड़ा
    जानकारी के अनुसार, यह घटना फक्कड़ बाबा मंदिर के पास की है, जहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कचरे के ढेर पर पड़ी मानव खोपड़ी पर गई। बच्चों ने तुरंत अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि खोपड़ी के पास एक लाल कपड़ा भी पड़ा हुआ था, जिससे कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यह किसी तांत्रिक गतिविधि से जुड़ा मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

    पुलिस ने खोपड़ी को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
    सीएसपी सतीश साहू ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मानव खोपड़ी को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खोपड़ी वहां कैसे पहुंची। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी पुरानी कब्र से संबंधित हो सकती है और क्या किसी जंगली जानवर या आवारा कुत्ते द्वारा इसे यहां लाया गया होगा।

    इलाके में दहशत, कई संभावनाओं पर जांच जारी
    घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि खोपड़ी मानव अवशेष किस परिस्थिति में वहां पहुंचा। जांच में तांत्रिक गतिविधियों से लेकर प्राकृतिक कारणों तक सभी संभावनाओं को शामिल किया गया है। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए

    टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में पेट्रोल-डीजल सप्लाई सिस्टम से जुड़ी बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। शहपुरा-भिटौनी ऑयल प्लांट से निकलने वाले ईंधन से भरे टैंकरों से चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच और भेड़ाघाट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को उस समय पकड़ा गया जब वे सुनसान इलाके में टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकाल रहे थे पुलिस ने मौके से चोरी किया गया ईंधन, टैंकर और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं।

    पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना से हुई कार्रवाई
    भेड़ाघाट थाना प्रभारी कमलेश चौरिया के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम पडुआ में एक इंडियन ऑयल कंपनी का टैंकर संदिग्ध स्थिति में खड़ा है और उससे ईंधन निकाला जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और मौके से दो लोगों को पकड़ लिया। इनमें एक व्यक्ति टैंकर के ऊपर चढ़कर ढक्कन खोल रहा था, जबकि दूसरा नीचे गैलनों में तेल भर रहा था।

    चालक ही निकला मुख्य आरोपी, साथी के साथ मिलकर करता था चोरी
    पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश यादव (35), निवासी सिरमौर (रीवा) और मुकेश सेन (34), निवासी सुहागी अधारताल के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी राजेश यादव उसी टैंकर का चालक था। उसने स्वीकार किया कि वह शहपुरा-भिटौनी से पेट्रोल और डीजल लेकर रानीताल चौक स्थित पेट्रोल पंप के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में अपने साथी के साथ मिलकर सुनसान जगह पर टैंकर रोककर ईंधन की चोरी करता था।

    औजारों से खोलते थे टैंकर, 50 लीटर पेट्रोल और 85 लीटर डीजल बरामद
    आरोपियों ने टैंकर का ढक्कन खोलने के लिए रिपिट खोलने की मशीन, हथौड़ी, पेचकस और प्लास्टिक की सटक जैसे औजारों का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुप्पी और अन्य साधनों की मदद से गैलनों में ईंधन भरा जाता था। पुलिस को मौके से पांच गैलन बरामद हुए, जिनमें से दो में करीब 50 लीटर पेट्रोल और तीन में लगभग 85 लीटर डीजल पाया गया।

    टैंकर, उपकरण और मोबाइल जब्त, मामला दर्ज
    पुलिस ने मौके से इंडियन ऑयल का टैंकर, ईंधन से भरे गैलन, विभिन्न औजार, मोबाइल फोन और चाबियां जब्त कर ली हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और ईसी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

  • इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद

    इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद


    ग्वालियर । ग्वालियर पुलिस ने शहर में सक्रिय एक हाईटेक चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। इंदरगंज थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 94 लाख 25 हजार रुपए मूल्य का चोरी का माल बरामद किया है। बरामदगी में सोना, चांदी, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदी गई एक कार शामिल है। पुलिस इसे वर्ष 2026 की सबसे बड़ी रिकवरी मान रही है।

    इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह का मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति कंप्यूटर इंजीनियरिंग का छात्र रहा है। पुलिस के अनुसार, जल्दी और अधिक पैसा कमाने की चाह में उसने अपराध का रास्ता चुना और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से सूने मकानों को निशाना बनाते थे और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लेते थे।

    मामले की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी, जब इंदरगंज क्षेत्र निवासी अजय शंकर मित्तल के घर में चोरी की बड़ी वारदात हुई। मकान सूना होने का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़ा और लाखों रुपए के जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का सरगना विवेक प्रजापति अपने साथियों और परिजनों से संपर्क करने के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेजिंग एप का इस्तेमाल नहीं करता था। वह इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट फीचर का उपयोग करता था, ताकि उसकी बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। गिरफ्तारी के बाद भी उसने करीब 48 घंटे तक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके साथी फरहान खान से मिली जानकारी ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस पनिहार टोल प्लाजा के आगे बीहड़ क्षेत्र में पहुंची, जहां चोरी का माल जमीन में गाड़कर और पत्थरों के नीचे छिपाकर रखा गया था। यहां से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बरामद की गई। पुलिस ने चोरी के गहने खरीदने के आरोप में एक सराफा कारोबारी विवेक सोनी को भी गिरफ्तार किया है।

    सीएसपी रोबिन जैन के मुताबिक अब तक गिरोह के कई सदस्य पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति, फरहान खान, आकाश माहौर, मयूर राठौर, एक नाबालिग आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 300 ग्राम सोना, साढ़े 14 किलो चांदी तथा चोरी की रकम से खरीदी गई आई-20 कार जब्त की है।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित अपराधों और नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया हो सकता है।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश

    पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश



    एटा । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ‘लव जिहाद’ के नाम पर झूठी शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली निवासी एक महिला शनिवार को एटा के अवागढ़ थाने पहुंची और खुद को ‘लव जिहाद’ का शिकार बताते हुए दिल्ली के मयूर विहार निवासी आरिफ नाम के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ में कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और उसकी मुलाकात दिल्ली में एक कंपनी में काम करने के दौरान आरिफ से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की थी। मंदिर में विवाह करने के साथ-साथ मौलाना की मौजूदगी में निकाह भी पढ़ा गया था। यानी महिला को शुरुआत से ही युवक के धर्म और पहचान की पूरी जानकारी थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहने के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे थे। बाद में वर्ष 2025 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद मामला और बिगड़ गया। आरिफ ने दिल्ली के मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पूर्व पत्नी अपनी डेढ़ साल की बच्ची, घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और जरूरी सामान लेकर घर से चली गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने आरिफ और उसके परिवार को ‘लव जिहाद’ के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि महिला की पहले एक हिंदू युवक से शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने यह बात आरिफ से छिपाई थी। जब दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा तो मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

    एटा के एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि महिला की ओर से एक प्रार्थना पत्र जरूर मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में मामला एटा क्षेत्राधिकार का नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि घटना दिल्ली से जुड़ी है और आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले एटा छोड़ चुका है। इसके बावजूद पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि गंभीर कानूनों का गलत इस्तेमाल न सिर्फ निर्दोष लोगों के लिए परेशानी खड़ी करता है, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता भी कम कर देता है।

  • बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता

    बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता


    बुलंदशहर । बुलंदशहर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी पत्नी और पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि उसके पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक में उसने लाइसेंसी पिस्टल से दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबिन (26) ने रविवार दोपहर अपने पिता रियाजुद्दीन (55) और पत्नी सना (22) पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पिता की कनपटी पर गोली मारी गई, जबकि पत्नी के सीने और पेट में गोलियां दागी गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी उस समय हुई जब घर से गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर रियाजुद्दीन और सना खून से लथपथ पड़े मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि कलंदरगढ़ी गांव निवासी रियाजुद्दीन अपने परिवार के साथ दो मंजिला मकान में रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और वेल्डिंग का काम करते थे, जबकि उनका बेटा मोबिन इलाके में निजी क्लीनिक चलाता था। पड़ोसियों के अनुसार घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे और रविवार सुबह से भी विवाद की आवाजें आ रही थीं।

    जानकारी के मुताबिक, मोबिन एक साल पहले ही सना से शादी की थी और करीब 10 दिन पहले ही वह पिता बना था। इसके बावजूद परिवार में लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लंबे समय से अपने पिता और पत्नी के रिश्ते पर शक था, जिसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका था।

    वारदात के बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी को घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है।