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  • 24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR

    24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR


    झांसी। सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात जालौन में दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद रविवार शाम उन्हें पूछताछ के लिए झांसी लाया गया।

    कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तीन सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप सामने आने के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    झांसी के तीन युवकों की भी तलाश
    जांच में झांसी के तीन युवकों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास होने की आशंका जताई जा रही है।

    कारोबारी के मुंशी का किया था अपहरण
    पुलिस के मुताबिक, सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल (30) का गुरुवार शाम काले रंग की क्रेटा कार में आए आरोपियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि तीन सिपाहियों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये से भरा बैग लूट लिया और बाद में किशन पांचाल को कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

    CCTV फुटेज से हुई पहचान
    घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई दिए। उनकी पहचान राघवेंद्र राजपूत, नीरज राजपूत और मनोज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद तीनों झांसी-कानपुर हाईवे से उरई की ओर भाग गए थे।

    लोकेशन ट्रैक कर हुई गिरफ्तारी
    मामले के खुलासे के लिए स्वॉट टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात उरई में दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। रविवार शाम उन्हें झांसी लाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    झांसी में हुई थी तीनों की दोस्ती
    जांच में सामने आया है कि मनोज, राघवेंद्र और नीरज पिछले तीन वर्षों से जालौन पुलिस लाइन में तैनात थे। इससे पहले तीनों पीएसी के माध्यम से झांसी पुलिस लाइन में साथ कार्य कर चुके थे, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि मुंशी किशन पांचाल बड़ी नकदी लेकर आने वाला है। वारदात वाले दिन राघवेंद्र और मनोज बिना सूचना झांसी पहुंचे थे, जबकि नीरज छुट्टी लेकर आया था।

    लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास जारी
    पुलिस झांसी के तीन अन्य संदिग्ध युवकों की तलाश के साथ-साथ 24.90 लाख रुपये की लूटी गई रकम बरामद करने का प्रयास भी कर रही है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों गिरफ्तार सिपाहियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

  • हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में

    हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में


    इंदौर इंदौर में बीच सड़क पर मामूली बात को लेकर दबंगई का एक और मामला सामने आया है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में रविवार रात रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाना एक दंपती को भारी पड़ गया। बीच सड़क पर खड़े युवक ने गुस्से में कार पर हमला बोल दिया। उसने पहले कार के बोनट पर चढ़कर हंगामा किया और फिर सामने का शीशा सहित कई कांच तोड़ दिए। पूरी घटना कार में बैठे दंपती ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी बाबू पंजवानी अपनी पत्नी के साथ कार से पलासिया चौराहे के पास से गुजर रहे थे। शराब दुकान के सामने सड़क के बीच एक युवक खड़ा था, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया था। दंपती ने केवल रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाया, लेकिन युवक इस बात पर भड़क गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने पहले कार के बोनट पर हाथ मारकर गुस्सा जाहिर किया और फिर सीधे बोनट पर चढ़ गया। इसके बाद उसने कार के आगे के शीशे और अन्य कांच तोड़ दिए। पूरी घटना के दौरान दंपती कार के अंदर ही मौजूद रहे और अपनी सुरक्षा के लिए बाहर नहीं निकले। उन्होंने मोबाइल से पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली।

    घटना के बाद पीड़ित दंपती रावजी बाजार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाबू पिता मुकेश (19) निवासी भोरासला तथा अंकित पिता दिलीप केलवा (23) निवासी गोविंद नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बाबू नल फिटिंग का काम करता है, जबकि अंकित एक सैलून संचालित करता है।

    पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गुंडागर्दी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

    नई दिल्ली । रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराकर वर्षों तक पुलिस को चुनौती देने वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। भोपाल जीआरपी ने करीब 11 साल से फरार चल रहे सत्यभान सांसी को गिरफ्तार कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोपी पर देश के अलग अलग हिस्सों में दर्ज कई मामलों के साथ कुल 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। उसकी गिरफ्तारी को रेलवे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा था।

    गिरफ्तार आरोपी सत्यभान सांसी हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। यह गिरोह लंबे समय से ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य बड़ी सफाई से यात्रियों के बैग और वॉलीबैग पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाकर नकदी जेवर और कीमती सामान निकाल लेते थे। कई बार यात्रियों को चोरी की जानकारी तब होती थी जब ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंच जाती थी।

    जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा पंजाब और असम सहित कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। अलग अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी लेकिन वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहने के कारण गिरफ्त से बाहर थे।

    भोपाल जीआरपी ने पुराने लंबित वारंटों की तामील के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान सत्यभान की तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने हरियाणा के भिवानी हिसार और आसपास के कई इलाकों में लगातार दबिश दी लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच में साइबर तकनीक का सहारा लिया गया। साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल डेटा और लोकेशन का विश्लेषण किया तथा उसके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी।

    कुछ समय बाद अचानक आरोपी का मोबाइल गुवाहाटी में बंद हो गया जिससे पुलिस को शक हुआ कि वह किसी अन्य मामले में पकड़ा गया होगा। जांच आगे बढ़ाई गई तो यह जानकारी मिली कि सत्यभान असम के जालुकबाड़ी क्षेत्र में एक अन्य अपराध के मामले में गिरफ्तार होकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गुवाहाटी से भोपाल लाया गया।

    भोपाल पहुंचने के बाद उसके खिलाफ दर्ज सभी 15 लंबित वारंटों की तामील की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी आदतन अपराध और साक्ष्य छिपाने जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उस पर 54 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। वर्षों से फरार रहने के कारण वह रेलवे पुलिस की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।

    रेलवे पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से ट्रेनों में सक्रिय चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों ठिकानों और विभिन्न राज्यों में हुई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी सफलता मिलेगी।

  • फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

    फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा


    फिरोजाबाद । फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे के हत्यारे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। युवक ने बच्चे को जमीन पर 8 बार पटक-पटक कर मार डाला था। वह एकतरफा प्यार में बच्चे की मां से शादी की जिद कर रहा था। बच्चे की मां के मना करने के बाद से युवक गुस्से में था।

    कोर्ट ने शुक्रवार को 2.45 बजे अपना फैसला सुनाया। बच्चे की हत्या का सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें युवक बच्चे की हत्या करते हुए देखा गया था। पुलिस ने आरोपी के दोनों पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था। घटना 30 मई की शिकोहाबाद क्षेत्र की है।

    एक महीने 10 दिन में कोर्ट ने फैसला सुनाया
    सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि कोर्ट ने 1 महीने 10 दिन में फैसला दिया है। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बचाव की पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि घटना के वक्त आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन, कोर्ट ने विराज को आरोपी माना है।

    हत्यारे को फांसी की सजा सुनाने में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज की रही। कोर्ट में जब फुटेज दिखाया गया तो आरोपी खुद अपने आप को थप्पड़ मारने लगा था। वह घटना से काफी दुखी प्रतीत हो रहा था। वकील ने कहा कि देश स्तर पर फैसले का संदेश जाएगा। साथ ही लोगों में भी विश्वास पैदा होगा।

    यह है मामला
    अरांव इलाके के बामई गांव की रहने वाली पिंकी बेटी रति और डेढ़ साल के नाती आरव के साथ यादव कॉलोनी में सहेली पुष्पलता पाठक से मिलने आई थीं। पुष्पलता हाल ही में एक सड़क हादसे में घायल हुई थीं। रति की शादी करीब 3 साल पहले बदायूं के सियारण नगर निवासी सुनीत से हुई थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा।

    आरोप है कि सुनीत की बुआ का बेटा बदायूं के शेखूपुर निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक लंबे समय से रति पर शादी का दबाव बना रहा था। परिवार वालों के मुताबिक, रति ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया था। इसके बाद से विराज नाराज था। 30 मई की दोपहर तीन बजे विराज भी पुष्पलता के घर पहुंच गया।

    टॉफी दिलाने के बहाने बच्चे को साथ ले गया
    विराज आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। कुछ दूर जाकर गली में उसने सन्नाटा देखकर बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका। इससे आरव के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी मौत हो गई। इसके बाद विराज आरव को गोद में लेकर आया। उसे घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।

    परिजनों की नजर पड़ी तो वह आरव को अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी चेक किए तो उसमें विराज बच्चे को पटकता हुआ दिखाई दिया।

  • झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी । झांसी में एक युवक ने घर से 100 मीटर दूरी पर रहने वाली 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे के करीब वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी।

    तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार के पीछे बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। खून से सनी बच्ची को देखकर परिजन सकपका गए। उन्होंने बेटी से पूछताछ की। बेटी ने आरोपी के बारे में इनपुट दिया। जिसके बाद से परिजन आरोपी की तलाश कर रहे थे।

    उन्होंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी थी। उससे बात करने पर आरोपी का सुराग मिला। जिसके बाद शुक्रवार सुबह परिजन उसके घर पहुंचे। आरोपी को पकड़कर अपने घर ले आए। बेटी ने आरोपी को पहचान लिया। उसके बाद भीड़ ने आरोपी की चप्पलों से पिटाई की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आज दोपहर 12:30 बजे दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

    यह है पूरा मामला

    7 जुलाई को घर के बाहर से बुलाकर ले गया था
    बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक युवक ने बताया- मैं अपने परिवार के साथ एक कॉलोनी में रहता हूं। मेरे 3 बच्चे हैं। जिसमें 12 साल की बेटी, 10 साल का बेटा और सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। मैं ई-रिक्शा चलाता हूं, जबकि पत्नी घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती है।

    7 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे मैं ई-रिक्शा चलाने गया था और पत्नी भी काम पर गई थी। 7 साल की बेटी उस समय घर के बाहर सहेली के साथ खेल रही थी। बाकी के दो बच्चे घर पर थे। तभी एक युवक आया और बेटी से कहने लगा कि चलो हाथी दिखाएंगे। झांसे में आकर बच्ची उसके साथ चली गई। जब सहेली भी साथ जाने लगी तो उसे डांटकर भगा दिया।

    पिता काम से लौटकर आए तो हुई घटना की जानकारी
    पिता ने आगे बताया- आरोपी बेटी को एक सूनी गली में ले गया और वहां पर खड़ी कार के पीछे रेप किया। फिर लहूलुहान हालत में बेटी को छोड़कर भाग गया। शाम लगभग 4 बजे मैं घर पहुंचा तो बेटी गेट पर खड़ी थी और रो रही थी। उसके कपड़ों पर खून लगा था।

    बेटी ने आरोपी के बारे में दिया था इनपुट
    मैंने पत्नी को फोन करके बुलाया। तब बेटी ने घटना के बारे में जानकारी दी। बेटी ने यह भी बताया कि आरोपी चेहरे पर तौलिया बांधे था और काले कपड़े पहने था। वो नाम और उसके बारे में जानकारी नहीं दे पाई। हम लोग भी डर गए थे। इसलिए उस समय किसी को कुछ नहीं बताया।

    मकान मालिक से बात करने पर आरोपी का मिला सुराग
    9 जुलाई को हिम्मत करके मैंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। तब पता चला कि कुछ देर पहले एक आरोपी ने इसी तरह घोड़ा दिखाने के बहाने बच्ची को ले जाने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर वो भाग गया। तब हम लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    बच्ची ने आरोपी को पहचाना
    पिता ने आगे बताया- आज सुबह करीब 11 बजे पता चला कि कुछ दिन पहले मोनू सिकरवार नाम का युवक किराए पर रहने आया था। वह 7 जुलाई को काले कपड़े पहने था। हम लोग उसे खोजते हुए उसके घर पहुंचे तो वो मिल गया। उसे पकड़कर अपने घर पर लाए। जहां पर मेरी बच्ची ने पहचान लिया कि इन्हीं अंकल ने मेरे कपड़े उतारकर गलत काम किया। इसके बाद भीड़ ने उसकी धुनाई कर दी। फिर पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी मध्य प्रदेश के गुना का रहने वाला है।

    पुलिस बोली- केस दर्ज किया, मेडिकल करा रहे
    सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया- आज परिजनों ने थाने आकर रेप की तहरीर दी है। जिस पर पॉक्‍सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है। आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है।

  • देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार

    देवास पुलिस की बड़ी कामयाबी: 50 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तीन दिन में सुलझाई राम मंदिर दानपेटी चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार


    देवास । देवास पुलिस ने रामचंद्र नगर स्थित राम मंदिर की दानपेटी चोरी के मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए महज तीन दिन के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत की गई तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई पूरी नकदी भी बरामद कर ली। इस कार्रवाई को पुलिस की त्वरित और प्रभावी जांच का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

    मामला तब सामने आया जब मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश जोशी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक और दो जुलाई की दरमियानी रात अज्ञात बदमाश मंदिर परिसर से दानपेटी उठाकर ले गए। दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई करीब दो हजार रुपए की नकदी रखी हुई थी। धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू हुई। इसी दौरान आईटीआई ग्राउंड में दानपेटी टूटी हुई अवस्था में मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी नकदी निकालने के बाद उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तीन युवकों की पहचान की गई।

    मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मोहित उर्फ लक्की रघुवंशी, खुशाल उर्फ खुशी मुकुन्दे और तोषिफ खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों ने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दानपेटी से चोरी की गई पूरी नकदी बरामद कर ली। इसके बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से अपराधियों तक तेजी से पहुंचना संभव हो रहा है। इसी वजह से इस मामले का खुलासा बेहद कम समय में हो सका।

    देवास पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक स्थलों, दुकानों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। पुलिस ने बताया कि इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया सहित जांच टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच

    इंदौर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा: प्रेमी नहीं, मां और भाई पर हत्या का केस, ऑडियो रिकॉर्डिंग से पलटी जांच


    इंदौर । इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में रहने वाली युवती ज्योति अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच ने बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। जिस मामले में शुरुआत में युवती के प्रेमी को मुख्य आरोपी बताया गया था, उसी मामले में अब पुलिस ने मृतका की मां शीतल अग्रवाल और भाई प्रकाश के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने पूरी कहानी बदल दी।

    पुलिस के अनुसार तीन अप्रैल को ज्योति की मौत हुई थी, जबकि उससे एक दिन पहले घर में उसकी मां और भाई के साथ विवाद हुआ था। जांच में सामने आया कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की थी। बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की स्थिति बदली गई और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी डिलीट कर दी गई ताकि सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि पुलिस अभी तक डिलीट फुटेज को रिकवर करने का प्रयास कर रही है।

    मामले की शुरुआत में मृतका की मां और भाई ने पुलिस को बताया था कि ज्योति के प्रेमी मयंक साहू के पास उसका निजी वीडियो था और वह उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मयंक उससे लाखों रुपये ले चुका था। लेकिन पूछताछ के दौरान मयंक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि पैसों का संबंध व्यापारिक लेनदेन से था और बाद में उसने ज्योति को सोना खरीदकर भी दिया था।

    जांच की दिशा उस समय पूरी तरह बदल गई जब मयंक ने पुलिस को दो अप्रैल की रात की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी। रिकॉर्डिंग में ज्योति अपने मित्र से बातचीत के दौरान बता रही थी कि उसकी मां और भाई उसके साथ मारपीट कर रहे हैं तथा पुलिस को सूचना देने की बात कह रही है। हालांकि उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी गई, लेकिन अगले ही दिन ज्योति की मौत की खबर सामने आ गई। इसी रिकॉर्डिंग ने पुलिस को नए सिरे से पूरे मामले की जांच करने के लिए मजबूर कर दिया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। रिपोर्ट में युवती के सिर पर गंभीर चोटों के साथ शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले। जब इन चोटों के बारे में मां और भाई से पूछताछ की गई तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। वहीं सीसीटीवी फुटेज डिलीट होने की वजह भी स्पष्ट नहीं कर पाए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी संकेत मिले हैं कि मारपीट के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया गया।

    जांच में यह भी सामने आया कि ज्योति और मयंक एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। दोनों ने भविष्य के लिए आर्थिक तैयारी भी कर रखी थी। फिलहाल पुलिस ने मां और भाई के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में नवविवाहित युवक का संदिग्ध सुसाइड, पति-पत्नी के विवाद की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। युवक ने करीब दो महीने पहले ही प्रेम विवाह किया था। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद की बात सामने आई है, जबकि मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम पर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हुजुरगंज निवासी राजू पुत्र भागीरथ वर्मा के रूप में हुई है। शनिवार शाम परिजनों को सूचना मिली कि राजू ने अपने घर में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

    परिजनों ने बताया कि राजू ने करीब दो महीने पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों परिवार से अलग रहकर अपना वैवाहिक जीवन बिता रहे थे। राजू एक प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करता था और परिवार के अनुसार सामान्य जीवन जी रहा था। हालांकि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात सामने आई है। परिवार के लोग कई बार दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी कर चुके थे।

    मृतक के भाई कुणाल वर्मा ने इस घटना को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। परिजनों का कहना है कि केवल आत्महत्या मानकर मामले को बंद नहीं किया जाना चाहिए और सभी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

    पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए परिजनों पत्नी और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़ी हर जानकारी जुटाई जा सके।

    मल्हारगंज थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी

    भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी


    भोपाल । भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज कार लूट के चर्चित मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर लूट की वारदात के रूप में दर्ज इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं जिन्होंने पूरे घटनाक्रम पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ी चैट मिली है। इसके साथ ही एक ऐसा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें एफआईआर में दर्ज लूट के समय से करीब दो घंटे बाद आरोपी और फरियादी एक ही ढाबे पर साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।

    हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।

    जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।