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  • टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए

    टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में पेट्रोल-डीजल सप्लाई सिस्टम से जुड़ी बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। शहपुरा-भिटौनी ऑयल प्लांट से निकलने वाले ईंधन से भरे टैंकरों से चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच और भेड़ाघाट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को उस समय पकड़ा गया जब वे सुनसान इलाके में टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकाल रहे थे पुलिस ने मौके से चोरी किया गया ईंधन, टैंकर और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं।

    पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना से हुई कार्रवाई
    भेड़ाघाट थाना प्रभारी कमलेश चौरिया के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम पडुआ में एक इंडियन ऑयल कंपनी का टैंकर संदिग्ध स्थिति में खड़ा है और उससे ईंधन निकाला जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और मौके से दो लोगों को पकड़ लिया। इनमें एक व्यक्ति टैंकर के ऊपर चढ़कर ढक्कन खोल रहा था, जबकि दूसरा नीचे गैलनों में तेल भर रहा था।

    चालक ही निकला मुख्य आरोपी, साथी के साथ मिलकर करता था चोरी
    पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश यादव (35), निवासी सिरमौर (रीवा) और मुकेश सेन (34), निवासी सुहागी अधारताल के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी राजेश यादव उसी टैंकर का चालक था। उसने स्वीकार किया कि वह शहपुरा-भिटौनी से पेट्रोल और डीजल लेकर रानीताल चौक स्थित पेट्रोल पंप के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में अपने साथी के साथ मिलकर सुनसान जगह पर टैंकर रोककर ईंधन की चोरी करता था।

    औजारों से खोलते थे टैंकर, 50 लीटर पेट्रोल और 85 लीटर डीजल बरामद
    आरोपियों ने टैंकर का ढक्कन खोलने के लिए रिपिट खोलने की मशीन, हथौड़ी, पेचकस और प्लास्टिक की सटक जैसे औजारों का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुप्पी और अन्य साधनों की मदद से गैलनों में ईंधन भरा जाता था। पुलिस को मौके से पांच गैलन बरामद हुए, जिनमें से दो में करीब 50 लीटर पेट्रोल और तीन में लगभग 85 लीटर डीजल पाया गया।

    टैंकर, उपकरण और मोबाइल जब्त, मामला दर्ज
    पुलिस ने मौके से इंडियन ऑयल का टैंकर, ईंधन से भरे गैलन, विभिन्न औजार, मोबाइल फोन और चाबियां जब्त कर ली हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और ईसी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

  • इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद

    इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट से चलाता था गैंग, लाखों का माल बरामद


    ग्वालियर । ग्वालियर पुलिस ने शहर में सक्रिय एक हाईटेक चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। इंदरगंज थाना पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए करीब 94 लाख 25 हजार रुपए मूल्य का चोरी का माल बरामद किया है। बरामदगी में सोना, चांदी, नकदी और चोरी के पैसों से खरीदी गई एक कार शामिल है। पुलिस इसे वर्ष 2026 की सबसे बड़ी रिकवरी मान रही है।

    इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरोह का मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति कंप्यूटर इंजीनियरिंग का छात्र रहा है। पुलिस के अनुसार, जल्दी और अधिक पैसा कमाने की चाह में उसने अपराध का रास्ता चुना और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया। गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से सूने मकानों को निशाना बनाते थे और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लेते थे।

    मामले की शुरुआत 5 मई 2026 को हुई थी, जब इंदरगंज क्षेत्र निवासी अजय शंकर मित्तल के घर में चोरी की बड़ी वारदात हुई। मकान सूना होने का फायदा उठाकर चोरों ने ताला तोड़ा और लाखों रुपए के जेवरात तथा अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का सरगना विवेक प्रजापति अपने साथियों और परिजनों से संपर्क करने के लिए सामान्य फोन कॉल या मैसेजिंग एप का इस्तेमाल नहीं करता था। वह इंस्टाग्राम कॉल और सीक्रेट चैट फीचर का उपयोग करता था, ताकि उसकी बातचीत को ट्रैक करना मुश्किल हो सके। गिरफ्तारी के बाद भी उसने करीब 48 घंटे तक पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके साथी फरहान खान से मिली जानकारी ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस पनिहार टोल प्लाजा के आगे बीहड़ क्षेत्र में पहुंची, जहां चोरी का माल जमीन में गाड़कर और पत्थरों के नीचे छिपाकर रखा गया था। यहां से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बरामद की गई। पुलिस ने चोरी के गहने खरीदने के आरोप में एक सराफा कारोबारी विवेक सोनी को भी गिरफ्तार किया है।

    सीएसपी रोबिन जैन के मुताबिक अब तक गिरोह के कई सदस्य पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति, फरहान खान, आकाश माहौर, मयूर राठौर, एक नाबालिग आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाला सुनार शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 300 ग्राम सोना, साढ़े 14 किलो चांदी तथा चोरी की रकम से खरीदी गई आई-20 कार जब्त की है।

    पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित अपराधों और नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया हो सकता है।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश

    पति से बदला लेने के लिए ‘लव जिहाद’ का आरोप! एटा पुलिस जांच में खुली महिला की साजिश



    एटा । उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ‘लव जिहाद’ के नाम पर झूठी शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस भी हैरान रह गई। दिल्ली निवासी एक महिला शनिवार को एटा के अवागढ़ थाने पहुंची और खुद को ‘लव जिहाद’ का शिकार बताते हुए दिल्ली के मयूर विहार निवासी आरिफ नाम के युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग करने लगी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन पूछताछ में कहानी पूरी तरह बदलती नजर आई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और उसकी मुलाकात दिल्ली में एक कंपनी में काम करने के दौरान आरिफ से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की थी। मंदिर में विवाह करने के साथ-साथ मौलाना की मौजूदगी में निकाह भी पढ़ा गया था। यानी महिला को शुरुआत से ही युवक के धर्म और पहचान की पूरी जानकारी थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध रहने के बाद पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे थे। बाद में वर्ष 2025 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद मामला और बिगड़ गया। आरिफ ने दिल्ली के मयूर विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पूर्व पत्नी अपनी डेढ़ साल की बच्ची, घर में रखी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और जरूरी सामान लेकर घर से चली गई है।

    सूत्रों के मुताबिक, विवाद के दौरान महिला ने आरिफ और उसके परिवार को ‘लव जिहाद’ के केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि महिला की पहले एक हिंदू युवक से शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने यह बात आरिफ से छिपाई थी। जब दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा तो मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।

    एटा के एसएसपी डॉ. इलामारन जी ने बताया कि महिला की ओर से एक प्रार्थना पत्र जरूर मिला है, लेकिन शुरुआती जांच में मामला एटा क्षेत्राधिकार का नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि घटना दिल्ली से जुड़ी है और आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले एटा छोड़ चुका है। इसके बावजूद पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि गंभीर कानूनों का गलत इस्तेमाल न सिर्फ निर्दोष लोगों के लिए परेशानी खड़ी करता है, बल्कि असली पीड़ितों के मामलों की गंभीरता भी कम कर देता है।

  • बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता

    बुलंदशहर में सनसनी: अफेयर के शक में बेटे ने पिता और पत्नी को गोलियों से भूना, 10 दिन पहले बना था पिता


    बुलंदशहर । बुलंदशहर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर ने अपनी पत्नी और पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी को शक था कि उसके पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं। इसी शक में उसने लाइसेंसी पिस्टल से दोनों को मौत के घाट उतार दिया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी मोबिन (26) ने रविवार दोपहर अपने पिता रियाजुद्दीन (55) और पत्नी सना (22) पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पिता की कनपटी पर गोली मारी गई, जबकि पत्नी के सीने और पेट में गोलियां दागी गईं। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी उस समय हुई जब घर से गोलियों की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर रियाजुद्दीन और सना खून से लथपथ पड़े मिले। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि कलंदरगढ़ी गांव निवासी रियाजुद्दीन अपने परिवार के साथ दो मंजिला मकान में रहते थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और वेल्डिंग का काम करते थे, जबकि उनका बेटा मोबिन इलाके में निजी क्लीनिक चलाता था। पड़ोसियों के अनुसार घर में अक्सर झगड़े होते रहते थे और रविवार सुबह से भी विवाद की आवाजें आ रही थीं।

    जानकारी के मुताबिक, मोबिन एक साल पहले ही सना से शादी की थी और करीब 10 दिन पहले ही वह पिता बना था। इसके बावजूद परिवार में लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को लंबे समय से अपने पिता और पत्नी के रिश्ते पर शक था, जिसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका था।

    वारदात के बाद पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और आरोपी को घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है।

  • कौशांबी में लूटकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली

    कौशांबी में लूटकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल, जवाबी फायरिंग में एक के पैर में लगी गोली



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    कौशांबी जिले के कड़ाधाम थाना क्षेत्र में पुलिस ने पिछले महीने हुई मां-बेटे से लूट की घटना का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार किए गए, जिनमें से एक बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है।

    पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 की रात फतेहपुर जिले के सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार अपनी मां के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान कड़ाधाम थाना क्षेत्र के नौढ़िया गांव के पास नहर पुलिया के नजदीक बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तमंचे के बल पर मां-बेटे से लूटपाट की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

    घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार देर रात थाना प्रभारी विनीत सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी दो संदिग्ध युवक बाइक से आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने भागने के साथ ही पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

    पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान श्यामजीत पुत्र इंद्रमन निवासी हैबतपुर थाना सुल्तानपुर घोष और अमित पुत्र रमेश निवासी सौरई बुजुर्ग थाना कड़ाधाम के रूप में हुई है।

    पूछताछ में दोनों ने 27 अप्रैल की लूट की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उनकी निशानदेही पर लूटे गए आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    क्षेत्राधिकारी सिराथू सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    गोविंदपुरी हत्याकांड का आरोपी सौरभ एनकाउंटर में घायल, पुलिस की जवाबी फायरिंग में हुआ गिरफ्तार

    नई दिल्ली । राजधानी Delhi के दक्षिण-पूर्वी इलाके गोविंदपुरी में हुए मां-बेटे के सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपी सौरभ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना शनिवार को उस समय सामने आई जब पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी घाटी पार्क क्षेत्र में छिपा हुआ है और उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन स्थिति अचानक हिंसक हो गई।

    पुलिस के अनुसार जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। उसने पुलिस टीम पर लगातार कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी नियंत्रित फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में जा लगी और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे काबू में लेकर हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया।

    यह मामला 20 मई को सामने आया था, जब गोविंदपुरी इलाके में मां और बेटे की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया था। वारदात के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को उसके लोकेशन का सुराग मिला, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।

    सूत्रों के अनुसार घटना के समय आरोपी घाटी पार्क में बैठा हुआ था और संदिग्ध अवस्था में था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति का है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुठभेड़ के दौरान बरामद हथियार और कारतूस भी जांच का हिस्सा बनाए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि हथियार कहां से आया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

    घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सके। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस जघन्य अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गंभीर मामलों में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक

    मानव हत्याकांड में नया मोड़: पत्नी नहीं, लिव-इन पार्टनर के साथ रह रहा था युवक




    नई दिल्ली। होशियारपुर के रहने वाले मानव की हत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। इस सनसनीखेज केस की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच चुकी है और पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। शुरुआती जांच में ट्रांसपोर्टर और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े पहलू सामने आने के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानव का दिल्ली में एक महिला के साथ कथित तौर पर संबंध था। बताया जा रहा है कि महिला के ट्रांसपोर्टर पति को इस संबंध की जानकारी मिल गई थी। सूत्रों का दावा है कि 15 मई को मानव उसी महिला से मिलने वाला था, लेकिन इससे पहले ही उसे होटल के बाहर से उठा लिया गया। आशंका जताई जा रही है कि बाद में उसकी हत्या कर शव को करनाल में झाड़ियों में फेंक दिया गया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस एंगल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    इस बीच मानव की मां मंजू ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि मानव ने अभी तक शादी नहीं की थी और वह रेशमी के साथ पिछले कई वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों मलेशिया में रहते थे और जल्द ही कोर्ट मैरिज करने वाले थे। मंजू ने एजेंट ‘हैप्पी’ पर भी शक जताया है। उनका कहना है कि हैप्पी लगातार मानव को बाहर नहीं निकलने की चेतावनी दे रहा था।

    मंजू के अनुसार, 15 मई की शाम दो युवक होटल पहुंचे थे, जिनमें एक सरदार था। दोनों ने खुद को एजेंट के भेजे हुए लोग बताया और दस्तावेजों पर साइन कराने की बात कहकर मानव को अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा था कि 10-15 मिनट में वापस छोड़ देंगे, लेकिन इसके बाद मानव लौटकर नहीं आया।

    परिजनों के मुताबिक, रात करीब 1:40 बजे तक मानव का मोबाइल चालू था और उसकी मां से बातचीत भी हुई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया। अगले दिन 16 मई की सुबह करनाल में झाड़ियों से एक युवक का शव बरामद हुआ। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। बाद में हाथ पर बने टैटू और कड़े के आधार पर 18 मई को शव की पहचान मानव के रूप में हुई।

    परिवार का आरोप है कि शव के पास से मानव का आईफोन, ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज गायब थे। जेब में केवल 3 हजार रुपए मिले, जिससे लूट की आशंका भी जताई जा रही है।

    मानव की पार्टनर रेशमी ने बताया कि 15 मई की सुबह मानव उन्हें और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़कर होटल लौट गया था। रात करीब 11:50 बजे तक दोनों की बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सूचना मिलने पर वह बच्चों के साथ भारत लौट आई।

    बताया जा रहा है कि मानव पिछले करीब 10 वर्षों से मलेशिया में रह रहा था और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात रेशमी से हुई थी, जिसके बाद दोनों साथ रहने लगे। उनके जुड़वां बेटे भी हैं।

    मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस का कहना है कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। राजीव कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्टर की भूमिका और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर सहित सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

    फिलहाल यह मामला रहस्य, रिश्तों और साजिशों के कई सवाल खड़े कर रहा है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

  • इंदौर में शादी विवाद से हड़कंप: जांच में जुटी पुलिस, कई लोग नामजद

    इंदौर में शादी विवाद से हड़कंप: जांच में जुटी पुलिस, कई लोग नामजद

    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से रिश्तों को तार-तार करने और सामाजिक खोखलेपन को उजागर करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के रंगवासा क्षेत्र में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची का विवाह जबरन 42 साल के अधेड़ व्यक्ति से करा दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के पीछे पारिवारिक रिश्तों की एक घिनौनी शर्त और सौदेबाजी थी। दरअसल, बच्ची के भाई की शादी जिस लड़की से होनी थी, उसने शर्त रखी थी कि वह इस घर में बहू बनकर तभी आएगी जब उसकी नाबालिग ननद की शादी उसके 42 वर्षीय सगे चाचा से कराई जाएगी। पोते के सिर पर सेहरा सजाने की चाहत में बुजुर्ग दादा-दादी ने इस घिनौनी शर्त को स्वीकार कर लिया और अपनी ही मासूम पोती की जिंदगी को नरक में झोंक दिया। जब बच्ची ने इस बेमेल विवाह का विरोध किया, तो अपनों ने ही उस पर अत्याचार किए और उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।

    महिला व बाल विकास विभाग को इस बाल विवाह की भनक 25 अप्रैल को ही लग गई थी, जिसके बाद टीम ने दोनों पक्षों को समझाकर शादी रुकवा दी थी और परिजनों ने लिखित आश्वासन भी दिया था। लेकिन लालची और रूढ़िवादी परिवार ने हार नहीं मानी। प्रशासन की नजरों से छिपकर 26 अप्रैल की रात को आरोपी पक्ष नाबालिग लड़की और उसके 19 साल के भाई को इंदौर से उज्जैन ले गए। वहां चिंतामन गणेश मंदिर के बाहर दोनों को जबरन दूल्हा-दुल्हन के कपड़े पहनाए गए और रात के अंधेरे में मांग भरकर रस्में पूरी कर दी गईं। शादी के बाद दोनों दूल्हे बिना दुल्हन के अपने गांव लौट गए और बच्चों को वापस रंगवासा छोड़ दिया गया।

    इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब ससुराल जाने से इनकार करने पर निर्दयी दादी ने मासूम बच्ची की बेरहमी से पिटाई कर दी। लोक-लाज और डर के साए में जी रही बच्ची की मां ने हिम्मत जुटाई और महिला व बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति को मामले की लिखित शिकायत सौंप दी। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी महेंद्र पाठक ने तत्परता दिखाते हुए सारे सबूत जुटाए और राऊ थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार को दूल्हे, उसके परिजनों और बच्ची के दादा-दादी सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि बच्चों के पिता की मौत के बाद वे अपने दादा-दादी के पास ही रह रहे थे, जिन्होंने इस गैर-कानूनी शादी को अंजाम देने के लिए बच्चों की फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) तक तैयार करवा ली थी। फिलहाल शिक्षा विभाग इस कूट रचित दस्तावेजों की जांच कर रहा है, जिसके बाद आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का अतिरिक्त मुकदमा दर्ज होना तय है। प्रशासन ने साफ किया है कि मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव

    झांसी में दर्दनाक हादसा: खाना खाने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पत्नी ने देखा शव



    झांसी । झांसी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 40 वर्षीय युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के दतिया गेट बाहर नकटा चौपड़ा मोहल्ले की है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    जानकारी के अनुसार मृतक खेमचंद कुशवाहा पुत्र देवीप्रसाद कुशवाहा थे, जो ऑटो किराए पर चलवाने का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात उन्होंने सामान्य रूप से परिवार के साथ खाना खाया और इसके बाद अपने ऊपर वाले कमरे में सोने चले गए। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही घंटे बाद यह दुखद घटना सामने आ गई।

    रात करीब 11 बजे जब उनकी पत्नी प्रीति कमरे में पहुंची तो उन्होंने देखा कि खेमचंद फंदे से लटके हुए हैं। यह दृश्य देखकर वह चीख पड़ीं, जिसके बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। तुरंत परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    परिजनों के अनुसार मृतक खेमचंद का 6 साल का एक बेटा देवांश है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पत्नी प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुई इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है और गांव-मोहल्ले में भी शोक का माहौल है।