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  • बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी

    बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी


    बड़वानी । मध्य प्रदेश के बड़वानी में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। एक अज्ञात ईमेल के जरिए मिली इस धमकी ने पुलिस और प्रशासन को तुरंत अलर्ट कर दिया। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

    धमकी की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना देर किए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया और वकीलों के चैंबर के साथ साथ आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। गौरतलब है कि यह कोर्ट परिसर स्थानीय थाने से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरगोन से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक, एडीएम और एडिशनल एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है।

    बम स्क्वॉड और स्वाट टीमों द्वारा कोर्ट परिसर के अंदर चप्पे चप्पे की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरी सावधानी के साथ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

    गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी अदालतों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सतना और मैहर में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या फिर यह महज किसी शरारती तत्व की हरकत है।

    फिलहाल पुलिस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। तब तक पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

  • जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

    जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी


    जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

    गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।

  • मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद

    मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला-फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद


    बैतूल मध्यप्रदेश । बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में बहला फुसलाकर ले जाई गई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालिका के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया।

    इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

  • सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक

    सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक गंभीर घटना ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। नागौद थाना क्षेत्र के डुडहा के जंगल में मंगलवार को एक युवक का शव रक्तरंजित अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय पहले घर से गहने लेकर भागा था। वहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक की हत्या किसी व्यक्तिगत विवाद, लूटपाट या किसी और कारण से हुई है।

    अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान करने और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भी छानबीन की जा रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तत्काल सूचना दें।

    पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टीम तैनात की है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की क्रूर घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द ही कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

  • लापरवाही से गई जान: बैतूल में पानी की टंकी से गिरकर मजदूर की मौत, बिना सुरक्षा काम करवा रहा था ठेकेदार

    लापरवाही से गई जान: बैतूल में पानी की टंकी से गिरकर मजदूर की मौत, बिना सुरक्षा काम करवा रहा था ठेकेदार


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सरकारी योजना के तहत बन रही पानी की टंकी एक मजदूर की मौत का कारण बन गई। यह हादसा न सिर्फ एक व्यक्ति की जान जाने का मामला है, बल्कि सिस्टम और ठेकेदारी व्यवस्था की भारी लापरवाही को भी उजागर करता है।

    बैतूल जिले की बडोरा ग्राम पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी से गिरकर एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश सिरसाम, निवासी हमलापुर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मुकेश करीब 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर पुताई का काम कर रहा था। हैरानी की बात यह है कि वह बिना सेफ्टी बेल्ट, बिना हेलमेट और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कर रहा था।

    काम के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल बैतूल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    नियम साफ कहते हैं कि ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के मजदूर से काम करवाया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या जल जीवन मिशन के नाम पर मजदूरों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है? क्या ठेकेदार खुद को कानून से ऊपर समझ रहे हैं?

    बताया जा रहा है कि यह पानी की टंकी पीएचई लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत ठेकेदार के माध्यम से बनाई जा रही थी। हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद न तो ठेकेदार सामने आया है और न ही पीएचई विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। मृतक मजदूर के परिजनों को अब तक किसी तरह की आर्थिक सहायता या राहत की घोषणा भी नहीं की गई है।

    मुकेश सिरसाम की मौत सिर्फ एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह उस लापरवाह सिस्टम का नतीजा है, जिसमें गरीब मजदूरों की जान की कीमत कुछ भी नहीं मानी जाती। सवाल यह भी है कि क्या इस मामले में जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई होगी, क्या पीएचई विभाग अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करेगा या फिर यह मामला भी अन्य हादसों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है और वे दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है।

  • ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था।

    आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं।

    किराया नहीं मिला तो खुला राज

    शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी।

    भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की।

    24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त

    शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं।

    गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव
    एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

  • सांसद मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी: पूर्व कर्मचारी ने डुप्लीकेट चाबियों से लगाया सेंध,

    सांसद मनोज तिवारी के घर लाखों की चोरी: पूर्व कर्मचारी ने डुप्लीकेट चाबियों से लगाया सेंध,


    नई दिल्ली । भोजपुरी सुपरस्टार और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद मनोज तिवारी के मुंबई स्थित आवास पर लाखों रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। अंधेरी पश्चिम के पॉश इलाके शास्त्रीनगर स्थित ‘सुंदरबन अपार्टमेंट’ में हुई इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि सांसद के ही एक पूर्व भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया। हालांकि, तकनीक और पुलिस की मुस्तैदी के चलते आरोपी अब सलाखों के पीछे है। साढ़े पांच लाख की चपत और शातिर साजिश अंबोली पुलिस के अनुसार, इस चोरी के पीछे सुरेंद्रकुमार दीनानाथ शर्मा नाम का शख्स शामिल है, जिसे करीब दो साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।
    आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से घर, बेडरूम और अलमारी की ‘बनावटी चाबियां’ तैयार कर ली थीं। इसकी मदद से वह घर में दाखिल होता और किसी को भनक लगे बिना नकदी पर हाथ साफ कर देता था। सांसद के मैनेजर प्रमोद पांडेय की शिकायत के अनुसार, घर से कुल 5.40 लाख रुपये की चोरी हुई है। दो किस्तों में हुई चोरी, जून से दिसंबर तक का खेल चोरी का यह सिलसिला काफी समय से चल रहा था। जून 2025 में अलमारी से पहली बार 4.40 लाख रुपये गायब हुए थे। उस वक्त घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, जिसके कारण चोर का पता नहीं चल सका। घर में बार-बार हो रही नकदी की कमी को देखते हुए मैनेजर ने दिसंबर 2025 में घर के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाए।

    मोबाइल अलर्ट ने पकड़वाया चोर चोर की किस्मत ने 15 जनवरी 2026 की रात को धोखा दे दिया। रात करीब 9 बजे जब आरोपी सुरेंद्रकुमार घर में घुसकर अलमारी से एक लाख रुपये निकाल रहा था, तभी मैनेजर प्रमोद पांडेय के मोबाइल पर सीसीटीवी का ‘मोशन अलर्ट’ मैसेज आया। सीसीटीवी फुटेज में पूर्व कर्मचारी को चोरी करते हुए साफ देखा गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी फुटेज मिलते ही अंबोली पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने चोरी में इस्तेमाल की गई बनावटी चाबियां और सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या इस वारदात में कोई और भी उसके साथ शामिल था।

  • शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल

    शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां रेलवे इंजीनियरिंग डिपो में अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कर्मचारी पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल कर्मचारी प्रह्लाद शर्मा 57 वर्ष एक पूर्व सैनिक हैं जो वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में TM-3 के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना ने रेलवे परिसर और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    घटना की जानकारी के अनुसार प्रह्लाद शर्मा की तैनाती PWI स्टोर डिपो में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे की नाइट शिफ्ट में थी। रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक डिपो परिसर के भीतर घुस आए। दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे। ड्यूटी पर सतर्क प्रह्लाद शर्मा ने जब उनसे आने का कारण और नाम-पता पूछा तो बदमाशों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने पूर्व सैनिक पर हमला बोल दिया। उन्होंने प्रह्लाद शर्मा को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने चाकू निकाला और प्रह्लाद के दाहिने घुटने पर एक के बाद एक तीन वार किए। जब बदमाश ने चौथा वार करने की कोशिश की तो उसे रोकने के प्रयास में प्रह्लाद शर्मा का बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    लहूलुहान हालत में घायल कर्मचारी काफी देर तक दर्द से चीखते रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी जिसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल RPF को सूचित किया। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने तत्काल प्रह्लाद शर्मा को शहडोल के देवांता हॉस्पिटल ले जाकर ICU वार्ड में भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 , 121,1 ,110 और 3, 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिपो परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने हमलावरों की पहचान की जा सके। रेलवे जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी और पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।

  • हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा

    हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में न्यायपालिका ने कड़ा संदेश दिया है। जिले की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी करने वाले दो युवकों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले ने न केवल पीड़िता को न्याय दिलाया है बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध करने वालों के मन में कानून का खौफ भी पैदा किया है।

    यह हृदयविदारक घटना वर्ष 2023 में आठनेर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार दोनों दोषियों ने एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया था। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने जब परिजनों को आपबीती सुनाई तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्रित कर न्यायालय में पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की सुनवाई स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में चली जहाँ अभियोजन ने प्रभावी पैरवी करते हुए दोषियों के कृत्य को जघन्य श्रेणी का बताया।

    विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपियों ने न केवल कानून का उल्लंघन किया बल्कि एक मासूम के भविष्य और उसकी गरिमा को भी गंभीर चोट पहुँचाई। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। सजा सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध समाज के लिए कलंक हैं और अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। दोषियों को ‘अंतिम सांस तक’ जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया गया है। साथ ही अदालत ने दोनों पर 21-21 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बैतूल पुलिस और अभियोजन की इस सफलता को महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे त्वरित और सख्त फैसलों से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और पीड़ित परिवारों का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

  • तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी

    तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी


    ग्वालियर में तेलंगाना पुलिस की सूचना पर एक समय पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कटिंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेहरा टोल प्लाजा पर घेराबंदी के दौरान दबोचे गए, जब वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। तीनों आरोपियों को जल्द ही तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि एटीएम कटिंग में शामिल यह गिरोह उत्तर भारत की ओर भाग रहा है। बुधवार देर रात मेहरा टोल बैरियर पर नाकाबंदी की गई और कुछ ही देर बाद संदिग्ध बोलेरो कार को रोका गया। कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

    आरोपी और गिरोह की जानकारी
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई: 26 वर्षीय वाजिव, पुत्र अब्दुल गफूर, बड़ागांव, हरियाणा 40 वर्षीय अब्दुल्ला, पुत्र मजीद खान, वादिली गांव, हरियाणा  23 वर्षीय आमिर, पुत्र रशीद अंसारी, अलवल, हैदराबाद, तेलंगानातीनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

    बरामदगी और पूछताछ

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एटीएम कटिंग में इस्तेमाल होने वाले कटर, ब्लेड, पेजकश, टॉमी, चाबियां और अन्य औजार बरामद किए गए। इसके अलावा, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार भी जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेलंगाना में कई एटीएम कटिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर सर्दियों के मौसम का फायदा उठाता था। रात में आवाज कम सुनाई देने और लोगों की आवाजाही कम होने के कारण आरोपी एटीएम कटिंग की योजना बनाते थे। वारदात के बाद वे तुरंत राज्य बदल लेते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी।

    कार्रवाई और आगे की योजना

    ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना तुरंत तेलंगाना पुलिस को दी। तेलंगाना पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है और गुरुवार रात तक पहुंचने की संभावना है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना ले जाया जाएगा।पुलिस का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई से ग्वालियर और आसपास के इलाकों में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी पिछली गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन और सुरक्षा संदेश

    इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि अंतरराज्यीय समन्वय और समय पर सूचना साझा करना अपराध नियंत्रण में कितना अहम है। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते अपराध को रोका जा सके।