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  • 2 महीने की साजिश, नकली लाश का डर: IAS एकेडमी डायरेक्टर किडनैप केस का चौंकाने वाला खुलासा

    2 महीने की साजिश, नकली लाश का डर: IAS एकेडमी डायरेक्टर किडनैप केस का चौंकाने वाला खुलासा


    नई दिल्ली। भोपाल में IAS कोचिंग डायरेक्टर के अपहरण और फिरौती मामले ने सनसनी फैला दी है। दिल्ली की प्रतिष्ठित कोचिंग से जुड़ी डायरेक्टर को 29 अप्रैल को 9 बदमाशों ने किडनैप कर लिया और करीब 4 घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान पिस्टल के दम पर उनसे करीब 1 करोड़ 87 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

    इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा निकला, जो खुद यूपीएससी की तैयारी कर चुका था। तीन बार असफल रहने के बाद उसने भोपाल में कोचिंग शुरू की, लेकिन कोविड के दौरान उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने खौफनाक प्लान तैयार किया।

     2 महीने तक रची गई साजिश

    प्रियंक ने करीब दो महीने तक अपहरण की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की। उसने अपने भरोसेमंद साथियों को अलग-अलग भूमिकाएं दीं और बाकायदा रिहर्सल करवाई। यहां तक कि एक आरोपी दीपक को “मरा हुआ दिखने” की एक्टिंग भी सिखाई गई, ताकि पीड़ित को मानसिक रूप से डराया जा सके।

    नकली लाश से बनाया खौफ

    जब डायरेक्टर को फ्लैट में बंधक बनाया गया, तब एक आरोपी पहले से “मृत” होने का नाटक कर रहा था। उसे बॉक्स में डालते हुए बाकी आरोपी आपस में बात करते रहे कि जिसने उनकी बात नहीं मानी, उसका यही हाल हुआ। इस ड्रामे का मकसद साफ था बिना ज्यादा हिंसा के पीड़ित को इतना डरा देना कि वह तुरंत पैसे ट्रांसफर कर दे।

    डर के माहौल में डायरेक्टर ने तीन किस्तों में बड़ी रकम आरोपियों के खातों में भेज दी।

    भोपाल बुलाकर दिया वारदात को अंजाम

    मास्टरमाइंड ने पहले ही प्लान के तहत डायरेक्टर को भोपाल बुलाया। उनके ठहरने की व्यवस्था एक होटल में की गई और फिर बहाने से उन्हें बागसेवनिया स्थित फ्लैट पर ले जाया गया। फ्लैट को घटना से दो दिन पहले ही किराए पर लिया गया था, जिससे किसी को शक न हो।

     ICU से गिरफ्तारी

    वारदात के बाद प्रियंक विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की सख्ती से बच नहीं सका। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अस्पताल के ICU में भर्ती हो गया। लेकिन पुलिस ने वहां से भी उसे गिरफ्तार कर लिया।

    अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 अभी फरार हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और पैसे की रिकवरी की कोशिश कर रही है।

    यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित मानसिक दबाव और धोखे का उदाहरण है। आर्थिक नुकसान और असफलता से उपजी हताशा किस तरह अपराध में बदल सकती है, यह इस केस से साफ झलकता है।

  • बेंगलुरु में खूनी इश्क का अंत: आंखों पर पट्टी, कुर्सी से बांधा और फिर… प्रेमिका ने BF को जिंदा जला डाला!

    बेंगलुरु में खूनी इश्क का अंत: आंखों पर पट्टी, कुर्सी से बांधा और फिर… प्रेमिका ने BF को जिंदा जला डाला!


    नई दिल्ली। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवती ने अपने ही प्रेमी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में यह बात निकलकर आई है कि आरोपी युवती अपने बॉयफ्रेंड द्वारा शादी से बचने और उसे नजरअंदाज किए जाने से काफी समय से परेशान थी। इसी नाराजगी और उपेक्षा की भावना के चलते उसने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रिश्तों में बढ़ती इस चरम हिंसा को देखकर स्तब्ध हैं।

    मृतक और आरोपी युवती दोनों की उम्र लगभग सत्ताईस साल बताई जा रही है और वे एक ही टेलीकॉम स्टोर में साथ काम करते थे। दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनके रिश्तों में कड़वाहट आने लगी थी। युवती को संदेह था कि उसका साथी अब इस रिश्ते को लेकर गंभीर नहीं है और विवाह के वादे से पीछे हट रहा है। इसी मानसिक तनाव के बीच उसने युवक को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और एक ऐसी योजना तैयार की जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।

    वारदात वाले दिन युवती ने प्रेमी को अपने घर बुलाया जब वहां कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। शुरुआती बातचीत के बाद युवती ने उसे एक विशेष सरप्राइज देने की बात कही। उसने युवक को विश्वास में लिया कि वह उसे विदेशी शैली में प्रपोज करना चाहती है। इसी बहाने उसने युवक की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसे एक कुर्सी से मजबूती से बांध दिया। जब युवक ने इस पर आपत्ति जताई, तो युवती ने इसे महज एक रोमांचक सरप्राइज का हिस्सा बताकर उसे शांत कर दिया। इसके बाद आरोपी ने पहले से तैयार रखा ज्वलनशील पदार्थ युवक पर छिड़क दिया और उसे आग के हवाले कर दिया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला और भी भयावह तब हो गया जब यह पता चला कि आरोपी महिला ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। आग लगने के बाद युवक मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन युवती उसे तड़पता हुआ देखती रही। गंभीर रूप से जलने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह प्रेमी के व्यवहार से टूट चुकी थी। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • किसानों के पैसे पर हाथ साफ, 41 लाख के घोटाले में 4 गिरफ्तार, 35 लाख जमीन में छिपाए मिले

    किसानों के पैसे पर हाथ साफ, 41 लाख के घोटाले में 4 गिरफ्तार, 35 लाख जमीन में छिपाए मिले


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सहकारी समिति से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां करीब 41 लाख रुपए के गबन के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रायपुर से जुड़ा है, जहां किसानों से वसूली गई रकम में भारी गड़बड़ी सामने आई।

    जानकारी के अनुसार 26 और 27 मार्च को किसानों से लगभग 41 लाख 94 हजार रुपए की ऋण वसूली की गई थी। लेकिन इस राशि को बैंक या समिति के खाते में जमा करने के बजाय उसमें हेरफेर कर दिया गया। 2 अप्रैल को जब मामले की शिकायत समिति के प्रशासक रामचरण सिलावट ने दर्ज कराई तो पूरे मामले की जांच शुरू हुई।

    पुलिस ने शिकायत के बाद विशेष टीम का गठन किया और जांच को आगे बढ़ाते हुए बड़े पैमाने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। करीब 100 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    जांच में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जमीन में गाड़ी गई एक लोहे की पेटी से भारी मात्रा में नकदी बरामद की। बताया जा रहा है कि लगभग 35 लाख रुपए इसी तरह जमीन में छिपाकर रखे गए थे। इसके अलावा कुल 33 लाख 46 हजार 430 रुपए की नगद बरामदगी पुलिस ने की है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस घोटाले में अभी और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और नरेश नागर नाम के एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की गई है।

    इस पूरे मामले ने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की मेहनत की कमाई में हुई इस तरह की गड़बड़ी ने स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी बढ़ा दी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गबन की योजना कितने समय से चल रही थी और इसमें किन किन लोगों की भूमिका रही है।

  • पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    पुलिस विभाग में हड़कंप मचाने वाला टीआई पर दुष्कर्म का सनसनीखेज आरोप…

    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक पुलिस प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े टीआई पर विधवा महिला के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय विधवा महिला, जो बुटीक संचालन का कार्य करती है, की पहचान लगभग दो वर्ष पहले सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी से हुई थी। बातचीत की शुरुआत सामान्य परिचय के रूप में हुई थी, लेकिन धीरे धीरे आरोपी ने खुद को अविवाहित और कुंवारा बताकर महिला का विश्वास जीत लिया। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है।

    पीड़िता का कहना है कि जब बाद में उसे यह जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है, तो उसके साथ धोखाधड़ी का अहसास हुआ। इस सच्चाई के सामने आने के बाद महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित टीआई के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम इलाके की बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस विभाग से निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आरोपी अधिकारी की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

  • बैतूल में मंदिर पर हाथ साफ बाबा रामदेव मंदिर की दान पेटी से चोरी

    बैतूल में मंदिर पर हाथ साफ बाबा रामदेव मंदिर की दान पेटी से चोरी

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई नगर में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बीती रात अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में घुसकर दान पेटी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब मंदिर परिसर सुनसान था। बदमाश सुनियोजित तरीके से अंदर घुसे और कुछ ही समय में दान पेटी को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दान पेटी पिछले करीब चार महीनों से नहीं खोली गई थी, जिसके कारण उसमें अच्छी-खासी राशि जमा होने की संभावना जताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का मानना है कि यह वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है और इसमें किसी परिचित या रेकी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

    बाबा रामदेव मंदिर में हुई इस चोरी ने स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर परिसरों में निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दान पेटी में कितनी राशि थी और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

  • देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

    देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है

    जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया

    जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए

    मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

  • रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत

    रेत माफिया का आतंक मुरैना में गश्ती दल पर हमला वन आरक्षक की मौके पर मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करने निकली टीम पर माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया इस हमले में एक वन आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है

    जानकारी के मुताबिक यह घटना दिमनी थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 552 के पास की है जहां चंबल नदी के ऐसाह घाट से अवैध रेत खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं इसी सूचना के आधार पर अंबाह रेंज की वन विभाग की टीम तड़के सुबह गश्त पर निकली थी

    गश्ती के दौरान रथोल का पुरा और रानपुर के बीच वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर ने रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की लेकिन चालक ने रुकने के बजाय बेरहमी से वाहन उन पर चढ़ा दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया

    घटना के बाद वन विभाग की टीम ने तुरंत घायल वनकर्मी को अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे जिससे माहौल गमगीन हो गया

    बताया जा रहा है कि हरिकेश गुर्जर हाल ही में दूसरे जिले से स्थानांतरित होकर अंबाह रेंज में पदस्थ हुए थे उनकी इस तरह की मौत ने एक बार फिर अवैध खनन के बढ़ते खतरे और उसमें शामिल माफियाओं के हौसलों को उजागर कर दिया है

    मामले पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी पहचान भी कर ली गई है सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर ने बताया कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा

    इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर खत्म होता जा रहा है

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध खनन का नेटवर्क कितना खतरनाक हो चुका है जब कानून की रक्षा करने वाले ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम लोगों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए

  • अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार

    अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में भालूमाड़ा पुलिस ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार रात करीब तीन टन चोरी का कोयला जब्त किया। इस दौरान एक मालवाहक वाहन को भी पकड़ा गया और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद किए हैं।

    नाकाबंदी कर पकड़ा गया अवैध कोयला

    थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मालवाहक वाहन में चोरी का कोयला ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम पयारी नंबर 02 में ठाकुर बाबा के पास नाकाबंदी की। जांच के दौरान पिकअप वाहन (क्रमांक CG 10 BK 0962) को रोका गया, जिसमें अवैध कोयला लोड पाया गया।

    ड्राइवर गिरफ्तार, नकदी भी बरामद

    जब्त किए गए कोयले का वजन लगभग तीन टन है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने वाहन के ड्राइवर संतोष कुमार चौधरी (42 वर्ष), निवासी मुंडा, थाना जैतहरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह राशि पहले बेचे गए कोयले से संबंधित हो सकती है।

    आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

    पुलिस ने जब्त वाहन को थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि तीन दिन पहले 27 मार्च को भी भालूमाड़ा पुलिस ने एक ऑटो से करीब सात क्विंटल चोरी का कोयला जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कोयला आसपास के गांवों से गुजरने वाली मालगाड़ियों से चोरी किया जाता है और बाद में ईंट भट्ठों या होटल संचालकों को बेच दिया जाता है।

  • मुरैना में इनामी आरोपी गिरफ्तार, शादी समारोह में फायरिंग का था मामला

    मुरैना में इनामी आरोपी गिरफ्तार, शादी समारोह में फायरिंग का था मामला

    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। हत्या के प्रयास के एक मामले में चार माह से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राहत का माहौल है, वहीं पुलिस की सक्रियता की भी सराहना की जा रही है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार यह मामला करीब चार माह पूर्व का है, जब एक शादी समारोह के दौरान दो गुटों के बीच मामूली विवाद हो गया था। यह विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने फायरिंग कर दी। इस फायरिंग की घटना में एक हलवाई गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिससे समारोह में अफरा-तफरी मच गई थी।

    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज किया गया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया। इस दौरान लगातार दबिश दी गई और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। हालांकि आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार स्थान बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में समय लग रहा था।

    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को आरोपी की लोकेशन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिसमें मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान प्रयुक्त हथियार कहां से आया और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

    इस घटना ने यह भी दर्शाया है कि मामूली विवाद किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे विवादों से बचें और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया है कि कानून से बचना संभव नहीं है और अपराध करने वालों को अंततः गिरफ्तारी का सामना करना ही पड़ता है। मुरैना पुलिस की इस सफलता को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

  • दुबई के रास्ते सोना तस्करी का नेटवर्क रान्या राव केस में नए खुलासे से हड़कंप

    दुबई के रास्ते सोना तस्करी का नेटवर्क रान्या राव केस में नए खुलासे से हड़कंप

    नई दिल्ली:कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव से जुड़े 102 करोड़ रुपये के हाई प्रोफाइल गोल्ड तस्करी मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है जांच एजेंसियों के अनुसार रान्या और उनके पार्टनर तरुण कोंडुरु राजू ने एक सुनियोजित प्लान के तहत भारत में बड़े पैमाने पर सोने की तस्करी का नेटवर्क तैयार किया था इस प्लान में अफ्रीकी देशों जैसे युगांडा केन्या और तंजानिया से सोना खरीदने और उसे दुबई के जरिए भारत लाने की योजना शामिल थी

    इस पूरी साजिश में एक और मोड़ तब आया जब उनके साथ जुड़े युगांडा के एक तस्कर ने उन्हें करीब 2 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया बताया जा रहा है कि इस तस्कर ने अफ्रीका से सीधे सोने की सप्लाई का वादा किया था लेकिन पैसे लेने के बाद उसने अपना वादा पूरा नहीं किया इस धोखाधड़ी के बाद रान्या और उनके पार्टनर ने केन्या के अधिकारियों से भी संपर्क किया लेकिन अंततः उन्होंने अफ्रीका से सीधे सोना मंगवाने की योजना को छोड़ दिया

    जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था राजस्व खुफिया निदेशालय ने मार्च 2025 में रान्या राव को उस समय पकड़ा जब वह दुबई से भारत लौट रही थीं उनके पास से लगभग 14.213 किलोग्राम सोना बरामद हुआ जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई थी यह मामला तब और गंभीर हो गया जब जांच में सामने आया कि रान्या के पास से मिले सोने की तस्करी कोई एक बार की घटना नहीं थी बल्कि यह एक लंबे समय से चल रहे नेटवर्क का हिस्सा था

    प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह भी सामने आया है कि मार्च 2024 से मार्च 2025 के बीच इस नेटवर्क ने करीब 127 किलोग्राम सोने की तस्करी की जिसकी कुल कीमत लगभग 102 करोड़ रुपये बताई जा रही है इस सोने को देश के विभिन्न हिस्सों में ज्वैलर्स और अन्य हैंडलर्स के नेटवर्क के जरिए बाजार में खपाया गया

    ईडी ने इस मामले में रान्या राव और उनके पार्टनर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त कर ली हैं इसके अलावा हवाला नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति का नाम भी इस जांच में सामने आया है जिससे इस पूरे रैकेट की जटिलता का अंदाजा लगाया जा सकता है

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल तस्करी तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले हुए नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है दुबई को एक ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल कर सोने को भारत में लाने की कोशिश की गई जिससे यह पूरा ऑपरेशन और भी जटिल और खतरनाक बन गया

    इस केस ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कैसे संगठित गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर तस्करी जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं और किस तरह जांच एजेंसियां लगातार इन नेटवर्क्स को तोड़ने के लिए काम कर रही हैं आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है