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  • दिल दहला देने वाले मर्डर केस में बड़ा फैसला, आरोपी भाई-बहन को मौत की सजा

    दिल दहला देने वाले मर्डर केस में बड़ा फैसला, आरोपी भाई-बहन को मौत की सजा


    नई दिल्ली । हैदराबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए एक भाई और बहन को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को अपने ही पिता की हत्या का दोषी पाया गया। इस मामले ने न केवल पूरे इलाके को झकझोर दिया था, बल्कि पारिवारिक रिश्तों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। अदालत ने मामले में मृतक की बहू को भी दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक 70 वर्षीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से वर्ष 2000 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी और पेंशन प्राप्त कर रहे थे। जांच में सामने आया कि उनके बेटे, बेटी और बहू की नजर उनकी पेंशन और संपत्ति पर थी। इसी लालच में तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

    मामले के अनुसार, आरोपियों ने वृद्ध व्यक्ति के भोजन में जहर मिलाकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद उन्होंने अपराध को छिपाने की कोशिश की। बताया गया कि शव को ठिकाने लगाने में असफल रहने पर उसके कई टुकड़े किए गए और उन्हें घर के भीतर अलग-अलग बाल्टियों में भरकर रखा गया। इस भयावह घटना का खुलासा तब हुआ जब घर से लगातार दुर्गंध आने लगी।

    18 अगस्त 2019 को आसपास के लोगों को घर से आ रही बदबू पर संदेह हुआ। स्थानीय लोगों ने स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के भीतर मानव अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। जांच के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और तीनों आरोपियों को 21 अगस्त 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया।

    मल्काजगिरि स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय में चले मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता, हत्या की क्रूरता और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मृतक के बेटे और बेटी को फांसी की सजा सुनाई, जबकि बहू को उम्रकैद की सजा दी गई।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इसमें लालच के लिए अपने ही पिता की निर्मम हत्या की गई थी। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस प्रकार के जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करते हैं तथा ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।

    इस फैसले को न्याय व्यवस्था की सख्ती और अपराध के प्रति शून्य सहिष्णुता के रूप में देखा जा रहा है। वहीं यह घटना परिवार और रिश्तों में विश्वास को झकझोर देने वाली घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

  • रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी

    रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। मनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनिकवार नंबर-2 इलाके में शराब के लिए पैसे न देने पर कुछ बदमाशों ने दिनदहाड़े हमला, तोड़फोड़ और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार रात कुछ युवक इलाके में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब लोगों ने पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद अचानक हिंसक हो गया और आरोपियों ने लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से हमला कर दिया।

    इस दौरान बदमाशों ने न सिर्फ लोगों को बेरहमी से पीटा, बल्कि वहां खड़ी जेसीबी मशीन और बोलेरो वाहन को भी निशाना बनाया। दोनों वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर जमकर उत्पात मचाया गया।

    हमले में पवन पटेल, पुनीत पटेल और अंकित पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से जेसीबी संचालक की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जिसका पैर टूट गया है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावर करीब 70 से 80 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी लूटकर फरार हो गए। उनका कहना है कि यह हमला पहले पैसों की मांग से शुरू हुआ और बाद में लूटपाट व मारपीट में बदल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही मनगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि इलाके में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार

    जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक बेहद शातिर और धोखाधड़ी के तरीके से अपराध करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया और अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी “आदित्य”, कभी “दिव्यांशु” तो कभी “पंकज” बनकर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए युवतियों से संपर्क करता था। वह खुद को बिजनेसमैन बताकर शादी का झांसा देता, भरोसा जीतता और फिर निजी मुलाकात के बहाने होटल में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाता था।

    इसके बाद वह युवतियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और पैसों की मांग करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पहचान दस्तावेजों—आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस—में अलग-अलग नाम दर्ज थे, जिससे उसकी असली पहचान को लेकर भ्रम बना हुआ था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार का रहने वाला है, हालांकि वह खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था और फिलहाल उसका असली नाम ओमप्रकाश बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसने मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब 20 मार्च 2026 को महिला थाना जबलपुर में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान शादी डॉट कॉम पर एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को “आदित्य सिंह” और बिजनेसमैन बताया था।

    शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 14 मार्च को जबलपुर आकर एक होटल में मिलने के बहाने उसे बुलाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार अलग-अलग नामों से संपर्क करता रहा और धमकी देकर पैसे मांगता रहा। बाद में जब पीड़िता ने परिवार को जानकारी दी, तो मामला पुलिस तक पहुंचा।

    जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। बाद में पता चला कि वह बेंगलुरु में रह रहा है, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार, यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी 2022 के एक मामले में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जिसमें वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था।

    इस पूरे मामले ने साइबर अपराध और ऑनलाइन रिश्तों के जरिए होने वाली ठगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप

    बीड़ी नहीं दी तो युवक पर चाकू से हमला, मंदसौर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप


    मध्य प्रदेश । मंदसौर जिले के दलौदा कस्बे में शनिवार रात एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करने के बाद शुरू हुई कहासुनी चाकूबाजी तक पहुंच गई। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कुमारवाड़ा निवासी 23 वर्षीय विजय नाथ शनिवार रात दलौदा कृषि उपज मंडी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर चाय पीने गया था। इसी दौरान वहां सिराज नामक युवक भी पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, सिराज ने विजय से बीड़ी मांगी, लेकिन विजय ने उसे बीड़ी देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में मामूली कहासुनी के रूप में शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। आरोप है कि गुस्से में आकर सिराज ने विजय पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान विजय ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसके हाथ में गंभीर चोट लग गई। घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भीड़ एकत्र हो गई।

    स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक की मदद की और उसे दलौदा थाने पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी चोटों का इलाज किया। परिजनों के मुताबिक, चाकू का वार काफी गहरा था, जिसके कारण घायल युवक के हाथ में सात से आठ टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी सक्रिय हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद की वजह बीड़ी मांगने और उसे देने से इनकार करना था। हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।

    एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती आक्रामकता किस तरह गंभीर अपराधों का रूप ले रही है। सामाजिक स्तर पर भी ऐसे मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि मामूली विवादों का हिंसा में बदलना कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है। वहीं घायल युवक के परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते

    इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते


    मध्य प्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शव के आसपास कई आवारा कुत्ते घूम रहे थे। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे स्पष्ट था कि वह लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहा होगा।

    खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार प्रथम दृष्टया नवजात लगभग छह से सात माह का प्री-मैच्योर शिशु प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मृत्यु किन कारणों से हुई और शव वहां कितने समय से पड़ा था।

    घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर दुख और चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह नवजात को खुले में छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक घटना है।

    पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों, झुग्गी बस्ती के लोगों और आसपास के संस्थानों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह मामला अवैध गर्भपात, लावारिस प्रसव या किसी अन्य परिस्थिति से तो जुड़ा नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी एमवाय अस्पताल परिसर में एक नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। अस्पताल के बाथरूम में मिले उस शव की जांच अब तक पूरी तरह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर नवजातों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, उसके आसपास चिकित्सा सुविधाएं और जांच केंद्र भी मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

    फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाले सुराग इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
  • जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल

    जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के रांझी क्षेत्र स्थित रक्षा नगर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कचरे के ढेर में मानव खोपड़ी देखी। यह जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत रांझी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीएसपी सतीश साहू पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की।

    कचरे के ढेर में मिली खोपड़ी, पास में मिला लाल कपड़ा
    जानकारी के अनुसार, यह घटना फक्कड़ बाबा मंदिर के पास की है, जहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कचरे के ढेर पर पड़ी मानव खोपड़ी पर गई। बच्चों ने तुरंत अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि खोपड़ी के पास एक लाल कपड़ा भी पड़ा हुआ था, जिससे कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यह किसी तांत्रिक गतिविधि से जुड़ा मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

    पुलिस ने खोपड़ी को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
    सीएसपी सतीश साहू ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मानव खोपड़ी को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खोपड़ी वहां कैसे पहुंची। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी पुरानी कब्र से संबंधित हो सकती है और क्या किसी जंगली जानवर या आवारा कुत्ते द्वारा इसे यहां लाया गया होगा।

    इलाके में दहशत, कई संभावनाओं पर जांच जारी
    घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि खोपड़ी मानव अवशेष किस परिस्थिति में वहां पहुंचा। जांच में तांत्रिक गतिविधियों से लेकर प्राकृतिक कारणों तक सभी संभावनाओं को शामिल किया गया है। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।