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  • नंबर ब्लॉक करने से भड़का युवक गर्लफ्रेंड को जबरन कार में बैठाया रास्ते में चाकू से हमला फिर धमाके में जिंदा जला

    नंबर ब्लॉक करने से भड़का युवक गर्लफ्रेंड को जबरन कार में बैठाया रास्ते में चाकू से हमला फिर धमाके में जिंदा जला


    नई दिल्ली। कर्नाटक के तुमकुरु जिले से रिश्तों में अविश्वास और जुनूनी सोच का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार ब्रेकअप से नाराज एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका का कथित तौर पर अपहरण कर लिया और उसे जबरन कैब में बैठाकर बेंगलुरु से अंकोला की ओर ले जाने लगा। रास्ते में युवक ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और फिर खुद भी आत्महत्या करने की बात कही। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका हुआ जिसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि महिला और कैब चालक घायल हो गए।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 30 वर्षीय नागेंद्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नागेंद्र और महिला पहले रिलेशनशिप में थे लेकिन कुछ समय पहले दोनों का ब्रेकअप हो गया था। महिला ने उससे दूरी बनाने के लिए उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर शनिवार सुबह नागेंद्र महिला के बेंगलुरु स्थित किराए के घर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद उसने महिला को जबरन कैब में बैठाया और वहां से निकल गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला के परिजनों ने तुरंत पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू ही की थी कि कुछ समय बाद तुमकुरु जिले के जोगिहल्ली इलाके से कार में धमाके और आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि कार पूरी तरह जल चुकी थी। महिला और कैब चालक घायल अवस्था में बाहर मिले जबकि नागेंद्र कार के भीतर फंसा रह गया और उसकी मौत हो गई।

    जांच में घायल महिला ने पुलिस को बताया कि रास्ते भर नागेंद्र उसे धमकाता रहा। उसने कहा कि पहले वह उसे मार देगा और फिर खुद भी अपनी जान दे देगा। आरोप है कि सफर के दौरान उसने महिला पर चाकू से हमला भी किया। जब कैब जोगिहल्ली के पास पहुंची तो चालक ने वाहन रोक दिया। इसी दौरान महिला किसी तरह कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में सफल रही। कुछ ही क्षण बाद कार में तेज धमाका हुआ और वाहन आग की लपटों में घिर गया।

    पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अपने साथ विस्फोटक सामग्री लेकर आया था। घटनास्थल से विस्फोटक जैसी वस्तु मिलने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि धमाके की असली वजह क्या थी और विस्फोटक किस प्रकार का था इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

    तुमकुरु पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी विस्फोटक कहां से लेकर आया और उसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल घायल महिला और कैब चालक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रिश्तों में अस्वीकार किए जाने के बाद हिंसक व्यवहार कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है।

  • रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला

    रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। फरीदाबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने घरेलू हिंसा और रिश्तों में अविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय छह माह की गर्भवती महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर लगातार शक करता था और इसी वजह से उसे रोजाना कई घंटों तक घर के अंदर बंद रखता था। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।

    परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    संदिग्ध हालात में युवती की मौत, बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश ने बढ़ाए सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार


    मुगलसराय। कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर में शुक्रवार देर रात एक 19 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के एक कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। मृतका की पहचान खुशी सिंह के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती थी।

    बताया गया कि खुशी के पिता ऑटो चालक हैं और परिवार का पालन-पोषण करते हैं। वह पांच बहनों में चौथे स्थान पर थी। घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही मुगलसराय कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    प्रारंभिक जांच में मामला फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों की पूरी जानकारी मिल सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार क्यों करना चाहते थे। इसी वजह से मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि युवती कुछ समय पहले अपने दोस्तों के साथ बिना परिवार को बताए दार्जिलिंग घूमने गई थी। घर लौटने पर उसे इस बात को लेकर डांट भी पड़ी थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर संभावित दिशा में जांच कर रही है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है।

  • इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

    इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद


    इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

    गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

    जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

    पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू

    भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू


    भोपाल । भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में एक बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दो दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने और मकान से तेज दुर्गंध आने पर किराए पर रहने वाले छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पति पत्नी मृत अवस्था में मिले। शवों पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

    मृतकों की पहचान 64 वर्षीय हेमंत बारीक और उनकी 62 वर्षीय पत्नी शकुंतला बारीक के रूप में हुई है। हेमंत बारीक भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे जबकि उनकी पत्नी शकुंतला बारीक कस्तूरबा अस्पताल में नर्स के पद से रिटायर हुई थीं। दंपती ऐशबाग के सुदामा नगर स्थित अपने मकान में रहते थे। मकान के एक हिस्से में कुछ छात्र किराए पर रहते हैं। दंपती की कोई संतान नहीं थी।

    छात्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से दोनों घर से बाहर नहीं निकले थे। शुक्रवार को मकान से तेज दुर्गंध आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर दोनों के शव पड़े मिले जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके हैं और उनके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही एक्सरे और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा रहे हैं ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

    परिजनों से पूछताछ में पता चला कि शकुंतला बारीक ने बुधवार को आखिरी बार अपनी भाभी से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उनके पति की आंख में परेशानी है और वह उन्हें कस्तूरबा अस्पताल लेकर जा रही हैं। बातचीत में उन्होंने किसी तरह के खतरे या विवाद का जिक्र नहीं किया था। हालांकि परिजनों के अनुसार पति पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे लेकिन उनकी किसी से पुरानी रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में

    जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल, ससुर पर दामाद की हत्या का आरोप, सास-ससुर हिरासत में


    रायबरेली । उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में जमीन विवाद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नसीराबाद थाना क्षेत्र के कुंवरमऊ ग्राम सभा के पूरे दुर्गा सिंह मजरे में हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान वीरेंद्र सिंह पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृतक के परिजनों ने इस घटना के लिए उसके ससुर को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान ससुर ने चाकू से हमला किया, जिसके कारण वीरेंद्र सिंह की मौत हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    घटना की सूचना मिलते ही नसीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ साक्ष्य भी जुटाए हैं। मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने मृतक के सास और ससुर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर पुलिस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

  • लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां चौक थाना क्षेत्र में स्थित केजीएमयू के बाहर बीच सड़क एक युवक के साथ दबंगों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवक मिलकर एक व्यक्ति को घेरकर बेल्ट और डंडों से लगातार पीट रहे हैं। मारपीट इतनी बेरहमी से की जा रही है कि वहां से गुजरने वाले लोग भी कुछ देर के लिए ठहर जाते हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है और केजीएमयू परिसर के बाहर हुई थी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे क्या कारण था। न ही अब तक यह जानकारी सामने आई है कि पीड़ित युवक की ओर से किसी तरह की शिकायत पुलिस को दी गई है या नहीं। घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और पुलिस जांच का इंतजार किया जा रहा है।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक हिंसा बेहद चिंताजनक है और पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

    स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की खुलेआम गुंडई से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

  • लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार

    लक्जरी कार से 30 पेटी अवैध शराब जब्त, तस्कर कार छोड़कर फरार


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। झकनावदा पुलिस ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर एक लक्जरी कार से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। हालांकि कार्रवाई के दौरान वाहन चालक पुलिस को देखकर मौके से फरार होने में सफल रहा।

    यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस कप्तान देवेंद्र पाटीदार के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध लक्जरी कार में अवैध शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद पुलिस टीम ने बिजोरी-रूपाखेड़ा मार्ग पर एक संदिग्ध कार को रोका। जैसे ही चालक ने पुलिस को देखा, उसने वाहन रोक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आ सका।

    इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें 30 पेटी लाल देसी मसाला शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कुल मात्रा लगभग 270 लीटर बताई जा रही है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने वाहन और शराब दोनों को कब्जे में ले लिया।

    इस कार्रवाई को अंजाम देने में पेटलावद एसडीओपी अनुरक्ति सबनानी, रायपुरिया थाना प्रभारी गीता जाटव और झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्रसिंह सिसोदिया की अहम भूमिका रही। पुलिस टीम में शामिल आरक्षक राजू मुवेल, सैनिक लक्ष्मण मेड़ा और आरक्षक शंकर भाभर ने भी सक्रियता से कार्रवाई में सहयोग किया।

    पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

  • जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली

    जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली


    मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए गढ़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक पर तीन राउंड फायरिंग करने वाले शातिर बदमाश करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    यह पूरा मामला सोमवार रात करीब 10:30 बजे का है, जब आरोपी करण विश्वकर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक से लाल बिल्डिंग इलाके में पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात अंकित लखेरा नामक युवक से हुई। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    गुस्से में आकर करण विश्वकर्मा ने अपने पास रखी पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन राउंड फायर कर दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे अंकित लखेरा को नहीं लगी। लेकिन फायरिंग से बचने के लिए भागते समय वह दीवार से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि करण विश्वकर्मा को अंकित लखेरा पर शक था कि वह उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचाता है। इसी शक के चलते दोनों के बीच करीब एक महीने पहले भी विवाद हुआ था, जो बाद में रंजिश में बदल गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस विवाद में हर्ष अहिरवार और आर्यन नामक अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    पुलिस के अनुसार, करण विश्वकर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

    गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से लाया गया था।

    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आपसी रंजिश और शक के आधार पर हुई हिंसक घटना मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही आरोपी महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि घटना में उसकी कितनी और क्या भूमिका थी।