Tag: FIR

  • भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला

    भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला


    भोपाल। भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन एक युवती की कार पर कथित रूप से एसिड मिला रंग फेंकने की घटना सामने आई है। घटना में कार का पेंट पूरी तरह जल गया, जिससे संपत्ति को गंभीर नुकसान हुआ। 24 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत हैं और वह अभिरुचि परिसर में रहती हैं।

    युवती ने बताया कि रविवार को वह अपनी कार घर के बाहर पार्क कर चुकी थीं। शाम के समय जब वह कार के पास पहुंचीं, तो देखा कि कार पर रंग डाला हुआ था। पेंट बुरी तरह जल चुका था, जिससे साफ तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रंग में एसिड मिलाकर कार पर फेंका गया। पीड़िता ने तुरंत ऐशबाग थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप पंवार ने बताया कि कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

    इस घटना ने सिर्फ संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि एसिड के इस्तेमाल से सुरक्षा की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। फिलहाल पीड़िता सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।

    जांच अधिकारी आसपास के अन्य CCTV और पड़ोसियों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें।

    यह मामला याद दिलाता है कि त्योहारों के समय सावधानी और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। रंगपंचमी का त्योहार खुशी और मस्ती का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से इसे डर और चिंता का माहौल भी मिल सकता है। पुलिस की सक्रियता और नागरिकों की सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की

    जबलपुर में चर्च में हंगामा: महिला दिवस कार्यक्रम में निलंबित प्राचार्य ने किया उत्पात, ईसाई समुदाय ने FIR की मांग की


    जबलपुर । जबलपुर के क्राइस्टचर्च गर्ल्स स्कूल परिसर में स्थित चर्च में रविवार सुबह आराधना के दौरान हंगामा हो गया। महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में अचानक व्यवधान उत्पन्न होने से ईसाई समुदाय में नाराजगी फैल गई। समाज और चर्च के पदाधिकारियों ने तुरंत ओमती थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और हंगामा करने वाले के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

    ओमती पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया गया कि क्राइस्टचर्च बॉयज स्कूल से निलंबित प्राचार्य लेडली मैथ्यूज सुबह आराधना के दौरान चर्च में घुस आए। उन्होंने पवित्र स्थान में पहुंचकर माइक छीन लिया और बेवजह की बातें करने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    चर्च पदाधिकारियों के विरोध करने पर मैथ्यूज ने वहां मौजूद लोगों को धमकाया और पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की। इस घटना से उपस्थित लोग आहत हुए और महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के साथ भी अभद्रता की शिकायत की गई है।

    पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और बताया कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चर्च और समाज के पदाधिकारी पूरे मामले में सतर्क हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

    इस घटना ने न केवल चर्च परिसर में सुरक्षा की चिंता बढ़ाई है, बल्कि समुदाय के बीच तनाव भी पैदा किया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील की है।

  • साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग

    साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग


    मिसरोद । मिसरोद में साध्वी रंजना दीदी से जुड़े कार विवाद ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग ले लिया है। मंगलवार को पाटीदार समाज, ओबीसी मोर्चा और सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग पाटीदार समाज के मांगलिक भवन में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रदर्शन के दौरान “जय श्री राम” के नारे लगाए गए और बाद में एसीपी को कलेक्टर व कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

     उनका कहना है कि मिसरोद थाने में उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि दर्ज मामलों को समाप्त किया जाए, समाज की ओर से भी एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई हो।

    पाटीदार संगठन के सदस्य अजय पाटीदार ने कहा कि समाज को “जिहादी” या “अराजक” कहना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज को हिंदू समाज का हिस्सा नहीं माना जाएगा तो वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करने को मजबूर होंगे। इस बयान के बाद सभा स्थल पर माहौल कुछ देर के लिए और गरमा गया।

    समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि 25-26 फरवरी को मुख्य मार्ग पर साध्वी रंजना दीदी के वाहन से जुड़ा ओवरटेक को लेकर सामान्य विवाद हुआ था, जिसे बाद में गंभीर धाराओं में बदल दिया गया। समाज का दावा है कि घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।

    मामले की पृष्ठभूमि में साध्वी रंजना दीदी द्वारा दर्ज एफआईआर शामिल है, जिसमें मारपीट, तोड़फोड़, छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी थाने के बाहर प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पाटीदार समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। यह मामला अब प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन, दोनों दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। 

  • सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

    सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया।

    मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है।

    स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।

    मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

  • प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच

    प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर बाल यौन शोषण FIR, पुलिस ने शुरू की गहन जांच


    प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों पर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। मामला POCSO कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और पीड़ित शिष्यों ने अदालत में बच्चों के कथित शोषण के बयानों को दर्ज कराया था, जिनके आधार पर पुलिस ने देर रात FIR को औपचारिक रूप दिया।

    पुलिस की पांच सदस्यीय टीम, जिसका नेतृत्व डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य कर रहे हैं, ने घटना स्थल का नक्शा तैयार कर लिया है और पीड़ितों के मेडिकल परीक्षण के बाद साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। टीम ने माघ मेला शिविर और अन्य कथित घटनास्थलों का निरीक्षण भी किया है। पुलिस का मुख्य फोकस अब उन पीड़ितों और शिकायतकर्ता तक पहुंचकर कलम बंद बयान और सबूत दर्ज करना है, ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके।

    अविमुक्तेश्वरानंद ने FIR दर्ज होने के बाद कहा कि वे जांच से भागेंगे नहीं और उनके मठ के दरवाजे पुलिस के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने बताया कि कई वकीलों ने उनका केस मुफ्त में लड़ने का प्रस्ताव दिया है और उनकी लीगल टीम अब अग्रिम कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही है। वहीं, उन्होंने शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी के आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाया और दावा किया कि वह कांधला थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रह चुका है।

    इस हाई‑प्रोफाइल मामले में पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई है जिसमें एसीपी और इंस्पेक्टर झूंसी समेत पांच वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। टीम निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित कर रही है। POCSO Act के तहत यह मामला तीव्र और संवेदनशील माना जा रहा है, इसलिए पुलिस मेडिकल, फोरेंसिक और गवाह सबूत के आधार पर अगली कानूनी कार्रवाई तय करेगी।

    इस बीच समाज और धार्मिक जगत में भी इस मामले पर बहस जारी है। स्वामी ने आरोपों को झूठा और साजिशपूर्ण बताया है और कहा कि न्याय जल्द ही दोनों न्यायालयों में सही रूप से होगा। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के बयानों का उन्होंने समर्थन करते हुए उन्हें जनता की आवाज बताया।

  • मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

    मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में


    भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है।

    घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

  • इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मंदिर के गर्भगृह में दबाव बनाकर दर्शन करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कुख्यात बदमाश सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला तब उजागर हुआ जब मंदिर प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि आकाश रावत नामक आरोपी ने दबाव बनाकर सतीश भाऊ को गर्भगृह में प्रवेश दिलाया।

    खजराना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश रावत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। बताया गया है कि मंदिर में दबाव बनाकर किसी भी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश कराने का प्रयास कानून और धार्मिक मान्यताओं दोनों के खिलाफ है।

    इस मामले का ध्यान शासन-प्रशासन और मीडिया दोनों ने प्रमुखता से आकर्षित किया। लल्लूराम ने इस घटना को प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मामला गर्भगृह में अवैध प्रवेश और दबाव बनाने के प्रयास से संबंधित है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि धार्मिक स्थलों में किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि कानून और धार्मिक मान्यताओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

  • भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज

    भिंड: मजदूरी का पैसा मांगने पर दबंगों ने की मारपीट, कट्टा लहराया और दो बार फायर किया व्यक्ति घायल, आरोपियों पर FIR दर्ज


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के देहात थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में मजदूरी का बकाया पैसा लेने गए एक मजदूर से दबंगों द्वारा मारपीट और पिस्तौल के साथ दहशत फैलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार मजदूर अनूप रैयपुरिया और उनके छोटे भाई बॉबी ने लगभग एक माह पहले विकास चौरसिया के यहाँ कलर-पुट्टी का काम किया था जिसकी मजदूरी 5 400 रुपये तय थी लेकिन वह मजदूरी नहीं दी गई। पैसे की मांग को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद मामला हाथापाई और कट्टे की फायरिंग तक पहुँच गया।

    घटना के मुताबिक विकास चौरसिया अपने साथी बेतू जाटव सहित दो अन्य लोगों के साथ अनूप के घर पहुँचे और बॉबी से विवाद करने लगे। घर के बाहर बैठे बॉबी से पहले मारपीट शुरू हुई और जब अनूप ने बचाव के लिए बीच में आकर रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। इस दौरान मारपीट से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और आसपास का माहौल tense हो गया।

    घायल युवक के बचाव के लिए गांव के अन्य लोग मौके पर इकट्ठा हुए इसी बीच बेतू जाटव ने अपनी जेब से कट्टा निकालकर लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पहले कारतूस जारी करने का प्रयास किया लेकिन गोली मिस हो गई। भय फैलाने के लिए उसने दो बार फायर करने की कोशिश की लेकिन दोनों बार कारतूस चूक गया जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और आरोपी भी मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।

    पुलिस को सूचना मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़ित अनूप रैयपुरिया की शिकायत पर चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामला मारपीट और कट्टा लहराकर दहशत फैलाने का है तथा प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है और आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि टीकरी गांव में इस तरह का हिंसा-उत्पीड़क व्यवहार कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती है तथा ऐसे मामलों से ग्रामीणों में भय की स्थिति बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरी के लिये जबरदस्ती पैसा मांगने पर इस तरह की हिंसा निंदनीय है और ऐसी घटनाएँ सामाजिक व्यवहार और ग्रामीण सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर चिंता का विषय हैं।

    घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल ले जाया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही आरोपियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।

    इस घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है और अधिकारी इसे गंभीरता से ले रहे हैं। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा और दबंगई रोकने में मदद मिले।

    कुल मिलाकर इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मजदूरी विवाद जैसे मामूली मामलों में हिंसा की उग्र स्थिति कैसे उत्पन्न हो जाती है और ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सद्भावना को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

  • फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई

    फेसबुक पर राकेश बनकर दोस्ती, असल में निकला फैजान; 24 वर्षीय युवती ने लव जिहाद, बलात्कार और धर्मांतरण के आरोपों में FIR दर्ज कराई


    भोपाल। राजधानी में एक बार फिर लव जिहाद और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करोंद क्षेत्र की 24 वर्षीय युवती ने छोला थाने में आरोपी फैजान पुत्र रमजान के खिलाफ बलात्कार, धमकी, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने बलात्कार के मामले में तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि लव जिहाद और धर्मांतरण के एंगल की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2022 में फेसबुक पर आरोपी ने खुद को राकेश कुशवाह बताकर दोस्ती की। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार और शारीरिक संबंधों में बदल गई। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि आरोपी का असली नाम फैजान है और वह हिंदू नाम का उपयोग कर संपर्क कर रहा था। जब महिला ने दूरी बनाने की कोशिश की, तो आरोपी ने अपने भाई यूनुस के जरिए उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने यूनुस के खिलाफ पहले भी छोला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

    इस बीच, फैजान हत्या के एक अन्य मामले में जेल में था और दिसंबर 2025 में रिहाई के बाद फिर से महिला से संपर्क करने लगा। महिला के इनकार करने पर फैजान ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और जबरन बलात्कार किया। पीड़िता ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को फैजान महिला को जबरन कहीं ले जा रहा था, तभी जेल रोड पर एक होटल के पास दुकानदारों की मदद से वह बच निकली। इसके बाद बजरंग दल के सदस्यों की सहायता से महिला थाने पहुंची और पूरी घटना की शिकायत की।

    युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लगातार ब्लैकमेल किया और उसे सोशल मीडिया पर भी परेशान किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 बलात्कार 506 आपराधिक धमकी 354 और अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।

    लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर भी मदद की अपील की है, जबकि पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की गुहार लगाई है। इस घटना ने शहर में सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पहचान छुपाकर संबंध बनाने के खतरों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

  • मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज

    मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज



    मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें 5 मुस्लिम छात्राओं पर एक हिंदू नाबालिग छात्रा को जबरन बुर्का पहनाने का आरोप लगा है। घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है, लेकिन पीड़िता के भाई ने 22 जनवरी को पुलिस में FIR दर्ज कराई।

    पीड़िता और आरोपी छात्राएं सभी 12वीं की छात्राएं हैं और एक ही स्कूल तथा कोचिंग में पढ़ती हैं। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद आरोपित छात्राओं ने छात्रा को सड़क पर घेर लिया, उसके बैग से बुर्का निकाला और उसे पहनाने पर मजबूर किया।

    भाई ने लगाया बड़ा आरोप: “इस्लाम कबूल करने से किस्मत बदलेगी”
    पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुरुआत में दोस्ती के बहाने आरोपी छात्राओं ने उसकी बहन का ब्रेनवॉश किया और उसे बार-बार इस्लाम अपनाने के लिए उकसाया। उसने दावा किया कि उसकी बहन के मन में हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक भाव पैदा किए गए।

    भाई ने बताया कि 11वीं में दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे बहन ने परिवार की बात नहीं सुननी शुरू कर दी। 20 दिसंबर को ट्यूशन के बाद आरोपी छात्राओं ने उसे रोककर बुर्का पहनाया और उसका वीडियो/फोटो भी लिया जा सकता है।

    मामले में FIR दर्ज, जांच जारी
    पुलिस ने 5 आरोपी छात्राओं के खिलाफ आईपीसी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छात्रा को बुर्का पहनाते हुए देखा गया है।

    भाई का दावा: पीछे साजिश है
    पीड़िता के भाई का कहना है कि यह सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि धर्मांतरण की साजिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी संगठन द्वारा छात्राओं को उकसाकर हिंदू नाबालिगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
    भाई ने यह भी कहा कि ट्यूशन टीचर ने सबसे पहले बहन को बुर्का पहनाने की जानकारी दी थी और बाद में जब बहन से पूछा गया तो वह डरकर कुछ नहीं बताई।