गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनार सिंह और राजपाल के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है। घटना के बाद आरोपी अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए थे, जिसके चलते पुलिस ने उनके घरों के बाहर सुरक्षा गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद की शुरुआत घूरकर देखने की बात से हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते मामला पथराव में बदल गया। इस दौरान एक पक्ष के राजपाल के सिर में पत्थर लगने से उसे गंभीर चोट आई और उसे 12 टांके लगाने पड़े। इसी घटना ने विवाद को और उग्र बना दिया।
इसके बाद आरोपी पक्ष ने हिंसक प्रतिक्रिया देते हुए फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि मकान की छत पर चढ़कर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इसी दौरान रमेश पाल को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।
घटना में मृतक रमेश पाल की पत्नी और बेटा भी घायल हुए हैं। उन्हें छर्रे लगने से चोट आई है, जबकि दूसरे बेटे को लाठी से चोट पहुंचाई गई। परिवार के लोगों का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा।
पुलिस के अनुसार, मृतक रमेश पाल का पड़ोसियों अनार सिंह, सुखवीर, रामू और राजपाल से पुराना विवाद था। मंगलवार रात वह अपनी बहन के यहां भात देने के लिए जा रहा था, तभी रास्ते में अनार सिंह से उसकी मुलाकात हुई और कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच और मुरार थाना पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आरोपियों के घरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली विवाद किस तरह जानलेवा रूप ले सकता है।
