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  • सुपरफास्ट ट्रेन के सामने कूदी किशोरी, युवक की बहादुरी ने बचाई जिंदगी

    सुपरफास्ट ट्रेन के सामने कूदी किशोरी, युवक की बहादुरी ने बचाई जिंदगी

    ग्वालियर। ग्वालियर में बुधवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने कुछ क्षणों के लिए लोगों की सांसें थाम दीं। शहर के एजी ऑफिस पुल के नीचे स्थित रेलवे ट्रैक पर एक किशोरी ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन एक युवक की सतर्कता और साहस के कारण उसकी जान बच गई। इस घटना ने जहां लोगों को भावुक कर दिया, वहीं युवक की बहादुरी की हर तरफ सराहना हो रही है।

    जानकारी के अनुसार दोपहर के समय एक किशोरी अचानक रेलवे ट्रैक पर पहुंच गई। उसी दौरान ट्रैक पर एक सुपरफास्ट ट्रेन तेज गति से आगे बढ़ रही थी। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार ट्रेन और किशोरी के बीच केवल कुछ सेकंड का ही फासला बचा था। हालात ऐसे थे कि किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता था और किशोरी की जान जा सकती थी।

    इसी बीच वहां मौजूद प्रहलाद सिंह तोमर नामक युवक की नजर किशोरी पर पड़ी। उन्होंने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और बिना अपनी जान की परवाह किए ट्रैक की ओर दौड़ पड़े। युवक ने तेजी दिखाते हुए किशोरी को पकड़कर पटरी से दूर खींच लिया। यह सब कुछ इतने कम समय में हुआ कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए।

    युवक की इस बहादुरी के बाद आसपास खड़े अन्य लोग भी मदद के लिए आगे आए। सभी ने मिलकर किशोरी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कुछ ही क्षण बाद सुपरफास्ट ट्रेन वहां से गुजर गई। यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो परिणाम बेहद दुखद हो सकते थे।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी को अपने संरक्षण में लिया। प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि किशोरी किसी पारिवारिक कारण से परेशान थी। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि वह अपने माता-पिता से किसी बात को लेकर नाराज थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किशोरी के परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनसे बातचीत की जा रही है। साथ ही यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में किशोरी ने इतना बड़ा कदम उठाने की कोशिश की। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा प्रहलाद सिंह तोमर की बहादुरी की हो रही है। उनकी सूझबूझ और साहस ने एक परिवार को गहरे दुख में डूबने से बचा लिया। स्थानीय लोगों ने युवक को सच्चा हीरो बताते हुए सम्मानित किए जाने की मांग भी की है।

    यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि संकट की घड़ी में दिखाई गई तत्परता और मानवता किसी की जिंदगी बचा सकती है। साथ ही मानसिक तनाव या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए समय रहते संवाद और सहयोग कितना जरूरी है, यह भी इस घटना से स्पष्ट होता है।

  • साइबर ठगों का नया जाल, कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर धोखाधड़ी

    साइबर ठगों का नया जाल, कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर धोखाधड़ी


    ग्वालियर । ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक युवती को निशाना बनाते हुए उसके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.48 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर पहले क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने का झांसा दिया और बाद में राशि वापस दिलाने के नाम पर ओटीपी हासिल कर खाते से रकम निकाल ली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय अक्षिता बांगड़ के पास एक निजी बैंक का क्रेडिट कार्ड था, जो उन्हें फरवरी 2026 में प्राप्त हुआ था। हालांकि उन्होंने उस कार्ड को सक्रिय नहीं कराया था। 6 अप्रैल को उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को बैंक का प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने की प्रक्रिया समझाने लगा।

    कॉल करने वाले व्यक्ति ने अक्षिता को एक मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने उसकी बातों पर भरोसा कर निर्देशों का पालन किया। इसके कुछ समय बाद उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 99 हजार 861 रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया। पीड़िता को इस लेनदेन की जानकारी तत्काल नहीं मिल सकी, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का पता नहीं चला।

    करीब एक महीने बाद 4 मई को अक्षिता को फिर एक अन्य नंबर से कॉल आया। इस बार कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मददगार बताते हुए पिछले ट्रांजेक्शन की जानकारी दी और कहा कि यदि वह चाहें तो निकाली गई राशि वापस दिलाई जा सकती है। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे ओटीपी साझा करने को कहा।

    पीड़िता ने जब ओटीपी बताया तो ठगों ने कुछ ही मिनटों में उनके क्रेडिट कार्ड से दो और ट्रांजेक्शन कर दिए। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 1 लाख 48 हजार रुपए की राशि निकाल ली गई। इसके बाद जब युवती को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर मामला कोतवाली थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, कार्ड विवरण, सीवीवी नंबर या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी फोन पर ग्राहकों से ओटीपी नहीं मांगते। थोड़ी सी सावधानी साइबर ठगी जैसी घटनाओं से बचा सकती है।

  • 7 महीने तक किराए के कमरे में रखने का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

    7 महीने तक किराए के कमरे में रखने का आरोप, आरोपी की तलाश जारी



    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से रिश्तों और भरोसे को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की के साथ लगातार दुष्कर्म किए जाने का मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने न केवल नाबालिग को शादी का झूंठा दिलासा दिया, बल्कि समाज की नजरों से बचने के लिए उसे सात महीने तक एक किराए के कमरे में अपनी पत्नी बताकर रखा। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी अचानक उसे बेसहारा छोड़कर गायब हो गया और अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    घटनाक्रम की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई थी। पीड़ित 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने हजीरा थाने में अपनी आपबीती सुनाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के मुताबिक, उसका भाई डीजे (DJ) संचालन का काम करता है। इसी काम के सिलसिले में हजीरा थाना क्षेत्र के यादव धर्मकांटा का रहने वाला राहुल राठौर नाम का युवक उसके भाई के साथ काम करता था। भाई के साथ दोस्ती होने के कारण राहुल का पीड़िता के घर पर अक्सर आना-जाना होने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गहरी पहचान और फिर दोस्ती में बदल गई। समय बीतने के साथ ही यह दोस्ती प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई, जिसका फायदा उठाने की साजिश आरोपी ने पहले ही रच ली थी।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल राठौर ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का पक्का वादा किया। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर धर्मकांटा इलाके के पास एक किराए के मकान में ले गया। बीते 2 अक्टूबर 2025 से वह नाबालिग को उसी कमरे में रखकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। शातिर आरोपी ने मकान मालिक को शक न हो, इसलिए नाबालिग का परिचय अपनी ‘पत्नी’ के रूप में कराया था। इस दौरान जब भी नाबालिग उस पर सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने का दबाव बनाती या शारीरिक संबंध बनाने का विरोध करती, तो आरोपी राहुल जल्द ही शादी का मंडप सजाने की बात कहकर उसे चुप करा देता था। इसी बीच आरोपी ने डीजे का काम छोड़कर टमटम (ई-रिक्शा) चलाना भी शुरू कर दिया था ताकि वह गुजारा कर सके।

    विश्वासघात की पराकाष्ठा तब हुई जब बीते दिनों आरोपी राहुल अचानक नाबालिग को कमरे पर ही छोड़कर लापता हो गया। पीड़िता ने जब उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपी का मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा। खुद को ठगा और अकेला पाकर पीड़िता न्याय की गुहार लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची। महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता के नाबालिग होने के कारण तुरंत ऐक्शन लिया। पुलिस ने आरोपी राहुल राठौर के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

  • 26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा

    26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फिजिकल थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ग्वालियर जिले के एक कथित स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, नकदी और वाहन बरामद किए गए हैं।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनिवास उर्फ करुआ रावत (35) निवासी ग्राम पाटई, थाना आरोन, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से 106 ग्राम स्मैक, 52 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 28 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    फिजिकल थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि करवला पुलिया के पास एक व्यक्ति स्मैक बेचने की फिराक में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    पूछताछ में बड़ा खुलासा: फैला था नेटवर्क
    पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी राजेंद्र रावत के साथ मिलकर स्मैक तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र बड़े सप्लायरों से नशीला पदार्थ लाकर दोनों मिलकर उसे ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं था, बल्कि शिवपुरी, करेरा, सुभाषपुरा और बैराड़ जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ था।

    युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
    पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कई गांवों में युवाओं को निशाना बनाकर स्मैक की सप्लाई शुरू कर दी थी, जिससे क्षेत्र में नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।

    पहले से दर्ज हैं मामले, एनडीपीएस एक्ट में केस
    फिजिकल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रामनिवास के खिलाफ पहले भी बैराड़ थाना में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है।

    पुलिस का सख्त संदेश
    थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • समय पर रिन्यूअल न कराने से दस्तावेज बेकार, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित

    समय पर रिन्यूअल न कराने से दस्तावेज बेकार, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रभावित


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर में पासपोर्ट रिन्यूअल को लेकर बरती गई लापरवाही अब हजारों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। शहर में करीब 6500 लोगों के पासपोर्ट की वैधता समाप्त हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक उसे रिन्यू नहीं कराया है। इसके चलते ये सभी लोग विदेश यात्रा या उससे जुड़े किसी भी काम के लिए अब इन दस्तावेजों का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

    पासपोर्ट सेवा केंद्र के आंकड़ों के अनुसार एक्सपायर पासपोर्ट धारकों में लगभग 2500 बच्चे, 2500 युवा और मध्यम आयु वर्ग के लोग तथा करीब 1500 बुजुर्ग शामिल हैं। यानी समाज के हर वर्ग के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। पासपोर्ट, जो विदेश यात्रा के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है, अब इनके लिए बेकार साबित हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार जनवरी 2024 से अप्रैल 2026 के बीच ग्वालियर पासपोर्ट सेवा केंद्र में कुल 23,144 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6787 आवेदन रिन्यूअल से जुड़े थे। वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में ही 4571 नए आवेदन दर्ज किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

    पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का पासपोर्ट 10 साल तक और बच्चों का 5 साल तक वैध रहता है। इसके समाप्त होने से पहले ही रिन्यूअल कराना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

    अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एक्सपायर पासपोर्ट अब किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्रा या पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य नहीं होता, इसलिए समय रहते इसका नवीनीकरण कराना बेहद जरूरी है।

    इस पूरे मामले में लोगों की लापरवाही सामने आने के बाद पासपोर्ट विभाग ने अपील की है कि नागरिक समय रहते अपने दस्तावेजों को अपडेट कराएं, ताकि अचानक विदेश यात्रा या आपात स्थिति में किसी भी तरह की परेशानी न हो।

  • शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

    शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के सिंधिया नगर स्थित “गड्ढे वाला मोहल्ला” में वर्ष 2024 में हुए चर्चित सोनू आदिवासी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अठारहवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पारस कुमार जैन की अदालत ने मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

    यह मामला 25-26 अप्रैल 2024 की दरमियानी रात का है, जब सोनू आदिवासी अपने रिश्तेदार की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए सिंधिया नगर पहुंचा था। शादी का माहौल चल रहा था, लेकिन इसी दौरान पुरानी रंजिश ने एक दर्दनाक वारदात का रूप ले लिया।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनू शादी समारोह के दौरान टेंट के पीछे स्थित किराना दुकान के पास गया था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि “तू दूसरों के मामलों में ज्यादा नेता बनता है, आज तुझे सबक सिखाते हैं।”

    जांच में यह सामने आया कि घटना से लगभग 15-20 दिन पहले आरोपियों का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसमें सोनू ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे और बाद में इस हत्या की योजना बनाई गई।

    घटना के दौरान अनिल आदिवासी और उसके पिता वीरू आदिवासी ने सोनू के हाथ पकड़ लिए, ताकि वह किसी तरह बचाव न कर सके। इसी बीच मुख्य आरोपी सुनील आदिवासी ने लोहे का धारदार चाकू निकालकर सोनू के सीने और पसलियों पर कई वार कर दिए। हमले के बाद सोनू गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और शादी समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन घायल सोनू को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन गंभीर आंतरिक चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    इस जघन्य हत्या के मामले में अदालत में पेश गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और बदले की भावना से किया गया था। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है, जबकि पुलिस और प्रशासन ने भी अदालत के निर्णय को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

  • चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत

    चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के बेलगढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितौली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भागवत कथा में भजन-कीर्तन कर रहे एक किसान की सांप के काटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतक की पहचान 50 वर्षीय मदनलाल रावत के रूप में हुई है, जो पिछले एक सप्ताह से लकेश्वरी माता मंदिर में आयोजित भागवत कथा में नियमित रूप से शामिल हो रहे थे। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण वे न केवल कथा सुनते थे, बल्कि भजन-कीर्तन में भी सक्रिय भागीदारी निभाते थे।

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे कथा के दौरान जब मदनलाल रावत भजन गा रहे थे, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को इस घटना का अंदाजा नहीं हुआ और कार्यक्रम सामान्य रूप से चलता रहा।

    कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि सांप के जहर का असर तेजी से फैल चुका था और तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    देर रात करीब 1 बजे उपचार के दौरान मदनलाल रावत ने दम तोड़ दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही बेलगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।

    इस हादसे ने पूरे चितौली गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि मदनलाल बेहद धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि एक धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की दर्दनाक घटना घट जाएगी।

    गांव में शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना को लेकर स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सांपों से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

    ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश


    नई दिल्ली। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जहर खाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल से तीन वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया।

    प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 28 वर्षीय वेंकट शर्मा मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में अपने फ्लैट में अकेला था। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही सोसायटी के लोगों में हड़कंप मच गया और पड़ोसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विकास तोमर के साथ वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर देखा तो युवक अचेत अवस्था में था। बिना देर किए उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय रहते हुई इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो में वेंकट शर्मा रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिख रहा है। उसने अपनी पत्नी रितु शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वेंकट का कहना है कि उसकी पत्नी को महंगी जीवनशैली और लग्जरी चीजों का शौक है, वह एक लाख रुपये तक के मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही उसने पत्नी पर अनजान लोगों से देर रात तक बातचीत करने और विरोध करने पर धमकियां दिलवाने का भी आरोप लगाया है।

    वीडियो में वेंकट ने अपनी सास गीता शर्मा और अन्य परिजनों पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसे उसके बेटे से दूर कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। वेंकट ने वीडियो में यह भी कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और पारिवारिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चला गया।

    युवक ने वीडियो में आठ लोगों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।

    पुलिस के अनुसार, वीडियो और शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने बताया कि युवक के बयान स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

  • ग्वालियर में बड़ा अवैध खनन घोटाला: कृषि जमीन से निकला करोड़ों का पत्थर

    ग्वालियर में बड़ा अवैध खनन घोटाला: कृषि जमीन से निकला करोड़ों का पत्थर


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के बिलौआ इलाके में अवैध खनन का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पर्यावरण और खनिज नियमों की खुली अनदेखी कर करोड़ों रुपये की खनिज संपदा निकाल ली गई। आरोप है कि एक क्रेशर संचालक ने निजी और कृषि भूमि पर बिना अनुमति के 200 से 250 फीट तक गहरी खुदाई कर भारी मात्रा में पत्थर का अवैध उत्खनन कर डाला।

    सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा उत्खनन उस समय किया गया जब संबंधित जमीन पर माइनिंग की पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई थी। इसके बावजूद महीनों तक भारी मशीनों की मदद से लगातार खुदाई चलती रही और खनिज विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    शिकायत सामने आने के बाद जब इस क्षेत्र की सैटेलाइट इमेज मंगाई गई, तो स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि तीन अलग-अलग सर्वे नंबरों पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया गया है और जमीन का बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुका है। अनुमान के मुताबिक यहां करोड़ों रुपये मूल्य का पत्थर निकाला जा चुका है।

    मामले में यह भी आरोप है कि खनिज विभाग ने न तो समय रहते निरीक्षण किया और न ही अवैध उत्खनन पर कोई सख्त कार्रवाई की। नियमों के अनुसार बिना अनुमति खनन पर भारी जुर्माना और खदान सील करने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में न तो जुर्माना लगाया गया और न ही कोई कठोर कार्रवाई हुई।

    इसके बजाय, संबंधित फाइल को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरा मामला मिलीभगत और संरक्षण का परिणाम है, जिसमें नियमों को दरकिनार कर खनन माफिया को फायदा पहुंचाया गया।

    वहीं दूसरी ओर, विभागीय स्तर पर यह दलील दी जा रही है कि सीमांकन में त्रुटि के कारण क्रेशर संचालक ने गलती से दूसरी जमीन पर खुदाई कर दी, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या 250 फीट गहरी खुदाई किसी “गलती” का परिणाम हो सकती है, या इसके पीछे महीनों की सुनियोजित प्रक्रिया रही है।

    स्थानीय स्तर पर 22 अप्रैल 2026 को पर्यावरण मंजूरी के लिए लोक सुनवाई भी कराई गई थी, जिसमें ग्रामीणों को रोजगार और विकास के वादे किए गए थे। लेकिन इससे पहले ही खनन पूरा कर लिया गया, जिससे इस सुनवाई की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।

    फिलहाल कलेक्टर स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। खनिज विभाग के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि अनुमति के बिना इतनी बड़ी खुदाई कैसे और किसकी अनुमति से हुई।  यह पूरा मामला न केवल खनिज संपदा की लूट को उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • मेहराब साहब की तलैया पर जल संरक्षण अभियान, जुटे अधिकारी और नागरिक

    मेहराब साहब की तलैया पर जल संरक्षण अभियान, जुटे अधिकारी और नागरिक


    मध्य प्रदेश । Gwalior में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से गंगा दशहरा के अवसर पर आज विशेष महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत शहर और जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर श्रमदान, दीपदान और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम लक्ष्मीगंज स्थित मेहराब साहब की तलैया पर सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया जाएगा।

    शाम के समय बैजाताल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दीपदान, जलाभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इस अवसर पर जल स्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इस अभियान की खास बात यह है कि प्रशासन ने ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक प्रतीकात्मक पहल की है, जिसके तहत कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम स्थल तक बस से पहुंचेंगे।

    Gwalior जिले के सभी 66 वार्डों, चारों विकासखंडों और नगर निकायों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डबरा में नोन-सिंध नदी, मुरार में झिलमिल नदी, भितरवार में पार्वती नदी और घाटीगांव के 36 अमृत सरोवरों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।

    इस महाअभियान के तहत कुएं, बावड़ियां, नहरें और नदी घाटों की सफाई में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।

    इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई या आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित और संरक्षित रखना है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता।