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  • चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत

    चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के बेलगढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितौली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भागवत कथा में भजन-कीर्तन कर रहे एक किसान की सांप के काटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतक की पहचान 50 वर्षीय मदनलाल रावत के रूप में हुई है, जो पिछले एक सप्ताह से लकेश्वरी माता मंदिर में आयोजित भागवत कथा में नियमित रूप से शामिल हो रहे थे। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण वे न केवल कथा सुनते थे, बल्कि भजन-कीर्तन में भी सक्रिय भागीदारी निभाते थे।

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे कथा के दौरान जब मदनलाल रावत भजन गा रहे थे, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को इस घटना का अंदाजा नहीं हुआ और कार्यक्रम सामान्य रूप से चलता रहा।

    कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि सांप के जहर का असर तेजी से फैल चुका था और तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    देर रात करीब 1 बजे उपचार के दौरान मदनलाल रावत ने दम तोड़ दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही बेलगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।

    इस हादसे ने पूरे चितौली गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि मदनलाल बेहद धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि एक धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की दर्दनाक घटना घट जाएगी।

    गांव में शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना को लेकर स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सांपों से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

    ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश


    नई दिल्ली। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जहर खाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल से तीन वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया।

    प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 28 वर्षीय वेंकट शर्मा मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में अपने फ्लैट में अकेला था। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही सोसायटी के लोगों में हड़कंप मच गया और पड़ोसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विकास तोमर के साथ वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर देखा तो युवक अचेत अवस्था में था। बिना देर किए उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय रहते हुई इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो में वेंकट शर्मा रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिख रहा है। उसने अपनी पत्नी रितु शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वेंकट का कहना है कि उसकी पत्नी को महंगी जीवनशैली और लग्जरी चीजों का शौक है, वह एक लाख रुपये तक के मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही उसने पत्नी पर अनजान लोगों से देर रात तक बातचीत करने और विरोध करने पर धमकियां दिलवाने का भी आरोप लगाया है।

    वीडियो में वेंकट ने अपनी सास गीता शर्मा और अन्य परिजनों पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसे उसके बेटे से दूर कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। वेंकट ने वीडियो में यह भी कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और पारिवारिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चला गया।

    युवक ने वीडियो में आठ लोगों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।

    पुलिस के अनुसार, वीडियो और शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने बताया कि युवक के बयान स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

  • ग्वालियर में बड़ा अवैध खनन घोटाला: कृषि जमीन से निकला करोड़ों का पत्थर

    ग्वालियर में बड़ा अवैध खनन घोटाला: कृषि जमीन से निकला करोड़ों का पत्थर


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के बिलौआ इलाके में अवैध खनन का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पर्यावरण और खनिज नियमों की खुली अनदेखी कर करोड़ों रुपये की खनिज संपदा निकाल ली गई। आरोप है कि एक क्रेशर संचालक ने निजी और कृषि भूमि पर बिना अनुमति के 200 से 250 फीट तक गहरी खुदाई कर भारी मात्रा में पत्थर का अवैध उत्खनन कर डाला।

    सबसे गंभीर बात यह है कि यह पूरा उत्खनन उस समय किया गया जब संबंधित जमीन पर माइनिंग की पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई थी। इसके बावजूद महीनों तक भारी मशीनों की मदद से लगातार खुदाई चलती रही और खनिज विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    शिकायत सामने आने के बाद जब इस क्षेत्र की सैटेलाइट इमेज मंगाई गई, तो स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि तीन अलग-अलग सर्वे नंबरों पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया गया है और जमीन का बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुका है। अनुमान के मुताबिक यहां करोड़ों रुपये मूल्य का पत्थर निकाला जा चुका है।

    मामले में यह भी आरोप है कि खनिज विभाग ने न तो समय रहते निरीक्षण किया और न ही अवैध उत्खनन पर कोई सख्त कार्रवाई की। नियमों के अनुसार बिना अनुमति खनन पर भारी जुर्माना और खदान सील करने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में न तो जुर्माना लगाया गया और न ही कोई कठोर कार्रवाई हुई।

    इसके बजाय, संबंधित फाइल को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जिससे विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह पूरा मामला मिलीभगत और संरक्षण का परिणाम है, जिसमें नियमों को दरकिनार कर खनन माफिया को फायदा पहुंचाया गया।

    वहीं दूसरी ओर, विभागीय स्तर पर यह दलील दी जा रही है कि सीमांकन में त्रुटि के कारण क्रेशर संचालक ने गलती से दूसरी जमीन पर खुदाई कर दी, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या 250 फीट गहरी खुदाई किसी “गलती” का परिणाम हो सकती है, या इसके पीछे महीनों की सुनियोजित प्रक्रिया रही है।

    स्थानीय स्तर पर 22 अप्रैल 2026 को पर्यावरण मंजूरी के लिए लोक सुनवाई भी कराई गई थी, जिसमें ग्रामीणों को रोजगार और विकास के वादे किए गए थे। लेकिन इससे पहले ही खनन पूरा कर लिया गया, जिससे इस सुनवाई की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।

    फिलहाल कलेक्टर स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। खनिज विभाग के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि अनुमति के बिना इतनी बड़ी खुदाई कैसे और किसकी अनुमति से हुई।  यह पूरा मामला न केवल खनिज संपदा की लूट को उजागर करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • मेहराब साहब की तलैया पर जल संरक्षण अभियान, जुटे अधिकारी और नागरिक

    मेहराब साहब की तलैया पर जल संरक्षण अभियान, जुटे अधिकारी और नागरिक


    मध्य प्रदेश । Gwalior में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से गंगा दशहरा के अवसर पर आज विशेष महाअभियान का आयोजन किया जा रहा है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत शहर और जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर श्रमदान, दीपदान और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम लक्ष्मीगंज स्थित मेहराब साहब की तलैया पर सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया जाएगा।

    शाम के समय बैजाताल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दीपदान, जलाभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इस अवसर पर जल स्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    इस अभियान की खास बात यह है कि प्रशासन ने ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक प्रतीकात्मक पहल की है, जिसके तहत कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम स्थल तक बस से पहुंचेंगे।

    Gwalior जिले के सभी 66 वार्डों, चारों विकासखंडों और नगर निकायों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डबरा में नोन-सिंध नदी, मुरार में झिलमिल नदी, भितरवार में पार्वती नदी और घाटीगांव के 36 अमृत सरोवरों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।

    इस महाअभियान के तहत कुएं, बावड़ियां, नहरें और नदी घाटों की सफाई में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।

    इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई या आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित और संरक्षित रखना है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता।

  • पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला

    पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला


    मध्य प्रदेश । Gwalior एक बार फिर एक ऐसे सनसनीखेज मामले को लेकर सुर्खियों में है, जहां शादी के पवित्र रिश्ते को एक सुनियोजित धोखे के खेल में बदल दिया गया। नाका चंद्रवदनी क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने पुलिस से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी को हैरान कर दिया है।

    जांच के अनुसार, जबलपुर में एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रतन शर्मा की शादी राधा उर्फ दीक्षा नाम की महिला से कराई गई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन की संदिग्ध गतिविधियों ने पूरे मामले को मोड़ दिया।

    सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब रतन शर्मा को पता चला कि जिसे दुल्हन का “मुंहबोला भाई” बताया गया था, वह असल में उसका पति अजय चौहान है। यही नहीं, पूरी शादी एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसे पहली पत्नी से जुड़े विवाद को छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रचा गया था।

    दरअसल, आरोपी अजय चौहान की पहली शादी 2009 में हुई थी, जिससे उसके बच्चे भी हैं। बाद में उसने दूसरी शादी राधा उर्फ दीक्षा से आगरा के आर्य समाज मंदिर में कर ली थी। जब पहली पत्नी को इस दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी डर से पूरी साजिश तैयार की गई।

    योजना के तहत दीक्षा की शादी किसी अन्य युवक से कराई गई, ताकि पहली पत्नी को भ्रमित किया जा सके और मामला शांत दिखाया जा सके। इसी कड़ी में रतन शर्मा को निशाना बनाया गया, जिनसे शादी के नाम पर लाखों रुपये भी वसूले गए।

    शादी के बाद रतन को पत्नी के व्यवहार पर शक हुआ। वह मोबाइल पर छिपकर बातचीत करती थी, जिससे संदेह और गहरा गया। बाद में जब रतन ने मोबाइल की चैट चेक की, तो उसमें पति-पत्नी जैसी बातचीत सामने आई, जिससे पूरा राज खुल गया।

    इसके बाद रतन ने अगले तीन दिनों तक दुल्हन की गतिविधियों पर नजर रखी और पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शादी से पहले परिवार ने खुद को गरीब और अनाथ बताकर सहानुभूति हासिल की थी और शादी में भारी खर्च भी करवाया गया।

    आरोप है कि भविष्य में दहेज और घरेलू हिंसा का झूठा केस दर्ज कर और रकम वसूलने की योजना भी बनाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय चौहान और उसकी पत्नी दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी फरार हैं।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” गैंग के नए तरीके को उजागर करता है, जहां रिश्तों का इस्तेमाल आर्थिक धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है।

  • ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी

    ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा को गरीब परिवार की लड़की बताकर शादी के लिए फंसाया गया, जबकि दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली।
    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला।

    7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्ता
    पीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ।

    फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखा
    शादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था।

    व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथी
    शक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था।

    जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोप
    पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट

    ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट


    मध्यप्रदेश । ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में उस समय तनाव और दहशत फैल गई जब एक कपड़ा व्यापारी पर दुकान के अंदर घुसकर तीन बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना का पूरा वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें आरोपी खुलेआम गाली-गलौज करते हुए व्यापारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों में आक्रोश का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    यह घटना 20 मई की शाम करीब 7:15 बजे की बताई जा रही है। माधौगंज क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले 32 वर्षीय सलमान खान अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अनवर पठान, आरिफ पठान और आमिर पठान नाम के तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच पहले से पुराना विवाद चल रहा था, जो उस दिन अचानक हिंसक रूप ले बैठा।

    दुकान में घुसते ही आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर देखते ही देखते सलमान खान पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी तेज थी कि पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज में यह भी साफ दिखाई देता है कि जब परिजन बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, तब भी आरोपी लगातार मारपीट करते रहते हैं और किसी की नहीं सुनते।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का वातावरण है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी धमकी देते रहे हैं, जिसके कारण सलमान खान ने पहले भी अपनी दुकान कुछ दिनों के लिए बंद रखी थी।

    परिजनों का आरोप है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर डराने-धमकाने का काम कर रहे थे और पुराने विवाद को लेकर रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने दुकान में घुसकर हमला किया। बताया जा रहा है कि इलाके के कई अन्य लोग भी आरोपियों की गतिविधियों से परेशान हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा

    अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार को नाथूराम गोडसे की 116वीं जयंती के मौके पर प्रस्तावित जुलूस को लेकर तनाव की स्थिति बनने से पहले ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और संभावित विवाद को देखते हुए यह फैसला लिया, जिसके बाद पूरा कार्यक्रम हिंदू महासभा के दौलतगंज स्थित कार्यालय परिसर में ही आयोजित किया गया।

    कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की तस्वीर पर माल्यार्पण और आरती की। हालांकि कार्यक्रम सीमित दायरे में हुआ, लेकिन इस दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर फिर से विवाद की स्थिति बन गई।

    कुछ पदाधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भविष्य में गोडसे की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी और उन्हें लेकर संगठन की विचारधारा आगे भी जारी रहेगी। इन बयानों के बाद प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी गई।

    कोतवाली थाना पुलिस पहले से ही कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात थी और पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

    प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि या बयान पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि ग्वालियर में इससे पहले भी गोडसे को लेकर आयोजित कार्यक्रम विवादों में रहे हैं, जिसके चलते इस बार प्रशासन ने एहतियातन अनुमति देने से इनकार किया।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत

    ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत



    ग्वालियर। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर सरकारी मल्टी में पति-पत्नी के बीच देर से घर आने को लेकर हुआ विवाद एक दर्दनाक घटना में बदल गया। बहस के बाद पत्नी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया।

    देर से घर आने पर शुरू हुआ विवाद
    जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे रामचंद्र आदिवासी घर पहुंचे थे। देर से आने पर पत्नी सोनम ने उनसे सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच बच्चों के सामने बहस हो गई।

    विवाद इतना बढ़ गया कि रामचंद्र गुस्से में घर से बाहर चले गए। इसी दौरान पत्नी सोनम कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    बच्चों ने दी दर्दनाक सूचना
    कुछ देर बाद बड़ा बेटा ओम रोते हुए बाहर आया और पिता को बताया कि मां पंखे से लटकी हुई है। यह सुनकर पिता तुरंत घर की ओर दौड़े।दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल हुए।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
    परिजन सोनम को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब 26 मिनट के इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    घटना की सूचना मिलने पर थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया।थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    घरेलू विवाद बना जानलेवा
    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी कई बार गंभीर और दुखद परिणाम दे सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।