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  • ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार

    ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश शहर के व्यस्ततम इलाके दाल बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े कार का कांच तोड़कर एक युवती के अपहरण की जिस घटना ने पूरे ग्वालियर को दहला दिया था, उसकी हकीकत सामने आते ही पुलिस और जनता दोनों हैरान हैं। जिसे लोग किडनैपिंग समझ रहे थे, वह दरअसल लुटेरी दुल्हन गैंग की एक सोची-समझी और फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में गैंग के एक सदस्य को दबोच लिया है, जिसके पास से ठगी के 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं हालांकि मुख्य आरोपी दुल्हन और उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं।

    इस पूरी साजिश की पटकथा शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर के घर से शुरू हुई। महेंद्र अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर चिंतित थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने उन्हें झांसे में लिया। राकेश ने एक लड़की से शादी कराने का सौदा 2 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद बंटी धाकड़ और हीरा ठाकुर नामक बिचौलियों ने महेंद्र को पूनम गौर उर्फ डॉली नाम की युवती से मिलवाया और उसे बंटी की साली बताया। महेंद्र ने बेटे के भविष्य की खातिर अपनी जमा-पूंजी से 2 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।

    शादी की औपचारिकताएं पूरी करने और नोटरी कराने के बाद जब महेंद्र अपने बेटे और नई नवेली बहू डॉली को कार से लेकर घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार में साजिश का अगला हिस्सा शुरू हुआ। अचानक एक एक्टिवा और बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कार का कांच फोड़ा और दुल्हन को जबरन अपने साथ खींचकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख हर कोई सहम गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और सीसीटीवी खंगाले। जांच के दौरान जैसे ही कड़ियां जुड़ीं, अपहरण की यह कहानी ठगी के बड़े नेटवर्क में बदल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसने कबूला कि यह किडनैपिंग नहीं बल्कि दुल्हन को सुरक्षित भगाने का एक नाटक था ताकि परिवार पुलिस में शिकायत न कर सके। पकड़े गए आरोपी के पास से लूटी गई रकम के 90 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

    फिलहाल, पुलिस ने फरियादी महेंद्र पाराशर की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, हीरा ठाकुर और लुटेरी दुल्हन पूनम गौर सहित 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर पुलिस की कई टीमें अब इस संगठित गिरोह के बाकी सदस्यों और ‘डॉली’ की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर होने वाले इस तरह के संगठित अपराधों के प्रति समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

  • ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर में हैवानियत: छात्रा को सरेराह डंडे से मारकर किया बेहोश, फिर कमरे में ले जाकर किया दुष्कर्म

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जिसने शहर की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके के पास एक 20 वर्षीय छात्रा के साथ न केवल दिनदहाड़े मारपीट की गई बल्कि उसे बेहोश कर एक मकान में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। यह पूरी घटना उस समय हुई जब छात्रा अपनी स्टेनोग्राफी की कोचिंग खत्म कर स्कूटी से घर लौट रही थी।

    पीड़िता के अनुसार जब वह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी दतिया निवासी हर्ष ठाकुर ने अपने एक साथी के साथ मिलकर उसकी स्कूटी में जानबूझकर जोरदार टक्कर मार दी। जब छात्रा ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी हर्ष ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके सिर पर डंडे से हमला कर दिया। हमले की वजह से छात्रा मौके पर ही अचेत हो गई। इसके बाद आरोपी उसे उठाकर पास ही के एक सुनसान मकान में ले गए जहाँ हर्ष ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब छात्रा को होश आया और उसने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने दोबारा उसके साथ मारपीट की और उसके सिर पर कांच की बोतल दे मारी जिससे वह फिर से लहूलुहान होकर बेहोश हो गई।

    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी छात्रा को वापस उसकी स्कूटी के पास अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। कुछ समय बाद जब छात्रा को होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। बदहवास हालत में परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे जहाँ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत केस दर्ज किया।

    इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि आरोपी हर्ष और पीड़िता पहले से परिचित थे। एडिशनल एसपी विदिता डागर ने बताया कि साल 2023 में भी छात्रा ने हर्ष के खिलाफ छेड़छाड़ और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था जिसका मुकदमा फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। संभवतः इसी पुरानी रंजिश और कोर्ट केस का बदला लेने के लिए आरोपी ने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हर्ष ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने ग्वालियर में सनसनी फैला दी है और लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।

  • ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश

    ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश


    ग्वालियर। शहर के हजीरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 27 वर्षीय ऊर्जावान युवक जो कुछ ही घंटों पहले अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटा था उसने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जब पिता ने कमरे का दरवाजा खोला तो सामने का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं और चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला दहल उठा।

    सामान्य दिनचर्या और अचानक उठाया खौफनाक कदम मृतक की पहचान लाइन नंबर-8 निवासी राकेश दुरखरिया 27 के रूप में हुई है। राकेश एक निजी फर्म में नौकरी करता था और अपने परिवार का सहारा था। परिजनों के अनुसार मंगलवार का दिन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य था। राकेश सुबह तैयार होकर काम पर गया और दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटा। घर आने के बाद उसने परिजनों से सामान्य बातचीत की और अपने कमरे में चला गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कमरे के बंद दरवाजे के पीछे वह मौत का रास्ता चुन लेगा।

    जब पिता ने देखा हृदयविदारक दृश्य काफी देर तक जब राकेश कमरे से बाहर नहीं आया और भीतर से कोई आहट नहीं हुई तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब उन्होंने दरवाजा खोलकर भीतर झांका तो राकेश फंदे से लटका हुआ था। पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर दौड़े। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और नब्ज टटोली गई लेकिन तब तक राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

    बिना सुसाइड नोट के उलझी गुत्थी सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। राकेश के व्यवहार में भी हाल-फिलहाल कोई बदलाव नहीं देखा गया था जिससे आत्महत्या की वजह और भी रहस्यमयी हो गई है। पुलिस अब युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि मौत के पीछे छिपे संभावित तनाव या कारणों का पता लगाया जा सके।

    सदमे में परिवार जांच जारी हजीरा थाना पुलिस का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के ठोस कारण बताना जल्दबाजी होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों की स्थिति अभी बयान देने लायक नहीं है; उनके सामान्य होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। क्या यह कदम किसी कार्यस्थल के दबाव आर्थिक तंगी या किसी निजी उलझन का परिणाम था यह जांच का मुख्य विषय है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अचानक लिए जाने वाले घातक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय निजी कर्मचारी राकेश दुरखरिया ने ड्यूटी से लौटने के बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है जिससे मौत के कारण रहस्य बने हुए हैं। पुलिस मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के जरिए मामले की जांच कर रही है।

  • तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी

    तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी


    ग्वालियर में तेलंगाना पुलिस की सूचना पर एक समय पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कटिंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेहरा टोल प्लाजा पर घेराबंदी के दौरान दबोचे गए, जब वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। तीनों आरोपियों को जल्द ही तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि एटीएम कटिंग में शामिल यह गिरोह उत्तर भारत की ओर भाग रहा है। बुधवार देर रात मेहरा टोल बैरियर पर नाकाबंदी की गई और कुछ ही देर बाद संदिग्ध बोलेरो कार को रोका गया। कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

    आरोपी और गिरोह की जानकारी
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई: 26 वर्षीय वाजिव, पुत्र अब्दुल गफूर, बड़ागांव, हरियाणा 40 वर्षीय अब्दुल्ला, पुत्र मजीद खान, वादिली गांव, हरियाणा  23 वर्षीय आमिर, पुत्र रशीद अंसारी, अलवल, हैदराबाद, तेलंगानातीनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

    बरामदगी और पूछताछ

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एटीएम कटिंग में इस्तेमाल होने वाले कटर, ब्लेड, पेजकश, टॉमी, चाबियां और अन्य औजार बरामद किए गए। इसके अलावा, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार भी जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेलंगाना में कई एटीएम कटिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर सर्दियों के मौसम का फायदा उठाता था। रात में आवाज कम सुनाई देने और लोगों की आवाजाही कम होने के कारण आरोपी एटीएम कटिंग की योजना बनाते थे। वारदात के बाद वे तुरंत राज्य बदल लेते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी।

    कार्रवाई और आगे की योजना

    ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना तुरंत तेलंगाना पुलिस को दी। तेलंगाना पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है और गुरुवार रात तक पहुंचने की संभावना है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना ले जाया जाएगा।पुलिस का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई से ग्वालियर और आसपास के इलाकों में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी पिछली गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन और सुरक्षा संदेश

    इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि अंतरराज्यीय समन्वय और समय पर सूचना साझा करना अपराध नियंत्रण में कितना अहम है। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते अपराध को रोका जा सके।
  • अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम

    अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम


    ग्वालियर । ग्वालियर व्यापार मेला जो मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला माना जाता है 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस मेले का उद्घाटन होने वाला है जो व्यापारियों और सैलानियों के लिए एक खास अवसर बनेगा। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब इस मेला के उद्घाटन का इंतजार है।

    इस वर्ष का मेला पहले से भी ज्यादा खास होगा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से व्यापारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
    मेले में इस बार विभिन्न सेक्टरों की छटा देखने को मिलेगी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शोरूम सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नए गैजेट्स और घरेलू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

    इसके साथ ही झूला सेक्टर और फूड जोन में रोमांच और स्वाद का तड़का होगा। हाई-टेक झूले युवाओं के लिए तैयार हैं जबकि फूड जोन में राजस्थानी पंजाबी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी स्वादिष्ट रूप से परोसे जाएंगे। मेला न केवल व्यापार बल्कि कला और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा जहां 1 जनवरी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होगा।
    जनवरी के महीने में पहलवानी का भी आयोजन होगा। 19-20 जनवरी को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता और 23-25 जनवरी को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी जो खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    व्यापारी भी इस वर्ष मेला में उत्साहित हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के बाद उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी ग्वालियर आ रहे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी अनोखी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार एक बेहतरीन अनुभव देने वाला है जिसमें व्यापार कला संस्कृति और खेल का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

  • ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन

    ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’: अमित शाह होंगे शामिल, अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत और विकास पर होगा मंथन


    ग्वालियर।पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक भव्य और बहुआयामी आयोजन किया जा रहा है। अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समिट को राज्य के औद्योगिक विकासनिवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह समिट अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों और विकास दृष्टि को समर्पित रहेगा। आयोजन में देश-विदेश से उद्योगपतिनिवेशकनीति विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करना हैसाथ ही ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से सामने लाना है।

    अटल जी के जीवन पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी

    समिट के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगाजो अटल बिहारी वाजपेयी के संपूर्ण जीवन और योगदान को दर्शाएगी। इस प्रदर्शनी में उनके जन्मशिक्षाराजनीतिक संघर्षप्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी को छह अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया हैजिनमें से एक खंड पूरी तरह अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और विचारों को समर्पित होगा।

    ग्वालियर और अटल जी का गहरा संबंध

    ग्वालियर को अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक शहर माना जाता है। यहीं स्थित उनका पैतृक निवास आज भी संरक्षित हैजहां एक पुस्तकालय संचालित किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसारअटल जी के व्यक्तित्व और विचारधारा के निर्माण में ग्वालियर की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनका इस शहर से भावनात्मक जुड़ाव बना रहा।

    ग्वालियर वॉल बनेगी प्रमुख आकर्षण

    समिट में प्रदर्शनी का एक प्रमुख हिस्सा ग्वालियर वॉल होगाजिसमें शहर की ऐतिहासिक धरोहरोंपर्यटन स्थलोंसंगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया जाएगा। इसके माध्यम से ग्वालियर को एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावामध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को मॉडल्स और विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए दिखाया जाएगा।

    उद्योग और निवेश को मिलेगा मंच

    समिट में उद्योग और निवेश से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। एक अलग खंड में राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियोंनिवेश प्रक्रियाभूमि आवंटनप्रोत्साहन योजनाओं और प्रशासनिक सहयोग की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य निवेशकों और उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर प्रदान करना हैताकि वे राज्य में निवेश को लेकर स्पष्ट निर्णय ले सकें।

    क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समिट केवल एक औद्योगिक सम्मेलन नहीं हैबल्कि यह अटल बिहारी वाजपेयी की विरासतग्वालियर की ऐतिहासिक पहचान और मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक साथ प्रस्तुत करने का मंच है। यह आयोजन राज्य के लिए आर्थिक विकासरोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण-तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट के जरिए ग्वालियर एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी ऐतिहासिक सांस्कृतिक और आर्थिक भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत करने जा रहा है।

  • ग्वालियर में अपात्र लोगों को पुलिस सुरक्षा पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब..

    ग्वालियर में अपात्र लोगों को पुलिस सुरक्षा पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब..


    ग्वालियर/मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अपात्र और निजी व्यक्तियों को दी जा रही पुलिस सुरक्षा का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट के संज्ञान में आया है। इस मुद्दे को गंभीर जनहित से जुड़ा मानते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ संकेत दिए हैं कि पुलिस बल का इस तरह दुरुपयोग स्वीकार्य नहीं है।यह मामला याचिकाकर्ता नवल किशोर शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका के माध्यम से उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के बावजूद निजी व्यक्तियों को दी जा रही पुलिस सुरक्षा की कोई प्रभावी समीक्षा नहीं की गई। इसके कारण आज भी कई ऐसे लोग पुलिस सुरक्षा का लाभ उठा रहे हैं, जो इसके पात्र नहीं हैं।

    याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता डीपी सिंह ने अदालत को बताया कि ग्वालियर में पुलिस बल की पहले से ही भारी कमी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी निजी व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। इससे न केवल आम जनता की सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी खजाने पर भी लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।वकील ने अदालत के सामने उदाहरण पेश करते हुए बताया कि विनय सिंह नामक व्यक्ति को दी गई पुलिस सुरक्षा के दौरान ही उनके खिलाफ वसूली सहित पांच आपराधिक मामले दर्ज हुए। यह साफ तौर पर पुलिस सुरक्षा के दुरुपयोग और सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा पाने वाले ही अपराधों में लिप्त हों, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है।

    हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि पूर्व आदेश के बाद सूचना के अधिकार RTI के तहत जो जानकारी सामने आई, वह और भी चिंताजनक है। RTI से खुलासा हुआ कि 19 व्यक्तियों की सुरक्षा में 33 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि इनमें से अधिकांश व्यक्ति सुरक्षा के पात्र ही नहीं थे। यह स्थिति तब है जब शहर में आम नागरिकों को पर्याप्त पुलिस सहायता नहीं मिल पा रही है।इससे पहले भी हाईकोर्ट इस तरह के मामलों में सख्त रुख अपना चुका है। दिलीप शर्मा और संजय शर्मा को दी गई पुलिस सुरक्षा के मामले में कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए दोनों भाइयों से सुरक्षा पर हुए खर्च की वसूली के आदेश दिए थे। उस समय कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि किसी भी तुच्छ या अपात्र व्यक्ति को सरकारी खर्च पर पुलिस सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

    न्यायालय ने अपने पुराने आदेशों में यह भी कहा था कि पुलिस सुरक्षा देने के लिए स्पष्ट, पारदर्शी और ठोस नियम बनाए जाने चाहिए। कोर्ट का मानना है कि सुरक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था का इस्तेमाल केवल वास्तविक और प्रमाणित खतरे वाले मामलों में ही होना चाहिए, न कि प्रभाव या रसूख के आधार पर।हाईकोर्ट ने यह सुझाव भी दिया था कि जिन मामलों में व्यापारिक प्रतिस्पर्धा या निजी कारणों से खतरे की आशंका हो, और संबंधित परिवार के पास लाइसेंसी हथियार उपलब्ध हों, वहां निजी सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था एक बेहतर विकल्प हो सकती है। कोर्ट के अनुसार, निजी सुरक्षा गार्ड कई बार पुलिसकर्मियों की तुलना में ज्यादा सजग और प्रभावी साबित हो सकते हैं, जबकि पुलिस बल को कानून-व्यवस्था के मूल कामों में लगाया जाना चाहिए।

    ताजा सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अब तक पूर्व आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया और अपात्र लोगों को दी जा रही सुरक्षा पर क्या कार्रवाई की गई है। नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा गया है।यह मामला न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे प्रदेश में पुलिस सुरक्षा के दुरुपयोग और जवाबदेही से जुड़ा एक अहम उदाहरण बनता जा रहा है। आने वाले समय में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और कोर्ट का अगला रुख इस व्यवस्था की दिशा तय करेगा।