Tag: Gwalior News

  • पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला

    पहली पत्नी को बचाने के लिए रची गई अनोखी चाल, ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला


    मध्य प्रदेश । Gwalior एक बार फिर एक ऐसे सनसनीखेज मामले को लेकर सुर्खियों में है, जहां शादी के पवित्र रिश्ते को एक सुनियोजित धोखे के खेल में बदल दिया गया। नाका चंद्रवदनी क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने पुलिस से लेकर स्थानीय लोगों तक सभी को हैरान कर दिया है।

    जांच के अनुसार, जबलपुर में एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर कार्यरत रतन शर्मा की शादी राधा उर्फ दीक्षा नाम की महिला से कराई गई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन की संदिग्ध गतिविधियों ने पूरे मामले को मोड़ दिया।

    सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब रतन शर्मा को पता चला कि जिसे दुल्हन का “मुंहबोला भाई” बताया गया था, वह असल में उसका पति अजय चौहान है। यही नहीं, पूरी शादी एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसे पहली पत्नी से जुड़े विवाद को छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए रचा गया था।

    दरअसल, आरोपी अजय चौहान की पहली शादी 2009 में हुई थी, जिससे उसके बच्चे भी हैं। बाद में उसने दूसरी शादी राधा उर्फ दीक्षा से आगरा के आर्य समाज मंदिर में कर ली थी। जब पहली पत्नी को इस दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी डर से पूरी साजिश तैयार की गई।

    योजना के तहत दीक्षा की शादी किसी अन्य युवक से कराई गई, ताकि पहली पत्नी को भ्रमित किया जा सके और मामला शांत दिखाया जा सके। इसी कड़ी में रतन शर्मा को निशाना बनाया गया, जिनसे शादी के नाम पर लाखों रुपये भी वसूले गए।

    शादी के बाद रतन को पत्नी के व्यवहार पर शक हुआ। वह मोबाइल पर छिपकर बातचीत करती थी, जिससे संदेह और गहरा गया। बाद में जब रतन ने मोबाइल की चैट चेक की, तो उसमें पति-पत्नी जैसी बातचीत सामने आई, जिससे पूरा राज खुल गया।

    इसके बाद रतन ने अगले तीन दिनों तक दुल्हन की गतिविधियों पर नजर रखी और पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शादी से पहले परिवार ने खुद को गरीब और अनाथ बताकर सहानुभूति हासिल की थी और शादी में भारी खर्च भी करवाया गया।

    आरोप है कि भविष्य में दहेज और घरेलू हिंसा का झूठा केस दर्ज कर और रकम वसूलने की योजना भी बनाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय चौहान और उसकी पत्नी दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी फरार हैं।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की ठगी की घटनाओं में शामिल रहा है। Gwalior में सामने आया यह मामला एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” गैंग के नए तरीके को उजागर करता है, जहां रिश्तों का इस्तेमाल आर्थिक धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है।

  • ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी

    ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा को गरीब परिवार की लड़की बताकर शादी के लिए फंसाया गया, जबकि दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली।
    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला।

    7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्ता
    पीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ।

    फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखा
    शादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था।

    व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथी
    शक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था।

    जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोप
    पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट

    ग्वालियर में कपड़ा व्यापारी पर जानलेवा हमला, दुकान में घुसकर की मारपीट


    मध्यप्रदेश । ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में उस समय तनाव और दहशत फैल गई जब एक कपड़ा व्यापारी पर दुकान के अंदर घुसकर तीन बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना का पूरा वीडियो दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जिसमें आरोपी खुलेआम गाली-गलौज करते हुए व्यापारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों में आक्रोश का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

    यह घटना 20 मई की शाम करीब 7:15 बजे की बताई जा रही है। माधौगंज क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले 32 वर्षीय सलमान खान अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी अनवर पठान, आरिफ पठान और आमिर पठान नाम के तीन युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच पहले से पुराना विवाद चल रहा था, जो उस दिन अचानक हिंसक रूप ले बैठा।

    दुकान में घुसते ही आरोपियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और फिर देखते ही देखते सलमान खान पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी तेज थी कि पीड़ित को गंभीर चोटें आईं। सीसीटीवी फुटेज में यह भी साफ दिखाई देता है कि जब परिजन बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, तब भी आरोपी लगातार मारपीट करते रहते हैं और किसी की नहीं सुनते।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि क्षेत्र में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का वातावरण है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी धमकी देते रहे हैं, जिसके कारण सलमान खान ने पहले भी अपनी दुकान कुछ दिनों के लिए बंद रखी थी।

    परिजनों का आरोप है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर डराने-धमकाने का काम कर रहे थे और पुराने विवाद को लेकर रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने दुकान में घुसकर हमला किया। बताया जा रहा है कि इलाके के कई अन्य लोग भी आरोपियों की गतिविधियों से परेशान हैं।

    घटना की जानकारी मिलते ही माधौगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा

    अनुमति न मिलने से भड़का हिंदू महासभा: गोडसे की मूर्तियां लगाने की घोषणा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार को नाथूराम गोडसे की 116वीं जयंती के मौके पर प्रस्तावित जुलूस को लेकर तनाव की स्थिति बनने से पहले ही प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और संभावित विवाद को देखते हुए यह फैसला लिया, जिसके बाद पूरा कार्यक्रम हिंदू महासभा के दौलतगंज स्थित कार्यालय परिसर में ही आयोजित किया गया।

    कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हिंदू महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की तस्वीर पर माल्यार्पण और आरती की। हालांकि कार्यक्रम सीमित दायरे में हुआ, लेकिन इस दौरान दिए गए कुछ बयानों को लेकर फिर से विवाद की स्थिति बन गई।

    कुछ पदाधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भविष्य में गोडसे की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी और उन्हें लेकर संगठन की विचारधारा आगे भी जारी रहेगी। इन बयानों के बाद प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी गई।

    कोतवाली थाना पुलिस पहले से ही कार्यक्रम स्थल के बाहर तैनात थी और पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।

    प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि या बयान पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि ग्वालियर में इससे पहले भी गोडसे को लेकर आयोजित कार्यक्रम विवादों में रहे हैं, जिसके चलते इस बार प्रशासन ने एहतियातन अनुमति देने से इनकार किया।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत

    ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत



    ग्वालियर। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर सरकारी मल्टी में पति-पत्नी के बीच देर से घर आने को लेकर हुआ विवाद एक दर्दनाक घटना में बदल गया। बहस के बाद पत्नी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया।

    देर से घर आने पर शुरू हुआ विवाद
    जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे रामचंद्र आदिवासी घर पहुंचे थे। देर से आने पर पत्नी सोनम ने उनसे सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच बच्चों के सामने बहस हो गई।

    विवाद इतना बढ़ गया कि रामचंद्र गुस्से में घर से बाहर चले गए। इसी दौरान पत्नी सोनम कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    बच्चों ने दी दर्दनाक सूचना
    कुछ देर बाद बड़ा बेटा ओम रोते हुए बाहर आया और पिता को बताया कि मां पंखे से लटकी हुई है। यह सुनकर पिता तुरंत घर की ओर दौड़े।दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल हुए।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
    परिजन सोनम को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब 26 मिनट के इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    घटना की सूचना मिलने पर थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया।थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    घरेलू विवाद बना जानलेवा
    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी कई बार गंभीर और दुखद परिणाम दे सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज, 1277 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

    ग्वालियर में सहायक कुल सचिव परीक्षा आज, 1277 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा सहायक कुल सचिव परीक्षा-2025 का आयोजन आज रविवार को ग्वालियर में किया जा रहा है। इस परीक्षा में शहर के तीन केंद्रों पर कुल 1277 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा एक ही सत्र में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू
    परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए कई वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है-
    जूते और मोजे पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा
    मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर प्रतिबंध
    बेल्ट, क्लचर, बक्कल और हाथ के बैंड भी वर्जित
    केवल पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति
    उम्मीदवारों को केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है।

    त्रिस्तरीय जांच और CCTV निगरानी
    परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है।
    पहले चरण में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
    सभी केंद्रों पर CCTV कैमरों से निगरानी
    कलेक्टर कार्यालय में डिजिटल कंट्रोल रूम की स्थापना
    यह कंट्रोल रूम सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक सक्रिय रहेगा।

    शिकायत के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय
    परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या शिकायत के लिए कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकता है।
    दूरभाष: 0751-2446214
    मोबाइल: 9425135143
    निगरानी की जिम्मेदारी अधीक्षक आर.आई. भगत के निर्देशन में की जा रही है।

    ग्वालियर में आयोजित यह परीक्षा कड़े सुरक्षा इंतजामों और डिजिटल निगरानी के बीच संपन्न हो रही है। सख्त नियमों का उद्देश्य केवल एक ही है-निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना।

  • बिना OTP और कॉल के व्यापारी से बड़ी ठगी, सिम क्लोनिंग का शक

    बिना OTP और कॉल के व्यापारी से बड़ी ठगी, सिम क्लोनिंग का शक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में अब आग बुझाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू हो गया है। नगर निगम ने करीब ₹2 करोड़ की लागत से एक AI आधारित फायर फाइटिंग रोबोट तैनात किया है, जो उन जगहों पर जाकर आग बुझा सकता है, जहां इंसानों का जाना बेहद खतरनाक होता है। यह रोबोट जयपुर की रोबोटिक्स कंपनी द्वारा विकसित किया गया है और इसे विशेष रूप से औद्योगिक और उच्च जोखिम वाली आग की घटनाओं के लिए तैयार किया गया है।

    कैसे काम करता है यह रोबोट?
    यह फायर फाइटिंग रोबोट पूरी तरह रिमोट ऑपरेटेड है और इसे दूर से नियंत्रित किया जाता है। इसमें लगा कैमरा और डिस्प्ले सिस्टम ऑपरेटर को लाइव स्थिति दिखाता है, जिससे यह पता चलता है कि आगे क्या हो रहा है। यह एक तरह का क्रॉलर टैंक सिस्टम है, जो खराब रास्तों, मलबे और सीढ़ियों पर भी आसानी से चल सकता है।

    500°C की आग में भी काम करने की क्षमता
    इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसकी गर्मी सहने की क्षमता है। यह लगभग 500 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी काम कर सकता है।

    इसके अलावा इसमें-
    थर्मल इमेजिंग कैमरा
    AI आधारित ऑब्जेक्ट डिटेक्शन
    हाई प्रेशर वाटर और फोम सिस्टम
    मजबूत क्रॉलर ट्रैक
    जैसी आधुनिक तकनीकें लगी हैं, जो इसे बेहद प्रभावी बनाती हैं।

    8 से 10 घंटे तक लगातार काम
    यह रोबोट एक बार चार्ज होने पर लगभग 8 से 10 घंटे तक लगातार काम कर सकता है। इसकी बैटरी सिस्टम और कूलिंग तकनीक इसे लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद करती है। यह फायर टैंकर से जुड़कर पानी और फोम दोनों के जरिए आग पर काबू पा सकता है।

    कहां-कहां किया जा चुका है इस्तेमाल?
    इंदौर में इस रोबोट का इस्तेमाल कई बड़े हादसों में किया गया है, जिनमें शामिल हैं-
    नवदा पंथ प्लास्टिक फैक्ट्री आग
    परदेशीपुरा की आग
    सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र की घटना
    पीथमपुर की बड़ी औद्योगिक आग
    इन सभी मामलों में इस रोबोट ने जोखिम भरे हालात में फायरफाइटिंग में अहम भूमिका निभाई।

    क्यों है यह तकनीक खास?
    यह रोबोट खास तौर पर उन जगहों के लिए बनाया गया है जहां-
    तेल और गैस प्लांट
    केमिकल और पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री
    बड़े गोदाम और लॉजिस्टिक हब
    बिजली संयंत्र और ट्रांसफॉर्मर यूनिट
    जैसे हाई रिस्क क्षेत्र शामिल हैं।
    यह लगभग 500 किलो तक का भार भी संभाल सकता है और भारी मलबे में भी आसानी से मूव कर सकता है।

    अधिकारियों का बयान
    नगर निगम कमिश्नर के अनुसार, यह रोबोट फायर टैंकर से जुड़कर काम करता है और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में भी लंबे समय तक आग बुझाने में सक्षम है। इससे फायरफाइटर्स की जान का जोखिम काफी कम हो जाता है। इंदौर का यह फायर फाइटिंग रोबोट आधुनिक आपदा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह तकनीक न सिर्फ आग बुझाने की क्षमता बढ़ाती है, बल्कि दमकलकर्मियों की सुरक्षा को भी नए स्तर पर ले जाती है।

  • वट सावित्री व्रत और अमावस्या का संयोग, ग्वालियर में शनि मंदिरों में विशेष पूजा

    वट सावित्री व्रत और अमावस्या का संयोग, ग्वालियर में शनि मंदिरों में विशेष पूजा


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में शनिवार को शनि जयंती के अवसर पर धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। न्याय और कर्मफल के देवता भगवान शनिदेव की जयंती इस बार अमावस्या और वट सावित्री व्रत के दुर्लभ संयोग के साथ मनाई जा रही है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने काले तिल, सरसों का तेल और फूल चढ़ाकर शनिदेव से अपने परिवार में सुख-शांति और लंबी आयु की कामना की।

    नवग्रह मंदिर बना आस्था का केंद्र
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित प्राचीन नवग्रह मंदिर में विशेष भीड़ देखने को मिली। यह लगभग 150 साल पुराना मंदिर शहर के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु शनि देव सहित सभी नवग्रहों की पूजा कर रहे हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में राहत मिलती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर शनिवार यहां आने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

    तेल,   और दान का विशेष महत्व
    शनि जयंती पर भक्तों ने विशेष रूप से सरसों का तेल और काले तिल अर्पित किए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। कंबल, अन्न, तिल और दक्षिणा का दान करने से जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य रोहित उपाध्याय के अनुसार शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है, जो व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इस दिन पूजा और मंत्रोच्चारण से शनि दोष में राहत मिलती है और जीवन में बाधाएं कम होती हैं।

    वट सावित्री व्रत में महिलाओं की आस्था
    इस अवसर पर महिलाओं ने वट सावित्री व्रत भी रखा, जो पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए किया जाता है। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर देवी सावित्री और यमराज का स्मरण कर निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत अत्यंत कठिन माना जाता है क्योंकि इसमें पूरे दिन जल और अन्न का त्याग किया जाता है।

     धार्मिक संयोग ने बढ़ाया महत्व
    शनि जयंती, अमावस्या और वट सावित्री व्रत का एक साथ पड़ना इस दिन को अत्यंत विशेष बना रहा है। इस दुर्लभ संयोग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर जारी रहा।

    ग्वालियर में शनि जयंती का यह अवसर सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और विश्वास का संगम बन गया। मंदिरों में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि शनिदेव के प्रति श्रद्धा लोगों के जीवन में गहराई से जुड़ी हुई है।

  • मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष: ग्वालियर में सूजे से वार, पुलिस ने दर्ज किया केस

    मामूली विवाद बना खूनी संघर्ष: ग्वालियर में सूजे से वार, पुलिस ने दर्ज किया केस


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में नशे के दौरान हुआ एक विवाद गंभीर हिंसा में बदल गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई, जिसमें एक युवक पर बर्फ फोड़ने वाले सूजे से हमला कर दिया गया और वह घायल हो गया।

    घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है और यह विवेकानंद चौराहे के पास हुई। जानकारी के अनुसार, थाटीपुर निवासी बाबा वाल्मीकि और दिव्यांशु हमाल तथा कुमारपुर निवासी गोलू भदौरिया एक साथ द्वारकाधीश मंदिर के पास बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल गाली-गलौज तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे यह झगड़े में बदल गया। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने मिलकर गोलू भदौरिया के साथ मारपीट शुरू कर दी और उसे जमीन पर पटक दिया। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।

    बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान पास में रखा बर्फ फोड़ने वाला सूजा (आइस पिक) उठा लिया गया और उसी से गोलू पर हमला किया गया। इस हमले में वह घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी वहां से फरार हो गए।

    घायल युवक किसी तरह थाटीपुर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

    थाटीपुर थाना प्रभारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना शराब पीने के दौरान हुए विवाद का परिणाम थी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    Gwalior में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि नशे में छोटी सी कहासुनी भी गंभीर अपराध में बदल सकती है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है और घायल का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।