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  • MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज

    MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज


    ग्वालियर।
    करवा चौथ (Karwa Chauth) का दिन. इस दिन सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है. घरों में पूजा की तैयारी होती है और पति-पत्नी (Husband and wife) साथ में त्योहार मनाते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में इसी दिन एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. मुरार थाना क्षेत्र (Murar police station area) के त्यागी नगर में मधु श्रीवास्तव की हत्या हो गई. आरोप मधु के पति आनंद श्रीवास्तव पर है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए, जिससे मधु की मौत हो गई. घटना के बाद आनंद खुद थाने पहुंचा. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी. घटना ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर की है. मृतका की पहचान मधु श्रीवास्तव के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए थे. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. घटना की खबर सामने आने के बाद आसपास सनसनी फैल गई. जिस दिन कई घरों में करवा चौथ की पूजा हो रही थी, उसी दिन एक महिला की हत्या की खबर ने लोगों को सन्न कर दिया।

    हालांकि, घटना से पहले घर में क्या हुआ था, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं और वारदात किस परिस्थिति में हुई, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं. पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

    हत्या के बाद आरोपी पति आनंद श्रीवास्तव खुद थाने पहुंचा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने वहां हत्या की बात कबूल की. हालांकि, उसके बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस ने आनंद को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय क्या हुआ था. इसी के साथ पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों, बयानों और दूसरे तथ्यों को भी जोड़ना होगा।

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आनंद और मधु ने लव मैरिज की थी. दोनों की मैरिड लाइफ में किसी तरह का विवाद था या नहीं, इस बारे में पूछताछ की जा रही है. यह भी अभी साफ नहीं है कि घटना से ठीक पहले दोनों के बीच कोई कहासुनी हुई थी या वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह थी. पुलिस की ओर से फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, आनंद श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े सबूतों और अन्य जानकारियों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर हाईकोर्ट सख्त, चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना नोटिस

    ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर हाईकोर्ट सख्त, चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना नोटिस

    मध्य प्रदेश। के ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उससे जुड़े सरकारी रिकॉर्ड को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण की मूल फाइल उपलब्ध नहीं होने और अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाबों पर अदालत ने नाराजगी जताई। मामले में चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सड़क निर्माण से संबंधित मूल रिकॉर्ड फाइल को सील कर सरकारी वकील की निगरानी में सौंप दिया गया है।

    यह मामला सड़क निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित है, जिसमें अदालत के सामने मूल रिकॉर्ड पेश किया जाना था। सुनवाई के दौरान जब संबंधित फाइल उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, तो हाईकोर्ट ने अधिकारियों से इसकी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस पर चीफ इंजीनियर ने बताया कि मूल फाइल कार्यालय में रखी हुई है। अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि वे तत्काल कार्यालय जाकर फाइल लेकर आएं और उसे कोर्ट में प्रस्तुत करें।

    हालांकि, कार्यालय से लौटने के बाद चीफ इंजीनियर ने अदालत को बताया कि सड़क निर्माण की मूल फाइल सब-इंजीनियर के घर पर रखी हुई है। जवाब में आए इस बदलाव से अदालत की नाराजगी बढ़ गई। सरकारी रिकॉर्ड की उपलब्धता और उसे सुरक्षित रखने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। अदालत ने अधिकारियों के बीच समन्वय और उनकी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर टिप्पणी की। सुनवाई के दौरान अदालत ने आशंका जताई कि संबंधित अधिकारी आपस में मिले हुए हैं।

    मूल फाइल को लेकर सामने आई इस स्थिति के बाद हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर और सब-इंजीनियर को अवमानना का नोटिस जारी किया। दोनों अधिकारियों को दो दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। अब उन्हें अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि सड़क निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड निर्धारित स्थान पर उपलब्ध क्यों नहीं था और उसे पेश करने में परेशानी क्यों हुई। हालांकि, अधिकारियों के जवाब और मामले में आगे होने वाली सुनवाई के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।

    अदालत ने मामले से संबंधित मूल रिकॉर्ड फाइल को सील कराने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद फाइल सरकारी वकील की निगरानी में रखी गई है। इस कदम का उद्देश्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना और मामले की सुनवाई के दौरान उससे संबंधित दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सड़क निर्माण के रिकॉर्ड को लेकर पैदा हुई स्थिति ने सरकारी विभागों में दस्तावेजों के रखरखाव और जवाबदेही के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

    मामले में सड़क की गुणवत्ता की जांच करने वाली एजेंसी की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की सड़कों की जांच की प्रक्रिया करीब डेढ़ साल से जारी है। जांच में लग रहे लंबे समय और रिपोर्ट से संबंधित तथ्यों पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने जांच की प्रक्रिया और रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं।

    इस मामले में अब दो प्रमुख पहलुओं पर ध्यान रहेगा। पहला, सड़क निर्माण की मूल फाइल उपलब्ध नहीं होने के संबंध में दोनों अधिकारियों की ओर से दिया जाने वाला जवाब और दूसरा, सड़क की गुणवत्ता की जांच तथा उससे संबंधित रिपोर्ट की स्थिति। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में अपना पक्ष रखना होगा। सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सरकारी रिकॉर्ड का रखरखाव और जांच प्रक्रिया की जवाबदेही इस मामले की सुनवाई के अहम बिंदु बने हुए हैं।

  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी

    ग्वालियर में 14 साल के बच्चे पर चाकू से नौ वार, बलि देने की धमकी का आरोप, जंगल में छोड़कर भागा पड़ोसी


    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले में 14 साल के बच्चे पर चाकू से हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। करहिया थाना क्षेत्र के रिठौदन गांव में रहने वाले एक पड़ोसी पर आरोप है कि वह बच्चे को झांकी दिखाने के बहाने बाइक से गोलेश्वर मंदिर की पहाड़ी के पास जंगल में ले गया। वहां उसने बच्चे से कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देगा और फिर चाकू से लगातार नौ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद बच्चा जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। आरोपी उसे मृत समझकर जंगल में छोड़कर फरार हो गया।

    पीड़ित बच्चे की पहचान निशांत के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक, आरोपी विक्की गौड़ उनके पड़ोस में रहता है। आरोप है कि वह निशांत को बाइक पर बैठाकर जंगल की ओर ले गया था। बच्चे को शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके साथ कोई अनहोनी होने वाली है। लेकिन जंगल पहुंचने के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और घटना ने गंभीर रूप ले लिया।

    निशांत के अनुसार, उसने आरोपी से पूछा कि वह उसे वहां क्यों लेकर आया है। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह उसकी बलि देना चाहता है। इसके बाद उसने चाकू निकालकर बच्चे पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने निशांत के गले पर चार वार किए। इसके अलावा उसके माथे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चाकू से हमला किया गया। इस तरह बच्चे पर कुल नौ वार किए गए। हमले के दौरान चाकू टूटने की बात भी सामने आई है। गंभीर चोटों के कारण निशांत वहीं गिर पड़ा और बेहोश हो गया।

    आरोपी को जब लगा कि बच्चा मर चुका है, तो वह उसे जंगल में ही छोड़कर भाग गया। बताया गया है कि निशांत कई घंटे तक घायल अवस्था में जंगल में पड़ा रहा। देर रात उसे होश आया तो वह किसी तरह अपने घर पहुंचा। उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं और वह खून से लथपथ था। बच्चे की हालत देखकर परिजन घबरा गए और उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।

    घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद शुरुआत में उचित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार घायल बच्चे को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। निशांत ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान आरोपी ने उसे धमकी भी दी थी। बच्चे के मुताबिक, आरोपी ने कहा था कि उसकी बलि देने के बाद वह उसके भाई को भी मार देगा। उसने रामबरन नाम के एक अन्य युवक की बलि देने की बात भी कही थी। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी विक्की गौड़ के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर के अनुसार, करहिया थाना पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपी की मंशा का पता लगाने के लिए मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी फरार बताया गया है।

    पुलिस जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चे पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और क्या घटना के पीछे वास्तव में बलि देने की मंशा थी। फिलहाल परिवार के आरोप, बच्चे के बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी और जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    ग्वालियर हादसे में भाई को बचाने 8 किलोमीटर दौड़ा सौरभ, हाइड्रा लेकर लौटा, लेकिन नहीं बचा सका गौरव की जान

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मेले के दौरान हुए सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। इस दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। हादसे के दौरान अपने भाई गौरव परिहार को बचाने के लिए सौरभ परिहार ने हर संभव कोशिश की। वह मदद जुटाने के लिए करीब आठ किलोमीटर तक दौड़ा और आखिरकार हाइड्रा मशीन लेकर घटनास्थल पर पहुंचा, लेकिन तब तक गौरव की मौत हो चुकी थी।

    यह हादसा उस समय हुआ, जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक भीड़ के बीच घुस गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए, जबकि कुछ घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    सौरभ परिहार के मुताबिक, वह अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए जा रहा था। इसी दौरान दुर्घटना हुई। उसने देखा कि उसकी बहन का पैर ट्रक के टायर के नीचे दबा हुआ था। वह बहन की स्थिति देख रहा था, लेकिन उसे अपना भाई गौरव दिखाई नहीं दिया। इसके बाद उसे आशंका हुई कि गौरव ट्रक के नीचे फंसा हो सकता है।

    गौरव को बाहर निकालने के लिए भारी वाहन को उठाने वाली मशीन की जरूरत थी। सौरभ ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से क्रेन या हाइड्रा मशीन मंगवाने का अनुरोध किया। उसे बताया गया कि कुछ ही मिनटों में मदद पहुंच सकती है। हालांकि, भाई की हालत को लेकर चिंतित सौरभ ने इंतजार करने के बजाय खुद मशीन की तलाश में निकलने का फैसला किया।

    मदद जुटाने के लिए सौरभ ने रास्ते में कई वाहनों को रोकने की कोशिश की। शुरुआत में कई वाहन चालकों ने गाड़ी नहीं रोकी। बाद में कुछ लोगों ने उसे लिफ्ट दी, जिससे वह विक्ट्री फैक्टरी तक पहुंच सका। वहां उसने हाइड्रा मशीन की व्यवस्था की और इसके लिए ऑनलाइन 800 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद वह मशीन लेकर दुर्घटनास्थल पर वापस लौटा।

    घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हाइड्रा की मदद से ट्रक को उठाया गया, ताकि उसके नीचे फंसे गौरव को बाहर निकाला जा सके। लेकिन सौरभ की तमाम कोशिशों के बावजूद उसके भाई की जान नहीं बच सकी। जिस उम्मीद के साथ वह मशीन लेकर लौटा था, वह पूरी नहीं हो पाई। हादसे के बाद सौरभ के संघर्ष का वीडियो भी सामने आया, जिसमें भाई को बचाने के लिए की गई उसकी कोशिशों का घटनाक्रम दिखाई देता है।

    इस दुर्घटना में अन्य परिवारों को भी गंभीर नुकसान हुआ है। मृतकों में एक किशोर और उसके ताऊ भी शामिल बताए गए हैं। दोनों परिवार के साथ मंदिर में दर्शन करने आए थे। हादसे में किशोर के माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है।

    हादसे में शिवपुरी जिले की 20 वर्षीय जाह्नवी भी घायल हुई। वह अपनी बहन और सहेली के साथ मंदिर आई थी। दुर्घटना में उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। जाह्नवी ने बताया कि ट्रक अचानक लोगों के बीच आ गया। स्थिति इतनी तेजी से बदली कि श्रद्धालुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। उसे ऐसा लगा, जैसे अचानक कोई बड़ा तूफान आ गया हो। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग बचने के लिए भागने लगे। इसी दौरान वह भी गिर गई। उसने बताया कि मृतकों में उसके गांव के दो लोग भी शामिल हैं।

    हादसे में कुल 41 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 15 की मौत हुई और 26 घायल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल कर रहा था। मामले में पुलिस ने चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार किया है। दुर्घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • ग्वालियर में प्राइवेट वीडियो पति को भेजने पर भड़की महिला, एक्स बॉयफ्रेंड पर कैंची से किया हमला, 8 से 9 गहरे घाव से गंभीर हालत

    ग्वालियर में प्राइवेट वीडियो पति को भेजने पर भड़की महिला, एक्स बॉयफ्रेंड पर कैंची से किया हमला, 8 से 9 गहरे घाव से गंभीर हालत


    मध्य प्रदेश। के ग्वालियर में निजी वीडियो और ऑडियो को लेकर हुए विवाद में एक महिला ने अपने पूर्व प्रेमी पर कैंची से हमला कर दिया। इस घटना में 40 वर्षीय धर्मेंद्र प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके शरीर पर कैंची से किए गए 8 से 9 गहरे घाव बताए गए हैं। घटना के बाद घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    यह घटना ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र की ललितपुर कॉलोनी में हुई। धर्मेंद्र प्रजापति यहां किराए के मकान में रहता था। बताया गया है कि महिला और धर्मेंद्र के बीच करीब ढाई साल तक प्रेम संबंध रहे थे। महिला के पहले पति बालवीर प्रजापति की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह धर्मेंद्र के संपर्क में आई और दोनों के बीच संबंध बन गए।कुछ समय बाद महिला ने धर्मेंद्र से दूरी बना ली और सिकंदर कंपू निवासी सोनू यादव से शादी कर ली।

    आरोप है कि शादी के बाद भी धर्मेंद्र महिला से संपर्क बनाए हुए था और उसे परेशान कर रहा था। इसी बीच महिला और धर्मेंद्र के पुराने संबंधों से जुड़े निजी ऑडियो और वीडियो उसके पति सोनू यादव तक पहुंच गए। महिला का आरोप है कि धर्मेंद्र ने ये निजी सामग्री उसके पति को भेजी थी।

    निजी वीडियो और ऑडियो पति तक पहुंचने के बाद महिला और उसके पति के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम से नाराज महिला कथित तौर पर धर्मेंद्र के घर पहुंची। वहां दोनों के बीच विवाद हुआ और महिला ने उस पर कैंची से हमला कर दिया। हमले में धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।

    चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसके शरीर पर कई गहरे घाव होने के कारण घटना को गंभीर माना जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले के घटनाक्रम और हमले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

    महिला ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप
    पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और उसकी शादीशुदा जिंदगी में दखल दे रहा था। महिला के अनुसार, निजी वीडियो और ऑडियो उसके पति को भेजे जाने के बाद घर में विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी बात से नाराज होकर उसने धर्मेंद्र पर हमला किया। हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    कंपू थाना पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस घायल धर्मेंद्र के बयान, घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों और दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह मामला निजी वीडियो और ऑडियो के कथित प्रसार से शुरू हुए विवाद के हिंसक रूप लेने से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस का ध्यान हमले की परिस्थितियों, ब्लैकमेलिंग के आरोपों और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच पर है।

  • MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल समेत 5 संभागों में बारिश के आसार

    MP में अगले 4 दिन बदलेगा मौसम, ग्वालियर-चंबल समेत 5 संभागों में बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अक्टूबर के दौरान मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। दिन में धूप निकल रही है, रात में ठंडक बढ़ रही है और कुछ इलाकों में बारिश भी हो रही है। प्रदेश के उत्तरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। वहीं, मध्य प्रदेश से एक ट्रफ गुजर रही है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 17 अक्टूबर को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में 18 और 19 अक्टूबर को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।

    इससे पहले गुरुवार को नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में बादल छाए रहे। कई स्थानों पर हल्की बारिश और आंधी जैसी स्थिति भी बनी।

    अमरकंटक में 15.8 डिग्री पर पहुंचा पारा

    बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात में ठंड का असर और बढ़ सकता है।

    अनूपपुर जिले का अमरकंटक प्रदेश के ठंडे इलाकों में सबसे आगे रहा। यहां बीती रात न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 17.4 डिग्री, भोपाल में 17.6 डिग्री और इंदौर तथा बालाघाट जिले के मलाजखंड में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। रायसेन और छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा।

    3 अक्टूबर को लौट चुका मानसून, फिर भी हो रही बारिश

    मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद मौसमी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। हालांकि, रविवार और सोमवार को कहीं आंधी-बारिश दर्ज नहीं की गई थी।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की परिस्थितियां देखने को मिली हैं। इस साल भी मौसम का यही रुख बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप निकली, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई जिलों में बारिश भी होती रही। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 1.5 इंच कम बारिश

    जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से 41.1 मिलीमीटर या करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के आंकड़ों में अंतर रहा। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

    पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य के मुकाबले 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    फिलहाल प्रदेश में बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने का अनुमान है। अगले चार दिन उत्तरी और मध्य हिस्सों के कई जिलों में बारिश हो सकती है, जबकि महीने के तीसरे सप्ताह के बाद रात की ठंड बढ़ने के आसार हैं।

  • ग्वालियर में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे, दूसरे फ्लोर पर तकनीकी खराबी से अचानक रुकी लिफ्ट

    ग्वालियर में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे, दूसरे फ्लोर पर तकनीकी खराबी से अचानक रुकी लिफ्ट

    मध्य प्रदेश । के ग्वालियर में सोमवार शाम पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा लिफ्ट में फंस गए। वह जयेंद्रगंज इलाके में एक नई इंग्लिश कोचिंग क्लास की शाखा का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम स्थल पर पहली मंजिल से तीसरी मंजिल तक जाने के दौरान लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर तकनीकी खराबी के कारण अचानक रुक गई। इसके बाद उन्हें करीब 10 से 15 मिनट तक लिफ्ट के अंदर रहना पड़ा। बाद में कर्मचारियों ने दरवाजा खोलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    यह कार्यक्रम लश्कर क्षेत्र के जयेंद्रगंज में संजय कॉम्प्लेक्स के सामने स्थित एक इमारत में आयोजित किया गया था। यहां ‘ग्वालियर नंबर 01 स्पोकन इंग्लिश क्लासेस’ की नई शाखा शुरू की जानी थी। डॉ. नरोत्तम मिश्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत उन्हें तीसरी मंजिल पर स्थित कोचिंग सेंटर तक जाना था।

    जानकारी के अनुसार, डॉ. मिश्रा पहली मंजिल से लिफ्ट में सवार हुए। लिफ्ट ऊपर की ओर बढ़ी, लेकिन दूसरे फ्लोर पर पहुंचते ही तकनीकी समस्या के कारण झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट के अचानक बंद होने से उसमें मौजूद लोग अंदर ही फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही इमारत में मौजूद कर्मचारियों और कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।

    लिफ्ट का दरवाजा खोलने के लिए कर्मचारियों ने प्रयास किए। करीब 10 से 15 मिनट की मशक्कत के बाद दरवाजा खुल सका और डॉ. मिश्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान कार्यक्रम के आयोजक, उनके सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी भी परेशान रहे। हालांकि, उन्हें बाहर निकालने के बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया।

    घटना के समय मौजूद किसी व्यक्ति ने लिफ्ट में फंसने और बाहर निकाले जाने का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में लिफ्ट से जुड़ी घटना के दृश्य सामने आए। हालांकि, लिफ्ट में तकनीकी खराबी किस वजह से आई, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    लिफ्ट से बाहर आने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कोचिंग संस्थान की नई शाखा का उद्घाटन किया। उन्होंने रिबन काटकर केंद्र की शुरुआत की और इसके बाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस तरह लिफ्ट में फंसने की घटना के बावजूद उद्घाटन कार्यक्रम पूरा किया गया।

    कार्यक्रम के बाद डॉ. मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कुछ तस्वीरें और वीडियो साझा किए। उन्होंने कोचिंग संस्थान को युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बेहतर विकल्प बताया। वहीं, लिफ्ट में उनके फंसने और कर्मचारियों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाले जाने से जुड़ा वीडियो भी प्रसारित हो रहा है। घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर तकनीकी खराबी के कारण रुकी थी और करीब 10 से 15 मिनट बाद उन्हें बाहर निकाला गया।

  • ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    मध्य प्रदेश । के ग्वालियर स्थित जय विलास पैलेस के बिजली बिलों और खपत के आंकड़ों को लेकर सवाल उठे हैं। करीब 80 एकड़ में फैले इस महल में लगभग 400 कमरे हैं और बिजली कंपनी के कुल 21 कनेक्शन बताए गए हैं। इन कनेक्शनों के बिलों की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पिछले 12 महीनों के दौरान बिजली की खपत शून्य या बेहद कम दर्ज की गई। अधिकांश कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। महल के रानी महल वाले हिस्से में ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिवार रहता है।

    उपलब्ध बिजली बिलों के अनुसार, रानी महल वाले हिस्से में लगे स्मार्ट मीटर पर पिछले 12 महीनों में कुल 360.389 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। वहीं, महादजी चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक सभी 12 महीनों में शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। इस दौरान इस कनेक्शन पर कुल 1006 रुपये का बिल जारी हुआ, जिसमें अन्य शुल्क शामिल बताए गए हैं। बिलों में नियमित रीडिंग दर्ज होने की बात भी कही गई है।

    एक अन्य कनेक्शन चीफ सेक्रेटरी टू श्रीमंत हिज हाईनेस महाराजा के नाम पर दर्ज है। यह कनेक्शन 31 जुलाई 2015 को लगाया गया था और इस पर एक किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक इसमें 2016 यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इस कनेक्शन पर 14,777 रुपये बकाया बताए गए, जिनमें पिछले महीनों की 14,686 रुपये की बिल राशि शामिल थी। बिल जमा करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 दर्ज थी।

    पैलेस गार्डन स्थित एक व्यावसायिक कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच केवल पांच यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। यह कनेक्शन एक जुलाई 1980 को लगाया गया था और इस पर तीन किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। इसी तरह, वसुंधरा राजे चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज कनेक्शन में एक साल के दौरान 2764 यूनिट खपत सामने आई। इस कनेक्शन पर 24,687 रुपये का पिछला बिल बकाया बताया गया था। अगस्त 2026 के बिल की राशि 471 रुपये दर्ज थी।

    मन्नू महल पैलेस के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। जूनियर महारानी स्वीट हाउस के पते पर दर्ज एक अन्य कनेक्शन में भी 12 महीनों तक बिजली खपत शून्य रही, जबकि इस अवधि में कुल 1322 रुपये का बिल आया। द महारानी स्वीट हाउस के नाम पर दर्ज कनेक्शन में भी पूरे साल शून्य यूनिट खपत दर्ज की गई और बिल की कुल राशि 1388 रुपये बताई गई।

    पैलेस परिसर के अन्य कनेक्शनों में भी बहुत कम खपत के आंकड़े सामने आए। एमपी सिंह सेक्रेटरी के नाम पर दर्ज दो कनेक्शनों में एक साल के दौरान दो-दो यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। इन पर क्रमशः 957 रुपये और 1180 रुपये का बिल बताया गया। वहीं, हिरनवन कोठी के पीआरओ के नाम पर दर्ज कनेक्शन में नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक केवल एक यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई। इस कनेक्शन की सालाना बिल राशि 6700 रुपये बताई गई। इन आंकड़ों के साथ कई कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी दी गई है।

    जय विलास पैलेस परिसर के एक हिस्से में स्थित उषा किरण पैलेस होटल का बिजली कनेक्शन अलग है। होटल का संचालन ताज समूह के अधीन होता है और यहां 50 कमरे बताए गए हैं। होटल के पास 400 किलोवोल्ट एम्पियर क्षमता का अलग उच्च तनाव वाला कनेक्शन है। अगस्त महीने का इसका बिजली बिल 18 लाख 11 हजार 67 रुपये बताया गया है। यह बिल होटल के पृथक कनेक्शन का है, इसलिए इसे महल के अन्य घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों से अलग रखा गया है।

    बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक गगनदेव शर्मा ने कहा कि होटल का बिल हर महीने जारी होता है और उसका कनेक्शन अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि जय विलास पैलेस के घरेलू तथा व्यावसायिक कनेक्शनों पर बिल कम आने या खपत कम दर्ज होने के मामले की जांच कराई जा सकती है। हालांकि, आगे की कार्रवाई के बारे में दोबारा पूछे जाने पर कोई जानकारी नहीं दी गई। महल के प्रबंधक मयंक मधुकर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क अधिकारी अनिल मिश्रा से भी पक्ष मांगा गया, लेकिन उन्होंने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक से भी लिखित जवाब मांगा गया, पर प्रतिक्रिया नहीं मिली।

  • ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    ग्वालियर के डबरा में 8 करोड़ की जमीन के विवाद में गोलीबारी, संदीप परिहार की मौत, मौके से करीब 50 कारतूस बरामद

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में टेकनपुर के पास शुक्रवार शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। करीब आधे घंटे तक चली इस घटना में संदीप परिहार की मौत हो गई। बताया गया है कि संदीप भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य आलोक शर्मा के भाई नवीन शर्मा का कर्मचारी था। गोलीबारी के दौरान उसके पेट में चार गोलियां लगीं। पुलिस उसे घायल अवस्था में एक स्कूल के अंदर से बरामद कर अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे पक्ष के एक युवक के भी गोली लगने से घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद हाईवे से लगी चार बीघा जमीन को लेकर था, जिसकी कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    यह जमीन टेकनपुर बस स्टैंड के पास पुरानी रोड पर स्थित है। इसे लेकर नवीन शर्मा और श्याम गुर्जर के बीच विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, नवीन शर्मा का पिछले तीन वर्षों से इस जमीन पर कब्जा था। शुक्रवार को वहां बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान श्याम गुर्जर पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने पर गोलीबारी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वहां से गुजर रहे लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर लगातार गोलियां चलाई गईं। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक चली फायरिंग में बड़ी संख्या में राउंड दागे गए। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    जमीन के स्वामित्व को लेकर भी पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब पांच महीने पहले जमीन की रजिस्ट्री श्याम गुर्जर और विनय गुर्जर के नाम कराई गई थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया था। इससे पहले करीब आठ महीने पूर्व जमीन का इकरारनामा किए जाने के समय भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया है कि यह जमीन पहले डबरा निवासी हरीबाबू सेठ की थी, जिसे गुर्जर पक्ष ने खरीद लिया था। इसके बावजूद जमीन पर कब्जे और निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शुक्रवार को बाउंड्री वॉल के निर्माण के दौरान यही विवाद गोलीबारी तक पहुंच गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। तलाशी के दौरान संदीप परिहार स्कूल के अंदर घायल अवस्था में मिला। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस उसे ग्वालियर लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल पर खड़ी थार गाड़ी पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस ने इस गाड़ी से करीब 50 कारतूस बरामद किए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। दूसरे पक्ष के एक युवक के घायल होने की जानकारी की भी चर्चा रही, लेकिन पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी।

    मृतक संदीप परिहार के भाई ने विनय गुर्जर, सोनेराम गुर्जर, लालो गुर्जर, बाबा और अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस इन आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर ने बताया कि जमीन विवाद के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के समय तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। पुलिस की जांच में गोलीबारी की परिस्थितियों, बरामद कारतूसों और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर चले आ रहे विवाद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।