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  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर की युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के दम पर भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में जगह बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में हुआ है। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में आयोजित होने वाले टेस्ट मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस उपलब्धि से ग्वालियर ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम पांच जुलाई से शुरू होने वाले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ कई टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरे को युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कृष्णा शर्मा भी इसी टीम का हिस्सा बनकर अपने प्रदर्शन से भारतीय हॉकी में नई पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

    कृष्णा शर्मा की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें सामाजिक सोच और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हॉकी खेलते समय स्कर्ट पहनने को लेकर लोगों ने ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल और प्रदर्शन पर केंद्रित रखा। आज वही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है और वह भारतीय टीम की जर्सी पहनने जा रही हैं।

    साधारण परिवार से आने वाली कृष्णा को उनके परिवार का हर कदम पर पूरा सहयोग मिला। उनके पिता सुनील शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। परिवार के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत के बल पर कृष्णा ने लगातार आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना भी साकार कर लिया है।

    कृष्णा ने वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने खेल करियर की शुरुआत की थी। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के दम पर उन्होंने कम समय में शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित टेस्ट सीरीज में खेलने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया तथा आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

    पिछले कुछ वर्षों में कृष्णा ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के साथ दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट, हॉकी इंडिया जूनियर वेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप और इंटर ज़ोन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई प्रतियोगिताओं में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान भी मिला, जिसने उनके खेल करियर को नई ऊंचाई दी।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के बाद ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कृष्णा आने वाले वर्षों में सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में भी अपनी जगह बना सकती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कृष्णा शर्मा की उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो खेल के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

  • फर्जी IPS, CBI और RBI अफसर बनकर बुना ठगी का जाल, काला धन और गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला से 1.58 करोड़ ऐंठे

    फर्जी IPS, CBI और RBI अफसर बनकर बुना ठगी का जाल, काला धन और गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला से 1.58 करोड़ ऐंठे

    मध्य प्रदेश:  के ग्वालियर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लंबे समय तक मानसिक दबाव में रखकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि साइबर अपराधी किस तरह सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों का नाम लेकर आम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा रकम के लेन-देन और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
    जानकारी के अनुसार पीड़िता स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उन्हें मई महीने में एक कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि उनके नाम पर एक मोबाइल नंबर संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग अवैध और आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है। शुरुआत में यह मामला केवल सत्यापन जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन धीरे-धीरे कॉल करने वालों ने महिला को गंभीर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाना शुरू कर दिया।

    साइबर ठगों ने महिला को बताया कि उनके बैंक खाते में करोड़ों रुपये का कथित काला धन जमा है और यह मामला राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों के संज्ञान में है। इसके बाद अलग-अलग लोगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी और रिजर्व बैंक से जुड़ा अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। लगातार वीडियो कॉल और आधिकारिक कार्रवाई जैसी दिखने वाली बातचीत के जरिए महिला पर भरोसा बनाने की कोशिश की गई। ठगों ने वीडियो कॉल के दौरान ऐसा माहौल तैयार किया मानो किसी पुलिस मुख्यालय अथवा जांच एजेंसी के कार्यालय से कार्रवाई की जा रही हो।

    जालसाजों ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि यदि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और उनकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। इसी डर का फायदा उठाकर उनसे चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में जमा करवाई गई। बताया गया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने और क्लीन चिट मिलने के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। मानसिक दबाव और भय के कारण महिला लगातार उनके निर्देशों का पालन करती रहीं।

    जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये की यह राशि देश के विभिन्न राज्यों में मौजूद अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई। रकम कई किश्तों में भेजी गई, जिससे ठगों ने अपने नेटवर्क को छिपाने की कोशिश की। साइबर अपराधियों ने कथित दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और जांच संबंधी कहानियां गढ़कर महिला को लंबे समय तक भ्रमित रखा। यह पूरा घटनाक्रम करीब 37 दिनों तक चलता रहा, जिसके दौरान महिला लगातार ठगों के संपर्क में रही।

    जब कथित जांच पूरी होने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली और संपर्क करने वाले लोगों के मोबाइल नंबर बंद होने लगे, तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर अपराध शाखा ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले साइबर अपराध देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी खुद को पुलिस, जांच एजेंसी, बैंक या सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर धन उगाही करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉन्फ्रेंस या धन हस्तांतरण के निर्देश मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना आवश्यक है। फिलहाल ग्वालियर पुलिस इस संगठित साइबर ठगी नेटवर्क तक पहुंचने और ठगी गई राशि की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

  • 12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

    12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा


    ग्वालियर । ग्वालियर में लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद गंभीर बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। मेंटीनेंस की कमी, खराब वाहनों, डीजल संकट और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मंगलवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक और EMT कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कर्मचारियों ने सेवा संचालन करने वाली JASS कंपनी पर लापरवाही और व्यवस्थाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

    कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई वाहनों के एयर कंडीशनर खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि कई एम्बुलेंस की लाइटें खराब हैं और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है।

    एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन में देरी और खराब कार्य परिस्थितियों से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे काम बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    इस पूरे मामले ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी 108 एम्बुलेंस सेवा को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ सकता है।

  • ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया

    ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया


    ग्वालियर । ग्वालियर किले की ऐतिहासिक सैर उस समय एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब छत्तीसगढ़ से आए एक पर्यटक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना सोमवार शाम किले के मुख्य गेट के पास उस समय हुई जब परिवार के साथ आए पर्यटक किला घूम रहे थे।

    मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सूरजपुर निवासी 35 वर्षीय प्रमोद देवगन के रूप में हुई है। वह अपने बहनोई और बहन के साथ ग्वालियर घूमने आए थे और घाटीगांव में अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। सोमवार को पूरा परिवार ग्वालियर किला देखने पहुंचा था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई।

    जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे परिवार किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पास पहुंचा ही था कि ढलान से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान ट्रक ने प्रमोद को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन चीख-पुकार करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे की कार के स्टाफ ने घायल को अपनी गाड़ी से तुरंत जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं था। बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ ही पलों में पर्यटन का आनंद मातम में बदल गया और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

    घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसा ढलान और तेज रफ्तार के कारण हुआ, जिससे ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

    बहोड़ापुर थाना पुलिस के अनुसार, आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण सीधे फुटेज उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस अब आसपास के अन्य मार्गों और कैमरों की मदद से ट्रक और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आया है, बल्कि ग्वालियर जैसे पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर गया है।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर

    ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब ग्वालियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद शहर में पेट्रोल ₹109.74 प्रति लीटर और डीजल ₹94.93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

    पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

    ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

  • विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    ग्वालियर में एक साधारण सा दिखने वाला विवाद अचानक इतना खतरनाक रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मुरार थाना क्षेत्र के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में देर रात जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को दहशत और सन्नाटे में बदल दिया। एक छोटी सी बात, जो घूरकर देखने को लेकर शुरू हुई थी, धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे जानलेवा हिंसा तक पहुंच गया।

    रात का समय था, करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास, जब इलाके में अचानक तनाव बढ़ने लगा। पहले कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया। माहौल पहले ही गर्म हो चुका था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।

    इसी दौरान एक पक्ष की ओर से रायफल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि लगातार कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए अपने घरों में छिप गए और सड़कें अचानक खाली हो गईं।

    इस फायरिंग में रमेश कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद वह भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बच नहीं सके। उनके परिवार पर भी इस घटना का बड़ा असर पड़ा, क्योंकि उनकी पत्नी और दो बेटे भी गोलीबारी की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार एक बेटे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। परिवार पर अचानक आए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद की जड़ एक मामूली कहासुनी थी, लेकिन इसके पीछे पुरानी रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही है, जो समय-समय पर टकराव में बदलती रही है।

    पुलिस के अनुसार फायरिंग करने वाले कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इलाके में किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया गया है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे विवाद किस तरह बड़े अपराध में बदल सकते हैं और कैसे एक पल का गुस्सा कई जिंदगियों को प्रभावित कर देता है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से देख रही है।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।