Tag: Gwalior

  • MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक

    MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के शंकरपुर में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के विरोध में कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर (Congress MLA Sahib Singh Gurjar) पानी से भरी सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम पर नालियों की सफाई और जल निकासी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।

    दरअसल, ग्वालियर शहर में झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जल निकासी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर इलाके में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बीच जलभराव की समस्या का विरोध करने के लिए कांग्रेस के ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी से लबालब सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। विधायक के धरने में स्थानीय नागरिक भी शामिल हो गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मौके से फेसबुक लाइव किया और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में जलभराव की समस्या आज की नहीं है, बल्कि पिछले दो साल से लगातार बनी हुई है। इस समस्या को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। विधायक का आरोप है कि इलाके में नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थानीय लोगों को हर बार इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    बारिश के बीच विधायक के धरने के दौरान लोगों ने ‘नगर निगम होश में आओ’ के नारे लगाए। जलभराव के बीच किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति बारिश के बाद सामने आ जाती है।

    विधायक और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शंकरपुर की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक इलाके में बेहतर जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक हर बारिश में लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी। बारिश थमी तो पानी भी धीरे-धीरे उतर गया, लेकिन शंकरपुर में जलभराव को लेकर नगर निगम की तैयारियों और दावों पर सवाल जरूर खड़े हो गए।

  • ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कार को लेकर नया खुलासा हुआ है। सफेद रंग की इस कार की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाए गए थे। शुरुआती जानकारी में इसे एक महिला मित्र द्वारा सजाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया है कि इस काम में एक नहीं बल्कि तीन महिला मित्र शामिल थीं।

    कार पर करीब 3400 किस के निशान बनाए जाने का दावा किया गया है। इस अनोखे तरीके से कार को सजाने का उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और रील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। कार से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उसे करीब 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात सामने आई है।

    आदित्य के अनुसार, कार को अलग रूप देने का विचार उनकी तीन महिला मित्रों ने मिलकर दिया था। इसके बाद उन्होंने कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक के जरिए किस के निशान बनाए। इस गतिविधि को सोशल मीडिया कंटेंट के तौर पर तैयार किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद कार की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के साथ ही यह कार पुलिस की नजर में भी आ गई। पुलिस ने वाहन पर किए गए बदलाव को यातायात नियमों से जोड़कर कार्रवाई की। इसके तहत कार मालिक पर 5500 रुपये का चालान लगाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कार से किस के सभी निशान साफ भी करवाए गए।

    मामले में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाहन में ऐसा बदलाव जिससे उसके मूल स्वरूप या पंजीकरण संबंधी विवरण पर असर पड़ता है, नियमों के तहत जांच के दायरे में आ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 वाहन में अनधिकृत बदलाव से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करती है।

    नियमों के अनुसार, वाहन में किसी तरह का ऐसा परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए जो उसके मूल स्वरूप को बदल दे या पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण से अलग हो। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बदलाव की अनुमति और संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने की व्यवस्था भी कानून में दी गई है।

    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र कार पर बनाए गए किस के निशान मात्र नहीं, बल्कि वाहन के बाहरी स्वरूप में किए गए बदलाव और उससे जुड़े नियम हैं। सोशल मीडिया के लिए वाहन को अलग रूप देने की कोशिश यदि निर्धारित नियमों के विपरीत हो, तो वाहन मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    मोटर वाहन अधिनियम में नियमों के उल्लंघन के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में वाहन में अनधिकृत परिवर्तन के मामले में जुर्माने के साथ छह महीने तक की सजा का प्रावधान भी लागू हो सकता है। वहीं सामान्य उल्लंघनों के लिए अलग दंड निर्धारित हैं।

    ग्वालियर की इस घटना ने सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के दौरान वाहनों में किए जाने वाले बदलावों को लेकर भी चर्चा बढ़ाई है। वायरल वीडियो और अधिक व्यूज हासिल करने के उद्देश्य से किए गए प्रयोग के बावजूद वाहन मालिक को नियमों का पालन करना जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया लोकप्रियता और यातायात नियमों के बीच संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

  • MP: ग्वालियर में अवैध खनन को लेकर HC सख्त…. वेतन और बेटे की स्कूल फीस समेत अफसरों से पूछे तीखे सवाल

    MP: ग्वालियर में अवैध खनन को लेकर HC सख्त…. वेतन और बेटे की स्कूल फीस समेत अफसरों से पूछे तीखे सवाल


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के बिलौआ में अवैध खनन (Illegal mining) को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच में सुनवाई हुई. इस दौरान अदालत ने अफसरों पर तीखे प्रहार किए. करीब ढाई घंटे तक कलेक्टर रुचिका चौहान (Collector Ruchika Chauhan) कोर्ट में रहीं, वहीं प्रभारी माइनिंग अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा की सैलरी और उनके बेटे के स्कूल की फीस को लेकर कोर्ट ने सीधा हिसाब मांगा गया।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में बिलौआ खदानों का ड्रोन वीडियो चलाया गया. जस्टिस ने वीडियो पॉज करवाकर कलेक्टर रुचिका चौहान से सीधे सवाल पूछे कि ”यह कौन सी जगह है? किसकी जमीन है? सर्वे नंबर क्या है? कितना क्षेत्र स्वीकृत है और कितनी खुदाई हो चुकी है?”


    जवाब न मिलने पर तल्खी

    जब तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिली तो कोर्ट ने 30 सितंबर तक का समय देते हुए कहा कि जितना समय चाहें ले लीजिए, लेकिन अगली सुनवाई पर एक-एक सवाल का स्पष्ट और सटीक जवाब देना होगा।


    10 साल का माल 1 साल में निकालने पर सवाल

    कोर्ट ने खनन की गति पर टिप्पणी करते हुए कहा, ”अगर 10 साल की लीज का माल 1 साल में ही निकाल लिया, तो बाकी 9 साल क्या करोगे?”


    51 हजार सैलरी, 9 लाख स्कूल फीस

    इसके बाद कोर्ट का रुख प्रभारी खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा की तरफ मुड़ा. कोर्ट ने माइनिंग अधिकारी से पूछा कि उनके बेटे की सिंधिया स्कूल में फीस कितनी है? जवाब मिला- ‘करीब 9 लाख रुपये साल.’ जब कोर्ट ने पूछा कि आपकी महीने की तनख्वाह कितनी है? तो उन्होंने बताया- ‘करीब 51 हजार रुपये महीना.’

    कोर्ट ने 51 हजार मासिक वेतन और 9 लाख सालाना फीस के अंतर पर सवाल उठाए, जिस पर माइनिंग अफसर ने सफाई दी कि बेटे की पढ़ाई का खर्च उनकी पत्नी के मामा उठाते हैं. इसको लेकर अदालत ने टिप्पणी की।

    वहीं, माइनिंग अफसर की ओर से लोकायुक्त के आदेश को ‘क्लीन चिट’ बताकर पेश करने की कोशिश की गई, लेकिन जज ने खुद आदेश पढ़ा और साफ किया कि FIR दर्ज होने के कारण लोकायुक्त ने केस बंद किया था, जिसे ‘दोषमुक्ति’ या ‘क्लीन चिट’ नहीं कहा जा सकता।

    दरअसल, इससे पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने ग्वालियर के खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को जिले में काम करने से रोक दिया था और उनके आचरण पर गंभीर टिप्पणी की थी. राज्य सरकार को निर्देश दिए कि ग्वालियर में तत्काल ईमानदार और सक्षम खनिज अधिकारी की पोस्टिंग की जाए, तब तक पूरे खनिज विभाग की जिम्मेदारी कलेक्टर संभालेंगे।

    इसके बाद सरकार ने भिंड में पदस्थ खनिज अधिकारी पंकजध्वज मिश्रा को ग्वालियर भेजा तो उनकी नियुक्ति और पहले की पोस्टिंग को लेकर सवाल किए गए थे।


    AAG विवेक खेड़कर की खिंचाई

    सुनवाई के दौरान जब अपर महाधिवक्ता (AAG) विवेक खेड़कर ने माइनिंग अफसर का पक्ष रखने का प्रयास किया, तो अदालत ने उन पर भी कड़ा एतराज जताया. कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी की कि अगर आप शासन का पक्ष छोड़कर अधिकारी का व्यक्तिगत बचाव करना चाहते हैं, तो फिर शासन का पक्ष छोड़ दीजिए। इस दौरान AAG कोर्ट में कई बार माफी मांगते और ‘सॉरी’ बोलते नजर आए. हाईकोर्ट ने मामले में विस्तृत अध्ययन और पूरी जानकारी के साथ 30 सितंबर को अगली रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

  • ग्वालियर में युवक की दर्दनाक मौत से पहले लिखा 5 पन्नों का पत्र, तीन नामों के खुलासे ने बढ़ाए कई सवाल

    ग्वालियर में युवक की दर्दनाक मौत से पहले लिखा 5 पन्नों का पत्र, तीन नामों के खुलासे ने बढ़ाए कई सवाल

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले में कथित लोन ठगी से परेशान एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है, जिसने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने नोट को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाते हुए संबंधित व्यक्तियों की तलाश और पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह यादव बीते कुछ समय से आर्थिक संकट और कथित धोखाधड़ी के कारण मानसिक तनाव में था। परिजनों ने बताया कि वह शनिवार से लापता था। रविवार देर रात झांसी रोड रेलवे लाइन के पास एक शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी सोमवार सुबह पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

    सुसाइड नोट में मृतक ने दावा किया है कि कुछ लोगों ने उसकी करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर उससे लगभग 23 लाख रुपये ले लिए गए। कथित तौर पर उसे बैंक का स्वीकृति पत्र भी दिखाया गया, जिससे उसे विश्वास हो गया कि लोन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, लंबे समय तक कोई कार्यवाही नहीं हुई और बाद में संबंधित लोग पैसे लौटाने से भी बचते रहे।

    मृतक ने अपने पत्र में लिखा है कि फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक उसे लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन न तो लोन मिला और न ही उसकी रकम वापस की गई। उसने यह भी उल्लेख किया कि पैसे जुटाने के लिए उसने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल, कार, सोना और अन्य संपत्तियां गिरवी रखीं तथा ऊंची ब्याज दर पर उधार लिया। उसके अनुसार, ब्याज मिलाकर उसकी आर्थिक देनदारी लगभग 35 लाख रुपये तक पहुंच गई थी, जिससे वह पूरी तरह टूट चुका था।

    सुसाइड नोट में तीन व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर और उनसे जुड़े अन्य विवरण भी दर्ज किए गए हैं। मृतक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने केवल उसके साथ ही नहीं बल्कि अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की कथित ठगी की है। पत्र में कुछ स्थानों और परिचितों का भी उल्लेख किया गया है, जहां आरोपियों के छिपे होने की बात कही गई है। पुलिस अब इन सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

    अपने अंतिम पत्र में जसपाल सिंह यादव ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी उल्लेख करते हुए अपील की है कि उसके परिवार को न्याय दिलाया जाए और उसके पिता को कथित रूप से फंसी हुई रकम वापस दिलाने में सहायता की जाए। उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को फोरेंसिक परीक्षण सहित अन्य साक्ष्यों के साथ जांच में शामिल किया गया है। पत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों, पतों और अन्य जानकारियों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • 10वीं-12वीं पास युवक रात में बन जाते थे 'फ्रैंक' और 'ब्रूस', अमेरिकन एक्सेंट में करते थे करोड़ों की ठगी

    10वीं-12वीं पास युवक रात में बन जाते थे 'फ्रैंक' और 'ब्रूस', अमेरिकन एक्सेंट में करते थे करोड़ों की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर के मोहना स्थित होटल जैनपथ में संचालित एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि महज 10वीं और 12वीं तक पढ़े चार युवक रात होते ही अपनी पहचान बदल लेते थे। वे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल जैसे विदेशी नामों से परिचित कराते और अमेरिकन एक्सेंट में धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलकर अमेरिकी नागरिकों को अपने जाल में फंसाते थे। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने महज पांच महीने में एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया।

    पुलिस के अनुसार, आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित होटल जैनपथ के एक कमरे से यह फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। यहां से चारों आरोपी अमेरिकी समय के अनुसार रात करीब 9 बजे काम शुरू करते थे और सुबह तक विदेशी नागरिकों को कॉल करते थे। दिन में वे आराम करते थे, जबकि रातभर ठगी का नेटवर्क सक्रिय रहता था।

    जांच में पता चला कि आरोपियों को कॉल करने के लिए पहले से तैयार स्क्रिप्ट दी जाती थी। लैपटॉप स्क्रीन पर मौजूद उसी स्क्रिप्ट को पढ़कर वे खुद को विदेशी कंपनी का प्रतिनिधि बताते और लोगों का भरोसा जीतते थे। कॉलिंग के लिए आवश्यक डेटा और स्क्रिप्ट कथित मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार उपलब्ध कराता था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि विदेशी नागरिकों का डेटा कथित तौर पर डार्क वेब से हासिल किया जाता था।

    पुलिस के मुताबिक, प्रत्येक कॉलर को 10 घंटे की शिफ्ट में करीब 150 कॉल करना अनिवार्य था। चारों आरोपी मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। इनमें से औसतन 12 से 15 लोग उनके झांसे में आ जाते थे। इसके बाद उनसे गिफ्ट कार्ड, प्रोसेसिंग फीस और अन्य बहानों से पैसे वसूले जाते थे।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह रोजाना लगभग 50 से 70 हजार रुपये की ठगी करता था। इस हिसाब से हर महीने करीब 20 लाख रुपये की अवैध कमाई हो रही थी। पुलिस का अनुमान है कि पिछले पांच महीनों में गिरोह ने एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। हालांकि जांच अभी जारी है और यह रकम आगे बढ़ सकती है।

    पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिकन एक्सेंट बोलना सीखा था। इसके बाद वे दी गई स्क्रिप्ट का अभ्यास करते थे और उसी के आधार पर विदेशी नागरिकों से बातचीत कर उन्हें ठगी का शिकार बनाते थे। पुलिस अब गिरोह के मास्टरमाइंड, डिजिटल नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और इस साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

  • 15 दिन बाद सामने आया ग्वालियर की शर्मनाक घटना का वीडियो, युवती से सरेराह बदसलूकी

    15 दिन बाद सामने आया ग्वालियर की शर्मनाक घटना का वीडियो, युवती से सरेराह बदसलूकी


    ग्वालियर । ग्वालियर के सिटी सेंटर क्षेत्र में एक युवती के साथ सार्वजनिक स्थान पर कथित बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में एक युवक युवती का हाथ पकड़कर खींचतान करता दिखाई दे रहा है। इस दौरान युवती के कपड़े फट जाते हैं और वह खुद को संभालने की कोशिश करती नजर आती है। बताया जा रहा है कि यह घटना 12 जुलाई की है, लेकिन इसका वीडियो करीब 15 दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया।

    जानकारी के अनुसार, युवती कैलाश विहार स्थित एक होटल से ट्रॉली बैग और हैंड बैग लेकर बाहर निकल रही थी। वीडियो में उसके पीछे होटल से तीन-चार युवक भी बाहर आते दिखाई देते हैं। इनमें से एक युवक युवती का हाथ पकड़कर उसे रोकने और खींचने की कोशिश करता है। इसके बाद दोनों के बीच सड़क पर काफी देर तक बहस और धक्का-मुक्की होती है।

    वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि खींचतान के दौरान युवती सड़क पर गिर जाती है। इसी दौरान युवक कथित तौर पर उसकी टी-शर्ट जोर से खींच देता है, जिससे वह फट जाती है। युवती तुरंत अपने कपड़े संभालने की कोशिश करती है, जबकि आसपास मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहते हैं और कोई हस्तक्षेप करता नजर नहीं आता।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई है। यूनिवर्सिटी थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार ने बताया कि वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना 12 जुलाई की बताई जा रही है। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

    पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं या पीड़िता शिकायत दर्ज कराती है, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • भागवत कथा से लौट रही बुजुर्ग महिला को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, 20 फीट तक घसीटा; हालत नाजुक

    भागवत कथा से लौट रही बुजुर्ग महिला को तेज रफ्तार बाइक ने मारी टक्कर, 20 फीट तक घसीटा; हालत नाजुक


    ग्वालियर । ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में भागवत कथा सुनकर घर लौट रही बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहे युवक ने पीछे से महिला को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला करीब 20 फीट तक सड़क पर घिसटती चली गई, जिससे उनके सिर, कंधे, हाथ और कान के पास गंभीर चोटें आईं। फिलहाल महिला की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका निजी अस्पताल में इलाज जारी है।

    जानकारी के अनुसार, सरवटे की पहाड़िया निवासी बृजेश कुशवाह ने गिरवाई थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी ताई रामवती कुशवाह और मोहल्ले की ऊषा कुशवाह सोमवार को गिरवाई थाना क्षेत्र स्थित बाबा गार्डन में आयोजित भागवत कथा सुनने गई थीं। शाम करीब 5:45 बजे कथा समाप्त होने के बाद दोनों महिलाएं पैदल अपने घर लौट रही थीं।

    इसी दौरान गिरवाई नाका स्थित गोपाल कुशवाह मैरिज गार्डन के पास पीछे से तेज गति से आ रही मोटरसाइकिल क्रमांक MP07 ND 4307 के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए रामवती कुशवाह को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गईं और काफी दूर तक घिसटती चली गईं। हादसे में उनके सिर, दाहिने हाथ, दाहिने कंधे, दाहिने कान के पास सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

    घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद परिजन और स्थानीय लोगों ने घायल महिला को संभाला और तत्काल जयारोग्य अस्पताल (JAH) पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलने के बाद गिरवाई थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर बाइक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना करने के संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हादसे की भयावहता साफ दिखाई दे रही है।

  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    ग्वालियर की बेटी कृष्णा शर्मा ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का गौरव, भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के साथ यूनाइटेड किंगडम दौरे का मिला मौका

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर की युवा हॉकी खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने अपनी प्रतिभा और लगातार मेहनत के दम पर भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में जगह बनाकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन आगामी यूनाइटेड किंगडम दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में हुआ है। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में आयोजित होने वाले टेस्ट मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस उपलब्धि से ग्वालियर ही नहीं, पूरे मध्य प्रदेश में खुशी का माहौल है।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम पांच जुलाई से शुरू होने वाले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ कई टेस्ट मैच खेलेगी। इस दौरे को युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कृष्णा शर्मा भी इसी टीम का हिस्सा बनकर अपने प्रदर्शन से भारतीय हॉकी में नई पहचान बनाने की तैयारी कर रही हैं।

    कृष्णा शर्मा की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। शुरुआती दिनों में उन्हें सामाजिक सोच और कई तरह की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हॉकी खेलते समय स्कर्ट पहनने को लेकर लोगों ने ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने इन चुनौतियों को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने अपना पूरा ध्यान खेल और प्रदर्शन पर केंद्रित रखा। आज वही संघर्ष उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है और वह भारतीय टीम की जर्सी पहनने जा रही हैं।

    साधारण परिवार से आने वाली कृष्णा को उनके परिवार का हर कदम पर पूरा सहयोग मिला। उनके पिता सुनील शर्मा ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटी के सपनों को कभी रुकने नहीं दिया। परिवार के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत के बल पर कृष्णा ने लगातार आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना भी साकार कर लिया है।

    कृष्णा ने वर्ष 2019 में मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से अपने खेल करियर की शुरुआत की थी। अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के दम पर उन्होंने कम समय में शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2023 में उन्हें भारतीय अंडर-18 टीम के साथ नीदरलैंड और बेल्जियम में आयोजित टेस्ट सीरीज में खेलने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया तथा आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

    पिछले कुछ वर्षों में कृष्णा ने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सब जूनियर राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के साथ दो बार प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स, चरनजीत राय नेहरू गर्ल्स हॉकी टूर्नामेंट, हॉकी इंडिया जूनियर वेस्ट ज़ोन चैंपियनशिप और इंटर ज़ोन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कई प्रतियोगिताओं में उन्हें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान भी मिला, जिसने उनके खेल करियर को नई ऊंचाई दी।

    भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में चयन के बाद ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कृष्णा आने वाले वर्षों में सीनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में भी अपनी जगह बना सकती हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। कृष्णा शर्मा की उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो खेल के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं।

  • फर्जी IPS, CBI और RBI अफसर बनकर बुना ठगी का जाल, काला धन और गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला से 1.58 करोड़ ऐंठे

    फर्जी IPS, CBI और RBI अफसर बनकर बुना ठगी का जाल, काला धन और गिरफ्तारी का डर दिखाकर महिला से 1.58 करोड़ ऐंठे

    मध्य प्रदेश:  के ग्वालियर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सेवानिवृत्त महिला कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लंबे समय तक मानसिक दबाव में रखकर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि साइबर अपराधी किस तरह सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों का नाम लेकर आम लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा रकम के लेन-देन और संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
    जानकारी के अनुसार पीड़िता स्वास्थ्य विभाग में लैब टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उन्हें मई महीने में एक कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि उनके नाम पर एक मोबाइल नंबर संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग अवैध और आपराधिक गतिविधियों में किया जा रहा है। शुरुआत में यह मामला केवल सत्यापन जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन धीरे-धीरे कॉल करने वालों ने महिला को गंभीर कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाना शुरू कर दिया।

    साइबर ठगों ने महिला को बताया कि उनके बैंक खाते में करोड़ों रुपये का कथित काला धन जमा है और यह मामला राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियों के संज्ञान में है। इसके बाद अलग-अलग लोगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी और रिजर्व बैंक से जुड़ा अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया। लगातार वीडियो कॉल और आधिकारिक कार्रवाई जैसी दिखने वाली बातचीत के जरिए महिला पर भरोसा बनाने की कोशिश की गई। ठगों ने वीडियो कॉल के दौरान ऐसा माहौल तैयार किया मानो किसी पुलिस मुख्यालय अथवा जांच एजेंसी के कार्यालय से कार्रवाई की जा रही हो।

    जालसाजों ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि यदि उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और उनकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। इसी डर का फायदा उठाकर उनसे चरणबद्ध तरीके से बड़ी रकम अलग-अलग खातों में जमा करवाई गई। बताया गया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने और क्लीन चिट मिलने के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। मानसिक दबाव और भय के कारण महिला लगातार उनके निर्देशों का पालन करती रहीं।

    जांच में सामने आया है कि करोड़ों रुपये की यह राशि देश के विभिन्न राज्यों में मौजूद अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाई गई। रकम कई किश्तों में भेजी गई, जिससे ठगों ने अपने नेटवर्क को छिपाने की कोशिश की। साइबर अपराधियों ने कथित दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और जांच संबंधी कहानियां गढ़कर महिला को लंबे समय तक भ्रमित रखा। यह पूरा घटनाक्रम करीब 37 दिनों तक चलता रहा, जिसके दौरान महिला लगातार ठगों के संपर्क में रही।

    जब कथित जांच पूरी होने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली और संपर्क करने वाले लोगों के मोबाइल नंबर बंद होने लगे, तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर अपराध शाखा ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले साइबर अपराध देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी खुद को पुलिस, जांच एजेंसी, बैंक या सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर धन उगाही करते हैं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉन्फ्रेंस या धन हस्तांतरण के निर्देश मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना आवश्यक है। फिलहाल ग्वालियर पुलिस इस संगठित साइबर ठगी नेटवर्क तक पहुंचने और ठगी गई राशि की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।