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  • 12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

    12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा


    ग्वालियर । ग्वालियर में लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद गंभीर बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। मेंटीनेंस की कमी, खराब वाहनों, डीजल संकट और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मंगलवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक और EMT कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कर्मचारियों ने सेवा संचालन करने वाली JASS कंपनी पर लापरवाही और व्यवस्थाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

    कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई वाहनों के एयर कंडीशनर खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि कई एम्बुलेंस की लाइटें खराब हैं और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है।

    एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन में देरी और खराब कार्य परिस्थितियों से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे काम बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    इस पूरे मामले ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी 108 एम्बुलेंस सेवा को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ सकता है।

  • ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया

    ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया


    ग्वालियर । ग्वालियर किले की ऐतिहासिक सैर उस समय एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब छत्तीसगढ़ से आए एक पर्यटक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना सोमवार शाम किले के मुख्य गेट के पास उस समय हुई जब परिवार के साथ आए पर्यटक किला घूम रहे थे।

    मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सूरजपुर निवासी 35 वर्षीय प्रमोद देवगन के रूप में हुई है। वह अपने बहनोई और बहन के साथ ग्वालियर घूमने आए थे और घाटीगांव में अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। सोमवार को पूरा परिवार ग्वालियर किला देखने पहुंचा था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई।

    जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे परिवार किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पास पहुंचा ही था कि ढलान से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान ट्रक ने प्रमोद को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन चीख-पुकार करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे की कार के स्टाफ ने घायल को अपनी गाड़ी से तुरंत जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं था। बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ ही पलों में पर्यटन का आनंद मातम में बदल गया और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

    घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसा ढलान और तेज रफ्तार के कारण हुआ, जिससे ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

    बहोड़ापुर थाना पुलिस के अनुसार, आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण सीधे फुटेज उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस अब आसपास के अन्य मार्गों और कैमरों की मदद से ट्रक और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आया है, बल्कि ग्वालियर जैसे पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर गया है।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर

    ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब ग्वालियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद शहर में पेट्रोल ₹109.74 प्रति लीटर और डीजल ₹94.93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

    पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

    ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

  • विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    विवाद से वारदात तक, ग्वालियर में फायरिंग कांड ने पूरे इलाके को दहला दिया

    ग्वालियर में एक साधारण सा दिखने वाला विवाद अचानक इतना खतरनाक रूप ले लेगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। मुरार थाना क्षेत्र के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में देर रात जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को दहशत और सन्नाटे में बदल दिया। एक छोटी सी बात, जो घूरकर देखने को लेकर शुरू हुई थी, धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला सीधे जानलेवा हिंसा तक पहुंच गया।

    रात का समय था, करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास, जब इलाके में अचानक तनाव बढ़ने लगा। पहले कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पथराव शुरू हो गया। माहौल पहले ही गर्म हो चुका था, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई।

    इसी दौरान एक पक्ष की ओर से रायफल निकालकर फायरिंग शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि लगातार कई राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए अपने घरों में छिप गए और सड़कें अचानक खाली हो गईं।

    इस फायरिंग में रमेश कुशवाह की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने के बाद वह भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बच नहीं सके। उनके परिवार पर भी इस घटना का बड़ा असर पड़ा, क्योंकि उनकी पत्नी और दो बेटे भी गोलीबारी की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार एक बेटे की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। परिवार पर अचानक आए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद की जड़ एक मामूली कहासुनी थी, लेकिन इसके पीछे पुरानी रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पहले भी तनाव की स्थिति रही है, जो समय-समय पर टकराव में बदलती रही है।

    पुलिस के अनुसार फायरिंग करने वाले कुछ लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। इलाके में किसी भी तरह की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया गया है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटे विवाद किस तरह बड़े अपराध में बदल सकते हैं और कैसे एक पल का गुस्सा कई जिंदगियों को प्रभावित कर देता है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और पुलिस हर पहलू को गंभीरता से देख रही है।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।

  • सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां एक खुला चैंबर एक बुजुर्ग महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक आनंद चौराहे पर हुए इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला अपने घर के पास से गुजर रही थी तभी अचानक उनका पैर सड़क पर बने नवनिर्मित खुले चैंबर में पड़ गया। चैंबर का मुंह खुला होने और गहराई ज्यादा होने के कारण महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे उसमें गिर गईं। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और कुछ ही पलों में वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    महिला के गिरते ही उनकी चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि महिला चैंबर के अंदर फंसी हुई है तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचती तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चैंबर का मुंह संकरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। साथ ही महिला के घायल होने से स्थिति और भी जटिल हो गई थी। इसके बावजूद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हादसे में महिला को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए गए चैंबरों को बिना ढके छोड़ दिया गया है जो आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे खुले चैंबर किसी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी खुले चैंबरों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है।

  • MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत

    MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के माधौगंज में बीड़ी सुलगाने के दौरान लाइटर जलाना (Lighting lighter) एक बुजुर्ग (Elderly.) की जान ले गया। पान पत्ते गोठ में रहने वाले 70 साल के काशीराम कुशवाह की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक काशीराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    दअरसल माधौगंज थाना क्षेत्र के पान पत्ते की गोठ में रहने वाले गोविंद कुशवाह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता काशीराम कुशवाह की उम्र 70 साल थी। वह घर के पास मेवाती बाबा के मंदिर के चबूतरे पर बैठे थे। काशीराम की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। इसी दौरान उन्होंने बीड़ी सुलगाने के लिए लाइटर जलाया।

    लाइटर की लौ से अचानक उनकी शर्ट ने आग पकड़ ली। काशीराम खुद आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन बुझा नहीं सके। वह मदद के लिए चिल्लाए। चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह आग बुझाई गई। लेकिन तब तक काशीराम बुरी तरह झुलस चुके थे।

    परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन मंगलवार की रात को काशीराम ने दम तोड़ दिया। घटना का पता चलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।फिलहाल पुलिस इस घटना को लेकर जांच कर कार्रवाई में जुट गई है।

  • MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी

    MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में जनसुनवाई में आई एक महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने की धमकी (Threatening commit suicide) देने लगी. कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि महिला कलेक्टर जनसुनवाई में आई थी, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी।

    ग्वालियर में मंगलवार दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे एक महिला पांच मंजिला (लगभग 60 फीट) ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी और 20 लाख रुपए आर्थिक मदद मांग रही थी। शाम 6 बजे के करीब महिला को टंकी से नीचे उतार लिया गया।

    महिला भूरी बानो खान का कहना है कि उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपनी जान दे देगी।

    जानकारी के मुताबिक महिला मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तुरंत मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई।

    पुलिस ने उसकी बात सुनने और उसकी डिमांड पूरे करने को लेकर उसे झांसा दिया था, महिला को मिलने पहले एक महिला कांस्टेबल उसके पास टंकी पर चढ़कर गई थी और उसे बातों में उलझाया। कुछ देर बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मी ऊपर पहुंची थी और उसे समझाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला नहीं मानी थी, जिस पर महिला पुलिसकर्मी ने महिला को समय रहते पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल चीन का नीचे फेंक दी थी।

    महिला बानो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी दिनों से परेशान थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह उन्हें पालने में असमर्थ थी। उसके पति की मौत 4 साल पहले हो गई थी। वह ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक चलाने का काम करता था। उसकी मौत की रिपोर्ट करने में बहोड़ापुर थाने गई थी, लेकिन वहां पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने उसे पीटा और भगा दिया था।

    इसके बाद में कई बार एसपी ऑफिस शिकायत करने गई थी, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद आर्थिक सहायता के लिए कई बार कलेक्ट कार्यालय की जनसंख्या में भी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी कोई मदद की नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता में प्रशासन से 20 लाख रुपए की मांग की थी। प्रशासन ने उसे कागज पर लिखकर दिया है कि 3 महीने के अंदर वह उसकी मांग पूरी कर देंगे।