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  • सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां एक खुला चैंबर एक बुजुर्ग महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक आनंद चौराहे पर हुए इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला अपने घर के पास से गुजर रही थी तभी अचानक उनका पैर सड़क पर बने नवनिर्मित खुले चैंबर में पड़ गया। चैंबर का मुंह खुला होने और गहराई ज्यादा होने के कारण महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे उसमें गिर गईं। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और कुछ ही पलों में वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    महिला के गिरते ही उनकी चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि महिला चैंबर के अंदर फंसी हुई है तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचती तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चैंबर का मुंह संकरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। साथ ही महिला के घायल होने से स्थिति और भी जटिल हो गई थी। इसके बावजूद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हादसे में महिला को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए गए चैंबरों को बिना ढके छोड़ दिया गया है जो आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे खुले चैंबर किसी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी खुले चैंबरों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है।

  • MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत

    MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के माधौगंज में बीड़ी सुलगाने के दौरान लाइटर जलाना (Lighting lighter) एक बुजुर्ग (Elderly.) की जान ले गया। पान पत्ते गोठ में रहने वाले 70 साल के काशीराम कुशवाह की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक काशीराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    दअरसल माधौगंज थाना क्षेत्र के पान पत्ते की गोठ में रहने वाले गोविंद कुशवाह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता काशीराम कुशवाह की उम्र 70 साल थी। वह घर के पास मेवाती बाबा के मंदिर के चबूतरे पर बैठे थे। काशीराम की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। इसी दौरान उन्होंने बीड़ी सुलगाने के लिए लाइटर जलाया।

    लाइटर की लौ से अचानक उनकी शर्ट ने आग पकड़ ली। काशीराम खुद आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन बुझा नहीं सके। वह मदद के लिए चिल्लाए। चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह आग बुझाई गई। लेकिन तब तक काशीराम बुरी तरह झुलस चुके थे।

    परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन मंगलवार की रात को काशीराम ने दम तोड़ दिया। घटना का पता चलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।फिलहाल पुलिस इस घटना को लेकर जांच कर कार्रवाई में जुट गई है।

  • MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी

    MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में जनसुनवाई में आई एक महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने की धमकी (Threatening commit suicide) देने लगी. कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि महिला कलेक्टर जनसुनवाई में आई थी, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी।

    ग्वालियर में मंगलवार दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे एक महिला पांच मंजिला (लगभग 60 फीट) ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी और 20 लाख रुपए आर्थिक मदद मांग रही थी। शाम 6 बजे के करीब महिला को टंकी से नीचे उतार लिया गया।

    महिला भूरी बानो खान का कहना है कि उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपनी जान दे देगी।

    जानकारी के मुताबिक महिला मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तुरंत मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई।

    पुलिस ने उसकी बात सुनने और उसकी डिमांड पूरे करने को लेकर उसे झांसा दिया था, महिला को मिलने पहले एक महिला कांस्टेबल उसके पास टंकी पर चढ़कर गई थी और उसे बातों में उलझाया। कुछ देर बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मी ऊपर पहुंची थी और उसे समझाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला नहीं मानी थी, जिस पर महिला पुलिसकर्मी ने महिला को समय रहते पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल चीन का नीचे फेंक दी थी।

    महिला बानो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी दिनों से परेशान थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह उन्हें पालने में असमर्थ थी। उसके पति की मौत 4 साल पहले हो गई थी। वह ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक चलाने का काम करता था। उसकी मौत की रिपोर्ट करने में बहोड़ापुर थाने गई थी, लेकिन वहां पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने उसे पीटा और भगा दिया था।

    इसके बाद में कई बार एसपी ऑफिस शिकायत करने गई थी, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद आर्थिक सहायता के लिए कई बार कलेक्ट कार्यालय की जनसंख्या में भी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी कोई मदद की नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता में प्रशासन से 20 लाख रुपए की मांग की थी। प्रशासन ने उसे कागज पर लिखकर दिया है कि 3 महीने के अंदर वह उसकी मांग पूरी कर देंगे।

  • मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार

    मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने वाले “शक्ति दीदी” नवाचार को अब प्रदेश स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। राज्य शासन ने इस अनूठी पहल को “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” के लिए चयनित किया है।

    आज मंगलवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत कलेक्टर रुचिका चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और सहायक संचालक (महिला एवं बाल विकास) राहुल पाठक को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    जनसम्पर्क अधिकारी हितेन्द्र सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर जिले को यह पुरस्कार “सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण” कैटेगरी में दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, समाज की अंतिम पंक्ति की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने 2 जनवरी 2025 को इस नवाचार का आगाज़ किया था।

    पेट्रोल पंपों पर कमान संभाल रहीं ‘शक्ति दीदियाँ’

    उन्होंने बताया कि “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिले की ऐसी महिलाओं को चुना गया जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थीं, अपनों द्वारा उपेक्षित थीं या विधवा थीं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर ‘फ्यूल डिलीवरी वर्कर’ के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया। पिछले साल 2 जनवरी 2025 को महज पांच महिलाओं से शुरू हुआ यह कारवां मौजूदा अप्रैल माह तक 112 “शक्ति दीदियों” तक पहुँच गया है। शुरुआत में झिझक रहे पेट्रोल पंप संचालक अब इन महिलाओं की मेहनत और ईमानदारी देखकर स्वयं प्रशासन से “शक्ति दीदी” की मांग कर रहे हैं।

    शक्ति दीदियों की सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर केवल सम्मानजनक रोजगार ही नहीं दिलाया गया है बल्कि उनकी सुरक्षा व सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी नवाचार के लिये एक वॉट्सएप ग्रुप तैयार कराया है, जिस पर जिला प्रशासन, पुलिस, पेट्रो पंप के संचालक एवं शक्ति दीदी जुड़ी हैं। जिस पर शक्ति दीदी अपनी समस्याएं बता सकती हैं। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी व संबंधित पुलिस थाने की पुलिस भी पेट्रोल पंपों पर लगातार गश्त कर शक्ति दीदियों को भरोसा दिलाती हैं कि आप सब बेखौफ होकर अपना काम करें। हम सब आपकी सुरक्षा के लिये 24 घंटे सजग हैं। पेट्रोल पंप पर महिला फ्यूल डिलेवरी वर्कर की ड्यूटी का समय प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रखा गया है।

    शक्ति दीदियों का कहना है – हमें सम्मान के साथ मिला रोजगार

    “शक्ति दीदी” बनी महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को महिला कलेक्टर देकर उनके दु:ख-दर्द को समझने वाला सहारा प्रदान किया है। महिलाएं कहती हैं कि इस नवाचार ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में हमारा मान-सम्मान भी बढ़ाया है।

  • MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत

    MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर (Gwalior) के झांसी रोड थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां खुले पड़े सीवर चैंबर (Open Sewer Chamber) में गिरने से एक मजदूर की जान चली गई. मृतक की पहचान सौरभ बाथम (Saurabh Batham) के रूप में हुई है, मजदूरी कर गुजारा करता था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सीवर चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था. बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस हादसे का इंतजार कर रहे थे?

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी ओफो की बगिया की है. यहां शुक्रवार की शाम सनसनी फैल गई. एक खुले हुए सीवर चैंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक गिर गया. स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सौरभ को बाहर निकाला. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सौरभ शराब पीने का आदी था।

    आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में वह खुले चैंबर को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया. इस घटना के बाद इलाके में नगर निगम की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अगर समय रहते चैंबर को ढका गया होता तो शायद सौरभ की जान बच जाती।

    घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई और इसे लापरवाही बताया. वहीं इस मामले की सूचना मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।

  • MP: ग्वालियर में 9 साल की मासूम और 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म….दोनों आरोपी गिरफ्तार

    MP: ग्वालियर में 9 साल की मासूम और 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म….दोनों आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में 2 नाबालिग बच्चियों से रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामले में आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से एक आरोपी नाबालिग (Accused Minor) है और पीड़ित छात्रा का सहपाठी भी है।

    ग्वालियर में 9 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। यह घटना शाम बिजौली थाना क्षेत्र के सुपावली गांव में हुई। बच्ची अपने ताऊ को खेत पर खाना देने गई थी। खाना देने के बाद वह वहीं खेलने लगी। उसके ताऊ अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे रामवीर जाटव ने बच्ची को अकेला देखा।

    आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर एक एकांत स्थान पर ले गया। आरोपी रामवीर जाटव ने वहां बच्ची के साथ रेप किया। जब बच्ची ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बच्ची को धमकाकर मौके से फरार हो गया।

    घटना के बाद बालिका घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन तत्काल बालिका को लेकर बिजौली थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बालिका की शिकायत पर आरोपी रामवीर जाटव के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। बिजौली थाना सर्किल के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    वहीं, दूसरी घटना ग्वालियर में एक आठवीं की छात्रा के साथ उसके ही साथ में पढ़ने वाले छात्र ने रेप किया है। घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी। आरोपी सहपाठी घर में दाखिल हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का पता उस समय चला जब आरोपी घर से भाग रहा था तो छात्रा की मां वहां पहुंच गई।

    मां के पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बता दी। पहले परिवार बदनामी के डर से खामोश रहा, लेकिन परिवार ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भी नाबालिग है और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।

  • MP: ग्वालियर के गांधी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने दिए 3 शावकों को जन्म

    MP: ग्वालियर के गांधी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने दिए 3 शावकों को जन्म


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में रविवार को सफेद बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इनमें दो रॉयल बंगाल और एक सफेद टाइगर शावक शामिल हैं। इस जन्म के साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है।

    चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया। सभी शावक स्वस्थ हैं और उनकी मां मीरा भी सुरक्षित है। उन्होंने पुष्टि की कि जन्मे शावकों में दो रॉयल बंगाल (पीले) और एक सफेद टाइगर है। प्रसव के बाद से मीरा और उसके शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है।

    गांधी उद्यान के क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया कि नवजात शावकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से आइसोलेशन में रखा गया है। उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखा जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। मीरा को भी बेहतर रिकवरी के लिए हल्का और पौष्टिक आहार दिया जा रहा है। तीन नए शावकों के जन्म के बाद गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। इनमें चार सफेद और छह रॉयल बंगाल टाइगर शामिल हैं। कुल संख्या में 4 नर, 3 मादा और 3 नवजात शावक हैं।

    ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय के निर्देश पर चिड़ियाघर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। नवजात शावकों की देखभाल के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

  • MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे

    MP: ग्वालियर में दोपहर बाद जमकर गिरे ओले…सड़कों पर बिछी सफेद चादर… कारों के शीशे टूटे


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि (Terrible Hailstorm) हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर (Roads Covered White sheets) से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ.

    ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए।

    हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा। एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।


    सटीक निकली IMD की चेतावनी

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है। विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

  • ग्वालियर के 87 स्कूलों का रिजल्ट जीरो, नौनिहालों के भविष्य पर बड़ा सवाल

    ग्वालियर के 87 स्कूलों का रिजल्ट जीरो, नौनिहालों के भविष्य पर बड़ा सवाल

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में कक्षा 5वीं और 8वीं के हालिया परीक्षा परिणामों ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के 87 स्कूल ऐसे सामने आए हैं, जहां एक भी छात्र पास नहीं हो पाया। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि प्राथमिक शिक्षा की नींव कहीं न कहीं कमजोर हो रही है।

    इन 87 स्कूलों में 39 सरकारी और 48 निजी स्कूल शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 17 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक-एक छात्र था और वह भी परीक्षा में असफल हो गया। यह स्थिति बताती है कि समस्या केवल संसाधनों या ढांचे की नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और निगरानी में भी कमी हो सकती है।

    जानकारी के अनुसार, जिन स्कूलों का परिणाम शून्य रहा है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर या शिक्षकों की कमी जैसी कोई स्पष्ट समस्या सामने नहीं आई है। इसके बावजूद एक भी छात्र का पास न होना शिक्षा प्रणाली की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों की नियमित उपस्थिति, शिक्षकों की जवाबदेही और पढ़ाई के प्रति गंभीरता जैसे पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

    इस पूरे मामले पर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कक्षा 5वीं और 8वीं जैसे आधारभूत स्तर पर इस तरह का परिणाम आना बेहद गंभीर विषय है। प्रशासन द्वारा अब इस पूरे मामले की गहन समीक्षा की जा रही है।

    कलेक्टर के अनुसार, स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की नियमितता और पढ़ाने के तरीके सहित कई पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि आखिर किन कारणों से इतने बड़े पैमाने पर छात्र असफल हुए।

    प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इस दिशा में सख्त कदम उठाए जाएंगे। शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के साथ ही स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष योजनाएं और बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह के परिणामों से बचा जा सके।

    यह मामला न केवल ग्वालियर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि अगर प्राथमिक स्तर पर शिक्षा मजबूत नहीं होगी, तो आगे की पढ़ाई और करियर पर भी इसका असर पड़ेगा। नौनिहालों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन द्वारा लिए जाने वाले निर्णय कितने प्रभावी साबित होते हैं और क्या आने वाले वर्षों में इन स्कूलों के परिणामों में सुधार हो पाता है या नहीं।

  • MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन

    MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन


    भोपाल । मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का अलर्ट जारी हो गया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन सालों में लगभग 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई, मसाले और तेल जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल वैन के जरिए एक लाख सैंपल लिए गए, जिनमें डेयरी उत्पाद सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए। मिठाइयों जैसे जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन में भी मिलावट पाई गई। मसालों में लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल हुए हैं।

    मिलावट में ग्वालियर जिला सबसे ऊपर है। यहां दो हजार सैंपल में से लगभग 420 सैंपल फेल पाए गए। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है: गुना 110, उज्जैन 95, भिंड 90, बुरहानपुर और जबलपुर 75-75, शाजापुर 70, खरगोन 65, सीहोर 55, धार 40, राजगढ़ 35, नीमच 30, नरसिंहपुर 28 और अन्य जिले भी इस सूची में शामिल हैं।

    कहां कौन से सैंपल फेल हुए हैं, इसका विवरण भी सामने आया है। ग्वालियर में दूध, दही, पनीर, घी, मिक्स्ड मिल्क, गजक, मावा बर्फी, मालाई बर्फी, चावल और आटा फेल पाए गए। इंदौर में लस्सी, मिल्क केक, मावा कतली, पनीर, इडली और सांभर फेल हुए। शाजापुर में दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, लाल मिर्च पाउडर और कुकिंग ऑयल फेल पाए गए।

    दमोह में जलेबी, बेसन लड्डू, आलू मटर, चाउमीन, घी, पनीर और दही, भिंड में मालाई बर्फी, मावा पेड़ा, सौंफ और काली मिर्च, मुरैना में मावा, घी, पनीर, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, धार में मावा, पनीर, धनिया पाउडर और पताशे, सागर में मोतीचूर लड्डू, रीवा में तुअर दाल और मिठाई, सिवनी में गुजिया, सेव और पनीर, नरसिंहपुर में दूध, खंडवा में गुड़ चिक्की, बैतूल में दही और काली मिर्च, सीहोर में खाने का तेल फेल पाया गया।

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। आम जनता को ऐसे उत्पादों से बचने और केवल प्रमाणित और सुरक्षित ब्रांड के खाद्य पदार्थ खरीदने की सलाह दी गई है।