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  • ग्वालियर में हर्बल गुलाल की बढ़ती मांग, त्वचा और स्वास्थ्य बनी प्राथमिकता..

    ग्वालियर में हर्बल गुलाल की बढ़ती मांग, त्वचा और स्वास्थ्य बनी प्राथमिकता..

    ग्वालियर में होली का त्योहार अब सिर्फ चटख रंग और हुड़दंग तक सीमित नहीं रह गया है। शहर के लोग अब अपनी सेहत और त्वचा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं। इस जागरूकता के चलते इस बार बाजार में केमिकल वाले पक्के रंगों की जगह हर्बल और आर्गेनिक गुलाल ने ले ली है।

    हाट बाजार में हर्बल गुलाल की मांग में तेजी देखी जा रही है। दुकानदारों ने भी प्राकृतिक रंगों का भारी स्टॉक जमा कर लिया है। पिछले कुछ वर्षों के अनुभवों ने लोगों को सतर्क कर दिया है। पक्के रंगों में मौजूद कांच के कण, लेड और अन्य खतरनाक केमिकल्स त्वचा में जलन, आंखों में समस्या और सांस की बीमारियों का कारण बनते रहे हैं। शहर के त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि होली के बाद क्लीनिकों में आने वाले मरीजों की संख्या पहले बढ़ जाती थी, लेकिन अब लोग खुद ही सतर्क हो रहे हैं और हर्बल गुलाल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    ठिकाना शहर के फूलबाग के पास हाट बाजार में इस बार विशेष हर्बल कार्नर सजाए गए हैं। यहां स्थानीय स्वयं सहायता समूह और कारीगरों द्वारा तैयार किए गए रंग उपलब्ध हैं। रंग बनाने में गेंदे के फूल, चुकंदर, पालक और हल्दी का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा चंदन और गुलाब की खुशबू वाले गुलाल की डिमांड सबसे अधिक है। ये गुलाल चेहरे पर लगने के बाद भी सौम्य रहते हैं और त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते।

    27 फरवरी यानी शुक्रवार से हाट बाजार में होली पर स्पेशल मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हर्बल रंग और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विनीत गुप्ता, डीपीएम, जिला पंचायत ने बताया कि मेले में प्राकृतिक रूप से तैयार किए गए गुलाल और रंग खरीदारों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे होली खेलने पर स्किन को नुकसान नहीं पहुंचे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में हर्बल के नाम पर नकली रंग भी मिल सकते हैं। असली हर्बल गुलाल पहचानने का तरीका सरल है। इसे हाथों पर लगाने पर हल्का महसूस होना चाहिए। इसकी महक तेज या चुभने वाली नहीं होनी चाहिए। पानी से हाथ धोने पर यह आसानी से निकल जाता है और कोई दाग नहीं छोड़ता। इस तरह से लोग नकली और असली हर्बल रंग में अंतर कर सकते हैं।

    इस वर्ष ग्वालियर में होली का त्योहार न केवल रंगों से बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ नजर आ रहा है। लोगों की जागरूकता और स्थानीय कारीगरों की भागीदारी से यह पर्व अब पूरी तरह से सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से मनाया जा सकेगा।

  • या तो हाइवे बनाओ या टोल हटाओ’: ग्वालियर टोल प्लाजा पर बदमाशों ने किया हंगामा, कोई हताहत नहीं

    या तो हाइवे बनाओ या टोल हटाओ’: ग्वालियर टोल प्लाजा पर बदमाशों ने किया हंगामा, कोई हताहत नहीं


    मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के बरेठा टोल प्लाजा पर बुलेट सवार दो अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन फायरिंग से टोल प्लाजा के कम्प्यूटर और फर्नीचर को नुकसान पहुंचा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

    बदमाशों ने मौके पर पर्ची फेंककर धमकी दी, जिसमें लिखा था ‘या तो हाइवे बनाओ या फिर टोल हटाओ, सरकार अंधी हो चुकी है’। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भिंड-ग्वालियर हाइवे का काम शुरू नहीं हुआ तो बड़ा कदम उठाया जाएगा।

    पुलिस ने मौके से 5 खाली कारतूस और धमकी भरी पर्ची बरामद की। टोल प्लाजा सुपरवाइजर रोहित कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बदमाश हेलमेट पहने हुए थे और भिंड की ओर से आए थे। मामला महाराजपुरा थाना क्षेत्र का है।

    गौरतलब है कि यह धमकी 16 फरवरी को हुए सड़क हादसे से जुड़ी घटना के संदर्भ में आई। भिंड निवासी आकाश भदौरिया अपने बड़े भाई के साथ बाइक से अटेर जा रहा था, जब बायपास पर एक टैंकर ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में आकाश की मौत हो गई थी। टैंकर चालक संजू यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस तलाश कर रही है।

    स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है। CCTV फुटेज और बरामद पर्चियों के आधार पर अज्ञात बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

  • इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

    इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल


    नई दिल्ली।  दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया, जिससे इंदौर में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

    इंदौर में पथराव और पुलिस कार्रवाई
    इंदौर में जब भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) का घेराव करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, और संतरे-टमाटर फेंके। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल के सीने पर एक बड़ा पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने वाले कार्यकर्ताओं पर ठंडे पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

    भोपाल और ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन
    भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    ग्वालियर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली और राहुल गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

    विरोध प्रदर्शन की जड़
    इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम में हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का तरीका बता रही है।

    उज्जैन में भाजपा और कांग्रेस का आमना-सामना
    उज्जैन में भी भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की कोशिश की थी।

    जबलपुर में भी विरोध
    जबलपुर में यूथ कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के पास जाने की कोशिश की। इसके बाद वहां भी पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

    दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद, मध्य प्रदेश में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव और नोकझोंक ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।

  • ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन

    ग्वालियर में भाजपा ने राहुल गांधी का पुतला फूंका, कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन


    ग्वालियर। दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस युवा इकाई द्वारा किए गए हंगामे के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भा.ज.यु.मो.) ने ग्वालियर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का विरोध करते हुए पार्टी कार्यालय के बाहर नारेबाजी की।

    नदी गेट से कांग्रेस कार्यालय तक रैली:
    भा.ज.यु.मो. ने संभाग स्तर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। रैली नदी गेट चौराहे से शिंदे की छावनी स्थित कांग्रेस कार्यालय तक निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करते नजर आए। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस कार्यालय के बाहर झंडे लहराते हुए नारेबाजी की।

    दो घंटे तक तनावपूर्ण माहौल:
    करीब दो घंटे तक ग्वालियर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद भा.ज.यु.मो. के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रतीक तिवारी ने राहुल गांधी का पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रधानमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल के हस्तक्षेप से वे ऐसा नहीं कर सके। पुलिस ने मौके पर तैनाती बढ़ाई और पुतला ले जाते हुए कार्यकर्ताओं को रोका।

    कांग्रेस का पलटवार:
    कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सुनील शर्मा ने भाजपा के प्रदर्शन को हताशा करार दिया। उन्होंने कहा, “जनता के मुद्दों पर बात करने की बजाय विपक्ष के नेताओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियां करना अनुचित है।” सुनील शर्मा ने इस घटना की निंदा की और भाजपा को जवाबी हमला किया।

    पुलिस की स्थिति:
    सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पुलिस की मौजूदगी में सभी गतिविधियां शांतिपूर्वक संपन्न हुईं और किसी भी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी। एहतियात के तौर पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था।

  • MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

    MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल


    भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।

    रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।

    फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

    मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।

    अगले दो दिन का मौसम का हाल
    16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
    17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • ग्वालियर में सात गांवों में ओलावृष्टि से 250 हैक्टेयर फसल बर्बाद, सर्वे टीम ने पहुंचकर किया नुकसान का आकलन

    ग्वालियर में सात गांवों में ओलावृष्टि से 250 हैक्टेयर फसल बर्बाद, सर्वे टीम ने पहुंचकर किया नुकसान का आकलन


    ग्वालियर चीनोर क्षेत्र के सात गांवों में दो और तीन फरवरी की रात हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए सात दल गठित किए हैं इन दलों में राजस्व विभाग कृषि विभाग और पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं

    गुरुवार तक सर्वे दलों ने सात सौ से अधिक किसानों के खेतों का दौरा किया और लगभग 250 हैक्टेयर फसल प्रभावित पाई गई फिलहाल खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पकी नहीं है बालियां ही निकल रही हैं ऐसे में क्राप कटिंग विधि से नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता इसलिए टीम नेत्रांकन विधि से फसल में दिख रहे नुकसान का आंकलन कर रही है

    सर्वे में खेत-दर-खेत जाकर नुकसान का मापन किया जाता है टीम रैंडम रूप से कुछ हिस्से चुनती है और वहां पौधों की स्थिति देखकर नुकसान तय करती है यदि नुकसान 33 प्रतिशत या उससे अधिक होता है तो किसान मुआवजे का हकदार बनता है कम नुकसान होने पर शासन की ओर से राहत राशि नहीं मिलती

    ओलावृष्टि से सबसे अधिक प्रभावित गांव कछौआ रहा अकेले यहां चार सौ किसानों के खेतों का सर्वे किया गया अन्य छह गांवों में प्रभावित किसानों की संख्या 300 थी कुल मिलाकर सात सौ किसानों के खेतों तक सर्वे दल पहुंच चुके हैं चीनोर तहसील के अन्य प्रभावित गांवों में बड़की सराय सिकरौदा भौरी खुर्दपार्क जुझारपुर और कछौआ शामिल हैं

    कलेक्टर सहित प्रशासन के अफसर भी मैदान में उतर गए थे और सर्वे दलों को नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए राजस्व विभाग के अफसरों के मुताबिक ओलावृष्टि से फसल नुकसान की सही स्थिति दो से तीन दिन में सामने आएगी सर्वे अंत में पंचनामा तैयार किया जाता है जिसमें किसान का नाम खसरा नंबर फसल का नाम ओलावृष्टि का समय तीव्रता कुल रकबा और क्षतिग्रस्त हिस्से का विवरण दर्ज किया जाता है सर्वे के दौरान पशु हानि होने पर उसका भी विवरण लिखा जाता है ताकि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके

  • MP में 30 से ज्यादा जिलों में कोहरे की चादर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे प्रभावित..

    MP में 30 से ज्यादा जिलों में कोहरे की चादर, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे प्रभावित..

    भोपाल। मध्य प्रदेश का आधा से अधिक हिस्सा कोहरे की चपेट में है। गुरुवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और 30 से अधिक जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग ने इस दौरान गाड़ी चलाते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

    बुधवार को दिन में ठंडी हवाओं के चलते अधिकतर शहरों का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने कहा है कि सुबह के समय अनिवार्य होने पर ही सफर करें और गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करते हुए धीमी गति अपनाएं। शुक्रवार को भी कोहरे का अलर्ट जारी है।

    किस जिलों में कोहरा छाया
    मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों में कोहरे का प्रभाव है।

    अगले दो दिन का मौसम

    6 फरवरी: ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोकनगर, इंदौर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, विदिशा, सीहोर, रायसेन सहित कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहेगा।

    7 फरवरी: अधिकांश जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का अनुमान है। इस दिन बारिश की संभावना नहीं है।

    इस मौसम के पीछे की वजह
    उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में पहुंच रही हैं। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने वाला है, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी से मावठे गिरने की संभावना है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस

    एमपी में सियासी घमासान: प्रीतम लोधी के बयान पर कांग्रेस का 'मुंहतोड़' पलटवार गौमांस


    भोपाल। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के एक कथित विवादित बयान पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने लोधी को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि भाषा पर संयम नहीं रखा गया तो कांग्रेस इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को सनातन विरोधी करार दिया है।

    मानक अग्रवाल की चेतावनी राजनीति का गिर रहा है स्तर बीजेपी विधायक के जूते वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मानक अग्रवाल ने कहा प्रीतम लोधी संयम बरतें और तमीज से बात करें। इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे तो उन्हें भागने की जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि राजनीति का परिदृश्य गिरता जा रहा है और बीजेपी सरकार डॉ. अंबेडकर की सोच को दबाना चाहती है। ग्वालियर में 14 मार्च को होने वाले दलित संगठनों के कूच पर उन्होंने आगाह किया कि यदि शहर में अराजकता फैली तो उसकी जिम्मेदार केवल सरकार होगी।

    बीजेपी का बचाव आक्रोश निजी पर बरैया के बोल भी गलत बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया ने प्रीतम लोधी के बयान को उनका निजी मत बताया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि फूल सिंह बरैया की बातों से प्रदेश का एक-एक व्यक्ति आक्रोशित है। सिसौदिया ने कांग्रेस से अपील की कि वे दलित संगठनों के आंदोलन में बहरूपिया बनकर न घुसें और किसी भी प्रकार का उपद्रव न करें। उन्होंने दावा किया कि जितना सम्मान बीजेपी ने बाबा साहेब को दिया है उतना किसी ने नहीं दिया।

    गौमांस मामले पर घिरी सरकार दिग्विजय पर भी वार भोपाल नगर निगम BMC स्लॉटर हाउस गौमांस मामले में भी राजनीति गरमा गई है। मानक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार खुद गौमांस का निर्यात करा रही है और SIT का गठन सिर्फ मामले को रफा-दफा करने के लिए किया गया है। उन्होंने महापौर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके जवाब में राजपाल सिसौदिया ने कहा कि सरकार गौवंश संरक्षण के लिए संकल्पित है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिग्विजय सिंह के दौरों को लेकर भी दोनों दल भिड़ गए। जहाँ मानक अग्रवाल ने उनके एक्टिव होने को कांग्रेस के लिए फायदेमंद बताया वहीं बीजेपी ने उन्हें मिस्टर बंटाढार’ कहते हुए तंज कसा कि उनके सक्रिय होने से बची-कुची कांग्रेस भी खत्म हो जाएगी।

  • प्रेम संबंध छिपाने के लिए मां ने 5 साल के बेटे को दो मंजिल से फेंका, रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी से हुआ खुलासा; मां को उम्रकैद, प्रेमी बरी

    प्रेम संबंध छिपाने के लिए मां ने 5 साल के बेटे को दो मंजिल से फेंका, रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी से हुआ खुलासा; मां को उम्रकैद, प्रेमी बरी



    ग्वालियर । ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2023 को हुई एक दर्दनाक घटना में 5 साल के बच्चे जतिन की मौत का मामला अब न्यायालय तक पहुंचा। आरोप है कि बच्चे की मां ज्योति राठौर ने अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ छत पर होने के दौरान अपने बेटे को यह देख लिया कि मां अपने प्रेमी की गोद में है। यह बात उजागर होने के डर से उसने अपने बेटे को दो मंजिल की छत से नीचे फेंक दिया, जिससे बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
    घटना के तुरंत बाद परिवार और पुलिस ने इसे एक सामान्य दुर्घटना माना, लेकिन 15 दिन बाद मामले का असली सच सामने आया। बच्चे की मां को पछतावा हुआ और उसने अपने पति ध्यान सिंह को सच बता दिया। इसके बाद पति ने बातचीत की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और घर में लगे CCTV फुटेज भी प्राप्त किए। इस सबूत के आधार पर उसने थाटीपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    पुलिस ने जांच के बाद मां ज्योति और उसके प्रेमी उदय को आरोपी बनाया और दोनों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने पुलिस की ओर से पैरवी की।

    अपर सत्र न्यायालय ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह माना कि यह हत्या का मामला है, न कि दुर्घटना। अदालत ने ज्योति राठौर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    वहीं, प्रेमी उदय इंदौलिया को पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने बरी कर दिया। घटना की जांच में यह भी सामने आया कि बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन मां उसे देखने नहीं आई। बच्चे को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।

    इस मामले में पुलिस ने अब तक जांच और सबूतों के आधार पर मां की हत्यारानी हरकत को साबित कर दिया, जबकि प्रेमी की भूमिका साबित नहीं हो सकी।

    अब न्यायालय के आदेश के बाद मां को उम्रकैद की सजा का सामना करना होगा और यह केस परिवार और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बन गया है कि प्रेम संबंध छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाना कितना खतरनाक हो सकता है।