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  • कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ

    कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मैदा कल्चर ने हमारे पाचन तंत्र को सुस्त कर दिया है। कब्ज केवल एक समस्या नहीं, बल्कि बवासीर, गैस और एसिडिटी जैसी बीमारियों की जड़ है। डॉक्टर और डाइटिशियन मानते हैं कि अगर आप अपनी रोटियों का आटा बदल लें, तो बिना दवा के पेट की सफाई संभव है। यहाँ उन 5 प्रकार के आटों की जानकारी दी जा रही है, जो फाइबर से भरपूर हैं और कब्ज को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं ।

    चोकर युक्त गेहूं का आटा
    अक्सर हम आटे को छानकर उसका चोकर बाहर फेंक देते हैं जबकि असली फाइबर उसी में होता है। फायदा चोकर आंतों की दीवारों पर जमा गंदगी को झाड़ू की तरह साफ करता है। कैसे खाएं आटे को बिना छाने रोटियां बनाएं।

    मल्टीग्रेन आटा

    जब आप गेहूं में चना सोयाबीन, और मक्का मिलाते हैं, तो यह एक फाइबर बम बन जाता है फायदा यह न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है प्रो टिप घर पर ही 5 किलो गेहूं में 1 किलो काला चना पिसवाकर मिश्रण तैयार करें।

    ओट्स का आटा

    ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट को नरम रखता है। फायदा यह मल को मुलायम बनाता है जिससे पेट साफ होने में दर्द या कठिनाई नहीं होती। उपयोग आप इसे गेहूं के आटे में आधा-आधा मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

    रागी या बाजरे का आटा

    मोटे अनाज जैसे रागी बाजरा या ज्वार गुणों की खान हैं। फायदा इनमें गेहूं के मुकाबले कई गुना ज्यादा फाइबर होता है। रागी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है। नोट सर्दियों में बाजरा और गर्मियों में ज्वार या रागी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।

    जौ का आटा

    प्राचीन समय से ही जौ को पेट के लिए सबसे हल्का और पाचक माना गया है। फायदा यह आंतों की सूजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। हफ्ते भर में असर: अगर आप लगातार 7 दिन जौ की रोटी खाते हैं, तो पुरानी से पुरानी कब्ज में राहत महसूस होगी।

    एक्सपर्ट टिप्स कब्ज मुक्त रहने के लिए

    पानी का भरपूर सेवन: फाइबर तभी काम करेगा जब आप पर्याप्त पानी पिएंगे। बिना पानी के फाइबर भी कब्ज कर सकता है। रात का खाना: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें। सेंधा नमक रोटियों के आटे में थोड़ा सेंधा नमक और अजवाइन मिलाने से पाचन और भी तेज होता है। चेतावनी यदि आपको ग्लूटेन से एलर्जी है या कोई गंभीर पेट की बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    नई दिल्ली । सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का क्रेज हर उम्र के लोगों में बढ़ जाता है। बाजार में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। लोग सोचते हैं कि रोजाना इन्हें खाने से शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। लेकिन क्या यह आदत सभी के लिए सुरक्षित है? डॉक्टरों की राय इसे लेकर साफ है – मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है, जबकि अखरोट और पिस्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। सर्दियों में रोजाना थोड़ी मात्रा में मेवे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है।दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे अधिक खाने पर वजन बढ़ने, ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होने और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

    डॉक्टर यह भी कहते हैं कि ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। औसतन 100 ग्राम ड्राई फ्रूट्स में केवल 15-16 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा सीमित ही रहती है। हालांकि एथलीट या शारीरिक श्रम करने वाले लोग इसे 40-50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं।जहां तक वजन और शुगर की चिंता है, तो सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते। किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवे कैलोरी में अधिक होते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने से यह मोटापा और ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने वाले लोगों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    सभी के लिए ड्राई फ्रूट्स सुरक्षित नहीं हैं। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग वाले मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेवे नहीं खाने चाहिए। खासकर काजू कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।निष्कर्ष यह है कि ड्राई फ्रूट्स सर्दियों में सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन संतुलन और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। सही चयन और सीमित मात्रा में सेवन करने पर ही ये शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। वरना इन्हें ज्यादा खाने से वजन, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    डॉक्टरों का सुझाव है कि रोजाना 30 ग्राम मेवे पर्याप्त हैं। इसमें बादाम, अखरोट, पिस्ता और थोड़ा सा किशमिश शामिल किया जा सकता है। खजूर का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन तभी सुरक्षित और लाभकारी है जब इसे संतुलित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए।

  • रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ

    रक्त संचार बेहतर कर भरपूर एनर्जी देता है वृश्चिकासन अभ्यास से मिलते हैं कई लाभ


    नई दिल्ली । व्यस्त दिनचर्या और कार्य का बढ़ता तनाव शरीर के साथ-साथ मन को भी शीघ्र बीमारियों की चपेट में ले लेता है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने का सबसे प्रभावी तरीका है योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना। ऐसा ही एक बेहतरीन आसन है वृश्चिकासनजिसे स्कॉर्पियन पोज भी कहा जाता है। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर बिच्छू की आकृति जैसा बन जाता है। इसके अभ्यास से शारीरिक मजबूतीलचीलापन और मानसिक शांति मिलती है।
    मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसारवृश्चिकासन के रोजाना अभ्यास से शरीर को एक-दो नहींकई लाभ मिलते हैं। वृश्चिकासन या स्कॉर्पियन पोज एक इनवर्टेड बैकबेंड आसन हैजिसमें कोहनियों पर संतुलन बनाते हुए पैरों को सिर की ओर झुकाया जाता है। यह आसन कंधोंबाजुओंपीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। योग एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता हैजिससे कमर दर्द और पीठ की समस्याओं में राहत मिलती है। साथ हीयह पेट की मांसपेशियों को खींचता हैपाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। वृश्चिकासन एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।

    यह मस्तिष्क में रक्त संचार सुधारता हैजिससे स्मरण शक्ति और फोकस बेहतर होता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह आसन हृदय के लिए भी लाभकारी हैक्योंकि इनवर्टेड पोजिशन में रक्त प्रवाह संतुलित होता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस आसन को करने के लिए सबसे पहले मयूरासन की स्थिति में आएं। कोहनियों को कंधों के नीचे रखें और हथेलियों से जमीन को पकड़ें। शरीर को ऊपर उठाते हुए पैरों को सीधा रखें। अब धीरे-धीरे रीढ़ को झुकाते हुए पैरों को सिर की ओर लाएंताकि पैरों की उंगलियां सिर को छूने की कोशिश करें।

    संतुलन बनाए रखें और गहरी सांस लें। शुरुआत में 10-20 सेकंड तक रुकेंफिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। अभ्यास के बाद शवासन या बालासन में विश्राम करें। वृश्चिकासन उन्नत आसन हैइसलिए शुरुआती लोग योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। जैसे हाई ब्लड प्रेशरहृदय रोगचक्कर आने की समस्यागर्भावस्था या पीठ-कमर में चोट वाले लोग इसे न करें। वार्म-अप जरूर करेंजैसे डॉल्फिन पोज या प्लैंक। अगर गर्दन या कंधों में दर्द हो तो न करें। गलत तरीके से करने पर चोट लग सकती है।

  • बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी

    बिना काम के पूरे दिन थकान अनदेखा न करें हो सकती है इस विटामिन की कमी


    नई दिल्ली । काम के बाद थकान होना स्वाभाविक होता है लेकिन अगर इसका अहसास पूरे दिन बना रहता है तो इसे नजरअंदाज न करें। थकान के पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन बार-बार होने वाली थकान कमजोरी की निशानी है जो पूरे शरीर को बेजान बना देती है। शरीर की कमजोरी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी का संकेत देती है।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स बाकी विटामिन की तरह ही हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में एक नहीं बल्कि आठ अलग-अलग तरह के विटामिन होते हैं जिनमें विटामिन बी-1 बी-2 बी-3 बी-5 बी-6 बी-7 बी-9 और बी-12 होते हैं जो पूरे शरीर का ऊर्जा हाउस है। हर विटामिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों को ऊर्जा देने का काम करता है।

    अगर इसमें से किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती है तो थकान बाल झड़ना चक्कर आना मस्तिष्क की नसों का कमजोर होना याददाश्त की समस्या स्किन से जुड़ी परेशानी हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन एनीमिया आंखों की रोशनी कमजोर होना डिप्रेशन रक्त वाहिकाओं में अत्याधिक जोर पड़ना और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होते हैं।

    विटामिन बी कॉम्प्लेक्स हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। ये पानी में घुलनशील विटामिन हैं जो शरीर को तेजी से ऊर्जा देने का काम करते हैं। अगर भोजन ऊर्जा में नहीं बदल पाता तो शरीर में बाकी पोषक तत्वों की कमी होती है। ऐसे में मन और तन दोनों की थकान महसूस होती है।

    अब सवाल आता है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कमी को कैसे पूरा किया जा सकता है। आहार में बहुत कम ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है। शाकाहारी भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां साबुत अनाज दूध दही और कुछ फलों में ही विटामिन बी कॉम्प्लेक्स पाया जाता है जबकि मांसाहारी भोजन में मांस मछली चिकन और अंडे में पाया जाता है।

    शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का अवशोषण सही तरीके से हो सकता है। इसके लिए चाय और कॉफी का सेवन कम करें। डिब्बा बंद उत्पादों का सेवन भी करने से बचें और अगर फिर भी विटामिन की पूर्ति नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह के बाद सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

  • इम्यूनिटी बूस्टर हैं ये 5 फल, रोजाना सेवन से सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां रहेंगी दूर

    इम्यूनिटी बूस्टर हैं ये 5 फल, रोजाना सेवन से सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां रहेंगी दूर

    नई दिल्ली
    ।आज की बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती जा रही है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से सर्दी-जुकाम, वायरल, फ्लू और छोटी-मोटी बीमारियां बार-बार घेर लेती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर डाइट में सही पोषक तत्व शामिल किए जाएं, तो इम्यून सिस्टम को काफी हद तक मजबूत बनाया जा सकता है। खासतौर पर फल इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।फल न केवल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं, बल्कि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत भी देते हैं। नियमित रूप से फलों का सेवन करने से शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली बेहतर होती है। आज हम आपको ऐसे 5 फलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। अगर इन्हें रोजाना डाइट में शामिल किया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है।

    1. संतरा

    संतरा इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों में सबसे ऊपर आता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। संतरे का नियमित सेवन करने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा कम होता है। इसके अलावा यह स्किन को हेल्दी रखने और शरीर में कोलेजन के निर्माण में भी मदद करता है।

    2. अमरूद

    अमरूद को विटामिन-C का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें संतरे से भी ज्यादा विटामिन-C मौजूद होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होते हैं। अमरूद खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और सर्दियों में फ्लू या इंफेक्शन का जोखिम कम हो जाता है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

    3. सेब

    सेब को सेहत का खजाना माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-C शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं। सेब खाने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है। रोज एक सेब खाने की आदत कई बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती है।

    4. अनार

    अनार में विटामिन-C के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। यह फल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जिससे शरीर में सूजन कम करने में मदद मिलती है। अनार का सेवन खासतौर पर बुजुर्गों के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह कमजोरी और संक्रमण से बचाव करता है।

    5. कीवी

    कीवी में उच्च मात्रा में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसका सेवन सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कीवी को छिलके के साथ खाने से इसके पोषक तत्व और ज्यादा असरदार हो जाते हैं। यह फल दिल और पाचन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इन फलों को रोजाना संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए, तो इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रहता है। साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और पानी पीना भी जरूरी है।

  • सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स

    सर्दियों में भी रहें हाइड्रेटेड: पानी और गर्म ड्रिंक्स के 5 आसान टिप्स


    नई दिल्ली
    /सर्दियों में लोग अक्सर यह सोचते हैं कि गर्म मौसम की तरह डिहाइड्रेशन का खतरा नहीं है। लेकिन सच यह है कि ठंड के मौसम में भी शरीर में पानी की कमी चुपचाप असर डालती है। कम प्यास लगना, हीटर, ब्लोअर और गर्म कपड़े शरीर से नमी को निकाल लेते हैं। इसके अलावा, सर्दियों में चाय, कॉफी या अल्कोहल का ज्यादा सेवन भी डिहाइड्रेशन बढ़ा देता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह थकान, सिरदर्द, रूखी त्वचा और कमजोर इम्यूनिटी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।

    क्यों बढ़ता है सर्दियों में डिहाइड्रेशन का खतरा?
    सर्दियों में पसीना जल्दी सूख जाता है, जिससे पानी की कमी महसूस नहीं होती। प्यास का संकेत कमजोर होने के कारण लोग पर्याप्त पानी पीना भूल जाते हैं। हीटर और ब्लोअर से हवा में नमी कम हो जाती है और गर्म कपड़े भी शरीर से पानी सोख लेते हैं। यही कारण है कि ठंड में भी हाइड्रेशन पर ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    सर्दियों में हाइड्रेटेड रहने के 5 आसान हैक्स

    1. पानी पीने की आदत बनाएं
    सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीने की आदत छोड़ दें। सुबह उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। दिनभर हर 1–2 घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। मोबाइल रिमाइंडर सेट करना इस आदत को बनाए रखने में मदद करता है।

    2. गुनगुने और हेल्दी ड्रिंक्स अपनाएं
    ठंड में ठंडा पानी पीने का मन नहीं करता, इसलिए गुनगुना पानी या हर्बल ड्रिंक्स पीना बेहतर रहता है। नींबू पानी, अदरक और दालचीनी का काढ़ा शरीर को हाइड्रेट रखता है और इम्यूनिटी भी बढ़ाता है। गर्म ड्रिंक्स पाचन को बेहतर बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करती हैं।

    3. सूप और शोरबा शामिल करें
    सर्दियों में सूप, सब्जियों का शोरबा, दलिया और दही डाइट में शामिल करें। संतरा, सेब और अमरूद जैसे फलों में भी पानी और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं। ये न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं, बल्कि शरीर को ठंड से लड़ने के लिए आवश्यक विटामिन और मिनरल भी देते हैं।

    4. कैफीन और शराब का संतुलन रखें
    चाय, कॉफी और शराब का ज्यादा सेवन शरीर से पानी निकाल देता है। अगर इनका सेवन करें, तो पर्याप्त पानी पीना सुनिश्चित करें। पानी के साथ ही कैफीन और अल्कोहल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

    5. शरीर के संकेतों को पहचानें
    रूखे होंठ, सूखी त्वचा, गहरा पीला यूरिन, थकान, चक्कर और सिरदर्द डिहाइड्रेशन के मुख्य संकेत हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें और तुरंत पानी या गर्म ड्रिंक्स लें।सर्दियों में पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। छोटे-छोटे कदम अपनाकर आप न केवल डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं, बल्कि ठंड के मौसम में भी एनर्जी और इम्यूनिटी बनाए रख सकते हैं। गुनगुने पानी, सूप, शोरबा और हेल्दी ड्रिंक्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप शरीर को फुली हाइड्रेटेड रख सकते हैं और सर्दियों का मजा सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।