Tag: Health

  • बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान

    बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । आजकल के आधुनिक घरों में बाथरूम में शीशा लगाना आम बात है। लोग इसे इंटीरियर और सजावट के लिए लगवाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सही रूप और दिशा जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। बाथरूम को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है यहाँ लगे शीशे की दिशा और स्थिति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि बाथरूम में आईना गलत दिशा में लगा हो, तो यह घर की शांति, सेहत और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। तो आइए जानते हैं, बाथरूम में शीशा लगाने के सही वास्तु नियम।

    सही दिशा का रखें ध्यान

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में आईना पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि के लिए शुभ होता है। पूर्व दिशा में लगा आईना स्वास्थ्य और प्रतिष्ठा में सुधार लाता है वहीं दक्षिण या पश्चिम दिशा में आईना लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।

    आईने का आकार भी है जरूरी

    आईने का आकार भी वास्तु के नियमों का पालन करता है। चौकोर या आयताकार आईना लगाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि ये स्थिरता और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। गोल या अंडाकार आईना ऊर्जा के प्रवाह को असंतुलित कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए इन आकारों से बचना चाहिए।

    सही ऊंचाई पर लगाएं आईना

    आईना इस तरह लगाया जाना चाहिए कि उसमें चेहरा पूरा और स्पष्ट दिखाई दे। बहुत ऊँचा या बहुत नीचा शीशा अशुभ माना जाता है। अगर आईने में आधा चेहरा या टूटे हुए प्रतिबिंब नजर आते हैं, तो यह आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है।

    दरवाजे के सामने न हो शीशा

    बाथरूम के दरवाजे के सामने शीशा लगाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।जब दरवाजा खुलता है तो वह ऊर्जा बाहर निकलती है और शीशा उसे वापस अंदर ले आता है जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए कोशिश करें कि आईना दरवाजे के सामने न लगे।

    साफ और सही स्थिति में हो आईना

    आईने का साफ और सही स्थिति में होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईने पर पानी के दाग, धुंध या गंदगी नहीं होनी चाहिए। टूटे या चटके हुए आईने से नकारात्मकता और आर्थिक परेशानियाँ बढ़ सकती हैं, इसलिए अगर आईना खराब हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें बाथरूम में शीशा लगाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। सही दिशा, आकार, ऊंचाई और स्थिति में आईना लगाकर आप न केवल घर को सुंदर बना सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।

  • आज का राशिफल: 12 जनवरी 2026 – कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों की चमकेगी किस्मत, होगा धन लाभ

    आज का राशिफल: 12 जनवरी 2026 – कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों की चमकेगी किस्मत, होगा धन लाभ


    नई दिल्ली । 12 जनवरी 2026 का राशिफल बताता है कि आज कुछ राशियों के लिए सफलता और लाभ का दिन रहेगा वहीं कुछ को स्वास्थ्य कार्य और धन के मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। ग्रहों का प्रभाव मिला-जुला रहेगा, और धैर्य और समझदारी से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं 12 जनवरी 2026 का राशिफल और किस राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा

    मेष
    आज का दिन आपके लिए संघर्षपूर्ण हो सकता है। अत्यधिक परिश्रम के बाद भी आपको सफलता मिलने में संदेह है। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में परेशानियाँ आ सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। परिवार में कुछ नकारात्मक विचार हो सकते हैं, जिससे मन अशांत रहेगा।

    वृषभ

    आज का दिन मिश्रित रहेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा ध्यान देना होगा, क्योंकि सर्दी, जुकाम और मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं आ सकती हैं, और आर्थिक दृष्टिकोण से व्यर्थ के खर्चों से बचना होगा। हालांकि परिवार में मांगलिक कार्य हो सकते हैं, जो सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।

    मिथुन


    आज आपका मन अशांत रहेगा। पुराने विवादों के कारण परेशान हो सकते हैं, लेकिन सूझबूझ से आप इन समस्याओं को हल करने में सफल होंगे। आर्थिक लाभ की स्थिति आज अच्छी नहीं है। व्यापार में बदलाव के योग बन रहे हैं, और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    कर्क

    आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। आप किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं और बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर हैं, और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पार्टनरशिप में भी सफलता के योग हैं, जिससे लाभ होगा। मन प्रसन्न रहेगा और आज का दिन बहुत अच्छा बीतेगा।

    सिंह

    आज आपके लिए दिन बेहद शुभ है। सोचे हुए कार्य पूर्ण होंगे, और किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा। नए कार्यों का निर्णय आप ले सकते हैं, जो आने वाले समय में बड़ी सफलता दिला सकते हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। न्यायालय में चल रहे विवादों में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहेगी।

    कन्या

    आज आपको वाणी पर संयम रखना होगा। कार्यक्षेत्र में किसी पार्टनर से विवाद हो सकता है, जो आपके काम में रुकावट डाल सकता है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन किसी बड़े कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं। आपको संभलकर काम करने की आवश्यकता है।

    तुला

    आज आपके लिए समस्याओं का समाधान निकलने का दिन है। परिवार में कुछ बड़े निर्णय आप ले सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन आपके लिए लाभकारी रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा करते समय वाहन सावधानी से चलाएं। पारिवारिक विवाद समाप्त होंगे और संपत्ति संबंधी मामलों में शांति आएगी।

    वृश्चिक
    आज का दिन आपके लिए शानदार है। आप किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं और कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रॉपर्टी संबंधी निवेश के लिए भी यह समय अच्छा है। परिवार के साथ समय बिताना सुखद रहेगा और आप खुद को नई ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगे। जीवन में नई दिशा मिलेगी।

    धनु

    आज स्वास्थ्य के मामले में लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं और नए आर्थिक रास्ते खुल सकते हैं। पुराने परिचितों से मुलाकात होगी, जो मन को प्रसन्न करेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अच्छा है, और रुका हुआ धन भी प्राप्त हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नए लोगों के जुड़ने से विस्तार होगा।

    मकर

    आज स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, विशेषकर परिवार में। कार्यक्षेत्र में समय मिलने से आप कुछ काम पूरे कर पाएंगे, लेकिन कुछ निजी कारणों से लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी लेकिन किसी को उधार देने से पहले सोचें। कार्य में सराहना मिलेगी।

    कुंभ

    आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और आप अपनी ऊर्जा को नए कार्यों में लगाएँगे। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय सफल होंगे। रुका हुआ धन प्राप्त होगा और आप परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी लेकिन व्यापार में कोई बदलाव न करें।

    मीन

    आज का दिन मिश्रित रहेगा। यात्रा करते समय वाहन का उपयोग सावधानी से करें। कार्यक्षेत्र में कुछ लोग आपके कार्य को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए विवाद से दूर रहें। किसी नए कार्य की शुरुआत सोच-समझकर करें। किसी पर अत्यधिक विश्वास करके बड़ा निर्णय लेना आज आपके लिए सही नहीं होगा। 12 जनवरी 2026 का राशिफल कुछ राशियों के लिए खुशियों का संदेश ला रहा है, खासकर कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए यह दिन बेहद शुभ है। वहींमेष, वृषभ और मीन राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दिन को अपनी स्थिति के अनुसार समझदारी और धैर्य से गुजारें।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ


    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में युवा जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक प्रदेशभर के शासकीय और निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में योग अनुशासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

    राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।

    हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।

  • सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं

    सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं


    सागर । सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सोमवार को नगर निगम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड सीवर प्रोजेक्ट और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोतों की जांच की। इस दौरान वे जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचे जहां पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि इन जलस्रोतों में बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदा पानी मिल चुका था जो पीने के लिए सुरक्षित नहीं है।

    अधिकांश नागरिक इन कुओं और हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग कर रहे थे। इसलिए निगमायुक्त ने तत्काल कदम उठाते हुए इन कुओं और हैंडपंपों पर लाल रंग से यह चेतावनी लिखवाने का आदेश दिया कि इस जल का उपयोग न करें यह पीने योग्य नहीं है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जलस्रोत गुणवत्ता में सही न पाए जाएं उन पर इस तरह की चेतावनी तत्काल लिखवाई जाए। उन्होंने कहा जब तक इन जलस्रोतों का पानी वैज्ञानिक तरीके से टेस्ट न हो जाए तब तक इन्हें पीने योग्य नहीं माना जाएगा।

    स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता

    राजकुमार खत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा राजघाट जलप्रदाय योजना के तहत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस जल की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जा रही है और मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही इसकी आपूर्ति की जा रही है।

    नागरिकों से अपील

    नगर निगम आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे तब तक कुओं और हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में न करें जब तक उसकी गुणवत्ता जांच पूरी न हो जाए।

  • भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर

    भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास बसी 42 बस्तियों की एक बड़ी आबादी अब भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह पानी मल-मूत्र और घातक रसायनों से भरा हुआ है जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। नगर निगम ने 2017 में इन बस्तियों में पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति शुरू की थी लेकिन यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है जिससे पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।

    गैस त्रासदी से पीड़ित इन इलाकों के लोग अब तक बेहतर पानी की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गैस पीड़ित संगठनों की शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2012 में एक निगरानी समिति का गठन किया था। इस समिति ने इन बस्तियों में स्थित हैंडपंप और कुओं के पानी की जांच की और उसमें भारी मात्रा में हैवी मेटल डाइक्लोरोइथीन जैसे रसायन पाए गए।

    इसके बाद समिति ने नगर निगम को पेयजल के लिए पाइपलाइन डालने का निर्देश दिया। हालांकि यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही थी जिसके कारण इसमें भारी मात्रा में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। ई. कोलाई बैक्टीरिया सामान्यतः मलजल में पाया जाता है और यह इंसान के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।

    2018 में किए गए पानी की जांच में यह खुलासा हुआ कि पाइपलाइन के पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया की मात्रा बहुत अधिक थी जो लोगों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और आज भी लोग इस गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं।

    गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह स्थिति और भी दर्दनाक है क्योंकि पहले ही वे जानलेवा गैसों से प्रभावित हुए थे और अब उन्हें दूषित पानी पीने के कारण नए स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन बस्तियों के निवासी बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकल सका है।

    इस संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए गैस पीड़ित संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रदर्शन भी किया है लेकिन शासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। 2017 में नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में एक शपथपत्र देकर जलापूर्ति में सुधार करने का वादा किया था लेकिन सात साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    यह संकट सिर्फ पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी खतरा बन चुका है। नागरिक समाज और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि इन 42 बस्तियों के लोगों को साफ पानी मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

  • सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर

    सर्दियों की सुपरहिट सब्जियां, गर्म तासीर से सेहत मजबूत, बीमारियां रहेंगी दूर


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। ठंड के कारण इम्युनिटी कमजोर पड़ सकती है, पाचन धीमा हो जाता है और सर्दी-खांसी जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ऐसे समय में डाइट में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना बेहद फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, ये सब्जियां न केवल शरीर को अंदर से गर्म रखती हैं, बल्कि रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाती हैं।

    मूली: सर्दियों की पहली पसंद
    सर्दियों की सबसे लोकप्रिय और फायदेमंद सब्जियों में मूली का नाम सबसे ऊपर आता है। मूली की तासीर गर्म होती है और यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करती है। ठंड के मौसम में मूली खाने से गैस, कब्ज और अपच की समस्या कम होती है। मूली का सलाद, सब्जी और पराठा सर्दियों में खास तौर पर पसंद किया जाता है।

    इसके अलावा मूली में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

    लहसुन: सर्दियों का प्राकृतिक औषधि
    लहसुन को आयुर्वेद में सर्दियों का प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसकी गर्म तासीर शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है और इम्युनिटी को मजबूत करती है। नियमित रूप से लहसुन का सेवन सर्दी-खांसी, जुकाम और संक्रमण से बचाव में मदद करता है। कुछ विशेषज्ञ इसे सुबह खाली पेट लेने की सलाह भी देते हैं, जिससे यह अधिक प्रभावी होता है। लहसुन में एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाए रखते हैं।

    अदरक: शरीर में तुरंत गर्माहट
    अदरक सर्दियों की सबसे असरदार जड़ी-बूटी मानी जाती है। चाय में अदरक का इस्तेमाल हो या सब्जियों में, यह शरीर को तुरंत गर्माहट देती है। अदरक गले की खराश, खांसी और जुकाम से राहत दिलाने में मदद करता है।

    इसके अलावा यह पाचन सुधारने और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में भी सहायक है। अदरक का नियमित सेवन शरीर को ठंड से लड़ने की क्षमता देता है और एनर्जी लेवल को बनाए रखता है।

    चुकंदर: खून की कमी और कमजोरी से बचाव
    सर्दियों में चुकंदर का सेवन भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयरन और फाइबर से भरपूर चुकंदर खून की कमी दूर करता है और शरीर में गर्माहट बनाए रखता है। ठंड के मौसम में चुकंदर का सलाद या जूस ऊर्जा देने के साथ-साथ कमजोरी से भी बचाता है। इसके अलावा चुकंदर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय और लिवर की सेहत के लिए भी लाभकारी हैं।

    हरी मिर्च: पाचन और गर्माहट का साथी
    सर्दियों में हरी मिर्च का सेवन सीमित मात्रा में फायदेमंद होता है।

    इसकी गर्म तासीर शरीर का तापमान संतुलित रखती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि अधिक मात्रा में हरी मिर्च खाने से पेट की समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए इसका सेवन संयमित रूप से करना चाहिए। हरी मिर्च में विटामिन सी और कैप्साइसिन शरीर की इम्युनिटी और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    पालक: हरी पत्तेदार वरदान
    सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक को विशेष स्थान दिया जाता है। पालक आयरन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है। यह न केवल शरीर को गर्म रखने में मदद करती है, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाकर मौसमी बीमारियों से भी बचाती है।

    पालक की सब्जी, सूप या सलाद के रूप में सेवन शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करता है।

    संतुलित डाइट से सर्दियों में सेहतमंद जीवन
    कुल मिलाकर, सर्दियों में गर्म तासीर वाली सब्जियां शरीर को ठंड से बचाने के साथ-साथ संपूर्ण स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। मूली, लहसुन, अदरक, चुकंदर, हरी मिर्च और पालक जैसी सब्जियों को संतुलित मात्रा में रोज़ाना डाइट में शामिल करने से न केवल सर्दियों में बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि शरीर में ऊर्जा और एनर्जी का स्तर भी बना रहता है।

    यदि इन्हें नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो सर्दियों का मौसम भी फिट और सक्रिय होकर बिताया जा सकता है। इसलिए इस ठंड में अपने आहार में गर्म तासीर वाली सब्जियों को शामिल करना न भूलें और सेहतमंद जीवन का आनंद लें।इसमें सर्दियों की सब्जियों के फायदे, तासीर, पाचन, इम्युनिटी और सेवन के तरीके सभी को एकदम जानकारीपूर्ण और रोचक तरीके से शामिल किया गया है।

  • जबलपुर में नालियों से गुजर रहीं पेयजल आपूर्ति की लाइनों से बढ़ रही चिंता इंदौर जैसी घटना का खतरा

    जबलपुर में नालियों से गुजर रहीं पेयजल आपूर्ति की लाइनों से बढ़ रही चिंता इंदौर जैसी घटना का खतरा


    जबलपुर । हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई 15 लोगों की मौत ने प्रदेशभर में चिंता की लहर दौड़ा दी है और अब जबलपुर के नागरिकों में भी जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। जबलपुर में जल वितरण पाइपलाइनों की हालत बेहद खराब है क्योंकि शहर की करीब 80 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति लाइनें नाली-नालियों के नीचे से होकर गुजर रही हैं।

    इन पाइपलाइनों का निर्माण आमतौर पर 20 साल पहले किया गया था लेकिन कई लाइनें 40 से 50 साल पुरानी हो चुकी हैं। समय के साथ इन पाइपलाइनों में क्षरण हो चुका है और इनसे लगातार नाली के पानी धूल और मिट्टी का संपर्क होता है। इस कारण पाइपलाइनों में लीकेज हो रहा है जिससे गंदगी और दूषित पानी वितरण के दौरान पेयजल में घुलने की संभावना बढ़ गई है।

    इंदौर में हुई घटना के बाद जबलपुर नगर निगम ने इस गंभीर समस्या को लेकर सक्रियता दिखाई और जल विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों का गठन किया। ये टीमें शहर के विभिन्न हिस्सों से पेयजल के सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता जांचने में जुट गईं। हालांकि एक दिन सैंपल लेने के बाद विभागीय टीम की गतिविधियां सुस्त पड़ गईं जिससे इस मुद्दे को लेकर नागरिकों के बीच और भी चिंता बढ़ गई है।

    विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शहर में जल वितरण की पाइपलाइनों के रखरखाव और सही तरीके से मरम्मत की आवश्यकता है ताकि पानी की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े। यह समस्या इंदौर जैसी बड़ी घटनाओं को टालने के लिए जल्द सुलझाई जानी चाहिए।नागरिकों ने इस विषय पर नगर निगम और प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की अपील की है ताकि भविष्य में दूषित पानी से कोई स्वास्थ्य संकट उत्पन्न न हो।

  • पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता

    पपीता खाने के 7 अद्भुत फायदे: जानें सुबह के नाश्ते में क्यों शामिल करें पपीता


    नई दिल्ली । पपीता एक पोषक तत्वों से भरपूर फल है जो न केवल शरीर को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करता है। विशेष रूप से सुबह नाश्ते में पपीता खाने से शरीर को जबरदस्त फायदे हो सकते हैं। अगर आप अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं, तो पपीता को नाश्ते में शामिल करना एक बेहतरीन आदत साबित हो सकता है। आइए जानते हैं नाश्ते में पपीता खाने के सात अद्भुत फायदे।

    पाचन तंत्र को दुरुस्त रखें

    पपीते में पाया जाने वाला एंजाइम पपेन पाचन को बेहतर बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। सुबह नाश्ते में पपीता खाने से पेट साफ और हल्का महसूस होता है।

    इम्यूनिटी को बढ़ावा

    पपीता विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। नियमित रूप से पपीता खाने से सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है।

    वजन घटाने में सहायक

    अगर आप वजन घटाने की योजना बना रहे हैं, तो पपीता आपके लिए आदर्श है। इसमें कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचाव होता है।

    दिल को स्वस्थ रखे

    पपीता खराब कोलेस्ट्रॉल LDL को कम करता है। इसमें पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं और हार्ट डिजीज का खतरा कम करते हैं।

    त्वचा को बनाए चमकदार

    पपीता आपकी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट है। इसमें मौजूद विटामिन A, C और E त्वचा को जवां और चमकदार बनाए रखते हैं, साथ ही यह दाग-धब्बों को भी दूर करने में मदद करता है।

    आंखों की रोशनी में सुधार

    पपीते में बीटा-कैरोटीन और विटामिन A होते हैं, जो आंखों की रोशनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह उम्र के साथ होने वाली आंखों की समस्याओं को भी रोकता है।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद

    पपीता मीठा होने के बावजूद इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है। सही मात्रा में सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

    पपीता खाने का तरीका

    सुबह नाश्ते में ताजा पपीता खाएं। आप चाहें तो इसके ऊपर कुछ बूंदें नींबू की डाल सकते हैं लेकिन नमक या चीनी मिलाने से बचें। पीता सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है खासकर जब इसे सुबह नाश्ते में शामिल किया जाए। यह न केवल पाचन और इम्यूनिटी को मजबूत करता है, बल्कि दिल और त्वचा की सेहत के लिए भी लाभकारी है। रोजाना इस फल को अपनी डाइट में शामिल करें और इससे होने वाले फायदों का अनुभव करें।

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नव वर्ष 2026 के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं।

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नव वर्ष 2026 के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं।


    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नव वर्ष 2026 के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के लिए अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने कहा कि नया वर्ष न केवल व्यक्तिगत जीवन में प्रगति और सफलता लाए बल्कि समाज में शांति और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दे।

    प्रधानमंत्री ने अपनी शुभकामना संदेश में कहा, सभी को नव वर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! आने वाला वर्ष आपके लिए अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, आपके प्रयासों में सफलता और आपके सभी कार्यों में पूर्णता प्रदान करे। मैं हमारे समाज में शांति और सुख की कामना करता हूं।
    श्री मोदी ने इस संदेश के माध्यम से नागरिकों को प्रेरित किया कि वे नए वर्ष में न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में उन्नति करें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि नए साल का आगमन नये अवसर, नए संकल्प और नई ऊर्जा लेकर आता है। यह समय है अपने जीवन के लक्ष्यों को पुनः निर्धारित करने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपने प्रयासों में सुधार करने का।

    प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे जीवन में संतुलन बनाए रखें और सभी कार्यों में ईमानदारी, धैर्य और समर्पण के साथ सफलता प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि के साथ-साथ मन में शांति और आत्मविश्वास होना भी अत्यंत आवश्यक है। जीवन में कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ करना चाहिए।प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हर नया वर्ष व्यक्ति के जीवन में नयी उम्मीदों और प्रेरणा का स्रोत होता है। नए साल में हम न केवल अपने व्यक्तिगत विकास पर ध्यान दें, बल्कि अपने समाज के कल्याण के लिए भी योगदान करें। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत प्रयासों और समाजिक जिम्मेदारियों के संतुलन से ही एक संतुलित और सफल जीवन संभव है।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को यह संदेश दिया कि नव वर्ष केवल उत्सव का समय नहीं है, बल्कि यह अपने जीवन को बेहतर बनाने, नई उपलब्धियां हासिल करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का समय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2026 का वर्ष सभी के लिए खुशहाली, सफलता और शांति लेकर आए।प्रधानमंत्री के इस संदेश ने देशवासियों में नए वर्ष 2026 को उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और आशाओं के साथ करने की भावना पैदा की है। उनके शब्दों ने सभी को प्रेरित किया कि वे जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए मेहनत करें और समाज में सहयोग और शांति फैलाने के लिए प्रयासरत रहें।नव वर्ष 2026 पर प्रधानमंत्री के इस संदेश ने देशवासियों में नई आशाओं और संकल्पों की भावना जगाई है, और सभी को अपने जीवन और समाज के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी है।

  • सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    नई दिल्ली । सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का क्रेज हर उम्र के लोगों में बढ़ जाता है। बाजार में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। लोग सोचते हैं कि रोजाना इन्हें खाने से शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। लेकिन क्या यह आदत सभी के लिए सुरक्षित है? डॉक्टरों की राय इसे लेकर साफ है – मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है, जबकि अखरोट और पिस्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। सर्दियों में रोजाना थोड़ी मात्रा में मेवे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है।दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे अधिक खाने पर वजन बढ़ने, ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होने और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

    डॉक्टर यह भी कहते हैं कि ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। औसतन 100 ग्राम ड्राई फ्रूट्स में केवल 15-16 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा सीमित ही रहती है। हालांकि एथलीट या शारीरिक श्रम करने वाले लोग इसे 40-50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं।जहां तक वजन और शुगर की चिंता है, तो सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते। किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवे कैलोरी में अधिक होते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने से यह मोटापा और ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने वाले लोगों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    सभी के लिए ड्राई फ्रूट्स सुरक्षित नहीं हैं। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग वाले मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेवे नहीं खाने चाहिए। खासकर काजू कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।निष्कर्ष यह है कि ड्राई फ्रूट्स सर्दियों में सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन संतुलन और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। सही चयन और सीमित मात्रा में सेवन करने पर ही ये शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। वरना इन्हें ज्यादा खाने से वजन, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    डॉक्टरों का सुझाव है कि रोजाना 30 ग्राम मेवे पर्याप्त हैं। इसमें बादाम, अखरोट, पिस्ता और थोड़ा सा किशमिश शामिल किया जा सकता है। खजूर का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन तभी सुरक्षित और लाभकारी है जब इसे संतुलित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए।