Tag: Health

  • मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री देवड़ा, जीडीपी में 11.14% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपये

    मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री देवड़ा, जीडीपी में 11.14% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपये


    भोपाल । मध्यप्रदेश ने अपनी दूरदर्शी आर्थिक नीतियों और योजनाबद्ध विकास रणनीतियों के जरिए संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करते हुए कहा कि राज्य योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि, उद्योग, सेवा, सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है।

    देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने जो आर्थिक सुधारात्मक कदम उठाए, उनके परिणाम दिखाई देने लगे हैं।

    आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद GSDP प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत अधिक है। स्थिर 2011-12 भाव पर GSDP 7,81,911 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय प्रचलित भाव में 1,69,050 रुपये और स्थिर भाव में 76,971 रुपये तक बढ़ गई है।

    प्राथमिक क्षेत्र में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रुपये रहा, जिसमें फसलें 30.17 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रमुख रहीं। पशुधन, वानिकी, मत्स्य एवं खनन ने भी योगदान दिया। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि हुई। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन और 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण से ग्रामीण आधार मजबूत हुआ।

    द्वितीयक क्षेत्र का GSVA 3,12,350 करोड़ रुपये रहा, जिसमें निर्माण, विनिर्माण और उपयोगी सेवाओं का योगदान प्रमुख रहा। इस क्षेत्र में 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार सृजित हुए। वर्ष 2024-25 में MSME सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। स्टार्टअप्स और इनक्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं, जबकि CSR व्यय 600.47 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज वृद्धि दिखाई। वर्ष 2025-26 में इसका GSVA 5,85,588 करोड़ रुपये रहा, जिसमें व्यापार, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, होटल-रेस्टोरेंट और पर्यटन प्रमुख योगदानकर्ता रहे। 13.18 करोड़ पर्यटकों की आवक इस क्षेत्र की गति को दिखाती है।

    वित्तीय अनुशासन में सुधार भी दिखा; राजस्व 618 करोड़ रुपये बढ़ा और ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहा। नगरीय विकास के तहत AMRUT 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 8.75 लाख आवास पूरे हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में 34,112 करोड़ रुपये खर्च किए गए और मातृ मृत्यु दर घटकर 142 प्रति लाख जन्म रह गई।

    शिक्षा एवं कौशल विकास में बजट का 10.37 प्रतिशत आवंटित किया गया। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट शून्य और कक्षा 6-8 में 6.3 प्रतिशत रह गया। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई और 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। देवड़ा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित रही, लेकिन उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी संतुलित विस्तार हुआ है, जिससे मध्यप्रदेश ने संतुलित विकास का आदर्श प्रस्तुत किया है।

  • अचानक बाल झड़ने लगे? हो सकता है एलोपेशिया जानें लक्षण और इलाज

    अचानक बाल झड़ने लगे? हो सकता है एलोपेशिया जानें लक्षण और इलाज


    नई दिल्ली । क्या आपके सिर या दाढ़ी में अचानक गोल पैच बन रहे हैं और बाल झड़ रहे हैं? यह सिर्फ सामान्य हेयर फॉल नहीं बल्कि एलोपेशिया एरियाटा हो सकता है जो एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही बालों की जड़ों पर हमला करता है और बाल अचानक झड़ने लगते हैं। एलोपेशिया सिर के साथ साथ दाढ़ी आइब्रो और शरीर के अन्य हिस्सों के बालों को भी प्रभावित कर सकता है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि एलोपेशिया और सामान्य गंजापन अलग हैं। सामान्य गंजापन धीरे धीरे होता है हॉर्मोन और जेनेटिक कारणों से बाल पतले होने लगते हैं और हेयरलाइन पीछे खिसकती है। वहीं एलोपेशिया में बाल अचानक सिक्के के आकार के पैच में झड़ते हैं लेकिन जड़ें जीवित रहती हैं। इसका मतलब है कि सही समय पर पहचान और इलाज से बाल दोबारा उग सकते हैं।

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार पूरी दुनिया में लगभग 2% लोग जीवन में कभी न कभी एलोपेशिया का सामना कर चुके हैं। अमेरिका में करीब 68 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। शुरुआती लक्षणों में अचानक बाल झड़ना नहाते या कंघी करते समय बाल गुच्छों में गिरना शामिल है। कुछ लोगों को स्कैल्प पर खुजली हल्की जलन या झुनझुनी महसूस हो सकती है। इसके अलावा नाखूनों पर छोटे गड्ढे या सफेद धब्बे भी दिखाई दे सकते हैं। शुरुआत में दर्द नहीं होता इसलिए लोग इसे सामान्य हेयर फॉल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

    एलोपेशिया का इलाज समय पर पहचान और चिकित्सकीय देखभाल से संभव है। स्टेरॉयड क्रीम हेयर टॉनिक और चिकित्सक द्वारा सुझाई गई दवाइयाँ बालों को फिर से उगाने में मदद कर सकती हैं। साथ ही तनाव कम करना संतुलित आहार और स्कैल्प की सही देखभाल भी लाभकारी होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शुरुआती पहचान और उचित उपचार से बालों की रिकवरी की संभावना अधिक रहती है।

    हालांकि यह बीमारी कॉस्मेटिक रूप से परेशान कर सकती है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सही समय पर डॉक्टर से संपर्क और उपचार से बाल दोबारा उग सकते हैं और एलोपेशिया को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए अगर अचानक बाल झड़ना शुरू हो जाए तो इसे नजरअंदाज न करें।

  • यूरिक एसिड बढ़ा है? इन 9 संकेतों से पहचानें और बिना दवा भी करें कंट्रोल

    यूरिक एसिड बढ़ा है? इन 9 संकेतों से पहचानें और बिना दवा भी करें कंट्रोल


    नई दिल्ली । अगर अचानक जोड़ों में दर्द, सूजन या पैरों के अंगूठे में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे हाई यूरिक एसिड (Uric Acid) की संभावना हो सकती है। शरीर भोजन के पाचन और मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। लेकिन अगर इस प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाए तो यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और गाउट यानी गठिया जैसी परेशानी पैदा कर सकता है।

    लक्षण

    यूरिक एसिड बढ़ने के सबसे सामान्य लक्षण जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और जकड़न हैं। खासकर पैरों के अंगूठे, घुटने और टखने प्रभावित होते हैं। दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और रात में बढ़ सकता है। कुछ मामलों में किडनी पर असर पड़ सकता है, जिससे पेशाब में जलन या किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    कॉम्प्लिकेशन्स

    यूरिक एसिड लंबे समय तक हाई रहने पर जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जम सकते हैं, जिससे परमानेंट डैमेज हो सकता है। गाउट के कारण जोड़ों में लगातार सूजन और तेज दर्द रहता है। इसके अलावा किडनी स्टोन का खतरा भी बढ़ जाता है।

    नॉर्मल लेवल

    एक स्वस्थ वयस्क में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर पुरुषों में 3.4–7.0 mg/dL और महिलाओं में 2.4–6.0 mg/dL होता है। इसके ऊपर जाने पर जोड़ों और किडनी को असर पड़ सकता है।

    टेस्ट

    यूरिक एसिड लेवल जानने के लिए सीरम यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट या यूरिन यूरिक एसिड टेस्ट करवाया जा सकता है। ये टेस्ट सुरक्षित और आसान होते हैं।

    इलाज और कंट्रोल

    हल्का बढ़ा यूरिक एसिड लाइफस्टाइल सुधार से कंट्रोल किया जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, वजन नियंत्रित रखना और हेल्दी डाइट अपनाना मददगार है। अगर गाउट अटैक हो रहे हैं, तो डॉक्टर दवा देते हैं।

    डाइट और खान-पान

    लो-प्यूरिन और फाइबर से भरपूर फूड जैसे हरी सब्जियां, मौसमी फल, होल ग्रेन्स और लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद हैं। विटामिन-C वाले फल जैसे संतरा, नींबू और आंवला यूरिक एसिड को किडनी से बाहर निकलने में मदद करते हैं। इसके विपरीत रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड, शराब, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और बहुत मीठे जूस से परहेज करें।

    डॉक्टर से कंसल्ट कब करें: बार-बार गाउट अटैक लंबे समय तक दर्द बना रहना चलने-फिरने में दिक्कत पेशाब में जलन या खून आना बहुत कम पेशाब किडनी स्टोन की समस्या समय रहते लक्षण पहचानकर सही इलाज और संतुलित जीवनशैली अपनाने से यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

  • बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र

    बरसाना धाम का कीर्ति मंदिर: आध्यात्मिक ऊर्जा, भव्य शिल्पकला और राधा रानी के बाल स्वरूप का दिव्य केंद्र


    नई दिल्ली। आज का राशिफल:

    मेष: सतर्क रहें। आय बनी रहेगी लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें

    वृषभ: ग्रह योग आपके पक्ष में हैं। व्यापार और नौकरी में लाभ के संकेत हैं। रुका हुआ धन मिलेगा और परिवार में सुख रहेगा।
    भाग्य: 82% | उपाय: पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें

    मिथुन: कार्यक्षेत्र में योजनाएं सफल होंगी। नौकरी बदलने का विचार मन में आ सकता है। खर्च पर नियंत्रण जरूरी।
    भाग्य: 85% | उपाय: गणेश जी की आराधना करें

    कर्क: खर्च अधिक रहेगा। दूसरों के मामलों में दखल देने से बचें। परिवार के साथ समय बिताएं।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

    सिंह: कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। विरोधियों पर जीत मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे।
    भाग्य: 84% | उपाय: पीपल को जल दें

    कन्या: बुधादित्य योग का विशेष लाभ। नए काम की शुरुआत के लिए दिन शुभ है। पारिवारिक और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
    भाग्य: 87% | उपाय: विष्णु चालीसा का पाठ करें

    तुला: सामाजिक और व्यावसायिक संपर्कों से लाभ होगा। खर्च बढ़ सकता है, बजट संभालकर चलें।
    भाग्य: 86% | उपाय: काले कुत्ते को रोटी खिलाएं

    वृश्चिक: जोखिम लेकर सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    भाग्य: 85% | उपाय: बजरंग बाण का पाठ करें

    धनु: दिन सामान्य रहेगा। अचानक खर्च आ सकते हैं। संयम से काम लें।
    भाग्य: 87% | उपाय: जरूरतमंद को अन्न दान करें

    मकर: वाणी और व्यवहार से लाभ मिलेगा। व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग बना रहेगा।
    भाग्य: 89% | उपाय: गायत्री मंत्र का जप करें

    कुंभ: नए अवसर मिलेंगे लेकिन खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य और रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।
    भाग्य: 81% | उपाय: शिवलिंग पर दूध अर्पित करें

    मीन: भाग्य आपका साथ देगा। शिक्षा, प्रबंधन और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
    भाग्य: 83% | उपाय: शनि स्तोत्र का पाठ करें

  • ज्ञान भारतम मिशन और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ने का पीएम मोदी ने किया आह्वान

    ज्ञान भारतम मिशन और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ने का पीएम मोदी ने किया आह्वान


    नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वामीनारायण शिक्षापत्री के द्विशताब्दी महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उनके उपदेश भारतवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं इस महोत्सव में भाग लेना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मोदी ने संतों और अनुयायियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे

    पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैं

    प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वामीनारायण शिक्षापत्री के द्विशताब्दी महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उनके उपदेश भारतवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं इस महोत्सव में भाग लेना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मोदी ने संतों और अनुयायियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दीप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे

    पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैंप्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेप्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है

  • बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान

    बाथरूम में आईना लगाते समय करें ये 5 वास्तु नियमों का पालन, वरना हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । आजकल के आधुनिक घरों में बाथरूम में शीशा लगाना आम बात है। लोग इसे इंटीरियर और सजावट के लिए लगवाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सही रूप और दिशा जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। बाथरूम को अक्सर नकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है यहाँ लगे शीशे की दिशा और स्थिति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि बाथरूम में आईना गलत दिशा में लगा हो, तो यह घर की शांति, सेहत और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। तो आइए जानते हैं, बाथरूम में शीशा लगाने के सही वास्तु नियम।

    सही दिशा का रखें ध्यान

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम में आईना पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा में लगा आईना धन और समृद्धि के लिए शुभ होता है। पूर्व दिशा में लगा आईना स्वास्थ्य और प्रतिष्ठा में सुधार लाता है वहीं दक्षिण या पश्चिम दिशा में आईना लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।

    आईने का आकार भी है जरूरी

    आईने का आकार भी वास्तु के नियमों का पालन करता है। चौकोर या आयताकार आईना लगाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि ये स्थिरता और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। गोल या अंडाकार आईना ऊर्जा के प्रवाह को असंतुलित कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इसलिए इन आकारों से बचना चाहिए।

    सही ऊंचाई पर लगाएं आईना

    आईना इस तरह लगाया जाना चाहिए कि उसमें चेहरा पूरा और स्पष्ट दिखाई दे। बहुत ऊँचा या बहुत नीचा शीशा अशुभ माना जाता है। अगर आईने में आधा चेहरा या टूटे हुए प्रतिबिंब नजर आते हैं, तो यह आत्मविश्वास को कमजोर कर सकता है।

    दरवाजे के सामने न हो शीशा

    बाथरूम के दरवाजे के सामने शीशा लगाना नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकता है।जब दरवाजा खुलता है तो वह ऊर्जा बाहर निकलती है और शीशा उसे वापस अंदर ले आता है जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए कोशिश करें कि आईना दरवाजे के सामने न लगे।

    साफ और सही स्थिति में हो आईना

    आईने का साफ और सही स्थिति में होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईने पर पानी के दाग, धुंध या गंदगी नहीं होनी चाहिए। टूटे या चटके हुए आईने से नकारात्मकता और आर्थिक परेशानियाँ बढ़ सकती हैं, इसलिए अगर आईना खराब हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें बाथरूम में शीशा लगाते समय इन वास्तु नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। सही दिशा, आकार, ऊंचाई और स्थिति में आईना लगाकर आप न केवल घर को सुंदर बना सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।

  • आज का राशिफल: 12 जनवरी 2026 – कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों की चमकेगी किस्मत, होगा धन लाभ

    आज का राशिफल: 12 जनवरी 2026 – कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों की चमकेगी किस्मत, होगा धन लाभ


    नई दिल्ली । 12 जनवरी 2026 का राशिफल बताता है कि आज कुछ राशियों के लिए सफलता और लाभ का दिन रहेगा वहीं कुछ को स्वास्थ्य कार्य और धन के मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। ग्रहों का प्रभाव मिला-जुला रहेगा, और धैर्य और समझदारी से दिन को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं 12 जनवरी 2026 का राशिफल और किस राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहेगा

    मेष
    आज का दिन आपके लिए संघर्षपूर्ण हो सकता है। अत्यधिक परिश्रम के बाद भी आपको सफलता मिलने में संदेह है। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन कार्यक्षेत्र में परेशानियाँ आ सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। परिवार में कुछ नकारात्मक विचार हो सकते हैं, जिससे मन अशांत रहेगा।

    वृषभ

    आज का दिन मिश्रित रहेगा। स्वास्थ्य में थोड़ा ध्यान देना होगा, क्योंकि सर्दी, जुकाम और मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं आ सकती हैं, और आर्थिक दृष्टिकोण से व्यर्थ के खर्चों से बचना होगा। हालांकि परिवार में मांगलिक कार्य हो सकते हैं, जो सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।

    मिथुन


    आज आपका मन अशांत रहेगा। पुराने विवादों के कारण परेशान हो सकते हैं, लेकिन सूझबूझ से आप इन समस्याओं को हल करने में सफल होंगे। आर्थिक लाभ की स्थिति आज अच्छी नहीं है। व्यापार में बदलाव के योग बन रहे हैं, और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    कर्क

    आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। आप किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं और बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर हैं, और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। पार्टनरशिप में भी सफलता के योग हैं, जिससे लाभ होगा। मन प्रसन्न रहेगा और आज का दिन बहुत अच्छा बीतेगा।

    सिंह

    आज आपके लिए दिन बेहद शुभ है। सोचे हुए कार्य पूर्ण होंगे, और किसी धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा। नए कार्यों का निर्णय आप ले सकते हैं, जो आने वाले समय में बड़ी सफलता दिला सकते हैं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। न्यायालय में चल रहे विवादों में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहेगी।

    कन्या

    आज आपको वाणी पर संयम रखना होगा। कार्यक्षेत्र में किसी पार्टनर से विवाद हो सकता है, जो आपके काम में रुकावट डाल सकता है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन किसी बड़े कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं। आपको संभलकर काम करने की आवश्यकता है।

    तुला

    आज आपके लिए समस्याओं का समाधान निकलने का दिन है। परिवार में कुछ बड़े निर्णय आप ले सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन आपके लिए लाभकारी रहेगा। आर्थिक दृष्टिकोण से स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन यात्रा करते समय वाहन सावधानी से चलाएं। पारिवारिक विवाद समाप्त होंगे और संपत्ति संबंधी मामलों में शांति आएगी।

    वृश्चिक
    आज का दिन आपके लिए शानदार है। आप किसी नए कार्य की शुरुआत कर सकते हैं और कार्यक्षेत्र में उन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रॉपर्टी संबंधी निवेश के लिए भी यह समय अच्छा है। परिवार के साथ समय बिताना सुखद रहेगा और आप खुद को नई ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करेंगे। जीवन में नई दिशा मिलेगी।

    धनु

    आज स्वास्थ्य के मामले में लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं और नए आर्थिक रास्ते खुल सकते हैं। पुराने परिचितों से मुलाकात होगी, जो मन को प्रसन्न करेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन अच्छा है, और रुका हुआ धन भी प्राप्त हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नए लोगों के जुड़ने से विस्तार होगा।

    मकर

    आज स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, विशेषकर परिवार में। कार्यक्षेत्र में समय मिलने से आप कुछ काम पूरे कर पाएंगे, लेकिन कुछ निजी कारणों से लंबी यात्रा पर जा सकते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी लेकिन किसी को उधार देने से पहले सोचें। कार्य में सराहना मिलेगी।

    कुंभ

    आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा और आप अपनी ऊर्जा को नए कार्यों में लगाएँगे। कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय सफल होंगे। रुका हुआ धन प्राप्त होगा और आप परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी लेकिन व्यापार में कोई बदलाव न करें।

    मीन

    आज का दिन मिश्रित रहेगा। यात्रा करते समय वाहन का उपयोग सावधानी से करें। कार्यक्षेत्र में कुछ लोग आपके कार्य को बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए विवाद से दूर रहें। किसी नए कार्य की शुरुआत सोच-समझकर करें। किसी पर अत्यधिक विश्वास करके बड़ा निर्णय लेना आज आपके लिए सही नहीं होगा। 12 जनवरी 2026 का राशिफल कुछ राशियों के लिए खुशियों का संदेश ला रहा है, खासकर कर्क, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए यह दिन बेहद शुभ है। वहींमेष, वृषभ और मीन राशि वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस दिन को अपनी स्थिति के अनुसार समझदारी और धैर्य से गुजारें।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ


    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में युवा जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक प्रदेशभर के शासकीय और निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में योग अनुशासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

    राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।

    हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।

  • सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं

    सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं


    सागर । सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सोमवार को नगर निगम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड सीवर प्रोजेक्ट और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोतों की जांच की। इस दौरान वे जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचे जहां पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि इन जलस्रोतों में बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदा पानी मिल चुका था जो पीने के लिए सुरक्षित नहीं है।

    अधिकांश नागरिक इन कुओं और हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग कर रहे थे। इसलिए निगमायुक्त ने तत्काल कदम उठाते हुए इन कुओं और हैंडपंपों पर लाल रंग से यह चेतावनी लिखवाने का आदेश दिया कि इस जल का उपयोग न करें यह पीने योग्य नहीं है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जलस्रोत गुणवत्ता में सही न पाए जाएं उन पर इस तरह की चेतावनी तत्काल लिखवाई जाए। उन्होंने कहा जब तक इन जलस्रोतों का पानी वैज्ञानिक तरीके से टेस्ट न हो जाए तब तक इन्हें पीने योग्य नहीं माना जाएगा।

    स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता

    राजकुमार खत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा राजघाट जलप्रदाय योजना के तहत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस जल की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जा रही है और मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही इसकी आपूर्ति की जा रही है।

    नागरिकों से अपील

    नगर निगम आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे तब तक कुओं और हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में न करें जब तक उसकी गुणवत्ता जांच पूरी न हो जाए।

  • भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर

    भोपाल के यूनियन कार्बाइड इलाके में 42 बस्तियों की बड़ी आबादी मल-मूत्र और रसायन मिला पानी पीने को मजबूर हालत बदतर


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास बसी 42 बस्तियों की एक बड़ी आबादी अब भी गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह पानी मल-मूत्र और घातक रसायनों से भरा हुआ है जो न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। नगर निगम ने 2017 में इन बस्तियों में पाइपलाइन के जरिए जलापूर्ति शुरू की थी लेकिन यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरती है जिससे पानी की गुणवत्ता पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।

    गैस त्रासदी से पीड़ित इन इलाकों के लोग अब तक बेहतर पानी की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गैस पीड़ित संगठनों की शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2012 में एक निगरानी समिति का गठन किया था। इस समिति ने इन बस्तियों में स्थित हैंडपंप और कुओं के पानी की जांच की और उसमें भारी मात्रा में हैवी मेटल डाइक्लोरोइथीन जैसे रसायन पाए गए।

    इसके बाद समिति ने नगर निगम को पेयजल के लिए पाइपलाइन डालने का निर्देश दिया। हालांकि यह पाइपलाइन नालियों से होकर गुजर रही थी जिसके कारण इसमें भारी मात्रा में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। ई. कोलाई बैक्टीरिया सामान्यतः मलजल में पाया जाता है और यह इंसान के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।

    2018 में किए गए पानी की जांच में यह खुलासा हुआ कि पाइपलाइन के पानी में ई. कोलाई बैक्टीरिया की मात्रा बहुत अधिक थी जो लोगों के लिए गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। इसके बावजूद नगर निगम और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और आज भी लोग इस गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं।

    गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए यह स्थिति और भी दर्दनाक है क्योंकि पहले ही वे जानलेवा गैसों से प्रभावित हुए थे और अब उन्हें दूषित पानी पीने के कारण नए स्वास्थ्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। इन बस्तियों के निवासी बार-बार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक कोई सार्थक समाधान नहीं निकल सका है।

    इस संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए गैस पीड़ित संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कई बार प्रदर्शन भी किया है लेकिन शासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। 2017 में नगर निगम ने सर्वोच्च न्यायालय में एक शपथपत्र देकर जलापूर्ति में सुधार करने का वादा किया था लेकिन सात साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    यह संकट सिर्फ पानी की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी खतरा बन चुका है। नागरिक समाज और विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं ताकि इन 42 बस्तियों के लोगों को साफ पानी मिल सके और उनका स्वास्थ्य सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।