Tag: Indian Cricket

  • वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ

    वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर अभी सभी का ध्यान है, तो वहीं साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसको लेकर भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों ने अपनी तैयारियों को शुरू कर दिया है। रोहित शर्मा जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप और उसके बाद साल 2025 की शुरुआत में खेली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था, अब उनका सपना देश के लिए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जीतना है। रोहित जो अब बतौर प्लेयर खेल रहे हैं, उनके इंटरनेशनल क्रिकेट के 2 फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने के बाद से वनडे से भी संन्यास लेने की अटकलें लेकर लगातार देखने को मिलती रहती हैं, जिसमें अब हिटमैन रोहित ने दिए अपने एक बयान से सबकुछ साफ कर दिया है।

    मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं

    रोहित शर्मा जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर हैं उन्होंने आईसीसी के इवेंट में वनडे वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पूछे जाने पर खुलकर अपनी बात रखी। रोहित शर्मा ने कहा कि मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं। यह मेरा हमेशा से सपना रहा है। मैं 50 ओवर का वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं और उस समय ना ही टी20 वर्ल्ड कप होता था और ना ही आईपीएल। यह उस दौर में क्रिकेट का सबसे बड़ा इवेंट था जो हर चार साल में होता था और हम सभी इसका बेसब्री से इंतजार भी करते थे। इसलिए उस एक ट्रॉफी की बहुत अहमियत थी और उसे जीतने की बेचैनी भी। ये बात सही है कि मुझे सच में वह ट्रॉफी चाहिए, इसलिए मैं अपनी तरफ से उसे जीतने की पूरी कोशिश करूंगा।
  • IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप

    IND vs NZ T20 सीरीज: सूर्यकुमार यादव का रन-राज, अर्शदीप सिंह का पंजा; अभिषेक शर्मा ने छोड़ी अलग छाप


    नई दिल्ली । भारत की शानदार जीत के साथ इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का रोमांचक समापन हो गया। तिरुवनंतपुरम में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले ने सीरीज की कहानी को पूरी तरह बयान कर दिया, जहां भारतीय बल्लेबाजों की तूफानी पारियों और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन ने न्यूजीलैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। ईशान किशन के शतक और कप्तान सूर्यकुमार यादव की विस्फोटक अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए कीवी टीम संघर्ष करती दिखी और अंततः भारतीय गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।

    इस पूरी सीरीज में बल्लेबाजों का बोलबाला रहा, लेकिन सबसे चमकदार नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। सीरीज से पहले खराब फॉर्म की चर्चाओं से घिरे सूर्यकुमार ने बल्ले से जोरदार जवाब दिया और पांच मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा 242 रन बनाए। तीन अर्धशतकों के साथ उन्होंने न सिर्फ भारतीय पारी को मजबूती दी, बल्कि विरोधी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भले ही उन्हें किसी मैच में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड न मिला हो, लेकिन सर्वाधिक रन बनाकर उन्होंने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब अपने नाम किया।

    सूर्यकुमार यादव के साथ ईशान किशन भी पूरे रंग में नजर आए। आक्रामक अंदाज और बड़े शॉट्स के लिए पहचाने जाने वाले ईशान ने 215 रन बनाकर 200 रन का आंकड़ा पार किया। उनका शतक सीरीज का यादगार लम्हा रहा। वहीं युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भी सभी को प्रभावित किया। 182 रन बनाकर वह तीसरे स्थान पर रहे और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर लंबी रेस के घोड़े हैं। न्यूजीलैंड की ओर से ग्लेन फिलिप्स 176 रन और डेरिल मिशेल 125 रन ने जिम्मेदारी निभाई और टॉप-5 बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई।

    गेंदबाजी की बात करें तो सीरीज का आखिरी मैच अर्शदीप सिंह के नाम रहा। निर्णायक मुकाबले में पांच विकेट झटककर उन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया। कुल 8 विकेट के साथ अर्शदीप इस सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। उनके अलावा न्यूजीलैंड के जेकब डफी ने 6 विकेट, जबकि मिचेल सेंटनर और ईश सोढ़ी ने 5-5 विकेट हासिल किए। सीमित मौके मिलने के बावजूद अक्षर पटेल ने भी अपनी उपयोगिता साबित की और अहम समय पर असरदार गेंदबाजी की।
    कुल मिलाकर, यह सीरीज भारतीय क्रिकेट के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही। बल्लेबाजी में गहराई, गेंदबाजी में धार और युवा खिलाड़ियों का उभरता प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए शुभ संकेत है।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • ICC वनडे रैंकिंग में बड़ा बदलाव: विराट कोहली से छिना नंबर-1 का ताज, डेरिल मिचेल बने टॉप बल्लेबाज

    ICC वनडे रैंकिंग में बड़ा बदलाव: विराट कोहली से छिना नंबर-1 का ताज, डेरिल मिचेल बने टॉप बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली को वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज का ताज सिर्फ एक हफ्ते ही टिक सका। आईसीसी ने ताजा रैंकिंग में न्यूजीलैंड के स्टार बल्लेबाज डेरिल मिचेल को शीर्ष स्थान पर पहुंचते हुए नंबर-1 बल्लेबाज का खिताब दिया है। यह बदलाव उनके लगातार दो शानदार पारियों के दम पर संभव हुआ।

    विराट कोहली ने बीते हफ्ते भारत-न्यूजीलैंड श्रृंखला के पहले वनडे में 93 रनों की शानदार पारी खेली थी। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया और उसी रैंकिंग में वे नंबर-1 बल्लेबाज बने थे। लेकिन सिर्फ सात दिन बाद तीसरे वनडे में टीम इंडिया की हार के बावजूद मिचेल ने अपनी लगातार दो बड़ी पारियों के दम पर नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया।डेरिल मिचेल की शानदार पारी तीसरे वनडे में देखने को मिली जो इंदौर में खेला गया। मिचेल ने मुश्किल परिस्थितियों में 131 गेंदों पर 137 रन बनाए और टीम को संकट से बाहर निकाला। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 3 छक्के लगाए। खास बात यह थी कि उन्होंने टीम की शुरुआत में ही संकट का सामना किया जब न्यूजीलैंड की टीम 5 रन पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। इस शानदार प्रदर्शन के बाद मिचेल की रेटिंग 845 तक पहुंच गई जो उनके करियर की अब तक की सर्वोत्तम रेटिंग है।

    वहीं विराट कोहली अब 795 रेटिंग के साथ नंबर-2 पर हैं। उनके अलावा रोहित शर्मा भी तीसरे स्थान से गिरकर चौथे स्थान पर आ गए हैं उनकी रेटिंग अब 757 है। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने 764 रेटिंग के साथ तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया।आईसीसी रैंकिंग में एक और दिलचस्प बदलाव केएल राहुल की टॉप-10 में एंट्री है। उन्होंने 11वें स्थान से छलांग लगाकर अब 670 रेटिंग के साथ दसवें स्थान पर जगह बनाई। वहीं श्रेयस अय्यर एक स्थान फिसलकर 11वें स्थान पर आ गए हैं।

    इस अपडेट के साथ ही वनडे रैंकिंग में नए खिलाड़ी और पुराने दिग्गजों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी रोमांचक होती जा रही है। डेरिल मिचेल की निरंतरता और दबाव में शानदार खेल ने उन्हें दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसी भारतीय स्टार बल्लेबाजों के लिए नंबर-1 की चुनौती अब और कठिन हो गई है।आईसीसी की यह ताजा रैंकिंग दर्शाती है कि वनडे क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और हर खिलाड़ी को लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर करना होगा।

  • 7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा

    7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में गिल ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 53 गेंदों में 1 छक्का और 9 चौकों की मदद से 56 रन की अहम पारी खेली। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा जिसने टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    भारतीय मैदानों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहद लाजवाब रहा है। गिल ने अब तक कीवी टीम के खिलाफ भारत में कुल 7 वनडे पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 115.6 की शानदार औसत से 578 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ उनकी निरंतरता को दर्शाता है बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है इन सात पारियों में गिल ने कई यादगार पारियां खेली हैं। इनमें 149 गेंदों पर खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी, 78 गेंदों में 112 रन, नाबाद 80 रन और हालिया मैचों में लगातार दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पारियों की सूची में 40*, 26, 56 और 56 रनों की पारियां भी शामिल हैं जो यह साबित करती हैं कि वह हर परिस्थिति में टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।

    इस मुकाबले में भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के साथ श्रेयस अय्यर और केएल राहुल विकेटकीपर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा और नितीश रेड्डी को शामिल किया गया है, जबकि गेंदबाजी विभाग में हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। कीवी टीम में डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग और डेरिल मिशेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद हैं। ग्लेन फिलिप्स और मिशेल हे विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि काइल जैमीसन और जैकरी फाउल्क्स गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।

    सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने वडोदरा में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर बढ़त बनाई थी। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 300 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जवाब में टीम इंडिया ने विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया था।फिलहाल तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। शुभमन गिल का मौजूदा फॉर्म देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है।

  • अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त

    अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे मुकाबले में ऐसी पारी खेली कि वह चर्चा का केंद्र बन गए। बेनोनी के विलोमूर पार्क मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने अपने संयम और आक्रामकता के अद्भुत संतुलन से मैच की दिशा प्रारंभिक ओवरों में ही तय कर दी।

    भारतीय पारी की शुरुआत से ही वैभव ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआती ओवरों में गेंद को भली-भांति समझने के बाद उन्होंने बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। महज 63 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थिति को समझने वाले लीडर भी हैं। उनकी 127 रन की पारी में लंबी हिटिंग सटीक टाइमिंग और आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिला।

    वैभव को इस पारी में ओपनिंग साथी आरोन जॉर्ज का भी साथ मिला। दोनों ने पहले विकेट के लिए 200 से अधिक रन की साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम ने मजबूत स्कोर की नींव रखी। इस साझेदारी ने न केवल रन गति को तेज रखा, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस तरह की पारियों ने टीम के आत्मविश्वास को भी ऊँचाई पर पहुंचाया।तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। अंडर-19 वनडे में उनके कुल रन अब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कम मैचों में लगातार रन बनाते हुए उनका औसत और खेल का संतुलन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    इस सीरीज में भारत पहले ही दोनों मुकाबले जीतकर बढ़त बना चुका था। तीसरे वनडे में भी टीम ने अपनी संतुलित बल्लेबाजी और रणनीति से यह स्पष्ट कर दिया कि टीम में आत्मविश्वास और खेल भावना की कमी नहीं है। प्लेइंग इलेवन में किए गए बदलावों के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम मजबूत और संतुलित नजर आया।वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय अंडर-19 टीम में नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रतिभा का सही संतुलन है। उनकी कप्तानी में टीम का खेल और रणनीति दोनों बेहतर नजर आए। मौजूदा सीरीज में उनका लगातार योगदान भारत की सफलता में सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। युवा बल्लेबाज के रूप में उनकी यह पारी न केवल फैंस के लिए उत्साहजनक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करती है।

  • बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    नई दिल्ली। मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या एक टीम तक सीमित नहीं रहा है. यह मामला धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करता और इसलिए उसने ICC से मांग की है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत की जगह श्रीलंका में कराए जाएं. इस मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस रिशेड्यूलिंग को रोक सकता है और भारत सरकार की इसमें क्या भूमिका होगी.

    ICC की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

    अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ICC चेयरमैन जय शाह ने शेड्यूल पर दोबारा विचार करने के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक ICC की तरफ से लिखित या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश की मांग मानी जाएगी या नहीं. अगले कुछ दिनों में ICC, BCCI और BCB के बीच बैठक हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

    BCCI के अधिकार कितने मजबूत हैं?

    T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा है. ऐसे में भारत में होने वाले मैचों की ग्राउंड लेवल की जिम्मेदारी BCCI के पास है. स्टेडियम, सिक्योरिटी, टिकटिंग, होटल और ट्रैवल जैसे सारे इंतजाम BCCI देख रही है. अगर ऐन मौके पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो इससे लॉजिस्टिक्स और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ेगा. ऐसे में BCCI के पास यह कहने का पूरा अधिकार है कि अब शेड्यूल बदलना आसान नहीं है.

    भारत सरकार की एंट्री क्यों अहम है

    यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. बांग्लादेश सरकार पहले ही IPL 2026 के टेलीकास्ट पर रोक लगाने जैसा सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में वर्ल्ड कप मैचों की रिशेड्यूलिंग का फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है. BCCI किसी भी बड़े फैसले से पहले भारत सरकार से सलाह ले सकती है. हाल ही में पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया का निधन हो गया था. उसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार पर बांग्लादेश पहुंचे थे. उस दौरान दोनों ही तरफ से एक पॉजिटिव मैसेज गया था. इसलिए विदेश नीति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख बेहद अहम होगा.

    ICC बांग्लादेश पर एक्शन ले सकता है?

    क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उसे नुकसान उठाना पड़ा. 1996 और 2003 वर्ल्ड कप में ऐसा हो चुका है, जहां मैच न खेलने वाली टीमों को अंक गंवाने पड़े थे. यहां तक कि 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. ऐसे में अगर बांग्लादेश मैच खेलने से इनकार करता है तो ICC कार्रवाई कर सकता है, हालांकि भारत-पाकिस्तान मैचों के उदाहरण के चलते फैसला आसान नहीं होगा.

    बाकी टीमों की परेशानी भी बनेगी मुद्दा

    अगर बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाते हैं तो उसके ग्रुप की बाकी टीमों को भी दिक्कत होगी. उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच बार-बार सफर करना पड़ेगा, जो टाइट शेड्यूल में मुश्किल है। ऐसे में दूसरी टीमें भी आपत्ति जता सकती हैं.

    कुल मिलाकर, बांग्लादेश की मांग को मानना ICC के लिए आसान फैसला नहीं है. इसमें BCCI, भारत सरकार, दूसरी टीमें और करोड़ों फैंस सभी के हित जुड़े हुए हैं.

  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।