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  • केरल विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो और रैली, राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला

    केरल विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो और रैली, राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला


    नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और राजनीतिक हलकों में चुनावी गतिविधियों का शोर हर तरफ सुनाई दे रहा है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के पलक्कड़ और त्रिशूर में चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि केरल के लोगों के बीच रहने का उन्हें बेसब्री से इंतजार है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आज शाम वह पलक्कड़ में एक रैली को संबोधित करेंगे और उसके बाद त्रिशूर में रोड शो में हिस्सा लेंगे। मोदी ने कहा कि केरल में आम माहौल एनडीए के पक्ष में है और लोग एलडीएफ और यूडीएफ के कुशासन से नाखुश हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि भाजपा इस बार केरल में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

    केरल चुनाव में राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य भर में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता सक्रिय रूप से रैलियों और चुनावी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी रविवार को पलक्कड़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यह दिखाता है कि चुनावी माहौल तेज और प्रतिस्पर्धात्मक है।

    इस बार केरल विधानसभा चुनाव में कुल 140 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। वोटिंग 9 अप्रैल 2026 को होगी और मतों की गिनती और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। केरल विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 23 मई को समाप्त होने वाला है। भारतीय निर्वाचन आयोग की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, इस चुनाव में 2.71 करोड़ मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करने के पात्र हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि इस बार केरल में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए आमने-सामने हैं। एलडीएफ सत्ता बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है, यूडीएफ वापसी की कोशिश में है और भाजपा को पहली बार बड़ी सफलता की उम्मीद है।

    पिछले चुनावों की बात करें तो 2021 में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं और भाजपा को कोई सीट नहीं मिली थी। 2016 में भाजपा ने पहली बार केवल एक सीट जीती थी। इस बार भाजपा की रणनीति और प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी एनडीए की स्थिति मजबूत करने के लिए अहम मानी जा रही है।

    चुनावी माहौल हर तरफ उत्साही है। प्रधानमंत्री मोदी की पलक्कड़ और त्रिशूर की रैलियां राज्य में एनडीए के प्रचार अभियान को और गति देंगी। राजनीतिक दल हर क्षेत्र में मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और जनता के बीच चुनावी मुद्दों पर बहस चल रही है। राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले और जनता की बढ़ती भागीदारी के बीच आगामी चुनावों के परिणाम पर सभी की नजर है।

  • पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, सपा पर बोला हमला, कहा- नोएडा को लूट का माध्यम बना दिया था

    पीएम मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, सपा पर बोला हमला, कहा- नोएडा को लूट का माध्यम बना दिया था


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सपा सरकार में नोएडा को लूट का माध्यम बना दिया गया था लेकिन अब भाजपा शासन में यही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जेवर एयरपोर्ट से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश के नौजवान समझते हैं कि इस तरह की परियोजनाएं उनके भविष्य को नई दिशा और अवसर देने वाली हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज विकसित यूपी विकसित भारत अभियान के तहत एक नए दौर की शुरुआत हो रही है। उन्होंने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय दुनिया के कई हिस्सों में संकट की स्थिति बनी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते कई देशों में खाद्य सामग्री ईंधन और अन्य जरूरी संसाधनों की कमी देखने को मिल रही है। ऐसे समय में भारत भी मजबूती से इन चुनौतियों का सामना कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।

    एयरपोर्ट से बढ़ती है तरक्की

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी भी देश में एयरपोर्ट केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास को गति देने का माध्यम होते हैं। उन्होंने बताया कि साल 2014 से पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि अब हवाई कनेक्टिविटी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही बल्कि छोटे शहरों और कस्बों तक भी तेजी से पहुंच रही है।

  • राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

    राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस


    नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक ​​कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई।

    बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोष

    दरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी।

    स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँ

    स्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए।

    विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवाल

    इस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

    सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

    वहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।

  • राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें

    राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें


    नई दिल्ली: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी और लोगों को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।

    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन करते आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और अपने जीवन में न गोली चलने दी न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए।

    उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका साफ कहना था कि राम पहले हैं और सियासत बाद में। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को धर्म और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि समाज में एकता और शांति बनी रहे।

    बिट्टा ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार ये फैसले राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

    उन्होंने अपनी पहचान को लेकर भी एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका धर्म भारत माता है और उनकी जाति वंदे मातरम् है। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से भी अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और देश विरोधी गतिविधियों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगा तब तक समस्याएं बनी रहेंगी।

    फिल्म धुरंधर में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है और अब सच्चाई छिप नहीं सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिससे लोगों के सामने सही तथ्य आ सकें और इतिहास की वास्तविकता सामने आए।

    इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है जिसमें भारत भी अछूता नहीं रह सकता।

    बिट्टा का यह दौरा और बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उनके संदेश को एकता और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली स्थित Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

    अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति नियंत्रण में है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के पीछे पेट और यूरिन से जुड़ा संक्रमण हो सकता है जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किए जा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी को मंगलवार देर शाम अस्पताल लाया गया था। उनकी उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि सोनिया गांधी को पहले से अस्थमा की समस्या है और वह नियमित रूप से चेकअप के लिए इसी अस्पताल में आती रही हैं।

    इस बीच उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां की तबीयत को देखते हुए केरल का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केरल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर पूरे गांधी परिवार की चिंता साफ नजर आ रही है।

    राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है। संसद में आज ईरान और अमेरिका से जुड़े मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल नहीं हो सके। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी संसद में नजर नहीं आए। उनकी जगह पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद तारिक अनवर और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को बैठक में भेजा गया है।

    गौरतलब है कि गांधी परिवार का गंगाराम अस्पताल पर काफी भरोसा रहा है। यही वजह है कि परिवार के कई महत्वपूर्ण मेडिकल मामलों का इलाज यहीं कराया गया है। प्रियंका गांधी के बच्चों का जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ था।

    फिलहाल डॉक्टरों की टीम सोनिया गांधी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में उनकी सेहत को लेकर और अपडेट सामने आ सकते हैं। उनके समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • बिहार की सियासत गरम अगले सीएम पर बीजेपी का बड़ा बयान और भविष्य की रणनीति

    बिहार की सियासत गरम अगले सीएम पर बीजेपी का बड़ा बयान और भविष्य की रणनीति


    नई दिल्ली : बिहार की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है क्योंकि राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनके बाद राज्य की कमान कौन संभालेगा इसी बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया है

    इसी क्रम में बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने साफ किया कि वर्तमान में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और आने वाले समय में उनके राज्यसभा जाने की बात सामने आ रही है इसके बाद आगे की राजनीतिक प्रक्रिया एनडीए और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय की जाएगी उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस निर्णय में मुख्यमंत्री की भूमिका भी अहम रहेगी

    संजय सरावगी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम नाम तय नहीं किया है बल्कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा एनडीए के घटक दल और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मिलकर यह तय करेगा कि राज्य की कमान किसे सौंपी जाए यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक और सहमति आधारित होगी जिससे गठबंधन की एकजुटता बनी रहे

    वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से भी बयानबाजी जारी है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की प्रक्रिया किसी दबाव के तहत हो रही है हालांकि एनडीए की ओर से इस दावे को लगातार खारिज किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि सभी निर्णय राजनीतिक सहमति और आपसी समझ के आधार पर लिए जाएंगे

    संजय सरावगी ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश और राजनीति में गंभीरता की आवश्यकता होती है उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं तब नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए उनका यह भी कहना था कि राजनीतिक बयानबाजी देशहित में नहीं होती

    इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति के लिए कई प्रकार की सुविधाएं और आरक्षण की व्यवस्था की गई है उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण के बाद इन सुविधाओं के संदर्भ में स्थिति बदल सकती है और सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस संदर्भ में उचित है

    बिहार की राजनीति में यह स्पष्ट है कि अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और सभी की निगाहें एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं आने वाले समय में इस पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है लेकिन फिलहाल सस्पेंस बरकरार है और राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं

  • कांग्रेस को बड़ा झटका ऐतिहासिक अकबर रोड दफ्तर खाली करने के निर्देश

    कांग्रेस को बड़ा झटका ऐतिहासिक अकबर रोड दफ्तर खाली करने के निर्देश


    नई दिल्ली: देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस के ऐतिहासिक मुख्यालय 24 अकबर रोड को खाली करने का निर्देश मिलने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यह वही दफ्तर है जो लगभग 48 वर्षों तक कांग्रेस की पहचान बना रहा और पार्टी के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का गवाह रहा। सरकार की ओर से कांग्रेस को शनिवार तक इस भवन को खाली करने के लिए कहा गया है, जिससे यह मामला अब सियासी और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

    सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को केवल 24 अकबर रोड ही नहीं बल्कि 5 रायसीना रोड स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस के दफ्तर को भी खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि कांग्रेस ने पिछले वर्ष कोटला मार्ग पर अपने नए मुख्यालय इंदिरा भवन’ का उद्घाटन कर दिया था, लेकिन अब तक वह पूरी तरह से पुराने दफ्तर से शिफ्ट नहीं हो पाई है। पार्टी की गतिविधियां अभी भी अकबर रोड स्थित भवन में जारी हैं, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।

    कांग्रेस के भीतर इस मुद्दे को लेकर मंथन चल रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि 24 अकबर रोड से उनका भावनात्मक जुड़ाव रहा है, क्योंकि यह दफ्तर केवल एक कार्यालय नहीं बल्कि पार्टी के इतिहास और संघर्ष का प्रतीक रहा है।

    इस दफ्तर का इतिहास भी काफी समृद्ध रहा है। ब्रिटिश शासन के समय यह भवन वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो की कार्यकारी परिषद के सदस्य सर रेजिनाल्ड मैक्सवेल का निवास स्थान था। बाद में यह म्यांमार की भारत में राजदूत डॉ खिन क्यी का निवास भी रहा, जिनकी बेटी आंग सान सू की ने आगे चलकर नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया। इस तरह यह भवन अंतरराष्ट्रीय और ऐतिहासिक महत्व भी रखता है।

    कांग्रेस के लिए यह दफ्तर 1970 के दशक के अंत से विशेष रूप से महत्वपूर्ण बन गया। 1977 के चुनाव में हार के बाद जब पार्टी में विभाजन हुआ और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले गुट को एक नए केंद्र की जरूरत थी, तब जी वेंकटस्वामी ने अपना बंगला पार्टी को उपलब्ध कराया। यहीं से कांग्रेस की राजनीतिक वापसी की कहानी शुरू हुई। इसके बाद यह दफ्तर इंदिरा गांधी के नेतृत्व से लेकर राजीव गांधी, पी वी नरसिम्हा राव और डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल तक पार्टी का प्रमुख केंद्र बना रहा।

    समय के साथ इस भवन को पार्टी ने अपनी जरूरतों के अनुसार विस्तार भी दिया, लेकिन हाल के वर्षों में संगठन के पुनर्गठन के चलते पार्टी ने नया मुख्यालय बनाने का निर्णय लिया। इसी क्रम में कोटला मार्ग स्थित इंदिरा भवन’ का उद्घाटन किया गया, जो अब कांग्रेस का नया ठिकाना बन चुका है।

    अब जब सरकार ने पुराने दफ्तर को खाली करने का आदेश दिया है, तो यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि एक प्रतीकात्मक बदलाव भी माना जा रहा है। कांग्रेस इस आदेश को लेकर अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करने पर विचार कर रही है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस कदम को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इस आदेश पर क्या रुख अपनाती है और क्या वह अपने ऐतिहासिक दफ्तर को लेकर कोई कानूनी लड़ाई लड़ती है या फिर पूरी तरह से नए मुख्यालय इंदिरा भवन’ से अपने कामकाज को आगे बढ़ाती है।

  • बिहार दिवस पर नीतीश कुमार का संदेश विकास सांस्कृतिक गौरव और पीएम मोदी के योगदान की सराहना

    बिहार दिवस पर नीतीश कुमार का संदेश विकास सांस्कृतिक गौरव और पीएम मोदी के योगदान की सराहना


    नई दिल्ली:बिहार दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राज्य के विकास और सांस्कृतिक गौरव पर विस्तृत संदेश साझा किया उन्होंने अपने संदेश में बिहार की समृद्ध विरासत, परंपराओं और विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए इसे राज्य और देश दोनों के लिए गर्व का विषय बताया

    मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय, सुशासन और मजबूत आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के विकास को नई गति दे रहा है और इसी सहयोग से बिहार तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है

    नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्थन से बिहार के प्रतिभाशाली लोग राज्य और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने बिहार दिवस को राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव बताया उन्होंने कहा कि यह दिन बिहार के सामर्थ्य, परंपरा और गौरवशाली अतीत को याद करने का अवसर है बिहार की भूमि ने प्राचीन काल से ही ज्ञान, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को दिशा दी है

    उन्होंने भगवान बुद्ध और आचार्य चाणक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की धरती ने ऐसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया को प्रभावित किया है चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य के प्रयासों ने एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है

    नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों की मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि बिहारवासियों ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, उद्योग, कला या संस्कृति हर क्षेत्र में बिहार के लोगों का योगदान उल्लेखनीय रहा है

    उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग जहां भी जाते हैं अपनी संस्कृति और मूल्यों को साथ लेकर चलते हैं जिससे राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होती है उन्होंने विशेष रूप से छठ महापर्व का उल्लेख किया जो अब दुनिया भर में बिहार की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया जिसमें महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह, लोकनायक जयप्रकाश नारायण का आंदोलन और जननायक कर्पूरी ठाकुर का योगदान शामिल है उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं ने बिहार और देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    उन्होंने राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और समावेशी विकास के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि बिहार अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं

    अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का बिहार अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेते हुए आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रहा है यह यात्रा न केवल बिहार की बल्कि पूरे भारत की प्रगति और परिवर्तन की कहानी को भी दर्शाती है

  • नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नरेंद्र मोदी ने बनाया नया इतिहास भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने का रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारत की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है

    पवन कुमार चामलिंग ने मुख्यमंत्री के रूप में 8930 दिनों तक कार्य किया था जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को मिलाकर 8931 दिनों का आंकड़ा पार कर लिया है यह उपलब्धि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव निरंतर जनसमर्थन और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत एक संगठनात्मक कार्यकर्ता के रूप में की थी उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था और उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की वर्ष 1985 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

    7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला इसके बाद वे लगातार चार बार 2001 2002 2007 और 2012 में मुख्यमंत्री बने और लगभग 12 साल 7 महीने तक राज्य का नेतृत्व किया उनके कार्यकाल को विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए जाना जाता है

    वर्ष 2014 में वे पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने और तब से लगातार इस पद पर बने हुए हैं उन्होंने 2014 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की और इस तरह वे लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने

    प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में कई बड़े फैसले और योजनाएं लागू की गईं जिनका उद्देश्य देश के विकास और सामाजिक सुधार को गति देना रहा उनके नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी स्थिति को मजबूत किया

    यह उपलब्धि केवल आंकड़ों का रिकॉर्ड नहीं है बल्कि यह उनके लंबे राजनीतिक जीवन निरंतरता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक है यह दर्शाता है कि भारतीय लोकतंत्र में स्थिर नेतृत्व और जनता का विश्वास कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

  • प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि

    प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि



    नई दिल्ली: 
    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। वे अब भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया है।

    सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 145 करोड़ भारतीयों की सेवा में निरंतर समर्पित प्रधानमंत्री मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक शासन प्रमुख रहने वाले नेता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के गहरे विश्वास और समर्थन को दर्शाती है।

    अपने संदेश में Yogi Adityanath ने यह भी उल्लेख किया कि Narendra Modi का नेतृत्व ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ जैसे मंत्रों को भारत की प्रगति का आधार बताया और कहा कि देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं।

    सीएम योगी ने अपने संदेश के अंत में भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे।

    इससे पहले भाजपा के आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब 8931 दिनों तक सार्वजनिक पद पर रहते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

    Amit Malviya के अनुसार, इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि दशकों की निरंतर जनसेवा और मजबूत नेतृत्व को दर्शाती है।

    उन्होंने आगे प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। साथ ही वे 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार विजेता रहे हैं, जो उनके प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।

    यह उपलब्धि न केवल राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नेतृत्व, अनुभव और जनसमर्थन मिलकर किसी भी नेता को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं। Narendra Modi का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।