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  • शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग

    शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग


    इंदौर । इंदौर में एक घोड़ी के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई है। शहर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक घोड़ी को डंडों से पीटकर जबरन नचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार घटना 25 जून की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक घोड़ी को नियंत्रित करने और उससे जबरन प्रदर्शन कराने के लिए लगातार डंडे मारता दिखाई दे रहा है। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी घोड़ी को बचाने या युवक को रोकने का प्रयास नहीं किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

    पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घोड़ी को दर्द और भय के जरिए प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसी घोड़ी को सड़क पर नचाते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जानवर को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रताड़ित कर प्रदर्शन कराया गया जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंची।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाई गई या उसे बेरहमी से पीटा गया तो आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत किसी भी पशु को मारना पीटना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

    इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि घोड़ी को गंभीर चोट पहुंची है या उसे स्थायी नुकसान हुआ है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत पशु को घायल करने या अपंग बनाने पर पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता और उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

    जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर में कथित एमडी ड्रग्स बरामदगी के चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस पदार्थ को पुलिस ने करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था वह दोनों सरकारी फॉरेंसिक जांच में साधारण यूरिया निकला। इसके बाद अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।

    करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभागीय कार्रवाई करते हुए लखन गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

    मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए पदार्थ के नमूने भोपाल स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ नहीं बल्कि सामान्य यूरिया है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की केंद्रीय प्रयोगशाला से भी परीक्षण कराया लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही पाया गया।

    दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई जिसके आधार पर विशेष अदालत ने लखन गुप्ता सहित तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद लखन गुप्ता ने इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    लखन गुप्ता का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया। उनका कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने मुखबिर के जरिए पहले से गिरफ्तार आरोपियों से उनका नाम कहलवाया और फिर उन्हें आजाद नगर क्षेत्र से उठाकर तेजाजी नगर थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बाद में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया।

    लखन गुप्ता के अधिवक्ता नितिन पाराशर के अनुसार अदालत में दायर परिवाद में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत जांच के आदेश एफआईआर दर्ज कराने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

    यह मामला अब इंदौर पुलिस की जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में आगे अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    इंदौर। इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की बहुमूल्य जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मामला केवल जमीन पर कब्जे या पुलिसकर्मियों पर हमले तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब इसमें सबूत गायब होने, कथित आर्थिक लेनदेन और आरोपियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार विवादित जमीन को लेकर हुए संघर्ष के दौरान बीट पर तैनात पुलिस जवानों पर हमला किया गया था। घटना स्थल के पास स्थित एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी का डीवीआर अपने कब्जे में लिया था, लेकिन बाद में वही डीवीआर गायब हो गया। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।

    मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब इसकी जानकारी सार्वजनिक हुई। खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर ने कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी भूमिका की विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच के आदेश के बाद अब पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना के वीडियो उपलब्ध थे और आरोपियों की पहचान भी कथित रूप से हो चुकी थी, तब एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ क्यों दर्ज की गई। इस निर्णय ने पुलिस की मंशा को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लोगों का कहना है कि यदि पहचान स्पष्ट थी तो नामजद मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।

    सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद से एक दिन पहले मोहसिन नामक व्यक्ति द्वारा थाने में 10 लाख रुपये पहुंचाए गए थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह चर्चा पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। यह भी आरोप है कि इसी प्रभाव के चलते संबंधित व्यक्ति ने थाना प्रभारी से अभद्र व्यवहार किया और उसका वीडियो भी मौजूद है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया गया।

    मामले में एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आया है कि उज्जैन का एक व्यक्ति जो इस विवाद से जुड़ा हुआ था, उसे पुलिस वाहन के माध्यम से वहां से रवाना किया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह होगा।

    घटना में घायल हुए पुलिस जवानों पर मीडिया से दूरी बनाए रखने का दबाव बनाए जाने की भी चर्चा है। यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल हमले का मामला नहीं बल्कि पूरे घटनाक्रम को दबाने के प्रयास के रूप में देखा जाएगा।

    फिलहाल विभागीय जांच शुरू हो चुकी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यह मामला सिर्फ जमीन विवाद नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।

  • इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव

    इंदौर में MCA छात्रा ने लगाई फांसी: परीक्षा के तनाव में उठाया खौफनाक कदम, कमरे में मिला शव


    मध्यप्रदेश । इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को इस घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। घटना के बाद छात्रा के परिवार और दोस्तों में गहरा शोक व्याप्त है।

    पुलिस के अनुसार मृतक छात्रा रेखा गाढे बुरहानपुर की रहने वाली थी और पिछले करीब एक वर्ष से इंदौर में रहकर MCA की पढ़ाई कर रही थी। वह चमेली देवी कॉलेज की छात्रा थी और वर्तमान में सेकंड सेमेस्टर की परीक्षाएं दे रही थी। पढ़ाई में मेहनती मानी जाने वाली रेखा पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रही थी।

    जानकारी के मुताबिक रविवार शाम उसकी सहेलियों ने उसे राजबाड़ा घूमने चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने जाने से इनकार कर दिया। सहेलियां उसे अकेला छोड़कर घूमने चली गईं। देर रात जब वे वापस लौटीं तो कमरे का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रेखा कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। सहेलियों ने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही परदेशीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने छात्रा के कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    पुलिस द्वारा सहेलियों और परिचितों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रेखा परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी। उसके कुछ पेपर उम्मीद के मुताबिक नहीं हुए थे, जिससे वह निराश और चिंतित रहने लगी थी। सहेलियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह पढ़ाई पर ठीक से ध्यान नहीं दे पा रही थी और अक्सर उदास दिखाई देती थी।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजन इंदौर पहुंच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

    यह घटना एक बार फिर विद्यार्थियों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीर समस्या को सामने लाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन न होने पर छात्रों को निराशा के बजाय परिवार, मित्रों और शिक्षकों से संवाद करना चाहिए। मानसिक तनाव की स्थिति में समय रहते परामर्श और सहायता प्राप्त करना बेहद आवश्यक है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्रा ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पूरे मामले ने कॉलेज और छात्र समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।

  • इंदौर में विजयवर्गीय का मुस्लिम समुदाय पर तंज: विकास चाहिए तो भेदभाव की राजनीति छोड़नी होगी

    इंदौर में विजयवर्गीय का मुस्लिम समुदाय पर तंज: विकास चाहिए तो भेदभाव की राजनीति छोड़नी होगी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में आयोजित एक विकास कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय ने विकास कार्यों के भूमिपूजन के दौरान कहा कि कुछ मुस्लिम भाई उन्हें और उनकी विचारधारा से जुड़े लोगों को काफिर कहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वे काफिर हैं तो उनकी बनाई सड़कों पर नहीं चलना चाहिए और सरकार की योजनाओं का लाभ भी नहीं लेना चाहिए।

    विजयवर्गीय ने कहा कि जिस क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग रहते हैं। उन्होंने मंच से कहा कि कई मुस्लिम भाई हमें काफिर कहते हैं। यदि हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो। यदि आपके घर में लाड़ली बहना या लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा पहुंच रहा है तो उसे भी मत लो। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    हालांकि अपने संबोधन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार और पार्टी की नीति किसी प्रकार के भेदभाव की नहीं रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत पर काम किया है। सरकार ने कभी यह नहीं देखा कि कौन किस धर्म या समुदाय से जुड़ा है। विकास कार्यों का लाभ सभी नागरिकों तक समान रूप से पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

    मंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की सेवा करना उनका दायित्व है। जनता उन्हें वोट दे या न दे लेकिन विकास कार्य रुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जनता राजनीतिक समर्थन देती है तो और अधिक उत्साह के साथ काम किया जाएगा लेकिन समर्थन न मिलने की स्थिति में भी विकास की गति जारी रहेगी। उनका कहना था कि जनता की सेवा करना राजनीति से ऊपर की जिम्मेदारी है।

    यह बयान उस समय आया जब विजयवर्गीय दो दिवसीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन क्षेत्रीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने वार्ड क्रमांक-1 और वार्ड क्रमांक-5 में लगभग 2 करोड़ 39 लाख 80 हजार रुपए की लागत से होने वाले 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे।

    अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने भाजपा कार्यकर्ता होने को अपना पहला सौभाग्य और जनप्रतिनिधि बनकर जनता की सेवा करने को दूसरा सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।

    विजयवर्गीय का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक दलों के बीच सामाजिक समरसता और विकास के मुद्दों पर लगातार बहस जारी है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने अपने पूरे भाषण में विकास कार्यों और जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की बात दोहराई तथा यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार की योजनाएं सभी नागरिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध हैं।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरा कल से: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन


    मध्य प्रदेश । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 जून से मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आ रही हैं। 22 जून तक चलने वाले इस दौरे के दौरान वे इंदौर, ओंकारेश्वर, ग्वालियर और श्योपुर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

    राष्ट्रपति के दौरे की शुरुआत इंदौर से होगी। यहां पहुंचने के बाद वे सीधे ओंकारेश्वर जाएंगी, जहां भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस यात्रा को लेकर ओंकारेश्वर क्षेत्र में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग पार्किंग और परिवहन व्यवस्था भी बनाई है।

    19 जून को राष्ट्रपति अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, जनजातीय कल्याण और सिकल सेल बीमारी के उन्मूलन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद राष्ट्रपति का कार्यक्रम ग्वालियर और श्योपुर में भी निर्धारित है, जहां वे विभिन्न सरकारी और सामाजिक आयोजनों में भाग लेंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए इंदौर एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन ने एयरपोर्ट क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाइंग जोन’ घोषित किया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की अनधिकृत उड़ान गतिविधि पर प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए रखेंगी ताकि राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    यातायात व्यवस्था के तहत 17 से 19 जून तक कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। खंडवा, खरगोन, भीकनगांव, कसरावद, धामनोद और अन्य क्षेत्रों से होकर वाहनों को निकाला जाएगा ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात प्रभावित न हो।

    ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। इंदौर, खंडवा और मूंदी की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक ही जाने की अनुमति होगी। वहां से श्रद्धालुओं को पैदल या प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए परिवहन साधनों के माध्यम से मंदिर क्षेत्र तक पहुंचना होगा। बसों के लिए भी अलग पार्किंग और शटल सेवा की व्यवस्था की गई है।

    राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से नो-व्हीकल जोन घोषित किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इन मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोकी जा सकती है। राष्ट्रपति के गंतव्य तक पहुंचने के बाद यातायात को सामान्य रूप से बहाल कर दिया जाएगा।

    प्रशासन ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर निकलें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

  • इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले: प्रेमी पर धमकी का आरोप, भतीजे और जीजा के खिलाफ भी FIR

    इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले: प्रेमी पर धमकी का आरोप, भतीजे और जीजा के खिलाफ भी FIR


    मध्य प्रदेश । इंदौर शहर में महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ एवं उत्पीड़न के तीन अलग-अलग मामले सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। द्वारकापुरी और खजराना थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीनों मामलों में पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला द्वारकापुरी क्षेत्र का है, जहां 20 वर्षीय युवती ने अपने पूर्व प्रेमी लक्की पंसोरिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवती के अनुसार दोनों के बीच करीब एक वर्ष से परिचय था और वे एक ही कार्यस्थल पर काम करते थे। आरोपी वहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। युवती का आरोप है कि शराब की लत और व्यवहार से परेशान होकर उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी। इसके बाद आरोपी लगातार उस पर शादी करने का दबाव बनाने लगा।

    शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उसने आत्महत्या कर युवती को कानूनी मामले में फंसाने की बात भी कही। पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसका पीछा करता था और लगातार मानसिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    दूसरा मामला खजराना क्षेत्र का है, जहां एक विवाहिता ने अपने ही भतीजे राहुल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी लंबे समय से उस पर गलत नजर रखता था। कुछ दिन पहले उसने बाथरूम में झांकने की कोशिश की थी, जिस पर परिवार द्वारा उसे फटकार भी लगाई गई थी। इसके बावजूद आरोपी के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

    महिला का आरोप है कि मंगलवार रात आरोपी ने फिर अनुचित हरकत की और आपत्तिजनक व्यवहार किया। इसके बाद उसने परिवार के सदस्यों को पूरी जानकारी दी और पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    तीसरा मामला भी खजराना थाना क्षेत्र का है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने अपने जीजा सोहेल के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत की है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने रास्ते में उसे रोककर जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की। किशोरी ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ अनुचित व्यवहार भी किया। किसी तरह वहां से निकलकर वह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने नाबालिग की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस संवेदनशीलता के साथ जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में शिकायतों के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश जारी है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का महामंथन आज, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर बनेगी साझा रणनीति

    इंदौर में BRICS कृषि मंत्रियों का महामंथन आज, खाद्य सुरक्षा और जलवायु अनुकूल खेती पर बनेगी साझा रणनीति


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय कृषि कूटनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। 9 से 13 जून तक आयोजित BRICS कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन शनिवार को सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।

    सम्मेलन के समापन दिवस से पहले शहर के मेघदूत उपवन में विकसित विशेष “ब्रिक्स वाटिका” में विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों और अतिथियों ने फलदार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री Bhagirath Choudhary, मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री Tulsi Silawat, इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav तथा विधायक Ramesh Mendola सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

    ब्रिक्स वाटिका को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रतीक के रूप में विकसित किया गया है। यहां कुल 51 फलदार पौधे लगाए जाने की योजना बनाई गई है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह वाटिका आने वाले वर्षों में BRICS देशों की साझेदारी और हरित विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगी। इससे पहले इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान ग्लोबल गार्डन और यूरेशियन सम्मेलन के दौरान यूरेशिया गार्डन भी विकसित किए गए थे।

    मेघदूत उपवन को BRICS सम्मेलन के अनुरूप विशेष रूप से सजाया गया है। परिसर में “BRICS INDIA” थीम आधारित आकर्षक आइलैंड, गुलाब उद्यान, संगीतमय फाउंटेन, कमल थीम आधारित सजावट और आधुनिक लैंडस्केपिंग तैयार की गई है। साथ ही BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय ध्वज भी लगाए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं।

    सम्मेलन के अंतिम दिन होने वाली कृषि मंत्रियों की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि कृषि क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा कृषि व्यापार को बढ़ावा देने, सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और कृषि उत्पादकता सुधारने पर भी चर्चा होगी।

    बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय जलवायु परिवर्तन के अनुरूप कृषि व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और लचीला बनाना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के बीच कृषि क्षेत्र को नई तकनीकों और वैज्ञानिक नवाचारों की आवश्यकता है। इसी दिशा में BRICS देश साझा अनुसंधान, तकनीकी साझेदारी और नवाचार आधारित कृषि मॉडल पर विचार करेंगे।

    शनिवार को सुबह 10 बजे से कृषि मंत्रियों की बैठक शुरू होगी। इसके बाद विभिन्न द्विपक्षीय बैठकों का दौर चलेगा। सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों की सहमति से एक साझा दस्तावेज तैयार किया जाएगा, जिसमें कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूल खेती और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।

    विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक खाद्य संकट, जलवायु परिवर्तन और कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के बीच इंदौर में आयोजित यह BRICS सम्मेलन भविष्य की कृषि नीतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।

  • इंदौर में युवक को बीच सड़क रोका, मारपीट के बाद कार में बैठाने की कोशिश; तीन आरोपियों पर केस दर्ज

    इंदौर में युवक को बीच सड़क रोका, मारपीट के बाद कार में बैठाने की कोशिश; तीन आरोपियों पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित तौर पर रास्ता रोककर मारपीट करने और उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार, फरियादी रोहित शर्मा (28) निवासी सदर बाजार मैन रोड, इंदौर ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में रोहित ने बताया कि 11 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह केशरबाग सर्विस रोड स्थित टिंकुस कैफे के सामने से गुजर रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसके साथ विवाद शुरू कर दिया।

    शिकायत के मुताबिक, आरोपियों में शामिल एक युवक स्कूटर पर सवार था। उसने रोहित के स्कूटर के सामने अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया। इसके बाद एक कार में सवार कपिल जायसवाल, अमन बैस और एक अन्य युवक वहां पहुंचे। रोहित का आरोप है कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

    पीड़ित के अनुसार, विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। रोहित ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास भी किया गया। हालांकि, उसने शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों को आता देख आरोपी वहां से भाग निकले।

    घटना के बाद रोहित ने थाने पहुंचकर पूरी जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

    राजेंद्र नगर थाना पुलिस के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच किस प्रकार की पुरानी रंजिश थी और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

    फिलहाल मामले में जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस विभिन्न स्तरों पर पुष्टि करने में जुटी हुई है।

  • अलविदा कहने से पहले दे गए उजाला: इंदौर ने 14 हजार लोगों की जिंदगी में लौटाई रोशनी

    अलविदा कहने से पहले दे गए उजाला: इंदौर ने 14 हजार लोगों की जिंदगी में लौटाई रोशनी


    मध्यप्रदेश। किसी व्यक्ति का जीवन भले ही समाप्त हो जाए, लेकिन उसका एक फैसला किसी दूसरे की दुनिया रोशन कर सकता है। इंदौर ने इसी सोच को जनआंदोलन में बदलकर पूरे प्रदेश के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। नेत्रदान के क्षेत्र में मध्य प्रदेश का अग्रणी शहर बन चुके इंदौर में पिछले 12 वर्षों के दौरान 18 हजार से अधिक लोगों ने मृत्यु के बाद अपने नेत्र दान किए हैं। इन दानों की बदौलत 14 हजार से ज्यादा लोगों की अंधेरी दुनिया में फिर से उजाला लौट पाया है।

    विश्व नेत्रदान दिवस के अवसर पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि शहर में नेत्रदान को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में स्थिति यह है कि हर महीने 100 से अधिक परिवार अपने प्रियजनों की मृत्यु के बाद नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। यह केवल चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और जागरूकता का भी प्रतीक है।

    इंदौर में वर्तमान में संकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक और चोइथराम आई बैंक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनके साथ मुस्कान ग्रुप, दधीचि मिशन, गोल्ड क्वाइन सहित कई सामाजिक संस्थाएं भी लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित कर रही हैं। इन संगठनों की सतत कोशिशों ने शहर में नेत्रदान की संस्कृति को मजबूत आधार दिया है।

    संकरा आई बैंक की विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में केवल उनके संस्थान को 2700 से अधिक कॉर्निया प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1670 का सफल प्रत्यारोपण किया जा चुका है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सफलता दर 70 से 80 प्रतिशत तक रहती है, जो हजारों मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि नेत्रदान के बाद प्राप्त कॉर्निया का उपयोग सीधे नहीं किया जाता। पहले डोनर की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसी जरूरी जांचें की जाती हैं। सभी रिपोर्ट सामान्य आने के बाद ही प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी होती है।

    कॉर्निया प्रत्यारोपण का लाभ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के मरीजों को मिल रहा है। जन्मजात कॉर्निया संबंधी समस्याएं, दुर्घटनाओं में आंखों की क्षति, आंखों में सफेदी आना या रासायनिक पदार्थों से दृष्टि प्रभावित होने जैसी स्थितियों में यह उपचार नई जिंदगी का आधार बनता है। कई मरीजों को एक आंख तो कई को दोनों आंखों में प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

    इस अभियान की सफलता के पीछे कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने इसे अपना जीवन मिशन बना लिया है। इंदौर के 58 वर्षीय इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी जितेंद्र बगानी, जिन्हें लोग ‘जीतू ग्रेजुएट’ के नाम से जानते हैं, उनमें से एक हैं। मुस्कान संस्था से जुड़े बगानी अब तक 6 हजार से अधिक नेत्रदाताओं से कॉर्निया प्राप्त कर चुके हैं। विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे वर्षों से दिन-रात इस सेवा कार्य में जुटे हैं। नेत्रदान की सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचते हैं और कुछ ही मिनटों में प्रक्रिया पूरी कर जरूरतमंदों तक रोशनी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

    इंदौर की यह सफलता बताती है कि जब समाज जागरूक और संवेदनशील होता है तो मृत्यु भी जीवन का संदेश बन जाती है। नेत्रदान केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में प्रकाश भरने का सबसे बड़ा माध्यम है। यही कारण है कि इंदौर आज नेत्रदान के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल बनकर उभर रहा है।