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  • इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR

    इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR


    इंदौर इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने एक छात्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि छात्र ने शाखा का वीडियो रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर साझा किया और उसके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं, जिससे संगठन की छवि खराब करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

    पुलिस के अनुसार मामला संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि वीणा नगर निवासी छात्र क्षितिज वाने ने आरएसएस की नियमित शाखा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो के साथ संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गईं और धमकी भरे अंदाज में पोस्ट साझा किए गए।

    जानकारी के मुताबिक हीरानगर क्षेत्र के नॉर्थ एवेन्यू स्थित एक खाली मैदान में आरएसएस की शाखा प्रतिदिन संचालित होती है। यहां संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय, दीपक शर्मा, लोकेंद्र कोष्ठी, लालजी प्रतापत, नितिन विश्वकर्मा सहित कई स्वयंसेवक नियमित रूप से शाखा में शामिल होते हैं। शिकायत में कहा गया है कि करीब छह महीने पहले भी संबंधित छात्र शाखा स्थल पर पहुंचा था और वीडियो रिकॉर्ड करते हुए शाखा लगाए जाने पर सवाल उठाए थे। उस समय स्वयंसेवकों ने उसे समझाकर वहां से भेज दिया था।

    संघ के सदस्यों का आरोप है कि हाल ही में छात्र दोबारा शाखा का वीडियो रिकॉर्ड करने पहुंचा और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। शिकायत के अनुसार उसने कथित रूप से “आरएसएस देशद्रोही” शीर्षक से पोस्ट भी साझा की, जिसे संगठन के सदस्यों ने आपत्तिजनक बताया। उनका कहना है कि इस तरह की पोस्ट से सामाजिक माहौल खराब हो सकता है और संगठन की छवि प्रभावित होती है।

    घटना के बाद संघ के पदाधिकारियों ने पहले आपस में चर्चा की और फिर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद शनिवार देर रात संघ के सदस्य हीरानगर थाने पहुंचे और कथित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य डिजिटल सामग्री पुलिस को सौंपते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    हीरानगर थाना पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट, पोस्ट की सामग्री और वीडियो की सत्यता का परीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के पीछे क्या उद्देश्य था तथा कानून के तहत कौन-कौन सी धाराएं लागू होती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील विषय से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करते समय जिम्मेदारी और कानून का पूरा ध्यान रखें, ताकि अनावश्यक विवाद और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा न हो।

  • दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी

    दूसरे जन्मदिन के 24 घंटे बाद बुझ गई मासूम की जिंदगी रसोई हादसे ने छीन ली परिवार की मुस्कान मां भी गंभीर रूप से झुलसी


    नई दिल्ली । इंदौर जिले के देपालपुर क्षेत्र के ग्राम कुनगारा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। जिस घर में एक दिन पहले दो साल की मासूम सृष्टि का जन्मदिन हंसी खुशी और उत्साह के साथ मनाया गया था वहीं अगले ही दिन उसकी मौत ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। रसोई में खाना बनाते समय मां की साड़ी में अचानक आग लग गई और पास में खेल रही मासूम भी उसकी चपेट में आ गई। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मां का उपचार अभी भी जारी है।

    जानकारी के अनुसार सृष्टि की मां काजल सुबह रसोई में खाना बना रही थीं। उसी दौरान किसी कारण उनकी साड़ी में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में खेल रही दो वर्षीय सृष्टि भी उसकी चपेट में आ गई। काजल मूक बधिर हैं इसलिए वह मदद के लिए आवाज नहीं लगा सकीं। उन्होंने तुरंत अपने मोबाइल से खेत पर काम कर रहे परिजन को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी।

    परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और मां बेटी दोनों को गंभीर हालत में इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई। काजल करीब 50 प्रतिशत तक झुलस गई हैं और उनका इलाज जारी है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही काजल की अपनी मां से फोन पर बात हुई थी। उस समय सृष्टि उनकी गोद में बैठी हुई थी। हादसा होने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को ही वीडियो कॉल किया क्योंकि उनका नंबर फोन में आसानी से उपलब्ध था। इसके बाद अन्य परिजनों को सूचना दी गई और सभी लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।

    मृत बच्ची के मामा मनीष ने बताया कि सृष्टि अपने माता पिता की इकलौती संतान थी। उसके पिता किसान हैं और पूरा परिवार बच्ची के दूसरे जन्मदिन की खुशियां मना रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि अगले ही दिन ऐसा दर्दनाक हादसा हो जाएगा। पूरे परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह गैस पाइप में लगी आग बताई जा रही है जिसकी लपटें मां की साड़ी तक पहुंच गईं। पुलिस ने मामले में शून्य पर मर्ग कायम कर केस देपालपुर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर रसोई में सुरक्षा बरतने की आवश्यकता की याद दिलाती है। खाना बनाते समय ढीले कपड़े पहनने से बचना गैस पाइप और चूल्हे की नियमित जांच करना तथा छोटे बच्चों को रसोई से सुरक्षित दूरी पर रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी कई बार ऐसे दर्दनाक हादसों को टाल सकती है। लेकिन इस परिवार के लिए अब यह सीख बहुत देर से आई क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही ने उनकी मासूम बेटी की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।

  • होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा

    होटल के कमरे में मौत का रहस्य संघर्ष के निशान यूज्ड कंडोम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी जांच की दिशा


    इंदौर । इंदौर के एक प्रतिष्ठित होटल में हुई एक युवती की संदिग्ध मौत ने वर्ष 2016 में पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर दिया था। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ क्योंकि युवती का शव होटल की चौथी मंजिल के नीचे खून से लथपथ हालत में मिला था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट सामने आईं वैसे-वैसे घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया जिसने इस मामले को प्रदेश के चर्चित रहस्यमयी मामलों में शामिल कर दिया।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब इंदौर के विजय नगर क्षेत्र स्थित एक होटल के बाहर एक युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। होटल कर्मचारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान 23 वर्षीय शिल्पू भदौरिया के रूप में हुई जो मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थीं। बीबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के सिलसिले में इंदौर आई थीं और एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं।

    शुरुआती जांच में पुलिस ने संभावना जताई कि युवती ने होटल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की होगी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि युवती की मौत ऊंचाई से गिरने के कारण नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। यानी जिस समय उसे चौथी मंजिल से नीचे गिराया गया उस समय उसकी मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। इस खुलासे के बाद मामला संदिग्ध मौत से संभावित हत्या में बदल गया।

    इसके बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने होटल के कमरे की गहन जांच की। जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने आत्महत्या की संभावना को और कमजोर कर दिया। कमरे में संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। युवती की शर्ट के तीन बटन गायब थे जिनमें से एक बटन कमरे के भीतर मिला। शरीर पर संघर्ष के निशान मौजूद थे और नाखूनों के निशान यह संकेत दे रहे थे कि उसने अंतिम समय तक खुद को बचाने का प्रयास किया था। जांच के दौरान उसके शरीर पर भोजन से संबंधित अवशेष भी मिले जिससे यह संकेत मिला कि घटना से पहले कमरे में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं।

    जिस कमरे में युवती ठहरी थी वहां से कुछ अन्य वस्तुएं भी बरामद हुईं जिन्होंने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा। कमरे में शराब से जुड़ी सामग्री और अन्य ऐसे साक्ष्य मिले जिनके आधार पर पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटनाक्रम को समझने की कोशिश शुरू की। इन सभी तथ्यों को फोरेंसिक जांच का हिस्सा बनाया गया ताकि मौत से पहले और बाद की परिस्थितियों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।

    इस मामले ने यह भी दिखाया कि किसी भी संदिग्ध मौत में केवल घटनास्थल का पहला दृश्य अंतिम सच नहीं होता। वैज्ञानिक जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक साक्ष्य कई बार पूरी कहानी बदल देते हैं। यही वजह रही कि इस मामले में शुरुआती आत्महत्या की आशंका बाद में हत्या की जांच में बदल गई।

    यह मामला आज भी उन चर्चित घटनाओं में गिना जाता है जिसने पुलिस जांच में फोरेंसिक विज्ञान की अहम भूमिका को उजागर किया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय वैज्ञानिक साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाना ही न्याय की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम होता है।

  • सरकारी खजाने पर डाका इंदौर में 8 करोड़ के गबन मामले में नया खुलासा आरोपी के खाते में पहुंचे थे 13.72 लाख रुपए

    सरकारी खजाने पर डाका इंदौर में 8 करोड़ के गबन मामले में नया खुलासा आरोपी के खाते में पहुंचे थे 13.72 लाख रुपए


    इंदौर । इंदौर में करीब 8 करोड़ रुपए के शासकीय धन के गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। रावजी बाजार थाना पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत से तीन दिन की पुलिस रिमांड हासिल की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खाते में शासकीय मद से 13 लाख 72 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया तथा इस पूरे घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

    यह मामला मार्च 2023 में सामने आया था जब तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर मुनीष सिंह सिकरवार की शिकायत के आधार पर रावजी बाजार थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने मिलाप चौहान रंजीत करोड़ मनीषा चौहान राहुल चौहान सहित कई लोगों को आरोपी बनाया था। इसके बाद लगातार जांच का दायरा बढ़ता गया और कई अहम जानकारियां सामने आईं।

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग किया। जिन खातों में तकनीकी कारणों से भुगतान नहीं हो पाया था उन खातों की जानकारी हासिल कर आरोपियों ने फर्जी स्वीकृति आदेश तैयार किए। इसके बाद वास्तविक हितग्राहियों के बैंक खातों की जगह अपने परिजनों दोस्तों और परिचितों के बैंक खातों की जानकारी दर्ज कर दी गई। इसी फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी राशि दोबारा जनरेट कर अलग-अलग निजी खातों में ट्रांसफर की जाती रही।

    जांच एजेंसियों के अनुसार इसी तरीके से लगभग 8 करोड़ रुपए की शासकीय राशि का गबन किया गया। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी। अब तक कई आरोपियों की भूमिका सामने आ चुकी है और लगातार नए तथ्य भी उजागर हो रहे हैं।

    इसी कड़ी में पुलिस ने सोमवार को सर्वहारा नगर परदेशीपुरा निवासी मनोज उर्फ हल्लू को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि सह आरोपी रंजीत करोड़ ने सरकारी मद से मनोज के बैंक खाते में 13 लाख 72 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। पुलिस का दावा है कि इस रकम का उपयोग आरोपी और उसके सहयोगियों ने विभिन्न कार्यों में किया। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस राशि का कितना हिस्सा निकाला गया कितना खर्च हुआ और क्या इसे आगे अन्य खातों में भी भेजा गया।

    पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस पूरे घोटाले से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी धन के गबन की इस साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और किन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कराने में मदद की।

    यह मामला सरकारी वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि गबन की पूरी राशि का हिसाब जुटाना और सरकारी धन की रिकवरी सुनिश्चित करना भी है।

  • इंदौर में दो दर्दनाक घटनाएं ई रिक्शा चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मासूम की मौत के मामले में ठेकेदार पर कसा शिकंजा

    इंदौर में दो दर्दनाक घटनाएं ई रिक्शा चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मासूम की मौत के मामले में ठेकेदार पर कसा शिकंजा


    इंदौर । इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सड़क हादसे में घायल ई रिक्शा चालक ने कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया तो दूसरी ओर चार साल के मासूम की निर्माणाधीन मकान की खुली पानी की टंकी में डूबकर हुई मौत के मामले में पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं ने शहरवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    पहली घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र की है जहां पंचम की फेल निवासी 38 वर्षीय कपिल रमनवाल बीते 24 जुलाई की शाम अपने ई रिक्शा से गुजर रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में उनका ई रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि कपिल के सिर हाथ और पैर में गहरी चोटें आईं। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। कई दिनों तक इलाज के बाद सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

    पुलिस ने बताया कि कपिल पिछले कई वर्षों से ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में माता पिता दो बच्चे और एक भाई हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य वाहन की भी भूमिका थी।

    दूसरी घटना कनाड़िया क्षेत्र की है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। यहां चार वर्षीय रुद्र चौहान की निर्माणाधीन मकान परिसर में बनी खुली पानी की टंकी में गिरने से मौत हो गई थी। घटना 10 जुलाई की बताई गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे के पिता गोलू काम पर गए हुए थे जबकि मां पूजा घर पर दोनों बच्चों के साथ मौजूद थीं। खेलते खेलते रुद्र घर से निकलकर पास के निर्माणाधीन मकान तक पहुंच गया जहां सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खुली पानी की टंकी में गिरने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद परिजनों ने बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार राजेश पवैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह सामने आया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

    दोनों घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सड़क पर सावधानी और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि शहर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब

    अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी बारात का वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आमतौर पर शादी की बारात में सैकड़ों लोग, डीजे की धुन पर झूमते रिश्तेदार और नाचते-गाते दोस्त दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग थी। बारिश के बीच निकली इस बारात में घोड़ी पर दूल्हा तो था, डीजे भी बज रहा था, लेकिन उसके पीछे नाचने वाले बाराती लगभग नदारद थे।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को इंदौर के राजमोहल्ला चौराहे के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बारात राजमोहल्ला चौराहे से मालगंज की ओर जा रही थी। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डीजे वाहन पर बॉलीवुड का लोकप्रिय गीत “पल पल ना माने टिंकू जिया” बज रहा है, लेकिन उस पर थिरकने वाला कोई नजर नहीं आता।

    पूरी बारात में दूल्हे के साथ केवल चार लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें दो ढोल बजाने वाले कलाकार, एक घोड़ी संचालक और एक व्यक्ति दूल्हे के ऊपर छाता पकड़े हुए चलता दिखाई देता है। इसके अलावा न कोई रिश्तेदार, न दोस्त और न ही पारंपरिक बारात की रौनक वीडियो में दिखाई देती है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “मिनिमलिस्ट शादी” बता रहा है तो कोई मजाकिया अंदाज में कह रहा है कि “आजकल महंगाई में बारात भी शॉर्टकट हो गई है।” कई लोगों ने इसे बारिश और मौसम की वजह से कम लोगों की मौजूदगी से भी जोड़कर देखा है, जबकि कुछ इसे सादगीपूर्ण विवाह का उदाहरण बता रहे हैं।

    हालांकि, यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और यह बारात किसकी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। वीडियो की सत्यता और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने नहीं आई हैं। इसके बावजूद यह क्लिप सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर की जा रही है और हजारों लोग इसे देख चुके हैं।

    इंदौर की यह अनोखी बारात अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर भव्य शादियों का चलन बढ़ रहा है, वहीं यह वीडियो सादगी, परिस्थितियों या किसी अलग अंदाज की शादी को लेकर लोगों के बीच नई बहस भी छेड़ रहा है।

  • पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज

    पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज


    इंदौर प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर बड़ी संख्या में युवा धरने पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश भी उनके हौसलों को डिगा नहीं सकी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इंदौर में छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से बर्बाद हो जाती है। इसलिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।

    उधर, श्योपुर में भी छात्र संगठनों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। “समस्त छात्र शक्ति” के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र पीजी कॉलेज से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब चार किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लगभग दो घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की।

    रीवा, उमरिया और बड़वानी सहित अन्य जिलों में भी छात्र अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए सरकार को दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

    प्रदर्शनकारी युवाओं ने यह भी कहा कि केवल जांच बैठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मजबूत कानून, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे आंदोलन और व्यापक रूप ले सकते हैं।

    प्रदेशभर में बढ़ते छात्र आंदोलनों ने साफ कर दिया है कि युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठी यह आवाज अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी आंदोलन का रूप ले चुकी है।

  • बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद

    बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लोकायुक्त ने एक बड़ी छापेमार कार्रवाई करते हुए पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर फाइनेंस शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला उजागर किया है। मंगलवार सुबह तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में इंदौर धार पीथमपुर बगदून मुरैना और अन्य स्थानों सहित कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि अधिकारी के पास उनकी वैध आय की तुलना में लगभग 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है। इस खुलासे ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    लोकायुक्त की टीम ने जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार घर से करीब चार किलो चांदी तीन सौ ग्राम सोना और लगभग तीन लाख रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों निवेश संबंधी दस्तावेज और अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। टीम को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे करोड़ों रुपए की संपत्तियों और निवेश का पता चला है।

    जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी ने केवल अपने नाम पर ही नहीं बल्कि बेटे बहू दामाद और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कई संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें आलीशान बंगले प्लॉट व्यावसायिक भवन और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। पीथमपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपए की फैक्ट्री और अन्य निर्माण कार्य भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। लोकायुक्त अब इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और उनमें लगाए गए धन के स्रोत की गहन जांच कर रही है।

    छापेमारी के दौरान कई लग्जरी वाहन और महंगे घरेलू सामान भी जांच के दायरे में आए हैं। टीम ने संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है ताकि वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन किया जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि आगे की पड़ताल में और भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में डीएसपी सुनील तालान आनंद चौहान दिनेश पटेल दीपक शेजवार सहित कई अधिकारी अलग अलग स्थानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। बैंक खातों लेनदेन बेनामी संपत्तियों और निवेश के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

    जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि संपत्ति के स्रोत संतोषजनक नहीं पाए गए तो संबंधित संपत्तियों की जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई को मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात

    इंदौर में संपत्ति विवाद पर रिश्तेदारों का तांडव शिकायत के बाद फिर घर पहुंचकर किया हमला सीसीटीवी में कैद वारदात


    इंदौर । इंदौर में पुश्तैनी मकान के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के बीच संपत्ति विवाद इतना बढ़ गया कि महिला और उसके परिजनों पर दो अलग अलग स्थानों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही समय बाद आरोपी दोबारा उसके पुश्तैनी घर पहुंचे और लाठी डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े तक फट गए। बीच बचाव करने आए उसके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं।

    पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसके चाचा के निधन के बाद नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान को लेकर परिवार के कुछ सदस्यों के बीच विवाद शुरू हो गया था। शनिवार दोपहर इसी विवाद के चलते हीरा नगर क्षेत्र में महिला और उसकी मां के साथ कथित रूप से मारपीट की गई जिसमें दोनों घायल हो गईं। घटना के बाद महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जबकि उसकी मां उपचार और चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल चली गई।

    पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के कुछ ही समय बाद आरोपी अपने कई साथियों के साथ नेहरू नगर स्थित पुश्तैनी मकान पहुंच गए। वहां उन्होंने दोबारा विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर महिला अपने भाई के साथ घर पहुंची तो आरोपियों ने कथित रूप से लाठी डंडों से हमला कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फट गए जबकि उसके भाई के हाथ में गंभीर चोट आई।

    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। पुलिस अब इन फुटेज की जांच कर रही है ताकि घटना के क्रम और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

    एमआईजी थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालना आवश्यक है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।

  • इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    इंदौर में फैली सनसनी घर की पहली मंजिल पर मिला कारोबारी का शव पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    इंदौर । इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक कारोबारी का खून से सना शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कमल कुमावत के रूप में हुई है जो अलमारी बनाने का कारखाना संचालित करते थे। प्रारंभिक जांच में उनके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। कमरे में बिखरा सामान और शव के पास खून से सना चाकू मिलने के बाद पुलिस हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना का पता उस समय चला जब रविवार सुबह कमल कुमावत काफी देर तक अपने कमरे से नीचे नहीं आए। इस पर उनके भाई शेखर उन्हें देखने पहली मंजिल पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्होंने अंदर खून फैला हुआ देखा और कमल कुमावत का शव जमीन पर पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख पुकार मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही चंदन नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में कमरे का सामान अस्त व्यस्त मिला जिससे संघर्ष होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि वारदात से पहले मृतक और किसी व्यक्ति के बीच झड़प हुई हो सकती है।

    जांच के दौरान शव के पास खून से सना एक चाकू भी बरामद हुआ है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यही हथियार वारदात में इस्तेमाल किया गया या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण और चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

    परिजनों ने बताया कि कमल कुमावत लंबे समय से अलमारी बनाने का कारखाना चला रहे थे। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। उनके दो बच्चे घटना के समय गांव गए हुए थे। परिवार में उनके तीन भाई भी हैं। पुलिस परिवार के सदस्यों रिश्तेदारों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि किसी संभावित रंजिश या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।

    इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पोस्टमार्टम और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह सुनियोजित हत्या थी या घटना के पीछे कोई अन्य वजह है।