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  • तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी

    तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह चाय की गुमटी में घुसी कार सीसीटीवी के आधार पर ड्राइवर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में तेज रफ्तार का एक और मामला सामने आया है जहां रविवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी चाय की गुमटी में जा घुसी। हादसे के बाद चालक ने कार को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन रिवर्स लेते समय वहां खड़ी दो बाइकों को भी टक्कर मार दी। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई और लोगों ने चालक को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    यह हादसा लसूडिया थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 78 स्थित टेलीपरफॉर्मेंस कार्यालय के बाहर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रही एक अर्टिगा कार अचानक असंतुलित हो गई और सीधे सड़क किनारे स्थित चाय की गुमटी में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि गुमटी को नुकसान पहुंचा और आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि चालक नशे की हालत में था। हादसे के बाद उसने कार को रिवर्स कर निकालने की कोशिश की लेकिन इस दौरान पास में खड़ी दो मोटरसाइकिलें उसकी चपेट में आ गईं। इतना ही नहीं कार सड़क किनारे खड़े लोगों की ओर भी बढ़ गई जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। हालांकि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।

    घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने और पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह तेजी से कार लेकर वहां से भाग निकला। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज की मदद से कार के पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुर्घटना के कारण हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाती है। पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने की अपील की है ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी

    पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में चर्चित पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पत्नी की हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अखिलेश सैनी का संदिग्ध परिस्थितियों में गंजबासौदा के पास रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना है। शव धड़ के रूप में मिला है जबकि सिर गायब है। पुलिस ने शव की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होने की बात कही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा पहचान की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार गंजबासौदा और पवई के बीच रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़े होने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रेलवे पटरी पर केवल धड़ मिला जबकि सिर घटनास्थल पर नहीं था। पुलिस ने आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया लेकिन सिर बरामद नहीं हो सका। शव की जेब से आधार कार्ड सहित कुछ दस्तावेज और एक कथित सुसाइड नोट मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस नोट की सत्यता और उसके विषय की भी जांच कर रही है।

    इधर सूचना मिलने के बाद इंदौर पुलिस की टीम और अखिलेश के परिजन गंजबासौदा के लिए रवाना हो गए हैं ताकि शव की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के बाद फरार रहने के दौरान अखिलेश पिछले कई दिनों तक कहां रहा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    गौरतलब है कि 11 जुलाई को इंदौर स्थित सरकारी आवास में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब उनके दोनों बच्चे स्कूल से लौटे और घर के भीतर मां को खून से लथपथ पड़ा पाया। घटना के बाद से ही पति अखिलेश सैनी फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। उस पर घोषित इनाम भी बढ़ाकर बीस हजार रुपए कर दिया गया था।

    जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार बेटी ने पुलिस को बताया था कि पिता लंबे समय से मां पर बेबुनियाद शक करते थे और पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट कर चुके थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने कपड़े बदले और बच्चों के स्कूल जाकर उन्हें दूसरी जगह भेजने की कोशिश की थी। आरोप है कि वारदात के समय घर में टीवी की आवाज बहुत तेज कर दी गई थी ताकि शोर बाहर न जा सके।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उर्मिला सैनी की हत्या को बेहद क्रूर बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में विशेष प्रकार के धारदार हथियार का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में कई तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए थे तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही थी।

    अब आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद यह मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस आत्महत्या हत्या या किसी अन्य संभावना सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही अखिलेश की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत

    पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत


    मध्य प्रदेश। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 39 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि परिवार से कह देना कि अब मैं नहीं रहा। इसके कुछ ही देर बाद उसने यह कदम उठा लिया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साईं सुमन नगर निवासी विशाल चौहान के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रविवार को अवकाश होने के कारण वह घर पर ही मौजूद था। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे।

    मृतक के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि उन्हें विशाल के दोस्त का फोन आया था, लेकिन बाइक चलाने के कारण वह कॉल नहीं उठा सके। कुछ देर बाद जब उन्होंने वापस फोन किया तो दोस्त ने बताया कि विशाल ने आखिरी बार फोन कर कहा था कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहेगा और परिवार को इसकी जानकारी दे देना। यह सुनते ही अनिल ने विशाल के भाई से संपर्क किया, लेकिन वह भी घर पर मौजूद नहीं था। बाद में मां को सूचना दी गई। जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो विशाल कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक विशाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। उसकी पत्नी पिछले करीब दो महीने से एरोड्रम क्षेत्र स्थित अपने मायके में रह रही थी। परिवार का कहना है कि पत्नी के वापस नहीं आने से वह मानसिक तनाव में था। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें या तुरंत स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अथवा हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

  • इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक, इंजीनियर से ₹1.12 लाख और छात्रा से ₹40 हजार की ऑनलाइन ठगी

    इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक, इंजीनियर से ₹1.12 लाख और छात्रा से ₹40 हजार की ऑनलाइन ठगी


    इंदौर  इंदौर में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शहर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामलों में बदमाशों ने एक सिविल इंजीनियर और एक छात्रा को अपना शिकार बनाकर कुल 1.52 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी कर ली। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है, जहां धनवंतरी नगर स्थित साईं विला अपार्टमेंट निवासी सिविल इंजीनियर आनंद बनवडीकर के क्रेडिट कार्ड से बिना उनकी अनुमति के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर दिए गए। आनंद के मुताबिक 8 जुलाई को दोपहर उनके मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। जांच करने पर पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से दो बार 51-51 हजार रुपए और दूसरे क्रेडिट कार्ड से 10 हजार रुपए का भुगतान किया गया। इस तरह कुल 1 लाख 12 हजार रुपए उनके खाते से निकल गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने बैंक से संपर्क कर दोनों क्रेडिट कार्ड तत्काल ब्लॉक करवा दिए। शिकायत में बताया गया है कि ट्रांजेक्शन अमेजन सेलर सर्विस और कैशफ्री इनोवेटिव रिटेल आईडी के माध्यम से किए गए। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और ऑनलाइन भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है।

    दूसरा मामला भंवरकुआ थाना क्षेत्र का है, जहां एक छात्रा इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान साइबर ठगी का शिकार हो गई। छात्रा मोना नागर ने पुलिस को बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर ‘सुमन वूमन’ नाम के अकाउंट से 999 रुपए की ड्रेस ऑर्डर की थी। ऑर्डर के बाद एक युवक ने फोन कर वेरिफिकेशन के नाम पर पहले 500 रुपए जमा कराने को कहा।

    युवक ने बातचीत के दौरान अलग-अलग प्रक्रिया बताकर कई बार ऑनलाइन भुगतान कराया। छात्रा उसकी बातों में आ गई और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से करीब 40 हजार रुपए निकल गए। ठगी का एहसास होने पर उसने तत्काल साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई।

    दोनों मामलों में पुलिस डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित ऑनलाइन अकाउंट की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वेरिफिकेशन लिंक या सोशल मीडिया शॉपिंग ऑफर पर बिना पुष्टि किए भुगतान न करें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक तथा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत

    बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत


    मध्य प्रदेश। मानसून के दौरान जर्जर भवनों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए इंदौर नगर निगम ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को निगम की टीम ने जेल रोड स्थित एक खतरनाक मकान को मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया। वहीं पास ही स्थित एक अन्य भवन की जर्जर गैलरी को हटाने के लिए मकान मालिक को दो दिन का अंतिम समय दिया गया है। इसके अलावा कुमार मोहल्ला में नगर निगम के पुराने और जर्जर क्वार्टरों को भी हटाने की कार्रवाई की गई।

    नगर निगम की कार्रवाई जोन क्रमांक-3 के अंतर्गत जेल रोड क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है और जिन इमारतों से दुर्घटना की आशंका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है।

    अधिकारियों के अनुसार जेल रोड स्थित भवन के समीप मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लगातार हो रहे कंपन के कारण भवन की गैलरी हिलने लगी थी और उसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। इसी खतरे को देखते हुए निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को गिरा दिया, ताकि बारिश के दौरान कोई बड़ा हादसा न हो।

    कार्रवाई के दौरान पास के एक अन्य मकान की गैलरी भी बेहद जर्जर पाई गई। भवन स्वामिनी विनोदिनी अग्रवाल मौके पर मौजूद नहीं थीं, इसलिए निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर गैलरी हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम स्वयं गैलरी हटाकर खर्च की वसूली नियमानुसार करेगा।

    इसके बाद निगम का अमला कुमार मोहल्ला पहुंचा, जहां नगर निगम के पुराने और अनुपयोगी क्वार्टरों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले कर्मचारियों ने भवनों से सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया और उसके बाद मशीनों की मदद से जर्जर ढांचों को तोड़ दिया गया।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मकान का कोई हिस्सा कमजोर या जर्जर हो चुका है तो उसे समय रहते हटवा लें। इससे बारिश के दौरान भवन गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सकेगा और जनहानि की आशंका भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में शहरभर में ऐसे जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

  • हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में

    हॉर्न से भड़का युवक, दंपती की कार पर बरपाया कहर; बोनट पर चढ़कर की तोड़फोड़, दो हिरासत में


    इंदौर इंदौर में बीच सड़क पर मामूली बात को लेकर दबंगई का एक और मामला सामने आया है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में रविवार रात रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाना एक दंपती को भारी पड़ गया। बीच सड़क पर खड़े युवक ने गुस्से में कार पर हमला बोल दिया। उसने पहले कार के बोनट पर चढ़कर हंगामा किया और फिर सामने का शीशा सहित कई कांच तोड़ दिए। पूरी घटना कार में बैठे दंपती ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार सिंधी कॉलोनी निवासी बाबू पंजवानी अपनी पत्नी के साथ कार से पलासिया चौराहे के पास से गुजर रहे थे। शराब दुकान के सामने सड़क के बीच एक युवक खड़ा था, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो गया था। दंपती ने केवल रास्ता खाली कराने के लिए हॉर्न बजाया, लेकिन युवक इस बात पर भड़क गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने पहले कार के बोनट पर हाथ मारकर गुस्सा जाहिर किया और फिर सीधे बोनट पर चढ़ गया। इसके बाद उसने कार के आगे के शीशे और अन्य कांच तोड़ दिए। पूरी घटना के दौरान दंपती कार के अंदर ही मौजूद रहे और अपनी सुरक्षा के लिए बाहर नहीं निकले। उन्होंने मोबाइल से पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली।

    घटना के बाद पीड़ित दंपती रावजी बाजार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाबू पिता मुकेश (19) निवासी भोरासला तथा अंकित पिता दिलीप केलवा (23) निवासी गोविंद नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बाबू नल फिटिंग का काम करता है, जबकि अंकित एक सैलून संचालित करता है।

    पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की गुंडागर्दी और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • 5 दिन की राहत के बाद फिर बदलेगा मौसम, 16 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम, मध्यप्रदेश में तेज बारिश की संभावना

    5 दिन की राहत के बाद फिर बदलेगा मौसम, 16 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम, मध्यप्रदेश में तेज बारिश की संभावना


    मध्य प्रदेश। इंदौर के सुमन नगर इलाके में 23 जून को हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट की भयावहता अब भी लोगों के जेहन में ताजा है। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 38 वर्षीय विजय पटेल उर्फ लल्ला पिछले 20 दिनों से अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनका पूरा शरीर आग की लपटों में घिर गया था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जलती हुई हालत में करीब 200 मीटर तक दौड़ने और सड़क पर लेट-लेटकर आग बुझाने के बाद किसी तरह अपनी जान बचाई। अब उनका परिवार इलाज, मुआवजे और सरकारी मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।

    23 जून की दोपहर सुमन नगर जैन मंदिर के पास अवंतिका गैस पाइपलाइन में अचानक विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग का विशाल गुबार उठा और कुछ ही सेकेंड में आसपास का इलाका उसकी चपेट में आ गया। विजय पटेल उस समय बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे और सीधे आग की लपटों में घिर गए। कुछ ही पलों में उनका पूरा शरीर जलने लगा। आसपास मौजूद लोग हादसा देखते रहे, लेकिन कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

    अपनी जान बचाने के लिए विजय ने जलती हुई बाइक छोड़ दी और दौड़ना शुरू कर दिया। करीब 200 मीटर तक भागने के बाद भी जब कहीं पानी नहीं मिला तो उन्होंने सड़क पर बार-बार लेटकर शरीर में लगी आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग तो बुझ गई, लेकिन तब तक उनका शरीर करीब 40 प्रतिशत तक झुलस चुका था।

    गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विजय ने हिम्मत नहीं छोड़ी। किसी तरह अपने घर पहुंचे और पत्नी माया को आवाज लगाकर बताया कि वह आग में झुलस गए हैं। पति की हालत देखकर माया तुरंत उन्हें रिक्शे से नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचीं, लेकिन वहां बर्न यूनिट नहीं होने के कारण पहले अरविंदो अस्पताल और बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। फिलहाल उनकी दो सर्जरी हो चुकी हैं, जबकि तीसरी सर्जरी अभी बाकी है।

    माया पटेल का आरोप है कि हादसे के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से समय पर मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद शुरुआती दो दिनों तक किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने सुध नहीं ली। विरोध दर्ज कराने के बाद तीसरे दिन उनके पति को बेहतर इलाज के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहत और मुआवजा प्रक्रिया में शुरुआत में उनके पति का नाम तक शामिल नहीं किया गया था। बाद में कानूनी मदद लेकर दस्तावेज पूरे किए गए, तब जाकर कार्रवाई आगे बढ़ सकी।

    डॉक्टरों के अनुसार विजय को पूरी तरह स्वस्थ होने में छह से सात महीने लग सकते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अब गंभीर संकट में है क्योंकि विजय ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। लंबे इलाज और काम करने में असमर्थता के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    माया ने राज्य सरकार से पति के इलाज का पूरा खर्च उठाने, उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे ने केवल उनके पति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य को संकट में डाल दिया है। अब उन्हें सरकार से सिर्फ न्याय, सहारा और संवेदनशील सहयोग की उम्मीद है।

  • इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव

    इंदौर के होटल में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: मोबाइल पर बात करते हुए कमरे में गया, देर रात स्टाफ ने देखा शव


    इंदौर । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करने वाले एक युवक की फंदे से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात की है। होटल कर्मचारियों ने जब युवक को काफी देर तक रिसेप्शन पर नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की। स्टाफ रूम में पहुंचने पर वह फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार घटना खालसा चौक स्थित ड्रीम पैलेस होटल की है। मृतक की पहचान सिवनी जिले के रहने वाले सोनू पुत्र सरदार बंजारा के रूप में हुई है। वह होटल में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था और रात की ड्यूटी संभाल रहा था।

    होटल कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि देर रात कुछ ग्राहक होटल पहुंचे और काफी देर तक रिसेप्शन पर आवाज लगाते रहे लेकिन सोनू वहां नहीं आया। जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला तो एक कर्मचारी उसे तलाशते हुए स्टाफ के कमरे तक पहुंचा। वहां का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। सोनू कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    घटना की जांच के दौरान पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सोनू मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए अपने कमरे की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह बाहर नहीं निकला। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है ताकि घटना से पहले हुई बातचीत और संभावित कारणों का पता लगाया जा सके।

    होटल प्रबंधन के मुताबिक सोनू करीब एक महीने पहले ही काम की तलाश में होटल पहुंचा था और उसे नौकरी पर रखा गया था। नियुक्ति के समय उसका आधार कार्ड लिया गया था लेकिन उसके पिछले कार्यस्थल या निजी परिस्थितियों की जानकारी होटल प्रबंधन के पास नहीं है। पुलिस अब उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है और उनसे पूछताछ के बाद आगे की जांच करेगी।

    इधर शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र से भी एक संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इंद्रा नगर निवासी सनोज पुत्र रामदास को परिजन मृत अवस्था में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में भी जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    लसूडिया पुलिस का कहना है कि फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद परिजन, मित्र या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।

  • एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित

    एमपी में लोकसभा सीटों का बड़ा विस्तार संभव, भोपाल-इंदौर समेत 15 नई सीटों का प्रस्ताव, बदल सकता है चुनावी गणित


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजनीति आने वाले वर्षों में बड़े बदलाव के दौर से गुजर सकती है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की एक अध्ययन रिपोर्ट में भविष्य के परिसीमन के दौरान राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या 29 से बढ़ाकर 44 किए जाने का सुझाव दिया गया है। यानी मध्य प्रदेश को 15 नई लोकसभा सीटें मिल सकती हैं। हालांकि परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम परिसीमन प्रस्ताव नहीं बल्कि प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक अध्ययन मॉडल है।

    रिपोर्ट में देशभर में मौजूदा 543 लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 824 करने और बड़े संसदीय क्षेत्रों को दो या तीन हिस्सों में विभाजित करने की सिफारिश की गई है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश में लगभग 52 प्रतिशत सीटें बढ़ने की संभावना जताई गई है। यदि भविष्य में इस दिशा में फैसला होता है तो राज्य के चुनावी और राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार भविष्य का परिसीमन केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए मतदाताओं की संख्या, भौगोलिक क्षेत्रफल, शहरीकरण, अनुसूचित जाति और जनजाति की आबादी, सामाजिक और भाषाई विविधता तथा मतदान प्रतिशत जैसे कई मानकों को भी महत्व देने का सुझाव दिया गया है। परिषद का मानना है कि इससे सांसद और मतदाताओं के बीच संपर्क बेहतर होगा तथा निर्वाचन क्षेत्रों का संतुलित विकास संभव हो सकेगा।

    सबसे अधिक असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा और छिंदवाड़ा जैसे बड़े संसदीय क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और शहरी विस्तार भी तेजी से हो रहा है। वहीं नए जिले मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा भी भविष्य के परिसीमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रिपोर्ट में मालवा-निमाड़ और महाकौशल क्षेत्रों में सबसे अधिक बदलाव की संभावना जताई गई है। मालवा-निमाड़ की मौजूदा नौ लोकसभा सीटों में इंदौर, उज्जैन, धार और खरगोन जैसे बड़े क्षेत्रों का विभाजन कर सीटों की संख्या 13 तक पहुंच सकती है। इसी तरह महाकौशल क्षेत्र की छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला और बालाघाट जैसी सीटों का पुनर्गठन कर यहां लोकसभा सीटों की संख्या चार से बढ़ाकर आठ किए जाने की संभावना बताई गई है।

    यदि मध्य प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 44 होती है तो राष्ट्रीय राजनीति में राज्य की भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। संसद में अधिक प्रतिनिधित्व मिलने के साथ केंद्र सरकार में राज्य की भागीदारी भी मजबूत हो सकती है। वहीं राजनीतिक दलों को नए परिसीमन के अनुसार संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति में व्यापक बदलाव करने पड़ सकते हैं क्योंकि कई संसदीय क्षेत्रों की सीमाएं बदल जाएंगी।

    रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार नए परिसीमन की स्थिति में भोपाल, इंदौर, नागदा, बीना, ग्वालियर शहर, सीहोर, मऊगंज और लांजी जैसे क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति मजबूत रह सकती है। वहीं पांढुर्णा, सरदारपुर, बड़वानी, डिंडौरी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में कांग्रेस को नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि यह केवल अध्ययन आधारित आकलन है और अंतिम निर्णय भविष्य में होने वाले आधिकारिक परिसीमन पर निर्भर करेगा।

  • इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर

    इंदौर में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे चले, महिलाओं की शिकायत पर दोनों ओर से एफआईआर


    नई दिल्ली । इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पहले हुई कहासुनी के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार वैष्णवी अग्रवाल की शिकायत पर नया बेसरा निवासी सादिक उस्मान गनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि सादिक अक्सर क्षेत्र में विवाद करता है। रविवार रात करीब नौ बजे वह घर के बाहर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर वैष्णवी के पति और अन्य लोग बाहर आए तथा उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सादिक ने वैष्णवी के पति के साथ मारपीट कर दी। इसके बाद दंपती गांधी नगर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

    दूसरी ओर सादिक गनी की पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि वैष्णवी अग्रवाल और उनके पति कालूसिंह अग्रवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार कालूसिंह ने डंडे से हमला किया जिससे उनके हाथ में चोट आई। महिला का यह भी आरोप है कि जब उनके पति सादिक बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा ताकि स्थिति सामान्य हो सके।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।