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  • जॉइंट डायरेक्टर के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 9.5 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

    जॉइंट डायरेक्टर के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 9.5 करोड़ की संपत्ति का खुलासा


    मध्यप्रदेश। इंदौर में बुधवार सुबह लोकायुक्त संगठन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सामने आए शुरुआती तथ्यों ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया। लोकायुक्त की प्राथमिक जांच में कंडवाल के पास उनकी वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। अब तक की जांच में करीब 9.5 करोड़ रुपए की संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि उनके पूरे सेवाकाल की अनुमानित वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपए आंकी गई है।

    लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर अलग-अलग टीमों ने सुबह करीब छह बजे एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की।

    कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि संयुक्त संचालक और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में लोकायुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के पहुंचने से संबंधित इलाकों में चर्चा का माहौल बन गया। जांच के दौरान अधिकारियों को कई ऐसे निवेश और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मिले, जिनकी भव्यता ने टीम को भी चौंका दिया।

    सबसे अधिक चर्चा एक दो मंजिला आधुनिक जिम सेंटर को लेकर रही। जांच में सामने आया कि कंडवाल से जुड़ा यह फिटनेस सेंटर अत्याधुनिक सुविधाओं और महंगी मशीनों से सुसज्जित है। बताया जा रहा है कि यह शहर के प्रमुख निजी जिमों में शामिल है। इसके अलावा एक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर की भी जांच की गई, जहां रोजमर्रा के उपभोक्ता सामानों का बड़े पैमाने पर कारोबार संचालित किया जा रहा था।

    लोकायुक्त टीम को अब तक पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के आसपास 12 प्लॉट, इंदौर में एक व्यावसायिक प्लॉट और अन्य अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही एक बैंक लॉकर की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी जांच और तलाशी की प्रक्रिया आगे की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि संपत्ति का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल जारी है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि अपने सेवाकाल के दौरान कंडवाल झाबुआ, रतलाम, नीमच, रीवा, शहडोल, उज्जैन, देवास और इंदौर सहित कई जिलों में पदस्थ रहे हैं। लोकायुक्त अब उनकी आय के स्रोतों, निवेश के तरीकों और संपत्ति अर्जित करने की प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर रही है।

    इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्यांकन, निवेश के स्रोत और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

  • राजवाड़ा में गूंजा मालवा का रंग, विदेशी मेहमानों ने किया लोकनृत्य

    राजवाड़ा में गूंजा मालवा का रंग, विदेशी मेहमानों ने किया लोकनृत्य


    मध्यप्रदेश। इंदौर में आयोजित पांच दिवसीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के दूसरे दिन शहर की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण विकास मॉडल ने विदेशी प्रतिनिधियों का दिल जीत लिया। बुधवार सुबह 20 देशों से आए प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक राजवाड़ा पहुंचकर इंदौर की समृद्ध विरासत, संस्कृति और इतिहास को करीब से जाना। इस दौरान विदेशी मेहमानों ने न केवल शहर की ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया, बल्कि मालवा की लोक संस्कृति और कृषि उत्पादों का भी अनुभव किया।

    राजवाड़ा पहुंचने पर प्रतिनिधियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। होलकरकालीन इस ऐतिहासिक धरोहर के महत्व और इंदौर के गौरवशाली इतिहास की जानकारी इतिहासकार जफर अंसारी ने दी। उन्होंने मेहमानों को राजवाड़ा के स्थापत्य, होलकर राजवंश के योगदान और शहर की सांस्कृतिक विरासत के बारे में विस्तार से बताया। विदेशी प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक भवन की वास्तुकला और उसकी भव्यता की सराहना की।

    इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार पहुंचा, जहां मध्यप्रदेश की कृषि, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्यमिता और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। यहां विदेशी मेहमानों का मालवी परंपरा के अनुसार स्वागत किया गया। उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया, जिससे वे बेहद उत्साहित नजर आए।

    ग्रामीण हाट में जनजातीय और लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। ढोल-मांदल और लोकधुनों की गूंज के बीच कई विदेशी प्रतिनिधि स्वयं को रोक नहीं सके और कलाकारों के साथ मंच पर थिरकते दिखाई दिए। मालवा की संस्कृति से उनका यह जुड़ाव सम्मेलन का सबसे आकर्षक दृश्य बन गया। विदेशी मेहमानों ने लोकनृत्य की लय और उत्साह की खुलकर सराहना की।

    प्रतिनिधियों ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के तहत लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया। बुरहानपुर के केले से बने उत्पाद, बालाघाट का जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल, रीवा के प्रसिद्ध आम, झाबुआ की पारंपरिक फसलें और अन्य कृषि उत्पादों ने उनका ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से मध्यप्रदेश के आमों का स्वाद विदेशी प्रतिनिधियों को खूब पसंद आया। उन्होंने आमों की गुणवत्ता, मिठास और सुगंध की प्रशंसा करते हुए इसे प्रदेश की विशेष पहचान बताया।

    मृगनयनी के स्टॉल पर प्रदर्शित चंदेरी, महेश्वरी और कोसा वस्त्रों ने भी मेहमानों को प्रभावित किया। इसके अलावा प्राकृतिक शहद, ए-2 दुग्ध उत्पाद, हर्बल सामग्री और महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को भी खूब सराहना मिली। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता के प्रयासों की प्रशंसा की।

    ब्रिक्स कृषि सम्मेलन के माध्यम से मध्यप्रदेश ने दुनिया के सामने अपनी कृषि क्षमता, प्राकृतिक खेती के मॉडल, ग्रामीण नवाचार और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। विदेशी प्रतिनिधियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने यह साबित कर दिया कि प्रदेश न केवल कृषि क्षेत्र में बल्कि संस्कृति और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद

    इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद


    मध्यप्रदेश । इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पीड़िता डॉ. इंद्रा भट्ट ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में पुजारी पुनित भट्ट से विवाह के बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। इस मामले में महिला थाना इंदौर में पुजारी परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज है। साथ ही घरेलू हिंसा का मामला भी अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है।

    मंदिर से हटाने और गर्भगृह प्रवेश पर रोक की मांग
    पीड़िता ने अब कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर मांग की है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, संबंधित पुजारियों को मंदिर में पूजा कार्य और गर्भगृह में प्रवेश से रोका जाए। उनका कहना है कि खजराना गणेश मंदिर राज्य अधिनियम के तहत संचालित होता है, इसलिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें अस्थायी रूप से जिम्मेदारियों से हटाया जाना चाहिए।

    अनियमितताओं के भी लगाए आरोप
    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली दक्षिणा के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि उनके पास इसके समर्थन में वीडियो और दस्तावेज मौजूद हैं।

    कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक मांग
    पीड़िता के वकील का कहना है कि मंदिर अधिनियम के तहत प्रशासन को अधिकार है कि वह जांच लंबित रहने तक पुजारियों को सेवा से अलग कर सकता है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जा रहा है।

    आगे बढ़ सकता है मामला
    पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वह मुख्यमंत्री तक मामला लेकर जाएंगी। अब यह मामला केवल घरेलू विवाद न रहकर प्रशासनिक और धार्मिक संस्थान की भूमिका तक पहुंच गया है।

  • इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    मध्यप्रदेश । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित राहुल गांधी नगर में 36 वर्षीय विजय रावत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विजय पेशे से ड्राइवर था और पत्नी व तीन साल के बेटे के साथ रहता था। घटना के समय पत्नी काम पर गई हुई थी और बेटा नानी के घर था।

    परिजनों के मुताबिक परिवार में तीन भाई हैं और सभी अलग-अलग रहते हैं। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जब पत्नी घर लौटी तो उसने विजय को फंदे पर लटका पाया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

    जूनी इंदौर में ससुराल में रहने वाले युवक ने दी जान
    दूसरी घटना जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की है, जहां 32 वर्षीय पीयूष खटीक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीयूष अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ससुराल में रहता था। पुलिस के अनुसार देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद की आवाजें पड़ोसियों ने सुनी थीं। बाद में पत्नी ने सुबह पति को फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने बताया कि पीयूष प्रेम विवाह के बाद ससुराल में रह रहा था और नौकरी को लेकर दंपति में अक्सर विवाद होता था।

    पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
    दोनो ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • इंदौर में कल से शुरू होगा BRICS देशों का सम्मेलन, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

    इंदौर में कल से शुरू होगा BRICS देशों का सम्मेलन, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। कल यानी 9 जून से यहां ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों का अहम सम्मेलन शुरू होगा, जिसमें भारत सहित लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी क्रम में यह महत्वपूर्ण बैठक इंदौर में आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और आज यह समूह 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ वैश्विक स्तर पर बेहद प्रभावशाली बन चुका है।

    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों से जुड़ा है, जिससे यह मंच वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

    भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। 2016 में भारत ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच जैसी बड़ी पहल शुरू की थी, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना था।

    इस बार इंदौर सम्मेलन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहली बार ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक मंत्री स्तर पर आयोजित की जा रही है। इसमें सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    सम्मेलन में मुख्य रूप से चार प्रमुख विषयों पर फोकस किया जाएगा-खाद्य सुरक्षा एवं पोषण, कृषि व्यापार और सहयोग, जलवायु अनुकूलन एवं सतत कृषि, तथा कृषि और खाद्य प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति का केंद्र हमेशा छोटे और सीमांत किसान रहे हैं। उनके अनुसार, किसानों की आय बढ़ाना, कृषि ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और कृषि अनुसंधान का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है।

    कार्यक्रम के दौरान 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी, जबकि 12 से 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष चर्चा भी होगी।

    पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन में “ब्रिक्स वाटिका” का निर्माण और सामूहिक वृक्षारोपण भी किया जाएगा। साथ ही विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर के प्रसिद्ध स्थलों जैसे राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

    सरकार का मानना है कि इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देगा और छोटे किसानों के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा।

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव

    इंदौर में बीजेपी नेता की बिल्डिंग पर फिर पथराव, दो गुटों में टकराव से तनाव


    मध्‍य प्रदेश। इंदौर के उषा नगर इलाके में रविवार का दिन उस समय तनावपूर्ण बन गया जब बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे की बिल्डिंग पर दो अलग-अलग बार पथराव की घटनाएं सामने आईं। सुबह जहां कुछ अज्ञात युवकों ने बिल्डिंग पर हमला कर ऑफिस के शीशे तोड़ दिए, वहीं शाम को भी एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उनके घर पर फिर से पत्थर फेंके जाते दिखाई दिए। लगातार हुई इन घटनाओं से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    पूरा विवाद एक सामान्य सी बात से शुरू हुआ था, जो बाद में राजनीतिक और सामाजिक तनाव में बदल गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात डॉग घुमाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर डॉग मालिक और बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट तक पहुंच गई।

    इस विवाद में एक पक्ष ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि दूसरा पक्ष भी बीजेपी से जुड़ा हुआ है और स्थानीय गुटीय राजनीति से इसका संबंध माना जा रहा है। यही कारण है कि इस पूरे मामले को अब पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    मामला विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 का बताया जा रहा है, जहां बीजेपी नेता मालिनी गौड़ के पीए वीरेंद्र शेडगे रहते हैं। घटना के बाद क्षेत्र में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

    इसी बीच पुलिस ने चेतन पाटिल के दोस्त की शिकायत पर वीरेंद्र शेडगे, गिरीश शेडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष ईमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितोडा, अमित कोकाटे सहित अन्य लोगों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

    हालांकि, विवाद के बाद स्थिति और जटिल हो गई जब एक और वीडियो सामने आया जिसमें फिर से पथराव की घटना दिखाई दी। इसके बाद पार्टी ने वीरेंद्र शेडगे को निष्कासित कर दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

    सूत्रों के अनुसार, दूसरा पक्ष भी स्थानीय बीजेपी नेताओं से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद न रहकर राजनीतिक गुटबाजी का रूप ले चुका है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी वीडियो, बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज

    इंस्टाग्राम पर दोस्ती, शादी का झांसा और फिर धमकियां: इंदौर में कॉलेज छात्रा की शिकायत पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक कॉलेज छात्रा को कथित रूप से परेशान करने और धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर उससे दोस्ती की, लेकिन बाद में उसके शादीशुदा होने की जानकारी सामने आने पर जब उसने संबंध समाप्त कर दिए तो युवक उसे लगातार परेशान करने लगा।

    पुलिस के अनुसार छात्रा की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से सिद्धार्थ पचोरे नामक युवक से हुई थी। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे संपर्क बढ़ता गया। शिकायत के मुताबिक इसी दौरान आरोपी ने छात्रा के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। भरोसे में आकर छात्रा ने भी इस संबंध को गंभीरता से लिया और दोनों के बीच बातचीत जारी रही।

    कुछ समय बाद छात्रा को जानकारी मिली कि युवक पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद छात्रा ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया। आरोप है कि युवक ने जवाब में पत्नी को तलाक देने की बात कही, लेकिन छात्रा ने उस पर विश्वास नहीं किया और उससे दूरी बना ली। इसके बाद उसने बातचीत पूरी तरह बंद कर दी।

    पीड़िता का आरोप है कि संपर्क खत्म होने के बाद आरोपी का व्यवहार आक्रामक हो गया। वह लगातार फोन, संदेश और अन्य माध्यमों से छात्रा पर दबाव बनाने लगा। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी आत्महत्या करने और उसमें छात्रा को फंसाने जैसी धमकियां देता था। इतना ही नहीं, उसने युवती के परिजनों को भी संदेश भेजकर मानसिक रूप से परेशान करने का प्रयास किया।

    छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी कई बार उसका पीछा भी करता था और रास्ते में रोककर बातचीत करने का दबाव बनाता था। शिकायत के अनुसार कुछ दिन पहले शाम के समय जब वह घर से बाहर निकली तो आरोपी ने रास्ते में रोककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना के बाद छात्रा ने परिवार को पूरी जानकारी दी और फिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इसी बीच शहर में छेड़छाड़ का एक अन्य मामला भी सामने आया है। पुलिस ने 17 वर्षीय स्कूली छात्रा की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार छात्रा जब सामान लेकर घर लौट रही थी, तब आरोपी ने उसे रास्ते में रोक लिया और मोबाइल नंबर मांगने लगा। आरोप है कि युवक ने जबरन उसका हाथ पकड़ने की भी कोशिश की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    दोनों मामलों ने एक बार फिर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते

    इंदौर में कचरे के ढेर में मिला नवजात का क्षत-विक्षत शव, आसपास मंडरा रहे थे कुत्ते


    मध्य प्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक और संवेदनशील घटना सामने आई, जिसने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक कॉलोनी के समीप कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में एक नवजात का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शव के आसपास कई आवारा कुत्ते घूम रहे थे। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे स्पष्ट था कि वह लंबे समय तक खुले स्थान पर पड़ा रहा होगा।

    खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार प्रथम दृष्टया नवजात लगभग छह से सात माह का प्री-मैच्योर शिशु प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कराई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मृत्यु किन कारणों से हुई और शव वहां कितने समय से पड़ा था।

    घटना की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस घटना पर दुख और चिंता व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस तरह नवजात को खुले में छोड़ देना बेहद अमानवीय और चिंताजनक घटना है।

    पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। इसके अलावा क्षेत्र के निवासियों, झुग्गी बस्ती के लोगों और आसपास के संस्थानों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं यह मामला अवैध गर्भपात, लावारिस प्रसव या किसी अन्य परिस्थिति से तो जुड़ा नहीं है।

    गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी एमवाय अस्पताल परिसर में एक नवजात का शव मिलने का मामला सामने आया था। अस्पताल के बाथरूम में मिले उस शव की जांच अब तक पूरी तरह किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर नवजातों की सुरक्षा, स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस क्षेत्र में यह शव मिला है, उसके आसपास चिकित्सा सुविधाएं और जांच केंद्र भी मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी संभावना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से बच रही है और जांच पूरी होने का इंतजार कर रही है।

    फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान नवजात की पहचान, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचने पर केंद्रित है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाले सुराग इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • 1 किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर बेटे को ले गए माता-पिता, तपती धूप में मां चुन्नी भिगोकर देती रही राहत

    1 किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर बेटे को ले गए माता-पिता, तपती धूप में मां चुन्नी भिगोकर देती रही राहत


    मध्य प्रदेश । इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल परिसर में शनिवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की सुविधा संबंधी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता खुद स्ट्रेचर पर धकेलते हुए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाते दिखाई दिए। यह तस्वीर न केवल एक परिवार की बेबसी बयां कर रही थी, बल्कि अस्पतालों में मौजूद व्यवस्थागत खामियों को भी उजागर कर रही थी।

    मामला 12 वर्षीय आदर्श का है, जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर समस्या से जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार बच्चे का पिछले करीब 15 दिनों से इलाज चल रहा है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसके बाद उसका उपचार एमवाय अस्पताल में जारी रहा। शनिवार को डॉक्टरों ने उसे आगे की जांच और परामर्श के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया।

    परिवार जब बच्चे को लेकर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचा तो वहां उन्हें बताया गया कि मरीज को भर्ती करने की आवश्यकता नहीं है और केवल उसकी मेडिकल फाइल तथा दस्तावेजों की जांच की जानी है। इस जानकारी के बाद परिजनों को फिर से बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा। दोनों अस्पतालों के बीच लगभग एक किलोमीटर की दूरी है, जिसे परिवार ने भीषण गर्मी में तय किया।

    इस दौरान सबसे मार्मिक दृश्य बच्चे की मां का था, जो लगातार पानी से अपनी चुन्नी भिगोकर बेटे के ऊपर डाल रही थी ताकि तेज धूप और गर्म हवाओं से उसे कुछ राहत मिल सके। वहीं पिता स्ट्रेचर को धकेलते हुए अस्पताल परिसर में मदद की तलाश करते रहे। परिजनों का आरोप है कि जरूरत के समय उन्हें कोई कर्मचारी, वार्ड बॉय या सहायक उपलब्ध नहीं हुआ, जिसके कारण उन्हें खुद ही मरीज को ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    घटना ने अस्पतालों में मरीज परिवहन व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को वार्ड, जांच केंद्र और अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक आउटसोर्स कंपनी को सौंपी गई है। इस व्यवस्था पर हर महीने बड़ी राशि खर्च की जाती है, लेकिन आरोप है कि जरूरत के समय स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और सहायक कर्मचारी उपलब्ध नहीं होते। इसका खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ता है।

    गौरतलब है कि संबंधित आउटसोर्स कंपनी पहले भी विभिन्न विवादों में घिर चुकी है। हाल के महीनों में सुरक्षा और व्यवस्थागत खामियों को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में यह नया मामला एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करता है।

    घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को किस अस्पताल से रेफर किया गया था और किन परिस्थितियों में परिजनों को स्वयं स्ट्रेचर धकेलना पड़ा।

    वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रभारी सुपरिटेंडेंट डॉ. पीयूष पंचारिया ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। बच्चे की स्थिति, भर्ती संबंधी जानकारी और उपचार प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

    फिलहाल इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता धूप में स्ट्रेचर पर ढोने को मजबूर हों, तो यह केवल एक परिवार की परेशानी नहीं बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चिंतन का विषय है।