Tag: Indore News

  • आग का कहर: इंदौर पेट्रोल पंप पर टैंकर में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

    आग का कहर: इंदौर पेट्रोल पंप पर टैंकर में लगी आग, ड्राइवर की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब मांगलिया इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप पर खड़े ईंधन टैंकर में अचानक आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जिसने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप पर एक खाली हो चुका टैंकर खड़ा था, जिसमें अचानक केबिन के हिस्से में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क उठी। आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी, क्योंकि पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थान पर जरा सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है।

    हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में ड्राइवर की सूझबूझ ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। जैसे ही उसे आग का अहसास हुआ, उसने तुरंत जलते हुए टैंकर को पेट्रोल पंप से दूर ले जाकर खड़ा कर दिया। इस त्वरित निर्णय से आग पंप के फ्यूल एरिया तक नहीं पहुंच पाई और बड़ा विस्फोट होने से बच गया।

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब एक टैंकर पानी की मदद से आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में यातायात को आंशिक रूप से रोक दिया, जबकि आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर हटाया गया।

    पेट्रोल पंप कर्मचारियों को भी तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

    Indore में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि जरा सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है, खासकर ईंधन भंडारण वाले स्थानों पर। हालांकि ड्राइवर की समय रहते की गई कार्रवाई और दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में दहशत का माहौल रहा, लेकिन आग पर काबू पाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

  • बाणगंगा पुलिस पर आरोप: 9 घंटे शव लेकर घूमते रहे परिजन, सिस्टम की बड़ी लापरवाही उजागर

    बाणगंगा पुलिस पर आरोप: 9 घंटे शव लेकर घूमते रहे परिजन, सिस्टम की बड़ी लापरवाही उजागर


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से सामने आया यह मामला सिस्टम की संवेदनहीनता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक 21 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत के बाद उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए परिजन लगभग 9 घंटे तक बाइक पर लेकर इधर-उधर भटकते रहे।

    घटना 11 मई की बताई जा रही है, जब निर्माणाधीन मकान में काम के दौरान युवक को करंट लग गया था। परिजन उसे तुरंत अरबिंदो अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिवार यह मानने को तैयार नहीं था और शव को लेकर दूसरी जगह इलाज के लिए निकल गया।

    यहीं से स्थिति और जटिल हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन बाणगंगा थाना पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और स्पष्ट रूप से कहा कि “अब शव ले गए हैं, तुम जानो तुम्हारा काम जाने।”

    इसके बाद परिजन शव को बाइक पर लेकर इंदौर और आसपास के इलाकों में अस्पताल दर अस्पताल घूमते रहे। सांवेर के एक अस्पताल में भी डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित किया, लेकिन तब तक परिवार मानसिक रूप से बेहद आहत और आक्रोशित हो चुका था।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब अलग-अलग जगहों पर पुलिस और अस्पताल के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दी। परिजन कई घंटों तक शव को लेकर सड़कों पर भटकते रहे, जिससे स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई।

    आखिरकार देर रात शव को वापस अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया, लेकिन अगले दिन भी पोस्टमॉर्टम में देरी को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की गई, तब जाकर पोस्टमॉर्टम हो सका और अंतिम संस्कार किया गया।

    इस पूरे मामले ने Indore में स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के बीच तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की स्थिति बनी हो और पुलिस की लापरवाही के कारण परिजन परेशान हुए हों।

    वहीं पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है और कहा है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना न केवल एक परिवार के दर्द को दिखाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि आपात स्थितियों में सिस्टम कितना तैयार और संवेदनशील है।

  • इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार

    इंदौर में बड़ा मामला: पुलिस पर मारपीट का आरोप, शादी और तलाक विवाद में फंसा परिवार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore में एक पारिवारिक विवाद अब पुलिस और एक डॉक्टर के बीच गंभीर टकराव में बदल गया है। हीरानगर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना के एक मामले के बाद डॉक्टर अभिषेक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

    पूरा मामला एक महिला की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था। महिला का कहना है कि उसकी शादी 29 नवंबर 2025 को हुई थी और शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका पति नोएडा चला गया था। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष उसे कार और पैसों के लिए प्रताड़ित करता था।

    महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, जेठ (डॉक्टर अभिषेक), सास-ससुर सहित पूरे परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सभी पक्षों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।

    इसी दौरान मामला तब और बढ़ गया जब डॉक्टर अभिषेक ने पुलिस पर ही मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगा दिए। उनका कहना है कि उन्हें थाने में बुलाकर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

    थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने केवल कानूनी कार्रवाई के तहत पूछताछ की थी और आरोपों से बचने के लिए डॉक्टर झूठे आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और दहेज प्रताड़ना के मामले में पर्याप्त सबूतों के आधार पर FIR दर्ज हुई है।

    इस पूरे विवाद में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है, जिसमें महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति नोएडा में किसी अन्य युवक के साथ रह रहा है और वह उससे तलाक लेना चाहता है।

    वहीं, पूछताछ के दौरान डॉक्टर अभिषेक ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस उन्हें अस्पताल भी ले गई, लेकिन जांच में उनकी स्थिति सामान्य पाई गई।

    फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच मामला और जटिल होता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • डॉग फीडिंग के दौरान युवक पर हमला, इंदौर की घटना CCTV में रिकॉर्ड-पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

    डॉग फीडिंग के दौरान युवक पर हमला, इंदौर की घटना CCTV में रिकॉर्ड-पुलिस ने शुरू की कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Indore के द्वारकापुरी इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बेसहारा कुत्तों को खाना खिला रहे एक वॉलंटियर अमन तोमर पर आधा दर्जन से अधिक लोगों ने हमला कर दिया। यह पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
    जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमन तोमर लंबे समय से इलाके में आवारा कुत्तों को भोजन कराने का काम कर रहे हैं। घटना उस समय हुई जब उन्होंने एक व्यक्ति को कुत्ते के साथ मारपीट करते हुए देखा और उसे रोकने की कोशिश की। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक हो गया।
    आरोप है कि कुछ ही देर बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और उन्होंने अमन तोमर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने मिलकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया।
    घटना के बाद स्थानीय पशु प्रेमियों ने पुलिस पर शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया और मामला पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंचाया। इसके बाद People For Animals की इंदौर इकाई के प्रतिनिधियों सहित अन्य कार्यकर्ता भी शिकायत लेकर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले का सीसीटीवी फुटेज अधिकारियों को सौंपा।
    शिकायत के बाद पुलिस ने द्वारकापुरी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
    पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं, इस घटना ने इलाके में पशु सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

    इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना


    नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है।

    घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर के द्वारकापुरी में रोड विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट

    इंदौर के द्वारकापुरी में रोड विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट


    नई दिल्ली। इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र की गणेश मंदिर वाली गली में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब रोड चौड़ीकरण और अतिक्रमण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में हुई कहासुनी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
    स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक पक्ष ने सड़क चौड़ीकरण का समर्थन करते हुए दूसरे पक्ष से सहयोग की बात कही। हालांकि, दूसरे पक्ष ने इस पर सहमति नहीं जताई, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और लोग डंडे व पाइप लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
    घटना के वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग सड़क पर हंगामा करते हुए एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। इस दौरान लात-घूंसे भी चले और कुछ लोगों के बीच झूमाझटकी की स्थिति भी बनी रही। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान एक व्यक्ति का गला पकड़ने की कोशिश भी की गई। इस झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल हो गए।
    घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
    पुलिस के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें लक्की बिंजवा की शिकायत पर धीरज और गिरीश के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि धीरज बिंजवा की शिकायत पर सुनील, लक्की और अभिषेक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुछ लोगों को राउंडअप भी किया गया है और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवाद की जड़ सड़क चौड़ीकरण और कथित अतिक्रमण से जुड़ी हुई है। एक पक्ष सड़क को चौड़ा करने के पक्ष में था, जबकि दूसरे पक्ष पर निर्माण कर अतिक्रमण करने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
  • DAVV छात्रों के लिए बड़ी सौगात, तक्षशिला कैंपस में मिलेगा हाई-टेक लेक्चर थिएटर

    DAVV छात्रों के लिए बड़ी सौगात, तक्षशिला कैंपस में मिलेगा हाई-टेक लेक्चर थिएटर


    नई दिल्ली।  इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के तक्षशिला परिसर में जल्द ही एक आधुनिक G+4 लेक्चर थिएटर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या और नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के कारण उत्पन्न हो रही क्लासरूम की कमी को दूर करना है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे तैयार होने में लगभग दो साल का समय लगने की संभावना है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस नए लेक्चर थिएटर में बड़े लेक्चर हॉल, सेमिनार रूम और स्टूडेंट एक्टिविटी स्पेस शामिल होंगे। इसके साथ ही यहां आधुनिक डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।

    कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगातार नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं और छात्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा क्लासरूम क्षमता भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए तक्षशिला कैंपस में यह नई बिल्डिंग तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक विस्तार ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी संस्थान को मजबूत बनाना है।

    यह नया भवन एजुकेशन डिपार्टमेंट के उस हिस्से में बनाया जाएगा, जहां पहले EMRC संचालित होता था। भवन की संरचना G+4 होगी और इसकी शुरुआती लागत लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। हालांकि, जैसे-जैसे फ्लोर और सुविधाओं का विस्तार होगा, लागत में वृद्धि संभव है।

    इस परियोजना को हाल ही में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक में मंजूरी दी गई थी, जिसमें 590 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया गया था। इसी बजट में इस लेक्चर थिएटर के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि नए कोर्स और सीटों की वृद्धि से विश्वविद्यालय की आय में भी सुधार होगा।

    पिछले कुछ समय में DAVV ने कई विभागों में सीटों की संख्या बढ़ाई है और नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इससे विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक शैक्षणिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

    तक्षशिला कैंपस में बनने वाला यह लेक्चर थिएटर छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं न केवल पढ़ाई को आसान बनाएंगी, बल्कि रिसर्च और प्रेजेंटेशन आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा देंगी।

    कुल मिलाकर, यह परियोजना DAVV के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी संस्थानों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करेगी।

  • राजा रघुवंशी केस: न्यायिक कार्रवाई तेज, चार आरोपियों को नहीं मिली राहत

    राजा रघुवंशी केस: न्यायिक कार्रवाई तेज, चार आरोपियों को नहीं मिली राहत


    नई दिल्ली। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है और मामले में आरोपियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शिलांग सेशन कोर्ट ने इस केस के मुख्य आरोपी राज कुशवाह समेत चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी याचिकाओं को अस्वीकार किया, हालांकि विस्तृत आदेश की कॉपी अभी उपलब्ध नहीं हुई है।

    राज कुशवाह के साथ-साथ आरोपी विशाल, आनंद और आकाश की जमानत याचिकाएं भी कोर्ट ने नामंजूर कर दीं। इस फैसले के बाद सभी आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत का यह रुख मामले की गंभीरता और जांच की दिशा को और स्पष्ट करता है।

    इधर, मामले की एक अन्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत अब कानूनी विवाद का विषय बन गई है। मेघालय सरकार ने इस जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है और उसे रद्द करने की मांग की है। सरकार का तर्क है कि जांच और ट्रायल की प्रक्रिया को देखते हुए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है और इससे केस की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इस याचिका पर 12 मई को सुनवाई निर्धारित की गई है।

    राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच एजेंसियों ने पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ काम किया है। मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग ने कहा कि पुलिस और एसआईटी ने अपने स्तर पर सर्वोत्तम प्रयास किए हैं और जांच में किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत संबंधी फैसले न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन इससे जांच की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।

    इस बीच, मामले में नए खुलासों और आरोप-प्रत्यारोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। इससे केस की दिशा लगातार बदलती नजर आ रही है।

    गौरतलब है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड ने इंदौर से लेकर मेघालय तक काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हनीमून ट्रिप के दौरान हुई इस कथित हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पुलिस जांच में कई परतें खुलने के बाद यह मामला और भी पेचीदा होता गया।

    फिलहाल सभी की नजरें अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहती है या नहीं। वहीं अन्य आरोपियों की जमानत खारिज होने से जांच एजेंसियों को मामले में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला है।

    यह केस अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और जांच की पारदर्शिता की एक बड़ी परीक्षा बन गया है, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

  • इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर

    इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर


    नई दिल्ली। इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के बड़ी चोरी की घटना सामने आई। अज्ञात चोर रात करीब 2:18 बजे मंदिर परिसर में दाखिल हुए और लगभग 42 मिनट तक अंदर रहे। इसके बाद वे 3 बजे के आसपास वहां से फरार हो गए। चोरों ने मंदिर की रेकी पहले से की थी, जिससे उन्हें वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।

     चांदी और अष्टधातु की मूर्तियां सहित धार्मिक सामग्री चोरी
    चोर मंदिर से भारी मात्रा में धार्मिक सामान लेकर फरार हुए। चोरी गए सामान में शामिल हैं-

    5 चांदी की मूर्तियां
    1 मिश्र धातु की मूर्ति
    1 शिला
    2 शांति धारा पात्र
    28 कलश
    पूरे सामान की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

    चौकीदार को नहीं लगी भनक, सुबह खुला मामला
    मंदिर के चौकीदार राकेश त्रिवेदी ने बताया कि रोज की तरह रात 10:30 बजे मंदिर बंद किया गया था। सुबह 5 बजे जब मंदिर खोला गया, तब गर्भगृह से मूर्तियां गायब मिलीं।
    उन्होंने बताया कि रात में किसी तरह की हलचल का पता नहीं चला और न ही उन्हें चोरी की कोई भनक लगी।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात, पुलिस जांच में जुटी
    एरोड्रम थाना पुलिस के अनुसार, चोर बाइक से मंदिर परिसर पहुंचे थे। इनमें से एक आरोपी ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और चोरी की घटना को अंजाम दिया।
    पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, समाज में आक्रोश
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। जैन समाज के लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि हाल के दिनों में जैन मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चिंता बढ़ रही है।

    पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • जनगणना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: 289 कर्मचारियों को नोटिस, FIR तक की चेतावनी

    जनगणना में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: 289 कर्मचारियों को नोटिस, FIR तक की चेतावनी


    नई दिल्ली।  इंदौर में जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निगम कमिश्नर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल ने कुल 289 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
    यह कार्रवाई उन कर्मचारियों के खिलाफ की गई है जो 1 मई से लगातार सूचना दिए जाने के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि यह मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है।
     सख्त कार्रवाई की चेतावनी
    नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
    प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी तत्काल ड्यूटी पर लौटें और अपना जवाब 4 मई शाम 5:30 बजे तक प्रस्तुत करें। तय समय सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
    प्रशासन का सख्त संदेश
    अधिकारियों ने साफ किया है कि जनगणना कार्य जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह देश की नीतियों और योजनाओं के लिए बेहद जरूरी डेटा संग्रह प्रक्रिया है।

    इंदौर प्रशासन की यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि सरकारी कार्यों में अनुशासन सर्वोपरि है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कर्मचारी समय पर जवाब देते हैं या उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होती है।