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  • ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    मध्य प्रदेश:  राजस्थान के दौसा जिले के पास ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में मध्य प्रदेश के पांच यात्री शामिल हैं, जो बस के भीतर ही आग की चपेट में आने से बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा दो अन्य यात्रियों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 13 की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं चार यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

    बताया जा रहा है कि बस उत्तराखंड के ऋषिकेश से यात्रियों को लेकर इंदौर के लिए रवाना हुई थी। देर रात जब बस राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग तेजी से पूरी बस में फैल गई और कुछ ही मिनटों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी। हालांकि कई यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही सात यात्रियों की मृत्यु हो चुकी थी। मृतकों में पांच शव इतने अधिक झुलस चुके थे कि उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    अस्पताल में भर्ती घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। चिकित्सकीय टीम लगातार उनका उपचार कर रही है और गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की भी तैयारी की है।

    हादसे के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर, बड़वाह, डबरा और अन्य क्षेत्रों के परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है। कई परिजन अपने रिश्तेदारों की जानकारी लेने और उनकी पहचान के लिए राजस्थान रवाना हो चुके हैं। प्रशासन लगातार घायलों और मृतकों की पहचान संबंधी जानकारी परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

    इस बीच चार यात्रियों के लापता होने की सूचना ने राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन बस के आसपास के क्षेत्र में उनकी तलाश कर रहे हैं। साथ ही अस्पतालों और अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सभी यात्रियों का पता लगाया जा सके।

    घटना के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने आग लगने की वजह की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ बस की स्थिति, इंजन, विद्युत प्रणाली और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के साथ घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

  • इंस्टाग्राम पर नाबालिग छात्राओं को जाल में फंसाने का आरोप, अश्लील चैट और वीडियो भेजकर बनाता था दबाव, POCSO के तहत मामला दर्ज

    इंस्टाग्राम पर नाबालिग छात्राओं को जाल में फंसाने का आरोप, अश्लील चैट और वीडियो भेजकर बनाता था दबाव, POCSO के तहत मामला दर्ज

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम के माध्यम से दो नाबालिग छात्राओं से कथित रूप से दोस्ती कर उन्हें अश्लील संदेश और वीडियो भेजने तथा मिलने के लिए दबाव बनाने के आरोप में एक 25 वर्षीय युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध POCSO एक्ट सहित विभिन्न प्रासंगिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए दोनों छात्राओं से संपर्क स्थापित किया। पहले सामान्य बातचीत के माध्यम से विश्वास जीतने का प्रयास किया गया और बाद में कथित रूप से आपत्तिजनक चैट, अश्लील वीडियो और अनुचित संदेश भेजे जाने लगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने छात्राओं पर व्यक्तिगत रूप से मिलने और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्राओं के परिजनों ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट की चैट देखी। बातचीत की सामग्री संदिग्ध लगने पर परिजनों ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले कुछ वर्षों से इंदौर में रह रहा था और पढ़ाई के सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर किराये के मकानों में रह चुका है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन की प्राथमिक पड़ताल में अन्य युवतियों से जुड़ी वीडियो चैट और तस्वीरें भी मिलने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसी तरह की गतिविधियों का दायरा अन्य लोगों तक भी तो नहीं फैला हुआ था।

    जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल संचार के अन्य माध्यमों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया था और क्या उसने किसी अन्य नाबालिग को भी इसी प्रकार निशाना बनाने की कोशिश की थी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। नाबालिगों को डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना और अभिभावकों द्वारा उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर संतुलित निगरानी रखना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है।

    साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच पुलिस भी लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रही है। किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल, आपत्तिजनक संदेश, ब्लैकमेल या दबाव बनाने जैसी स्थिति सामने आने पर तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज को भी मिलकर बच्चों को ऑनलाइन जोखिमों के प्रति जागरूक करना होगा। तकनीक का जिम्मेदारी के साथ उपयोग और समय पर सतर्कता ही इस प्रकार के साइबर अपराधों को रोकने में सबसे प्रभावी उपाय साबित हो सकती है।

  • सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल, इंदौर में अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की जान गई; पुलिस CCTV फुटेज के सहारे जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश:  की आर्थिक राजधानी इंदौर में मंगलवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर यातायात सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुए इन हादसों में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में वाहन चालक घटनास्थल से फरार हो गए, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

    पहला हादसा शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे के समीप हुआ, जहां सड़क पार कर रही एक महिला को तेज रफ्तार आयशर वाहन ने टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला वाहन के नीचे आ गई और उसके ऊपर से पहिए गुजर गए। दुर्घटना के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    पुलिस जांच में मृतक महिला की पहचान खरगोन निवासी रीना के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि दुर्घटना में शामिल वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन के दस्तावेजों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर बढ़ती लापरवाही और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता जताई है।

    इसी दिन शहर के आजाद नगर क्षेत्र में तीन इमली के पास दूसरा गंभीर हादसा सामने आया। यहां स्कूटी से घर लौट रहे दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी।

    दुर्घटना में जीत नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार दोनों युवक पालदा क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे।

    जांच के दौरान पता चला कि दुर्घटना को अंजाम देने वाला वाहन घटनास्थल से भाग निकला। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर वाहन और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जल्द ही आरोपी तक पहुंचा जा सकेगा।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे शहर में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता को लेकर चिंता बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी ऐसे हादसों की प्रमुख वजह बन रही है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी है और फरार चालकों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

  • इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार

    इंदौर की ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े ठगी: ग्राहक बनकर आया युवक सोने की चेन और अंगूठियां लेकर बाइक से हुआ फरार


    मध्य प्रदेश:
    के इंदौर शहर में एक ज्वेलरी दुकान पर हुई सुनियोजित ठगी और चोरी की वारदात ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में ग्राहक बनकर पहुंचे युवक ने बड़ी चतुराई से दुकान संचालक और स्टाफ को बातचीत में उलझाया तथा मौका मिलते ही करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

    घटना कनाड़िया रोड स्थित एक ज्वेलरी दुकान की है, जहां सोमवार को एक युवक ग्राहक बनकर पहुंचा। उसने खुद को खरीददार बताते हुए सोने की दो अंगूठियां और एक चेन देखने की इच्छा जताई। युवक ने काफी देर तक आभूषणों को देखा और उनके बारे में जानकारी हासिल की। उसने दुकानदार को भरोसा दिलाया कि वह यह सामान किसी को उपहार देने के लिए खरीदना चाहता है और भुगतान नकद करेगा। बातचीत के बाद उसने एटीएम से पैसे निकालकर आने की बात कही और वहां से चला गया।

    दुकान संचालक और स्टाफ को उस समय किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ क्योंकि युवक सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार कर रहा था। शाम के समय वह दोबारा दुकान पहुंचा और पहले पसंद किए गए आभूषणों को फिर से दिखाने की मांग की। उसने नकद भुगतान करने की बात दोहराई, जिसके बाद काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने उसे सोने की चेन और अंगूठियों का बॉक्स दिखाया।

    बताया जा रहा है कि युवक लगातार बातचीत कर माहौल को सामान्य बनाए हुए था। इसी दौरान उसने दुकान संचालक से आभूषणों का वजन कराने का अनुरोध किया। जैसे ही संचालक अपनी सीट से उठे और दूसरी ओर गए, आरोपी ने मौके का फायदा उठाया। उसने गहनों से भरा बॉक्स उठाया और तेजी से दुकान के बाहर निकल गया। जब तक दुकान का स्टाफ स्थिति को समझ पाता, वह बाहर खड़ी बाइक पर सवार होकर फरार हो चुका था।

    घटना के तुरंत बाद दुकान कर्मचारियों ने उसका पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी तेजी से मौके से निकल गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली।

    जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और टोपी पहन रखी थी। प्रारंभिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि उसने वारदात से पहले दुकान की रेकी की थी और पूरी योजना के साथ वहां पहुंचा था। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी जिस बाइक से आया था, उसकी नंबर प्लेट हटाई गई थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो सके।

    पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के इलाकों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है ताकि उसके आने और जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।

    इस घटना ने शहर के व्यापारियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने भी दुकानदारों से अपील की है कि महंगे सामान दिखाने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखें ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

  • तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज

    तुअर दाल के कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर 65 लाख की ठगी, स्टॉक के फोटो दिखाकर कारोबारी को फंसाया; दो पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    की आर्थिक राजधानी इंदौर में व्यापारिक निवेश के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। तुअर दाल के कारोबार में अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर एक कारोबारी से 65 लाख रुपए की राशि हासिल कर ली गई। आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो माल की आपूर्ति की गई और न ही निवेश की गई राशि लौटाई गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार भंवरकुआं थाना क्षेत्र निवासी कारोबारी गिरीश रामनानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी गुरुशांतलिंग कुंभार और सोमनाथ हलगोदे से कई वर्ष पहले हुई थी। दोनों व्यापारियों से पूर्व में भी विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक लेन-देन हो चुका था। इसी पुराने परिचय और विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें नए व्यापारिक निवेश का प्रस्ताव दिया।

    शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने खुद को तुअर दाल के बड़े कारोबारी के रूप में प्रस्तुत किया और अपनी फर्म के माध्यम से व्यापार में निवेश करने पर आकर्षक मुनाफा मिलने का दावा किया। फरवरी 2026 में एक आरोपी इंदौर पहुंचा और कारोबारी से मुलाकात की। इस दौरान उसने मोबाइल फोन पर बड़े पैमाने पर तुअर दाल के स्टॉक की तस्वीरें और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े विवरण दिखाए। साथ ही निवेश करने पर कम समय में अच्छा लाभ मिलने का भरोसा भी दिलाया।

    व्यापारिक अवसर को लाभदायक मानते हुए गिरीश रामनानी ने निवेश का निर्णय लिया। शिकायत के अनुसार उन्होंने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर कुल 65 लाख रुपए की व्यवस्था की। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में यह पूरी राशि आरोपियों द्वारा संचालित फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। लेन-देन के दौरान कारोबारी को भरोसा दिलाया गया था कि तय समय के भीतर माल की आपूर्ति कर दी जाएगी और व्यापारिक लाभ भी मिलेगा।

    फरियादी का आरोप है कि रकम जमा होने के बाद आरोपियों का व्यवहार बदलने लगा। निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद तुअर दाल की खेप नहीं भेजी गई। जब माल की आपूर्ति को लेकर लगातार संपर्क किया गया तो आरोपियों ने विभिन्न कारण बताते हुए समय मांगना शुरू कर दिया। कई बार बातचीत के बावजूद न तो व्यापार पूरा हुआ और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई।

    समय बीतने के साथ कारोबारी को संदेह हुआ कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने अपने स्तर पर आरोपियों से संपर्क कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की और उपलब्ध दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी तथा अन्य साक्ष्य जांच एजेंसी को सौंपे।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तथ्यों और बैंकिंग रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया है। शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां अब धनराशि के लेन-देन, व्यापारिक दस्तावेजों और आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।

    यह मामला व्यापारिक निवेश के दौरान सतर्कता बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वित्तीय लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति, फर्म और कारोबार की स्वतंत्र जांच करना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका तथा धनराशि के उपयोग से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड

    इंदौर ने रचा योग इतिहास: 10 हजार साधकों ने 3 मिनट तक किया सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम, बना रिकॉर्ड


    इंदौर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर योग के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरा, जहां हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर योग और प्राणायाम का भव्य प्रदर्शन किया। शहर के गोपुर चौराहे पर आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक साधकों ने सामूहिक रूप से भ्रामरी प्राणायाम किया और इसे 3 मिनट से अधिक समय तक जारी रखते हुए एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की।

    इस भव्य आयोजन का संचालन नगर निगम इंदौर द्वारा चलाए जा रहे योगमित्र अभियान के अंतर्गत किया गया, जिसमें शहरभर की योग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप कार्यक्रम में स्वास्थ्य, संतुलन और दीर्घायु जीवन का संदेश दिया गया।

    कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें Durgadas Uikey और Kailash Vijayvargiya प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी योगाभ्यास में भाग लेकर इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

    सुबह 6 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पहले शहर की विभिन्न योग संस्थाओं ने आकर्षक और भक्तिमय योग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें हजारों लोगों ने एक साथ विभिन्न योगासन किए।

    योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षक राकेश चौधरी और इंदौर की बेटी तथा मिसेज इंडिया-2023 चेतना जोशी ने किया, जिन्होंने प्रतिभागियों को भ्रामरी प्राणायाम और अन्य श्वसन तकनीकों का अभ्यास कराया। पूरे मैदान में एक साथ गूंजते “ॐ” और भ्रामरी की ध्वनि ने एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण तैयार कर दिया।

    कार्यक्रम में 70 से अधिक योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन शामिल हुए, जिससे यह आयोजन एक जनआंदोलन के रूप में दिखाई दिया। हजारों लोगों की एकजुटता ने इंदौर को योग के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बना दिया।

    इस अवसर पर योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ योग गुरुओं, योग खिलाड़ियों और योग प्रचारकों को ‘योग अलंकरण’ से सम्मानित भी किया गया। साथ ही योगमित्र अभियान की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया, जिससे अब शहर की सभी योगशालाओं और योग गतिविधियों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो सकेगी।

    कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड बना गया, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सामूहिक चेतना का भी प्रतीक बन गया।

  • अनिका की जिंदगी के लिए जुटे 8.23 करोड़ रुपए, अब सिर्फ 77 लाख की दरकार; 9 करोड़ पूरे होते ही शुरू होगा इलाज

    अनिका की जिंदगी के लिए जुटे 8.23 करोड़ रुपए, अब सिर्फ 77 लाख की दरकार; 9 करोड़ पूरे होते ही शुरू होगा इलाज


    मध्यप्रदेश । इंदौर की मासूम अनिका शर्मा की जिंदगी बचाने की मुहिम अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 जैसी गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रही अनिका के इलाज के लिए अब तक 8 करोड़ 23 लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं। परिवार को अब सिर्फ शेष राशि मिलने का इंतजार है, ताकि कुल 9 करोड़ रुपए पूरे होते ही बच्ची का इलाज शुरू कराया जा सके।

    पिछले कई महीनों से अनिका के माता-पिता सरिता शर्मा और प्रवीण शर्मा अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। महंगे इलाज और विदेश से आने वाले विशेष इंजेक्शन की व्यवस्था करना परिवार के लिए आसान नहीं था, लेकिन समाज, दानदाताओं और सामाजिक संगठनों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

    अनिका SMA टाइप-2 बीमारी से पीड़ित है, जो बच्चों की मांसपेशियों और शारीरिक विकास को प्रभावित करती है। इस बीमारी के इलाज के लिए अमेरिका से विशेष इंजेक्शन मंगवाया जाना है, जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यही कारण है कि परिवार लंबे समय से क्राउड फंडिंग के जरिए राशि जुटाने में लगा हुआ है।

    इलाज के लिए सिर्फ धनराशि जुटाना ही चुनौती नहीं थी, बल्कि अनिका की उम्र और वजन भी महत्वपूर्ण मानदंड थे। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता यह थी कि इलाज के लिए निर्धारित वजन सीमा से बच्ची का वजन अधिक न हो जाए। इसके लिए माता-पिता ने बेहद सावधानी बरतते हुए अनिका को नियंत्रित और विशेष लिक्विड डाइट पर रखा। लगातार निगरानी और चिकित्सकीय सलाह के चलते वे अब तक उसका वजन नियंत्रित रखने में सफल रहे हैं।

    अनिका की मदद के लिए समाज के हर वर्ग से लोग आगे आए हैं। इंदौर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया। कई संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं ने सहायता राशि उपलब्ध कराई, जबकि कुछ लोगों और संगठनों ने मदद का आश्वासन भी दिया है। अब परिवार को इन्हीं स्वीकृत सहायता राशियों के मिलने का इंतजार है।

    इस अभियान को देशभर में पहचान दिलाने में कई चर्चित हस्तियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। अभिनेता सोनू सूद, वरिष्ठ कलाकार रजा मुराद, बिग बॉस की आवाज के रूप में प्रसिद्ध विजय विक्रम सिंह सहित कई सेलिब्रिटी वीडियो संदेशों के माध्यम से लोगों से सहयोग की अपील कर चुके हैं। इन अपीलों का सकारात्मक असर देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़े।

    हाल ही में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और “SMA Man of India” के नाम से पहचाने जाने वाले प्रतीक क्वात्रा ने ट्रू होप फाउंडेशन के साथ मिलकर अनिका के लिए 1 करोड़ 20 लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराई। इस सहायता राशि का चेक परिवार को सौंप दिया गया है, जिससे इलाज की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा है।

    अनिका के माता-पिता का कहना है कि जिन लोगों और संस्थाओं ने सहायता का आश्वासन दिया है, यदि वे जल्द राशि उपलब्ध करा दें तो 9 करोड़ रुपए का लक्ष्य पूरा हो जाएगा और उनकी बेटी को जीवन देने वाला इलाज समय पर मिल सकेगा। परिवार को उम्मीद है कि समाज का सहयोग उनकी बेटी के जीवन में नई उम्मीद लेकर आएगा।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय एमपी दौरे पर, इंदौर पहुंचते ही ओंकारेश्वर रवाना; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय एमपी दौरे पर, इंदौर पहुंचते ही ओंकारेश्वर रवाना; सुरक्षा के कड़े इंतजाम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर पहुंचीं। देश की प्रथम नागरिक के स्वागत के लिए देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही प्रदेश में उनके महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है, जो 22 जून तक जारी रहेगी।

    इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं। यहां वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ओंकारेश्वर और इंदौर दोनों स्थानों पर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

    राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इंदौर में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने वीर हनुमान मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया और शहर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

    राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। इसके अलावा राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर में आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो।

    ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शनार्थियों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था, बस सेवाएं और मार्गदर्शन केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।

    राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर भारी मालवाहक वाहनों के मार्ग भी बदले गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। इससे वीआईपी रूट पर यातायात का दबाव कम करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रदेश में विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

  • आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा, युवक से 5.60 लाख की ठगी: खुद को वकील बताने वाले आरोपी पर केस दर्ज

    आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा, युवक से 5.60 लाख की ठगी: खुद को वकील बताने वाले आरोपी पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश । इंदौर में सरकारी आवास योजना के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आजाद नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि खुद को वकील बताने वाले व्यक्ति ने उसकी मां के नाम पर आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा देकर 5 लाख 60 हजार रुपए हड़प लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार रामनगर मुसाखेड़ी निवासी कपिल उईके ने नीलगिरी परिसर दूधिया निवासी दीपक शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कपिल का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उसकी पहचान दीपक शर्मा से हुई थी। उस समय दीपक ने स्वयं को पेशे से वकील बताया था और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता देने का भरोसा दिलाया था। इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने परिवार का विश्वास जीत लिया।

    कपिल के मुताबिक जून 2026 में दीपक शर्मा ने उसकी मां अवंतीबाई के नाम पर सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही। आरोपी उन्हें जिला न्यायालय परिसर स्थित कैंटीन में ले गया, जहां एक महिला के माध्यम से आवेदन फार्म भरवाया गया। इसके बाद कुछ राशि भी जमा कराई गई। अगले दिन आरोपी ने अवंतीबाई के मोबाइल में 311 ऐप डाउनलोड कर यह विश्वास दिलाया कि आवास योजना से जुड़ी सारी जानकारी और अपडेट इसी माध्यम से प्राप्त होंगे।

    कुछ दिनों बाद आरोपी ने दावा किया कि आवंटित होने वाला मकान किसी अन्य व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेचा जा सकता है। उसने पूरे सौदे की प्रक्रिया कलेक्टर कार्यालय में पूरी कराने की बात कही। 10 जून को कथित खरीदार पक्ष और पीड़ित परिवार को कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया, जहां लगभग 9 लाख 60 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। आरोप है कि खरीदार पक्ष ने उसी समय 5 लाख 60 हजार रुपए नकद दिए, जबकि शेष राशि खाते में जमा कराने की बात कही गई।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि यहीं से ठगी का खेल शुरू हुआ। आरोपी दीपक शर्मा उसी शाम उनके घर पहुंचा और रकम गिनने के बहाने नकदी अपने कब्जे में ले ली। अगले दिन वह एक महिला के साथ दोबारा घर आया और नगर निगम द्वारा सत्यापन किए जाने की बात कहकर परिवार को भ्रमित करता रहा। बाद में उसने कहा कि अधिकारी आने वाले हैं, इसलिए रकम तैयार रखी जाए।

    कपिल के अनुसार आरोपी ने चालाकी से पूरी रकम एक बैग में रखवाई और फिर उसे नाश्ता लेने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। इसके बाद वह कपिल को नगर निगम कार्यालय ले गया। वहां बैग लेकर अंदर जाने की बात कहकर वह भवन में प्रवेश कर गया, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कपिल ने उसे तलाशने की कोशिश की तो उसका कोई पता नहीं चला।

    घर लौटकर जांच करने पर परिवार को एहसास हुआ कि पूरी नकदी गायब हो चुकी है। इसके बाद आरोपी को लगातार फोन किए गए, लेकिन उसने कॉल उठाना बंद कर दिया। खुद को ठगा महसूस करने के बाद कपिल ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

    मामले की जांच के बाद आजाद नगर पुलिस ने आरोपी दीपक शर्मा के खिलाफ चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी तरह अन्य लोगों को भी सरकारी योजनाओं का झांसा देकर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया। यह मामला एक बार फिर लोगों को सावधान करता है कि सरकारी योजनाओं से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत माध्यमों और अधिकारियों पर ही भरोसा करें।