Tag: Indore

  • इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    इंदौर के तीन सरकारी कॉलेजों में वोटर रजिस्ट्रेशन कैंप, पहली बार मतदाता बनने के लिए 96 विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन

    मध्य प्रदेश। के इंदौर में युवाओं को मतदाता सूची से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से तीन सरकारी कॉलेजों में विशेष मतदाता पंजीयन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता पहचान पत्र बनवाने और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में सहायता दी गई। कॉलेज परिसरों में ही पंजीयन की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

    यह अभियान श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, शासकीय होलकर साइंस कॉलेज और शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में चलाया गया। शिविरों का उद्देश्य ऐसे पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में शामिल करने में मदद करना था, जिन्होंने अभी तक अपना पंजीयन नहीं कराया है। इसके साथ ही युवाओं को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

    श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में आयोजित शिविर के दौरान कुल 96 विद्यार्थियों ने मतदाता पंजीयन कराया। इनमें पहले दिन 39 विद्यार्थियों ने आवेदन किया, जबकि अंतिम दिन 57 विद्यार्थियों ने पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की। इस तरह दोनों दिनों में पंजीयन कराने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 96 रही। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता चंद्रशेखर ने बताया कि मध्य प्रदेश के अन्य सरकारी कॉलेजों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए गए हैं। इनका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने में सहायता करना है।

    शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में भी विद्यार्थियों ने शिविर में हिस्सा लिया। कॉलेज के कर्मचारी राजेंद्र चौरसिया के अनुसार, यहां छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ पंजीयन प्रक्रिया में भाग लिया। शिविर के दौरान लगभग 15 से 20 विद्यार्थी मतदाता पंजीयन के लिए शामिल हुए। इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई और पंजीयन प्रक्रिया को समझने में मदद मिली।

    शासकीय न्यू लॉ कॉलेज में 5 और 9 अक्टूबर को विशेष मतदाता पंजीयन शिविर लगाए गए। दोनों दिन शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित था। विद्यार्थियों को आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई और फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की गई। उनसे कक्षा 10वीं की मार्कशीट, बिजली का बिल, आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो और माता-पिता के मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज लाने को कहा गया था।

    न्यू लॉ कॉलेज की छात्रा डिंपल वर्मा ने बताया कि शिविर में अधिकारियों ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया। उनके अनुसार, दूसरे शहरों से आकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मतदाता पहचान पत्र बनवाने और उससे जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कॉलेज परिसर में आयोजित शिविर उनके लिए उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें पंजीयन की प्रक्रिया समझने और आवेदन पूरा करने में मदद मिलती है।

    इंदौर जिले में दो लोकसभा क्षेत्र, नौ विधानसभा क्षेत्र और कुल 3,210 मतदान केंद्र हैं। ऐसे में नए मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए कॉलेजों में आयोजित शिविर महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में सामने आए हैं। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नागरिक मतदाता बनने के पात्र होते हैं, लेकिन मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। कॉलेजों में चलाए जा रहे इस अभियान के जरिए विद्यार्थियों को पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने की दिशा में सहायता दी जा रही है।

  • राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान

    राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान


    इंदौर: के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अब उनके करीब 8 से 10 साल पुराने दोस्त अर्पित चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से एरोड्रम थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर का रहने वाला था। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके हिस्से का ट्रांसपोर्ट कारोबार संभाल रहा था। घटना के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अर्पित की मौत के कारणों की गहराई से जांच किए जाने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और अर्पित की मौत के कारणों की जांच कर रही है।

    राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी अर्पित चौहान ने संभाली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी के मुताबिक, राजा, अर्पित और विपिन का साला मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। राजा की मौत के बाद अर्पित ने उनके हिस्से का पूरा काम संभाल लिया था। विपिन ने बताया कि अर्पित और राजा की दोस्ती करीब 8 से 10 साल पुरानी थी। राजा की मौत के बाद भी अर्पित उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा और परिवार के सदस्य की तरह उनकी जिम्मेदारियों में साथ देता रहा। इसी वजह से परिवार के लोगों के साथ उसका करीबी संबंध बना हुआ था।

    विपिन रघुवंशी ने बताया कि वह अर्पित को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उनके मुताबिक, जब राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ था, तब परिवार ने इसे राजा का पुनर्जन्म मानते हुए खुशी मनाई थी। इस दौरान अर्पित भी परिवार के साथ था और वह इस मौके पर बेहद खुश था। विपिन ने यह भी बताया कि राजा की शादी की खरीदारी के दौरान अर्पित उनके साथ रहता था। राजा की शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जो कपड़े उन्होंने पसंद किए थे, अर्पित ने भी अपनी शादी के कार्यक्रमों के लिए उनसे मिलते-जुलते कपड़े खरीदे थे। इन घटनाओं से दोनों दोस्तों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का पता चलता है।

    अर्पित की मौत के बाद अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और परिवार के साथ भी संपर्क में था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर उसके करीबी लोग सवाल कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि अर्पित की मौत की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाई। पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने राजा रघुवंशी के परिवार और उनके करीबी लोगों के बीच एक और सवाल खड़ा कर दिया है।

  • इंदौर में गणेश विसर्जन की हाईटेक व्यवस्था, पोकलेन, लिफ्ट और नावों से प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन

    इंदौर में गणेश विसर्जन की हाईटेक व्यवस्था, पोकलेन, लिफ्ट और नावों से प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन

    इंदौर में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम की ओर से इस बार विशेष और हाईटेक व्यवस्था की गई है। विसर्जन के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से जवाहर टेकरी पर मानव रहित मशीनों के जरिए प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है। इसके लिए पोकलेन मशीन, बड़ी नाव और लिफ्ट सहित पांच प्रकार की मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    नगर निगम ने इस व्यवस्था के तहत 15 से 20 लाख गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का लक्ष्य रखा है। प्रतिमाओं को तालाब में विसर्जित करने के लिए श्रद्धालुओं को सीधे पानी में जाने की जरूरत नहीं होगी। मशीनों और अन्य साधनों की मदद से प्रतिमाओं को तालाब में सुरक्षित तरीके से विसर्जित किया जा रहा है।

    विसर्जन के दौरान लोगों के पानी में उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जवाहर टेकरी पर प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है, जिसमें श्रद्धालु तालाब के पानी से दूरी बनाए रखते हुए पूजा और विधि-विधान पूरा कर सकेंगे। इसके बाद प्रतिमा को निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से विसर्जित किया जाएगा।

    शहर के अलग-अलग कॉलोनियों और वार्ड स्तर पर भी प्रतिमाओं के एकत्रीकरण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 140 से अधिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। इन स्थानों पर प्रतिमाएं एकत्र की जा रही हैं और मौके पर ही जल कुंड बनाकर विसर्जन की व्यवस्था भी की गई है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाली प्रतिमाओं के विसर्जन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

    जवाहर टेकरी पर सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पुलिसकर्मियों के साथ एनडीआरएफ की टीम और पांच विशेष तैराकों को तैनात किया गया है। इनकी मौजूदगी का उद्देश्य विसर्जन के दौरान किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    श्रद्धालुओं को भी तालाब के कुंड से दूर रखा जा रहा है। प्रतिमा विसर्जन के दौरान उन्हें पानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। प्रतिमाओं को मशीनों और अन्य निर्धारित माध्यमों से तालाब में कुछ दूरी से ही विसर्जित करने की व्यवस्था की गई है। इस तरह प्रतिमा विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया को बनाए रखते हुए लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।

    तालाब और विसर्जन स्थल के आसपास निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके जरिए आयोजन स्थल और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मशीनों से होने वाले विसर्जन और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।

    इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य गणेश प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। खासतौर पर पानी में उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मानव रहित मशीनों और सुरक्षा दलों की मदद ली जा रही है। इसके साथ ही शहर के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए एकत्रीकरण केंद्रों और जल कुंडों के जरिए विसर्जन व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर भी संचालित किया जा रहा है।

    जवाहर टेकरी पर पोकलेन, लिफ्ट, नाव और अन्य मशीनों के इस्तेमाल के साथ सुरक्षा टीमों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं को पानी से दूर रखकर प्रतिमाओं का विसर्जन कराने की व्यवस्था के जरिए इस धार्मिक आयोजन को सुरक्षित तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • नो कार डे पर ई-व्हीकल से निकले इंदौर कलेक्टर और अपर कलेक्टर, वीडियो हुआ वायरल

    नो कार डे पर ई-व्हीकल से निकले इंदौर कलेक्टर और अपर कलेक्टर, वीडियो हुआ वायरल

    मध्यप्रदेश: के इंदौर में नो कार डे के अवसर पर जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और अपर कलेक्टर नवजीवन पवार ई-व्हीकल से फील्ड में नजर आए। दोनों अधिकारियों ने कार के बजाय इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल किया। ई-व्हीकल से सफर करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    नो कार डे के मौके पर अधिकारियों की यह पहल शहर में पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करने के संदेश से जुड़ी रही। अधिकारियों ने ई-व्हीकल के जरिए लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।

    इंदौर में आयोजित इस पहल के दौरान जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और अपर कलेक्टर नवजीवन पवार ने खुद ई-व्हीकल का इस्तेमाल किया। दोनों अधिकारियों के सड़क पर इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करने का वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया।

    नो कार डे का उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने और लोगों को वैकल्पिक परिवहन साधनों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाता है।

    अधिकारियों की ओर से ई-व्हीकल का इस्तेमाल इसी संदेश को आगे बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा गया। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने से पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है।

    इंदौर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन को लेकर समय-समय पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। नो कार डे के दौरान लोगों से निजी कारों का इस्तेमाल कम करने और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक परिवहन साधनों का उपयोग करने की अपील की गई।

    कलेक्टर और अपर कलेक्टर के ई-व्हीकल से फील्ड में पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस पहल की ओर गया। अधिकारियों ने स्वयं इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर ग्रीन ट्रांसपोर्ट को लेकर जागरूकता का संदेश दिया।

    नो कार डे जैसी पहल का फोकस शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण के प्रति लोगों की जिम्मेदारी बढ़ाने पर रहता है। इसके साथ ही ऐसे प्रयासों के जरिए नागरिकों को परिवहन के अधिक टिकाऊ विकल्पों के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जाती है।

    इंदौर में अधिकारियों की यह पहल लोगों को अपने दैनिक आवागमन के विकल्पों पर विचार करने का संदेश देती है। ई-व्हीकल का इस्तेमाल कर अधिकारियों ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की जरूरत को रेखांकित किया।

  • राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में मोदी की मिमिक्री पर विवाद, बीजेपी ने बुजुर्ग महिला और मां के अपमान का लगाया आरोप

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में मोदी की मिमिक्री पर विवाद, बीजेपी ने बुजुर्ग महिला और मां के अपमान का लगाया आरोप

     
    मध्य प्रदेश : के इंदौर में आयोजित राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री मोदी की आवाज और बोलने के अंदाज की नकल की। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला से जुड़े प्रसंग का मजाक बनाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है।

    कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा और संवेदनशीलता से जोड़ते हुए सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की आलोचना की।

    शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां के अपमान और मजाक के लिए किया गया। जोशी ने इसे मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

    बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी की मौजूदगी में हुए इस मंचीय कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री से जुड़े निजी और पारिवारिक संदर्भों को मजाक का हिस्सा बनाया गया।

    वहीं कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मां से संबंधित कोई बात नहीं हुई। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की मां का उल्लेख नहीं किया और लगाए जा रहे आरोपों में तथ्य नहीं हैं। तिवारी ने आरोप लगाने से पहले पूरे मामले को सही तरीके से देखने की बात कही।

    विवाद के बीच राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम में उठाए गए छात्रों के मुद्दों को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि एक छात्रा ने उनसे सवाल किया कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने के लिए क्यों नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि गांवों से शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर पीजी में रहना पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि किराए और सुरक्षित आवास का खर्च अधिक होने के कारण कई छात्राओं के लिए पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो जाता है। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए।

    ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का यह पांचवां संस्करण था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इंदौर में एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण नियुक्ति रुकने का मुद्दा उठाया। वहीं एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई होने की बात कही। इस बीच मोदी की मिमिक्री को लेकर शुरू हुआ विवाद कार्यक्रम के अन्य छात्र मुद्दों पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

  • इंदौर में छात्राओं की समस्याओं पर राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब, बोले- रहने की जगह नहीं मिलने से पढ़ाई छूटती है

    इंदौर में छात्राओं की समस्याओं पर राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब, बोले- रहने की जगह नहीं मिलने से पढ़ाई छूटती है

    इंदौर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के लिए बुनियादी सुविधाओं और छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया है। उन्होंने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा की ओर से पूछे गए सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के पास दीये जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने के लिए क्यों नहीं है।

    राहुल गांधी ने कहा कि यह सवाल उनसे इंदौर में एक छात्रा ने पूछा था। उनके मुताबिक छात्रा गांव से उच्च शिक्षा के लिए शहर आई है, लेकिन उसे रहने के लिए हॉस्टल नहीं मिला। ऐसे में उसे पीजी में रहना पड़ रहा है। छात्रा ने रहने और सुरक्षित रहने की लागत को लेकर अपनी परेशानी सामने रखी।

    राहुल गांधी ने इसी सवाल के आधार पर छात्राओं के सामने आने वाली आवास संबंधी समस्याओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांवों से शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली कई छात्राओं के सामने रहने की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है। हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी आवास या पीजी पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।

    उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और किसी भी देश की मजबूती में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राहुल गांधी ने छात्रों की जिज्ञासा और सवाल पूछने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके मुताबिक छात्रों में सबसे बड़ा गुण सवाल पूछने का होना चाहिए, क्योंकि सवालों के जरिए व्यवस्था से जवाब मांगा जा सकता है।

    राहुल गांधी ने छात्राओं की शिक्षा से जुड़े आवास और सुरक्षा के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कई लड़कियां केवल इसलिए पढ़ाई छोड़ देती हैं क्योंकि उनके लिए रहने की उचित जगह उपलब्ध नहीं होती। उनके अनुसार उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर जाने वाली छात्राओं के सामने पढ़ाई के साथ सुरक्षित आवास की चिंता भी बनी रहती है।

    उन्होंने सरकार से छात्रावासों और छात्रों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को लेकर जवाब मांगा। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए छात्रा के सवाल का जवाब देने की मांग की और कहा कि सरकार को युवाओं की शिक्षा तथा उनके रहने की जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।

    राहुल गांधी ने आवास सहायता से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए मिलने वाली आवास संबंधी सहायता बढ़ती महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है और इसके साथ अनियमितताओं की समस्या भी जुड़ी हुई है। उन्होंने इस विषय पर भी सरकार से जवाब मांगा।

    इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान छात्रावासों की कमी और छात्राओं की सुरक्षा का विषय भी सामने आया। राहुल गांधी ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना और उनके सवालों पर जवाब मांगना जरूरी है।

    उन्होंने छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा हासिल करने के लिए शहरों में आने वाले विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए। उनके बयान में छात्रावासों की उपलब्धता को उच्च शिक्षा और छात्र सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने रखा गया।

  • MP में युवाओं के रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस, IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस से बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल के अवसर

    MP में युवाओं के रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस, IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस से बढ़ेंगे शिक्षा और कौशल के अवसर

    मध्यप्रदेश: में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे शिक्षा, तकनीक, कौशल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।

    मुख्यमंत्री के मुताबिक IT पार्क और इंजीनियरिंग कैंपस के माध्यम से युवाओं को केवल शिक्षा प्राप्त करने तक सीमित अवसर नहीं मिलेंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और कौशल विकास से जुड़े नए विकल्प भी उपलब्ध होंगे। तकनीकी क्षेत्र के विस्तार के साथ युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में तकनीक, नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक आधार तैयार किया जा रहा है। IT क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों का उद्देश्य रोजगारपरक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना और युवाओं को आधुनिक तकनीकी अवसरों से जोड़ना है। इससे शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

    मुख्यमंत्री ने इंदौर और भोपाल के विकास को लेकर भी सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों शहरों को मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस दिशा में सुनियोजित शहरी विकास, बेहतर सुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    इंदौर और भोपाल को बड़े शहरी और आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने का असर रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन शहरों में नई तकनीक, नवाचार और उद्योगों को बढ़ावा मिलने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।

    प्रदेश में तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ IT क्षेत्र को भी महत्व दिया जा रहा है। तकनीकी बुनियादी ढांचे और रोजगारपरक कौशल को बढ़ाने से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इससे कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े अवसरों के विस्तार की संभावना बढ़ेगी।

    सरकार का जोर विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति को गति देने पर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास और प्रगति के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी क्रम में उद्योग, तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में प्रगति के लिए काम कर रही है। साथ ही आगामी सिंहस्थ की तैयारियों को भी गति दी जा रही है और उससे जुड़े आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से किए जाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    इन पहलों के जरिए सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। IT पार्क, इंजीनियरिंग कैंपस, औद्योगिक गतिविधियों और मेट्रोपॉलिटन शहरों के विकास को रोजगार और आर्थिक विकास से जोड़कर आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

  • इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी घमासान, मंच पर बुलाए गए छात्रों की पृष्ठभूमि पर भाजपा ने उठाए सवाल

    इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर सियासी घमासान, मंच पर बुलाए गए छात्रों की पृष्ठभूमि पर भाजपा ने उठाए सवाल

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में शनिवार को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान कुछ छात्रों को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याएं और रोजगार से जुड़े मुद्दे सामने रखने का अवसर दिया गया। अब मंच पर पहुंचे कुछ युवाओं की कथित राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं।

    भाजपा का आरोप है कि कार्यक्रम में सामान्य छात्रों के रूप में जिन युवाओं को मंच पर संवाद के लिए बुलाया गया, उनमें कुछ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी या कार्यकर्ता रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ पुराने दस्तावेजों और तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि मंच पर मौजूद युवाओं की राजनीतिक संबद्धता पहले से सामने रही है। पार्टी ने इसे कार्यक्रम की विश्वसनीयता से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है।

    कार्यक्रम में तीन नाम विशेष रूप से चर्चा में आए हैं। इनमें तनय शर्मा, राधा मालवीय और रणजीत किसानवंशी शामिल हैं। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि तनय शर्मा कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के प्रवक्ता हैं। पार्टी नेताओं ने उनके राजनीतिक पद से संबंधित जानकारी को सार्वजनिक करते हुए सवाल उठाया कि यदि वे कांग्रेस की छात्र राजनीति से जुड़े हैं तो उन्हें सामान्य परीक्षार्थी के तौर पर मंच पर क्यों बुलाया गया।

    इसी तरह भाजपा ने राधा मालवीय को लेकर भी दावा किया है कि वह निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य होने के साथ युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। भाजपा नेताओं ने उनकी राजनीतिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और मंच पर संवाद को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

    तीसरे नाम के तौर पर रणजीत किसानवंशी का उल्लेख किया गया है। भाजपा ने उन्हें कांग्रेस का सक्रिय कार्यकर्ता बताया है। इसके समर्थन में पार्टी नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ उनकी पुरानी तस्वीरों का हवाला दिया है। भाजपा का कहना है कि इन तस्वीरों और राजनीतिक गतिविधियों से उनकी कांग्रेस से संबद्धता का संकेत मिलता है।

    भाजपा नेताओं ने पूरे मामले को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उनका आरोप है कि युवाओं की समस्याओं पर सीधे संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम में पार्टी से जुड़े लोगों को छात्रों के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया गया और उनसे पहले से तय तरीके से बातचीत कराई गई।

    भाजपा प्रवक्ताओं ने आरोपों के आधार पर कार्यक्रम की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि मंच पर मौजूद लोगों की राजनीतिक पहचान पहले से कांग्रेस से जुड़ी थी, तो कार्यक्रम में उन्हें सामान्य छात्रों के रूप में प्रस्तुत करने का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

    हालांकि, इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया था। ऐसे में मंच पर आए तीनों युवाओं की भूमिका और कार्यक्रम में उनके चयन को लेकर लगाए गए राजनीतिक दावों पर कांग्रेस का पक्ष सामने आना बाकी है। विवाद के बाद इंदौर के इस आयोजन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

  • जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    जीतू पटवारी का मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज, बोले- 800 दिन बचे हैं, अब सस्ती शिक्षा और छात्रों के मुद्दों पर काम करें

    मध्य प्रदेश: कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधा। पटवारी ने मुख्यमंत्री से सस्ती और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के अब करीब 800 दिन बचे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय का इस्तेमाल जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए किया जाना चाहिए।

    पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बिना समय गंवाए शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए। उनके मुताबिक सत्ता और पद पर रहने का समय तेजी से गुजरता है, इसलिए सरकार को शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में मुख्यमंत्री के राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अब सीमित समय बचा है और उन्हें इस अवधि में जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा को छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस काम करने की अपील की।

    इसी दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान चलाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश के हर जिले में इस नाम से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों को सीधे तौर पर जोड़े जाने की बात कही गई है।

    पटवारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ किसी राजनीतिक दल या कांग्रेस के बैनर तले आयोजित नहीं किया जाएगा। इसमें छात्रों और उनके अभिभावकों की भागीदारी होगी। अभियान का उद्देश्य शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने लाना तथा उनके भविष्य से संबंधित विषयों पर चर्चा करना बताया गया है।

    उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अब काम शुरू किया जाना चाहिए। पटवारी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित और उनके भविष्य से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

    ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को प्रदेश के सभी जिलों तक ले जाने की घोषणा के साथ पटवारी ने छात्रों और अभिभावकों की सीधी भागीदारी पर जोर दिया। उनके अनुसार यह कार्यक्रम शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का माध्यम बनेगा और विद्यार्थियों की समस्याओं पर चर्चा की जाएगी।

    इंदौर में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने सस्ती शिक्षा का मुद्दा प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने बचे हुए कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

    इस पूरे अभियान के जरिए छात्रों और अभिभावकों को शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जोड़ने की योजना बताई गई है। पटवारी ने कहा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और छात्रों के भविष्य से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

  • राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा

    राहुल गांधी को प्रपोज करने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, जताई शादी करने की इच्छा


    इंदौर।
    कांग्रेस (Congress) के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम (‘Students’ Resonance’ Programme) में शामिल होने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची एक युवती उस समय चर्चा में आ गई, जब उसने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) से शादी करने की इच्छा जताई। युवती ने कहा कि यदि अभिनेत्री करीना कपूर राहुल गांधी को डेट करना चाहती थीं, तो एक आम लड़की भी उनसे शादी करने की इच्छा रख सकती है।

    युवती ने कहा कि वह चाहती है कि राहुल गांधी की शादी उससे हो। उसके मुताबिक, राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जिस तरह बात करते हैं, उसका युवाओं पर प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से वह राहुल गांधी को सुनने के लिए दिल्ली से इंदौर पहुंची है।


    ‘कई लड़कियां खुले मंच से करेंगी प्रपोज’

    युवती ने दावा किया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल होंगे। उसने यह भी कहा कि कई लड़कियां राहुल गांधी को खुले मंच से प्रपोज करने की इच्छा रखती हैं। हालांकि, मंच से प्रपोज करने को लेकर युवती की बात उसकी व्यक्तिगत इच्छा और दावे के रूप में सामने आई है। कार्यक्रम के दौरान वास्तव में ऐसा कोई घटनाक्रम होता है या नहीं, यह आयोजन के समय ही स्पष्ट होगा।


    राघव चैतन्य की प्रस्तुति भी आकर्षण

    ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के संवाद के साथ सिंगर राघव चैतन्य भी प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति को लेकर भी युवाओं में उत्साह है। कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं के पहुंचने की तैयारी की गई है।


    ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ में होगा आयोजन

    इंदौर के रीजनल पार्क स्थित मैदान को कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो ग्राउंड’ नाम दिया है। इसी मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यहां राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही बड़ी संख्या में युवाओं के पहुंचने की तैयारियां जारी हैं।


    अबतक चार एडिशन आयोजित किए जा चुके हैं

    आपको बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में अब तक कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के चार एडिशन आयोजित किए गए हैं।17 जून को राजस्थान के कोटा से इसकी शुरुआत की गई थी। 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज जबकि 22 अगस्त को पुणे में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। यह स्टूडेंट्स से संवाद का कार्यक्रम है, जिसके जरिए राहुल गांधी प्रश्नपत्र लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।