Tag: Indore

  • बेटे का शव देखते ही थम गई मां की सांसें, इंदौर में कुछ ही मिनटों के अंतराल में मां-बेटे की मौत

    बेटे का शव देखते ही थम गई मां की सांसें, इंदौर में कुछ ही मिनटों के अंतराल में मां-बेटे की मौत


    मध्यप्रदेश । इंदौर के भंडारी मिल मार्ग स्थित श्रीनाथ विहार अपार्टमेंट में घटित एक मार्मिक घटना ने पूरे शहर को भावुक कर दिया। 55 वर्षीय राजुल शर्मा के निधन के कुछ ही मिनट बाद उनकी 75 वर्षीय मां किरण शर्मा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। सोमवार को जब मां और बेटे की अर्थियां एक साथ घर से निकलीं तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। परिवार, रिश्तेदार और पड़ोसी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर खुद को संभाल नहीं सके।

    परिजनों के अनुसार, राजुल शर्मा पेशे से कंप्यूटर डिजाइनर थे। रविवार को उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। परिवार इस दुखद घटना से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही देर बाद एक और बड़ा सदमा सामने आ गया।

    परिवार के सदस्य राजेश शर्मा ने बताया कि राजुल और उनकी मां किरण शर्मा दोनों की पहले बायपास सर्जरी हो चुकी थी। परिवार के कई सदस्यों का भी हृदय संबंधी उपचार हो चुका है। उन्होंने कहा कि परिवार पर एक साथ आए इस दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

    जानकारी के अनुसार, राजुल शर्मा के निधन के समय उनकी मां किरण शर्मा अपनी बेटी के घर एरोड्रम रोड क्षेत्र में थीं। परिजन उन्हें अचानक सदमा न लगे, इसलिए उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में उन्हें धीरे-धीरे घर लाया गया। लेकिन जैसे ही वे फ्लैट में पहुंचीं और बेटे का पार्थिव शरीर देखा, उनका धैर्य टूट गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किरण शर्मा बेटे के शव के पास पहुंचीं, उसके सिर पर हाथ फेरा और फूट-फूटकर रोने लगीं। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे अचानक बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    कुछ ही घंटों के भीतर मां और बेटे के निधन की खबर पूरे परिवार और परिचितों के लिए गहरे सदमे का कारण बन गई। सोमवार सुबह से ही रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचने लगे। जब दोनों की अर्थियां एक साथ सजाई गईं और अंतिम यात्रा निकली तो माहौल बेहद भावुक हो गया। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि मां और बेटे का रिश्ता कितना गहरा रहा होगा कि बेटे के जाने का दुख मां सहन ही नहीं कर सकीं।

    गहरे शोक के इस माहौल के बीच परिवार ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने इस दुखद घटना को मानवता के संदेश में बदल दिया। परिजनों ने मां और बेटे दोनों का नेत्रदान करने का फैसला किया। सामाजिक संस्था मुस्कान ग्रुप के सहयोग से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। परिवार का मानना है कि भले ही दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी चार जरूरतमंद लोगों के जीवन को नया उजाला देगी।

    इसी क्रम में शहर में अन्य परिवारों ने भी नेत्रदान की प्रेरणादायक पहल की है। धनवंती देवी लालवानी, सरदारनी नरेंद्र कौर और नंदलाल पुरणानी के निधन के बाद उनके परिजनों ने भी नेत्रदान कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    राजुल और किरण शर्मा की यह कहानी जहां एक ओर मां-बेटे के अटूट प्रेम को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर नेत्रदान के माध्यम से मानवता और सेवा का संदेश भी देती है।

  • क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, इंदौर से चला नेटवर्क चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली तक फैला

    क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, इंदौर से चला नेटवर्क चंडीगढ़, बेंगलुरु और दिल्ली तक फैला


    मध्यप्रदेश । इंदौर में क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपए की कथित ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका संचालन चंडीगढ़, बेंगलुरु, दिल्ली और अन्य शहरों तक फैला हुआ था। आरोप है कि गिरोह लोगों को कम समय में भारी मुनाफे और रकम दोगुनी होने का लालच देकर निवेश करवाता था, लेकिन बाद में न तो मुनाफा देता था और न ही मूल राशि लौटाता था।

    पुलिस के अनुसार, मामले में हरप्रीत कौर उर्फ मोना, जसवंत सिंह उर्फ जस्सी, अनिरुद्ध दलवी, मुकेश तायडे और जोसेफ सहित अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। फिलहाल हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

    क्राइम ब्रांच को जिया वाधवानी, गुरजीत, अभिषेक, जसरथ, अमरजीत, हन्नी, साहिल, रोहित, पंकज, गुरमीत कौर समेत कई लोगों ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने पर शुरुआत में 2 प्रतिशत तक रिटर्न और 100 दिनों में रकम दोगुनी होने का दावा किया था। इसी भरोसे में लोगों ने लाखों रुपए निवेश किए।

    जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपियों ने मिलकर “ए स्क्वेयर वर्ल्ड ग्लोबल कंसल्टेंसी” नाम से एक कथित यूएस बेस्ड कंपनी का प्रचार किया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी के नाम और विदेशी कारोबार के दावों का इस्तेमाल निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए किया गया। पुलिस के अनुसार, निवेशकों से प्राप्त राशि हरप्रीत कौर और कंपनी से जुड़े बैंक खातों में जमा करवाई गई थी। प्रारंभिक जांच में करीब ढाई करोड़ रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

    पीड़िता जिया वाधवानी ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान हरप्रीत कौर से एक किटी पार्टी के दौरान हुई थी। वहीं से उसे निवेश योजना की जानकारी दी गई। बाद में उसे भंवरकुआ क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में ले जाया गया, जहां अन्य आरोपियों ने कथित निवेश योजना प्रस्तुत की। इसके बाद शहर के एक बड़े होटल में सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, सेमिनार में महंगे उपहार, आकर्षक प्रस्तुतियां और बड़े मुनाफे के वादों के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया।

    पीड़ितों का आरोप है कि मार्च 2025 के बाद किसी भी निवेशक को भुगतान नहीं किया गया। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने वेबसाइट अपडेट, तकनीकी समस्या और भुगतान प्रक्रिया में देरी जैसे कारण बताकर समय टालना शुरू कर दिया। बाद में ऑनलाइन बैठकों के माध्यम से भी निवेशकों को आश्वासन दिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार, लगातार दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने कथित तौर पर यह कह दिया कि कंपनी का कारोबार बंद हो चुका है और अब किसी को कोई पैसा नहीं मिलेगा। इसके बाद कई आरोपियों ने फोन उठाना और संपर्क करना भी बंद कर दिया।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले की जांच जारी है। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन, निवेश रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित निवेश योजना से कुल कितने लोग प्रभावित हुए और ठगी की वास्तविक राशि कितनी है।

  • इंस्टाग्राम से बोतल मंगाना पड़ा भारी, रिफंड के झांसे में फंसी छात्रा से 2.99 लाख की साइबर ठगी

    इंस्टाग्राम से बोतल मंगाना पड़ा भारी, रिफंड के झांसे में फंसी छात्रा से 2.99 लाख की साइबर ठगी


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ऑनलाइन ठगी और साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हो गई। आरोप है कि इंस्टाग्राम के माध्यम से किए गए एक ऑनलाइन ऑर्डर के बाद ठगों ने पहले रिफंड का झांसा देकर छात्रा को अपने जाल में फंसाया और फिर कथित अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूले। इसके बाद उसके बैंक खाते से करीब 2 लाख 99 हजार रुपए की राशि भी निकाल ली गई।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा वरीदा ने इस मामले की शिकायत खजराना थाने और साइबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि उसकी बहन अलीना ने 11 मई को इंस्टाग्राम पर संचालित एक पेज “सॉफ क्यूक इंडिया” से पानी की दो बोतलें ऑर्डर की थीं। इसके लिए ऑनलाइन भुगतान भी किया गया था।

    शिकायत के मुताबिक, ऑर्डर करने के कुछ समय बाद एक व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ऑर्डर किसी कारणवश रद्द हो गया है और भुगतान की गई राशि वापस की जाएगी। इसके लिए उसने एक लिंक भेजी और रिफंड प्रक्रिया पूरी करने के लिए उस पर क्लिक करने को कहा। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान ठगों ने छात्रा की बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ली।

    मामला यहीं नहीं रुका। छात्रा का आरोप है कि 20 मई को उसे एक अन्य कॉल प्राप्त हुआ। कॉल करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उसके पास छात्रा की अश्लील तस्वीरें हैं और यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वे तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 30 हजार रुपए की मांग की। बदनामी के डर से छात्रा ने बताए गए यूपीआई खाते में राशि ट्रांसफर कर दी।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब 9 जून को छात्रा कॉलेज फीस जमा करने पहुंची। फीस भुगतान के दौरान उसे पता चला कि उसके बैंक खाते में पर्याप्त राशि नहीं बची है। इसके बाद जब उसने बैंक से संपर्क कर खाते की जानकारी ली तो सामने आया कि खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 2.99 लाख रुपए निकाले जा चुके हैं।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर विशेषज्ञ भी ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच में जुटे हैं।

    पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान विक्रेता से खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। किसी भी रिफंड लिंक, संदिग्ध कॉल या ओटीपी साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

  • खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप

    खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बंगाली चौराहे के पास स्थित एक शराब दुकान के समीप संचालित कथित अवैध अहाते का वीडियो बनाने पहुंचीं कुछ महिलाओं और दुकान से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और एक महिला का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    जानकारी के अनुसार, बंगाली चौराहे के समीप स्थित किशकिंधा अपार्टमेंट में करीब 24 परिवार निवास करते हैं। रहवासियों का आरोप है कि शराब दुकान के पास अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में आए दिन शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    शनिवार रात अपार्टमेंट में रहने वाली कुछ महिलाएं कथित अवैध अहाते की स्थिति का वीडियो बनाने पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि वे क्षेत्र में हो रही समस्याओं को रिकॉर्ड कर प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई।

    रहवासियों का आरोप है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान दुकान के कर्मचारियों ने कविता रोकड़े नामक महिला का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी शराबियों के जमावड़े के कारण असामाजिक गतिविधियों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसकी शिकायत प्रशासन को कई बार की जा चुकी है।

    दूसरी ओर, मामले की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और तत्काल किसी बड़े विवाद को बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    रहवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उनका आरोप है कि शराब दुकान के आसपास कथित अवैध अहाते और अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे यातायात और आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने तथा कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

    मामले ने एक बार फिर शहर में शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा, अतिक्रमण और स्थानीय नागरिकों की परेशानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। अब क्षेत्र के लोग प्रशासनिक कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं

    इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों के लिए राहत और सुविधा भरी खबर है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, आवेदन जमा करने या विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम इंदौर शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों में तीन दिवसीय जनकल्याण कैंप आयोजित करने जा रहा है। ये कैंप 16 जून से 18 जून तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

    नगर निगम द्वारा आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होने के बावजूद अब तक लाभ से वंचित हैं। कैंप के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण भी किया जाएगा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार विभिन्न विभागों के मैदानी अमले की सहायता से पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका पंजीयन, आवेदन स्वीकृति और योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी। कैंप में विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन शिविरों के जरिए लोगों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सकेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    इस प्रकार आयोजित होंगे कैंप
    अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे के अनुसार जनकल्याण कैंप चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे0-
    16 जून : जोन क्रमांक 1 से 8 तक के जोन कार्यालयों में
    17 जून : जोन क्रमांक 9 से 15 तक के जोन कार्यालयों में
    18 जून : जोन क्रमांक 16 से 22 तक के जोन कार्यालयों में

    कैंप के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवेदन, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, पात्रता जांच और सेवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं भी मौके पर ही पूरी की जाएंगी। इससे नागरिकों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

    नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कैंपों के सफल संचालन और अधिकतम नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिक लाभान्वित होंगे और सरकारी योजनाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा।

  • इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं

    इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं


    मध्य प्रदेश। भीषण गर्मी का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। इंदौर में टमाटर की कीमतें खुदरा बाजार में 80 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच चुकी हैं और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश की स्थानीय फसल लगभग खत्म हो चुकी है, जबकि राजस्थान से आने वाली आवक भी तेजी से घट रही है। ऐसे में फिलहाल बाजार पूरी तरह महाराष्ट्र से आने वाले टमाटर पर निर्भर हो गया है।

    शहर की प्रमुख देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी, चोइथराम में टमाटर के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। मंडी में महाराष्ट्र के उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर 800 से 1000 रुपए प्रति कैरेट तक बिक रहे हैं। थोक बाजार में इनका भाव 50 से 60 रुपए प्रति किलो के बीच है, जबकि खुदरा बाजार में यही टमाटर 70 से 80 रुपए या उससे अधिक कीमत पर ग्राहकों को मिल रहा है।

    व्यापारियों के अनुसार टमाटर की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र में फसल का लगभग समाप्त हो जाना है। भीषण गर्मी और नई फसल की बुवाई के कारण किसानों के पास बिक्री योग्य टमाटर नहीं बचा है। वर्तमान में प्रदेश में केवल कुछ इलाकों में सीमित मात्रा में उत्पादन हो रहा है।

    दूसरा बड़ा कारण राजस्थान से आने वाली सप्लाई में गिरावट है। कोटा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला टमाटर भी अब कम हो रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में वहां से आने वाली आवक लगभग बंद हो सकती है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

    इसी बीच गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों से टमाटर की मांग बढ़ने के कारण भी कीमतों पर असर पड़ा है। मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने के कारण बाजार में संतुलन बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी नाका शुल्क में वृद्धि को भी कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण माना जा रहा है।

    फिलहाल इंदौर मंडी में महाराष्ट्र के नारायणगांव, सलगमनेर और कलवन क्षेत्रों से टमाटर की खेप पहुंच रही है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी तीन महीनों तक स्थिति लगभग इसी प्रकार बनी रह सकती है। यदि मानसून के दौरान परिवहन और भंडारण में दिक्कतें बढ़ती हैं तो कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। कुछ व्यापारियों का अनुमान है कि खुदरा बाजार में टमाटर का भाव 100 रुपए प्रति किलो तक भी पहुंच सकता है।

    टमाटर के साथ अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शिमला मिर्च, गिलकी, हरी मिर्च और ग्वार फली जैसी सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। जो सब्जियां कुछ समय पहले 20 से 30 रुपए प्रति किलो बिक रही थीं, वे अब 40 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।

    व्यापारियों के अनुसार मालवा, निमाड़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी के कारण फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते मंडियों में बड़ी मात्रा में माल नहीं पहुंच रहा है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल बाजार में आने और उत्पादन सामान्य होने के बाद ही उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकेगी।

  • इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार

    इंदौर में ड्राइवर ने फांसी लगाकर दी जान, वीडियो बनाकर प्रेमिका समेत 5 लोगों को ठहराया जिम्मेदार


    मध्य प्रदेश। इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे उसने अपने भाई को भी भेजा। वीडियो में युवक ने अपनी प्रेमिका, उसकी बहन, भाई और अन्य लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    परदेशीपुरा थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 25 वर्षीय लविश लश्करी के रूप में हुई है। लविश मूल रूप से उज्जैन का निवासी था और इंदौर में किराये के मकान में रहकर ड्राइवर का काम करता था। गुरुवार को उसके द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    परिजनों के अनुसार लविश का खंडवा निवासी एक युवती के साथ करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। युवक द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि वह लगभग डेढ़ वर्ष तक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहा था। वीडियो में उसने कहा कि कुछ समय पहले युवती के परिजनों को इस संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद वे युवती को अपने साथ ले गए और उसका मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में रख लिया।

    मृतक ने वीडियो में यह भी कहा कि वह लंबे समय से युवती से संपर्क नहीं कर पा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार बताते हुए कई आरोप लगाए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि वीडियो में किए गए दावों और आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

    पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इसी बीच शहर में आत्महत्या के दो अन्य मामले भी सामने आए हैं। द्वारकापुरी क्षेत्र के अहीरखेड़ी निवासी 28 वर्षीय करण बलाई ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार उसकी कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन पत्नी के अलग होकर चले जाने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। गुरुवार शाम उसके पिता ने उसे कमरे में फंदे पर लटका हुआ पाया।

    वहीं आजाद नगर क्षेत्र में हम्माली का काम करने वाले 40 वर्षीय कन्हैया जायसवाल ने भी आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। कन्हैया के चार बच्चे हैं। घटना की जानकारी उस समय लगी जब देर रात उसकी पत्नी ने उसे फंदे पर लटका देखा।

    पुलिस तीनों मामलों में अलग-अलग जांच कर रही है और संबंधित परिस्थितियों तथा परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण

    MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर संभाग (Indore Division) के महू क्षेत्र (Mhow region) में गंभीर नदी (Gambhir River) को नया जीवन देने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नदी के जलागम क्षेत्र को सुरक्षित करने और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से भमती और रिछा पहाड़ियों के सीमांकन का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इस अभियान को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया।


    पहाड़ियों का सीमांकन और विस्तृत कार्ययोजना पर मंथन

    निरीक्षण दल में शामिल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू राकेश परमार, जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीराज दुबे और तहसीलदार महू विवेक सोनी ने भमती एवं रिछा पहाड़ी क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने गंभीर नदी के जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल संरक्षण के लिए बनाई गई प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। योजना के तहत इस पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 हजार सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) का निर्माण किया जाना तय हुआ है।


    जल संवर्धन और वृक्षारोपण से बदलेगी तस्वीर

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सतत कंटूर ट्रेंच के निर्माण के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। इस दोहरी रणनीति से वर्षा के जल को बहने से रोका जा सकेगा और वह अधिकतम मात्रा में जमीन के भीतर समाहित होगा। इस प्रक्रिया से न केवल क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि मिट्टी के कटाव पर भी प्रभावी रोक लगेगी। यह पूरा प्रयास गंभीर नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा।


    मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास

    यह पूरा अभियान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के जल संरक्षण संबंधी संकल्पों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भमती और रिछा पहाड़ियां गंभीर नदी के लिए मुख्य जल स्रोत (जलागम क्षेत्र) का कार्य करती हैं, इसलिए यहां किए जा रहे संरक्षण कार्य नदी के पुनर्जीवन में सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने की अपील
    जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता के सहयोग से गंभीर नदी को एक बार फिर से अविरल, निर्मल और जीवनदायिनी बनाना है।

  • इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में मानसिक तनाव से जूझ रही महिला की मौत: जहरीला पदार्थ पीने के बाद अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस जांच में जुटी


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में एक 43 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महिला को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान सोनू सिसौदिया के रूप में हुई है, जो ऋषि पैलेस कॉलोनी की निवासी थीं। परिजनों के अनुसार बुधवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात करीब 11 बजे उनकी मृत्यु हो गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और अस्वस्थता से गुजर रही थीं। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनके पति जगदीश सिसौदिया का लगभग आठ महीने पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित रहने लगी थी और परिवार उनकी देखभाल तथा उपचार करवा रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार महिला का इलाज चिकित्सकीय परामर्श के साथ कराया जा रहा था। इसके अतिरिक्त परिवार ने अन्य पारंपरिक और धार्मिक उपायों का भी सहारा लिया था। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

    परिजनों के मुताबिक हाल ही में परिवार में एक नवजात शिशु का जन्म हुआ था। बच्चे को अस्पताल से घर लाए जाने के दौरान महिला असामान्य रूप से घबराई हुई दिखाई दीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने और शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बाद में उनकी तबीयत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों, चिकित्सकीय दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    इधर, शहर में दो अन्य संदिग्ध मौतों के मामले भी सामने आए हैं। तिलक नगर क्षेत्र के निवासी आकाश तायड़े को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं भंवरकुआं क्षेत्र के निवासी अजय की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। परिजनों ने प्राथमिक तौर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि तीनों मामलों में जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।