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  • अमृत ग्रुप की कंपनियों और प्रमोटरों से जुड़े ठिकानों पर ईडी की रेड, निवेशकों से कथित धोखाधड़ी और फंड ट्रेल की जांच

    अमृत ग्रुप की कंपनियों और प्रमोटरों से जुड़े ठिकानों पर ईडी की रेड, निवेशकों से कथित धोखाधड़ी और फंड ट्रेल की जांच

    नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अमृत ग्रुप की कंपनियों और उनके प्रमोटरों से जुड़े कोलकाता और मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित करीब 17 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय बलों के जवान भी टीमों के साथ मौजूद रहे। कोलकाता में छह अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली गई, जबकि इंदौर में 11 ठिकानों पर कार्रवाई जारी रही।

    यह जांच निवेश से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, अमृत ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों ने अलग-अलग डिपॉजिट स्कीम के नाम पर आम लोगों से रकम जमा कराई। निवेशकों को आकर्षक और अधिक रिटर्न देने का भरोसा दिलाए जाने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक, बाद में कंपनी ने कथित तौर पर वादा किया गया रिटर्न नहीं दिया और निवेशकों की रकम भी वापस नहीं की।

    मामले में शिकायतें सामने आने के बाद जांच आगे बढ़ी। ईडी को संदेह है कि निवेशकों से कथित तौर पर जुटाए गए चिटफंड के पैसों का इस्तेमाल रियल एस्टेट और निर्माण कारोबार में किया गया तथा इसी माध्यम से रकम को कथित तौर पर वैध दिखाने की कोशिश की गई। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी इसी वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    कोलकाता में नारकेलडांगा, नेताजी नगर और रवींद्र सरोबर थाना क्षेत्रों में छह स्थानों पर ईडी की टीमें पहुंचीं। वहीं, इंदौर में भी अमृत ग्रुप से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी ली गई। दोनों शहरों में एक साथ हुई इस कार्रवाई का उद्देश्य कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करना है।

    इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में ईडी की कोलकाता टीम ने जमीन हड़पने और दस्तावेजों तथा जमीन के रिकॉर्ड में कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अमित गांगुली नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी मंगलवार रात की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, अमित गांगुली पर अलग-अलग लोगों और संस्थाओं की संपत्तियों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करने के आरोप हैं।

    ईडी के मुताबिक, अमित गांगुली के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से 23 एफआईआर दर्ज हैं। एजेंसी इन मामलों और संपत्तियों से जुड़े कथित लेनदेन की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों और मामलों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

    अमृत ग्रुप से जुड़ी कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य आधार निवेशकों से रकम जुटाने, कथित तौर पर रिटर्न का भुगतान नहीं करने और पैसों के संभावित दूसरे कारोबारों में इस्तेमाल से जुड़ी जांच है। ईडी की तलाशी के दौरान संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।

    फिलहाल कंपनी या उसके प्रमोटरों की ओर से ईडी की कार्रवाई को लेकर कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कोलकाता में छह और इंदौर में 11 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान पर जीतू पटवारी का अल्टीमेटम, तीन महीने में जारी नहीं हुआ तो 50 हजार लोग निकालेंगे पदयात्रा

    मध्य प्रदेश : कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर सरकार को तीन महीने का समय देने की बात कही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी नहीं किया गया और जनता तथा व्यापारियों की समस्याएं बनी रहीं, तो कांग्रेस इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालेगी।

    पटवारी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर आयोजित 31 घंटे के उपवास कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस कार्यक्रम को अपना समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

    पटवारी ने कहा कि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। उनके मुताबिक, भोपाल में मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने उपवास किया है। इससे पहले व्यापारियों और विधायक आरिफ मसूद की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया गया है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अलग-अलग अवसरों पर सरकार से भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू करने की मांग करती रही है। अब पार्टी ने नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अगले तीन महीने के भीतर दोनों शहरों का मास्टर प्लान जारी किया जाए।

    पटवारी का कहना है कि मास्टर प्लान के अभाव में दोनों शहरों का विकास बेतरतीब तरीके से हो रहा है। इसका असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ रहा है और उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय अवधि में मास्टर प्लान नहीं लाती है तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर से भोपाल तक प्रस्तावित पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं रहेगी। पटवारी के अनुसार, इसमें प्रदेश में फैल रहे भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के खिलाफ भी जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जाएगी।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने जनता से वोट लिए हैं। यदि वही जनता मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थित विकास के लिए संघर्ष करने को मजबूर है तो इसे जनता के साथ अन्याय माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

    पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे पहले नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के नाम पर 10 लाख रुपये का शुल्क लिया है।

    उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह नेता प्रतिपक्ष के रूप में भोपाल आते थे, तब कांग्रेस सरकार उन्हें कार्यक्रम की अनुमति देती थी और स्वयं भी उनके कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें सुनती थी। पटवारी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए मैदान का शुल्क लिए जाने को दोनों सरकारों की सोच के बीच अंतर बताया।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम छात्रों और युवाओं से जुड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में युवा अपनी बात रखने के लिए शामिल होंगे। पटवारी ने सरकार से राजनीतिक दुर्भावना से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की।

  • NHAI सदस्य विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश में उज्जैन-गरोठ और तेजाजी नगर-बलवाड़ा हाईवे परियोजनाओं का निरीक्षण किया

    NHAI सदस्य विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश में उज्जैन-गरोठ और तेजाजी नगर-बलवाड़ा हाईवे परियोजनाओं का निरीक्षण किया

    मध्य प्रदेश: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सदस्य परियोजना विपिनेश शर्मा ने मध्य प्रदेश के दौरे के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करीब 140 किलोमीटर लंबे उज्जैन-गरोठ कॉरिडोर के तीनों पैकेजों और इंदौर से खंडवा के बीच निर्माणाधीन 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा प्रोजेक्ट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता, सुरक्षा व्यवस्था और परियोजनाओं से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

    उज्जैन-गरोठ परियोजना के निर्माणाधीन पैकेज-1 के निरीक्षण के दौरान शर्मा ने अलग-अलग निर्माण गतिविधियों की स्थिति देखी। उन्होंने निर्माणाधीन RE Wall समेत विभिन्न संरचनात्मक कार्यों का जायजा लिया और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

    शर्मा ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने, जरूरी सुरक्षा प्रबंधों को बनाए रखने और निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उनके निरीक्षण में परियोजना की प्रगति के साथ काम की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को प्रमुखता दी गई।

    उज्जैन-गरोठ परियोजना के दो पूर्ण हो चुके पैकेजों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान हाईवे की मौजूदा स्थिति, यातायात व्यवस्था और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। शर्मा ने हाईवे पर मौजूद अतिक्रमण को लेकर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे को पूरी तरह अतिक्रमण-मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग पर भी जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि यह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है, इसलिए यातायात प्रबंधन और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा से जुड़े निर्धारित मानकों का प्रभावी तरीके से पालन होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान हाईवे पर लगाए गए CCTV कैमरों से होने वाली निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। शर्मा ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों पर कैमरों के माध्यम से की जा रही निगरानी की जानकारी ली और अधिकारियों को लगातार प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

    शर्मा ने हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों और NHAI एम्बुलेंस की उपलब्धता तथा उनके संचालन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क उपयोगकर्ताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं हमेशा तैयार और प्रभावी रहनी चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी के साथ त्वरित रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

    इसके बाद उन्होंने इंदौर से खंडवा के बीच निर्माणाधीन 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्सों और निर्माणाधीन टनल का जायजा लिया गया। उन्होंने टनल निर्माण की प्रगति तथा साइट पर चल रहे विभिन्न कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।

    शर्मा ने निर्माण कार्यों में गति बनाए रखने के साथ बेहतर समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परियोजना के काम को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ उन्होंने प्रगति और कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की।

    निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय और परियोजना की नियमित समीक्षा के जरिए निर्माण गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।

  • इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इस समिट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम 11 और 12 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी शामिल होंगे।

    समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। इसके जरिए प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को नई तकनीक, जन-निजी भागीदारी और हरित ऊर्जा से जोड़ने पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से PPP मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम अपनी गतिविधियों तथा नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। समिट की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की संरचना और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका जारी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी कार्यक्रम में होगा।

    समिट में देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रतिनिधि, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को सरल, सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी और सुझाव लिए जाएंगे।

    दो दिनों के कार्यक्रम में कुल आठ सत्र रखे गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं में निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

    एक सत्र सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसमें किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व के विकल्पों पर मंथन होगा।

    रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शामिल हैं।

    यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधा से जुड़े विषयों में CCTV निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वाहन रखरखाव, वास्तविक समय यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पर विचार होगा। वहीं AI और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस मार्गों और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    हरित मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग एवं रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर विचार होगा। अंतिम सत्र में एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध यात्रा अनुभव पर मंथन किया जाएगा।

  • जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    जबलपुर एयरपोर्ट पर अचानक कैंसिल हुई इंडिगो की उड़ान, यात्रियों ने जताई नाराजगी; वैकल्पिक यात्रा का दिया गया भरोसा

    मध्‍य प्रदेश : जबलपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की उड़ान तकनीकी खराबी के कारण रद्द होने से करीब 45 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हैदराबाद से जबलपुर पहुंचने के बाद इसी विमान को यात्रियों को लेकर इंदौर रवाना होना था, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद उड़ान संचालित नहीं की जा सकी।

    इंडिगो की फ्लाइट 6E7315 सोमवार सुबह हैदराबाद से जबलपुर पहुंची थी। इसके बाद विमान को जबलपुर से इंदौर के लिए उड़ान भरनी थी। इस चरण में करीब 45 यात्री इंदौर जाने के लिए विमान में सवार होने वाले थे। हालांकि तकनीकी खराबी के चलते उड़ान रद्द करने का फैसला लिया गया।

    यात्रियों को जब फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिली तो एयरपोर्ट पर नाराजगी की स्थिति बन गई। कई यात्रियों का कहना था कि उन्होंने इंदौर पहुंचने के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाई थी। कुछ यात्रियों को जरूरी काम के सिलसिले में इंदौर जाना था, इसलिए अचानक उड़ान रद्द होने से उनके कार्यक्रम प्रभावित हुए।

    फ्लाइट रद्द होने की सूचना के बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर अपनी नाराजगी जाहिर की। यात्रियों के मुताबिक उन्हें उड़ान रद्द होने की जानकारी अचानक मिली, जिससे आगे की यात्रा को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए नए विकल्प तलाशने पड़े।

    स्थिति को देखते हुए एयरलाइन अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत की और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे मार्गों और कनेक्टिंग फ्लाइट की संभावनाओं पर काम किया गया।

    एयरलाइन की ओर से कुछ यात्रियों को कनेक्टिंग रूट के जरिए इंदौर भेजने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। इससे यात्रियों के लिए तत्काल यात्रा का वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। हालांकि अचानक हुए बदलाव के कारण यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में परिवर्तन करना पड़ा।

    कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा को आगे के लिए रीशेड्यूल कराया। वहीं कुछ यात्रियों ने टिकट कैंसिल कराने का विकल्प चुना। यात्रियों का कहना था कि उड़ान रद्द होने के कारण उनके समय और आगे की निर्धारित योजनाओं पर असर पड़ा।

    तकनीकी खराबी के कारण विमान संचालन रोकना विमानन सुरक्षा से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी स्थिति में विमान को उड़ाने के बजाय तकनीकी जांच और आवश्यक सुधार को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि यात्रियों के लिए अचानक उड़ान रद्द होना असुविधाजनक स्थिति पैदा करता है, खासकर तब जब उन्होंने आगे की यात्रा या जरूरी कार्यों के लिए समय निर्धारित किया हो।

    जबलपुर और इंदौर के बीच हवाई संपर्क यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे दोनों शहरों के बीच कम समय में यात्रा की सुविधा मिलती है। ऐसे में उड़ान रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ा।

    फिलहाल प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक रूट, रीशेड्यूलिंग और टिकट रद्द कराने जैसे विकल्प उपलब्ध कराए गए। घटना के बाद यात्रियों की मुख्य चिंता अपने निर्धारित समय पर इंदौर पहुंचने की रही। तकनीकी समस्या के कारण उड़ान संचालन नहीं होने से सोमवार की यह यात्रा कई यात्रियों के लिए परेशानी भरी साबित हुई।

  • राजवाड़ा स्थित अनोखे मंदिर में मां यशोदा की गोद में विराजते हैं बाल कृष्ण, देश विदेश से आती हैं श्रद्धालु महिलाएं

    राजवाड़ा स्थित अनोखे मंदिर में मां यशोदा की गोद में विराजते हैं बाल कृष्ण, देश विदेश से आती हैं श्रद्धालु महिलाएं

    मध्यप्रदेश: के इंदौर शहर में राजवाड़ा क्षेत्र की गलियों के बीच स्थित करीब 230 साल पुराना मां यशोदा मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक परंपरा के लिए विशेष पहचान रखता है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां मां यशोदा की गोद भराई की रस्म निभाई जाती है। मान्यता है कि इस परंपरा में शामिल होकर महिलाएं संतान प्राप्ति की मनोकामना करती हैं।

    मंदिर की सबसे खास बात यहां स्थापित मां यशोदा की प्रतिमा है, जिनकी गोद में बाल स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं। इसी स्वरूप के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के बीच अलग धार्मिक महत्व रखता है। मंदिर में मां और बेटे के पवित्र संबंध को केंद्र में रखते हुए पूजा और धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं।

    जन्माष्टमी के दिन मंदिर में संतान की इच्छा रखने वाली महिलाओं की विशेष उपस्थिति रहती है। महिलाएं मां यशोदा की गोद भराई की रस्म करती हैं और भगवान श्रीकृष्ण से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करती हैं। इस दौरान पूजा सामग्री के साथ पारंपरिक तरीके से गोद भराई की रस्म पूरी की जाती है।

    मंदिर से जुड़ी मान्यता के कारण जन्माष्टमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें इंदौर और मध्यप्रदेश के अलग अलग हिस्सों से आने वाली महिलाओं के साथ देश के दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। मंदिर की यह परंपरा अब देश के बाहर रहने वाले श्रद्धालुओं के बीच भी आस्था का विषय बनी हुई है।

    कई महिलाएं संतान प्राप्ति की इच्छा लेकर मंदिर पहुंचती हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा मां यशोदा और बाल कृष्ण के दर्शन करने आती हैं। श्रद्धालुओं के लिए गोद भराई की रस्म धार्मिक विश्वास और पारिवारिक सुख की कामना से जुड़ा अवसर होती है।

    मंदिर के पुजारियों के अनुसार मां यशोदा के मंदिर में जन्माष्टमी के दौरान गोद भराई की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसी मान्यता के चलते हर वर्ष इस अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। महिलाएं मां यशोदा की पूजा कर अपनी इच्छाओं और परिवार से जुड़ी प्रार्थनाएं रखती हैं।

    मंदिर का धार्मिक महत्व केवल संतान प्राप्ति की मान्यता तक सीमित नहीं है। मां यशोदा की गोद में बाल कृष्ण की प्रतिमा भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और यशोदा के वात्सल्य की याद दिलाती है। यही कारण है कि जन्माष्टमी के अवसर पर यहां पूजा का माहौल विशेष रूप से भावनात्मक और श्रद्धापूर्ण दिखाई देता है।

    राजवाड़ा क्षेत्र में स्थित यह पुराना मंदिर इंदौर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है। लंबे समय से चली आ रही परंपराओं ने इसे स्थानीय आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित किया है। जन्माष्टमी पर यहां होने वाली गोद भराई की रस्म इसकी विशिष्ट पहचान मानी जाती है।

    देश के अलग अलग हिस्सों और विदेशों से आने वाली महिलाओं के लिए यह धार्मिक यात्रा अपनी संतान की कामना और आस्था से जुड़ा अनुभव होती है। मंदिर में पहुंचकर वे मां यशोदा और बाल कृष्ण के सामने प्रार्थना करती हैं तथा परिवार में खुशियों की कामना करती हैं।

    करीब 230 वर्ष पुराने इस मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर दिखाई देने वाली श्रद्धा इंदौर की धार्मिक परंपराओं की विविधता को भी सामने लाती है। मां यशोदा की गोद में विराजमान बाल कृष्ण का स्वरूप और गोद भराई की परंपरा इस मंदिर को शहर के अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है।

  • Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण

    Janmashtami 2026: MP के इंदौर जिले का अनोखा मंदिर…. जहां विराजमान हैं मूछों वाले कृष्ण


    इंदौर।
    देशभर में आज भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) के जन्मोत्सव (Janmashtami 2026) की धूम मची हुई है. सभी मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई है और कान्हा के जन्म की तैयारियां चल रही हैं. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर जिले (Indore district) के एक ऐसे अनोखे कृष्ण मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत….

    इंदौर जिले के सबसे आखिरी गांव गिरोता में भगवान श्रीकृष्ण का एक ऐसा मंदिर है, जहां कान्हा अपने सामान्य स्वरूप से बिल्कुल अलग मूंछों वाले कृष्ण के रूप में विराजमान हैं. ये मूंछें आन-बान-शान का प्रतीक मानी जाती हैं. मूंछें आत्मसम्मान और मर्यादा का भी प्रतीक मानी जाती हैं. इसी रूप में यहां भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं. इतना ही नहीं, इस मंदिर को लेकर कई ऐसी मान्यताएं और कथाएं प्रचलित हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं।


    अनोखी प्रतिमा विराजमान

    गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की अनोखी प्रतिमा विराजमान है. भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा में मूंछें हैं. यही वजह है कि यहां कान्हा को ‘मूंछों वाले कृष्ण’ के नाम से जाना जाता है. गांव के मुख्य चौराहे पर स्थित होने के कारण इस मंदिर को ‘चौराहे वाले बा के मंदिर’ के रूप में भी श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।


    मंदिर से जुड़ी मान्यताएं

    इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं और कथाएं भी हैं. इसको लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले गांव में ज्यादातर घर लकड़ी के बने हुआ करते थे. इसी दौरान एक बार गांव में अचानक भीषण आग लग गई. आग की लपटों ने मंदिर के आसपास बने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मंदिर भी लकड़ी का होने के बावजूद आग से सुरक्षित रहा. बताया जाता है कि जब पुजारी ने आग की लपटों को बढ़ते देखा तो भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली. इसके बाद लोगों की आस्था इस मंदिर के प्रति और भी मजबूत हो गई।


    मंदिर की बनावट अलग

    इस मंदिर की बनावट भी इसे दूसरे मंदिरों से अलग दिखती है. मंदिर एक तरह से द्वार के आकार में बना हुआ है. यही वजह है कि गांव के लोग मंदिर के नीचे से होकर गुजरते हैं. स्थानीय मान्यता है कि मंदिर के नीचे से होकर गुजरने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद मिलता है और श्रद्धालुओं के मनोरथ एवं कार्य सिद्ध होते हैं।


    जन्माष्टमी पर आयोजन

    मंदिर के पुजारी का कहना है कि वैसे तो मंदिर में प्रतिदिन पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है, लेकिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और एकादशी के मौके पर यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं. जन्माष्टमी पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलता है।


    बारिश से जुड़ी मान्यता

    इस मंदिर से जुड़ी एक और बेहद खास मान्यता है. बताया जाता है कि जब आसपास के इलाकों में बारिश नहीं होती और लोग परेशान हो जाते हैं, तब मंदिर में विशेष रूप से डोल सजाया जाता है. श्रद्धालु इस डोल के आसपास कुछ दिनों तक फेरे लगाते हैं और ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ का संकीर्तन करते हैं. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है।

  • इंदौर के रेस्टोरेंट में मोमोज के अंदर रेंगती मिलीं इल्लियां, ग्राहक भड़के, खाद्य विभाग ने जारी किया नोटिस

    इंदौर के रेस्टोरेंट में मोमोज के अंदर रेंगती मिलीं इल्लियां, ग्राहक भड़के, खाद्य विभाग ने जारी किया नोटिस


    इंदौर। शहर में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। सी-21 मॉल के पीछे डायमेंशन फर्निचर के सामने स्थित एक रेस्टोरेंट में ग्राहकों को परोसे गए मोमोज के अंदर इल्लियां मिलने का मामला सामने आया है। ग्राहक ने इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की है और रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    शुक्रवार शाम दीपक मीणा अपने दोस्तों के साथ नाश्ता करने रेस्टोरेंट पहुंचे थे। उन्होंने मोमोज ऑर्डर किए। प्लेट टेबल पर आने के बाद जब उन्होंने मोमोज को देखा तो उसके अंदर इल्लियां रेंगती दिखाई दीं। यह देखकर ग्राहक हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट प्रबंधन से शिकायत की।

    संचालक ने कहा- मोमोज यहां तैयार नहीं होते

    दीपक मीणा के मुताबिक, उन्होंने संचालक सिद्धार्थ मालवीय और कर्मचारी सोनू पाल से इस बारे में सवाल किया। आरोप है कि कर्मचारी ने यह कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि मोमोज रेस्टोरेंट में तैयार नहीं किए जाते। इसके बाद ग्राहकों और रेस्टोरेंट कर्मचारियों के बीच बहस भी हुई।

    ग्राहकों ने इसके बाद रेस्टोरेंट में रखी फ्रोजन मोमोज की बास्केट की जांच की। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसमें रखे कुछ अन्य मोमोज में भी इल्लियां दिखाई दीं। ग्राहकों ने मौके के फोटो और वीडियो बनाए और खाद्य सुरक्षा विभाग को इसकी जानकारी दी।

    फोटो-वीडियो के साथ खाद्य विभाग में शिकायत

    दीपक मीणा ने शिकायत में खाद्य पदार्थों के रखरखाव, साफ-सफाई और गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने नियमों का उल्लंघन मिलने पर रेस्टोरेंट को सील करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। शिकायत के साथ फोटो, वीडियो और रेस्टोरेंट की लोकेशन भी विभाग को उपलब्ध कराई गई है।

    खाद्य विभाग की टीम ने जांच कर जारी किया नोटिस

    सीनियर फूड इंस्पेक्टर मनीष स्वामी ने बताया कि विभाग को शिकायत मिली थी। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची। टीम ने रेस्टोरेंट प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। अधिकारी के मुताबिक, फिलहाल संचालक रेस्टोरेंट नहीं खोल रहा है। विभाग अब नोटिस के जवाब का इंतजार कर रहा है।

    जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

    खाद्य विभाग की जांच और रेस्टोरेंट संचालक के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मोमोज में इल्लियां मिलने के आरोप ने शहर में खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • इंदौर सट्टा मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच का दायरा बढ़ाया

    इंदौर सट्टा मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच का दायरा बढ़ाया

    मध्य प्रदेश : के इंदौर में सामने आए सट्टा मटका मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम जांच में सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ाया है। पुलिस के अनुसार नाना पटवारी के मोबाइल फोन से मिले डेटा और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े सुरागों ने मामले में कई नए कनेक्शन सामने लाए हैं।

    जांच के दौरान पुलिस को नाना पटवारी के मोबाइल फोन से दो ऑनलाइन सट्टा एप से संबंधित जानकारी मिली। आरोप है कि क्रिकेट बेटिंग के लिए उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से आईडी उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि संबंधित आईडी बाद में डिलीट कर दी गई, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उससे जुड़े कुछ डिजिटल सुराग सामने आए। इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच एजेंसियां नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

    पुलिस के मुताबिक इस मामले में सौम्य प्रीत शिंदे समेत तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र नगर निवासी राहुल निंबोला और रावजी बाजार क्षेत्र का धर्मेंद्र खींची शामिल हैं। जांच में सौम्य प्रीत शिंदे की भूमिका ऑनलाइन सट्टा एप और आईडी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के तौर पर सामने आने की बात कही गई है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की पड़ताल के जरिए सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मनीष पमनानी, पिंकेश माहेश्वरी और बंटी असरानी जैसे नामों से जुड़े संभावित कनेक्शनों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा धर्मेंद्र खींची और राहुल निंबोला के विदेशी सट्टेबाजों से कथित संपर्क तथा जूनी इंदौर क्षेत्र के एक अन्य संदिग्ध से संबंधों की भी पड़ताल जारी है।

    पुलिस जांच में इस सट्टा नेटवर्क के विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिलने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार गिरोह से जुड़े कुछ लोग दुबई और अन्य देशों में मौजूद सट्टेबाजों या बुकियों के संपर्क में हो सकते हैं। विदेशी नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा एप और वेबसाइट के लिंक भारत में सक्रिय लोगों तक पहुंचाए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।

    मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सामान्य जुआ संबंधी प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। संगठित तरीके से सट्टा संचालन की आशंका को देखते हुए पुलिस डिजिटल लेनदेन, मोबाइल डेटा और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है।

    नाना पटवारी की भूमिका को लेकर पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों के अनुसार उनका नाम जांच में सामने आने के बाद उनकी भूमिका और कथित संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात का पता लगाने पर है कि स्थानीय स्तर पर संचालित नेटवर्क का विदेशी सट्टेबाजों से किस तरह संपर्क था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका संचालन कैसे किया जा रहा था।

    जांच के आगे बढ़ने के साथ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच तथा संभावित आर्थिक लेनदेन के जरिए पूरे नेटवर्क की संरचना समझने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

  • सीहोर कांवड़ यात्रा के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही 25 अगस्त तक प्रभावित, जानें नया ट्रैफिक प्लान

    सीहोर कांवड़ यात्रा के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही 25 अगस्त तक प्रभावित, जानें नया ट्रैफिक प्लान

    मध्य प्रदेश: में कांवड़ यात्रा को देखते हुए भोपाल और इंदौर के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सीहोर क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए भोपाल-इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को सीमित किया गया है। यह व्यवस्था 23 अगस्त की सुबह 9 बजे से 25 अगस्त की रात 8 बजे तक लागू रहेगी।

    इस दौरान भारी वाहनों को भोपाल-इंदौर हाईवे से सीधे गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। यातायात व्यवस्था में किए गए इस बदलाव का असर दूसरे वाहनों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने और उसी के अनुसार अपनी योजना तैयार करने की सलाह दी गई है।

    सीहोर में 25 अगस्त को कांवड़ यात्रा का आयोजन होना है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा के दौरान सीहोर से होकर गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए यातायात को नियंत्रित करने के लिए पहले से व्यवस्था की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना है।

    भारी वाहनों के लिए रूट में बदलाव किए जाने के कारण भोपाल से इंदौर और इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। यातायात पुलिस के अनुसार लोगों को अपने सफर में करीब डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को समय का ध्यान रखते हुए घर से निकलने की सलाह दी गई है।

    यात्रियों के लिए सीहोर और देवास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी यातायात की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आवश्यकता नहीं होने पर भीड़ वाले मुख्य रास्तों से बचें और स्थानीय यातायात निर्देशों का पालन करें। वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को भी निर्धारित दिशा और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

    कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात प्रबंधन में अस्थायी बदलाव किए जाते हैं। ऐसे में मार्ग परिवर्तन से होने वाली असुविधा को देखते हुए यात्रियों को पहले से अतिरिक्त समय रखने की जरूरत है। खासकर बस, मालवाहक वाहन और अन्य भारी वाहनों से सफर करने वालों को निर्धारित डायवर्जन व्यवस्था की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करनी चाहिए।

    भोपाल-इंदौर के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों, बसों और अन्य परिवहन साधनों से आवागमन करते हैं। ऐसे में तीन दिनों के लिए लागू होने वाली यह व्यवस्था यात्रा के समय को प्रभावित कर सकती है। सामान्य यातायात के मुकाबले वैकल्पिक मार्गों पर दूरी और भीड़ के कारण सफर लंबा होने की संभावना है।

    यातायात संबंधी किसी परेशानी या मार्ग को लेकर जानकारी की जरूरत होने पर यातायात पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

    कांवड़ यात्रा समाप्त होने और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल 25 अगस्त की रात 8 बजे तक लागू इस बदलाव के कारण भोपाल और इंदौर के बीच यात्रा करने वालों को अपनी यात्रा का समय पहले से तय करना और संभावित देरी के लिए पर्याप्त समय रखना जरूरी होगा।