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  • 25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण

    25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण


    इंदौर । इंदौर एक बार फिर मानवता सेवा और अंगदान की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनने जा रहा है। शहर के खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। यदि सभी चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो सोमवार को शहर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न अस्पतालों तक अंगों को बेहद कम समय में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का समय रहते प्रत्यारोपण किया जा सके।

    गौरव दवे को 13 जुलाई को अचानक गंभीर ब्रेन हेमरेज होने के बाद इलाज के लिए राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने लगातार कई दिनों तक उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकीय परीक्षण और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। गौरव फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत थे और अपने परिवार के साथ इंदौर में रहते थे।

    परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था लेकिन इसी दुख की घड़ी में उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिसने कई परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगा दी। गौरव की बहन वैदही राठी बहनोई पल्केश राठी और भाई रितिक चावरे ने परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता सतीश दवे और माता कविता दवे ने सहमति देकर मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की। उनके इस निर्णय की हर ओर सराहना हो रही है क्योंकि एक व्यक्ति के अंग कई लोगों को नया जीवन देने वाले हैं।

    अंगदान की पूरी प्रक्रिया में मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के सेवादार जीतू बगानी संदीपन आर्य और लकी खत्री ने समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। ट्रस्ट की टीम ने चिकित्सकीय संस्थानों और परिवार के बीच आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कराने में सहयोग किया ताकि अंगदान की प्रक्रिया समय पर संपन्न हो सके।

    डॉक्टरों के अनुसार गौरव का लिवर राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती एक गंभीर मरीज को प्रत्यारोपित किया जाएगा जबकि उनकी दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो अलग अलग मरीजों को नई जिंदगी देंगी। इसके अलावा हृदय फेफड़े हार्ट वाल्व पेनक्रियाज और छोटी आंत के आवंटन की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर जारी है। इन अंगों का आवंटन तकनीकी अनुकूलता और मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

    अंगों को सुरक्षित और समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और पुलिस की मदद से 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी की जा रही है। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ट्रैफिक को कुछ समय के लिए नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना किसी बाधा के अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है जिससे अंगों की गुणवत्ता बनी रहती है और प्रत्यारोपण सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।

    इंदौर लंबे समय से देश में अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी शहरों में शामिल रहा है। यहां पहले भी कई ग्रीन कॉरिडोर बन चुके हैं और अनेक परिवार अपने प्रियजनों के अंगदान के जरिए जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे चुके हैं। गौरव दवे के परिवार का यह निर्णय भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और यह संदेश देता है कि जीवन भले समाप्त हो जाए लेकिन अंगदान के माध्यम से कई जिंदगियां फिर से मुस्कुरा सकती हैं।

  • इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में

    इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में


    नई दिल्ली । इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में आरोपियों का जुलूस निकालने की पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों पर बंधे पट्टे खोलते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो में लगाए जा रहे दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला मेडिकल दुकान के बाहर कार और बाइक की टक्कर के बाद हुए विवाद से जुड़ा है। घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने शोभित साक्यवार निक्की अहिरवार ओम उर्फ देवाय और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को इलाके में उनका जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान आरोपियों के हाथ और पैरों पर पट्टे बांधे गए थे। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

    देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों से पट्टे खोलते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि पट्टे केवल दिखावे के लिए बांधे गए थे। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और न ही अब तक इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया गया है।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और वीडियो की सत्यता तथा घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर आरोपियों के जुलूस निकालने जैसी कार्रवाइयों को लेकर पहले भी बहस होती रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति किस परिस्थिति में बनी और पुलिस की कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई या नहीं।

  • इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन

    इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार को राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज का नगर प्रवेश हुआ। इस अवसर पर निकले भव्य मंगल प्रवेश जुलूस में हजारों समाजजनों ने महाराज श्री की अगवानी की।

    राजवाड़ा पर जैन समाज के परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। जुलूस बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर मल्हारगंज, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और राजमोहल्ला होते हुए दलालबाग पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह मंच लगाकर जुलूस का स्वागत किया गया। महिलाएं मंगलगान गाते हुए जुलूस में शामिल हुईं।

    यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर मुनिश्री का स्वागत किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए। जुलूस में पांच जैन तीर्थों की झांकियां, उज्जैन का 101 सदस्यीय महाकाल बैंड, नासिक का महिला बैंड, 11 विंटेज कारें, दो हाथी, 24 बग्घियां, 12 अश्वारोही बालक-बालिकाएं और 60 महिला मंडल मुख्य आकर्षण रहे।

    इसके बाद दलालबाग में धर्मसभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री ने अपने प्रवचन दिए। मंगल प्रवेश के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। मुनि सुधासागर महाराज को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है। जब उनका मंगल प्रवेश जुलूस राजवाड़ा पहुंचा तो जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। साथ ही टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों से मंत्री के घर तक चलने का आग्रह किया था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता हाथ में संविधान की प्रति लेकर मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दंपती ने कई लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी उनके समर्थन में नहीं पहुंचा। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र धरना-प्रदर्शन में मौजूद लोगों से भी मंत्री के आवास तक चलने की अपील की थी, लेकिन वहां से भी किसी ने उनका साथ नहीं दिया।

    जब दंपती मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और बिना अनुमति प्रदर्शन न करने की सलाह दी। इसके बावजूद वे सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रहलाद पांडेय को उठाकर वाहन में बैठाया और उनकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां दोनों से पूछताछ की गई।

    परदेशीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कानवा ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया था। उन्होंने यह भी माना कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना उनकी गलती थी। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    इससे पहले भी दंपती ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयानों से आहत होने की बात कहते हुए उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। उस दौरान भी पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे प्रदर्शन पर अड़े रहे थे।

  • इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया

    इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा मोहल्ले में पिछले वर्ष दूषित जल से 36 लोगों की मौत होने के बाद जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि भागीरथपुरा के भूमिगत जल तक मलमूत्र में पाया जाने वाला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पहुंच गया है। इससे पहले उच्च न्यायालय में पेश एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के 52 नमूनों में से 50 में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिले।

    बीमारी का जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिल
    स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण नगर निगम की जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिलना था। प्रभावित लोगों ने पानी के स्वाद और गंध में बदलाव की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते नगर निगम के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की।

    भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंचा

    पेश रिपोर्ट में बताया गया कि विशेषज्ञ समिति ने घटना के तीन महीने बाद अलग-अलग स्रोतों के 43 नमूने लिए थे। उनमें से 10 नमूने नर्मदा पाइपलाइन के थे। इसमें ई-कोलाई नहीं मिला। यही पानी भागीरथपुरा में आपूर्ति किया जाता है। पास की कान्ह नदी के तीन नमूनों में ई-कोलाई की भारी मौजूदगी मिली। वहीं एक बोरवेल में भी ई-कोलाई की हानिकारक मात्रा पाई गई। इससे साफ हुआ कि भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंच चुका है।

    इधर, भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल आपूर्ति एवं जल प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भोपाल स्थित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ के न्यायिक सदस्य जस्टिस शेओ कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने अहम टिप्पणी की।

    एनजीटी ने कहा है कि इंदौर में पेयजल आपूर्ति और जल प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय पहले से सुनवाई कर रहा है। ऐसे में उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।

    सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि इंदौर में जल प्रदूषण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से विचाराधीन हैं। विशेष रूप से भागीरथपुरा जल प्रदूषण प्रकरण में हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।

    नजीटी ने स्पष्ट किया कि इन सभी बिंदुओं की जांच उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। चूंकि पूरा मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए आयोग की रिपोर्ट और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।

    सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। इस पर एनजीटी ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट की प्रति ई-मेल के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तीन सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां या जवाब प्रस्तुत कर सकें।

    न्यायाधिकरण के सदस्य न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने इंदौर के दूषित जलकांड को लेकर कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में हुई लापरवाही की कीमत आम लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई है, इसलिए अब जिम्मेदारी तय किए बिना मामला नहीं छोड़ा जा सकता। एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को निर्धारित की है। तब तक संबंधित पक्षों से जवाब और रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं प्राप्त होने की उम्मीद है।

    गौरतलब है कि भागीरथपुरा कांड के बाद एनजीटी की केंद्रीय जोन पीठ के सामने रशीद नूर खान और कमल कुमार राठी ने जनवरी में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। उसके बाद पीठ ने विशेषज्ञ समिति बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया था।

  • इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश

    इंदौर में सड़क हादसे ने ली किसान की जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम; आरोपी वाहन चालक की तलाश


    इंदौर। इंदौर के रीगल ब्रिज पर मंगलवार शाम हुए एक सड़क हादसे में 48 वर्षीय किसान की मौत हो गई। वह कोर्ट में पेशी पूरी करने के बाद पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल किसान को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान खुडेल क्षेत्र के काजी पलासिया निवासी इलियास पुत्र अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार शाम रीगल ब्रिज पर हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इलियास सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। कुछ समय तक घायल सड़क पर ही पड़े रहे। बाद में राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई।

    अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पता चला कि इलियास किसी न्यायिक मामले में पेशी के लिए इंदौर आए थे। अदालत का काम पूरा होने के बाद वह पैदल बस स्टैंड की ओर जा रहे थे ताकि अपने गांव लौट सकें। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    परिजनों ने बताया कि इलियास खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा, छह बेटियां और पांच भाई हैं। उनकी असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

  • नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी

    नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों का प्रदर्शन, बारिश के बीच भी डटे रहे आंदोलनकारी


    इंदौर। इंदौर में नीट पेपर लीक मामले और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शहर के टंट्या भील चौराहे पर पिछले 22 दिनों से चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन में हर दिन नए छात्र जुड़ रहे हैं। मंगलवार देर रात तक बड़ी संख्या में छात्र चौराहे पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार नारेबाजी करते रहे। आंदोलन स्थल पर युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

    छात्रों का यह आंदोलन 30 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

    मंगलवार को टंट्या भील चौराहे पर सुबह से ही छात्रों का जुटना शुरू हो गया था। शाम होते-होते बड़ी संख्या में युवा हाथों में तख्तियां लेकर धरना स्थल पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में नारेबाजी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन के दौरान राहगीर भी कुछ देर रुककर आंदोलन को देखते रहे और कई लोगों ने छात्रों का समर्थन भी किया।

    बारिश के बावजूद आंदोलन की रफ्तार कम नहीं हुई। खराब मौसम के बीच भी छात्र धरना स्थल पर डटे रहे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते रहे। आंदोलन के दौरान राष्ट्रभक्ति से जुड़े गीतों की प्रस्तुति भी दी गई, जिससे प्रदर्शनकारियों का उत्साह और बढ़ गया। इस अवसर पर अखिलेश राणा, रोहित वास्कले, दुर्गा माणसाने, भारत चौहान, राधिका सहित कई युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर आंदोलन को समर्थन दिया।

    अनशन पर बैठे प्रहलाद पाण्डेय ने कहा कि यह आंदोलन केवल कुछ मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और पारदर्शी व्यवस्था की आवाज भी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है और लगातार बढ़ रही छात्रों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि युवाओं में इस विषय को लेकर गंभीर चिंता है।

    इससे पहले आंदोलनकारी छात्र टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं। वहां कई घंटे तक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने उनकी कुछ मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा।

    टंट्या भील चौराहे पर लगातार बढ़ती छात्रों की मौजूदगी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने शहर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है।

  • इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में नवविवाहित युवक की आत्महत्या, पत्नी की शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि घटना से कुछ समय पहले उसे पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार पटेल नगर निवासी अभिषेक चौहान ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिवार के लोगों ने बताया कि रात में जब उसका बड़ा भाई खाना देने कमरे में पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर अभिषेक फंदे से लटका दिखाई दिया। परिजन तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजनों का आरोप है कि अभिषेक की पत्नी साधना नामदेव ने उसके खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के सिलसिले में मंगलवार को पुलिस ने अभिषेक को एरोड्रम थाने बुलाकर पूछताछ की थी। परिवार का कहना है कि थाने से लौटने के बाद वह बेहद परेशान और शांत था। उसने किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की और अपने कमरे में चला गया, जहां बाद में उसने यह कदम उठा लिया।

    परिवार के मुताबिक अभिषेक एयरपोर्ट पर टैक्सी चलाता था। इसी दौरान उसकी पहचान टैक्सी काउंटर पर काम करने वाली साधना से हुई थी। दोनों ने मई 2026 में प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच पारिवारिक मुद्दों को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे।

    परिजनों का कहना है कि साधना चाहती थी कि अभिषेक संयुक्त परिवार से अलग होकर उसके मायके के पास किराए के मकान में रहे, जबकि अभिषेक अपने परिवार से अलग नहीं होना चाहता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।

    वहीं, पत्नी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि अभिषेक उसे घुमाने के बहाने ले गया और उसके साथ मारपीट की। उसने दहेज प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

    घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • 'इंदौर को अनाथ समझ लिया'… पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का रेलवे पर बड़ा हमला

    'इंदौर को अनाथ समझ लिया'… पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का रेलवे पर बड़ा हमला


    इंदौर। इंदौर की पूर्व सांसद और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा पश्चिम रेलवे के अधिकारियों को लिखा गया एक पत्र सार्वजनिक होने के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है। पत्र में उन्होंने इंदौर की रेल सुविधाओं की लगातार हो रही उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया हो। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार और स्थानीय सांसद पर सवाल खड़े किए हैं।

    20 जुलाई को पश्चिम रेलवे के अधिकारी रामश्रय पांडे को लिखे पत्र में सुमित्रा महाजन ने कहा कि उन्हें अत्यंत दुख के साथ यह पत्र लिखना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर के लिए नई रेल सेवाएं शुरू करने के बजाय पहले से लंबित प्रस्तावों पर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि शहर की लगातार बढ़ती आबादी और यात्रियों की जरूरतों के बावजूद रेलवे अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है।

    महाजन ने पत्र में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जयपुर–इंदौर और रीवा–इंदौर रेल सेवाओं के प्रस्ताव लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक इंदौर से हटाकर पुराने DEMU रैक चलाए जा रहे हैं, जो अक्सर तकनीकी खराबियों का सामना करते हैं और यात्रियों को परेशानी होती है।

    उन्होंने पुणे–इंदौर ट्रेन का संचालन बंद होने पर भी चिंता जताई और कहा कि इसे किसी वैकल्पिक मार्ग से भी शुरू नहीं किया गया, जबकि अन्य शहरों की ट्रेनों को वैकल्पिक रूट पर चलाया जा रहा है। इसके अलावा पटना, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम के लिए ट्रेनों के फेरों में बढ़ोतरी नहीं होने, महू–उज्जैन लोकल ट्रेन और अयोध्या के लिए सीधी रेल सेवा नहीं होने का मुद्दा भी उन्होंने उठाया।

    पत्र में सुमित्रा महाजन ने यह भी कहा कि लक्ष्मीबाई नगर में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और महू में लाइन क्षमता उपलब्ध होने के बावजूद रेलवे इन संसाधनों का उपयोग कर सुविधाओं का विस्तार नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि लगभग 40 लाख आबादी वाले इंदौर शहर के लिए मौजूदा रेल व्यवस्था क्या वास्तव में पर्याप्त मानी जा सकती है।

    पत्र के अंत में उन्होंने अधिकारी से भावनात्मक अपील करते हुए लिखा कि वे शब्दों के बीच छिपी पीड़ा को समझेंगे और इंदौर के यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कदम उठाएंगे।

    सुमित्रा महाजन का यह पत्र सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना लिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब केंद्र, प्रदेश और इंदौर तीनों जगह भाजपा की सरकार है और शहर का सांसद भी भाजपा का है, तब इंदौर की रेल सुविधाओं की उपेक्षा पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने स्थानीय सांसद से भी सवाल पूछा कि शहर को नई रेल सेवाएं दिलाने और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अब तक क्या प्रयास किए गए हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंदौर में रेल सुविधाओं को लेकर बहस तेज हो गई है और लोगों की नजर अब रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

  • शादी का वादा कर बनाया शारीरिक संबंध, फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा आरोपी गिरफ्तार

    शादी का वादा कर बनाया शारीरिक संबंध, फोटो-वीडियो से ब्लैकमेल करता रहा आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर  इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म और बाद में आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक कथित शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    हीरानगर थाना पुलिस के अनुसार 27 वर्षीय युवती ने गौरी नगर निवासी हर्ष उर्फ राज चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में युवती ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले दोनों की पहचान हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया।

    पीड़िता का आरोप है कि 7 मार्च 2023 को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसे अपने एक परिचित के घर भी ले गया, जहां भी उसके साथ संबंध बनाए गए। युवती का कहना है कि वह शादी के भरोसे आरोपी पर विश्वास करती रही।

    शिकायत के अनुसार जब युवती ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। उसने कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा।

    युवती ने पुलिस को बताया कि इस वर्ष जनवरी में शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद भी वह कथित रूप से फोन कर धमकियां देता रहा और मिलने के लिए दबाव बनाता रहा।

    लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिवार के साथ वह हीरानगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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    Indore, Crime, RapeCase, MadhyaPradesh, Police, Arrest, Hiranagar, CrimeNewsइंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ दुष्कर्म और बाद में आपत्तिजनक फोटो एवं वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक कथित शोषण करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    हीरानगर थाना पुलिस के अनुसार 27 वर्षीय युवती ने गौरी नगर निवासी हर्ष उर्फ राज चौहान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में युवती ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले दोनों की पहचान हुई थी। मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया।

    पीड़िता का आरोप है कि 7 मार्च 2023 को आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसे अपने एक परिचित के घर भी ले गया, जहां भी उसके साथ संबंध बनाए गए। युवती का कहना है कि वह शादी के भरोसे आरोपी पर विश्वास करती रही।

    शिकायत के अनुसार जब युवती ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी का व्यवहार बदल गया। उसने कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर आरोपी लगातार उसका शोषण करता रहा।

    युवती ने पुलिस को बताया कि इस वर्ष जनवरी में शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके दौरान आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद भी वह कथित रूप से फोन कर धमकियां देता रहा और मिलने के लिए दबाव बनाता रहा।

    लगातार मानसिक प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर युवती ने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिवार के साथ वह हीरानगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध प्रमाणों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।