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  • इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

    इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल


    नई दिल्ली।  दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया, जिससे इंदौर में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

    इंदौर में पथराव और पुलिस कार्रवाई
    इंदौर में जब भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) का घेराव करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, और संतरे-टमाटर फेंके। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल के सीने पर एक बड़ा पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने वाले कार्यकर्ताओं पर ठंडे पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

    भोपाल और ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन
    भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    ग्वालियर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली और राहुल गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

    विरोध प्रदर्शन की जड़
    इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम में हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का तरीका बता रही है।

    उज्जैन में भाजपा और कांग्रेस का आमना-सामना
    उज्जैन में भी भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की कोशिश की थी।

    जबलपुर में भी विरोध
    जबलपुर में यूथ कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के पास जाने की कोशिश की। इसके बाद वहां भी पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

    दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद, मध्य प्रदेश में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव और नोकझोंक ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?

    निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?


    इंदौर इंदौर की जनता चौपाल में वार्ड 84 की टीना गौड़ ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सामने नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर पूरे मंच को सन्न कर दिया। महिला ने निगम के कामकाज, सड़क मरम्मत, पार्क और ब्लॉक सुधार, और टैक्स वृद्धि पर निर्भीकता से अपनी बात रखी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    टीना ने महापौर से सवाल किया कि उनके आने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही सड़क का गड्ढा भरा गया, जबकि इससे पहले कई बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो चुके थे। उन्होंने पूछा, “क्या सड़क मरम्मत सिर्फ जनप्रतिनिधियों के आने पर होती है? आम जनता के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता?” यह सवाल महापौर को असहज स्थिति में ला गया।

    महिला ने जनता चौपाल की नियमितता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “चुनाव के बाद से जनता चौपाल क्यों नहीं हुई और आज क्यों रखी गई?” महापौर ने जवाब दिया, “आपको पता है, मैं कितनी बार द्वारकापुरी आया।” लेकिन टीना ने पलटवार किया, “सर, आप आए, लेकिन जनता से रूबरू मिलने आए थे क्या?” महापौर ने कहा, “तो फिर क्या करने आया था?” टीना ने निर्भीकता से कहा, “आज तो बोलने का पूरा हक है न सर।”

    सिर्फ सड़क ही नहीं, टीना ने पार्क, ब्लॉक और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अगर ब्लॉक और गार्डन पहले अच्छे थे, तो उन्हें क्यों खोदा गया? दीवारें तोड़ने की क्या जरूरत थी? निगम कर्ज में है, फिर भी यह फिजूलखर्ची क्यों?” उनके सवालों ने नगर निगम की प्राथमिकताओं और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

    टीना ने टैक्स वृद्धि और आम जनता पर इसके प्रभाव को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि 2021 में टैक्स बढ़ाया गया और अब 2% और बढ़ा दिया गया, जिससे गरीब प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निवेदन किया कि पार्षद घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और जनता से रूबरू हों।

    महिला के सीधे और बेबाक सवालों ने महापौर को जवाब देने के लिए मजबूर किया। उनकी बहादुरी और जागरूकता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।

    टीना गौड़ ने इंदौर की जनता चौपाल में नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर प्रशासन की पोल खोल दी। यह दिखाता है कि जब नागरिक जागरूक और सशक्त हों, तो प्रशासन जवाबदेह बनता है। जनता की आवाज़ दब नहीं सकती, और ऐसे उदाहरण आम लोगों के लिए प्रेरणादायक बनते हैं।

  • शिवजलाभिषेक, हल्दी-मेहंदी और शोभा यात्रा: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

    शिवजलाभिषेक, हल्दी-मेहंदी और शोभा यात्रा: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब


    इंदौर । महाकाल रोड पर संस्था नमो नवगृह (शनि) एवं सत्यमेव जयते द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 13 से 15 फरवरी तक भव्य महाशिवरात्रि महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत शिव जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और भव्य शोभायात्रा का कार्यक्रम रखा गया है।

    आज शुक्रवार को महोत्सव का श्री गणेश हुआ। संस्था के सरंक्षक पूर्व पार्षद केके यादव और पार्षद शिवम यादव ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 22 सालों से यह आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सनातन धर्म की ध्वजा बुलंद करना और युवाओं एवं मातृशक्तियों को एकजुट करना है।

    आज शुक्रवार दोपहर 11:30 बजे हल्दी मेहंदी और कुमकुम रस्म का आयोजन शुभ मुहूर्त में हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं। महाकाल मार्ग पर यह शिव स्तुति का सबसे बड़ा आयोजन है, जिसमें शहर और प्रदेश के सनातन धर्म के प्रेमी भक्तजन उमड़ते हैं।

    मेहंदी रस्म में मातृशक्तियों ने शिव और माता पार्वती के प्रति आस्था व्यक्त की। हाथों में, त्रिशूल और शिवलिंग पर विशेष मेहंदी लगाई गई। इस दौरान भक्तगण भजनों पर झूमते रहे और सभी ने शहर, प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। मुख्य रूप से श्रीमती मंजू यादव, तारा यादव, अर्चना गायकवाड, रीना यादव, पार्वती चौधरी, मंजू खंडेलवाल, कमलेश केवट, अनीता वाघरकर, आरती कुर्मी, रचना शर्मा, प्रियंका सेन, सावित्री यादव और करिश्मा प्रजापत सहित सैकड़ों महिलाएं शामिल रहीं।

    14 फरवरी, शनिवार को रात्रि जागरण और संगीत कार्यक्रम होगा। इसके बाद 15 फरवरी को बाणेश्वर कुंड से मरीमाता चौराहे तक भव्य शोभा यात्रा निकलेगी। इसमें 10 हजार से अधिक महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल होंगी। कलश में पांच पवित्र नदियों का जल रहेगा। शोभायात्रा में बग्घी-घोड़े, झांकियां, साधु-संत-महंत, पहलवान, खिलाड़ी और प्रतिभाशाली क्षेत्रीय लोग भी शामिल होंगे, सभी “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए चलेंगे।

    इस आयोजन में 100 से अधिक बस्तियों के लोग सहभागी बनेंगे। इसके साथ ही सामाजिक संदेश भी दिए जाएंगे, जैसे बेटी बचाओ, पर्यावरण संरक्षण, जल बचत, यातायात नियमों का पालन और बच्चों को मोबाइल से दूर रखना।इस भव्य महोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि मातृशक्तियों और युवाओं को एकजुट करने का संदेश भी दिया।

  • POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी

    POCSO केस का साया, इंदौर में वेदांत तिवारी पर नया विवाद, पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर में राऊ थाना क्षेत्र के एक विवादित मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। जानकारी के अनुसार, वेदांत तिवारी और उनके दो साथियों पर रविवार की अलसुबह प्रखर और नयन नामक युवकों के साथ मारपीट का आरोप लगा। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर शिकायत दर्ज कराई और मामला अब पुलिस की जांच के दायरे में है।

    सूत्रों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। वेदांत तिवारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में उन्होंने पहले एक नाबालिग लड़की के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण का सामना किया था। उस समय आरोप था कि कोचिंग से लौट रही 13 वर्षीय बच्ची के साथ वेदांत द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई की जानकारी स्पष्ट नहीं है। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते सख्त कार्रवाई नहीं हो पाई।

    हालिया विवाद में दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। प्रखर और नयन के परिवार का कहना है कि उनके बच्चों को चोटें आई हैं और वेदांत द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। दूसरी ओर, वेदांत ने भी आरोप लगाया कि उनके वाहन पर पथराव किया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इस पर उन्होंने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में पूर्व मामलों का प्रभाव मौजूदा विवादों पर भी पड़ सकता है। वेदांत तिवारी का नाम पहले से ही POCSO केस में दर्ज होने के कारण समाज और मीडिया में संवेदनशील माना जाता है। इस कारण से हालिया मारपीट का मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद के बढ़ने से इलाके में तनाव की स्थिति बन सकती है। इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं और सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रहे हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कैसे पूर्व विवादों का असर नए मामलों पर पड़ता है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक दबाव मामलों की जांच और निष्पक्षता को प्रभावित करता है या नहीं।

    वर्तमान में मामला जांच के दायरे में है और जैसे ही पुलिस जांच पूरी होती है, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक दोनों पक्षों की आपसी शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह विवाद सुर्खियों में बना रहेगा।

  • ED की बड़ी कार्रवाई: नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी की 1.06 करोड़ की संपत्ति कुर्क, आय से अधिक संपत्ति का आरोप

    ED की बड़ी कार्रवाई: नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी की 1.06 करोड़ की संपत्ति कुर्क, आय से अधिक संपत्ति का आरोप


    इंदौर । प्रवर्तन निदेशालय ED ने इंदौर में आय से अधिक संपत्ति आनुपातिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम में पदस्थ रहे पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिजनों की कुल 1 करोड़ 6 लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की गई है। यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही जांच के दौरान की गई है।

    ED की जांच में यह तथ्य सामने आया कि 2007 से 2022 के बीच राजेश परमार ने अपनी आय से अधिक 175 प्रतिशत संपत्ति अर्जित की थी। इस दौरान उन्होंने अपनी आय और संपत्ति के संबंध में कोई पुख्ता दस्तावेज या प्रमाण पेश नहीं कर सके।कुर्क की गई संपत्ति में एक रहवासी मकान, प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि शामिल है।

    ED ने इस कार्रवाई के बाद संबंधित संपत्तियों को जब्ती में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति निर्माण के खिलाफ सरकार की नीतियों और ED की सख्ती को दर्शाती है। अब जांच एजेंसी यह देखेगी कि संपत्ति का स्रोत कहां से आया और क्या कोई अन्य संदिग्ध लेन-देन जुड़ा है।

  • MP: इंदौर में घर खाली कराने पहुंची टीम तो बैंककर्मी ने गोली मारकर की खुदकुशी

    MP: इंदौर में घर खाली कराने पहुंची टीम तो बैंककर्मी ने गोली मारकर की खुदकुशी


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के विजय नगर में सोमवार शाम को सिनर्जी अस्पताल के पास रहने वाले एक बैंककर्मी (Bank Employee.) ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतक का नाम हेमंत पुत्र एसडी ब्रह्मवंशी बताया गया है। वह को-ऑपरेटिव बैंक में काम करता था।

    जानकारी के मुताबिक, हेमंत ने अपने मकान को गिरवी रखकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र से ढाई करोड़ का कर्ज ले रखा था। डेढ़ साल से किश्त न चुकाने पर सोमवार को बैंक की टीम मकान खाली कराने पहुंची थी। बैंक के कर्मचारी मकान की पहली मंजिल पर लिखा-पढ़ी कर रहे थे, इसी दौरान शाम करीब साढ़े पांच बजे हेमंत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

    विजय नगर थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने बताया कि हेमंत ने अपनी लायसेंसी बंदूक से सिर पर गोली मारी। वह अपने रूम में अकेला बैठा था। कर्ज के चलते काफी समय से वह डिप्रेशन में था। इलाज भी चल रहा था। बडे़ बेटे ने इसकी पुष्टि की है। थाना प्रभारी के मुताबिक, कर्ज चुकाने को लेकर बैंक से कई बार नोटिस तामील हुए थे। हेमंत उसका जबाव नहीं देता था। हेमंत के परिवार में दो लड़के, एक लड़की और मां हैं। हेमंत का बड़ा बेटा एक आईटी कंपनी में कार्यरत है। उनका दूसरा बेटा वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। बेटी पुणे में अध्ययनरत है। हेमंत अकाउंट सेक्शन में पदस्थ था।

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (Transporter Raja Raghuvanshi) की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को क्लीनचिट (Two Accused Clean chit) दे दी है और उनके नाम चार्जशीट से हटा दिए हैं। ये आरोपी थे बलवीर अहिरवार (गार्ड) और लोकेंद्र सिंह तोमर (बिल्डिंग मालिक), जिन्हें पहले साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    पुलिस की जांच में न तो इन आरोपियों के खिलाफ हत्या से जुड़े कोई ठोस प्रमाण मिले और न ही साक्ष्य नष्ट करने के आरोपों की पुष्टि हो सकी। इससे मामले में शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच में उनकी संलिप्तता न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।


    गिरफ्तारी के बाद किया गया बरी

    शुरुआत में शिलांग पुलिस ने बलवीर और लोकेंद्र को साक्ष्य छुपाने के शक में गिरफ्तार किया था, क्योंकि राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मृतक की पत्नी सोनम ने लोकेंद्र की हीरा नगर स्थित बिल्डिंग में ठहरने के लिए कमरे किराए पर लिए थे। ब्रोकर शिलोम जेम्स ने सोनम को छिपने के लिए यह रूम दिलवाया था। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने इन दोनों की संलिप्तता से इनकार कर दिया।


    पुलिस अधीक्षक का बयान

    ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया, “शुरुआत में उपलब्ध परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद की जांच और सत्यापन में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।”

    अब पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और तीन आरोपियों में से केवल शिलोम जेम्स के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है। बाकी सभी आरोपितों, जिनमें मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह भी शामिल हैं, के खिलाफ जांच जारी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।

  • एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया

    एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया


    इंदौर।
    देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है लेकिन भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की वजह से लोगों की जान अब भी खतरे में है ताजा जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय अनीता कुशवाह नाम की महिला, जो एक महीने से बीमार थीं, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गईं परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनकी सेहत बिगड़ी थी

    इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं

    इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है