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  • इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा

    इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा


    इंदौर।
    मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में आज रविवार को रंगों का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर हो जाएगा। लाखों लोग इस अनूठे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे।

    गेर के साथ ही शहर में फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम के दौरान हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय हो जाएगा।

    70 साल पुरानी परंपरा

    यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया। अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फीट तक हवा में उछाला जाएगा।

    लाखों लोग बनेंगे रंगोत्सव के साक्षी

    पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है। यही वजह है कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी की गई है। राजवाड़ा और आसपास के 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें देखने को मिलेंगी।

    टेसू के फूलों से बने गुलाल से बनेगा तिरंगा

    इस आयोजन की खास बात यह है कि करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा, जो उत्सव का विशेष आकर्षण होगा।

    ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    गेर में बैंड, ढोल-ताशे, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय मार्गों से निकलकर शहरवासियों को रंगों के इस महासागर में डुबो देंगी।

  • इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला

    इंदौर मुक्तिधाम हड़कंप: 13 नंबर के तीन टोकन की चूक से अस्थियां गड़बड़, दो परिवारों में हंगामा, तीन घंटे बाद सुलझा मामला


    इंदौर इंदौर में पचकुइया मुक्तिधाम पर शनिवार को अस्थियों की अदला-बदली से हंगामा मच गया। मामला तब सामने आया जब एक ही नंबर (13) के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए। इसी कारण गलती से एक अन्य परिवार स्व. मदनलाल विश्वकर्मा की अस्थियों को अपने स्वजन समझकर ले गया। जब परिवार अस्थियां लेने पहुंचा, तब उन्हें यह पता चला कि अस्थियां उनके स्वजन की नहीं हैं।

    विश्वकर्मा परिवार के अनुसार, 55 वर्षीय मदनलाल विश्वकर्मा का निधन कुछ दिनों पहले हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के लिए पंडित ने अस्थि संचय की तिथि रविवार तय की थी, लेकिन शनिवार को परिवार जब संग्रह के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिवार ने ड्यूटी पर मौजूद निगमकर्मी से जानकारी ली, लेकिन कर्मचारी नशे में होने के कारण मदद नहीं कर सके।

    घटना की तहकीकात में पता चला कि 13 नंबर के तीन टोकन अलग-अलग परिवारों को दे दिए गए थे। इसी कारण चौबे परिवार, जिनके 65 वर्षीय स्व. सुनील चौबे का निधन 5 मार्च को हुआ था, ने गलती से विश्वकर्मा परिवार की अस्थियां ले ली। सुबह लगभग 8.30 बजे चौबे परिवार अस्थियों को संग्रह कर खेड़ी घाट के लिए रवाना हुआ, तभी उन्हें मुक्तिधाम से फोन आया कि उन्होंने गलत अस्थियां ले ली हैं। इसके बाद दोनों परिवारों की अस्थियां तीन घंटे बाद सही ढंग से लौटाई गईं।

    विश्वकर्मा परिवार के नजदीकी मुकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि मुक्तिधाम में तैनात पंचकुइया मोक्ष विकास समिति के कर्मचारी की लापरवाही से यह स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी से गलती हुई और उसने टोकन संख्या में गड़बड़ी कर दी।

    मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष वैभव बाहेती ने खेद जताते हुए बताया कि गलती करने वाला कर्मचारी 35 सालों से मुक्तिधाम में सेवाएं दे रहा है और कोरोना महामारी के दौरान भी उसने अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवीय भूल थी और संबंधित कर्मचारी को चेतावनी दी गई है।

    इंदौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डायल 100 भेजा और एडी. डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने कहा कि यदि किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर मुक्तिधाम संचालन में कर्मचारियों की सतर्कता और टोकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता उजागर कर दी है।

  • DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

    DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित


    इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

    हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।

    घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • 3 साल की अनिका के लिए समय से दौड़: 13.5 किलो से पहले लगना है 9 करोड़ का इंजेक्शन, अब भी चाहिए 3.40 करोड़

    3 साल की अनिका के लिए समय से दौड़: 13.5 किलो से पहले लगना है 9 करोड़ का इंजेक्शन, अब भी चाहिए 3.40 करोड़


    इंदौर। तीन साल दो महीने की मासूम अनिका शर्मा इन दिनों जिंदगी की सबसे कठिन जंग लड़ रही है। वह दुर्लभ बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप 2 से पीड़ित है। डॉक्टरों ने साफ कहा है कि उसे 9 करोड़ रुपए का विशेष इंजेक्शन 13.5 किलो वजन होने से पहले लगना जरूरी है। फिलहाल उसका वजन 10.5 किलो है। अगर वजन तय सीमा से ऊपर चला गया तो इलाज का यह आखिरी मौका भी हाथ से निकल सकता है।

    अनिका के माता पिता पिछले तीन महीनों से उसका वजन नियंत्रित रखने के लिए सख्त डाइट फॉलो करवा रहे हैं। मां सरिता शर्मा बताती हैं कि बच्ची को रोटी चावल या वजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ नहीं दिए जा रहे। उसे पपीता सीमित फ्रूट जूस चाय बिस्किट और मखाना बादाम अखरोट से बना हलवा दिया जाता है ताकि पेट भी भरे और वजन भी न बढ़े। कई बार अनिका सुबह से शाम तक भूखी रह जाती है क्योंकि वह रोज एक जैसा खाना खाकर परेशान हो चुकी है।

    इलाज के लिए जो इंजेक्शन लगना है वह अमेरिकी कंपनी बनाती है और बेहद महंगा है। दिल्ली स्थित AIIMS से मिले प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार इलाज के दो मापदंड थे पहला दो साल की उम्र से पहले इंजेक्शन लगना चाहिए था जो निकल चुका है; दूसरा 13.5 किलो वजन से पहले इंजेक्शन लगना अनिवार्य है। अब यही अंतिम उम्मीद बची है।

    परिवार नवंबर से क्राउड फंडिंग अभियान चला रहा है। अब तक 5 करोड़ 60 लाख रुपए जुटाए जा चुके हैं लेकिन 3 करोड़ 40 लाख रुपए अभी और चाहिए। अनिका के पिता प्रवीण शर्मा बताते हैं कि इंदौर के अलावा रतलाम बदनावर बड़नगर में कैंप लगाकर सहयोग मांगा गया है और अब खंडवा व उज्जैन में अभियान की तैयारी है। कई लोगों और हस्तियों ने भी वीडियो संदेश जारी कर मदद की अपील की है।

    बीमारी की गंभीरता समझाते हुए एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. हेमंत जैन बताते हैं कि एसएमए एक दुर्लभ न्यूरो मस्क्यूलर जेनेटिक बीमारी है जिसमें रीढ़ की हड्डी की मोटर नर्व सेल्स धीरे धीरे नष्ट होने लगती हैं। दिमाग से मांसपेशियों तक सिग्नल नहीं पहुंच पाते जिससे बच्चा शरीर पर नियंत्रण खोने लगता है। समय के साथ बैठना चलना निगलना और सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।

    डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी की पहचान गर्भावस्था में भी संभव है। समय रहते इलाज मिल जाए तो स्थिति बेहतर हो सकती है लेकिन देरी होने पर नष्ट हुई कोशिकाएं दोबारा जीवित नहीं की जा सकतीं। इंजेक्शन केवल नई कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है।

    अनिका की मां कहती हैं अगर उसका वजन बढ़ गया तो हमारी सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। परिवार को अब भी समाज से उम्मीद है कि शेष राशि जुटाकर मासूम की जिंदगी बचाई जा सके।

  • 315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट

    315 एमवीए ट्रांसफॉर्मर से बदली औद्योगिक तस्वीर, जापानी प्रतिनिधिमंडल ने सराहा प्रोजेक्ट


    इंदौर। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी जीका के एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एमपी ट्रांसको की जिका द्वितीय योजना के तहत संचालित बिजली परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दो सदस्यीय दल में मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी और जीका के भारत प्रतिनिधि कुणाल गुप्ता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजनाओं के निर्माण कार्य गुणवत्ता उपयोगिता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन की बारीकी से समीक्षा की।

    निरीक्षण के दौरान टीम ने पीथमपुर स्थित 400 केवी सबस्टेशन का दौरा किया जहां जीका की सहायता से 315 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी विशेषताओं और इसके संचालन से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही 132 केवी मंगल्या से दक्षिण जोन इंदौर ट्रांसमिशन लाइन का भी मूल्यांकन किया गया। यह लाइन राज्य के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन महालक्ष्मी के लिए लाइन इन लाइन आउट व्यवस्था के तहत विकसित की गई है जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    एमपी ट्रांसको के अधिकारियों ने बताया कि नए ट्रांसफॉर्मर और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां उद्योगों को वोल्टेज में उतार चढ़ाव और अनियमित सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ता था वहीं अब उन्हें चौबीसों घंटे निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिल रही है। इससे उत्पादन प्रक्रिया अधिक सुचारु हुई है और लागत में भी कमी आई है।

    मूल्यांकनकर्ता हिसाए ताकाहाशी ने केवल आधिकारिक प्रस्तुतियों तक सीमित न रहते हुए जमीनी हकीकत जानने का निर्णय लिया। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर विभिन्न इकाइयों में काम कर रहे लोगों और उद्योग संचालकों से सीधे बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता विश्वसनीयता और परियोजना के वास्तविक प्रभाव को लेकर फीडबैक लिया ताकि मूल्यांकन व्यावहारिक आधार पर किया जा सके।

    पीथमपुर धार क्षेत्र में चार संयंत्र संचालित करने वाली अग्रणी पैकेजिंग कंपनी एसआरएफ लिमिटेड ने भी अपने अनुभव साझा किए। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि नए पावर ट्रांसफॉर्मर के संचालन के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह स्थिर हो गई है और उत्पादन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आ रही है। कंपनी के विधिक प्रमुख ने कहा कि बेहतर बिजली उपलब्धता के कारण अब वे 132 केवी स्तर पर अपना लोड लगभग 15 एमवीए तक बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे दो नई उत्पादन इकाइयों को समर्थन मिल सकेगा।

    इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित बिजली अवसंरचना परियोजनाएं न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ हैं बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति ने निवेश और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है जिससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिला है।

  • इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर

    इंदौर में जहरीली गैस के रिसाव के बाद लोगों सांस लेने में हुई परेशानी, घरों से निकले बाहर


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात जहरीली गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए।

    बताया जा रहा है कि एक कबाड़ी की दुकान पर गैस से भरा सिलेंडर लाया गया था। कबाड़ी सिलेंडर को काट रहा था, उसी दौरान उसमें भरी गैस रिसने लगी। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी होने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कबाड़ी को हिरासत में ले लिया। दमकल विभाग की टीम ने सिलेंडर को अपने कब्जे में लेकर मौके से हटाया। क्षेत्र में पानी का छिड़काव भी किया गया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक काबू में आए।

    जहरीली गैस रिसाव से सांस लेने में तकलीफ होने के बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है।

    डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। पुलिस ने कबाड़ी शहजाद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

  • इंदौर में नर्सिंग छात्राओं के लिए संकट: 300 छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के मौखिक आदेश, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

    इंदौर में नर्सिंग छात्राओं के लिए संकट: 300 छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के मौखिक आदेश, वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

    इंदौर। शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एमजीएम से जुड़े नर्सिंग कॉलेज की लगभग 300 छात्राओं के लिए अचानक संकट खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रबंधन ने मौखिक आदेश जारी कर सभी छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा है। यह आदेश बीएससी नर्सिंग की प्रथम से तृतीय वर्ष की छात्राओं को प्रभावित कर रहा है। छात्राओं का कहना है कि परीक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग के बीच यह अचानक कदम उनके लिए मानसिक और आर्थिक दबाव का कारण बन गया है।

    हॉस्टल खाली करने का आदेश सिर्फ छात्राओं तक सीमित नहीं है। महाराजा यशवंतराव अस्पताल एमवायएच प्रबंधन ने कॉलेज प्राचार्य को भी शासकीय क्वार्टर खाली करने का नोटिस भेजा है। अस्पताल परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले लगभग 20 परिवार भी इस कार्रवाई से प्रभावित होंगे। प्रशासन का कहना है कि परिसर में नए भवन निर्माण की योजना है और वर्तमान हॉस्टल एवं क्वार्टर निर्माण कार्य के लिए बाधा बन रहे हैं।

    हालांकि, छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अभी तक कोई वैकल्पिक आवास व्यवस्था नहीं की है। छात्राओं का कहना है कि वे आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं हैं कि निजी हॉस्टल या किराए के मकान में रहकर पढ़ाई जारी रख सकें। इस बीच प्रशासनिक संवेदनशीलता और छात्र कल्याण पर सवाल उठ रहे हैं।

    छात्राओं ने लिखित आदेश और पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हॉस्टल खाली करना उचित नहीं है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह मामला सामाजिक और प्रशासनिक विवाद का रूप ले सकता है।

    स्थिति गंभीर होने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई तात्कालिक कदम नहीं उठाया गया है। छात्राएं चिंता में हैं कि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्राओं और स्टाफ परिवारों के हितों को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो रहा है कि नए निर्माण कार्य की आवश्यकता तो हो सकती है, लेकिन उससे जुड़े प्रशासनिक निर्णयों में छात्र और कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देना अनिवार्य है। फिलहाल कॉलेज और अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है, ताकि छात्राओं और प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प सुनिश्चित किया जा सके।

  • इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य

    इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में शनिवार की रात एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी में आए मेहमान उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराने गए। राहत की बात है कि कोई गंभीर बीमार नहीं हुआ। चार लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।


    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि शनिवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित शर्मा गली में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में भोजन ग्रहण करने के बाद कुछ नागरिकों की तबीयत खराब हो गई थी। सभी 6 नागरिकों का स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी तरह सामान्य एवं ठीक है।

    डॉ. हासानी ने बताया कि शनिवार को भागीरथपुरा में आयोजित जन्मदिन समारोह में लगभग 60 रिश्तेदार शामिल हुए थे, जिन्होंने रात करीब 11 बजे भोजन किया था। इसके बाद रविवार को कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई। प्रभावित व्यक्तियों का उपचार किया गया तथा एहतियात के तौर पर उन्हें एम.वाय.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है।

    सीएमएचओ डॉ. हासानी ने नागरिकों एवं मीडिया से अनुरोध किया है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से बहुप्रसारित न करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।

    दरअसल, भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन शनिवार को मनाया गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया था। खाने में दाल-बाफलेँ, लड्डू और अन्य व्यंजन थे। रविवार सुबह कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मुक्शिया के अनुसार 30 से ज्यादा लोग बीमार हुए। मामला भोजन से जुड़ा होने के कारण खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी पानी के सैंपल लिए हैं। अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।

    आकाश ने बताया कि घर पर ही खाना बनाया था। 60 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था। खाने में हमने बोरिंग का पानी उपयोग में लिया था। फिलहाल डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की बात कही है। आकाश ने कहा कि मेरी पत्नी, भाई और भाभी भी बीमार हैं। उन्हें भी हम सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाने ले गए थे।
  • सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?

    सुप्रिया श्रीनेत का बीजेपी पर हमला: इंदौर-भोपाल में पत्थरबाजी, दूषित पानी से मौतों पर चुप्पी क्यों?


    भोपालभोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर और भोपाल में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तरों पर पत्थरबाजी की, बैरिकेड तोड़े और हंगामा किया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

    बीजेपी कार्यकर्ता पत्थरबाज बन गए
    श्रीनेत ने कहा कि दोनों शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चार-चार बैरिकेड तोड़कर कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश की। उनके मुताबिक पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड है, इसके बावजूद नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। उन्होंने सवाल उठाया, “जब साफ दिख रहा है कि पत्थर कौन चला रहा था, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि “संगठित गुंडागर्दी” करार दिया।

    दूषित पानी से मौतों पर सरकार घिरी
    कांग्रेस प्रवक्ता ने इंदौर में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग जान गंवा रहे थे, तब बीजेपी नेताओं की ओर से न तो संवेदना जताई गई और न ही जिम्मेदारी तय की गई।

    श्रीनेत ने कहा, “जब जनता मर रही थी, तब चुप्पी थी। आज राजनीतिक विरोध के नाम पर सड़क पर हिंसा की जा रही है। जनता सब देख रही है।”

    भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर निशाना
    भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यह डील किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, ऊर्जा सुरक्षा और डेटा संप्रभुता के हितों के खिलाफ है।

    उनके अनुसार, अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में बड़ी रियायत, रूस से सस्ता तेल खरीदने में दूरी और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलने जैसे फैसलों से भारतीय किसानों पर दबाव बढ़ेगा।

    24 फरवरी को किसान महापंचायत
    श्रीनेत ने बताया कि 24 फरवरी को भोपाल में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश लंबे समय से किसान आंदोलनों की भूमि रहा है और प्रदेश के किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं, इसलिए आंदोलन की शुरुआत यहीं से की जा रही है।

    युवा कांग्रेस के प्रदर्शन का बचाव
    दिल्ली में एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन पर श्रीनेत ने कहा कि यह समिट के खिलाफ नहीं, बल्कि “देशहित से समझौते” के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि युवा देश की आवाज हैं और आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा।

  • राजनीतिक तनाव बढ़ा इंदौर में: कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा घेराव, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई घायल

    राजनीतिक तनाव बढ़ा इंदौर में: कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा घेराव, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई घायल


    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार को राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस प्रशासन ने संभावित विवाद को देखते हुए पहले ही भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर दी थी। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए।

    शुरुआती नारेबाजी के बीच माहौल धीरे-धीरे गरमाता गया और देखते ही देखते स्थिति पत्थरबाजी में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और हाथापाई और पत्थरबाजी शुरू हो गई।

    इस दौरान कई लोग घायल हुए, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आए। सब इंस्पेक्टर राम सिंह बघेल को सीधे पत्थर लगने से गंभीर चोट आई, जबकि आरक्षक जगमोहन भी घायल हुए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया। घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रदर्शन के लिए कोई विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी। मामले में शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और कानून व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    पुलिस अब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की मदद से पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।

    पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी।

    यह घटना इंदौर में राजनीतिक हिंसा की चिंता बढ़ाती है और यह याद दिलाती है कि सड़क और सार्वजनिक जगह पर सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कभी-कभी हिंसक रूप ले लेती है, इसलिए सभी पक्षों से संयम और कानून का पालन करने की अपील की जा रही है।