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  • मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस साल सर्दी ने अपने तेवर कुछ अलग ही दिखाए हैं। हवाओं के दिशा परिवर्तन और असामान्य मौसम परिस्थितियों के कारण मालवा अंचल में कड़ाके की ठंड पड़ीजिसने बीते 67 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 18 दिसंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गयाजो अब तक का 10वां सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।

    कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

    मालवासीहोरराजगढ़ और शाजापुर की पट्टी में आमतौर पर पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहता हैजिससे ठंड अधिक तीव्र नहीं होती। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने हवाओं की दिशा बदल दी। मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसारप्रतिचक्रवात के कारण कश्मीर से आ रही उत्तरी हवाएं मालवा तक पहुंच गईंजिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। इसने इलाके में कड़ी ठंड का माहौल बना दिया।

    जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर

    मध्य भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम में अटलांटिक महासागर की ठंडी हवाओं का मिश्रण हो गया। तेज गति से बहने वाली इस जेट स्ट्रीम ने ठंडी हवाओं को जमीन की सतह तक दबायाजिससे ठंड और बढ़ गई। इसके साथ ही कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी उत्तरी भारत से ठंडी हवाएं भेजने में भूमिका निभाई। इन सभी घटनाओं ने मिलकर ठंड को तीव्र कर दियाजिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।

    मावठा और बारिश की संभावना कम

    भोपाल के मौसम विज्ञानी डॉ. अरुण शर्मा के अनुसारफिलहाल प्रदेश में किसी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा और मावठा या बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकिउत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कोहरा छा सकता हैलेकिन इसके बाद मौसम सामान्य होने लगेगा।

    ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर

    सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी दुबे का कहना है कि 27 दिसंबर को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेगा। ऐसे में ठंड सामान्य समय यानी फरवरी मध्य तक विदा हो जाएगी। ठंड की समय पर विदाई का मतलब यह भी है कि गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है।

    आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार26 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगीक्योंकि मालवा की ओर बने प्रतिचक्रवात उत्तरी हवाओं को रोक देगा। 29 दिसंबर को तापमान में फिर हल्की गिरावट हो सकती हैलेकिन 30 दिसंबर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगा और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंड सामान्य रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन का असर

    भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एचएस पांडे अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के दिन घटे हैं और गर्मी के दिन बढ़े हैं। इसी बदलाव के चलते इस बार कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान में असामान्य गिरावट देखने को मिली हैजो कि भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के उतार-चढ़ाव और असामान्य बदलावों में वृद्धि हो रही हैजो किसानों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

  • इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका

    इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका


    इंदौर। इंदौर जिले में आगामी 23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह कदम विशेष गहन पुनरीक्षण एसआइआर प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना है। इस सूची में इंदौर जिले के सभी मतदाता अपना नाम देख सकेंगे। यदि किसी का नाम सूची से कट गया है या उसमें कोई त्रुटि है तो वे उसे सुधारने के लिए शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।

    इस प्रक्रिया के तहत जिले के सभी 2625 बूथों पर मतदाता सूची देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भी मतदाता अपनी जानकारी जांच सकते हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं के अलावा अनुपस्थित स्थानांतरित और मृतक मतदाताओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी।

    नाम कटने या त्रुटि पर शिकायत की प्रक्रिया

    ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी बूथों पर बूथ लेवल आफिसर बीएओ दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। यह प्रक्रिया 22 जनवरी तक चलेगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची से हट गया है वे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इआरओ और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एइआरओ दस्तावेजों की जांच करेंगे और यदि आवश्यकता पड़ी तो संबंधित मतदाता के नाम को सूची में वापस जोड़ा जाएगा।

    राजनीतिक दलों के साथ बैठक

    अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सूची को सभी मतदान केंद्रों पर चस्पा किया जाएगा और संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर जानकारी दी जाएगी।

    मैपिंग से बाहर रहने वाले मतदाता

    जिले में कुल 24 लाख 20 हजार 170 मतदाता हैं। इनमें से 1.33 लाख मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेज दिखाने होंगे ताकि उनकी पहचान प्रमाणित हो सके। इन मतदाताओं को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा और सात दिन बाद उनकी सुनवाई शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी मतदाता की जानकारी सही और अपडेटेड हो ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि या धोखाधड़ी की संभावना न रहे।

  • इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर । इंदौर और रीवा के बीच 22 दिसंबर से इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है जो विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी। पहले जहां यह यात्रा ट्रेन या बस से करीब 15 घंटे में पूरी होती थी वहीं अब यह महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस नई हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्गों पर निर्भर था।

    यह सेवा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर से रीवा के लिए प्रतिदिन 70 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। यात्रा की कम कीमत के कारण भी यह सेवा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है और इसके लिए पहले दिन की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस सेवा से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।

    किराया और सुविधाएँ

    इंदौर और रीवा के बीच विमान सेवा का किराया करीब 4700 रुपये रहेगा जो एक तरह से इस क्षेत्र के लिए किफायती विकल्प बन सकता है। इस किराए में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। इस हवाई सेवा के शुरू होने से यात्रा की गति में तेज़ी आएगी और अब लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुँच सकेंगे। खासतौर पर व्यापारिक और सरकारी कामकाज के लिए यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले लंबी दूरी के कारण रेल या बस यात्रा पर निर्भर रहते थे।

    विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलेगा फायदा

    यह उड़ान सेवा विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इन जिलों में रीवा सागर कटनी सीधी उमरिया शहडोल अनूपपुर और दमोह शामिल हैं। इन जिलों के लोग अब इंदौर तक आसानी से पहुँच सकेंगे जिससे रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।यह सेवा क्षेत्रीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रीवा और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह हवाई सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।

    नई हवाई सेवा का भविष्य

    इस नई विमान सेवा के साथ इंदौर और रीवा के बीच यात्रा की सहजता में इंकलाब आने की संभावना है। हवाई यात्रा से क्षेत्र के दूरदराज इलाकों तक आसानी से पहुँचने के साथ ही लोग विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में समय से पहुँच सकेंगे। इस कनेक्टिविटी से न केवल लोगों के जीवन में सुधार आएगा बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर और रीवा के बीच उड़ान सेवा का शुभारंभ विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही स्थानीय लोगों को यात्रा की सुविधा और समय की बचत भी प्रदान करेगी। अब देखते हैं कि भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी ऐसी हवाई सेवाओं का विस्तार होता है या नहीं।

  • MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक

    MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में घनी आबादी वाले क्षेत्र में मेट्रो (Metro) जमीन के नीचे से गुजरेगी। पहले इसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor) के रूप में बनाया जाना था। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने रविवार को इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने महाराजा यशवंतराव अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला भी रखी।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि इंदौर के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाली 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय भूमिगत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्ग में बदलाव से होने वाली लगभग 900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त अनुमानित लागत राज्य सरकार वहन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो परियोजना में 31.32 किलोमीटर लंबे मार्ग की परिकल्पना की गई थी, जिसकी प्रस्तावित लागत 7500.8 करोड़ रुपए थी।

    शहर में मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य 2019 से चल रहा है, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस परियोजना को लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों के लोगों ने व्यावसायिक गतिविधियों में व्यवधान का हवाला देते हुए परियोजना का विरोध किया था।

    मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को राज्य की वित्तीय राजधानी इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने निर्णय लिया है कि शहर में मेट्रो रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से का निर्माण अब भूमिगत किया जाएगा। यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और शहर के विकास एवं सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मेट्रो परियोजना की लागत में 800-900 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी जिसे राज्य के खजाने से वहन किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि खजराना चौक और रेलवे स्टेशन के बीच 3.3 किलोमीटर का मेट्रो मार्ग भूमिगत चलेगा। यहां पहले एक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव था। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और इसमें आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित इंदौर महानगर क्षेत्र का विस्तार करने का भी निर्णय लिया गया। यह अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। उन्होंने कहा कि महानगर क्षेत्र में इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के कुछ हिस्से भी शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर महानगर क्षेत्र को व्यापार, उद्योग और पर्यटन के एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने शहर में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाईएच) की नई इमारत की आधारशिला भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इमारत में 1450 मरीजों के लिए बेड की सुविधा होगी। एमवाईएच राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है।

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की दो करीबी सहेलियां गुरुवार को शिलॉन्ग कोर्ट (Shillong Court) में पेश हुईं। इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video conferencing) के जरिए हुई इस सुनवाई में अदालत ने दोनों युवतियों पर सवालों की झड़ी लगा दी। अदालत की सख्त निगरानी में हुए इस बयान दर्जीकरण से केस एक बार फिर उबाल पर आ गया है।

    दीपांशी और प्रियांशी दोनों सोनम के भाई गोविंद की फैक्ट्री में कंप्यूटर का काम करती हैं। ई-सेवा पोर्टल के जरिए सुनवाई में जुड़ीं इन युवतियों को कोर्ट ने सीधे-सीधे सोनम के व्यवहार, स्वभाव और उसके पिछले चाल-चलन पर जवाब देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, अदालत ने पहले सोनम की पहचान कराई, फिर तीखे शब्दों में पूछा—’हत्या से पहले सोनम का रवैया कैसा था? क्या तुम राजा को जानती थीं?’ दीपांशी का बयान कोर्ट ने दर्ज कर लिया, जबकि प्रियांशी से अगली सुनवाई में पूछताछ होगी। दोनों युवतियाँ बिना मीडिया से आंख मिलाए कोर्ट परिसर से निकल गईं।

    सरकारी वकील ने दोनों की पेशी की मांग की थी, जिसके लिए 27 नवंबर को नोटिस जारी हुआ। यह दूसरा नोटिस था, पहले नोटिस पर दोनों कोर्ट पहुंचने तक की हिम्मत नहीं जुटा सकी थीं।


    खाई में मिला था राजा का शव

    11 मई को सोनम से शादी करने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी 20 मई को हनीमून पर मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को वे सोहरा घूमने निकले और 24 मई से परिवार का संपर्क उनसे टूट गया। 27 मई को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, बारिश के कारण एक दिन रुका और 2 जून को खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि राजा की हत्या पेड़ काटने वाले तेज हथियार से की गई थी। इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में पागलों की तरह दौड़ी और 9 जून को वह यूपी के गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली। वहीं से केस की परतें खुलती गईं और पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन जमानत पर बाहर हैं।


    790 पन्नों की चार्जशीट

    6 सितंबर को मेघालय पुलिस की एसआईटी ने शिलॉन्ग कोर्ट में 790 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इसमें साफ-साफ लिखा है कि राजा की हत्या में सोनम, उसके बॉयफ्रेंड राज कुशवाह और तीन अन्य सीधे शामिल हैं। पांचों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।


    विपिन रघुवंशी का दर्दनाक आरोप

    शिलॉन्ग रवाना होने से पहले राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैंने ही राजा और सोनम के लापता होने की शिकायत की थी। अभी तक हमें चार्जशीट नहीं मिली, इसलिए हत्या का असली मोटिव छुपा हुआ है। लेकिन जितना समझ पा रहा हूं राज और सोनम ने प्यार नहीं, हवस के लिए मेरे भाई की हत्या की। लोग प्यार में कुर्बानी देते हैं, लेकिन इन दोनों ने अपनी वासना पूरी करने के लिए उसे मार डाला।

    बता दें, राजा की लाश 2 जून को शिलॉन्ग में मिली थी और केस के पाँच आरोपी अभी जेल में बंद हैं। एसआईटी 790 पेज में पूरी साजिश कोर्ट को सौंप चुकी है।

  • उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर लगातार जारी है और उत्तरी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आ रही हैजिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर बढ़ने के साथ-साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 24 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गयावहीं बुधवार को भी कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

    शीतलहर का प्रभावतापमान में गिरावट

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को शहडोल जिले में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावाभोपालराजगढ़इंदौर और शाजापुर जैसे प्रमुख शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिला। मौसम के शुष्क होने और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैंखासकर सुबह और रात के समय में ठंड बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

    कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम

    मंगलवार को प्रदेश के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहाजो ठंड की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसारशीतलहर के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गयालेकिन रात के समय ठंडक बढ़ने से लोग परेशान हैं।

    आगे का मौसम तीन दिन तक शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिकअगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार को भी प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। इनमें भोपालविदिशासीहोरराजगढ़इंदौरशाजापुरजबलपुर और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और सर्द हवाओं के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों पर असर

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यह मौसम फसलें बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शीतलहर का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता हैखासकर वे फसलें जो ठंडी के प्रति संवेदनशील होती हैं। किसान अपनी फसलों की रक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकते हैंजैसे कि फसल के ऊपर कंबल डालना या फिर शेड का इस्तेमाल करना।

    नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी हैखासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और खासकर सुबह और रात के समय बाहर जाने से बचें। सर्दी के मौसम में श्वसन संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता हैइसलिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। कुल मिलाकरमध्य प्रदेश में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। प्रदेशवासियों को शीतलहर से बचने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है और साथ ही मौसम के मिजाज के अनुसार अपनी दिनचर्या को अनुकूलित करना होगा।

  • आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस

    आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस


    इंदौर। आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने चुनावी चंदे की रसीदों के जरिए अवैध तरीके से आयकर छूट लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे करदाताओं को समंस भेजना शुरू कर दिया हैजिन पर बोगस चुनावी चंदेट्यूशन फीसऔर मेडिकल खर्च जैसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयकर छूट लेने का आरोप है। इंदौर-उज्जैन परिक्षेत्र में अब तक सवा सौ से अधिक करदाताओं को समंस भेजे जा चुके हैंऔर उन्हें आयकर छूट को संदिग्ध मानते हुए बयान दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई जुलाई और अगस्त में किए गए आयकर विभाग के छापों के बाद की जा रही हैजिसे अगले दौर की जांच माना जा रहा है।

    छापों में खुलासा हुआ बड़ा रैकेट

    जुलाई और अगस्त में आयकर विभाग ने देशभर में लगभग 200 स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान आयकर विभाग को कुछ गंभीर तथ्य सामने आए थेजिनमें बोगस चुनावी चंदे के साथ-साथ ट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च के लिए भी फर्जी रसीदें लगाने का खुलासा हुआ था। इन रसीदों के आधार पर कुछ करदाताओं ने गलत तरीके से आयकर छूट का फायदा उठाया और रिफंड प्राप्त किया। विभाग ने यह भी पाया कि इस रैकेट में कुछ टैक्स पेशेवरों की संलिप्तता थीजिन्होंने इन फर्जी रसीदों को तैयार किया और करदाताओं को फायदा पहुंचाया।

    फर्जी रिफंड दिलवाने का पूरा रैकेट

    विभाग के अनुसारयह पूरा रैकेट फर्जी रसीदों के माध्यम से करदाताओं को आयकर रिफंड दिलवाने के लिए काम कर रहा था। चुनावी चंदे के नाम पर फर्जी रसीदें जारी की जा रही थींजिनसे करदाताओं ने टैक्स छूट का लाभ उठाया। इसके अलावाट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च की फर्जी रसीदों के जरिए भी रिफंड प्राप्त किए गए। इन रसीदों को पेश करने वाले करदाताओं को आयकर छूट का लाभ मिलाजबकि असल में ये खर्चे नहीं हुए थे। इस मामले में विभाग ने करदाताओं और टैक्स पेशेवरों से बयान लेने के लिए समंस जारी किए हैं। विभाग ने इन फर्जी रसीदों को लेकर जांच की गति तेज कर दी है और मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।

    आयकर विभाग की कार्रवाई के परिणाम

    आयकर विभाग का कहना है कि वह चुनावी चंदे और अन्य फर्जी रसीदों से जुड़ी इस कार्रवाई में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी करदाता के पास सही दस्तावेज नहीं हैंतो उनके खिलाफ कर चोरी की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ हीविभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि टैक्स पेशेवरों को भी इस प्रकार के रैकेट में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी। इस मामले में विभाग का उद्देश्य यह है कि करदाताओं के बीच टैक्स चोरी को रोकने के लिए चेतना फैलाना और करदाताओं को यह समझाना कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें।

    संदिग्ध करदाताओं को सख्त चेतावनी

    आयकर विभाग ने सभी संदिग्ध करदाताओं को चेतावनी दी है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच कर लें और कोई भी फर्जी रसीद या गलत तरीके से प्राप्त आयकर छूट को साबित करने के प्रयास न करें। विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती हैऔर यह करदाताओं और टैक्स पेशेवरों के लिए एक गंभीर संदेश है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आयकर विभाग अब अवैध तरीके से कर छूट लेने वालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है और उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगाजो टैक्स चोरी में शामिल हैं।

  • इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं

    इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं


    इंदौर । इंदौर में एक दिलचस्प और विवादास्पद घटना सामने आई है जिसमें चंदन नगर थाना पुलिस ने एक निर्दोष इंजीनियर को बगैर किसी अपराध के 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर बैठाया। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संजय दुबे की गिरफ्तारी के लिए संजय दुबे के बेटे राजा को पकड़ लिया। 26 नवंबर को पुलिस ने राजा को सैलून से उठाया, जबकि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा का नाम केवल इसलिए लिया गया क्योंकि पुलिस 12 नवंबर से आरोपी संजय दुबे को पकड़ने में विफल रही थी।

    इस घटना के बाद राजा के साले आकाश तिवारी ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजा निर्दोष था और उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं था, बावजूद इसके उसे पुलिस ने बगैर कारण के गिरफ्तार कर लिया और 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर रखा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।

    हाई कोर्ट की प्रतिक्रिया और पुलिस कमिश्नर से सवाल

    हाई कोर्ट ने पुलिस के इस कृत्य को गंभीरता से लिया और इसे नागरिक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन मानते हुए थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सख्त हिदायत दी। कोर्ट ने पटेल से 26 और 27 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने को कहा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि पुलिस ने क्या सचमुच अनुचित कार्रवाई की थी। हालांकि, जब पटेल कोर्ट में पेश हुए, तो वे अपने साथ सीसीटीवी फुटेज लाने में विफल रहे और इसका कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य काफी हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि राजा के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।

    कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि उन्होंने पटेल के खिलाफ क्या विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की है। इस सवाल से यह स्पष्ट हो गया कि कोर्ट अब इस मामले में पटेल के खिलाफ कठोर कदम उठाने की ओर इशारा कर रहा है।

    राजा को रिहा किया गया, लेकिन मामला जारी

    राजा को 27 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रिहा किया गया, लेकिन इस रिहाई के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि 30 घंटे के दौरान की सीसीटीवी फुटेज पेश की जाए, लेकिन पटेल ने इसे प्रस्तुत नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर और सवाल खड़े हो गए। इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है, और पुलिस को इस समय तक अपने पक्ष को स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है।

    इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का अधिकार है, और क्या पुलिस अधिकारियों को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने पर सजा मिलनी चाहिए। यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में पुलिस के बर्ताव और नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस के लिए कानून से ऊपर होना कोई विकल्प नहीं है, और हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है। हालांकि, मामले की आगे की सुनवाई में अदालत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई इस बात का निर्णय करेगी कि क्या थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है, या फिर इसे एक और प्रशासनिक लापरवाही के रूप में ही छोड़ दिया जाएगा।

  • इंदौरः मुख्यमंत्री ने किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण, वितरित किए कंबल

    इंदौरः मुख्यमंत्री ने किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण, वितरित किए कंबल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान सोमवार देर रात 10:30 बजे दयालबाग स्थित आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अस्थायी रूप रह रहे लोगों से बातचीत की और आश्रय स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आश्रयग्राहियों को कंबल वितरित किए, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ व दाहोद से परीक्षा देने आए विद्यार्थी कमल, दाहोद के संकेत एवं संजय तथा इंदौर में पानी टंकी की चौकीदारी कर रहे चुन्नी लाल सहित अन्य श्रमिकों से उनके यहां आने के कारण, कार्य-स्थिति और आश्रय स्थल पर मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान परिक्रमावासी अनिल से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे धार्मिक परिक्रमा पूरी कर वापस लौटे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि आपकी सेवा व दर्शन कर हम भी धन्य हो गए है। इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।


    मुख्यमंत्री ने काल भैरव धाम में किए दर्शन

    आश्रय स्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव पास ही स्थित श्री काल भैरव धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

  • इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण

    इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर सोमवार शाम को इंदौर को एक बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्य प्रदेश की दिशा तय करते हैं। मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की।

    गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण
    उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में आत्मबल, उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित श्रीकृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने श्रीकृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रुपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। पिछले दो वर्षों में मध्य प्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन
    इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है।

    सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके।

    मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा।