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  • इंदौर की घटना पर भड़के ओवैसी? कहा-चले हैं विश्वगुरु बनने, चुल्लू भर पानी में डूब मरें ये लोग…

    इंदौर की घटना पर भड़के ओवैसी? कहा-चले हैं विश्वगुरु बनने, चुल्लू भर पानी में डूब मरें ये लोग…


    हैदराबाद। भाजपा शासित मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले और देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा जीतने वाले इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से अब तक 13 मौत का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस आंकड़े पर स्थानीय लोगों, सरकार और अधिकारियों के बीच विरोधाभास बना हुआ है।
    इस बीच, हैदराबाद से सांसद और AIMIM की चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस हादसे के लिए भाजपा को न सिर्फ जिम्मेदार ठहराया है बल्कि उसकी नीतियों की भी आलोचना की है। ओवैसी ने दो टूक कहा कि ये लोग आम लोगों के घरों पर बुलडोजर तो चलवा सकते हैं लेकिन उन्हें साफ पानी पीने जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं दे सकते हैं।

    हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा, “…उन्हें (बीजेपी) सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की परवाह है… वे साफ पीने के पानी जैसी ज़रूरी चीज़ें भी नहीं दे सकते और खुद को विश्वगुरु कहते हैं।”

    उन्होंने कहा, “उन्हें सिर्फ बुलडोजर की फिक्र है। किसी मुसलमनान पर इल्जाम लगा तो उसको लाकर पीटते हैं और घर तोड़ देते हैं। इनकी सरकार ऐसी ही है कि देश में इंसानों को बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया नहीं करा सकते। हम 2026 में आ गए हैं और ये लोग विश्वगुरू बनने का दावा करते हैं लेकिन साफ पानी भी नहीं दे सकते हैं। लोग गंदा पानी पीकर मर रहे हैं तो इन लोगों (बीजेपी के लोगों) को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।”

    13 लोगों के मरने का दावा
    बता दें कि इंदौर में स्थानीय नागरिकों ने दूषित जल के प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है, जबकि प्रशासन ने डायरिया से केवल चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला। भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है।
    अधिकारियों के मुताबिक चार लोगों की मौत

    विजयवर्गीय ने संवाददाताओं को बताया कि उल्टी-दस्त के प्रकोप से भागीरथपुरा में 1,400 से 1,500 लोग प्रभावित हुए जिनमें से लगभग 200 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।

    उन्होंने कहा कि इन मरीजों की हालत खतरे से बाहर है और स्वस्थ होने पर लोगों को अस्पताल से लगातार छुट्टी दी जा रही है।विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा,‘‘मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, पर यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है। हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे और इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।’’
    अतिरिक्त मुख्य सचिव का दौरा

    इस बीच, राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने स्थानीय अफसरों के साथ भागीरथपुरा क्षेत्र का दौरा करके हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि पेयजल की आपूर्ति की पाइपलाइन के लीकेज को दुरुस्त करने के बाद भागीरथपुरा में बृहस्पतिवार को जलप्रदाय किया गया और घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।

  • इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार

    इंदौर दूषित पानी कांड: 5 महीने के मासूम अव्यान की मौत, 1,100 से अधिक लोग बीमार


    इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पीने के पानी से फैल रही गंभीर बीमारी ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। पांच महीने के मासूम अव्यान साहू की मौत दस्त और उल्टी से हुई। बच्चे के परिवार ने बताया कि घर में गाढ़े दूध में नगर निगम के नल का पानी मिलाकर पिलाया गया था, लेकिन वही पानी जहरीला साबित हुआ। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के अनुसार, दूषित पानी ने पूरे इलाके में व्यापक स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया।

    अव्यान का परिवार पिछले 10 सालों से उसकी उपस्थिति का इंतजार कर रहा था, लेकिन यह खुशी मातम में बदल गई। पिता सुनील साहू ने मीडिया से बताया कि बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई थी। चिकित्सक से परामर्श के बाद घर पर दवाइयां दी जा रही थीं, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। उन्होंने कहा कि दूध गाढ़ा था, इसलिए वे इसे नगर निगम के नल के पानी में मिलाकर पिला रहे थे, लेकिन वही पानी उनके बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुआ।

    सरकारी आंकड़ों और स्थानीय बयानों के अनुसार, अब तक भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण कम-से-कम सात लोगों की मौत हो चुकी है और 1,100 से अधिक लोग पेट और दस्त जैसी बीमारियों से प्रभावित हैं। कई गंभीर मरीज शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मुख्य जलापूर्ति लाइन में लीकेज के कारण नालों का गंदा पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिला। नगर निगम के कर्मचारियों ने मंगलवार देर शाम इस लीकेज का पता लगाया। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं ताकि स्थिति और अधिक गंभीर न हो।

    इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक सात मौतों की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोग यह दावा कर रहे हैं कि नौ लोगों की मौत दूषित पानी की वजह से हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि इलाके में गंदा पानी नल से बहते देखा गया है और पहले भी अस्वस्थ जल आपूर्ति पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। लेकिन यह समस्या पिछले एक सप्ताह में जानलेवा रूप ले चुकी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और जांच अभियान शुरू किया है, और प्राथमिक उपचार तथा अस्पतालों में भर्ती की सुविधा प्रदान की जा रही है।

    यह मामला इंदौर जैसे “सबसे स्वच्छ शहर” के दावे पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जल स्रोत की सुरक्षा और जलापूर्ति अवसंरचना की निगरानी में खामियों ने स्थानीय निवासियों को भारी कीमत चुकाई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि दूषित पानी के फैलाव को रोकने, नियमित जांच करने और सार्वजनिक जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक हैअदालत और उच्च प्रशासन ने भी इस स्थिति पर संज्ञान लिया है। व्यापक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और चिकित्सा सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

  • इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल

    इंदौरः दो कारों के बीच जोरदार भिंड़त, एक की मौत और सात घायल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में ग्राम उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    तेजाजी नगर थाना पुलिस के अनुसार, उमरीखेड़ा के पास सोमवार सुबह दो कारों के बीच टक्कर हो गई। इनमें से एक कार सनावद से इंदौर आ रही थी। उसमें एक मरीज था, जिसे इलाज के लिए इंदौर लाया जा रहा था। वहीं दूसरी कार उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही थी। यहां उज्जैन की कार के ड्राइवर को झपकी लग गई। वह सामने से आ रही कार से जा टकराया। सूचना के बाद तेजाजी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    इंदौर के तेजाजी नगर थाना प्रभारी देवेन्द्र मरकाम ने बताया कि सोमवार सुबह उमरीखेड़ा के पास उज्जैन से ओंकारेश्वर जा रही कार और सनावद से इंदौर आ रही कार आपस में टकरा गई। हादसे में मुंबई निवासी निखिल कोठारी, उनकी पत्नी सलोनी, अमन पुत्र रशीद खान निवासी उज्जैन, ओमप्रकाश पुत्र आलोक चंद निवासी सनावद, चेतराम पुत्र बारेलाल निवासी सनावद, अरबाज निवासी सनावद और पवन निवासी सदरसर घायल हैं। वहीं भैयालाल (45 वर्ष) पुत्र लक्ष्मलाल निवासी सनावद की अस्पताल में मौत हो गई है।

    परिवार के लोगों ने बताया कि इंदौर आ रही कार में ओमप्रकाश, चेतराम और मरीज भैयालाल सवार थे। भैयालाल को इंदौर इलाज के लिए लाया जा रहा था। हादसे में भैयालाल की मौत हो गई है। वहीं ओमप्रकाश को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चेतराम और भैयालाल आपस में रिश्तेदार हैं। मुंबई के दंपत्ति ने बताया कि वह उज्जैन-ओंकारेश्वर में दर्शन करने आए थे। यहां पर उज्जैन में रविवार को रुके थे। टैक्सी किराए से ली थी और ओंकारेश्वर के लिए निकले थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया। दंपत्ति मुंबई में ही जॉब करते हैं। वे मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं।

  • मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस साल सर्दी ने अपने तेवर कुछ अलग ही दिखाए हैं। हवाओं के दिशा परिवर्तन और असामान्य मौसम परिस्थितियों के कारण मालवा अंचल में कड़ाके की ठंड पड़ीजिसने बीते 67 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 18 दिसंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गयाजो अब तक का 10वां सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।

    कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

    मालवासीहोरराजगढ़ और शाजापुर की पट्टी में आमतौर पर पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहता हैजिससे ठंड अधिक तीव्र नहीं होती। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने हवाओं की दिशा बदल दी। मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसारप्रतिचक्रवात के कारण कश्मीर से आ रही उत्तरी हवाएं मालवा तक पहुंच गईंजिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। इसने इलाके में कड़ी ठंड का माहौल बना दिया।

    जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर

    मध्य भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम में अटलांटिक महासागर की ठंडी हवाओं का मिश्रण हो गया। तेज गति से बहने वाली इस जेट स्ट्रीम ने ठंडी हवाओं को जमीन की सतह तक दबायाजिससे ठंड और बढ़ गई। इसके साथ ही कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी उत्तरी भारत से ठंडी हवाएं भेजने में भूमिका निभाई। इन सभी घटनाओं ने मिलकर ठंड को तीव्र कर दियाजिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।

    मावठा और बारिश की संभावना कम

    भोपाल के मौसम विज्ञानी डॉ. अरुण शर्मा के अनुसारफिलहाल प्रदेश में किसी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा और मावठा या बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकिउत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कोहरा छा सकता हैलेकिन इसके बाद मौसम सामान्य होने लगेगा।

    ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर

    सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी दुबे का कहना है कि 27 दिसंबर को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेगा। ऐसे में ठंड सामान्य समय यानी फरवरी मध्य तक विदा हो जाएगी। ठंड की समय पर विदाई का मतलब यह भी है कि गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है।

    आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार26 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगीक्योंकि मालवा की ओर बने प्रतिचक्रवात उत्तरी हवाओं को रोक देगा। 29 दिसंबर को तापमान में फिर हल्की गिरावट हो सकती हैलेकिन 30 दिसंबर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगा और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंड सामान्य रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन का असर

    भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एचएस पांडे अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के दिन घटे हैं और गर्मी के दिन बढ़े हैं। इसी बदलाव के चलते इस बार कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान में असामान्य गिरावट देखने को मिली हैजो कि भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के उतार-चढ़ाव और असामान्य बदलावों में वृद्धि हो रही हैजो किसानों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

  • इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका

    इंदौर में 23 दिसंबर को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची ऑनलाइन देख सकेंगे अपना नाम; त्रुटि पर शिकायत का मौका


    इंदौर। इंदौर जिले में आगामी 23 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह कदम विशेष गहन पुनरीक्षण एसआइआर प्रक्रिया के तहत उठाया जा रहा है जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करना है। इस सूची में इंदौर जिले के सभी मतदाता अपना नाम देख सकेंगे। यदि किसी का नाम सूची से कट गया है या उसमें कोई त्रुटि है तो वे उसे सुधारने के लिए शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।

    इस प्रक्रिया के तहत जिले के सभी 2625 बूथों पर मतदाता सूची देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन भी मतदाता अपनी जानकारी जांच सकते हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं के अलावा अनुपस्थित स्थानांतरित और मृतक मतदाताओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी।

    नाम कटने या त्रुटि पर शिकायत की प्रक्रिया

    ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सभी बूथों पर बूथ लेवल आफिसर बीएओ दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। यह प्रक्रिया 22 जनवरी तक चलेगी। जिन मतदाताओं का नाम सूची से हट गया है वे अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं। सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रीकरण अधिकारी इआरओ और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एइआरओ दस्तावेजों की जांच करेंगे और यदि आवश्यकता पड़ी तो संबंधित मतदाता के नाम को सूची में वापस जोड़ा जाएगा।

    राजनीतिक दलों के साथ बैठक

    अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा सूची को सभी मतदान केंद्रों पर चस्पा किया जाएगा और संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर जानकारी दी जाएगी।

    मैपिंग से बाहर रहने वाले मतदाता

    जिले में कुल 24 लाख 20 हजार 170 मतदाता हैं। इनमें से 1.33 लाख मतदाताओं की मैपिंग 2003 की सूची से नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेज दिखाने होंगे ताकि उनकी पहचान प्रमाणित हो सके। इन मतदाताओं को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा और सात दिन बाद उनकी सुनवाई शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी मतदाता की जानकारी सही और अपडेटेड हो ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की त्रुटि या धोखाधड़ी की संभावना न रहे।

  • इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी

    इंदौर । इंदौर और रीवा के बीच 22 दिसंबर से इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है जो विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी। पहले जहां यह यात्रा ट्रेन या बस से करीब 15 घंटे में पूरी होती थी वहीं अब यह महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस नई हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्गों पर निर्भर था।

    यह सेवा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर से रीवा के लिए प्रतिदिन 70 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। यात्रा की कम कीमत के कारण भी यह सेवा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है और इसके लिए पहले दिन की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस सेवा से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।

    किराया और सुविधाएँ

    इंदौर और रीवा के बीच विमान सेवा का किराया करीब 4700 रुपये रहेगा जो एक तरह से इस क्षेत्र के लिए किफायती विकल्प बन सकता है। इस किराए में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। इस हवाई सेवा के शुरू होने से यात्रा की गति में तेज़ी आएगी और अब लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुँच सकेंगे। खासतौर पर व्यापारिक और सरकारी कामकाज के लिए यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले लंबी दूरी के कारण रेल या बस यात्रा पर निर्भर रहते थे।

    विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलेगा फायदा

    यह उड़ान सेवा विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इन जिलों में रीवा सागर कटनी सीधी उमरिया शहडोल अनूपपुर और दमोह शामिल हैं। इन जिलों के लोग अब इंदौर तक आसानी से पहुँच सकेंगे जिससे रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।यह सेवा क्षेत्रीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रीवा और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह हवाई सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।

    नई हवाई सेवा का भविष्य

    इस नई विमान सेवा के साथ इंदौर और रीवा के बीच यात्रा की सहजता में इंकलाब आने की संभावना है। हवाई यात्रा से क्षेत्र के दूरदराज इलाकों तक आसानी से पहुँचने के साथ ही लोग विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में समय से पहुँच सकेंगे। इस कनेक्टिविटी से न केवल लोगों के जीवन में सुधार आएगा बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर और रीवा के बीच उड़ान सेवा का शुभारंभ विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही स्थानीय लोगों को यात्रा की सुविधा और समय की बचत भी प्रदान करेगी। अब देखते हैं कि भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी ऐसी हवाई सेवाओं का विस्तार होता है या नहीं।

  • MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक

    MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में घनी आबादी वाले क्षेत्र में मेट्रो (Metro) जमीन के नीचे से गुजरेगी। पहले इसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor) के रूप में बनाया जाना था। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने रविवार को इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने महाराजा यशवंतराव अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला भी रखी।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि इंदौर के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाली 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय भूमिगत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्ग में बदलाव से होने वाली लगभग 900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त अनुमानित लागत राज्य सरकार वहन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो परियोजना में 31.32 किलोमीटर लंबे मार्ग की परिकल्पना की गई थी, जिसकी प्रस्तावित लागत 7500.8 करोड़ रुपए थी।

    शहर में मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य 2019 से चल रहा है, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस परियोजना को लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों के लोगों ने व्यावसायिक गतिविधियों में व्यवधान का हवाला देते हुए परियोजना का विरोध किया था।

    मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को राज्य की वित्तीय राजधानी इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने निर्णय लिया है कि शहर में मेट्रो रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से का निर्माण अब भूमिगत किया जाएगा। यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और शहर के विकास एवं सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मेट्रो परियोजना की लागत में 800-900 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी जिसे राज्य के खजाने से वहन किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि खजराना चौक और रेलवे स्टेशन के बीच 3.3 किलोमीटर का मेट्रो मार्ग भूमिगत चलेगा। यहां पहले एक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव था। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और इसमें आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित इंदौर महानगर क्षेत्र का विस्तार करने का भी निर्णय लिया गया। यह अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। उन्होंने कहा कि महानगर क्षेत्र में इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के कुछ हिस्से भी शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर महानगर क्षेत्र को व्यापार, उद्योग और पर्यटन के एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने शहर में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाईएच) की नई इमारत की आधारशिला भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इमारत में 1450 मरीजों के लिए बेड की सुविधा होगी। एमवाईएच राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है।

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की दो करीबी सहेलियां गुरुवार को शिलॉन्ग कोर्ट (Shillong Court) में पेश हुईं। इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video conferencing) के जरिए हुई इस सुनवाई में अदालत ने दोनों युवतियों पर सवालों की झड़ी लगा दी। अदालत की सख्त निगरानी में हुए इस बयान दर्जीकरण से केस एक बार फिर उबाल पर आ गया है।

    दीपांशी और प्रियांशी दोनों सोनम के भाई गोविंद की फैक्ट्री में कंप्यूटर का काम करती हैं। ई-सेवा पोर्टल के जरिए सुनवाई में जुड़ीं इन युवतियों को कोर्ट ने सीधे-सीधे सोनम के व्यवहार, स्वभाव और उसके पिछले चाल-चलन पर जवाब देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, अदालत ने पहले सोनम की पहचान कराई, फिर तीखे शब्दों में पूछा—’हत्या से पहले सोनम का रवैया कैसा था? क्या तुम राजा को जानती थीं?’ दीपांशी का बयान कोर्ट ने दर्ज कर लिया, जबकि प्रियांशी से अगली सुनवाई में पूछताछ होगी। दोनों युवतियाँ बिना मीडिया से आंख मिलाए कोर्ट परिसर से निकल गईं।

    सरकारी वकील ने दोनों की पेशी की मांग की थी, जिसके लिए 27 नवंबर को नोटिस जारी हुआ। यह दूसरा नोटिस था, पहले नोटिस पर दोनों कोर्ट पहुंचने तक की हिम्मत नहीं जुटा सकी थीं।


    खाई में मिला था राजा का शव

    11 मई को सोनम से शादी करने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी 20 मई को हनीमून पर मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को वे सोहरा घूमने निकले और 24 मई से परिवार का संपर्क उनसे टूट गया। 27 मई को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, बारिश के कारण एक दिन रुका और 2 जून को खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि राजा की हत्या पेड़ काटने वाले तेज हथियार से की गई थी। इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में पागलों की तरह दौड़ी और 9 जून को वह यूपी के गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली। वहीं से केस की परतें खुलती गईं और पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन जमानत पर बाहर हैं।


    790 पन्नों की चार्जशीट

    6 सितंबर को मेघालय पुलिस की एसआईटी ने शिलॉन्ग कोर्ट में 790 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इसमें साफ-साफ लिखा है कि राजा की हत्या में सोनम, उसके बॉयफ्रेंड राज कुशवाह और तीन अन्य सीधे शामिल हैं। पांचों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।


    विपिन रघुवंशी का दर्दनाक आरोप

    शिलॉन्ग रवाना होने से पहले राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैंने ही राजा और सोनम के लापता होने की शिकायत की थी। अभी तक हमें चार्जशीट नहीं मिली, इसलिए हत्या का असली मोटिव छुपा हुआ है। लेकिन जितना समझ पा रहा हूं राज और सोनम ने प्यार नहीं, हवस के लिए मेरे भाई की हत्या की। लोग प्यार में कुर्बानी देते हैं, लेकिन इन दोनों ने अपनी वासना पूरी करने के लिए उसे मार डाला।

    बता दें, राजा की लाश 2 जून को शिलॉन्ग में मिली थी और केस के पाँच आरोपी अभी जेल में बंद हैं। एसआईटी 790 पेज में पूरी साजिश कोर्ट को सौंप चुकी है।

  • उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी

    उत्तरी सर्द हवाओं से ठिठुरन8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का दौर लगातार जारी है और उत्तरी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट आ रही हैजिससे ठंड में और बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में सर्दी का असर बढ़ने के साथ-साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 24 से अधिक शहरों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गयावहीं बुधवार को भी कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।

    शीतलहर का प्रभावतापमान में गिरावट

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसारमंगलवार को शहडोल जिले में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावाभोपालराजगढ़इंदौर और शाजापुर जैसे प्रमुख शहरों में भी शीतलहर का असर देखने को मिला। मौसम के शुष्क होने और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन बनी हुई है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शीतलहर के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैंखासकर सुबह और रात के समय में ठंड बहुत ज्यादा महसूस हो रही है।

    कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम

    मंगलवार को प्रदेश के 24 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहाजो ठंड की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसारशीतलहर के कारण तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गयालेकिन रात के समय ठंडक बढ़ने से लोग परेशान हैं।

    आगे का मौसम तीन दिन तक शीतलहर का असर

    मौसम विभाग के मुताबिकअगले तीन दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार को भी प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। इनमें भोपालविदिशासीहोरराजगढ़इंदौरशाजापुरजबलपुर और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है और सर्द हवाओं के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ेगा।

    किसानों पर असर

    मध्य प्रदेश में किसानों के लिए यह मौसम फसलें बचाने के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शीतलहर का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता हैखासकर वे फसलें जो ठंडी के प्रति संवेदनशील होती हैं। किसान अपनी फसलों की रक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा सकते हैंजैसे कि फसल के ऊपर कंबल डालना या फिर शेड का इस्तेमाल करना।

    नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी हैखासकर उन क्षेत्रों में जहां शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से यह भी अपील की गई है कि वे ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें और खासकर सुबह और रात के समय बाहर जाने से बचें। सर्दी के मौसम में श्वसन संबंधित बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता हैइसलिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है। कुल मिलाकरमध्य प्रदेश में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहने की संभावना है। प्रदेशवासियों को शीतलहर से बचने के लिए अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता है और साथ ही मौसम के मिजाज के अनुसार अपनी दिनचर्या को अनुकूलित करना होगा।

  • आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस

    आयकर विभाग की कार्रवाई चुनावी चंदे और फर्जी रसीदों पर 150 से अधिक करदाताओं को समंस


    इंदौर। आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने चुनावी चंदे की रसीदों के जरिए अवैध तरीके से आयकर छूट लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे करदाताओं को समंस भेजना शुरू कर दिया हैजिन पर बोगस चुनावी चंदेट्यूशन फीसऔर मेडिकल खर्च जैसे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आयकर छूट लेने का आरोप है। इंदौर-उज्जैन परिक्षेत्र में अब तक सवा सौ से अधिक करदाताओं को समंस भेजे जा चुके हैंऔर उन्हें आयकर छूट को संदिग्ध मानते हुए बयान दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई जुलाई और अगस्त में किए गए आयकर विभाग के छापों के बाद की जा रही हैजिसे अगले दौर की जांच माना जा रहा है।

    छापों में खुलासा हुआ बड़ा रैकेट

    जुलाई और अगस्त में आयकर विभाग ने देशभर में लगभग 200 स्थानों पर छापेमारी की थी। इन छापों के दौरान आयकर विभाग को कुछ गंभीर तथ्य सामने आए थेजिनमें बोगस चुनावी चंदे के साथ-साथ ट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च के लिए भी फर्जी रसीदें लगाने का खुलासा हुआ था। इन रसीदों के आधार पर कुछ करदाताओं ने गलत तरीके से आयकर छूट का फायदा उठाया और रिफंड प्राप्त किया। विभाग ने यह भी पाया कि इस रैकेट में कुछ टैक्स पेशेवरों की संलिप्तता थीजिन्होंने इन फर्जी रसीदों को तैयार किया और करदाताओं को फायदा पहुंचाया।

    फर्जी रिफंड दिलवाने का पूरा रैकेट

    विभाग के अनुसारयह पूरा रैकेट फर्जी रसीदों के माध्यम से करदाताओं को आयकर रिफंड दिलवाने के लिए काम कर रहा था। चुनावी चंदे के नाम पर फर्जी रसीदें जारी की जा रही थींजिनसे करदाताओं ने टैक्स छूट का लाभ उठाया। इसके अलावाट्यूशन फीस और मेडिकल खर्च की फर्जी रसीदों के जरिए भी रिफंड प्राप्त किए गए। इन रसीदों को पेश करने वाले करदाताओं को आयकर छूट का लाभ मिलाजबकि असल में ये खर्चे नहीं हुए थे। इस मामले में विभाग ने करदाताओं और टैक्स पेशेवरों से बयान लेने के लिए समंस जारी किए हैं। विभाग ने इन फर्जी रसीदों को लेकर जांच की गति तेज कर दी है और मामले में संलिप्त सभी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।

    आयकर विभाग की कार्रवाई के परिणाम

    आयकर विभाग का कहना है कि वह चुनावी चंदे और अन्य फर्जी रसीदों से जुड़ी इस कार्रवाई में पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी करदाता के पास सही दस्तावेज नहीं हैंतो उनके खिलाफ कर चोरी की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ हीविभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि टैक्स पेशेवरों को भी इस प्रकार के रैकेट में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी सजा दी जाएगी। इस मामले में विभाग का उद्देश्य यह है कि करदाताओं के बीच टैक्स चोरी को रोकने के लिए चेतना फैलाना और करदाताओं को यह समझाना कि वे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचें।

    संदिग्ध करदाताओं को सख्त चेतावनी

    आयकर विभाग ने सभी संदिग्ध करदाताओं को चेतावनी दी है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच कर लें और कोई भी फर्जी रसीद या गलत तरीके से प्राप्त आयकर छूट को साबित करने के प्रयास न करें। विभाग की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और सख्त हो सकती हैऔर यह करदाताओं और टैक्स पेशेवरों के लिए एक गंभीर संदेश है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि आयकर विभाग अब अवैध तरीके से कर छूट लेने वालों के खिलाफ पूरी तरह से सख्त है और उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगाजो टैक्स चोरी में शामिल हैं।