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  • इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं

    इंदौर बगैर अपराध इंजीनियर को 30 घंटे हथकड़ी में थाने में बैठाने पर चंदन नगर टीआई की मुश्किलें बढ़ीं


    इंदौर । इंदौर में एक दिलचस्प और विवादास्पद घटना सामने आई है जिसमें चंदन नगर थाना पुलिस ने एक निर्दोष इंजीनियर को बगैर किसी अपराध के 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर बैठाया। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी संजय दुबे की गिरफ्तारी के लिए संजय दुबे के बेटे राजा को पकड़ लिया। 26 नवंबर को पुलिस ने राजा को सैलून से उठाया, जबकि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा का नाम केवल इसलिए लिया गया क्योंकि पुलिस 12 नवंबर से आरोपी संजय दुबे को पकड़ने में विफल रही थी।

    इस घटना के बाद राजा के साले आकाश तिवारी ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजा निर्दोष था और उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं था, बावजूद इसके उसे पुलिस ने बगैर कारण के गिरफ्तार कर लिया और 30 घंटे तक थाने में हथकड़ी लगाकर रखा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए।

    हाई कोर्ट की प्रतिक्रिया और पुलिस कमिश्नर से सवाल

    हाई कोर्ट ने पुलिस के इस कृत्य को गंभीरता से लिया और इसे नागरिक के मौलिक अधिकार का उल्लंघन मानते हुए थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सख्त हिदायत दी। कोर्ट ने पटेल से 26 और 27 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने को कहा, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि पुलिस ने क्या सचमुच अनुचित कार्रवाई की थी। हालांकि, जब पटेल कोर्ट में पेश हुए, तो वे अपने साथ सीसीटीवी फुटेज लाने में विफल रहे और इसका कारण तकनीकी गड़बड़ी बताया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य काफी हैं जो यह सिद्ध करते हैं कि राजा के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।

    कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा कि उन्होंने पटेल के खिलाफ क्या विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की है। इस सवाल से यह स्पष्ट हो गया कि कोर्ट अब इस मामले में पटेल के खिलाफ कठोर कदम उठाने की ओर इशारा कर रहा है।

    राजा को रिहा किया गया, लेकिन मामला जारी

    राजा को 27 नवंबर की रात करीब 11:30 बजे रिहा किया गया, लेकिन इस रिहाई के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। हाई कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि 30 घंटे के दौरान की सीसीटीवी फुटेज पेश की जाए, लेकिन पटेल ने इसे प्रस्तुत नहीं किया, जिससे पुलिस की कार्रवाई पर और सवाल खड़े हो गए। इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को निर्धारित की गई है, और पुलिस को इस समय तक अपने पक्ष को स्पष्ट करने का अवसर दिया गया है।

    इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस को अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने का अधिकार है, और क्या पुलिस अधिकारियों को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने पर सजा मिलनी चाहिए। यह मामला न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में पुलिस के बर्ताव और नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

    इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस के लिए कानून से ऊपर होना कोई विकल्प नहीं है, और हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा करने का हक है। हालांकि, मामले की आगे की सुनवाई में अदालत द्वारा की जाने वाली कार्रवाई इस बात का निर्णय करेगी कि क्या थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है, या फिर इसे एक और प्रशासनिक लापरवाही के रूप में ही छोड़ दिया जाएगा।

  • इंदौरः मुख्यमंत्री ने किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण, वितरित किए कंबल

    इंदौरः मुख्यमंत्री ने किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण, वितरित किए कंबल


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर प्रवास के दौरान सोमवार देर रात 10:30 बजे दयालबाग स्थित आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अस्थायी रूप रह रहे लोगों से बातचीत की और आश्रय स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आश्रयग्राहियों को कंबल वितरित किए, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ व दाहोद से परीक्षा देने आए विद्यार्थी कमल, दाहोद के संकेत एवं संजय तथा इंदौर में पानी टंकी की चौकीदारी कर रहे चुन्नी लाल सहित अन्य श्रमिकों से उनके यहां आने के कारण, कार्य-स्थिति और आश्रय स्थल पर मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की। उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान परिक्रमावासी अनिल से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया, जिन्होंने बताया कि वे धार्मिक परिक्रमा पूरी कर वापस लौटे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि आपकी सेवा व दर्शन कर हम भी धन्य हो गए है। इस दौरान विधायक गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा, गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।


    मुख्यमंत्री ने काल भैरव धाम में किए दर्शन

    आश्रय स्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव पास ही स्थित श्री काल भैरव धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

  • इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण

    इंदौर को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मप्र के पहले गीता भवन हुआ लोकार्पण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता जयंती के पावन अवसर पर सोमवार शाम को इंदौर को एक बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश में शासकीय क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नये गीता भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस तरह के गीता भवन प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिकाओं और नगर पंचायत स्तर पर भी बनाये जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इंदौर का लोकार्पित यह नया गीता भवन परंपरा एवं आधुनिकता का अनूठा संगम है। राज्य शासन द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन एवं इससे जुड़े विभिन्न आयामों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन परियोजना के अंतर्गत ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर को आधुनिक गीता भवन के रूप में विकसित कर प्रदेश को समर्पित किया गया है। इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी द्वारा इस नये गीता भवन में विकसित विविध आधुनिक सुविधाएँ नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

    कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलु शुक्ला, सुमित मिश्रा, श्रवण सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, गौरव रणदिवे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन विशेष रूप से मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मालवा की गौरवशाली विरासत, कृष्ण भक्ति और गीता का संदेश मध्य प्रदेश की दिशा तय करते हैं। मालवा क्षेत्र कृष्ण लीलाओं से अछूता नहीं है। कृष्ण भगवान ने मालवा के उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की। मालवा की अहिल्या बाई होलकर ने देश में अनेक धर्म स्थलों का जीर्णोद्धार कराया और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा की।

    गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण
    उन्होंने कहा कि गीता संघर्ष में आत्मबल और जीवन में मार्गदर्शन देती है। गीता का प्रत्येक अध्याय ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, योग और कर्तव्य की भावना से परिपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने विराट स्वरूप के माध्यम से मानव को भय से मुक्त कर कर्तव्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गीता जयंती के अवसर पर अनेक रिकार्ड कायम किये गये।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि विजेताओं का नगद के साथ ही ई-रिक्शा, ई-बाईक, लैपटॉप आदि प्रदान किये जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संघठन, साहस, धर्म की रक्षा और अन्याय के प्रतिकार का संदेश मिलता है। गीता जीवन के हर चरण में मार्गदर्शक है। गीता से भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग से मोक्ष प्राप्ति का रास्ता भी दिखायी देता है। गीता संकट में बल देती है, संघर्ष में आत्मबल, उलझन में सारथी और अंधकार में अटल साथी बनती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट सिटी परियोजना प्रारंभ की है। इस परियोजना से विरासत का संरक्षण करते हुए हम विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित तथा रामेश्‍वर लखनलाल पाटीदार द्वारा ‍लिखित श्रीकृष्ण चरित मानस और राघवदास पंडितदास द्वारा लिखित अमृतस्य अवंतिका का विमोचन भी किया। उन्होंने श्रीकृष्ण चरित मानस के लेखक रामेश्वर लखनलाल पाटीदार को पाँच लाख रुपये ‍दिये जाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद श्री संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित कृष्ण लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका को भी देखा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर के लिये आज गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि गीता ने ‍सिखाया है कि अगर हम सभी अपने-अपने धर्म एवं कर्तव्यों का पालन करेंगे तो अधिकारों का संरक्षण स्वत: होगा। पिछले दो वर्षों में मध्य प्रदेश में नया सांस्कृतिक प्रवाह देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में विरासत से ‍विकास की ओर तेजी से बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने गोपाल मंदिर में किया पूजन-अर्चन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पूर्व ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में पूजन-अर्चन किया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए कामना की। उन्होंने गोपाल मंदिर में हुए विकास कार्यों विशेषकर अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी और प्रदर्शनी विथिका का अवलोकन भी किया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त गीता भवन
    इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में नया गीता भवन बनाया गया है। इस गीता भवन की विशेषता यह है कि यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों हेतु अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 550 सीट का एक खूबसूरत सभागृह भी बनाया गया है।

    सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण से युक्त 50-सीटर रीडिंग हॉल तथा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। लाइब्रेरी में अध्यात्म, दर्शन, योग, ध्यान, भारतीय संस्कृति, माइंडफुलनेस तथा जीवन-प्रबंधन से संबंधित लगभग 1200 पुस्तकों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल आर्काइव के माध्यम से अनेक ई-बुक्स, ऑडियो-वीडियो व्याख्यान, ऑनलाइन कोर्स तथा अन्य डिजिटल संसाधनों तक सरलतापूर्वक पहुँच सुनिश्चित की गई है। लाइब्रेरी की आंतरिक सज्जा को प्राकृतिक रंगों, आध्यात्मिक कलाकृतियों, इनडोर पौधों तथा सौम्य प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि उपयोगकर्ताओं को शांत, प्रेरणादायी तथा एकाग्रता-उन्मुख वातावरण प्राप्त हो सके।

    मंदिर परिसर के पुनर्विकसित भागों में प्रदर्शनी कक्ष विकसित किए गए हैं, जिससे यह स्थल धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कला एवं संस्कृति को एक साथ बढ़ावा देते हुए जनता के लिए एक समावेशी सांस्कृतिक अवसंरचना भी प्रदान करेगा।

  • इंदौरः एमवाय अस्पताल की बड़ी सफलता, महिला के पेट से निकालीं 15 किलो की दो गठानें

    इंदौरः एमवाय अस्पताल की बड़ी सफलता, महिला के पेट से निकालीं 15 किलो की दो गठानें


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में एक ऐसी चिकित्सकीय सफलता दर्ज हुई, जिसने न केवल चिकित्सा जगत को प्रेरित किया, बल्कि मानवीय जज़्बे और डॉक्टरों की समर्पित टीमवर्क की मिसाल भी पेश की। टीम को 50 वर्षीय महिला के पेट से 15 किलो की दो गठानें निकालने में सफलता प्राप्त हुई है।

    इस संबंध में प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खरगोन जिले के ग्राम दबिया की 50 वर्षीय मसाली बाई पिछले कई महीनों से पेट दर्द और असहजता से जूझ रही थीं। एमवाय अस्पताल के सर्जरी विभाग में जाँच करने पर पता चला कि उनके पेट में दो बड़ी गठानें हैं। यह स्थिति न केवल असामान्य थी बल्कि जीवन के लिए खतरा थी। मामला चुनौतीपूर्ण था, लेकिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविन्द शुक्ला और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सोमेन भट्टाचार्जी और उनकी टीम डॉ. अविनाश गौतम, डॉ. उपेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रामेंद्र गुर्जर और अन्य जूनियर चिकित्सकों ने अत्यंत सावधानी, कौशल और सटीक योजना के साथ सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया और लगभग 15 किलो की दो गठानें निकाली गईं।

    मसाली बाई के पेट से दोनों बड़ी गांठों को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया और उनकी जान बच गई। सफल ऑपरेशन के बाद सोमवार को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह सफलता एमवाय हॉस्पिटल की टीम की प्रतिबद्धता, विशेषज्ञता और मानवीय सेवा का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।