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  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में राहुल गांधी ने परिवार से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा दिया

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत मामले में राहुल गांधी ने परिवार से की बात, हरसंभव मदद का भरोसा दिया

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने साहिल के परिवार से बातचीत कर समर्थन जताया और न्याय की लड़ाई में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। गुरुवार को उन्होंने साहिल के माता-पिता से वीडियो कॉल के जरिए बात की। बातचीत के दौरान परिवार की स्थिति और मामले से जुड़ी उनकी चिंताओं को लेकर चर्चा हुई।

    साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके परिवार ने संस्थान के प्रशासन और कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार की ओर से साहिल के साथ कथित जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच अभी जारी है। परिवार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    साहिल की मौत के मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। जांच एजेंसी परीक्षा केंद्र, हॉस्टल और घटना से पहले की गतिविधियों से जुड़े अलग-अलग साक्ष्यों को खंगाल रही है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अलावा साहिल तथा संबंधित अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को भी देखा जा रहा है।

    पुलिस की जांच में 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दोपहर करीब 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा कक्ष में मौजूद था। इस दौरान उसके पास मौजूद किसी वस्तु को लेकर उससे पूछताछ की गई और बाद में उसे अन्य छात्रों से अलग ले जाया गया। इसके बाद वह हॉस्टल की ओर गया।

    साहिल ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र था। संस्थान की ओर से बताया गया था कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन पाया गया था और उसने प्रश्नपत्र से जुड़े जवाब हासिल करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी। संस्थान के अनुसार, परीक्षा प्रशिक्षक और विभाग प्रमुख ने इस संबंध में साहिल से बातचीत की थी। उसे समझाया गया था और यह भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उसके करियर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    बातचीत के बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में लौट गया था। बाद में उसी दिन वह कमरे में मृत पाया गया। उसके परिवार ने इस घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    जातिगत भेदभाव के आरोपों को लेकर संस्थान की ओर से कहा गया है कि साहिल ने अपने जीवनकाल में एससी-एसटी प्रकोष्ठ या प्रशासन के पास इस तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। दूसरी ओर, परिवार ने संबंधित अधिकारियों पर कथित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है।

    मामले में साहिल के कमरे से मिले मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। परीक्षा हॉल और हॉस्टल के अलग-अलग हिस्सों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।

    इस बीच साहिल के परिवार से राहुल गांधी की बातचीत को मामले में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तक्षेप के तौर पर देखा जा रहा है। बातचीत के दौरान उन्होंने परिवार को समर्थन और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल की मौत मामले में नया खुलासा, आखिरी बातचीत में परीक्षा को लेकर कही थी ये बात

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में जांच के बीच उनकी आखिरी बातचीत को लेकर नया खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि मौत से कुछ घंटे पहले साहिल ने एक महिला मित्र से फोन पर बातचीत की थी। इस दौरान दोनों के बीच सेमेस्टर परीक्षा को लेकर चर्चा हुई थी। बातचीत के दौरान साहिल ने कहा था कि उनका पेपर अच्छा नहीं गया और यह भी कहा था कि उनसे गलती हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत 18 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे हुई थी। इसके कुछ घंटे बाद शाम के समय साहिल ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस बातचीत को साहिल की किसी व्यक्ति से हुई आखिरी बातचीत बताया जा रहा है। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस दौरान साहिल ने जातिगत भेदभाव का कोई जिक्र नहीं किया था।

    साहिल की मौत से कुछ घंटे पहले परीक्षा को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। बताया गया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को कथित तौर पर मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर साहिल और महिला मित्र के बीच बातचीत हुई थी। इसी बातचीत में उन्होंने परीक्षा ठीक नहीं जाने की बात कही थी।

    साहिल की मौत की खबर मिलने के बाद उनकी महिला मित्र की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि खबर सुनने के बाद उन्हें पैनिक अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामले की जांच कर रही पुलिस ने महिला मित्र का बयान भी दर्ज किया है। आखिरी बातचीत से जुड़े तथ्यों को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद मामले की जांच को लेकर संस्थान स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उस परीक्षा में निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है। वह उसी परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसमें साहिल को मोबाइल फोन के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई है।

    मामले की विस्तृत जांच के लिए 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। समिति की अध्यक्षता आईआईटी पलक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

    जांच समिति ने परीक्षा के दौरान की घटनाओं को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही उस कमरे में मौजूद छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। जांच में परीक्षा के दौरान की परिस्थितियों, साहिल की आखिरी बातचीत और उनकी मौत से पहले हुए घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है।

    साहिल की मौत के बाद जातिगत भेदभाव से जुड़े आरोपों और परीक्षा से संबंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, आखिरी बातचीत के संबंध में सामने आई जानकारी में परीक्षा को लेकर बातचीत का उल्लेख है और उसमें जातिगत भेदभाव की चर्चा नहीं होने की बात कही गई है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ सीसीटीवी फुटेज, छात्रों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजा, साहिल केस की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित

    IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर डूला को छुट्टी पर भेजा, साहिल केस की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वोकाडे की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संस्थान ने 10 सदस्यों वाली एक समिति गठित की है। समिति को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।

    इसी के साथ संस्थान ने मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेज दिया है। यह कदम जांच प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    साहिल वोकाडे की मौत को लेकर उनके परिवार की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। साहिल के पिता रवींद्र वोकाडे और उनकी मां सोनाली वोकाडे मंगलवार को मुंबई क्राइम ब्रांच पहुंचे। परिवार ने मामले में नामजद फैकल्टी सदस्यों प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला और शिरीष केदारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    साहिल के पिता का कहना है कि मामले में सिर्फ आंतरिक समिति बनाना पर्याप्त नहीं है। परिवार ने आरोपों में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और अपने बेटे के मामले में न्याय चाहिए।

    परिवार ने आगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात भी कही है। इससे मामले को लेकर संस्थान और परिवार के बीच विवाद का एक और पहलू सामने आया है।

    जानकारी के मुताबिक साहिल वोकाडे 18 सितंबर की शाम हॉस्टल के अपने कमरे में फंदे से लटके मिले थे। घटना के बाद मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। पुलिस की जांच के साथ-साथ संस्थान ने भी अपने स्तर पर घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल शुरू की है।

    इस मामले में संस्थान की ओर से 19 सितंबर को कहा गया था कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन के जरिए नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद से ही साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम और संस्थान में उसके साथ हुई घटनाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    साहिल के पिता ने इससे पहले दोनों नामजद प्रोफेसरों के इस्तीफे की मांग भी की थी। अब परिवार की ओर से उनकी गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।

    दूसरी ओर, 10 सदस्यीय समिति को पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच की जिम्मेदारी दी गई है। समिति मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर संस्थान को सौंपेगी।

    प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजे जाने का फैसला भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब मामले में पुलिस जांच और संस्थान की आंतरिक जांच दोनों के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

    फिलहाल साहिल वोकाडे की मौत के मामले में परिवार की ओर से गिरफ्तारी की मांग की जा रही है, जबकि संस्थान ने जांच के लिए समिति गठित कर दी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

    साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे ने बदली हॉस्टल की व्यवस्था, सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने की तैयारी तेज

     
    नई दिल्ली । IIT बॉम्बे में BTech छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद हॉस्टल और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान ने हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन हटाकर उनकी जगह वॉल फैन लगाने का फैसला किया है। कैंपस में वॉल फैन पहुंचने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

    हॉस्टल में पंखों की व्यवस्था बदलने को लेकर चर्चा जुलाई में ही शुरू हो गई थी। एक छात्र की मौत के बाद सीलिंग फैन हटाने और वॉल फैन लगाने के विकल्प पर विचार किया गया था। हालांकि, 18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया।

    साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष का छात्र था। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था। 18 सितंबर को परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद वह अपने हॉस्टल के कमरे में पहुंचा था। बाद में उसी दिन उसे कमरे में मृत पाया गया।

    जांच में सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, परीक्षा के दौरान साहिल दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच अपनी जेब में रखी किसी वस्तु को देखने के लिए झुका था। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे अलग ले जाया गया। करीब 1:25 बजे वह हॉस्टल के कमरे में पहुंचा और उसके बाद बाहर नहीं निकला।

    मामले की जांच में परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले के पूरे घटनाक्रम और उससे जुड़े तथ्यों को समझना है।

    साहिल के परिवार ने उसके साथ जाति आधारित भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने की मांग की है। माता-पिता की शिकायत के आधार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में एक प्रोफेसर का नाम भी शामिल किया गया है।

    घटना के बाद संस्थान की ओर से साहिल की परीक्षा से जुड़ी स्थिति को लेकर एक बयान दिया गया था। इसमें दावा किया गया था कि उसने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था और कथित तौर पर नकल करते पकड़े जाने के बाद उसकी मौत हुई। बाद में संस्थान ने इस बयान को वापस लेते हुए माफी मांगी और कहा कि पूरी जांच पूरी होने से पहले ऐसा निष्कर्ष देना उचित नहीं था।

    साहिल की मौत के बाद संस्थान में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी रहा। छात्र जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत प्रक्रियाओं को लेकर भी छात्रों के बीच सवाल उठे हैं।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस साल IIT बॉम्बे में यह तीसरी छात्र आत्महत्या बताई जा रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच छात्र मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है।

    सीलिंग फैन की जगह वॉल फैन लगाने का फैसला इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का हिस्सा है। हालांकि, साहिल की मौत के कारणों और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • राम मंदिर दान चोरी की गोपनीय जानकारी लीक करने वाले तक पहुंची पुलिस, लखनऊ कनेक्शन भी सामने आया

    राम मंदिर दान चोरी की गोपनीय जानकारी लीक करने वाले तक पहुंची पुलिस, लखनऊ कनेक्शन भी सामने आया

    नई दिल्ली ।अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान चोरी मामले की जांच अब केवल चोरी की घटनाओं तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस की पड़ताल मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी गोपनीय जानकारियों के बाहर पहुंचने की कड़ी तक भी पहुंच गई है। जांच के दौरान पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों से पूछताछ की गई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

    पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची है, जिस पर दान चोरी से संबंधित संवेदनशील जानकारी एक प्रमुख राजनीतिक नेता तक पहुंचाने का संदेह है। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति की नेता से संपर्क था और वह उनसे मिलने के लिए लखनऊ भी गया था।

    गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला उस समय जांच के दायरे में आया, जब चढ़ावा चोरी की घटना के करीब एक महीने बाद ट्रस्ट पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारियां सामने आईं। इस बातचीत में मंदिर और ट्रस्ट के भीतर की सूचनाओं के बाहर पहुंचने को लेकर चिंता जताई गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया कि मंदिर और ट्रस्ट से जुड़ी अंदरूनी जानकारी किस व्यक्ति के माध्यम से बाहर पहुंची। जांच के दौरान एक कर्मचारी के प्रमुख राजनीतिक नेता के संपर्क में रहने और उनसे मिलने के लिए लखनऊ जाने की जानकारी सामने आई।

    पुलिस अब इस जानकारी का मिलान अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों से कर रही है। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

    जांच का एक हिस्सा संदिग्ध की सोशल मीडिया गतिविधियों से भी जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, जुलाई के बाद उसके फेसबुक अकाउंट से कई पोस्ट हटा दी गईं। 28 जुलाई के बाद अकाउंट पर कोई नई पोस्ट भी नहीं की गई। पुलिस ने हटाई गई पोस्ट से संबंधित डेटा हासिल करने के लिए साइबर सेल की मदद ली है।

    जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि चढ़ावा चोरी की घटना के बाद संबंधित लोगों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और उस दौरान कौन-कौन सी सूचनाएं साझा की गईं। सोशल मीडिया गतिविधियों और आपसी संपर्कों को जांच के उपलब्ध तथ्यों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    दान चोरी मामले में बैंक के संबंधित कर्मचारियों से भी पूछताछ पूरी की जा चुकी है। भारतीय स्टेट बैंक से जुड़े सभी संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। इनमें तीन कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ की गई। इनमें से दो कर्मचारियों से मिली जानकारी को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पुलिस इन बयानों को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी है। जांच का उद्देश्य चोरी की घटना के साथ-साथ उससे जुड़ी सूचनाओं के संभावित लीक की भूमिका को भी स्पष्ट करना है।

    मामले की विवेचना अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। पुलिस 25 सितंबर को आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी में है। जांच के दौरान दो और नाम सामने आने की संभावना भी जताई गई है, हालांकि इन नामों को लेकर अंतिम कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

    22 सितंबर को आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। कानून के अनुसार, निर्धारित अवधि के भीतर आरोपपत्र दाखिल नहीं होने की स्थिति में आरोपियों को जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसलिए अब आरोपपत्र दाखिल होने और आरोपियों की जमानत से जुड़े घटनाक्रम पर भी नजर बनी हुई है।

  • राम मंदिर में चंदा चोरी का बड़ा खुलासा, CCTV में 105 घटनाएं आईं सामने; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

    राम मंदिर में चंदा चोरी का बड़ा खुलासा, CCTV में 105 घटनाएं आईं सामने; 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी

    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान मामले की जांच से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने रखी गईं। जांच के दौरान मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई, जिसमें चंदा चोरी की 105 घटनाओं का पता चला है। इन घटनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

    जांच में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को भी शामिल किया गया। रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण कर घटनाओं की परिस्थितियों को समझने और संबंधित लोगों की पहचान करने की कोशिश की गई। जांच में सामने आए अलग-अलग साक्ष्यों को आपस में मिलाकर मामले की कड़ियों को जोड़ने का काम किया गया है।

    अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि मंदिर में कीमती सामान से संबंधित रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं। इन रसीदों को सुरक्षित रखने के लिए SBI लॉकर में रखा जाता है। जांच के दौरान रसीदों की व्यवस्था, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी सामग्री को भी देखा गया। CCTV में सामने आई 105 घटनाएं अब मामले की जांच का अहम हिस्सा बन गई हैं।

    जांच की मौजूदा स्थिति के मुताबिक पड़ताल लगभग पूरी हो चुकी है। 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद संबंधित मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। इस समयसीमा को देखते हुए मामले की जांच और आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से जांच की स्टेटस रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। हालांकि अदालत ने रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि फिलहाल मामले को सेशन जज से अपने पास लेने की आवश्यकता नहीं है। अगर आगे किसी अतिरिक्त जांच की जरूरत महसूस होती है, तो उस संबंध में उचित आदेश जारी किया जा सकता है।

    चंदा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। ट्रस्ट में CEO व्यवस्था लागू की गई है और पूर्व सैन्य अधिकारी जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक कामकाज को नए तरीके से संचालित करने की तैयारी की गई है।

    मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि पूरी होने की तारीख भी अहम है। बताया गया कि 25 सितंबर को यह अवधि पूरी हो रही है। यदि निर्धारित समय तक चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो गिरफ्तार आरोपियों को कानून के तहत स्वत: जमानत मिलने की स्थिति बन सकती है। इसी वजह से समय पर आरोप पत्र दाखिल करना जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अब 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल होने और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी। CCTV में सामने आई 105 घटनाओं, गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • सोमनाथ मंदिर और भाजपा कार्यालयों को बम धमकी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भी ईमेल में जिक्र, गुजरात में सुरक्षा बढ़ी

    सोमनाथ मंदिर और भाजपा कार्यालयों को बम धमकी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का भी ईमेल में जिक्र, गुजरात में सुरक्षा बढ़ी

    नई दिल्ली ।गुजरात में प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर, अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा कार्यालय, गांधीनगर के कोबा स्थित भाजपा मुख्यालय और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण जगहों पर बम लगाए जाने का दावा किया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और बम निरोधक दस्ते ने तत्काल सुरक्षा जांच शुरू की।

    धमकी की जानकारी मिलते ही अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा के पुराने कार्यालय में सुरक्षा टीमों ने पहुंचकर पूरे परिसर की तलाशी ली। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर तैनात की गईं। जांच के दौरान स्थानीय भाजपा नेता और अन्य संबंधित अधिकारी भी वहां मौजूद रहे।

    गांधीनगर के कोबा स्थित भाजपा मुख्यालय श्री कमलम की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर परिसर में भी विशेष सतर्कता बरतते हुए तलाशी अभियान चलाया गया। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।

    शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमकी वाले ईमेल में धार्मिक स्थलों और राजनीतिक नेताओं के अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्य के पुलिसकर्मियों और देश की खुफिया एजेंसी रॉ का भी उल्लेख किया गया है। ईमेल में आपत्तिजनक और देश विरोधी नारे लिखे होने की बात भी सामने आई है।

    अहमदाबाद के खानपुर स्थित भाजपा कार्यालय को मिली धमकी की सूचना सुबह करीब 9 बजे सामने आई। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। तलाशी के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद फिलहाल स्थिति सामान्य है।

    धमकी भरे ईमेल को लेकर साइबर क्राइम टीम भी सक्रिय हो गई है। जांच एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास में जुटी हैं। इसके लिए ईमेल से जुड़े तकनीकी विवरण और आईपी एड्रेस की जांच की जा रही है, ताकि संदेश के स्रोत का पता लगाया जा सके।

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि धमकी के पीछे वास्तविक सुरक्षा खतरा था या किसी ने दहशत पैदा करने के उद्देश्य से ईमेल भेजा। इसके साथ ही ईमेल में जिन स्थानों और व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनकी सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

    फिलहाल सोमनाथ मंदिर, अहमदाबाद और गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालयों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है। बम निरोधक दस्ते और पुलिस की तलाशी में अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। मामले की जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान सामने आने के बाद धमकी के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • सतना के धवारी में प्रेम प्रसंग के शक पर चाकूबाजी, महिला के साथ रह रहे युवक पर पति ने किया हमला

    सतना के धवारी में प्रेम प्रसंग के शक पर चाकूबाजी, महिला के साथ रह रहे युवक पर पति ने किया हमला

    मध्य प्रदेश: के सतना शहर के धवारी गली नंबर-2 में प्रेम प्रसंग के शक को लेकर विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला के पति ने उसके साथ रह रहे युवक पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि महिला के पति और उसके साथ रह रहे युवक के बीच विवाद के बाद मामला हिंसक हो गया। इसी दौरान युवक पर चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई है।

    घायल युवक को घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। घटना को लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है और विवाद की परिस्थितियों को समझने के लिए संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले में महिला प्रियंका चौधरी ने अपने ससुराल पक्ष पर भी आरोप लगाए हैं। महिला के मुताबिक उसके ससुराल वाले उस पर शक करते थे और इसी बात को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

    प्रियंका का कहना है कि इसी विवाद के चलते उसके पति अमित, सास और ससुर ने उसे घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद वह उस युवक के साथ किराए के कमरे में रहने लगी, जिसके साथ संबंधों को लेकर उसके ससुराल पक्ष की ओर से उस पर शक किए जाने की बात सामने आई थी।

    बताया जा रहा है कि महिला के पति अमित को जब उसके साथ रह रहे युवक के बारे में जानकारी मिली, तो विवाद बढ़ गया। इसी दौरान युवक पर चाकू से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में युवक को चोट आई और उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

    घटना के बाद महिला ने कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। उसके इस बयान के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के दौरान चाकूबाजी की वास्तविक वजह, घटना के समय मौजूद परिस्थितियों और महिला, उसके पति तथा घायल युवक के बीच विवाद से जुड़े आरोपों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस परिस्थिति में बढ़ा और चाकू से हमला किस घटनाक्रम के दौरान हुआ। घायल युवक का उपचार जिला अस्पताल में जारी है, जबकि मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

  • IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    IIT बॉम्बे में साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों का विरोध, 18 मांगों पर प्रशासन सहमत, प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला निलंबित

    नई दिल्ली ।आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन बातचीत के बाद आगे बढ़ा है। संस्थान प्रशासन ने छात्रों की ओर से रखी गई 18 मांगों के चार्टर पर सहमति जताई है। इस बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को भी निलंबित कर दिया गया है।

    साहिल वाकोडे 18 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल स्थित कमरे में मृत पाए गए थे। वह एनर्जी साइंस विभाग के छात्र थे। उनकी मौत के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने संस्थान प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं और मामले की निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच की मांग की।

    रविवार देर रात आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के साथ बैठक की। बैठक में छात्रों की 18 मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संस्थान ने मांगों के चार्टर पर सहमति जताई। कुछ मांगों को लागू करने की दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

    छात्रों की प्रमुख मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच शामिल है। छात्रों ने साहिल से संबंधित एक लिंक्डइन पोस्ट को लेकर सार्वजनिक माफी की मांग भी रखी है। इसके अलावा वे जांच की अंतरिम रिपोर्ट 30 सितंबर तक और पूरी रिपोर्ट 15 अक्टूबर तक जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं।

    छात्रों ने शिक्षकों और प्रोफेसरों के लिए स्पष्ट नियम बनाने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही कैंपस अस्पताल में चौबीसों घंटे मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

    छात्रों का कहना है कि संस्थान के बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी राय को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा मांगों को एक महीने के भीतर पूरा नहीं किए जाने की स्थिति में उन्होंने निदेशक और कुछ अन्य अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी रखी है।

    साहिल की मौत के मामले को लेकर उनके पिता रविंद्र वाकोडे ने एक प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला पिछले करीब तीन महीने से साहिल को जाति को लेकर अपमानित कर रहे थे। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि साहिल को गलत मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी।

    संस्थान के अनुसार 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल को मोबाइल फोन से नकल करते हुए पकड़ा गया था। इसके कुछ समय बाद उनके हॉस्टल के कमरे में मृत पाए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मामले को लेकर छात्रों में आक्रोश बढ़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।

    साहिल के पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

    सूर्यनारायण डुल्ला आईआईटी बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं और लंबे समय से संस्थान से जुड़े हुए हैं। छात्रों के विरोध के बीच संस्थान ने 20 सितंबर की शाम उनके निलंबन की कार्रवाई की।

    अब छात्रों की 18 मांगों को लागू करने की प्रक्रिया और मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। संस्थान की ओर से आने वाले ओपन हाउस में मांगों पर हुई प्रगति और अन्य कदमों की जानकारी दिए जाने की संभावना है। जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की स्थिति भी और स्पष्ट हो सकेगी।

  • केदारनाथ गर्भगृह की वायरल रील से मचा हड़कंप, मंदिर समिति ने जांच शुरू कर कार्रवाई के संकेत दिए

    केदारनाथ गर्भगृह की वायरल रील से मचा हड़कंप, मंदिर समिति ने जांच शुरू कर कार्रवाई के संकेत दिए

    नई दिल्ली । उत्तराखंड के केदारनाथ धाम से गर्भगृह से जुड़ा एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आई इस रील को लेकर मंदिर की धार्मिक मर्यादा और निर्धारित व्यवस्थाओं के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति ने वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    केदारनाथ धाम में इन दिनों यात्रा का दौर जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी बीच गर्भगृह से संबंधित वीडियो और रील सोशल मीडिया पर सामने आने लगीं। इनमें से एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों का ध्यान इस मामले की ओर गया।

    बताया गया है कि ‘हर्षित किचरा’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल से गर्भगृह के अंदर का वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद इसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और साझा किया। इसके बाद मंदिर के भीतर वीडियो बनाने की अनुमति और वहां लागू नियमों के पालन को लेकर चर्चा तेज हो गई।

    मामले पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने गंभीरता जताई है। उन्होंने कहा कि गर्भगृह से संबंधित वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे वीडियो की निगरानी भी की जा रही है।

    मंदिर समिति की ओर से पूरे मामले के कानूनी और धार्मिक पहलुओं की भी जांच कराई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि वीडियो किस परिस्थिति में बनाया गया और मंदिर में लागू नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान मंदिर समिति या मंदिर की व्यवस्था से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यानी जांच का दायरा केवल वीडियो बनाने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

    गर्भगृह मंदिर का अत्यंत महत्वपूर्ण और धार्मिक रूप से संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। ऐसे स्थान से वीडियो सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मंदिर व्यवस्था से जुड़े नियमों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं और पूजा की निर्धारित प्रक्रिया की मर्यादा बनाए रखना है।

    फिलहाल मंदिर समिति की जांच जारी है और वायरल वीडियो से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि वीडियो किसने बनाया, उसे किस तरह सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और इस दौरान मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े किसी नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं।

    मंदिर समिति ने संकेत दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही समिति की ओर से यह संदेश भी दिया गया है कि धार्मिक स्थल की व्यवस्था और निर्धारित नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।