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  • सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ा एक्शन, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार, साथी शुभम त्यागी की तलाश में जुटी पुलिस

    सत्य निकेतन इमारत हादसे में बड़ा एक्शन, पीजी संचालक सुधांशु गिरफ्तार, साथी शुभम त्यागी की तलाश में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हादसे के मामले में अब उस इमारत में संचालित पीजी के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे हादसे को लेकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में सुधांशु के साथी शुभम त्यागी की तलाश की जा रही है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, महेश ने अगस्त 2025 में यह इमारत शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दी थी। दोनों मिलकर इसी इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से पीजी चला रहे थे। इमारत में संचालित पीजी को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सुधांशु की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े घटनाक्रम और इमारत में पीजी संचालन से संबंधित सवाल पूछ रही है। वहीं, शुभम त्यागी को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।

    मामले में आरोपी महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी आज समाप्त हो रही है। पुलिस उसे साउथ कैंपस थाने से अदालत लेकर गई है। महेश के साथ इमारत का ठेकेदार और एक राजमिस्त्री भी कोर्ट ले जाए गए हैं। तीनों को मामले में आगे की कार्रवाई के तहत अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस हादसे से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले में उनकी भूमिका को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    इधर, सत्य निकेतन में कमजोर पड़ी इमारत को हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कार्रवाई से पहले इमारत के भीतर रखा सामान बाहर निकाला गया। इसके बाद कमजोर हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आसपास मौजूद पांच से छह इमारतों को भी खाली कराया गया है, ताकि कमजोर ढांचे को हटाने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

    कमजोर हिस्से को हटाने के लिए बड़ी मशीन या बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इमारत के कमजोर हिस्से को हथौड़े और दूसरे छोटे औजारों की मदद से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। इस तरीके से कमजोर ढांचे को सावधानीपूर्वक हटाने का काम किया जा रहा है। मौके पर एमसीडी की टीम मौजूद है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं।

    सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ कमजोर ढांचे को हटाने का काम भी जारी है। पीजी संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि उसके साथ पीजी चलाने वाला शुभम त्यागी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। महेश, ठेकेदार और राजमिस्त्री को अदालत ले जाया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और अदालत में होने वाली प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।

  • दिल्ली के ओखला फेज-1 में सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका, एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल, राहत-बचाव जारी

    दिल्ली के ओखला फेज-1 में सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका, एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल, राहत-बचाव जारी

    नई दिल्ली । दिल्ली के ओखला फेज-1 में बुधवार को कम्युनिटी हॉल के पास सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हो गया। अचानक हुए इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। धमाके की तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने की खबर है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके बाद राहत और बचाव का काम शुरू किया गया। घटनास्थल पर मौजूद टीमों ने आसपास के इलाके को भी देखा और हादसे से प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। मौके पर बचाव कार्य जारी रहने की जानकारी है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई सिलेंडर एक गाड़ी में लाए गए थे और उन्हें नीचे उतारा जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक लंबा सिलेंडर फट गया। सिलेंडर के फटते ही तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास मौजूद लोगों में डर फैल गया। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    धमाका इतना तेज बताया जा रहा है कि आसपास की इमारतों के शीशे तक टूट गए। तेज आवाज और धमाके के प्रभाव से लोग घबरा गए और तुरंत अपने घरों तथा दुकानों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।

    स्थानीय निवासी संजय कश्यप के अनुसार, धमाके में दो लोगों के बुरी तरह घायल होने की बात सामने आई है। उन्होंने करीब तीन से चार लोगों के घायल होने की जानकारी दी। घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।

    हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, कई लोगों के घायल होने के कारण राहत और बचाव दल लगातार मौके पर काम कर रहे हैं। घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को भी देखा जा रहा है, ताकि हादसे से प्रभावित लोगों और अन्य संभावित नुकसान की जानकारी मिल सके।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कुछ समय के लिए स्थिति को समझना भी मुश्किल हो गया। आसपास मौजूद लोगों में घटना को लेकर भय का माहौल बन गया। धमाके के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जांच शुरू की। हादसा किस परिस्थितियों में हुआ और सिलेंडर फटने की वजह क्या रही, इसकी जांच की जा रही है।

  • भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा

    भारतीय सेना की आर्मरी से हथियार और गोला-बारूद गायब, रिकॉर्ड में खामियों ने चोरी की जांच को बनाया पेचीदा


    नई दिल्ली । 
    सिकंदराबाद कैंट में भारतीय सेना के हथियार चोरी होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सेना और तेलंगाना पुलिस की जांच में अब एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से पूछताछ की गई है। जांच के दौरान आर्मरी में रखे हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े रिकॉर्ड में भी कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित रजिस्टर कई महीनों से ठीक तरीके से मेंटेन नहीं किए गए थे।

    इस मामले में सिकंदराबाद कैंट की 20 मद्रास रेजिमेंट की एक यूनिट से जुड़े हथियार गायब पाए गए हैं। चोरी हुए सामान में चार AK-203 असॉल्ट राइफल, सात पिस्टल और एक INSAS राइफल शामिल हैं। इसके अलावा एक हजार से अधिक राउंड गोला-बारूद और पैसिव नाइट-विजन बाइनोकुलर्स की एक जोड़ी भी गायब मिली है। हथियारों की संख्या और उनकी संवेदनशील प्रकृति को देखते हुए जांच एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं।

    मामले की जांच के दौरान 20 मद्रास रेजिमेंट की संबंधित यूनिट के एक वरिष्ठ अधिकारी से सेना के अधिकारियों ने पूछताछ की है। तेलंगाना पुलिस ने भी उनसे जानकारी ली है। पूछताछ का एक प्रमुख आधार आर्मरी के रिकॉर्ड से जुड़ी कथित लापरवाही बताई जा रही है। जांच में सामने आया है कि हथियारों से संबंधित बही-खाते या रजिस्टर कई महीनों तक सही तरीके से अपडेट नहीं किए गए थे।

    हथियार चोरी का मामला 31 अगस्त की सुबह करीब 7:50 बजे सामने आया था। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की ओर से मलकाजगिरी कमिश्नरेट के बोल्लाराम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, जब हथियार और गोला-बारूद रखने की जगह खोली गई तो वहां के ताले टूटे हुए मिले। इसके बाद सामान और उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।

    हथियारों और गोला-बारूद की आखिरी भौतिक गिनती 30 अगस्त को शाम करीब छह बजे की गई थी। इसके बाद संबंधित भंडारण स्थान को बंद कर दिया गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने अनुमान लगाया था कि चोरी 30 और 31 अगस्त की दरम्यानी रात हुई होगी।

    हालांकि, अब जांच की दिशा कुछ बदलती नजर आ रही है। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हथियार ताले टूटे मिलने की घटना से पहले ही गायब हो चुके हों। आर्मरी के रिकॉर्ड में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण यह स्पष्ट करना मुश्किल हो रहा है कि 30 अगस्त की शाम को वास्तविक रूप से सभी हथियार वहां मौजूद थे या नहीं।

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हथियारों के भंडारण वाले स्थान की सुरक्षा नियमित रूप से की जाती है। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भी किसी तरह की सेंधमारी देखने से इनकार किया है। उनके बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हथियारों का हिसाब नियमित रूप से किया जाना जरूरी है, लेकिन रिकॉर्ड में मिली कथित खामियां जांच के लिए महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रही हैं।

    फिलहाल सेना और तेलंगाना पुलिस चोरी हुए हथियारों, गोला-बारूद और अन्य सामान का पता लगाने के साथ यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि वे आखिर कब और किन परिस्थितियों में गायब हुए। रिकॉर्ड में कमी, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की भूमिका समेत विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

  • सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या सात पहुंची, मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित हादसे के बाद

    सत्य निकेतन इमारत हादसे में मृतकों की संख्या सात पहुंची, मालिक गिरफ्तार, MCD के पांच अधिकारी निलंबित हादसे के बाद

    नई दिल्ली । दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद होने के बाद मौतों का आंकड़ा सात पहुंचा। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा। मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश और घटनास्थल को सुरक्षित करने के लिए बचाव दलों ने काफी प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के दो छात्र भी शामिल हैं। कटनी निवासी 18 वर्षीय अक्षत यादव दिल्ली में रहकर PGDI कोर्स कर रहा था। हादसे के बाद उसका शव मलबे से बरामद किए गए पांचवें शव के रूप में पहचाना गया। अक्षत की मौत की खबर सामने आने के बाद उसके परिवार में मातम छा गया। परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और पहचान तथा अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची।

    हादसे में अर्पित नाम के एक अन्य छात्र की भी मौत हुई है। दोनों छात्रों के परिवारों के लिए यह घटना बेहद दुखद रही। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। प्रशासन की ओर से बचाव कार्य के साथ मृतकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई।

    शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि इमारत के बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य के कारण उसकी नींव कमजोर हुई होगी। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस निर्माण गतिविधियों, भवन की स्थिति और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    मामले में पुलिस ने फरार चल रहे इमारत मालिक हरिराम बंसल गुप्ता को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे हादसे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच में निर्माण कार्य की प्रकृति और इमारत की संरचनात्मक स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

    हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की है। MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, SE रणवीर सिंह और EE ललित कुमार गोयल समेत पांच अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    सत्य निकेतन की घटना ने निर्माणाधीन या पुराने भवनों में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गतिविधियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रशासन अब हादसे की परिस्थितियों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रावधानों का पालन किया गया था या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । असम की राजधानी गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके से महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला की हत्या के बाद उसके सिर को अलग कर फ्रिज में छिपाए जाने की बात सामने आई है। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस ने आरोपी पति रामानुजन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल हत्या के पीछे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    पूरा मामला गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके के बसिष्ठपुर बाइलेन का बताया गया है। मृतका की पहचान नूनमती की रहने वाली रिया तालुकदार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रामानुजन गोस्वामी ने पहले पत्नी की हत्या की और इसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। सिर को काले पॉलीथीन में रखकर फ्रिज के भीतर छिपा दिया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक महिला की हत्या शव बरामद होने से करीब 24 से 48 घंटे पहले की गई थी। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस आरोपी पति की भूमिका सहित घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की आगे की कार्रवाई के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस के अनुसार मृतका रिया फैंसी बाजार के एसी मार्केट इलाके में स्थित एक बुटीक में काम करती थी। उसके माता-पिता नहीं थे और परिवार में उसका केवल एक भाई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सोमवार को रिया और उसके पति के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके बाद रामानुजन रात करीब आठ बजे घर से निकल गया था।

    मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पड़ोसियों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला की हत्या से जुड़ी भयावह जानकारी सामने आई।

    पुलिस के अनुसार महिला की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। हत्या के बाद उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया गया था। इसके बाद सिर को काले पॉलीथीन बैग में रखकर फ्रिज के अंदर छिपाया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हत्या के पीछे क्या कारण था, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ जांच आगे बढ़ने पर हत्या की परिस्थितियों और इसके कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • रीवा के संजय गांधी अस्पताल में अर्चना की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

    रीवा के संजय गांधी अस्पताल में अर्चना की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए

    रीवा: के संजय गांधी अस्पताल में मरीज के इलाज और देखरेख को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। सतना निवासी अर्चना गुप्ता के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ दिनों बाद अर्चना की हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई।

    जानकारी के मुताबिक, अर्चना गुप्ता 30 अगस्त को स्कूटी हादसे के बाद संजय गांधी अस्पताल में भर्ती हुई थीं। परिजनों का दावा है कि भर्ती के समय वह बातचीत कर रही थीं और उनकी हालत सामान्य थी। परिवार के अनुसार, शुरुआती दिनों के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। इसके बाद मरीज की स्थिति को लेकर परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज और देखरेख में कथित लापरवाही के कारण अर्चना के शरीर में कीड़े पड़ने जैसी स्थिति बन गई। परिवार का कहना है कि मरीज की हालत देखकर वे उसे बेहतर इलाज के लिए किसी दूसरे अस्पताल में ले जाना चाहते थे, लेकिन उनके अनुसार डॉक्टरों ने मरीज को रेफर करने की अनुमति नहीं दी।

    मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब परिजन मरीज की स्थिति का वीडियो बनाने के लिए आईसीयू पहुंचे। परिवार का आरोप है कि वहां मौजूद एक डॉक्टर ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। इसके बाद अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति बनी और परिजनों ने हंगामा करते हुए जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    फिलहाल अर्चना गुप्ता को संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू नंबर दो में भर्ती बताया जा रहा है। उनकी बेटी नैंसी गुप्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि इलाज के दौरान हुई घटनाओं की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

    संजय गांधी अस्पताल में हाल के दिनों में सामने आए अन्य मामलों ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पिछले दो सप्ताह के दौरान कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए थे और मामले में अस्पताल के डॉक्टरों तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।

    इसके बाद अस्पताल में एक जीवित व्यक्ति को मृत घोषित किए जाने का मामला भी सामने आया था। इस घटना को लेकर परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। इसी अवधि में एक युवक ने आरोप लगाया था कि कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचने पर उसे कथित तौर पर एंटी रेबीज के बजाय एंटी वेनम इंजेक्शन लगा दिया गया।

    हालांकि अर्चना गुप्ता के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। प्रबंधन के अनुसार मरीज का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है।

    अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इलाज में लापरवाही हुई या नहीं, इसका निष्कर्ष केवल मेडिकल रिकॉर्ड, मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है। ऐसे में अर्चना गुप्ता के मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और किसी की जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

  • चेन्नई में TVK नेता कन्नन की सड़क पर हत्या, छह हमलावरों ने धारदार हथियारों से किया हमला, पुलिस ने जांच तेज की

    चेन्नई में TVK नेता कन्नन की सड़क पर हत्या, छह हमलावरों ने धारदार हथियारों से किया हमला, पुलिस ने जांच तेज की


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शनिवार रात एक व्यक्ति की सरेराह हत्या से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कन्नन के रूप में हुई है, जो हाल ही में TVK से जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक, छह लोगों के एक समूह ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया। गंभीर हमले के कारण कन्नन की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना चेन्नई के वन्ननदुरई इलाके में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कन्नन अपने घर से निकलकर रामास्वामी एवेन्यू स्थित अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।

    बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या छह थी। उन्होंने कन्नन पर धारदार हथियारों से कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन फुटेज को जांच का अहम हिस्सा मानकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

    घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ने आसपास के इलाकों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। CCTV फुटेज के अलावा पुलिस घटना से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान जल्द की जाए और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।

    अब तक पांच संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पूछताछ के आधार पर किसी आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    जांच में मृतक कन्नन की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया गया है कि करीब आठ वर्ष पहले इसी इलाके में शिवा और वेलु नाम के दो लोगों की हत्या से जुड़े एक मामले में कन्नन के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। पुलिस अब इस पुराने मामले और मौजूदा हत्या के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है।

    कन्नन के हाल ही में TVK में शामिल होने की जानकारी के बाद मामले का राजनीतिक पहलू भी चर्चा में है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने हत्या के पीछे राजनीतिक कारण होने की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं।

    इस घटना ने चेन्नई में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सरेराह हुई हत्या के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

    फिलहाल मामले में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस CCTV फुटेज, संदिग्धों से पूछताछ और मृतक की पृष्ठभूमि से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद हत्या की परिस्थितियों और इसके पीछे की वजह को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद हटाने के बाद जमीन के नीचे मिला कुआं, प्रशासन ने जांच के लिए तकनीकी टीम बुलाने की तैयारी की

    सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मस्जिद हटाने के बाद जमीन के नीचे मिला कुआं, प्रशासन ने जांच के लिए तकनीकी टीम बुलाने की तैयारी की

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद हटाए जाने के बाद जमीन के नीचे एक कुएं जैसी संरचना मिलने से प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। मलबा हटाने के दौरान जमीन के भीतर ईंटों से बनी संरचना दिखाई दी, जिसे शुरुआती तौर पर कुआं माना जा रहा है। हालांकि, इसकी वास्तविक प्रकृति, आकार और गहराई के बारे में अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

    मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, संरचना की तकनीकी जांच कराई जाएगी। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन के नीचे मिली संरचना वास्तव में कुआं है या किसी अन्य प्रकार का पुराना निर्माण। फिलहाल प्रशासन ने इसे ढक दिया है और मौके पर निगरानी रखी जा रही है।

    कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को हटाने की कार्रवाई अदालत के आदेश के आधार पर की गई थी। एसडीएम सदर सुबोध कुमार के अनुसार, प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई की और इसके बाद परिसर की सफाई कराई गई। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं तथा आगे की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।

    मस्जिद हटाए जाने के बाद वहां मौजूद मलबे को भी हटाकर दूसरी जगह भेज दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे को सहारनपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर निर्धारित स्थान पर डाला गया। इसी दौरान जमीन के नीचे ईंटों से बनी संरचना सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने मौके की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल ढक दिया और तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।

    अधिकारियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल इस संरचना की वास्तविक बनावट और स्थिति को लेकर है। यह कितनी गहरी है, इसका व्यास कितना है और इसका निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था, इन सभी पहलुओं की जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन जल्द तकनीकी टीम के माध्यम से इसकी जांच कराने की तैयारी में है।

    इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रविवार को सहारनपुर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने वाला है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर गठित दल स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाएगा।

    समाजवादी पार्टी की ओर से दावा किया गया है कि 4 सितंबर की शाम प्रशासन की ओर से मस्जिद को सील किए जाने की बात कही गई थी और उसे नहीं हटाने का भरोसा दिया गया था। पार्टी के अनुसार, इसके बाद अदालत के आदेश का हवाला देते हुए मस्जिद को बुलडोजर की मदद से हटा दिया गया।

    प्रशासन और राजनीतिक दलों के दावों के बीच अब जमीन के नीचे मिली संरचना की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इसके बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। फिलहाल प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ाते हुए किसी भी तरह की अफवाह से बचने तथा तथ्य सामने आने तक स्थिति को नियंत्रित रखने पर जोर दिया है।

    घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद संरचना की प्रकृति, उसकी गहराई और संभावित पुराने निर्माण से संबंध जैसी जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। तब तक इसे लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

  • मध्यप्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों पर सरकार सख्त, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    मध्यप्रदेश के सागर में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों पर सरकार सख्त, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    मध्यप्रदेश। के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 तक पहुंच गई है। हालांकि, इस बढ़े हुए आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद प्रशासन और सरकार की सक्रियता बढ़ गई है।

    बताया जा रहा है कि संदिग्ध शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद प्रभावित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संदिग्ध शराब कहां से आई तथा इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहरीली या अवैध शराब के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को मामले की तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने सागर के कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। स्थिति का जायजा लेने और जांच की निगरानी के लिए आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को मौके पर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    घटना के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज किए जाने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से संदिग्ध ठिकानों पर जांच और छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस बीच घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बारोलिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार के सुशासन के दावों पर भी सवाल उठाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में पहले भी शराब से जुड़े गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं और इसके बावजूद अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। पार्टी ने सरकार से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पूरे नेटवर्क की जांच कराने की मांग की है।

    हालांकि, कांग्रेस के इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन का मुख्य फोकस घटना की वास्तविक वजह पता लगाने, संदिग्ध शराब की जांच कराने, प्रभावित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने पर है। मौतों के अंतिम आंकड़े और हादसे की पूरी तस्वीर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • सिंगापुर में भारतीयों पर घटिया और नस्ली टिप्पणियां….. सरकार ने दिए जांच के आदेश

    सिंगापुर में भारतीयों पर घटिया और नस्ली टिप्पणियां….. सरकार ने दिए जांच के आदेश


    सिंगापुर।
    सिंगापुर (Singapore ) के गृह मंत्री के. शनमुगम (Home Minister K. Shanmugam) ने भारतीयों (Indians) को लेकर इंटरनेट पर की जा रही नस्ली और आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि चीन-नेपाल (China-Nepal) में आई भीषण बाढ़ और एयर इंडिया (Air India) में सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines- SIA) के निवेश से जुड़े मामलों को लेकर कुछ लोगों ने बेहद घटिया और नस्ली टिप्पणियां की हैं। शनमुगम ने कहा कि उन्होंने पुलिस से इन टिप्पणियों की जांच करने को कहा है। उनका कहना था कि ऐसे लोगों को इंटरनेट की गुमनामी के पीछे छिपने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उनकी पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इन टिप्पणियों को शर्मनाक, घटिया और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।

    शनमुगम ने कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जब कई सिंगापुरवासी लापता हैं, तब भी सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नस्ली टिप्पणियां की गईं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ लोगों ने लापता सिंगापुरवासियों को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक बातें लिखीं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब 1000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अब भी लापता हैं। शनमुगम ने कहा कि ज्यादातर सिंगापुरवासी ऐसी सोच नहीं रखते। उन्होंने बताया कि सिंगापुर रेड क्रॉस ने नेपाल में राहत कार्यों के लिए 30 लाख सिंगापुर डॉलर से ज्यादा जुटाए हैं। सिंगापुर के लोग अलग-अलग समुदायों से होने के बावजूद जरूरत के समय एक-दूसरे और दूसरे देशों के लोगों की मदद करते हैं।


    एयर इंडिया से जुड़ा क्या है मामला

    एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस के निवेश को लेकर भी सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ नस्ली टिप्पणियों की नई लहर देखने को मिली। शनमुगम ने कहा कि कुछ लोगों ने भारतीयों को लेकर सांप, करी, पराठा और काले जादू जैसी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर टेमासेक के सीईओ और सीनियर अधिकारियों को भी उनकी जातीय पहचान के आधार पर निशाना बनाया। यह कहना कि किसी अधिकारी की भारतीय मूल की वजह से वह एयर इंडिया के पक्ष में फैसला करेगा, गलत और बदनाम करने वाली बात है।

    के. शनमुगम ने जोर देकर कहा कि संबंधित अधिकारी सिंगापुर में पैदा हुए, वहीं पढ़े और पूरी तरह सिंगापुरवासी हैं। किसी व्यक्ति को उसकी जातीय पहचान के आधार पर निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। एयर इंडिया की ओर से अपने शेयरधारकों से करीब 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त पूंजी मांगे जाने की खबरों के बीच सिंगापुर एयरलाइंस को निवेश पर फैसला करना है। शनमुगम ने साफ कहा कि एयर इंडिया में निवेश जारी रखना है या नहीं, इसका फैसला सिंगापुर एयरलाइंस के निदेशक मंडल और मैनेजमेंट को करना चाहिए।