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  • सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा

    सोने की तेजी से भारतीय परिवारों की संपत्ति में 2025 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 117 लाख करोड़ रुपए का इजाफा


    नई दिल्ली। साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ा दिया। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ईयरबुक 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 2025 में भारतीय घरों की कुल संपत्ति में करीब 117 लाख करोड़ रुपए या लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। यह पिछले 25 वर्षों में सोने की कीमतों में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है।

    रिपोर्ट के अनुसारसाल 2025 में 15 दिसंबर तक सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग 57, 000 रुपए तक पहुंच गई। पिछले साल 2024 में भी सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 14,000 रुपए की वृद्धि हुई थी। इस तेजी ने न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ाई बल्कि रिटेल लोन की मांग को भी बढ़ावा दिया क्योंकि सोने के बदले लिए जाने वाले लोन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली।जबकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहा सोना सुरक्षित निवेश बनकर उभरा। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थिरता का साल रहा। वहीं वैश्विक स्तर पर सोना, उभरते बाजार, यूरोप और मैग्निफिसेंट 7 स्टॉक सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। दूसरी ओर ऑयल अमेरिकी डॉलर और बिटकॉइन जैसी संपत्तियों का प्रदर्शन कमजोर रहा।

    हालांकि भारत का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर रहा। निफ्टी का प्रदर्शन वैश्विक और उभरते बाजारों के मुकाबले करीब 25 प्रतिशत कमजोर रहा जो पिछले लगभग 30 वर्षों का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार का वैल्यूएशन अब अपने लंबे समय के औसत स्तर के करीब आ गया है।रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों के मुकाबले कमजोर रहा। करीब 30 प्रतिशत स्मॉल-कैप शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा गिर चुके हैं। फिर भी लार्ज-कैप स्टॉक्स को निवेशकों के लिए अभी भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

    निवेश को लेकर सलाह देते हुए एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने कहा कि नए निवेशकों को हाइब्रिड फंड्स पर विचार करना चाहिए। ऐसे फंड्स में इक्विटी डेट और सोने का मिश्रण होता है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को बेहतर संतुलन और सुरक्षा मिलती है।इस तरह 2025 में सोने की तेजी ने भारतीय परिवारों की संपत्ति को नया आयाम दिया है। निवेशकों के लिए यह साल चुनौती और अवसर दोनों लेकर आया, जहां सोना सुरक्षित निवेश का सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित हुआ।

  • चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…

    चांदी में जबरदस्त उछाल, तीन दिन में ₹34 हजार की तेजी; सोना भी सर्वकालिक रिकॉर्ड पर…


    नई दिल्ली।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन IBJA के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।

    सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।

    अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।देश में कीमती धातुओं की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों को चौंका दिया है। बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन तेज उछाल दर्ज किया गया है। बुधवार को एक किलो चांदी ₹14,145 महंगी होकर ₹2,77,175 के स्तर पर पहुंच गई। बीते महज तीन दिनों में चांदी की कीमतों में कुल ₹34 हजार से अधिक की छलांग लग चुकी है, जो हालिया वर्षों में सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है।सोने की कीमतें भी ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही हैं। 24 कैरेट सोना बुधवार को ₹1,868 की मजबूती के साथ ₹1,42,152 प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है। इससे पहले मंगलवार को सोना ₹1,40,482 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था। लगातार बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर सोने को निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के कमजोर होने से सोने की होल्डिंग कॉस्ट कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ा है। वहीं चांदी को केवल कीमती धातु ही नहीं, बल्कि एक अहम औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर से आ रही मजबूत औद्योगिक मांग बड़ी वजह है। इसके अलावा अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर कंपनियां पहले से चांदी का स्टॉक बढ़ा रही हैं, जिससे सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

    आईबीजेए द्वारा जारी किए गए सोने और चांदी के भाव में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता। इसी कारण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में खुदरा स्तर पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं। आईबीजेए के रेट का उपयोग रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और बैंकों द्वारा गोल्ड लोन की गणना के लिए किया जाता है।अगर पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब ₹57,033 यानी लगभग 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दामों में ₹1,44,403 की जबरदस्त तेजी आई है, जो करीब 167 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

    भू-राजनीतिक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के संकेतों ने सोने को एक बार फिर सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना दिया है। चीन सहित कई देशों के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा कर रहे हैं, जिससे मांग और कीमतों दोनों को समर्थन मिल रहा है।बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ तेजी बनी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और जोखिम को समझते हुए ही निवेश का फैसला लें।

  • गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी

    गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक महिला को गूगल रिव्यू के नाम पर बड़ी रकम का लालच देकर ठग लिया। बरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें महिला ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें गूगल रिव्यू के बदले अच्छी कमाई का वादा किया और धीरे-धीरे करीब 5 लाख रुपये की ठगी कर ली।

    पीड़िता, ऐश्वर्या नामदेव, एक वर्किंग वुमन हैं जो हैदराबाद की एक निजी कंपनी में डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि गूगल पर रिव्यू लिखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर ऐश्वर्या ने ठगों के साथ संपर्क किया और एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ीं।

    शुरुआत में ठगों ने उन्हें छोटे-मोटे मुनाफे का वादा कर विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने ऐश्वर्या को और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने बरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें जो घर बैठे बड़ी कमाई का वादा करता हो। साथ ही साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक या ग्रुपों में निवेश करने से बचें।

  • 2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान

    2026 की पहली ट्रेडिंग: शेयर बाजार में तेजी, MRPL और HFCL पर मजबूत निवेश का रुझान


    नई दिल्ली नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में जोश और सकारात्मक माहौल देखने को मिला। साल 2025 का समापन मजबूती के साथ होने के बाद निवेशकों ने 1 जनवरी को भी उत्साह के साथ ट्रेडिंग की। बीएसई सेंसेक्स 545 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 85,220 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 190 अंकों से ऊपर उठकर 26,129 पर पहुंचा।विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई प्रमुख सेक्टरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। ऑयल एंड गैस, पीएसयू, कमोडिटी, एनर्जी और मेटल शेयरों में निवेशकों ने सक्रियता दिखाई, जबकि आईटी सेक्टर में हल्का दबाव देखा गया।

    सेंसेक्स के बड़े शेयरों में टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, टाइटन, ट्रेंट, पावर ग्रिड, बीईएल और एनटीपीसी ने बाजार को मजबूती दी। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी तेजी का असर देखा गया। कई शेयरों ने अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर को पार किया, जिससे निवेशकों में भरोसा बढ़ा।विशेष रूप से MRPL और HFCL में निवेशकों का ध्यान केंद्रित रहा। इन दोनों शेयरों में वॉल्यूम बढ़ा और तकनीकी चार्ट्स पर मजबूत संकेत मिले। इसके अलावा Graphite India, Craftsman Automation, HPCL, Deepak Fertilisers और PCBL Chemical जैसे शेयरों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 26,200 का स्तर अहम माना जा रहा है। यदि बाजार इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की संभावना है। वहीं, कुछ शेयरों में कमजोरी के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। Vodafone Idea, Radico Khaitan और कुछ मिडकैप स्टॉक्स में निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए साल में निवेशकों को संतुलित पोर्टफोलियो और चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। बाजार की यह शुरुआत 2026 में निवेश के लिए सकारात्मक संकेत देती है और निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाती है।

  • 4,400 से 1.4 लाख तक: 25 साल में सोने ने दिया निवेशकों को सबसे शानदार रिटर्न

    4,400 से 1.4 लाख तक: 25 साल में सोने ने दिया निवेशकों को सबसे शानदार रिटर्न


    नई दिल्ली।पिछले 25 वर्षों में अगर किसी निवेश ने लगातार और मजबूत रिटर्न दिया है, तो वह सोना रहा है। वर्ष 1999 के अंत में सोने की कीमत लगभग ₹4,400 प्रति 10 ग्राम थी। दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर ₹1.4 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर चुकी है। इस दौरान सोने ने औसतन 14.3% सालाना रिटर्न दिया, जो भारतीय शेयर बाजार और अन्य पारंपरिक निवेश विकल्पों से कहीं अधिक है।विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह तेजी कई कारणों से आई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती ने सोने की मांग को बढ़ाया। ब्याज दरों में कमी से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे डॉलर में कारोबार होने वाली कीमती धातुएँ अन्य मुद्राओं के लिए सस्ती पड़ीं। इसका सीधा असर सोने की कीमतों और मांग पर पड़ा।

    वर्ष 2025 सोने और चांदी दोनों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। इस साल सोने की कीमतों में 70% से अधिक की तेजी आई, जबकि चांदी ने 160% तक का उछाल दिखाया। यह प्रदर्शन 1979 के बाद सबसे मजबूत सालाना बढ़त माना जा रहा है। न केवल भारत, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं ने निवेशकों को आकर्षित किया।इसी अवधि में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। पिछले 25 वर्षों में सेंसेक्स और निफ्टी ने क्रमशः लगभग 11.5% और 11.7% का औसत सालाना रिटर्न दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सेंसेक्स को चांदी के बराबर रिटर्न देना होता, तो आज इसका स्तर लगभग 1.6 लाख अंक के आसपास होता, जबकि वास्तविकता में यह करीब 85,000 के स्तर पर है।

    चांदी की तेजी के पीछे भी विशेष कारण हैं। सिर्फ निवेश ही नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल EV और सेमीकंडक्टर जैसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में इसकी बढ़ती मांग ने कीमतों को समर्थन दिया। द सिल्वर इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और औद्योगिक मांग के बीच चांदी की सप्लाई अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे कीमतों में और तेजी आई।भारत में सोना सिर्फ निवेश का साधन नहीं, बल्कि संस्कृति और बचत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड से जुड़े विशेषज्ञ विक्रम धवन का कहना है कि सोने को पोर्टफोलियो में शामिल करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। गोल्ड ETF के जरिए निवेश करना आज एक सुरक्षित और आसान विकल्प बन चुका है।

    हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि अल्पकाल में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। फिर भी मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों में ये दोनों धातुएँ निवेशकों के लिए मजबूत और भरोसेमंद विकल्प बनी हुई हैं।निवेशक इस तथ्य को भी ध्यान में रखें कि सोना और चांदी लंबे समय में पूंजी सुरक्षा और स्थिर रिटर्न का बेहतर माध्यम साबित हुए हैं। साथ ही, डिजिटल और म्यूचुअल फंड जैसे आधुनिक निवेश विकल्प ने इसे और भी सुलभ बना दिया है।

  • 2026 तक चांदी की कीमत ₹2.50 लाख तक पहुंचने का अनुमान, विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी जारी रहेगी

    2026 तक चांदी की कीमत ₹2.50 लाख तक पहुंचने का अनुमान, विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी जारी रहेगी


    नई दिल्ली । चांदी की कीमतों में इस समय लगातार वृद्धि हो रही है और यह रुझान आने वाले वर्षों तक जारी रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 तक चांदी की कीमत ₹2.25 लाख से ₹2.50 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुँच सकती है। इस वृद्धि के पीछे कई कारण हैं जिनमें औद्योगिक मांग वैश्विक आर्थिक बदलाव और ग्रीन एनर्जी पर बढ़ते निवेश जैसे कारक शामिल हैं।

    औद्योगिक मांग का प्रभाव

    चांदी की कीमतों में इस वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है औद्योगिक मांग। सोलर पैनल इलेक्ट्रिक वाहन EV और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में चांदी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सोलर पैनल की उत्पादन क्षमता में वृद्धि और इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में वृद्धि चांदी की मांग को बढ़ा रहे हैं। इस बढ़ती औद्योगिक मांग के कारण चांदी की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी हरित ऊर्जा में निवेश में भी तेजी आई है। कई देशों में हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दिया जा रहा है जैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा और इन सभी क्षेत्रों में चांदी का महत्वपूर्ण उपयोग हो रहा है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर चांदी की मांग में भी वृद्धि हुई है।

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता खासकर अमेरिका और यूरोप में चांदी की कीमतों के लिए एक सहायक कारक साबित हो रही है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बदलाव के संकेत और वैश्विक मुद्रास्फीति के दबाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश के विकल्पों की ओर आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है क्योंकि ये दोनों धातुएं सुरक्षित निवेश के रूप में मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू होता है तो निवेशक चांदी और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करेंगे। इसके साथ ही डॉलर की कमजोरी और अन्य वैश्विक आर्थिक कारक भी चांदी की कीमतों को सहारा देने वाले महत्वपूर्ण तत्व हैं।

    चांदी की मूल्यवृद्धि

    हाल ही में चांदी के भाव ₹2.07 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुँच चुके हैं जो कि एक नया रिकॉर्ड है। पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमत में 129.4% की वृद्धि हुई है जो 1 जनवरी 2025 को ₹90 500 प्रति किलोग्राम थी। इस वृद्धि का मुख्य कारण व्यापारियों द्वारा निरंतर खरीदारी और वैश्विक मांग में वृद्धि है। इसके अलावा चांदी में निवेश के लिए विशेषज्ञों द्वारा लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी जा रही है। निवेशकों को यह सलाह दी जा रही है कि वे एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करें। चांदी के बाजार में उथल-पुथल हो सकती है लेकिन लंबी अवधि में यह एक लाभकारी निवेश विकल्प साबित हो सकता है।

    सतर्कता और जोखिम

    हालांकि चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि इतनी तेजी के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव आ सकता है। मुनाफावसूली के चलते अल्पावधि में कीमतों में नरमी भी देखी जा सकती है। कुछ ब्रोकरेज और रिसर्च रिपोर्ट्स का अनुमान है कि 2026 के अंत तक चांदी ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती है जबकि बाजार में 1.78 लाख रुपये तक की गिरावट का भी खतरा है।

    निवेशकों के लिए सलाह

    विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी में निवेश करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए। एक ओर जहां चांदी के दाम में वृद्धि की उम्मीद है वहीं निवेशकों को यह भी याद रखना चाहिए कि कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसीलिए चांदी में निवेश करते समय दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना और एकमुश्त निवेश के बजाय चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाना सबसे सही रहेगा। कुल मिलाकर चांदी के भाव में तेज वृद्धि और आगामी वर्षों में इसकी कीमतों में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए यह एक आकर्षक निवेश विकल्प बन सकता है। हालांकि निवेशकों को इसके साथ जुड़ी जोखिमों को भी समझना चाहिए और उन्हें अपनी निवेश रणनीतियों में सावधानी बरतनी चाहिए।

  • सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.

    सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.


    नई दिल्ली । सोने और चांदी के दाम में आज 12 दिसंबर हल्की-फुल्की उथल-पुथल देखने को मिली है। जहां सोने के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई.वहीं चांदी के दाम में गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की फरवरी कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,32,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हुआ। वहीं.चांदी की मार्च एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट में 0.50% की गिरावट आई और वह 1,97,951 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।

    गुरुवार को चांदी का नया रिकॉर्ड

    गुरुवार को चांदी ने इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पहली बार 1,98,000 रुपये के पार पहुंची और 1,98,814 रुपये प्रति किलो तक चली गई। चांदी ने 5.33% की उछाल के साथ 1,98,799 रुपये पर बंद किया। वहीं.सोने की कीमतों में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,32,469 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

    कीमतों में वृद्धि का कारण

    सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से बेंचमार्क ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद आई। इसके साथ ही.फेड चेयरमैन ने अगले साल एक और कटौती का संकेत दिया.जिससे निवेशकों में उत्साह और अधिक बढ़ गया। इन निर्णयों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना.जिसने कीमती धातुओं की कीमतों को ऊंचा किया।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

    शुक्रवार को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्की उतार-चढ़ाव देखी गई। चेन्नई 24 कैरेट सोना 1,33,640 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,22,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
    मुंबई.कोलकाता.बैंगलोर.हैदराबाद.केरल.पुणे 24 कैरेट सोना 1,32,660 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
    दिल्ली 24 कैरेट सोना 1,32,810 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
    वडोदरा.अहमदाबाद 24 कैरेट सोना 1,32,710 रुपये प्रति 10 ग्राम. 22 कैरेट सोना 1,21,650 रुपये प्रति 10 ग्राम

    आज सोने और चांदी की कीमतों में मामूली बदलाव आया है। जहां सोने में हल्की बढ़ोतरी देखी गई.वहीं चांदी में गिरावट आई है। निवेशक और सोने-चांदी के खरीदार इसे ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णय ले सकते हैं। यदि आप भी सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं.तो वर्तमान मूल्य में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह एक उपयुक्त समय हो सकता है।

  • 1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट

    1 फरवरी 2026 को रविवार को खुलेगा शेयर बाजार, पेश होगा आम बजट


    नई दिल्ली। आमतौर पर सप्ताहांत में बंद रहने वाले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 1 फरवरी 2026 (रविवार) को खुलेंगे। इस दिन केंद्र सरकार आम बजट पेश करेगी, इसलिए बाजार नियामकों और वित्त मंत्रालय की सहमति के बाद एक्सचेंज खुलने का निर्णय लिया गया है।

    बजट डे पर बाजार खुलने का मकसद

    सरकार का यह कदम निवेशकों को सीधे बजट के प्रभाव को बाजार में तुरंत देखने का मौका देने के लिए है। आम दिनों में शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट जैसे अहम आर्थिक दिन को अपवाद माना गया है।

    बजट के फैसले सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कैपिटल मार्केट से जुड़े एलानों के आधार पर निवेशक अपनी रणनीति बनाते हैं। इसलिए बजट के दिन बाजार खुला रहने से अगले दिन बड़े उतार-चढ़ाव से बचा जा सकेगा।

    इकोनॉमिक सर्वे की तारीख

    आम बजट के दिन इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाता है। इस बार यह संभवत: 31 जनवरी (शनिवार) या 30 जनवरी (शुक्रवार) को संसद में पेश किया जाएगा। इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति और नीतिगत दिशा का संकेत देता है, जिस पर निवेशकों की खास नजर रहती है।

    पहले भी खुल चुका है बाजार

    पहले भी बजट के दिन शेयर बाजार रविवार या शनिवार को खुल चुका है। उदाहरण के लिए, 1 फरवरी 2025 को शनिवार था और बाजार खुला था। वहीं, 28 फरवरी 1999 को रविवार को बजट पेश किया गया था।

    बजट की थीम पर कयास

    हालांकि बजट में अभी करीब 50 दिन बाकी हैं, लेकिन निवेशक पहले से ही अटकलें लगाने लगे हैं। उम्मीद है कि बजट में आयकर में राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े खर्च, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और कैपिटल मार्केट सुधार जैसे फैसले हो सकते हैं।

    कुल मिलाकर, रविवार को बजट पेश होना और शेयर बाजार खुलना निवेशकों के लिए रोमांचक रहेगा। सरकार का मकसद है कि बजट का असर अर्थव्यवस्था और बाजार पर तुरंत स्पष्ट रूप से दिखाई दे।

  • Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई

    Meesho IPO: 111 का शेयर 162 पर लिस्ट, निवेशकों की जमकर कमाई


    नई दिल्ली। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho Limited का शेयर बाजार में शानदार लिस्टिंग के साथ एंट्री ली। बुधवार को Meesho का IPO NSE और BSE पर लिस्ट हुआ और यह अपने अपर प्राइस बैंड के मुकाबले 46% प्रीमियम पर डेब्यू किया। 111 रुपये वाले शेयर ने 162 रुपये के पार मार्केट डेब्यू किया, जिससे IPO में पैसे लगाने वाले निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

    दमदार लिस्टिंग के साथ मार्केट में एंट्री

    NSE पर लिस्टिंग: 162.50

    BSE पर लिस्टिंग: 161.20

    प्रीमियम: 46.40% (NSE), 45.23% (BSE)

    इस शानदार लिस्टिंग के कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को तुरंत लाभ हुआ।

    निवेशकों को हुआ सीधा फायदा

    Meesho का IPO कुल 5,421.20 करोड़ का था, प्राइस बैंड 105-111 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 135 शेयरों का था।

    एक लॉट के लिए निवेश: 14,985

    लिस्टिंग के समय मूल्य: 21,937.50

    एक लॉट पर सीधा मुनाफा: 6,952

    HNI निवेशकों के लिए उदाहरण:

    अधिकतम 14 लॉट (1,890 शेयर)

    निवेश राशि: 2,09,790

    लिस्टिंग मूल्य के हिसाब से कमाई: 97,335

    निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस

    Meesho का IPO बहुत अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल 79.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    कुल आवेदन: 62.75 लाख से अधिक

    कुल बोली राशि: 2,43,830 करोड़ से अधिक

    QIB: 120.18 गुना

    NII: 38.16 गुना

    रिटेल: 19.08 गुना

    इस IPO को निवेशकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया और इसके दमदार लिस्टिंग प्रदर्शन ने सभी को फायदा पहुँचाया।

    Meesho का परिचय

    2015 में स्थापित बेंगलुरु स्थित Meesho एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो ग्राहकों को किफायती उत्पादों की विस्तृत रेंज प्रदान करता है। इसका फोकस छोटे व्यापारियों और घर से काम करने वाले विक्रेताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म देना है।

    निवेशकों के लिए सुझाव

    Meesho IPO में निवेश करने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के साथ शानदार लाभ हुआ।

    हालांकि, शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ आता है, इसलिए निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।

  • 31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!

    31 दिसंबर से पहले निपटा लें ये 4 जरूरी काम: पैन-आधार लिंक और एडवांस टैक्स की डेडलाइन!


    नई दिल्ली  /साल 2025 का अंतिम महीना दिसंबर शुरू हो चुका है। इस महीने टैक्स और दस्तावेज़ से जुड़े कई महत्वपूर्ण कामों की लास्ट डेट है। अगर आपने इन्हें समय पर पूरा नहीं किया, तो भारी जुर्माना, पैन निष्क्रिय होने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। ये हैं वो 4 जरूरी काम, जो आपको दिसंबर में हर हाल में पूरे कर लेने चाहिए-

    1. टैक्स ऑडिट वालों के लिए ITR भरने की अंतिम तारीख – 10 दिसंबर जिन करदाताओं का केस टैक्स ऑडिट के अंतर्गत आता है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर 2025 है। इस तारीख तक फाइल किया गया ITR समय पर दाखिल माना जाएगा।इस पर कोई लेट फीस या पेनाल्टी नहीं लगेगी।

    2. एडवांस टैक्स भरने का आखिरी मौका – 15 दिसंबरएडवांस टैक्स भुगतान की अंतिम तारीख 15 दिसंबर 2025 है। यह टैक्स उन सभी लोगों को देना होता है।  जिनकी कुल अनुमानित कर देनदारी TDS कटने के बाद ₹10,000 से अधिक हो। समय पर एडवांस टैक्स न भरने पर ब्याज और जुर्माना लग सकता है, इसलिए इसे ड्यू डेट पर भरना जरूरी है।

    3. बिलेटेड ITR की अंतिम तारीख – 31 दिसंबरयदि आपने वित्त वर्ष 2024–25 का ITR अभी तक फाइल नहीं किया है, तो आप इसे लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 तक भर सकते हैं।

    लेट फीस इस प्रकार है-

    ₹1,000 -यदि आय 5 लाख रुपए से कम है ₹5,000 -यदि आय 5 लाख या उससे अधिक है
    31 दिसंबर के बाद बिलेटेड रिटर्न फाइल नहीं किया जा सकेगा और आगे आपको नोटिस व पेनाल्टी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    4. आधार–पैन लिंक करना अनिवार्य -आखिरी तारीख 31 दिसंबर यदि आपने 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले आधार कार्ड बनवाया है, तो इसे 31 दिसंबर 2025 तक PAN से लिंक करना अनिवार्य है।

    आधार–पैन लिंक न करने पर-

    आपका PAN निष्क्रिय हो जाएगा
    बैंकिंग, निवेश, स्टॉक मार्केट, म्यूचुअल फंड और ITR फाइलिंग सभी में दिक्कत आएगी

    लिंकिंग की प्रक्रिया सरल है-
    आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर PAN नंबर, आधार नंबर और OTP डालकर इसे पूरा कर सकते हैं। इसके साथ निर्धारित जुर्माना भी चुकाना होगा। दिसंबर 2025 में ये चारों काम समय पर पूरे करना बेहद जरूरी हैं। थोड़ी सी लापरवाही भारी पेनाल्टी, आर्थिक नुकसान और दस्तावेज़ों के निष्क्रिय होने जैसी समस्याएं खड़ी कर सकती है।