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  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: ट्रैफिक सुधार के लिए वन-वे और पिक-ड्रॉप सिस्टम अनिवार्य

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: ट्रैफिक सुधार के लिए वन-वे और पिक-ड्रॉप सिस्टम अनिवार्य


    जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर शहर में बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था और अदालत परिसरों के आसपास हो रही अवैध पार्किंग को गंभीर समस्या मानते हुए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से अंतरिम यातायात व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रस्तावित मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू की जाएं।

    ‘पिक एंड ड्रॉप’ सिस्टम अपनाने पर जोर

    हाईकोर्ट ने अदालत आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘पिक एंड ड्रॉप’ व्यवस्था को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार, एडवोकेट जनरल राज्य सरकार के सभी विभागों के प्रमुखों को एडवाइजरी जारी करेंगे, ताकि कोर्ट आने वाले अधिकारी अपनी गाड़ियों को लंबे समय तक पार्क करने के बजाय ‘पिक एंड ड्रॉप’ प्रणाली का उपयोग करें।

    इसी तरह, केंद्र सरकार के अधिकारियों के लिए असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। न्यायालय का मानना है कि इससे अदालतों के आसपास वाहनों की संख्या कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में राहत मिलेगी।

    वकीलों से कार-पूलिंग की अपील

    कोर्ट ने अधिवक्ताओं से भी सहयोग की अपेक्षा जताई है। जिन वकीलों के पास निजी ड्राइवर उपलब्ध हैं, उन्हें ‘पिक एंड ड्रॉप’ सिस्टम अपनाने की सलाह दी गई है। साथ ही पार्किंग पर दबाव कम करने के लिए कार-पूलिंग को प्रोत्साहित करने की अपील की गई है।

    सुबह 10 से शाम 6 बजे तक रहेगा ‘वन-वे’

    यातायात को सुचारू बनाने के लिए हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि कलेक्टर ऑफिस क्रॉसिंग से तहसील क्रॉसिंग तक का मार्ग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वन-वे घोषित किया जाए। इस दौरान वाहनों की आवाजाही एक ही दिशा में नियंत्रित की जाएगी, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति कम हो सके।

    इसके अलावा हाईकोर्ट और जिला अदालत के सामने ट्रैफिक नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    फ्लाईओवर निर्माण पर भी नजर

    याचिका में अदालत के सामने से गुजरने वाली मुख्य सड़क पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग भी उठाई गई है। इस संबंध में पहले से दो याचिकाएं न्यायालय में लंबित हैं। हाईकोर्ट ने इस मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बताते हुए अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है।

    शहरवासियों को मिल सकती है राहत

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘पिक एंड ड्रॉप’, कार-पूलिंग और ‘वन-वे’ जैसी व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से पालन कराया गया, तो अदालत क्षेत्र और आसपास की सड़कों पर लगने वाले जाम में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा इन निर्देशों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
  • नीट परीक्षा के लिए जबलपुर तैयार, 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा; राष्ट्रपति और CM के दौरे के बीच विशेष इंतजाम

    नीट परीक्षा के लिए जबलपुर तैयार, 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र देंगे परीक्षा; राष्ट्रपति और CM के दौरे के बीच विशेष इंतजाम


    मध्य प्रदेश । राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर जबलपुर जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। 21 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में जिले के 23 केंद्रों पर 10 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। परीक्षा की निष्पक्षता, सुरक्षा और छात्रों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने कई विशेष इंतजाम किए हैं। खास बात यह है कि इसी दिन राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री का भी प्रस्तावित दौरा है, जिसके चलते प्रशासन ने परीक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट दोनों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

    नीट परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हाल ही में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बाद इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

    जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 10,426 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहली बार प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। शहर के पेंटीनाका चौक से दोपहर 12 बजे तक विद्यार्थियों के लिए विशेष बस सेवा उपलब्ध रहेगी, जिससे दूर-दराज से आने वाले छात्रों को राहत मिलेगी।

    परीक्षा के दौरान गर्मी और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा कक्षों में पंखों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि छात्र आरामदायक वातावरण में परीक्षा दे सकें। वहीं परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावकों के बैठने के लिए अस्थायी शेड तैयार किए जा रहे हैं, जहां कूलर, पंखे और पेयजल की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

    प्रशासन ने अभिभावकों के लिए अस्थायी कैंटीन की भी व्यवस्था की है। परीक्षा के दौरान कई घंटों तक बाहर इंतजार करने वाले परिजनों को भोजन और नाश्ते की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    सुरक्षा के लिहाज से भी इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बायोमैट्रिक मशीनें और जैमर लगाए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार 19 जून तक सभी उपकरण स्थापित कर दिए जाएंगे, जबकि 20 जून को उनका अंतिम परीक्षण किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों की निगरानी लगातार की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।

    इस बार एक और बड़ी चुनौती प्रशासन के सामने है। 21 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव का भी जबलपुर दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों तक छात्रों की सुगम आवाजाही और वीवीआईपी मूवमेंट के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक और सुरक्षा योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

    प्रशासन का दावा है कि इस बार नीट परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए किए गए ये इंतजाम परीक्षा दिवस को सुचारु और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • राज्यसभा नामांकन विवाद पर जबलपुर में कांग्रेस का धरना, भाजपा और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    राज्यसभा नामांकन विवाद पर जबलपुर में कांग्रेस का धरना, भाजपा और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल


    मध्यप्रदेश। राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में जारी विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को जबलपुर तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के नगर और ग्रामीण संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

    दोपहर 12 बजे शुरू हुआ यह धरना शाम तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और निर्वाचन आयोग के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। कार्यक्रम में कांग्रेस के नगर अध्यक्ष, ग्रामीण अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरना स्थल पर पार्टी नेताओं ने संबोधन करते हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़े घटनाक्रम को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।

    कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा और राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन लंबे समय से सामाजिक और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रही हैं, लेकिन उनके नामांकन को निरस्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई है। घनघोरिया ने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले को लोकतंत्र और राजनीतिक शुचिता के खिलाफ मानती है।

    अपने संबोधन में कांग्रेस विधायक ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कई राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं और राजनीतिक परंपराओं का सम्मान नहीं कर रहा है। घनघोरिया ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के पास राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त समर्थन था और राजनीतिक परंपरा के अनुसार विपक्ष को प्रतिनिधित्व मिलने का अवसर दिया जाना चाहिए था।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्ष को कमजोर करने के प्रयास किए गए। हालांकि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में उठाते रहेंगे।

    धरना-प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का कहना है कि नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को लेकर पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी। वहीं पार्टी नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्पन्न यह विवाद प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर कांग्रेस इस फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बता रही है, वहीं दूसरी ओर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की वैधता और नियमों को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

    फिलहाल जबलपुर में हुए इस धरना-प्रदर्शन ने राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद को एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर इस मामले में आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त

    जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त


    मध्यप्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पश्चिम मध्य रेलवे के विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात तीन टीटीई को संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पकड़ लिया है। जांच के दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित सीमा से करीब 46 हजार रुपए अधिक नकदी पाई गई, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

    मामला सोमवार का है, जब दिल्ली से जबलपुर पहुंची गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में विजिलेंस टीम ने अचानक जांच अभियान चलाया। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में ड्यूटी पर तैनात टीटीई मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। यह कार्रवाई यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई।

    जानकारी के अनुसार, यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को शिकायत दी थी कि टीटीई उनसे जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं, लेकिन बदले में कोई रसीद नहीं दी जा रही। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने जबलपुर स्टेशन पर पहले से ही निगरानी बढ़ा दी थी और ट्रेन के पहुंचते ही जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान टीम ने तीनों टीटीई के पास मौजूद नकदी का मिलान किया, जिसमें भारी गड़बड़ी सामने आई। कुंदन कुमार के पास 32 हजार रुपए अतिरिक्त पाए गए, जबकि अनिकेश कुमार के पास 14 हजार रुपए और मनोज कुशवाहा के पास 300 रुपए अतिरिक्त नकदी मिली। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 46 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि पाई गई।

    सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि एक टीटीई ने अपनी अतिरिक्त नकदी दूसरे टीटीई को सौंप दी थी, जिससे प्रारंभिक जांच में रकम का असंतुलन दिखाई दिया। हालांकि रेलवे विजिलेंस टीम इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि यह राशि किस उद्देश्य से एक-दूसरे को दी गई थी और इसका स्रोत क्या था।

    मामले के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों टीटीई को तत्काल निलंबित कर दिया है। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि यात्रियों की शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला न केवल अनुशासनहीनता से जुड़ा है, बल्कि यात्रियों के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस तरह की शिकायतों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त राशि किस आधार पर वसूली गई थी, क्या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

  • जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली

    जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली


    मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए गढ़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक पर तीन राउंड फायरिंग करने वाले शातिर बदमाश करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    यह पूरा मामला सोमवार रात करीब 10:30 बजे का है, जब आरोपी करण विश्वकर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक से लाल बिल्डिंग इलाके में पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात अंकित लखेरा नामक युवक से हुई। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    गुस्से में आकर करण विश्वकर्मा ने अपने पास रखी पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन राउंड फायर कर दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे अंकित लखेरा को नहीं लगी। लेकिन फायरिंग से बचने के लिए भागते समय वह दीवार से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि करण विश्वकर्मा को अंकित लखेरा पर शक था कि वह उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचाता है। इसी शक के चलते दोनों के बीच करीब एक महीने पहले भी विवाद हुआ था, जो बाद में रंजिश में बदल गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस विवाद में हर्ष अहिरवार और आर्यन नामक अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    पुलिस के अनुसार, करण विश्वकर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

    गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से लाया गया था।

    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आपसी रंजिश और शक के आधार पर हुई हिंसक घटना मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही आरोपी महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि घटना में उसकी कितनी और क्या भूमिका थी।

  • जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक

    जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब इंद्रा मार्केट क्षेत्र में दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए। यह घटना सिविल लाइन और एसपी ऑफिस के बीच सड़क पर हुई, जहां दोनों सांडों के बीच सींग से सींग भिड़ाकर करीब आधे घंटे तक जोरदार संघर्ष चलता रहा।

    इस दौरान सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह वहां से निकलते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की लड़ाई इतनी उग्र थी कि आसपास खड़े वाहन और राहगीर भी असहज हो गए। इसी दौरान एक स्कूटी सवार हल्की टक्कर की चपेट में आ गया और उसकी गाड़ी सड़क पर गिर गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय लोगों ने पानी डालकर और लाठी की मदद से दोनों सांडों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक वे नहीं माने। करीब आधे घंटे बाद थककर दोनों सांड अलग-अलग दिशा में चले गए, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।

    इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम जबलपुर की लापरवाही के कारण ऐसे हालात बार-बार बन रहे हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। गोहलपुर, रसल चौक, इंद्रा मार्केट और गोकलपुर रोड जैसे इलाकों में रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए सख्त और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से आम जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।

  • जबलपुर में भीषण सड़क हादसा: हाईवा ने स्कूटी सवार को कुचला, आग लगी, मौके पर दर्दनाक मौत

    जबलपुर में भीषण सड़क हादसा: हाईवा ने स्कूटी सवार को कुचला, आग लगी, मौके पर दर्दनाक मौत


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। माढ़ोताल थाना क्षेत्र के खजरी खिरिया बाईपास पर तेज रफ्तार हाईवा ने स्कूटी सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे स्कूटी सवार युवक बायपास से जबलपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी वाहन हाईवा के नीचे फंस गई और करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।

    घर्षण और टकराव के कारण स्कूटी और हाईवा के निचले हिस्से में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाना पड़ा। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर मानव शरीर के अवशेष बिखर गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंजर बेहद दर्दनाक और भयावह था।

    घटना के बाद आसपास मौजूद ट्रक चालकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और नीचे फंसे वाहन को निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही माढ़ोताल थाना पुलिस और हनुमानताल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

    थाना प्रभारी अपूर्वा चौरसिया ने बताया कि हाईवा को जब्त कर लिया गया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। मामले की जांच जारी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बायपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

  • “मैं खुद लटक जाऊंगी…” बेटे ने बताए मां के आखिरी शब्द, सामने आई दिल दहला देने वाली घटना

    “मैं खुद लटक जाऊंगी…” बेटे ने बताए मां के आखिरी शब्द, सामने आई दिल दहला देने वाली घटना


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के आधारताल क्षेत्र में सामने आए पति-पत्नी की मौत के सनसनीखेज मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम गवाह वह 8 वर्षीय मासूम बच्चा बन गया है, जिसने अपनी मां और सौतेले पिता के बीच मौत से पहले हुई पूरी घटना अपनी आंखों से देखी। बच्चे के बयान ने पुलिस जांच को नई दिशा दी है और इस दर्दनाक पारिवारिक त्रासदी की कई परतें खोल दी हैं।

    पुलिस के अनुसार, 3 जून की रात घर में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला जानलेवा स्थिति तक पहुंच गया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसके पिता मयंक सिंह ने गुस्से में चाकू उठा लिया था। इसी दौरान उसकी मां नेहा सिंह ने कथित तौर पर कहा कि यदि उसे मारना है तो वह खुद ही फांसी लगाकर जान दे देगी। इसके बाद घर के भीतर जो कुछ हुआ, वह पूरे मामले का सबसे संवेदनशील हिस्सा बन गया है।

    मासूम के बयान के मुताबिक, मयंक ने कमरे में फंदा तैयार किया। जब नेहा फंदे के नीचे रखी टेबल पर खड़ी हुई तो कुछ ही क्षणों में वह फंदे पर लटक गई। पुलिस अब बच्चे के बयान, घटनास्थल के साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    बच्चे ने यह भी बताया कि मां के फंदे पर लटकने के बाद पिता ने कुछ देर बाद उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पूरी रात महिला का शव घर में ही पड़ा रहा। जब बच्चे ने मां के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि वह आराम कर रही है। इसके बाद पिता बेटे को दूसरे कमरे में ले जाकर सो गया।

    अगले दिन मयंक अपने बेटे को स्कूटी से बहन के घर छोड़ आया। इसी बीच पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नेहा सिंह की पहले पति से शादी हुई थी और उसके निधन के बाद वर्ष 2024 में मयंक से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों ने परिवार की सहमति से विवाह किया था और आधारताल में किराए के मकान में रह रहे थे।

    जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जनवरी 2025 में विजय नगर स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस कार्रवाई के दौरान नेहा वहां मिली थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने लगा था। मयंक कथित तौर पर नहीं चाहता था कि नेहा वहां काम करे, जबकि नेहा रोजगार जारी रखना चाहती थी। बाद में वह इंदौर में काम करने लगी, लेकिन बेटे से मिलने नियमित रूप से जबलपुर आती थी और परिवार की आर्थिक सहायता भी करती थी।

    पुलिस के अनुसार, 5 जून को मयंक बेटे को अपनी बहन के घर छोड़कर निकल गया। इसके बाद वह जीसीएफ क्षेत्र के एक खंडहरनुमा भवन में पहुंचा, जहां उसने कथित रूप से एक सुसाइड नोट लिखा। बाद में शनिवार को उसी स्थान पर उसका शव फंदे से लटका मिला। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में उसने पत्नी की हत्या करने की बात स्वीकार करने का दावा किया है और कुछ पारिवारिक सदस्यों पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए हैं।

    रांझी थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। बच्चे के बयान, सुसाइड नोट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक प्रभावित वह मासूम है, जिसने कुछ ही दिनों में अपनी मां और पिता दोनों को खो दिया।

  • घर के बाहर झगड़ा शांत कराने पहुंचीं बीजेपी नेता, पिस्टल से चली गोली बनी मौत की वजह

    घर के बाहर झगड़ा शांत कराने पहुंचीं बीजेपी नेता, पिस्टल से चली गोली बनी मौत की वजह


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में भाजपा की सक्रिय महिला नेता और पूर्व पार्षद प्रत्याशी संगीता रजक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात न्यू शोभापुर क्षेत्र में हुई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में उपचार के लिए हैदराबाद ले जाया गया। वहां ओमेगा अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार घटना शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि संगीता रजक के घर के बाहर कुछ लोग गाली-गलौज और शोर-शराबा कर रहे थे। आवाज सुनकर संगीता रजक अपने पति बंटी रजक के साथ घर से बाहर निकलीं। दोनों ने कथित रूप से वहां मौजूद लोगों को समझाने और शांत रहने के लिए कहा, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    इसी दौरान संगीता रजक घर के भीतर गईं और अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर बाहर आ गईं। प्रारंभिक जांच के मुताबिक हड़बड़ाहट और अफरा-तफरी के माहौल में उनके हाथ में मौजूद पिस्टल का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे उनके पेट में लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

    घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। बाद में बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें हैदराबाद के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के प्रयासों के बावजूद मृत घोषित कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा तैयार कराया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह मामला दुर्घटनावश गोली चलने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि देर रात घर के बाहर विवाद किस कारण से हो रहा था और वहां मौजूद लोग कौन थे। इसके अलावा घटना के समय की परिस्थितियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

    पुलिस जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले अज्ञात बदमाशों ने संगीता रजक के घर पर बम फेंकने और वाहन में तोड़फोड़ करने की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में उनके पति बंटी रजक ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। ऐसे में पुलिस पुराने घटनाक्रम और हालिया घटना के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल कर रही है।

    संगीता रजक ने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में गोकलपुर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत सकी थीं, लेकिन क्षेत्र में उनकी सक्रिय राजनीतिक पहचान थी। बताया जा रहा है कि वे आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियों में भी जुटी हुई थीं। उनके पति बंटी रजक भी भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं और विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस परिजनों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। इस दुखद घटना से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक का माहौल है।

  • रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

    रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है।

    मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी।

    इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

    सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।