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  • फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल

    फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर कथित तौर पर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए VIDEO सामने आने के बाद पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अशोकनगर के चंदेरी से शुरू हुए इस मामले की कड़ियां अब भोपाल तक पहुंच चुकी हैं और विधानसभा परिसर में बनाए गए एक VIDEO ने तृप्ति की कथित फर्जी अफसर वाली पहचान पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। VIDEO में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर घूमती और ब्लॉग बनाती नजर आ रही है। लाल साड़ी में दिखाई दे रही तृप्ति को उसकी एक सहेली सीनियर अधिकारी बताती है जबकि तृप्ति खुद को प्रोबेशनर बताते हुए मजाक में कहती नजर आती है कि उनकी हरकतों को देखकर कोई उन्हें अधिकारी नहीं मानेगा।

    विधानसभा परिसर के बाहर शूट किए गए VIDEO में तृप्ति की सहेली कहती है कि वे विधानसभा अटेंड करने आई हैं और उन्होंने अपना पहला ब्लॉग बनाने का फैसला किया है। बातचीत के दौरान तृप्ति और उसकी सहेलियों के बीच हंसी मजाक भी होता है। एक सहेली कहती है कि वे दोनों प्रोबेशनर्स हैं जबकि तृप्ति पहले से उनकी सीनियर हैं। तृप्ति भी इस बातचीत में खुद को सीनियर बताते हुए अपनी सहेलियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करने की बात कहती है। यह VIDEO सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या ऐसे वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों का इस्तेमाल लोगों के बीच खुद को असली सरकारी अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था।

    तृप्ति पर आरोप है कि वह अलग अलग जगहों पर खुद को IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की बड़ी अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी। चंदेरी में उसके खिलाफ चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख 80 हजार रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच के दौरान भोपाल में भी उसके खिलाफ 39 लाख 17 हजार रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायत के अनुसार एक व्यक्ति से होटल और रिसॉर्ट की संपत्ति लीज पर दिलाने के नाम पर 35 लाख 30 हजार रुपए और नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 87 हजार रुपए लिए गए।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति के पास कथित तौर पर सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री मौजूद थी। पुलिस को CBI लिखा पहचान पत्र और सरकारी लेटरहेड जैसे दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा भारत सरकार लिखा एक इनोवा वाहन भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल लोगों पर सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव डालने के लिए किया जाता था या नहीं।

    पुलिस जांच में मंत्रालय और IAS अधिकारियों के नामों की सूची मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि तृप्ति जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के नाम लेकर खुद को उनके करीब बताती थी जिससे लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और कितने लोग इसके प्रभाव में आए।

    भोपाल के मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो होटल रिसॉर्ट की लीज दिलाई गई और न ही नौकरी लग सकी। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर केवल 1 लाख रुपए लौटाए गए जबकि बाकी रकम को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में तृप्ति के भाई और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    विधानसभा परिसर के VIDEO सामने आने के बाद अब पुलिस की नजर तृप्ति के पूरे नेटवर्क पर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी सहेलियों और अन्य सहयोगियों को कथित फर्जी पहचान के बारे में कितनी जानकारी थी। चंदेरी से भोपाल तक फैले मामलों और विधानसभा परिसर के VIDEO ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस पूछताछ और जांच से इस कथित फर्जी IAS नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी

    पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। कृषक नगर में रहने वाले 55 वर्षीय लोडिंग ऑटो चालक विनोद कुशवाहा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ देर पहले ही विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा था। पत्नी ने उसके शराब पीकर आने का विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विनोद कुशवाहा पिता लालूराम कुशवाहा के रूप में हुई है। वह निशातपुरा के कृषक नगर में अपने परिवार के साथ रहता था और लोडिंग ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था। उसके परिवार में पत्नी एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद लंबे समय से शराब का सेवन करता था। शराब पीने के बाद उसका व्यवहार कई बार बदल जाता था और घर में पत्नी तथा बच्चों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती थी।

    परिजनों के मुताबिक परिवार के लोग विनोद को शराब छोड़ने के लिए लगातार समझाते थे। पत्नी और बच्चों की ओर से उसे शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती थी लेकिन वह कई बार इस बात पर नाराज हो जाता था। शराब छोड़ने की बात को लेकर भी घर में कहासुनी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है। रविवार देर रात भी विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा। पत्नी ने जब शराब पीकर आने पर आपत्ति जताई तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया और परिवार के लोग भी कुछ देर बाद शांत हो गए।

    कुछ समय बीतने के बाद परिजनों को विनोद की कोई गतिविधि नजर नहीं आई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। विनोद फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में पत्नी से विवाद और शराब की लत को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

    विनोद की मौत से परिवार सदमे में है। एक ओर घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजन टूट गए हैं तो दूसरी ओर इस घटना ने शराब की लत से पैदा होने वाले पारिवारिक तनाव और उसके गंभीर परिणामों को भी सामने ला दिया है। फिलहाल निशातपुरा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी

    इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी


    इंदौर  इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुए मां बेटी हत्याकांड की जांच में अब 8 साल के मासूम बेटे का बयान बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिता सुनील चौहान ने पहले पत्नी अनीता की हत्या की और इसके बाद दोनों बच्चों को हिंगोनिया तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 वर्षीय बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 वर्षीय बेटा अजय किसी तरह अपनी जान बचाकर तालाब से बाहर निकल आया। इसके बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना के बाद पुलिस ने बच्चे का बयान मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब 2 मिनट 8 सेकंड का है। बाद में बच्चे का बयान अदालत में भी दर्ज कराया गया। घटना और बच्चे के पुलिस को दिए बयान की जानकारी की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।

    पुलिस के अनुसार तालाब में फेंके जाने के बाद बच्चे ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को मृत होने का आभास दिया और मौका मिलते ही पानी से बाहर निकलकर सड़क की ओर पहुंचा। वहां गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर उस पर पड़ी। गीले कपड़ों और घबराए हुए बच्चे ने पुलिस को जो जानकारी दी उसके बाद तालाब में तलाश अभियान शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद उसकी बहन का शव बरामद किया गया। इस तरह घटना के तुरंत बाद सामने आया बच्चे का बयान पुलिस के लिए शुरुआती जांच का महत्वपूर्ण आधार बना।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अदालत में 8 साल के बच्चे की गवाही कितनी महत्वपूर्ण होगी। कानूनी तौर पर केवल उम्र कम होने की वजह से किसी बच्चे की गवाही को खारिज नहीं किया जाता। अदालत यह देखती है कि बच्चा सवाल समझने और उनके जवाब तार्किक तरीके से देने में सक्षम है या नहीं। यदि अदालत को लगता है कि बच्चा घटनाक्रम को समझने और सही तरीके से बताने की क्षमता रखता है तो उसकी गवाही को साक्ष्य के रूप में महत्व दिया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी और बयान की विश्वसनीयता दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के साथ परखी जाएगी।

    इस मामले में घटना के तुरंत बाद दिया गया बयान भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बच्चे ने घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस को जानकारी दी थी। ऐसे बयान की जांच करते समय पुलिस और अदालत परिस्थितियों तथा दूसरे साक्ष्यों से उसका मिलान कर सकती है। वीडियो रिकॉर्डिंग भी जांच में उपयोगी हो सकती है लेकिन केवल वीडियो बन जाना अपने आप में पर्याप्त नहीं माना जाता। डिजिटल रिकॉर्ड को कानून के मुताबिक सुरक्षित और प्रमाणित तरीके से अदालत के सामने पेश करना जरूरी होगा।

    मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्य आरोपी के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच होगी। इन सभी साक्ष्यों को एक साथ देखकर अदालत यह तय करेगी कि अभियोजन पक्ष के आरोप किस हद तक साबित होते हैं। इसलिए बच्चे का बयान महत्वपूर्ण होने के बावजूद पूरे मामले का फैसला केवल एक साक्ष्य के आधार पर नहीं बल्कि समग्र साक्ष्य के आधार पर होगा।

    इस घटना का सबसे संवेदनशील पहलू मासूम की मानसिक स्थिति भी है। उसने अपनी मां और बहन को खोया है और खुद भी जानलेवा परिस्थिति से बचकर निकला है। ऐसे हादसे का बच्चे के मन पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक उसे सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना जरूरी है। परिवार को उससे बार बार घटना पूछने के बजाय उसे भावनात्मक सहारा देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बाल मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की मदद भी ली जा सकती है।

    इस पूरे मामले में एक तरफ पुलिस हत्या के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है तो दूसरी तरफ मासूम के भविष्य और मानसिक सुरक्षा की चुनौती भी सामने है। मां और बहन की मौत के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। ऐसे में अदालत में न्याय की प्रक्रिया के साथ उसकी देखभाल और पुनर्वास पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी होगा। आरोपी सुनील चौहान के खिलाफ पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया

    बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया


    इंदौर इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपने ही दो बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 साल की बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 साल का बेटा अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इसके बाद बच्चा किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और उसने जो घटनाक्रम बताया उससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी पिता सुनील चौहान को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 32 वर्षीय अनीता बाई के रूप में हुई है। उसका पति सुनील चौहान करीब 37 साल का है और पेशे से ड्राइवर है। बताया जा रहा है कि परिवार कुछ समय पहले ही झलारिया गांव में किराए के मकान में रहने आया था। मकान मालिक विक्रम चौधरी के मुताबिक घटना वाली रात सुनील अपनी पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच घर से बाहर लेकर गया था। उस समय दोनों बच्चे घर पर ही थे। कुछ देर बाद सुनील वापस आया और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गया।

    इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया। 8 साल के अजय के मुताबिक उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रही थी और इसके बाद उसके पिता ने कथित तौर पर उसका गला भी दबाया। हालांकि हत्या की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    अजय के मुताबिक इसके बाद उसका पिता उसे और उसकी बहन माही को हिंगोनिया के पास स्थित तालाब पर ले गया। वहां दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया गया। अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह अकेला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और कुछ समय बाद उसे झलारिया गांव से पकड़ लिया।

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद 10 साल की माही का शव भी तालाब से बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को गला घोंटने के भी संकेत मिले हैं। वहीं माही की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।

    मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अनीता और सुनील के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता के पिता सुखराम के मुताबिक सुनील पहले भी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और कई साल पहले उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद नया नहीं था और घरेलू हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही थीं।

    परिजनों के अनुसार सुनील अनीता पर शक करता था और उसके दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर विवाद करता था। करीब 20 दिन पहले भी मारपीट के बाद अनीता बच्चों के साथ इंदौर आई थी। परिवार की एक और बेटी अनुष्का भी सुनील के साथ नहीं रहती थी और दादा-दादी के पास रहती थी। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की जाती थी।

    वहीं सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने अनीता के चरित्र को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अनीता का व्यवहार अच्छा था और उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार अलग-अलग रहता था इसलिए उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

    पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या अचानक हुए विवाद के बाद हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना की पूरी टाइमलाइन के साथ हत्या के कारण और आरोपी के बयानों की भी जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी 10 साल की बेटी की जान चली गई जबकि 8 साल का बेटा इस भयावह घटना का प्रत्यक्षदर्शी बन गया है।

  • करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

    करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए


    भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

    बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

    पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

    श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

    पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला

    घर में घुसा पड़ोसी युवक और युवती से दुष्कर्म का आरोप, विरोध पर बदनाम करने की धमकी; भाई से मारपीट का भी मामला


    शिवपुरी । शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में 21 वर्षीय युवती ने अपने पड़ोसी युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि युवक उसके घर में जबरदस्ती घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी और इसी के सहारे उसका लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। युवती ने 16 अगस्त की रात पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता के आरोपों के मुताबिक आरोपी युवक उसके पड़ोस में रहता है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती की। इसके बाद वह उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। युवती का आरोप है कि आरोपी की धमकियों के कारण वह लंबे समय तक परेशान रही और उसका शारीरिक शोषण जारी रहा। मामले की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच शुरू की है।

    मामले में आरोपी युवक पर पीड़िता के भाई के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि बीते शाम आरोपी धर्मेंद्र पर पीड़िता के भाई के साथ विवाद और मारपीट करने का आरोप लगा। इसके बाद पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को अपनी शिकायत दी। इस तरह मामले में युवती के आरोपों के साथ उसके भाई की शिकायत भी पुलिस जांच का हिस्सा बन गई है।

    पुलिस ने युवती और उसके भाई की शिकायत के आधार पर धर्मेंद्र शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म समेत कई संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने के साथ घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल करेगी।

    पुलिस का कहना है कि मामले में पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुष्कर्म के आरोप से जुड़े मामलों में पुलिस की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जाती है।

    फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती की शिकायत में घर में घुसकर दुष्कर्म करने और बाद में धमकी देकर शारीरिक शोषण जारी रखने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं उसके भाई की शिकायत में मारपीट का आरोप सामने आया है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • भोपाल में 17 साल के किशोर की हत्या से सनसनी: दो करोड़ के लालच में वारदात का आरोप, शरीर का हिस्सा गायब

    भोपाल में 17 साल के किशोर की हत्या से सनसनी: दो करोड़ के लालच में वारदात का आरोप, शरीर का हिस्सा गायब


    भोपाल  भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक किशोर को कथित तौर पर दो करोड़ रुपए कमाने के लालच में निशाना बनाया गया। पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद उसके शरीर के एक हिस्से को अलग कर कहीं भेजने की योजना बनाई गई थी। हालांकि इन आरोपों की पुलिस स्तर पर जांच और पुष्टि अभी जारी है।

    शाहजहांनाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मोती मस्जिद इकबाल मैदान समेत आसपास के इलाकों में फेरी लगाकर पेन और कॉपी बेचता था। उसकी कमाई से ही परिवार का गुजारा चलता था। छह अगस्त को वह इकबाल मैदान क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।

    करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को किशोर का शव छोटे तालाब से बरामद हुआ। शव की स्थिति खराब होने के कारण तत्काल पहचान नहीं हो सकी। बाद में कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर एक नाबालिग संदेही को हिरासत में लिया। पूछताछ में कथित तौर पर किशोर की हत्या और उसके शरीर के एक हिस्से को अलग किए जाने से जुड़ी जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने जोहेब नेहा समेत कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। करीब 13 लोगों से पूछताछ की जा रही है जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों ने नाबालिगों को कथित तौर पर यह लालच दिया था कि शरीर के एक विशेष अंग को विदेश भेजकर करोड़ों रुपए कमाए जा सकते हैं। इसी लालच में किशोर को मदद करने का भरोसा देकर सुनसान स्थान पर ले जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि हत्या के बाद शरीर के एक हिस्से को अलग किया गया और उसे दिल्ली के रास्ते विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। इस कथित सौदे में शामिल लोगों और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।

    आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार रात कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। छोटे तालाब और आसपास के इलाकों में भी तलाश अभियान चलाया गया लेकिन शव का लापता हिस्सा अभी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित साजिश के पीछे कौन लोग हैं और क्या वास्तव में किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से इसका संबंध है।

    मामले में उस समय एक नया मोड़ आया जब एक अन्य 17 वर्षीय किशोर अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचा। उसने आरोप लगाया कि संदिग्धों ने उसे भी निशाना बनाने की कोशिश की थी। किशोर के मुताबिक आरोपियों ने उसे पकड़कर गला दबाने की कोशिश की और हथियार दिखाए। वह किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर भाग गया। उसने यह भी दावा किया कि आरोपी आपस में हत्या के बाद शरीर से संबंधित हिस्सा निकालने की बात कर रहे थे।

    फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य फोकस आरोपों की पुष्टि करने के साथ शव के लापता हिस्से की बरामदगी और पूरी साजिश में शामिल लोगों की पहचान पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

  • डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    डेढ़ बजे राऊ में पुलिस की दबिश से मची भगदड़, जुआरी बाइक छोड़कर भागे; अड्डा संचालक की तलाश शॉर्ट डिस्क्रिप्शन


    इंदौर । इंदौर के राऊ इलाके में शनिवार देर रात पुलिस की कार्रवाई से जुआरियों में भगदड़ मच गई। पुलिस टीम ने पेट्रोल पंप के पास कथित रूप से संचालित जुए के अड्डे पर करीब रात डेढ़ बजे दबिश दी। पुलिस की गाड़ियां देखते ही वहां मौजूद जुआरी अपनी बाइक और ताश के पत्ते मौके पर छोड़कर खेतों की ओर भाग गए। अंधेरा होने के कारण कई संदिग्ध पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके। पुलिस टीम ने मौके पर खड़ी आधा दर्जन से ज्यादा बाइक जब्त की हैं और उन्हें थाने ले जाया गया है। पुलिस अब वाहनों के आधार पर फरार जुआरियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक इंदौर जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र रावत को राऊ इलाके में बड़े स्तर पर जुआ संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अलग अलग पुलिस टीमों को तैयार कर देर रात संदिग्ध स्थान पर भेजा गया। पुलिस को पेट्रोल पंप के आसपास जुआ चलाए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रात करीब डेढ़ बजे मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों को कार्रवाई की भनक लग गई। पुलिस की गाड़ियां देखकर जुआ खेल रहे लोग मौके से भागने लगे। कई जुआरी खेतों की तरफ दौड़ गए। रात का अंधेरा होने के कारण पुलिस के लिए खेतों में भागे लोगों का पीछा करना मुश्किल रहा। भागने के दौरान जुआरी अपनी बाइक तक मौके पर छोड़ गए। पुलिस को वहां ताश के पत्ते भी मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद वाहनों को जब्त कर लिया।

    पुलिस अब जब्त की गई बाइकों के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि मौके पर कौन कौन लोग मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जब्त वाहन वास्तव में जुआ खेलने आए लोगों के थे या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत हैं। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक राऊ क्षेत्र में जिस स्थान पर कार्रवाई की गई वहां पिछले कुछ दिनों से जुआ संचालित होने की जानकारी मिल रही थी। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह से यहां लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गतिविधि के पीछे कौन लोग थे और कथित जुए का अड्डा किसके इशारे पर चल रहा था।

    इस कार्रवाई को हाल में इंदौर के दूसरे इलाकों में जुए के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में जुआरियों को पकड़ा था। उस कार्रवाई में करीब दो दर्जन लोगों के पकड़े जाने और बड़ी रकम बरामद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर जुए से जुड़े कुछ लोगों ने राऊ इलाके में अपना नया ठिकाना बना लिया था। हालांकि इस कड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    राऊ पुलिस की देर रात हुई कार्रवाई के बाद इलाके में जुआ संचालकों और जुआ खेलने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति है। पुलिस अब जब्त बाइकों के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्धों की पहचान की जा सकती है।

    फिलहाल पुलिस ने मौके से मिले वाहनों और ताश के पत्तों को जांच में शामिल किया है। पुलिस का कहना है कि फरार लोगों की पहचान और भूमिका सामने आने के बाद संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से एक बात साफ है कि पुलिस को यदि किसी क्षेत्र में लंबे समय से जुआ संचालित होने की सूचना मिलती है तो वह देर रात भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रही है।

  • 5 किलो सोने की लूट या कुछ और? रतलाम में व्यापारी की कहानी पर पुलिस को संदेह, दोस्त के पास से 300 ग्राम से ज्यादा सोना बरामद

    5 किलो सोने की लूट या कुछ और? रतलाम में व्यापारी की कहानी पर पुलिस को संदेह, दोस्त के पास से 300 ग्राम से ज्यादा सोना बरामद


    रतलाम रतलाम में सराफा व्यापारी से करीब 5 किलो सोने के गहने लूटने के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही कहानी में नया मोड़ आ गया है। व्यापारी अर्पित चौरड़िया ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि बस में सफर के दौरान दो बदमाश उसका बैग छीनकर फरार हो गए। व्यापारी के मुताबिक बैग में करीब 7.5 करोड़ रुपए कीमत के सोने के गहने और 3 लाख रुपए नकद थे। शुरुआती शिकायत के बाद पुलिस ने लूट की घटना मानकर बदमाशों की तलाश शुरू की थी लेकिन जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्यों ने पुलिस का शक व्यापारी की ओर भी मोड़ दिया है।

    पुलिस की जांच में सामने आया कि कथित वारदात के बाद व्यापारी ने अपने दोस्त विक्की अग्रवाल को बुलाया था। बताया जा रहा है कि व्यापारी ने उसे एक बैग सौंपा जिसमें करीब 300 से 350 ग्राम सोने के बिस्किट और आभूषण थे। बरामद किए गए इस सोने की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। खास बात यह है कि शिकायत के समय व्यापारी ने पुलिस को इस सोने के बारे में जानकारी नहीं दी थी। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दोस्त तक पहुंचकर उसके पास से सोना बरामद किया।

    अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर व्यापारी के पास मौजूद सोना लुट गया था तो घटना के बाद उसके दोस्त के पास करीब 300 से 350 ग्राम सोना कैसे पहुंचा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि व्यापारी ने दोस्त को सोना किस स्थिति में सौंपा था और शिकायत दर्ज कराने से पहले उसने किन लोगों से संपर्क किया था। इसी वजह से पुलिस पूरे घटनाक्रम को अलग अलग एंगल से खंगाल रही है।

    व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले में बड़नगर गया था और रात करीब 8.15 बजे बस से रतलाम के लिए रवाना हुआ। उसके मुताबिक बड़नगर से कुछ संदिग्ध लोग भी बस में सवार हुए और अलग अलग सीटों पर बैठ गए। रात करीब 9.15 बजे बस रेनमऊ फंटे के आसपास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर के पास बैठे एक व्यक्ति ने बस रुकवाई और व्यापारी के पीछे बैठे दो लोगों ने उसका बैग छीन लिया। इसके बाद आरोपी बस से उतरकर बाइक सवार साथियों के साथ फरार हो गए।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से आसपास के इलाके में तलाश की और बस के रूट के साथ संभावित सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। शुरुआती जानकारी में पांच संदिग्धों के बस में सवार होने की बात सामने आई थी। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में बस में मौजूद बदमाशों ने व्यापारी का बैग छीना था या वारदात की कहानी में कोई और कड़ी छिपी हुई है।

    जांच में यह भी सामने आया है कि व्यापारी ने बड़नगर में करीब 10 कारोबारियों के साथ सोने के सौदे किए थे। अलग अलग कारोबारियों को कुछ ग्राम सोना और आभूषण बेचने के बाद वह रतलाम लौट रहा था। पुलिस अब इन सभी लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि व्यापारी के पास वास्तव में कितनी मात्रा में सोना था।

    फिलहाल पुलिस ने व्यापारी के दोस्त से बरामद सोना अपने कब्जे में ले लिया है और व्यापारी तथा उसके दोस्त से पूछताछ जारी है। साथ ही पुलिस लूट की शिकायत में बताए गए सोने की वास्तविक मात्रा का मिलान बिलों और दूसरे दस्तावेजों से कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित लूट में शामिल बदमाश कौन थे और अगर लूट हुई तो वे किस रास्ते से भागे। फिलहाल करोड़ों रुपए की इस कथित लूट में पुलिस की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि वास्तव में कितना सोना लूटा गया और व्यापारी ने पुलिस को पूरी जानकारी क्यों नहीं दी।