Tag: Madhya Pradesh crime

  • इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल

    इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल


    इंदौर । इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर चाचा और भतीजे के साथ अपहरण और बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। बाइक से जा रहे दोनों को आधा दर्जन बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया और जबरन अपने साथ ले गए। आरोपी उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित एक खदान पर ले पहुंचे। वहां रितिक यादव के बारे में पूछताछ करते हुए दोनों के साथ डंडों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी दोनों को छोड़कर भाग निकले। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों और उनके अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक फरियादी रितिक सिंह उर्फ रुद्रसिंह निवासी ग्राम बिहाड़िया अपने भतीजे अभिषेक पटेल के साथ बाइक से सनन चाय कंपनी जा रहे थे। शनिवार दोपहर जब वे शिवाजी राव कदम कॉलेज तिल्लोरखुर्द के पास पहुंचे तो दो बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों में कुणाल उर्फ टीटू गुर्जर और अनुज गुर्जर निवासी ग्राम दूधिया तथा रोहित चौधरी निवासी तिल्लोर बामन टेकरी शामिल थे। इनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    रास्ते में रोकने के बाद कुणाल गुर्जर ने रितिक सिंह से पूछा कि क्या वह रितिक यादव को जानता है। रितिक सिंह ने पहचान होने की बात स्वीकार की तो आरोपियों ने दोनों चाचा-भतीजे को अलग-अलग बाइक पर जबरन बैठा लिया। इसके बाद उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित खदान पर ले जाया गया। वहां बदमाशों ने रितिक यादव को छिपाकर रखने के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी। दोनों ने इस बारे में जानकारी होने से इनकार किया तो आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।

    पीड़ितों के विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कुणाल अनुज रोहित और उनके साथियों ने खदान के पास पड़े डंडों से दोनों को पीटा। थप्पड़ भी मारे गए। अचानक हुए हमले से चाचा-भतीजे खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण वे उनका मुकाबला नहीं कर सके। इसी दौरान वहां से गुजर रहे आनंद यादव और अन्य राहगीरों की नजर दोनों पर पड़ी। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए बदमाशों को रोकने की कोशिश की। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से भाग निकले।

    आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए। मारपीट और अफरा-तफरी के दौरान पीड़ितों का पर्स और हाथ की अंगूठी भी गिर गई। घटना के बाद दोनों पीड़ित खुड़ैल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराया और तीन नामजद आरोपियों सहित उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

    पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ मारपीट और जबरन ले जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। दिनदहाड़े कॉलेज के पास से चाचा-भतीजे को जबरन ले जाकर खदान में पीटने की इस घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहगीरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण दोनों को आरोपियों के चंगुल से निकलने का मौका मिला।

  • पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच

    पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ा बोंदर इलाके में करवा चौथ के बाद पति पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय शिवानी और उसके 26 वर्षीय पति सूरज अहिरवार की मौत से परिवार में मातम छा गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात पहले शिवानी का शव घर के बेडरूम में फंदे से लटका मिला। इसके कुछ घंटे बाद सूरज का शव घर से करीब 100 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। दोनों ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक शिवानी ने करवा चौथ पर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। रात में दोनों ने साथ बैठकर व्रत खोला और भोजन किया। इसके बाद सूरज रात करीब 11:30 बजे पत्नी को बिना बताए घर से बाहर चला गया। बताया जा रहा है कि शिवानी चाहती थी कि करवा चौथ के दिन उसका पति उसके साथ समय बिताए। सूरज के अचानक घर से चले जाने के कारण वह नाराज थी। हालांकि इस घटनाक्रम और दोनों की मौत के बीच संबंध को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 2:30 बजे सूरज घर लौटा तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने एक छेद से कमरे के अंदर झांककर देखा। वहां शिवानी का शव फंदे से लटका हुआ था। पत्नी को इस हालत में देखकर सूरज ने घर में मौजूद अपनी दादी को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया और शिवानी को नीचे उतारा गया। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

    शिवानी की मौत के बाद सूरज भी किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ पर सूरज का शव फंदे से लटका मिला। एक ही रात में पति और पत्नी की मौत की खबर से परिवार के लोग सदमे में आ गए। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों घटनाओं की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि शिवानी की मौत के बाद सूरज बेहद दुखी था। यह भी बताया गया कि घर से निकलते समय उसने कथित तौर पर शिवानी नहीं तो मैं भी नहीं जैसी बात कही थी। हालांकि पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए मौत के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जानकारी के मुताबिक सूरज गांव में खेती किसानी के साथ मजदूरी भी करता था। शिवानी और सूरज की शादी को करीब पांच साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। खबरों में यह भी बताया गया है कि संतान नहीं होने को लेकर शिवानी परेशान रहती थी। पुलिस इस पहलू समेत पारिवारिक परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    खजूरी थाना पुलिस ने दोनों मौतों के मामलों में मर्ग कायम किया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए बयानों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है और किसी एक वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है।

  • इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक 25 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं। वहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल नजदीकी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि युवक ने जान देने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रवि सोलंकी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। वह जगदीश सोलंकी का बेटा था और श्रीराम नगर में रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रवि देर रात ऑटो लेकर घर पहुंचा था। घर आने के बाद वह ऊपर बने अपने कमरे में चला गया। परिवार के लोगों को उस समय किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। रात करीब दो बजे जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो वह फंदे पर लटका मिला। इसके बाद घर में अफरा तफरी मच गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

    परिवार के मुताबिक रवि की पत्नी करीब आठ दिन पहले विवाद के बाद अपने मायके बागली चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौट रही थी। पत्नी के घर छोड़कर जाने और वापस नहीं आने की बात को लेकर रवि परेशान चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इस पारिवारिक विवाद का असर उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सामने आए वीडियो ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। बताया गया है कि रवि ने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने पत्नी के अलावा भोपाल में रहने वाले अपने साढ़ू भाई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार भी बताया है। युवक के इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस वीडियो की सामग्री और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रवि और उसकी पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और युवक ने वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया है उनकी इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकेगा।

  • शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गुना बायपास की थीम रोड पर एक पुल के नीचे 28 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। शव के पास ही उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बेटे का शव देखकर उनके पिता सुरेश शर्मा सदमे में आ गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। मृतक के पिता ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पुल के नीचे फेंका गया है। हालांकि अभी तक युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जानकारी के मुताबिक शिवम शर्मा शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी में रहते थे और एक निजी सोलर कंपनी में नौकरी करते थे। गुरुवार शाम वह अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह कुछ देर में वापस लौट आएंगे लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और युवक की तलाश शुरू कर दी गई।

    शुक्रवार सुबह कोतवाली पुलिस शिवम की गुमशुदगी दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुना बायपास की थीम रोड पर श्रीराम धर्म कांटे के पास पुल के नीचे एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी मिली। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

    जैसे ही पिता सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। सदमे के कारण वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    बताया गया है कि शिवम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता सुरेश शर्मा पटवारी हैं। उन्होंने बेटे की मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी ने शिवम की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया होगा। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से युवक की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम की मौत सड़क हादसे में हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • सीहोर में खूनी संघर्ष से दहला गांव, किसान की मौत के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप, चौकी से मदद नहीं मिलने का दावा

    सीहोर में खूनी संघर्ष से दहला गांव, किसान की मौत के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप, चौकी से मदद नहीं मिलने का दावा


    सीहोर । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में जमीन के पट्टे की लिखा पढ़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक घटना में बदल गया। भेरूंदा तहसील के एक गांव में मंगलवार रात घर में खाना खा रहे 50 वर्षीय किसान रामद्वार मेहर पर लाठी डंडों और तलवारों से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में किसान के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें बचाने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी पीटा गया। गंभीर रूप से घायल रामद्वार मेहर ने बुधवार सुबह भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में उनके बेटे का कान कटने और चार साल की पोती का पैर टूटने की बात भी सामने आई है। परिवार की अन्य महिलाएं भी घायल हुई हैं।

    परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात परिवार घर में मौजूद था। रामद्वार मेहर खाना खा रहे थे तभी संतोष उसके बेटे रितेश बलराम दुर्गेश समेत अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी लाठी डंडों और तलवारों से लैस थे। उन्होंने घर में घुसकर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला। रामद्वार को बचाने के लिए जब उनके बेटे और अन्य परिजन आगे आए तो उन पर भी हमला किया गया। परिजनों ने घर में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी लगाया है।

    पट्टे की लिखा पढ़ी के दौरान शुरू हुआ विवाद

    मृतक के बेटे अरुण के मुताबिक गांव में जमीन के पट्टे तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। 26 अक्टूबर को पटवारी गांव आया था। इसी दौरान उनकी जमीन के पट्टे से जुड़ी लिखा पढ़ी की जा रही थी। अरुण का आरोप है कि वहां मौजूद संतोष ने धक्का लगने की बात पर विवाद शुरू कर दिया था। अरुण के अनुसार उन्होंने विवाद बढ़ाने के बजाय वहां से जाना उचित समझा क्योंकि संतोष उनसे उम्र में बड़ा था।

    अरुण ने बताया कि उन्होंने बाद में अपने पिता को इस घटना के बारे में बताया। उनके पिता ने संतोष को समझाने की कोशिश की थी। परिवार का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने तीन दिन बाद मंगलवार रात उनके घर पर हमला कर दिया। हालांकि विवाद की पूरी वजह और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बेटे का कान कटा और मासूम का पैर टूटा

    हमले में रामद्वार मेहर के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया था जहां बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। बेटे अरुण के मुताबिक हमले के दौरान उनका एक कान कट गया जबकि उनकी चार साल की बेटी का पैर टूट गया। उनकी मां और बहन को भी चोटें आई हैं। किसान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक ही घटना में परिवार के कई सदस्यों के घायल होने से परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस चौकी से मदद नहीं मिलने का आरोप

    घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अरुण का आरोप है कि हमले के दौरान वह मदद मांगने के लिए गांव के पास स्थित लाड़कुई पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनके मुताबिक उस समय हमलावर घर में तोड़फोड़ कर रहे थे और उन्होंने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी। अरुण का दावा है कि वहां करीब पांच पुलिसकर्मी मौजूद थे लेकिन उन्हें तत्काल मदद देने के बजाय भेरूंदा थाने जाकर शिकायत करने की सलाह दी गई।

    परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंचती तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि चौकी पर सूचना दिए जाने और पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में घटना के कारणों आरोपियों की भूमिका और पुलिस को सूचना मिलने के बाद की कार्रवाई की जांच महत्वपूर्ण होगी। किसान की मौत और परिवार के सदस्यों के घायल होने के बाद अब परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • जबलपुर में देवी जागरण और भंडारे में खूनी बवाल, बुलेट धीरे चलाने की बात पर लौटे 6-7 युवक और मचा दिया तांडव

    जबलपुर में देवी जागरण और भंडारे में खूनी बवाल, बुलेट धीरे चलाने की बात पर लौटे 6-7 युवक और मचा दिया तांडव


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में देवी जागरण और भंडारे के दौरान मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद हिंसक हो गया। रांझी थाना क्षेत्र के आजाद नगर में रविवार देर रात कुछ युवकों ने लाठी डंडों और धारदार हथियारों से लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में दो महिलाओं सहित आठ लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

    जानकारी के मुताबिक आजाद नगर में दुर्गा उत्सव के समापन के अवसर पर देवी जागरण और भंडारे का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए थे। रात करीब एक बजे जब जागरण चल रहा था और भंडारे में लोगों की भीड़ मौजूद थी तभी बुलेट पर सवार दो युवक तेज रफ्तार से वहां से निकले। आयोजन स्थल पर बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थे। ऐसे में लोगों ने दोनों युवकों को रोककर बाइक धीरे चलाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ देर तक कहासुनी होने के बाद दोनों युवक वहां से चले गए।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विवाद खत्म होने के करीब 15 से 20 मिनट बाद छह से सात युवक लाठी डंडे और धारदार हथियार लेकर वापस पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से कार्यक्रम में अफरा तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागने लगे। हमले में रवि गोटिंया रागिनी गोटिंया पप्पू वर्मा अनुज कोल पारस यादव आदि गोटिंया बिट्टू झारिया और मनीषा गोटिंया घायल हुए हैं। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। स्थानीय निवासी और पार्षद पति राजेश कुमार यादव ने बताया कि यहां हर साल दुर्गा उत्सव के समापन पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें आसपास के क्षेत्रों से भी लोग शामिल होते हैं। उनके मुताबिक इस बार भी जागरण और भंडारे में काफी भीड़ थी। बाइक तेज गति से निकालने से रोकने पर विवाद शुरू हुआ और बाद में आरोपियों ने लौटकर हमला कर दिया।

    राजेश यादव ने बताया कि घटना के पीछे किसी पुरानी रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई में देरी होती है तो स्थानीय लोग प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

    रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के मुताबिक शुरुआती जांच में समीर वंशकार का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया है। पुलिस के अनुसार पहले कुछ लोगों पर हमला किया गया और जब अन्य लोग बीच बचाव करने पहुंचे तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। आरोप है कि हमलावरों में से एक ने धारदार हथियार से वार किया। पुलिस सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

    घटना से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई है कि जिस देवी जागरण में विवाद हुआ वहां स्थानीय विधायक भी शामिल हुए थे। हालांकि वे घटना से कुछ देर पहले ही कार्यक्रम स्थल से निकल चुके थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

  • भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम

    भिंड में पशुशाला में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या, परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर किया चक्काजाम


    भिंड । मध्‍य प्रदेश के भिंड जिले के मिहोना थाना क्षेत्र के चांदौख गांव में 35 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। युवक बुधवार रात गांव के पास स्थित पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजनों को उसका शव चारपाई पर मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। शुरुआती तौर पर कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने संदेहियों के खिलाफ नामजद एफआईआर की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विश्व प्रताप सिंह राजावत उर्फ वीपी सिंह (35), निवासी चांदौख गांव के रूप में हुई है। वह गुरुवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद गांव के पास बनी पशुशाला में सोने गया था। शुक्रवार सुबह परिजन मवेशियों की देखभाल के लिए वहां पहुंचे तो वीपी सिंह चारपाई पर मृत मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से हमले के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शुरुआती जानकारी के आधार पर हत्या में कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हथियार और हत्या के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    परिजनों ने परिवार के कुछ नजदीकी लोगों पर हत्या में शामिल होने का संदेह जताया है। उनका कहना है कि संबंधित लोगों के साथ पुरानी बातों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दो-तीन दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। परिजनों को आशंका है कि इसी रंजिश के चलते वीपी सिंह की हत्या की गई है। हालांकि, परिजनों की ओर से जताई गई आशंका और आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-552 पर पहुंचे और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि जिन लोगों पर उन्हें हत्या का संदेह है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए। परिजनों ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच किए जाने की बात पर आपत्ति जताई। इस दौरान मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई और हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    मामले में एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि वीपी सिंह की हत्या की जांच की जा रही है। परिजनों की बात सुनी गई है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • कन्या भोज के बाद इंदौर में बवाल, बच्चियों पर पैसे चोरी का आरोप लगाकर मारपीट की शिकायत, शिक्षिका ने दी सफाई

    कन्या भोज के बाद इंदौर में बवाल, बच्चियों पर पैसे चोरी का आरोप लगाकर मारपीट की शिकायत, शिक्षिका ने दी सफाई


    इंदौर । इंदौर में कन्या भोज के लिए गईं सात बच्चियों से कथित मारपीट और उन्हें फ्लैट में बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। घटना शहनाई रेसीडेंसी की बताई जा रही है जहां परिजनों की शिकायत के बाद एमआईजी पुलिस ने 62 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि बच्चियों को कन्या भोज और उपहार देने के बहाने फ्लैट में ले जाया गया और वहां चोरी का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट की गई। वहीं शिक्षिका ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि मंदिर में रखे रुपए गायब होने के बाद उन्होंने बच्चियों से केवल पूछताछ की थी और किसी के साथ मारपीट नहीं की।

    परिजनों के मुताबिक बच्चियां कन्या पूजन के लिए शहनाई रेसीडेंसी गई थीं। वहां अलग-अलग फ्लैट में कन्या भोज और पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। बच्चियों को खाना और उपहार मिलने की उम्मीद थी लेकिन कुछ समय बाद जब वे घर नहीं लौटीं तो परिवार के लोग परेशान हो गए। उनकी तलाश करते हुए परिजन सोसाइटी पहुंचे। उनका आरोप है कि बच्चियां एक फ्लैट से रोते हुए नीचे आईं और उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। परिवार का दावा है कि बच्चियों को करीब चार घंटे तक फ्लैट में रोके रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चियों से वीडियो बनवाकर उनसे रुपए लेने की बात कहलवाई गई। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।

    दूसरी ओर रिटायर्ड शिक्षिका अनिता मोहता ने परिजनों के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बच्चियां खुद उनके फ्लैट पर आई थीं और उन्होंने खाना मांगा था। इसके बाद उन्होंने बच्चियों को अंदर बैठाया और उनके लिए दाल चावल बनाने लगीं। शिक्षिका के मुताबिक बच्चियों ने बताया था कि वे सोसाइटी के दूसरे फ्लैट से आ रही हैं। बाद में उन्हें मंदिर में रखे रुपए और लिफाफे गायब होने की जानकारी मिली। अनिता का दावा है कि जब बच्चियां दोबारा उनके पास आईं तो उन्होंने रुपए के बारे में पूछा। इस दौरान बच्चियों ने एक बच्ची की ओर इशारा किया और पूछताछ में रुपए लेने की बात सामने आई। शिक्षिका ने कहा कि उन्होंने बच्चियों को नहीं पीटा और न ही उन्हें बंधक बनाया। उनके अनुसार वे खुद बच्चियों को नीचे छोड़ने गई थीं।

    सोसाइटी के कुछ रहवासियों और सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक बच्चियां दोपहर करीब 12 बजे परिसर में पहुंची थीं। वे अलग-अलग फ्लैट में कन्या पूजन के लिए गई थीं जहां उन्हें रुपए और उपहार दिए गए। रहवासियों ने बताया कि बच्चियां हर साल कन्या पूजन के लिए सोसाइटी आती हैं। हालांकि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में मेडिकल जांच की जानकारी भी सामने आई है। परिजनों ने बच्चियों के हाथ-पैरों और गालों पर चोट के आरोप लगाए थे लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट से लगी किसी चोट की पुष्टि नहीं हुई। वहीं सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिजनों का कहना है कि परिसर में कैमरे लगे हैं जबकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संबंधित फ्लैट और उसी मंजिल पर कैमरे नहीं थे।

    पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर बच्चियों के बयान लिए हैं। अब जांच में शिकायतों और शिक्षिका के पक्ष के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

  • पत्नी को दूसरे युवक के साथ देख पति ने खोया आपा, शिवपुरी में बीच सड़क पर मारपीट, महिला की शिकायत पर कार्रवाई

    पत्नी को दूसरे युवक के साथ देख पति ने खोया आपा, शिवपुरी में बीच सड़क पर मारपीट, महिला की शिकायत पर कार्रवाई


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में धार्मिक पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर मंगलवार को पति पत्नी के बीच विवाद का मामला सामने आया। आरोप है कि पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर पति भड़क गया और अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को थाने ले गई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार पूजा मंगलवार दोपहर अपने एक दोस्त के साथ शिवपुरी के भदैया कुंड घूमने पहुंची थी। इसी दौरान वहां उसका पति गोविंद भी पहुंच गया। पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर वह नाराज हो गया। आरोप है कि इसके बाद गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया गया है कि महिला के दोस्त के पैर बांध दिए गए और फिर दोनों को बेल्ट से पीटा गया। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बुधवार को यह वीडियो सामने आया जिसमें दो युवक महिला और एक युवक को बेल्ट से मारते दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित लोगों को फिजिकल थाने पहुंचाया। इसके बाद महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि घटना के सभी पहलुओं और मारपीट से पहले हुए विवाद की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया गया है कि पूजा और गोविंद के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी वजह से महिला कुछ दिनों से अपने मायके में रह रही थी। मंगलवार को भदैया कुंड पर दोनों का आमना-सामना हुआ और इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पति ने गुस्से में आकर कानून अपने हाथ में ले लिया और पत्नी तथा उसके दोस्त के साथ मारपीट की। घरेलू विवाद की स्थिति में इस तरह हिंसा करना कानूनन कार्रवाई का कारण बन सकता है। किसी भी विवाद का समाधान मारपीट के जरिए नहीं किया जा सकता।

    फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि महिला की शिकायत पर गोविंद के खिलाफ मारपीट से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही शांति भंग करने के मामले में बुधवार को उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर विवाद के दौरान हिंसा की समस्या को सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मामले में अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे के तथ्य सामने आएंगे।

  • सिंगरौली में मासूम के साथ कथित अत्याचार का मामला, बिगड़ी बच्ची की तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी

    सिंगरौली में मासूम के साथ कथित अत्याचार का मामला, बिगड़ी बच्ची की तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी


    सिंगरौली । सिंगरौली में 8 साल की मासूम से कथित प्रताड़ना का मामला, गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज जारी
    मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बालिका के साथ कथित दुष्कर्म और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायत में बालिका के पिता पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है जबकि उसकी सौतेली मां पर मारपीट करने और गर्म चिमटे से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। बालिका की तबीयत लगातार बिगड़ने के बाद उसे जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उसे गंभीर संक्रमण और दोनों किडनियों में पथरी की समस्या है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। मामले में बालिका की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर बाल कल्याण समिति तथा संबंधित अधिकारी भी निगरानी कर रहे हैं।

    शिकायत के मुताबिक ग्राम गुलहरिया निवासी प्रेम सिंह गोड़ ने अपनी आठ वर्षीय भतीजी के लापता होने के बाद उसकी तलाश शुरू की थी। 22 अगस्त 2026 को उन्हें सूचना मिली कि बालिका झगरौहा स्कूल के पास मौजूद है। वहां पहुंचने के बाद बालिका ने घर से चले आने की वजह बताते हुए कथित प्रताड़ना की जानकारी दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि करीब दो महीने पहले उसकी सौतेली मां ने रात के समय गर्म चिमटे से उसे दागा था। इसके अलावा मारपीट करने पर्याप्त भोजन नहीं देने और घर से निकालने जैसे आरोप भी लगाए गए। बालिका के पिता पर भी गंभीर आरोप दर्ज कराए गए। इन आरोपों के संबंध में पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति महत्वपूर्ण है।

    मामले की जानकारी सामने आने के बाद बालिका को संरक्षण देने के लिए प्रशासन ने कदम उठाए। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशन में उसे बाल कल्याण समिति सिंगरौली की देखरेख में जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। बाद में देखभाल और सुरक्षा के लिए वन स्टॉप सेंटर में व्यवस्था की गई। अधिकारियों के मुताबिक बालिका को भोजन चिकित्सा सुविधा और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। उसकी पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से उसे डे केयर ओएसएच से भी जोड़ा गया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राम दयाल पाण्डेय और अन्य सदस्यों सहित बाल संरक्षण से जुड़े कर्मियों ने उसकी देखरेख में सहयोग किया।

    बालिका के स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर 10 सितंबर 2026 को उसे वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या आश्रयशाला बंजारी में दाखिल कराया गया था। हालांकि कुछ समय बाद तेज पेट दर्द की शिकायत के चलते उसे फिर अस्पताल लाना पड़ा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जांच में पित्ताशय में बड़ी पथरी होने का पता चला। जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. बालेन्दु शाह ने ऑपरेशन कर पथरी निकाली। इसके बाद हालत में कुछ सुधार होने पर बालिका को दोबारा आश्रयशाला भेजा गया।

    लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उसे यूरिन संक्रमण की शिकायत हुई और पेशाब में खून आने की जानकारी सामने आई। आगे की जांच में दोनों किडनियों में पथरी और निजी अंगों में गंभीर संक्रमण की बात बताई गई। इन स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बालिका को दोबारा जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उसका उपचार जारी है और स्वास्थ्य को लेकर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।

    शिकायत के बाद पुलिस ने बालिका के पिता हीरा सिंह गोड़ और सौतेली मां सविता सिंह गोड़ की तलाश शुरू की थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पिता की आत्महत्या से मौत हो गई जबकि सौतेली मां के फरार होने की बात सामने आई है। उनकी वर्तमान स्थिति और मामले में आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल प्राथमिकता बालिका को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षा सहित दीर्घकालीन पुनर्वास की व्यवस्था बनाए रखने की है। बालिका की पहचान गोपनीय रखना भी आवश्यक है।