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  • रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी

    रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी और सात दिन बाद तालाब से मिली लाश ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुरुआत में यह मामला गुमशुदगी या हादसे का माना जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में सामने आए एक फोन कॉल कर्ज के विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं ने इस हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है। करेली निवासी 32 वर्षीय सपनेश पटेल शाम के समय अपने काम से लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक परिचित का फोन आया जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सपनेश तुरंत वहां जाने के लिए निकल गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। रात भर इंतजार करने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

    अगले दिन परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस बीच गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने बताया कि सपनेश पर पहले भी कर्ज था और संभव है कि वह फिर कहीं चला गया हो। हालांकि पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि लापता होने से पहले सपनेश की आखिरी बातचीत उनके रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल से हुई थी। पूछताछ में सूर्यप्रकाश ने स्वीकार किया कि उसने ही सपनेश को शराब पार्टी के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद वह लगातार यही कहता रहा कि सपनेश शायद कर्ज के कारण कहीं चला गया होगा। उसके बयान पुलिस के संदेह को और गहरा करते गए।

    सात दिन बाद डूडा गांव के पास एक तालाब में ग्रामीणों ने एक शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों से पहचान कराई। शव सपनेश का ही था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुका था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे बड़ा खुलासा किया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। गले पर तार जैसी किसी वस्तु से कसने के स्पष्ट निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

    इसी दौरान सपनेश के भाई ने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रकाश का उनके घर में लगातार आना जाना था और उसने कई बार उसे सपनेश की पत्नी के साथ बेहद घुलते मिलते देखा था। इस जानकारी के बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि हत्या के पीछे असली वजह कर्ज थी या पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई विवाद।

    फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह किसी विवाद का नतीजा थी। इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।

  • रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार

    रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पन्नू का पुरा में एक कलयुगी दादा (बाबा) ने अपनी ही 4 साल की मासूम पोती/नातिन के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। यह घटना उस वक्त की है जब मासूम की मां अस्पताल में प्रसव पीड़ा झेल रही थी और एक नवजात शिशु को जन्म दे रही थी। परिवार ने जिस दादा के भरोसे अपनी 4 साल की बच्ची को घर पर छोड़ा था, उसी ने उसकी बेबसी का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी का माहौल व्याप्त है

    मासूम की तोतली जुबान ने खोला खौफनाक राज
    इस रूह कंपा देने वाले सच का खुलासा तब हुआ जब मां अस्पताल में डिलीवरी के बाद अपने नवजात बच्चे को लेकर घर लौटी। घर आते ही मां ने देखा कि उसकी 4 साल की मासूम बेटी अत्यंत पीड़ा में है और उसे लगातार ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हो रही है। बेटी की यह हालत देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराए परिजन आनन-फानन में बच्ची को लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टरों ने जब बच्ची का गंभीर परीक्षण किया, तो उन्होंने साफ तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि की। डॉक्टरों की बात सुनकर परिवार सन्न रह गया। इसके बाद जब डरी-सहमी मासूम बच्ची से उसकी मां ने दुलारते हुए पूछताछ की, तो बच्ची ने रोते हुए अपनी तोतली जुबान में जो दास्तान बयां की, उसे सुनकर मां का कलेजा फट गया। मासूम ने बताया कि उसकी मां की गैरमौजूदगी में उसके सगे दादा ने ही उसके साथ यह गंदा काम किया था।

    अस्पताल में इलाज जारी, आरोपी दादा की तलाश में पुलिस की दबिश
    बच्ची की स्थिति नाजुक होने के कारण परिजन उसे तुरंत जिला चिकित्सालय मुरैना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की विशेष देखरेख में उसका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। चूंकि मामला बेहद गंभीर और आपराधिक था, इसलिए ड्यूटी डॉक्टर ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय जौरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए जिला चिकित्सालय पहुंची और पीड़ित बच्ची की मां व अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसआई जेपी शर्मा के मुताबिक, घटना के बाद से ही कलयुगी आरोपी दादा घर से फरार है। पुलिस की कई टीमें गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून के शिकंजे से आरोपी ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएगा और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।

  • मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक

    मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी बड़े पापा (ताऊ) ने अपनी ही 6 साल की मासूम भतीजी को अपनी हवस और दुश्मनी का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर कर दिया है। आरोपी ने मासूम के साथ यह दरिंदगी सिर्फ इसलिए की क्योंकि उसका बच्ची की मां से विवाद चल रहा था।

    पीड़ित बच्ची ने खुद अस्पताल में अपनी मां को रोते हुए इस बात की गवाही दी। मां के अनुसार, जब मासूम दर्द से तड़प रही थी और आरोपी से गिड़गिड़ाते हुए कह रही थी- “बड़े अब्बू छोड़ दो”, तब उस हैवान का दिल पसीजने के बजाय उसने बेहद क्रूरता से जवाब दिया- “तेरी मां ज्यादा चपड़-चपड़ करती है।” पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी 3 जून को आरोपी ने बच्ची की मां के साथ घरेलू विवाद को लेकर बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद 4 जून की रात उसने इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसका गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की।

    अस्पताल के बिस्तर पर बेहाल मां; तड़प रही मासूम और डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी
    इस समय 6 साल की वह मासूम रीवा के संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में बेहद गंभीर चोटें आई हैं और उसे लगातार ब्लीडिंग हो रही है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम आईसीयू में चौबीसों घंटे उसकी सेहत और सांसों पर पैनी नजर रखे हुए है।

    अस्पताल के बाहर पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी सुध-बुध खो चुकी मां ने सुबकते हुए कहा कि जिस बच्ची के हाथों में आज खिलौने होने चाहिए थे, उसके पूरे शरीर पर इलाज की सुइयां और दवाइयों की पाइपें लगी हुई हैं। मां ने रुंधे गले से कहा- “मेरी मासूम बच्ची ने किसी का क्या बिगाड़ा था? उस दरिंदे ने मेरी बेटी की हंसी और उसका बचपन सब कुछ छीन लिया। जब भी आईसीयू का दरवाजा खुलता है, मेरी धड़कनें थम जाती हैं। मेरी बस एक ही मांग है कि मेरी बेटी को न्याय मिले और दोषी को ऐसी खौफनाक सजा दी जाए जिसे देखकर आगे कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।”

    समाज में भारी आक्रोश; 30 मामलों का पुराना अपराधी है फरार आरोपी
    इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके और पड़ोसियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के मुंह पर तमाचा है। मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना किसी नरमी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए नजीर बने।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी मुस्तैदी से आरोपी की तलाश में जुटी है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी का अपने भाई के साथ संपत्ति को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। आरोपी कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी है, जिस पर शहर के अलग-अलग थानों में मारपीट, चोरी और लूट जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। घटना के समय बच्ची का पिता भी एक अन्य लूट के मामले में जेल में बंद था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की कई टीमें जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं और अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया

    ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया


    ग्वालियर । ग्वालियर किले की ऐतिहासिक सैर उस समय एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब छत्तीसगढ़ से आए एक पर्यटक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना सोमवार शाम किले के मुख्य गेट के पास उस समय हुई जब परिवार के साथ आए पर्यटक किला घूम रहे थे।

    मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सूरजपुर निवासी 35 वर्षीय प्रमोद देवगन के रूप में हुई है। वह अपने बहनोई और बहन के साथ ग्वालियर घूमने आए थे और घाटीगांव में अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। सोमवार को पूरा परिवार ग्वालियर किला देखने पहुंचा था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई।

    जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे परिवार किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पास पहुंचा ही था कि ढलान से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान ट्रक ने प्रमोद को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन चीख-पुकार करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे की कार के स्टाफ ने घायल को अपनी गाड़ी से तुरंत जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं था। बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ ही पलों में पर्यटन का आनंद मातम में बदल गया और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

    घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसा ढलान और तेज रफ्तार के कारण हुआ, जिससे ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

    बहोड़ापुर थाना पुलिस के अनुसार, आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण सीधे फुटेज उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस अब आसपास के अन्य मार्गों और कैमरों की मदद से ट्रक और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आया है, बल्कि ग्वालियर जैसे पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर गया है।

  • देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी

    देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी


    सिंगरौली (देवसर बाजार) सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत देवसर बाजार बस स्टैंड रोड पर बुधवार सुबह दिनदहाड़े चोरी की कोशिश का मामला सामने आया। सूने मकान में घुसे एक युवक को मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने मौके पर पकड़ लिया। हालांकि बाद में समझाइश और चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया।
    जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक जोजो गुप्ता किसी रिश्तेदार के निधन के बाद नदी स्नान के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अकौरी गांव निवासी एक युवक ने घर को सूना देखकर उसमें प्रवेश कर लिया। बताया जा रहा है कि युवक घर के अंदर सामान खंगाल रहा था और चोरी की कोशिश कर रहा था।
    इसी बीच अचानक मकान मालिक वापस लौट आए। घर के अंदर युवक को देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और युवक को पकड़ लिया। घटना के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
    स्थानीय लोगों ने युवक से पूछताछ की, जिसमें उसने नशे की लत के कारण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी की जेब से कुछ पैसे निकलते दिखाई दे रहे हैं।
    हालांकि, पूछताछ और समझाइश के बाद मकान मालिक और ग्रामीणों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले में जियावन थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
    मकान मालिक जोजो गुप्ता ने बताया कि युवक नशे की हालत में था और पहली बार इस तरह पकड़ा गया था। इसी वजह से मानवता के आधार पर उसे छोड़ दिया गया। लेकिन घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
  • सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

    सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। सतना  जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और आबकारी विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन मामलों में कुल तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 126 लीटर अवैध शराब के साथ दो बाइक भी जब्त की गई हैं।
    पहली कार्रवाई कोलगवां थाना क्षेत्र की बाबूपुर चौकी पुलिस ने की, जहां गोरइया मोड़ के पास घेराबंदी कर दो सगे भाइयों को पकड़ा गया। आरोपी संदीप चौधरी (22) और संजय चौधरी (20), निवासी बराज, बाइक से अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने उनकी बाइक (MP 19 ZF 7595) को रोककर तलाशी ली, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों में भरी 6 पेटी देशी शराब बरामद हुई।
    बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 54 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं आरोपियों की बाइक, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई जा रही है, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों भाइयों ने शराब की अवैध बिक्री के लिए सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।
    दूसरी कार्रवाई आबकारी विभाग ने जिगनहट क्षेत्र के पास की, जहां एक आरोपी को बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया। आरोपी संतू कोल (27), निवासी जवाहर नगर गली नंबर-7, बाइक (MP 19 ZQ 3518) पर अवैध शराब लेकर जा रहा था। जांच के दौरान उसके पास से तीन बड़े थैलों में भरी 72 लीटर शराब बरामद हुई।
    आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त शराब और बाइक की कुल कीमत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है।
    पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध नेटवर्क पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
  • सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी

    सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी


    नई दिल्ली। सतना (सिविल लाइन थाना क्षेत्र)  सतना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान बंटी उर्फ चट्टा के रूप में हुई है, जो न सिर्फ एक घर में हुई चोरी का मुख्य आरोपी है, बल्कि अन्य 6 चोरी के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।

    घटना 7 अप्रैल की है, जब वार्ड-1 अमौधा खुर्द निवासी 60 वर्षीय निशा सिंह अपने घर से बाहर थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाते हुए नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

    करीब एक महीने तक चली जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बंटी उर्फ चट्टा (20), निवासी बसोर बस्ती-नारायण तालाब, थाना कोलगवां को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने निशा सिंह के घर में हुई चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, अभी तक चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी की बरामदगी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की जांच अभी जारी है।

    टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार, आरोपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज 5 अन्य चोरी के मामलों में भी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों और फरार साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

  • शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या

    शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या


    नई दिल्ली।सागर (शाहपुर/सानौधा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दो युवकों पर बेरहमी से लाठी-रॉड से हमला किया और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।
    घटना 8 मई की रात की है, जब नीलेश अहिरवार, अंशुल यादव और उनके तीन अन्य साथियों ने सूरज अहिरवार और नीरज प्रजापति पर हमला कर दिया। आरोपियों को शक था कि दोनों युवक अवैध शराब बेचते हैं। इसी शक के चलते पहले विवाद हुआ और फिर बात हिंसक झगड़े में बदल गई। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज ने दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की कोशिश भी की। उन्होंने नीरज के शव को क्षतिग्रस्त बाइक के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी लगे। इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी को भी जानबूझकर खंती में उतार दिया गया। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीलेश अहिरवार को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। वहीं दूसरा आरोपी अंशुल यादव को अमोदा तिराहे के पास उस समय पकड़ा गया जब वह फरार होने की तैयारी में था और परिजनों से मिलने आया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल लाठी-रॉड भी बरामद कर ली गई है।
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नीलेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज है।
    इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम किया और शराब दुकान में आगजनी की भी घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों  भगवत पटेल, छोटू उर्फ हर्ष सिंह और अभिषेक पटेल  की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

  • शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप

    शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप


    नई दिल्ली । शिवपुरी के राजा की मुड़ेरी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 65 वर्षीय डोंगर सिंह तोमर अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी अचानक बिजली का तार टूटकर उन पर गिर गया। टूटे हुए तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सिरसौद थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बिजली लाइन की स्थिति और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।

    जहरीली दवा खाने से दूसरी मौत
    इसी दिन दूसरी घटना शिवपुरी के सर्किट हाउस रोड क्षेत्र की है, जहां 50 वर्षीय सरवन पाल ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरवन पाल ने यह कदम किन कारणों से उठाया। पुलिस मामले को आत्महत्या के एंगल से भी जांच रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में भी मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है और जांच शुरू कर दी है।
    एक तरफ जहां बिजली हादसे में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जहरीले पदार्थ के सेवन का कारण अभी रहस्य बना हुआ है।

    शिवपुरी की ये दोनों घटनाएं क्षेत्र में शोक का माहौल छोड़ गई हैं। एक तरफ तकनीकी लापरवाही से हादसा, तो दूसरी तरफ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।