Tag: Madhya Pradesh crime

  • सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस

    सिस्टम फेल तो महिलाएं बनीं 'चंडी': खंडवा में अवैध शराब माफिया को पहनाई चप्पलों की माला, सड़क पर निकाला जुलूस


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के पंधाना थाना क्षेत्र के बिहार गांव में शराबियों और अवैध शराब माफियाओं के आतंक से तंग आकर महिलाओं का धैर्य जवाब दे गया। जब बार-बार की शिकायतों के बाद भी प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, तो महिलाओं ने खुद ही ‘रणचंडी’ का रूप धारण कर लिया और अवैध शराब बेचने वाले एक युवक को पकड़कर उसे चप्पलों की माला पहनाई और पूरे गांव में उसका जुलूस निकाला।

    प्रशासनिक अनदेखी ने किया मजबूर इस आक्रोश की जड़ें महीनों पुरानी हैं। बिहार गांव की महिलाएं लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने और उसे बेचे जाने का विरोध कर रही थीं। शराब के कारण न केवल गांव का माहौल खराब हो रहा था, बल्कि घरेलू हिंसा और आर्थिक तंगी ने भी परिवारों को बर्बाद करना शुरू कर दिया था। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई से लेकर आबकारी विभाग तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन रसूखदार शराब माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय सुस्ती ने अंततः महिलाओं को खुद मोर्चा संभालने पर मजबूर कर दिया।

    सरेराह निकाला सबक सिखाने वाला जुलूस बीते दिन जब गांव का ही एक युवक अवैध रूप से शराब तैयार कर खुलेआम बेच रहा था, तब गांव की दर्जनों महिलाओं ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गुस्से से भरी महिलाओं ने पहले उसे जमकर फटकार लगाई और फिर चप्पलों की एक माला तैयार कर उसके गले में डाल दी। इसके बाद महिलाओं ने युवक को पूरे गांव की गलियों में घुमाया और नारेबाजी की। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाएं यह संदेश देती नजर आ रही हैं कि यदि वर्दी अपना फर्ज नहीं निभाएगी, तो उन्हें ही समाज की शुद्धि के लिए आगे आना होगा।

    खौफ में माफिया चर्चा में साहस जुलूस निकाले जाने के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन किसी ने भी महिलाओं को रोकने की हिम्मत नहीं की। यह घटना अन्य अवैध कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश बन गई है। हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह कानून हाथ में लेना सही नहीं है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब रक्षक ही मौन हो जाएं, तो पीड़ित के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। फिलहाल इस वायरल वीडियो के बाद पंधाना पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन असली सवाल अब भी बरकरार है—क्या अब आबकारी विभाग की नींद खुलेगी?

  • खरगोन में हैवानियत की हदें पार: दो नाबालिगों ने महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म, उपचार के दौरान पीड़िता ने तोड़ा दम

    खरगोन में हैवानियत की हदें पार: दो नाबालिगों ने महिला से किया सामूहिक दुष्कर्म, उपचार के दौरान पीड़िता ने तोड़ा दम


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ “हवस में अंधे” दो नाबालिगों ने एक अधेड़ महिला को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। इस पाशविक कृत्य की शिकार हुई महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज के भीतर पनप रही विकृति को भी उजागर कर दिया है।

    घटना जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर बरुड थाना क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने घर में सो रही थी, तभी दो नाबालिग युवक दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। सोते समय ही आरोपी महिला को जबरन उठाकर पास के एक सुनसान खेत में ले गए। वहाँ दोनों ने बारी-बारी से महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी; वारदात को अंजाम देने के बाद वे पीड़िता को मरणासन्न और अचेत अवस्था में कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच छोड़कर फरार हो गए।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब परिजन घर लौटे और महिला को बिस्तर पर न पाकर उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद महिला पास के खेत में अत्यंत गंभीर और बेसुध हालत में मिलीं। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, किंतु चोटों की गंभीरता और सदमे के कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर के फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पकड़े गए नाबालिग के परिजनों का दावा है कि उसने पूछताछ में अपने साथ एक अन्य साथी का नाम भी कबूल किया है, लेकिन पुलिस अभी तक दूसरे आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है। स्थानीय ग्रामीणों और मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे दबाने का प्रयास कर रही है।

    वर्तमान में पीड़िता का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा किया गया है। क्षेत्र के नागरिकों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। लोगों का कहना है कि जब तक दूसरे दोषी को गिरफ्तार नहीं किया जाता और न्याय सुनिश्चित नहीं होता, उनका आक्रोश शांत नहीं होगा।

  • शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार

    शहडोल में बेखौफ अपराधी: देवलौंद में ASI पर हमला, खाकी पर लगातार वार से कानून-व्यवस्था तार-तार


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जिले में लगातार पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाएं यह साफ कर रही हैं कि अपराधियों के मन से वर्दी का खौफ खत्म होता जा रहा है। ताजा सनसनीखेज मामला देवलौंद थाना क्षेत्र का है जहाँ बाणसागर बाजार में एक ज्वेलरी शॉप को लेकर हुए आपसी विवाद को सुलझाने गए सहायक उप निरीक्षक ASI महेश झा पर सरेआम हमला कर दिया गया।

    घटना के वक्त एएसआई महेश झा दोनों पक्षों को समझाइश देकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन तभी मौके पर मौजूद सुनील सोनी नामक व्यक्ति ने अपना आपा खो दिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला बोल दिया। इस झड़प में पुलिसकर्मी को चोटें आई हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील सोनी को हिरासत में ले लिया है और उस पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि आरोपी के परिजनों ने पुलिस पर ही पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

    हैरानी की बात यह है कि शहडोल में पुलिस पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो हाल ही में बस स्टैंड पर ड्यूटी कर रहे महेश पाठक को एक बस ने कुचल दिया था वहीं ब्यौहारी में विवाद सुलझाने गए प्रधान आरक्षक और आरक्षक के साथ बस मालिकों द्वारा अभद्रता की गई थी। इसके साथ ही पुलिस लाइन में एक आरक्षक द्वारा सुसाइड की घटना ने विभाग के अंदरूनी तनाव और बाहरी चुनौतियों को उजागर कर दिया है।

    जिले में कानून की रक्षा करने वालों पर हो रहे इन हमलों ने आम जनता के मन में असुरक्षा का भाव भर दिया है। जब रक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस मामले को और गंभीर बना रही है। क्या यह हमलों का सिलसिला पुलिस की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है या प्रशासनिक ढिलाई का? यह एक बड़ा सवाल है।

  • सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी

    सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी


    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बेजुबान वन्यजीवों के खिलाफ क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन मंडल के गोरबी परिक्षेत्र अंतर्गत सिलफोरी बीट में करंट बिछाकर नीलगाय और लोमड़ी जैसे प्राणियों का शिकार करने वाले चार शातिर आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे अहम भूमिका संजय टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड टीम की रही जिसने गंध स्मेल के आधार पर आरोपियों के घर तक पहुंचकर वन अमले का काम आसान कर दिया।

    घटना 16 जनवरी की रात की है जब मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सिलफोरी बीट के जंगलों में अवैध रूप से वन्य प्राणियों का शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही बीट प्रभारी अनिल कुमार साकेत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घटनास्थल का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। शिकारियों ने बड़ी ही चालाकी से 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर जमीन पर बाइंडिंग वायर बिछा रखा था। इसके लिए जमीन में सब्बल से छेद कर बांस की खूटियां गाड़ी गई थीं। इस जानलेवा जाल की चपेट में आने से एक नीलगाय एक लोमड़ी और एक सियार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

    आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे लेकिन वन विभाग ने हार नहीं मानी। 17 जनवरी को सीधी से संजय टाइगर रिजर्व की विशेष डॉग स्क्वाड टीम को बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से मिले बाइंडिंग वायर की गंध पकड़ी और सीधे मुख्य आरोपी अमरेश कुमार के घर जा पहुंचा। तलाशी के दौरान घर से 250 ग्राम बाइंडिंग वायर बांस की खूटियां जीआई तार और चौंकाने वाली बात यह कि जंगली सूअर के बाल व हड्डियां भी बरामद हुईं।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक सिंह के निर्देशन में 21 जनवरी को दबिश देकर मुख्य आरोपी अमरेश कुमार और उसके तीन साथियों बिहारी सिंह रामदुलारे सिंह व सिपाहीलाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी ग्राम सिलफोरी के ही निवासी हैं। रेंज कार्यालय में बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को वैढ़न न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायाधीश विशाल रिछारिया ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें जिला जेल पचौर भेजने के आदेश दिए। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के शिकार में लिप्त गिरोहों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।

  • ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार

    ग्वालियर में सनसनीखेज खुलासा: अपहरण नहीं, लुटेरी दुल्हन गैंग की थी साजिश; शादी के चंद घंटों बाद 2 लाख लेकर हुई फरार


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश शहर के व्यस्ततम इलाके दाल बाजार में गुरुवार को दिनदहाड़े कार का कांच तोड़कर एक युवती के अपहरण की जिस घटना ने पूरे ग्वालियर को दहला दिया था, उसकी हकीकत सामने आते ही पुलिस और जनता दोनों हैरान हैं। जिसे लोग किडनैपिंग समझ रहे थे, वह दरअसल लुटेरी दुल्हन गैंग की एक सोची-समझी और फिल्मी अंदाज में रची गई साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में गैंग के एक सदस्य को दबोच लिया है, जिसके पास से ठगी के 90 हजार रुपये बरामद हुए हैं हालांकि मुख्य आरोपी दुल्हन और उसके अन्य साथी फिलहाल फरार हैं।

    इस पूरी साजिश की पटकथा शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर के घर से शुरू हुई। महेंद्र अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर चिंतित थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने उन्हें झांसे में लिया। राकेश ने एक लड़की से शादी कराने का सौदा 2 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद बंटी धाकड़ और हीरा ठाकुर नामक बिचौलियों ने महेंद्र को पूनम गौर उर्फ डॉली नाम की युवती से मिलवाया और उसे बंटी की साली बताया। महेंद्र ने बेटे के भविष्य की खातिर अपनी जमा-पूंजी से 2 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।

    शादी की औपचारिकताएं पूरी करने और नोटरी कराने के बाद जब महेंद्र अपने बेटे और नई नवेली बहू डॉली को कार से लेकर घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार में साजिश का अगला हिस्सा शुरू हुआ। अचानक एक एक्टिवा और बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कार का कांच फोड़ा और दुल्हन को जबरन अपने साथ खींचकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख हर कोई सहम गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और सीसीटीवी खंगाले। जांच के दौरान जैसे ही कड़ियां जुड़ीं, अपहरण की यह कहानी ठगी के बड़े नेटवर्क में बदल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसने कबूला कि यह किडनैपिंग नहीं बल्कि दुल्हन को सुरक्षित भगाने का एक नाटक था ताकि परिवार पुलिस में शिकायत न कर सके। पकड़े गए आरोपी के पास से लूटी गई रकम के 90 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

    फिलहाल, पुलिस ने फरियादी महेंद्र पाराशर की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, हीरा ठाकुर और लुटेरी दुल्हन पूनम गौर सहित 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर पुलिस की कई टीमें अब इस संगठित गिरोह के बाकी सदस्यों और ‘डॉली’ की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर होने वाले इस तरह के संगठित अपराधों के प्रति समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।

  • पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे

    पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे


    नई दिल्ली। देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अभिरक्षा में रखे गए दो संदिग्ध अचानक थाने से फरार हो गए। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। फरार हुए दोनों संदिग्धों पर नगर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में कुछ माह पूर्व हुई चोरी सहित अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल होने का संदेह है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को हाल ही में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इन्हीं फुटेज के आधार पर जानसूर निवासी दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए कांटाफोड़ थाने लाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों से मंदिर चोरी और अन्य मामलों को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसी बीच दोनों संदिग्धों ने पानी पीने का बहाना बनाया और पुलिसकर्मियों की नजरों से ओझल होते हुए थाने से बाहर निकलकर फरार हो गए।घटना का पता चलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन तब तक दोनों संदिग्ध काफी दूर निकल चुके थे। थाने से संदिग्धों के फरार होने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, फरार संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों के भागने के रास्ते और दिशा का पता लगाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों संदिग्धों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। जब इस संबंध में कांटाफोड़ थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं, बागली एसडीओपी से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

    थाने से दो संदिग्धों के फरार होने की घटना ने पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है। आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि संदिग्ध पुलिस अभिरक्षा से ही फरार हो जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।फिलहाल पुलिस दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही की भी जांच किए जाने की संभावना है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

  • भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू

    भोपाल: केंद्रीय जेल की महिला प्रहरी पर जानलेवा हमला; सिर पर वार कर बीच सड़क पर फेंका फरार आरोपी की तलाश शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने केंद्रीय जेल में पदस्थ एक महिला प्रहरी कमला शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात इतनी बर्बर थी कि हमले के बाद लहूलुहान हालत में महिला को बीच सड़क पर फेंक दिया गया। इस हमले में कमला शर्मा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हमले की वजह 4 लाख की ठगी और पुरानी रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हमले का मुख्य आरोपी अमन खान है जो पीड़िता की साथी जेल प्रहरी का बेटा ही है। बताया जा रहा है कि घायल कमला शर्मा का पोता और आरोपी अमन खान आपस में दोस्त थे। अमन खान ने कमला शर्मा के पोते को बहला-फुसलाकर उससे 4 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी। इस मामले में कमला शर्मा ने कुछ दिन पहले ही अमन के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

    आज की अन्य बड़ी खबरें

    जबलपुर में स्टेट GST का छापा: 1.11 करोड़ की वसूली जबलपुर में लोहा और सीमेंट व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया जब स्टेट जीएसटी की टीम ने 3 फर्मों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान कर चोरी पकड़े जाने पर विभाग ने मौके पर ही 1 करोड़ 11 लाख रुपये की वसूली की है।

    विधायक पर पत्थर से हमला 3 के खिलाफ मामला दर्ज प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल यह है कि अब जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। एक ताजा मामले में बदमाशों ने एक विधायक के वाहन पर पत्थर से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 3 नामजद बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अपनों का ही मोर्चा सत्ता के गलियारों में भी खींचतान जारी है। एक नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ उनकी ही पार्टी कांग्रेस के पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए भ्रष्टाचार और तानाशाही के आरोप लगाए हैं।
  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।