Tag: Madhya Pradesh crime

  • भोपाल में संगठित गिरोह का खुलासा: बेबी सिटर की नौकरी के बहाने युवतियों को जाल में फंसाने का आरोप

    भोपाल में संगठित गिरोह का खुलासा: बेबी सिटर की नौकरी के बहाने युवतियों को जाल में फंसाने का आरोप


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह पर युवतियों को नौकरी का झांसा देकर शोषण और देह व्यापार में धकेलने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िताओं के मुताबिक आफरीन और अमरीन नाम की दो बहनें इस नेटवर्क की मास्टरमाइंड बताई जा रही हैं जो कथित रूप से बेबी सिटर की नौकरी का लालच देकर लड़कियों को अपने संपर्क में लाती थीं।

    पीड़िताओं में 30 वर्षीय सलोनी बदला हुआ नाम और 22 वर्षीय श्रीधी बदला हुआ नाम सामने आई हैं। सलोनी ने बताया कि वह दो बच्चों की मां है और आर्थिक तंगी के कारण काम की तलाश में भोपाल आई थी। इवेंट कैटरिंग का काम अस्थायी था इसलिए उसे स्थायी नौकरी की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आशिमा मॉल में आफरीन से कराई गई जहां उसे बच्ची की देखरेख के नाम पर नौकरी की पेशकश की गई।

    सलोनी का आरोप है कि शुरुआत में कम वेतन पर काम कराया गया फिर घर में रहने का दबाव बनाया गया। कुछ समय बाद उसे पार्टियों में ले जाया जाने लगा जहां एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि इस घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया।

    इसी तरह श्रीधी को भी कथित तौर पर बेहतर कमाई और सुविधाओं का लालच देकर जोड़ा गया। आरोप है कि उसे अलग-अलग शहरों में भेजा गया और जबरन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया। पीड़िताओं का दावा है कि आरोपित महिलाएं उन्हें धार्मिक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित करती थीं और विश्वास में लेने की कोशिश करती थीं।

    सलोनी के अनुसार इस नेटवर्क में कई अन्य लड़कियां भी फंसी थीं लेकिन बदनामी और सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ पा रहीं। आरोप है कि यह गिरोह कॉलेज छात्राओं से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की युवतियों को निशाना बनाता था।

    करीब एक साल पहले दोनों बहनों के अहमदाबाद शिफ्ट होने की जानकारी सामने आई। बाद में पीड़िताओं ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाग सेवनिया थाने में एफआईआर दर्ज होने से पहले कई दिनों तक पूछताछ और प्रक्रिया चली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संभावित मानव तस्करी ब्लैकमेल और दुष्कर्म के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस आधिकारिक रूप से जांच जारी होने की बात कह रही है। 

  • शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला

    शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आरोन गांव में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक नशेड़ी बेटे ने महज कुछ रुपयों के विवाद में अपने 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। शराब के लिए पैसे न मिलने पर बेटे का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उसने अपने ही पिता पर डंडे से तब तक प्रहार किए, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं। इस जघन्य अपराध के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और आक्रोश पसरा हुआ है।

    रुपयों की मांग और विवाद की शुरुआत

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बाबूलाल जाटव 65 पेशे से किसान थे और अपने बेटे रवि जाटव के साथ गांव में ही रहते थे। आरोपी रवि शराब का घोर आदी है और अक्सर नशे की पूर्ति के लिए अपने पिता से पैसों की मांग करता रहता था। मंगलवार शाम को भी रवि ने अपने पिता से कुछ पुराने रुपयों की मांग की। बाबूलाल इस बात से भली-भांति परिचित थे कि रवि इन पैसों का उपयोग केवल शराब पीने में करेगा, इसलिए उन्होंने पैसे देने से सख्त मना कर दिया। पिता का यह इनकार रवि को नागवार गुजरा और वह प्रतिशोध की आग में जलता हुआ घर से बाहर चला गया।

    नशे की हालत में जानलेवा हमला
    देर रात जब रवि शराब के अत्यधिक नशे में धुत होकर घर लौटा, तो उसके सिर पर खून सवार था। उसने कमरे में प्रवेश करते ही फिर से पैसों के लिए विवाद शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग पिता अपनी बात पर अडिग रहे और पैसे देने से इनकार किया, तो रवि ने आव देखा न ताव और कमरे में रखा एक मोटा डंडा उठा लिया। उसने निहत्थे और असहाय पिता के सिर, सीने और पेट पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बाबूलाल के शरीर के संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े।
    पड़ोसियों की सूचना और पुलिसिया कार्रवाई
    घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार और धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इस खूनी संघर्ष की सूचना दी। जब पुलिस दल आरोन गांव पहुँचा, तो बाबूलाल जाटव मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले गहरे जख्मों और अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रवि जाटव की तलाश शुरू की और गांव के पास ही घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रवि ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि पिता द्वारा पैसे न देने पर वह आपा खो बैठा था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलग्राम आरोन, जिला ग्वालियर म.प्र. मृतक का नामबाबूलाल जाटव 65 वर्ष आरोपी का नामरवि जाटव मृतक का पुत्र हथियारलकड़ी का मोटा डंडामुख्य कारणशराब के लिए रुपयों की मांग और विवादपुलिस कार्रवाईआरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज

  • घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान

    घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने दस दिन की गहन जांच के बाद सुलझा लिया है। जो मामला शुरुआत में अंधे कत्ल जैसा प्रतीत हो रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग में रची गई एक सुनियोजित साजिश निकला, जिसकी मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही थी।

    घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन अपने लापता सदस्य की तलाश में दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया और जांच को नई दिशा मिली।

    पहचान होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। फोन कॉल्स का सिलसिला धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था, जिससे दोनों के बीच संपर्क और गहरा हो गया।

    पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कथित तौर पर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। यही वह पल था जब साजिश ने अंतिम रूप लिया। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को साथ लिया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे शराब पिलाई और झांसी छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।

    कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयानों ने पुलिस को साजिश की हर कड़ी जोड़ने में मदद की। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं।

    प्रेम संबंधों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि एक परिवार को भी उजाड़ दिया। दतिया का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

  • इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने युवक की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या के मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या पैसे और मोबाइल लूटने के इरादे से की गई थी।

    पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।

    हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।

    बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।

  • जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में

    जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में


    जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कार धानी जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल भेड़ाघाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में वितरित किए गए प्रसाद को खाने के बाद 19 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इनमें से एक पीड़ित भेड़ाघाट निवासी इंद्रपाल पटेल ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी 18 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है जिनमें से कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पहले की है जब भेड़ाघाट क्षेत्र में एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजन के समापन पर प्रसाद के रूप में पिस्ता बर्फी बांटी गई जिसे भेड़ाघाट चौराहे स्थित मिठाई की दुकानों से मंगाया गया था। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद लोगों को घबराहट उल्टी दस्त और तेज पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थिति गंभीर होते देख सभी बीमार लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया। चिकित्सकों के अनुसार दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से शरीर में तेजी से संक्रमण फैल सकता है जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। इंद्रपाल पटेल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भेड़ाघाट चौराहे पर स्थित मिठाई दुकानों बीकानेर स्वीट्स और राजस्थान स्वीट्स पर दबिश दी। टीम ने संदिग्ध पिस्ता बर्फी और अन्य मिठाइयों के सैंपल जब्त कर लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि लापरवाही या मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब थी या भंडारण और स्वच्छता में किसी प्रकार की अनदेखी की गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सामूहिक आयोजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्रोत की जांच अवश्य सुनिश्चित करें। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक श्रद्धालु की मौत और कई लोगों की जिंदगी अस्पताल में जूझती हालत में होना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लापरवाही की छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

  • शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

    शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हुए सनसनीखेज वकील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।

    जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या जमीन विवाद के चलते कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कमलेश शर्मा, सुनील शर्मा और नीरज शर्मा ने कथित रूप से साजिश रचकर सुपारी दी थी। इसके बाद सुपारी किलर के रूप में गोलू रावत, पपेंद्र रावत और जहीर को वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया गया।

    घटना गुरुवार को हुई थी। अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अपने घर से कोर्ट के लिए निकले थे। जैसे ही वे न्यायालय परिसर के पास पहुंचे, बाइक सवार अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हमलावर वारदात के बाद बाइक से फरार हो गए थे।

    हत्या के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी पपेंद्र रावत ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में कार्रवाई की। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य दो आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। मामले में साजिशकर्ताओं और शूटरों के बीच हुई लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

    इस हत्याकांड से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर के पास हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में अस्पताल में जारी है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों या अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • मुरैना में 12 राउंड फायरिंग से दहला केन्थरी, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

    मुरैना में 12 राउंड फायरिंग से दहला केन्थरी, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल


    मुरैना । मुरैना जिले के चंबल अंचल में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सराय छोला थाना क्षेत्र के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम बदमाशों ने ससुर और दामाद को घेरकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पक्ष ने वारदात से एक दिन पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए जान का खतरा बताया था लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजागांव गोलियों की आवाज से दहल उठा और दो लोग खून से लथपथ हो गए।

    घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय देवेंद्र गुर्जर और उनके 50 वर्षीय ससुर औतार गुर्जर को सुनियोजित तरीके से घेरकर करीब 12 राउंड फायरिंग की गई। चश्मदीदों के अनुसार अचानक चली गोलियों से इलाके में अफरा तफरी मच गई। देवेंद्र की जांघ को चीरती हुई गोली निकल गई जबकि औतार गुर्जर के पैर के आर पार गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से पांच खाली खोखे बरामद किए हैं।

    इस खूनी वारदात की जड़ें एक दिन पहले हुई मारपीट में बताई जा रही हैं। बुधवार को नेशनल हाईवे 44 पर आरोपी गीताराम गिर्राज और छोटू गुर्जर ने देवेंद्र के साथ मारपीट की थी। आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। देवेंद्र ने सराय छोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी होती तो शायद यह जानलेवा हमला टल सकता था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई है। सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार घायलों के बयान दर्ज करने के लिए टीम ग्वालियर भेजी गई है। उन्होंने माना कि पुरानी रंजिश और मारपीट की घटना के चलते ही फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस का यह कहना कि वे आरोपियों को पकड़ने जाने ही वाले थे लेकिन उससे पहले वारदात हो गईपीड़ित परिवार को स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

    घटनाक्रम पर नजर डालें तो बुधवार को मारपीट और धमकी उसी रात एफआईआर लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं; और गुरुवार शाम खुलेआम घेराबंदी कर 12 राउंड फायरिंगयह सिलसिला पुलिस की सुस्ती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। चंबल क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समय पर की गई पुलिस कार्रवाई ऐसी वारदातों को रोक सकती है। केन्थरी गांव की यह घटना न केवल दो जिंदगियों को खतरे में डाल गई बल्कि कानून व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर गई।

  • ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी

    ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ प्यार में मिले धोखे ने एक महिला को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया। बहोड़ापुर इलाके की रहने वाली वैष्णवी उर्फ प्राची ने सिरौल थाना क्षेत्र स्थित ‘ईस्ट मैरेडियन मल्टी’ के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले प्राची ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने सिसकते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया और उसके परिवार को ठहराया है।

    मंदिर में रचाई थी शादी फिर खुला कड़वा सच करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पुरानी छावनी निवासी राजू से मंदिर में शादी की थी। दोनों ने स्टांप पर भी अपने रिश्ते को प्रमाणित किया था और किराये के फ्लैट में साथ रह रहे थे। प्राची को लगा था कि उसने अपना संसार बसा लिया है लेकिन जल्द ही उसके सामने एक ऐसा सच आया जिसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

    ससुराल में मारपीट और आखिरी फैसला पति की पहली शादी की सच्चाई जानने के बाद जब प्राची न्याय मांगने के लिए राजू के घर पहुंची तो वहां सहानुभूति के बजाय उसे प्रताड़ना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजू की पहली पत्नी और उसके पिता ने प्राची के साथ जमकर मारपीट की। इसी अपमान और धोखे से आहत होकर प्राची अपने फ्लैट पर वापस आई और पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।

    पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के हाथ वह वीडियो भी लगा है जिसे प्राची ने मरने से ठीक पहले बनाया था। पुलिस अब इस मामले में आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

  • ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप

    ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप


    खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा उस समय अफरातफरी और हिंसा में बदल गया जब मंच पर ही एक पत्रकार और शायर पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया गया। 8 फरवरी 2026 की देर रात जम जम मार्केट में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के नामवर शायर शामिल हुए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था और श्रोता शायरी का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया।

    बताया गया है कि कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, ने जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने उन्हें सराहा। इसी दौरान रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 25 से 30 लोगों का एक समूह मंच पर चढ़ आया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और आयोजकों से सवाल किया कि उन्हें सम्मान क्यों नहीं दिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर पहुंचे कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अबूबकर जिया को निशाना बनाया गया। उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गला दबाने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति कुछ समय के लिए इतनी गंभीर हो गई कि वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

    पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, एक पेन और हाथ घड़ी भी छीन ली गई। साथ ही उनके साथ मारपीट कर अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

    मौके पर मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान सहित अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर अबूबकर जिया को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पीछे के रास्ते से कार्यक्रम स्थल से हटाया गया।

    घटना के बाद अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, जानलेवा हमले और गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की हिंसक घटना से शहर के बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी आहत हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।