Tag: Madhya Pradesh crime

  • सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी

    सतना में चोरी केस का पर्दाफाश, 6 मामलों के आरोपी की एक महीने बाद गिरफ्तारी


    नई दिल्ली। सतना (सिविल लाइन थाना क्षेत्र)  सतना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान बंटी उर्फ चट्टा के रूप में हुई है, जो न सिर्फ एक घर में हुई चोरी का मुख्य आरोपी है, बल्कि अन्य 6 चोरी के मामलों में भी पुलिस को उसकी तलाश थी।

    घटना 7 अप्रैल की है, जब वार्ड-1 अमौधा खुर्द निवासी 60 वर्षीय निशा सिंह अपने घर से बाहर थीं। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाते हुए नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

    करीब एक महीने तक चली जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी बंटी उर्फ चट्टा (20), निवासी बसोर बस्ती-नारायण तालाब, थाना कोलगवां को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने निशा सिंह के घर में हुई चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, अभी तक चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर और नकदी की बरामदगी नहीं हो सकी है, जिससे पुलिस की जांच अभी जारी है।

    टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार के अनुसार, आरोपी एक शातिर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज 5 अन्य चोरी के मामलों में भी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों और फरार साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

  • शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या

    शाहपुर में सनसनीखेज खुलासा: दोहरे हत्याकांड के आरोपी दबोचे गए, अवैध शराब विवाद में की थी हत्या


    नई दिल्ली।सागर (शाहपुर/सानौधा) मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले दो युवकों पर बेरहमी से लाठी-रॉड से हमला किया और बाद में पूरे मामले को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की।
    घटना 8 मई की रात की है, जब नीलेश अहिरवार, अंशुल यादव और उनके तीन अन्य साथियों ने सूरज अहिरवार और नीरज प्रजापति पर हमला कर दिया। आरोपियों को शक था कि दोनों युवक अवैध शराब बेचते हैं। इसी शक के चलते पहले विवाद हुआ और फिर बात हिंसक झगड़े में बदल गई। हमले में नीरज प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सूरज ने दो दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की कोशिश भी की। उन्होंने नीरज के शव को क्षतिग्रस्त बाइक के साथ सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह घटना किसी सड़क दुर्घटना जैसी लगे। इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनी बोलेरो गाड़ी को भी जानबूझकर खंती में उतार दिया गया। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नीलेश अहिरवार को उसके घर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान वह भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। वहीं दूसरा आरोपी अंशुल यादव को अमोदा तिराहे के पास उस समय पकड़ा गया जब वह फरार होने की तैयारी में था और परिजनों से मिलने आया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल लाठी-रॉड भी बरामद कर ली गई है।
    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नीलेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे जिला बदर भी किया जा चुका है। वहीं अंशुल यादव के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज है।
    इस जघन्य हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने चक्काजाम किया और शराब दुकान में आगजनी की भी घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों  भगवत पटेल, छोटू उर्फ हर्ष सिंह और अभिषेक पटेल  की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

  • शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप

    शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप


    नई दिल्ली । शिवपुरी के राजा की मुड़ेरी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 65 वर्षीय डोंगर सिंह तोमर अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी अचानक बिजली का तार टूटकर उन पर गिर गया। टूटे हुए तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सिरसौद थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बिजली लाइन की स्थिति और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।

    जहरीली दवा खाने से दूसरी मौत
    इसी दिन दूसरी घटना शिवपुरी के सर्किट हाउस रोड क्षेत्र की है, जहां 50 वर्षीय सरवन पाल ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरवन पाल ने यह कदम किन कारणों से उठाया। पुलिस मामले को आत्महत्या के एंगल से भी जांच रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में भी मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है और जांच शुरू कर दी है।
    एक तरफ जहां बिजली हादसे में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जहरीले पदार्थ के सेवन का कारण अभी रहस्य बना हुआ है।

    शिवपुरी की ये दोनों घटनाएं क्षेत्र में शोक का माहौल छोड़ गई हैं। एक तरफ तकनीकी लापरवाही से हादसा, तो दूसरी तरफ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

  • पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार

    पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार



    नई दिल्ली । नर्मदापुरम जिले के केसला थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने मानवता को ताक पर रखकर 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की। यह घटना 8 मई की शाम की है, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है।

    पड़ोसी की शर्मनाक करतूत: घर में अकेला पाकर की छेड़छाड़
    घटना उस वक्त हुई जब बच्ची की मां किसी जरूरी काम से सुखतवा गई हुई थी। घर में 11 साल की मासूम अपनी 5 साल की छोटी बहन के साथ अकेली थी। सूने घर और बच्चियों को अकेला देख पड़ोस में रहने वाले बुद्धू चाचा उर्फ नर्मदा प्रसाद की नीयत डोल गई।

    आरोपी चुपके से घर में दाखिल हुआ और मासूम बच्ची को बुरी नीयत से दबोच लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ ‘बैड टच’ और छेड़छाड़ शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बच्ची बुरी तरह घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना शुरू कर दिया। मासूम की चीखें सुनकर आरोपी पकड़े जाने के डर से मौके से फरार हो गया।

    मां के लौटते ही खुला राज, पुलिस ने कसा शिकंजा
    शाम करीब 6 बजे जब मां घर लौटी, तो उसने अपनी बेटी को डरा-सहमा और रोता हुआ पाया। पूछने पर मासूम ने ‘बुद्धू चाचा’ की सारी सच्चाई बयां कर दी। अपनी कलेजे के टुकड़े के साथ हुई इस हरकत को सुनकर मां तुरंत उसे लेकर केसला थाने पहुंची।

    पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति:
    केस दर्ज: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और छेड़छाड़ की अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    आरोपी की पहचान: आरोपी नर्मदा प्रसाद सीपीई (CPE) में एक प्राइवेट कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। फरार आरोपी: वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने आश्वासन दिया है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें पिछले दो दिनों से सक्रिय हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी

    सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी


    नई दिल्ली । सिवनी जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार रात एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई बाइक बरामद कर ली गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में अपराध और चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

    मामले की शुरुआत 7 मई को हुई, जब ग्राम बोरदेई, थाना डूंडासिवनी निवासी मोहम्मद आरिफ ने कोतवाली थाने में अपनी टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार उनकी बाइक मंगलीपेठ क्षेत्र से अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली गई थी, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपए बताई गई।

    पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला कायम किया और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने विकास सोनी नामक आरोपी को हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रवि लोधी के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास सोनी, उम्र 25 वर्ष, भगत सिंह वार्ड के टपरा मोहल्ला का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है और उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल पांच मामले दर्ज हैं।

    फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी रवि लोधी की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के साथ प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे और सौरभ ठाकुर की अहम भूमिका रही।

  • बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू

    बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू


    नई दिल्ली । बालाघाट के वारासिवनी में सूदखोरी और आदिवासियों की जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार अनिल अरोरा को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्ति दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिसमें बड़े वित्तीय और जमीन घोटाले के संकेत मिले हैं।

    सूदखोरी के जाल में फंसते रहे लो
    वारासिवनी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित सूदखोरी के नेटवर्क का अब बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी अनिल अरोरा पर आरोप है कि वह आम लोगों के साथ-साथ नौकरीपेशा वर्ग को भी ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज देकर शोषण करता था। बताया जा रहा है कि वह 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था, जिससे कई लोग कर्ज के जाल में फंसते चले गए।

    छापेमारी में मिले चौंकाने वाले दस्तावे
    पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली चेक, जमीन की रजिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज कथित तौर पर उसके संगठित अवैध कारोबार की ओर इशारा करते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का आरो
    मामले में सबसे गंभीर आरोप आदिवासी समुदाय की जमीनों को हड़पने का है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने कुछ लोगों के नाम का उपयोग कर आदिवासियों से सस्ते दामों पर जमीन खरीदी। इसके बाद उन्हीं जमीनों को बड़े कॉलोनाइजरों और गैर-आदिवासियों को ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया। अब तक इस तरह की करीब 6 रजिस्ट्रियां पुलिस के हाथ लगी हैं।

    कोर्ट ने भेजा जेल, जांच में बढ़ी सख्त
    शनिवार को कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए जेल भेज दिया। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    यह मामला न केवल सूदखोरी की गंभीर समस्या को उजागर करता है, बल्कि आदिवासी भूमि के अवैध लेन-देन और संगठित आर्थिक अपराध की ओर भी इशारा करता है। पुलिस की जांच से आने वाले समय में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।

  • छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप

    छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप


    नई दिल्ली । छिंदवाड़ा के खजरी ओवरब्रिज के पास एक युवक ने दिव्यांग कार चालक के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और हंगामा किया। खुद को फौजी बताने वाले आरोपी ने ‘पुलिस’ लिखी कार से आकर आधे घंटे तक उत्पात मचाया और लोगों के पहुंचने पर फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    ओवरब्रिज के पास सड़क पर आधे घंटे तक चला ड्रामा
    छिंदवाड़ा शहर के खजरी ओवरब्रिज के पास शनिवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ‘पुलिस’ लिखी कार में सवार होकर मौके पर पहुंचा और खुद को सेना का जवान बताने लगा। इसी दौरान उसने एक दिव्यांग कार चालक आश्रय जैन को निशाना बनाया और उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

    दिव्यांग चालक को कार से खींचने की कोशिश
    पीड़ित आश्रय जैन अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें रोक लिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवक ने उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। पीड़ित ने अपनी दिव्यांगता के बारे में भी बताया, लेकिन आरोपी ने कोई सुनवाई नहीं की और लगातार बदसलूकी करता रहा। इस दौरान करीब 30 मिनट तक सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

    भीड़ जुटते ही फरार हुआ आरोपी
    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जब लोगों ने आरोपी से उसका नाम और पहचान पूछी, तो वह घबरा गया और बिना जवाब दिए मौके से अपनी कार लेकर फरार हो गया। कार के आगे और पीछे ‘पुलिस’ लिखा होने के कारण शुरुआत में लोग भ्रमित भी हुए।

    पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत, जांच शुरू
    घटना के बाद पीड़ित आश्रय जैन कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपी पर मानसिक प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, वाहन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सड़क पर वर्दी और सरकारी पहचान के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

  • विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में


    नई दिल्ली । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में 1 अप्रैल की रात उस समय तनाव फैल गया जब टिकुरिया टोला से जवारे विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। श्रद्धालु भरजुना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अलग-अलग वाहनों से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान साइडिंग इलाके में पूर्व सरपंच सम्मी खान समेत 10 से 12 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ शुरू कर दी। घटना के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला
    जब श्रद्धालुओं ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो हमलावरों ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 7 से 8 लोग घायल हो गए थे। घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया था।

    पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
    घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पहले ही मुख्य आरोपी समीर खान उर्फ सम्मी सहित आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान दो और आरोपियों मोहम्मद अली (26) और विजय (26) के नाम सामने आए, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

    40 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
    लगातार तलाश के बाद बाबूपुर चौकी पुलिस ने शनिवार को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    इलाके में तनाव और सुरक्षा पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी न हो।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।