Tag: Madhya Pradesh crime

  • शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिल्लारपुर में आपसी रंजिश के चलते खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों (पिता और उसके दो बेटों) ने मिलकर एक युवक पर प्राणघातक हमला कर दिया। घटना के दौरान न केवल लाठी डंडों का इस्तेमाल हुआ बल्कि पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर दहशत फैलाने के लिए गोली चलाने की कोशिश करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घर के बाहर खड़े युवक पर अचानक हमला
    प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 11 मार्च की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। ग्राम सिल्लारपुर निवासी 30 वर्षीय कांतेश ओझा अपने घर के बाहर खड़े थे तभी गाँव के ही प्रमोद केवट अपने दो बेटों शिवम केवट और सागर केवट के साथ वहाँ पहुँच गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी जिसे लेकर आरोपियों ने पहुँचते ही गाली गलौज शुरू कर दी। जब कांतेश ने अभद्र भाषा का विरोध किया तो पिता और बेटों ने आपा खो दिया और सुनियोजित तरीके से उन पर हमला बोल दिया।

    परिजनों ने बीच बचाव कर बचाई जान

    आरोपियों ने कांतेश को घेरकर लाठी डंडों और लात घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में कांतेश के बाएं हाथ की कलाई पीठ और दाहिने पैर की पिंडली में गंभीर चोटें आई हैं। चीख पुकार सुनकर कांतेश की पत्नी छाया ओझा और माँ हसमुखी ओझा तुरंत मौके पर पहुँचीं। महिलाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर बीच बचाव किया तब कहीं जाकर आरोपी वहाँ से हटे। भागते समय आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

    गोली चलाने के आरोप से सनसनी
    इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब घायल के भाई हरगोविंद झा ने सनसनीखेज दावा किया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने गोली चलाने का भी प्रयास किया था ताकि इलाके में दहशत पैदा की जा सके। घटना के तुरंत बाद घायल कांतेश को 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने करैरा थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई।

    पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी प्रमोद केवट शिवम केवट और सागर केवट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव का माहौल है जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

  • सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में

    सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय छात्र की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मोरवा थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव जंगल में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भीड़ ने देर रात थाने के सामने जमकर हंगामा किया और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    जानकारी के अनुसार साईं नगर वार्ड क्रमांक 8 निवासी 15 वर्षीय पवन शाह 9 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकला था। वह बिना बताए घर से गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी थी।

    इसी बीच पुलिस को जंगल में एक शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान पवन शाह के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र की बेरहमी से हत्या की गई थी और आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। रामनिवास शाह ने भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी का गठन किया है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा।

    उधर छात्र की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर रात बड़ी संख्या में लोग मोरवा थाने के सामने जमा हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और आक्रोशित लोगों ने एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

    नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया।

    मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

  • बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या

    बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ लोक संस्कृति और उल्लास के प्रतीक फागुन मेले के दौरान हिंसा का खूनी खेल खेला गया। जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिरादेही में आयोजित फागुन मेले में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

    यह घटना 5 मार्च की शाम की है जब पूरा गाँव मेले की रौनक में डूबा हुआ था। जानकारी के अनुसार ग्राम बैरमढाना निवासी 25 वर्षीय राम प्रसाद कवडे उस दिन दोपहर में अपनी मौसी रनौती धुर्वे के घर हिरादेही आया हुआ था। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जब मेले का उत्साह चरम पर था अचानक मौसी के घर के सामने सड़क पर चीख पुकार और झगड़े की आवाजें सुनाई देने लगीं। जब राम प्रसाद बाहर निकला तो उसने देखा कि पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोग हिंसक हो उठे थे।

    विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने धारदार चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बीच बचाव करने आया एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मेले में मौजूद भीड़ इस अचानक हुए हमले से स्तब्ध रह गई। सूचना मिलते ही आठनेर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने फरियादी राम प्रसाद की शिकायत पर मामला दर्ज कर तत्काल घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया। जाँच के दौरान यह बात सामने आई कि इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी के साथ दो अन्य किशोर नाबालिग भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जाँच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है जो मेले के खुशनुमा माहौल में अचानक भड़क उठी।

    इस घटना ने एक ओर जहाँ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं वहीं दूसरी ओर मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ में छिपे अपराधियों के मंसूबों को भी उजागर किया है। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

  • सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दबिश देकर अजीत उपाध्याय प्रबुद्ध शुक्ला और एक अन्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। तीनों आरोपियों को पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उस मामले में की गई है जिसमें एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार अलग अलग स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व इलाके में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार एक पिस्टल जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी जिले के कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट धमकी अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को शहर में लाकर उनका जुलूस भी निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और आरोपियों को पैदल घुमाया गया ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियार कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन किन घटनाओं में किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के Chhindwara जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौंसर नागपुर मार्ग पर स्थित सतनूर के पास नेशनल हाईवे 547 पर आरटीओ बैरियर के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पति पत्नी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और देखते ही देखते गुस्से की लहर फैल गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आरटीओ की सख्ती और अव्यवस्थित कार्रवाई के कारण आए दिन सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैरियर के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने से हादसों का खतरा बना रहता है।

    दंपति की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे 547 पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने आरटीओ के एक वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

    मौके पर शुरुआती दौर में केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे जो बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारी और कथित दलाल मौके से गायब हो गए जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही।

    लोगों का कहना है कि यदि बैरियर पर व्यवस्था दुरुस्त होती और यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।

  • भोपाल में संगठित गिरोह का खुलासा: बेबी सिटर की नौकरी के बहाने युवतियों को जाल में फंसाने का आरोप

    भोपाल में संगठित गिरोह का खुलासा: बेबी सिटर की नौकरी के बहाने युवतियों को जाल में फंसाने का आरोप


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित तौर पर सक्रिय एक संगठित गिरोह पर युवतियों को नौकरी का झांसा देकर शोषण और देह व्यापार में धकेलने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िताओं के मुताबिक आफरीन और अमरीन नाम की दो बहनें इस नेटवर्क की मास्टरमाइंड बताई जा रही हैं जो कथित रूप से बेबी सिटर की नौकरी का लालच देकर लड़कियों को अपने संपर्क में लाती थीं।

    पीड़िताओं में 30 वर्षीय सलोनी बदला हुआ नाम और 22 वर्षीय श्रीधी बदला हुआ नाम सामने आई हैं। सलोनी ने बताया कि वह दो बच्चों की मां है और आर्थिक तंगी के कारण काम की तलाश में भोपाल आई थी। इवेंट कैटरिंग का काम अस्थायी था इसलिए उसे स्थायी नौकरी की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात आशिमा मॉल में आफरीन से कराई गई जहां उसे बच्ची की देखरेख के नाम पर नौकरी की पेशकश की गई।

    सलोनी का आरोप है कि शुरुआत में कम वेतन पर काम कराया गया फिर घर में रहने का दबाव बनाया गया। कुछ समय बाद उसे पार्टियों में ले जाया जाने लगा जहां एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि इस घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया।

    इसी तरह श्रीधी को भी कथित तौर पर बेहतर कमाई और सुविधाओं का लालच देकर जोड़ा गया। आरोप है कि उसे अलग-अलग शहरों में भेजा गया और जबरन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया। पीड़िताओं का दावा है कि आरोपित महिलाएं उन्हें धार्मिक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित करती थीं और विश्वास में लेने की कोशिश करती थीं।

    सलोनी के अनुसार इस नेटवर्क में कई अन्य लड़कियां भी फंसी थीं लेकिन बदनामी और सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ पा रहीं। आरोप है कि यह गिरोह कॉलेज छात्राओं से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की युवतियों को निशाना बनाता था।

    करीब एक साल पहले दोनों बहनों के अहमदाबाद शिफ्ट होने की जानकारी सामने आई। बाद में पीड़िताओं ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाग सेवनिया थाने में एफआईआर दर्ज होने से पहले कई दिनों तक पूछताछ और प्रक्रिया चली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संभावित मानव तस्करी ब्लैकमेल और दुष्कर्म के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल पुलिस आधिकारिक रूप से जांच जारी होने की बात कह रही है। 

  • शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला

    शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आरोन गांव में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक नशेड़ी बेटे ने महज कुछ रुपयों के विवाद में अपने 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। शराब के लिए पैसे न मिलने पर बेटे का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उसने अपने ही पिता पर डंडे से तब तक प्रहार किए, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं। इस जघन्य अपराध के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और आक्रोश पसरा हुआ है।

    रुपयों की मांग और विवाद की शुरुआत

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बाबूलाल जाटव 65 पेशे से किसान थे और अपने बेटे रवि जाटव के साथ गांव में ही रहते थे। आरोपी रवि शराब का घोर आदी है और अक्सर नशे की पूर्ति के लिए अपने पिता से पैसों की मांग करता रहता था। मंगलवार शाम को भी रवि ने अपने पिता से कुछ पुराने रुपयों की मांग की। बाबूलाल इस बात से भली-भांति परिचित थे कि रवि इन पैसों का उपयोग केवल शराब पीने में करेगा, इसलिए उन्होंने पैसे देने से सख्त मना कर दिया। पिता का यह इनकार रवि को नागवार गुजरा और वह प्रतिशोध की आग में जलता हुआ घर से बाहर चला गया।

    नशे की हालत में जानलेवा हमला
    देर रात जब रवि शराब के अत्यधिक नशे में धुत होकर घर लौटा, तो उसके सिर पर खून सवार था। उसने कमरे में प्रवेश करते ही फिर से पैसों के लिए विवाद शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग पिता अपनी बात पर अडिग रहे और पैसे देने से इनकार किया, तो रवि ने आव देखा न ताव और कमरे में रखा एक मोटा डंडा उठा लिया। उसने निहत्थे और असहाय पिता के सिर, सीने और पेट पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बाबूलाल के शरीर के संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े।
    पड़ोसियों की सूचना और पुलिसिया कार्रवाई
    घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार और धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इस खूनी संघर्ष की सूचना दी। जब पुलिस दल आरोन गांव पहुँचा, तो बाबूलाल जाटव मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले गहरे जख्मों और अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रवि जाटव की तलाश शुरू की और गांव के पास ही घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रवि ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि पिता द्वारा पैसे न देने पर वह आपा खो बैठा था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलग्राम आरोन, जिला ग्वालियर म.प्र. मृतक का नामबाबूलाल जाटव 65 वर्ष आरोपी का नामरवि जाटव मृतक का पुत्र हथियारलकड़ी का मोटा डंडामुख्य कारणशराब के लिए रुपयों की मांग और विवादपुलिस कार्रवाईआरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज

  • घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान

    घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने दस दिन की गहन जांच के बाद सुलझा लिया है। जो मामला शुरुआत में अंधे कत्ल जैसा प्रतीत हो रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग में रची गई एक सुनियोजित साजिश निकला, जिसकी मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही थी।

    घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन अपने लापता सदस्य की तलाश में दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया और जांच को नई दिशा मिली।

    पहचान होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। फोन कॉल्स का सिलसिला धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था, जिससे दोनों के बीच संपर्क और गहरा हो गया।

    पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कथित तौर पर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। यही वह पल था जब साजिश ने अंतिम रूप लिया। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को साथ लिया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे शराब पिलाई और झांसी छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।

    कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयानों ने पुलिस को साजिश की हर कड़ी जोड़ने में मदद की। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं।

    प्रेम संबंधों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि एक परिवार को भी उजाड़ दिया। दतिया का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

  • इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर में युवक की गला रेतकर हत्या का खुलासा, लूट के इरादे से वारदात; नाबालिग समेत दो आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बाणगंगा थाना पुलिस ने युवक की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या के मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या पैसे और मोबाइल लूटने के इरादे से की गई थी।

    पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।

    हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।

    बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।