Tag: Madhya Pradesh crime

  • भोपाल IAS मर्डर केस: घर में गला रेती लाश और फरार केयरटेकर ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती लूट से लेकर पुराने विवाद तक जांच

    भोपाल IAS मर्डर केस: घर में गला रेती लाश और फरार केयरटेकर ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती लूट से लेकर पुराने विवाद तक जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस की जांच कई एंगल पर आगे बढ़ रही है। 30 सितंबर की सुबह अग्रवाल अपने घर में मृत मिले थे। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही उनके पुराने विवादों और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में करीब 11 महीने पुराने एक करोड़ रुपए से अधिक के कथित धोखाधड़ी मामले का एंगल भी सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुराने मामले का हत्या से सीधा संबंध है।

    जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। आरोप था कि कंपनी में निवेश कराने और बेहतर रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर उनसे एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम अलग अलग किस्तों में ली गई थी। रकम वापस नहीं मिलने के बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने अजीत पाटनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार किया गया था। अब इसी मामले में अग्रवाल की गवाही और अदालत में चल रही कार्रवाई को भी पुलिस जांच के दायरे में रख रही है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गवाही या कोर्ट की कार्रवाई को लेकर राकेश अग्रवाल पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था। हालांकि अभी तक ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि पुराने धोखाधड़ी मामले के कारण ही हत्या हुई। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

    इस बीच हत्या की जांच में घर के केयरटेकर अरुण का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस के अनुसार वारदात रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच होने की आशंका है। इसके बाद करीब 2 बजकर 15 मिनट पर अरुण सीसीटीवी कैमरे में सूरज नगर से भदभदा की तरफ जाता दिखाई दिया। फुटेज में उसके पास पिट्ठू बैग भी नजर आने की बात सामने आई है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस की पांच टीमें और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी हैं। उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई बीना रोड की ओर मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

    पुलिस लूट के एंगल की भी जांच कर रही है। घर में सामान और अलमारी की स्थिति को देखते हुए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या हत्या के पीछे चोरी या लूट का मकसद था। इसके साथ ही मृतक के पुराने मामलों कोर्ट से जुड़े दस्तावेज परिचितों और हाल के संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    पुलिस को यह भी पता चला है कि केयरटेकर को एक होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर काम पर रखा गया था। पुलिस एजेंसी के कार्यालय पहुंचकर उसके दस्तावेज नौकरी से जुड़ी जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रही है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस केयरटेकर की गिरफ्तारी को अहम मान रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के बाद हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है। मुख्यमंत्री ने भी डीजीपी को मामले की निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस पुराने धोखाधड़ी विवाद लूट और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

  • शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी

    शिवपुरी में मजदूर पर जानलेवा हमला, मिर्ची डालकर किया अंधा, पीठ पर चाकू से कई वार कर भागा आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के झांसी तिराहा इलाके में शुक्रवार सुबह एक मजदूर पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले मजदूर की आंखों में मिर्ची डाल दी और इसके बाद चाकू से उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी हाथ में चाकू लेकर मौके से फरार हो गया। घायल मजदूर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका उपचार जारी है।

    घायल मजदूर की पहचान नवाब साहब रोड निवासी मनोज धाकड़ के रूप में हुई है। मनोज झांसी तिराहा स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर काम करता है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे मनोज दुकान के बाहर खड़ा हुआ था। इसी दौरान कठमई इलाके का रहने वाला गौरव कुशवाह वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

    मनोज के अनुसार गौरव ने अचानक उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि सबसे पहले उसकी आंखों में मिर्ची डाल दी गई। आंखों में मिर्ची पड़ने के बाद मनोज संभल पाता इससे पहले आरोपी ने चाकू निकालकर उसकी पीठ पर कई वार कर दिए। अचानक हुए हमले के कारण मनोज घायल होकर वहीं गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों के बीच भी कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

    हमले के बाद आरोपी चाकू लहराते हुए मौके से भाग गया। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों ने घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। मनोज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर उसकी चोटों का उपचार कर रहे हैं।

    घटना के पीछे पुराना विवाद होने की बात सामने आ रही है। हार्डवेयर दुकान के मालिक के मुताबिक गुरुवार शाम को मनोज और गौरव के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी। उस समय विवाद ज्यादा नहीं बढ़ा था लेकिन अगले दिन सुबह दोनों के बीच फिर से कहासुनी होने के बाद मामला हिंसक हो गया। हालांकि हमले की वास्तविक वजह क्या थी यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया गया है कि जिस व्यक्ति पर हमले का आरोप है वह तीन पहिया लोडिंग वाहन चलाता है। वह इसी हार्डवेयर दुकान पर सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम भी करता है। इसी वजह से दोनों के बीच पहले से परिचय होने की बात सामने आई है। पुलिस अब विवाद की शुरुआत और हमले से पहले दोनों के बीच हुई बातचीत सहित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हमले की वजह के साथ साथ आरोपी की तलाश और घटना से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।

    फिलहाल घायल मजदूर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हमले के बाद इलाके में भी घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है।

  • पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल

    पुरानी घटना का वीडियो देखते ही फिर मचा बवाल शिवपुरी में परिवार के लोगों के बीच डंडों से मारपीट कई घायल


    शिवपुरी। शिवपुरी की शक्तिपुरम कॉलोनी खुड़ा में एक पुराने विवाद का वीडियो परिवार के बीच दोबारा तनाव की वजह बन गया। वीडियो बनाने और उससे जुड़ी एफआईआर को लेकर परिवार के दोनों पक्ष सोमवार को आमने सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से डंडों से मारपीट शुरू हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। मामले में कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि पूरा विवाद एक पुराने घटनाक्रम से जुड़ा है। 13 सितंबर को अशोक धाकड़ ने अपनी पत्नी बेटों और बहू समेत छह लोगों पर मारपीट करने और उन्हें ईको गाड़ी में बैठाकर सुभाषपुरा ले जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में 18 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी पुराने घटनाक्रम का वीडियो अब परिवार के भीतर एक नए विवाद की वजह बन गया।

    पहले पक्ष की ओर से बादल धाकड़ ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया कि वह रात करीब 10:30 बजे अपने घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान पवन धाकड़ नीरज धाकड़ और उत्तम धाकड़ वहां पहुंचे। शिकायत के अनुसार तीनों ने पुराने मामले का वीडियो बनाने को लेकर बादल से विवाद शुरू कर दिया। बादल का कहना है कि उसने अशोक धाकड़ के साथ कथित मारपीट होते देखकर घटना का वीडियो बनाया था। आरोप है कि इसी बात को लेकर उसके साथ गाली गलौज की गई और डंडों से मारपीट की गई।

    बादल के मुताबिक उसे बचाने के लिए नरेश धाकड़ राहुल धाकड़ और संजय रावत आगे आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। शिकायत में चार लोगों के घायल होने की बात कही गई है। बादल ने यह भी आरोप लगाया कि उसे दोबारा वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस पक्ष की रिपोर्ट दर्ज की है।

    वहीं दूसरे पक्ष की ओर से नीरज धाकड़ ने भी शिकायत दर्ज कराई। नीरज के अनुसार घर के बाहर उसके भाई पवन के साथ वीडियो वायरल करने की बात को लेकर गाली गलौज की जा रही थी। जब नीरज बीच बचाव करने पहुंचा तो बादल सीताराम नरेश और संजय ने उसके साथ डंडों से मारपीट की। शिकायत में नीरज के अलावा पवन और उनकी मां शांति बाई के घायल होने की बात कही गई है।

    इस तरह एक पुराने विवाद से जुड़ा वीडियो परिवार में दोबारा टकराव की वजह बन गया। पहले जिस घटना का वीडियो सामने आया था उसी को लेकर अब परिवार के दोनों पक्षों में नया विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के साथ मारपीट की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुराने मामले और सोमवार को हुए विवाद के बीच संबंध को भी जांच के दौरान देखा जाएगा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।

  • घर में मिला महिला इंस्पेक्टर का खून से लथपथ शव पास पड़ा था हथौड़ा प्रेमी पर हत्या का शक फिर उठाया खौफनाक कदम

    घर में मिला महिला इंस्पेक्टर का खून से लथपथ शव पास पड़ा था हथौड़ा प्रेमी पर हत्या का शक फिर उठाया खौफनाक कदम


    भोपाल। भोपाल में महिला RTO इंस्पेक्टर की हत्या और उसके बाद उनके प्रेमी की आत्महत्या का मामला सामने आने से सनसनी फैल गई है। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र की लेखपाल कॉलोनी में सोमवार सुबह RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले का शव उनके घर के अंदर मिला। मीनाक्षी की उम्र करीब 45 वर्ष बताई गई है। उनके सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं और शव के पास ही खून से सना हथौड़ा पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मीनाक्षी भंवरी जोड़ के पास लेखपाल कॉलोनी में रहती थीं। उनके साथ एक रूममेट भी रहती थी। सोमवार सुबह करीब 7 बजे रूममेट ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस के पहुंचने पर घर के अंदर मीनाक्षी का शव मिला। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से जांचना शुरू किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में मीनाक्षी के प्रेमी पवन कुमार द्विवेदी का नाम सामने आया है। बताया गया है कि पवन मूल रूप से सीधी जिले का रहने वाला था और करीब दो दिन पहले ही भोपाल आया था। वह मीनाक्षी के साथ उनके घर में ही रह रहा था। पुलिस को आशंका है कि रविवार देर रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। इसके बाद पवन ने कथित तौर पर हथौड़े से मीनाक्षी के सिर पर वार किए जिससे उनकी मौत हो गई।

    घटना के बाद पवन ने भी कथित तौर पर घर से करीब 20 मीटर दूर स्थित एक पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को उसकी जेब से बैंक पासबुक भी मिली है। पवन पहले इंदौर में कोचिंग क्लासेस चला चुका था और वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस अब उसके भोपाल आने की वजह और मीनाक्षी के साथ उसके संबंधों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पवन मीनाक्षी से शादी करना चाहता था जबकि मीनाक्षी शादी के लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ होगा। हालांकि पुलिस ने अभी इस वजह को अंतिम कारण नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

    पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL की टीम ने भी मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। अब पुलिस मीनाक्षी और पवन के बीच हुई बातचीत उनके पिछले संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है। फिलहाल मामले में हत्या और आत्महत्या की घटनाओं को जोड़कर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • 2 घंटे में 118KM भागे लुटेरे लेकिन मुरैना में ट्रक बना रोड़ा: हादसे के बाद कार से निकले 41 लाख और हथियार

    2 घंटे में 118KM भागे लुटेरे लेकिन मुरैना में ट्रक बना रोड़ा: हादसे के बाद कार से निकले 41 लाख और हथियार


    भोपाल। फिरोजाबाद में पशु व्यापारियों से हुई 41 लाख रुपए की लूट का राज एक सड़क हादसे के बाद खुल गया। वारदात को अंजाम देने के बाद चार बदमाश तेज रफ्तार कार से मध्य प्रदेश की ओर भाग रहे थे लेकिन मुरैना में उनकी कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में चारों बदमाश घायल होकर कार में फंस गए। इसी दौरान मौके पर पहुंचे एक भाजपा नेता को बदमाशों ने कार से बैग निकालने के लिए कहा। बैग को उठाने पर उसका वजन और सख्ती देखकर उन्हें शक हुआ। पुलिस ने तलाशी ली तो बैग से 41 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई। इसके साथ ही कार से पिस्टल चाकू और काले रंग के मास्क भी मिले।

    पुलिस के मुताबिक इस पूरी वारदात की शुरुआत करीब 10 दिन पहले हुई थी। भोपाल का रहने वाला राज फिरोजाबाद में अपने रिश्तेदारों के यहां आया था। इसी दौरान उसने पशु व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी। उसे पता चला कि व्यापारी सुबह की हाट में जाने के लिए रात करीब दो बजे बड़ी रकम लेकर घर से निकलते हैं। राज ने यह जानकारी भोपाल के चार बदमाशों रिहान खालिद अरसव और आबिद को दी। इसके बाद चारों को फिरोजाबाद बुलाया गया। पुलिस के अनुसार इनमें अरसव और आबिद निगरानीशुदा बदमाश हैं।

    14 सितंबर की रात पशु व्यापारी जान मोहम्मद रहीश और अनीश कार से बाजार जाने के लिए निकले थे। घर से करीब 20 मीटर आगे पहुंचने के बाद एक व्यापारी को याद आया कि उसका मोबाइल घर पर छूट गया है। कार वापस लौटाई गई और वह मोबाइल लेने घर चला गया। इसी दौरान दो अन्य व्यापारी कुछ दूरी पर बाथरूम के लिए चले गए। बदमाशों ने इसी मौके का फायदा उठाया और कार में रखे नकदी से भरे दो बैग लेकर फरार हो गए। दोनों बैग में कुल 41 लाख रुपए थे।

    लूट के बाद आरोपी कार से टूंडला पार करते हुए मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ गए। पुलिस की घेराबंदी से बचते हुए उन्होंने करीब 118 किलोमीटर का सफर लगभग दो घंटे में पूरा किया। 15 सितंबर की सुबह करीब चार बजे मुरैना के कोतवाली थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर पर ओवरटेक करने के दौरान उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में चारों घायल हो गए और कार में फंस गए।

    इसी दौरान वहां से गुजर रही पुलिस टीम ने घायलों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। कुछ देर बाद भाजपा नेता अर्जुन तोमर भी मौके पर पहुंचे। घायलों ने उनसे कार से बैग निकालने को कहा और बताया कि उनमें कपड़े हैं। एक बैग उठाने पर उन्हें वह असामान्य रूप से सख्त और भारी लगा। शक होने पर उन्होंने दोनों बैग पुलिस को सौंप दिए। तलाशी में नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।

    इसके बाद पुलिस ने घायलों से पूछताछ की तो फिरोजाबाद की लूट की पूरी कड़ी सामने आ गई। आरोपियों के मोबाइल और कॉल डिटेल की जांच शुरू की गई। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपियों के कुछ रिश्तेदार हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुरैना पहुंचने वाले थे। फिरोजाबाद पुलिस की टीम भी मुरैना पहुंची और आरोपियों से पूछताछ की।

    जांच में आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आ रहे हैं। पुलिस खालिद के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों के साथ आबिद के ATM क्लोनिंग से जुड़े मामलों की भी पड़ताल कर रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 41 लाख की इस लूट के पीछे सिर्फ चार बदमाश थे या कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से शुरू हुई वारदात की कड़ियां भोपाल और मुरैना तक पहुंचने के बाद पुलिस दोनों राज्यों में आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों की जांच कर रही है।

  • पिता की संदिग्ध मौत का था बदला लेना 21 अगस्त की रात फूफा की हत्या अब पुलिस ने दबोचा आरोपी

    पिता की संदिग्ध मौत का था बदला लेना 21 अगस्त की रात फूफा की हत्या अब पुलिस ने दबोचा आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मोहर सिंह रावत की हत्या के आरोप में उनके भतीजे दिलीप रावत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी को शक था कि करीब 7 से 8 साल पहले उसके पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के पीछे उसके फूफा मोहर सिंह रावत का हाथ था। इसी बात को लेकर उसके मन में लंबे समय से नाराजगी थी। पुलिस का कहना है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते दिलीप ने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

    घटना 21 अगस्त की रात रातीकिरार पुलिया के पास हुई। पुलिस के अनुसार दिलीप ने शराब के नशे में मोहर सिंह के साथ मारपीट की। इसके बाद पत्थर से उनके सिर पर हमला किया जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को सड़क से नीचे ले जाकर छिपाने की कोशिश भी की। हालांकि वह ज्यादा नशे में था और शव को अधिक दूर तक नहीं ले जा सका। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

    22 अगस्त को जाफरपुर निवासी मिथुन रावत ने सिरसौद थाने में अपने पिता मोहर सिंह के लापता होने की सूचना दी। परिवार के मुताबिक मोहर सिंह 21 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे अपने भतीजे दिलीप के साथ शिवपुरी से छिमछिमा मंदिर जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। इसी बीच गांव के युवक दुर्वेन्द्र रावत ने परिजनों को जानकारी दी कि मोहर सिंह रातीकिरार पुलिया के पास पड़े हुए हैं। परिवार के लोग तुरंत वहां पहुंचे तो मोहर सिंह मृत अवस्था में मिले।

    मामले की जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और सिर बुरी तरह कुचला गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल और साइबर सेल की मदद ली। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच आगे बढ़ने के साथ ही पुलिस का शक मोहर सिंह के भतीजे दिलीप रावत पर गहराता गया।

    पुलिस के मुताबिक इसी दौरान दिलीप गांव छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। 14 सितंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दिलीप को शिवपुरी में पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी मथुरा से शिवपुरी की ओर आ रहा था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उसने कथित तौर पर वारदात और हत्या की वजह के बारे में जानकारी दी।

    पूछताछ में सामने आया कि दिलीप के पिता प्रीतम रावत की करीब 7 से 8 साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। यह मौत उसकी बुआ के घर यानी मोहर सिंह के घर पर हुई थी। दिलीप को लंबे समय से शक था कि उसके पिता की मौत के लिए मोहर सिंह जिम्मेदार थे। इसी शक और पुरानी रंजिश को लेकर उसके मन में फूफा के खिलाफ गुस्सा बना हुआ था।

    पुलिस के अनुसार 21 अगस्त की रात शराब के नशे में उसने मोहर सिंह के साथ मारपीट की और पत्थर से सिर पर हमला कर दिया। बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा और उसे घसीटकर सड़क से नीचे ले जाने की कोशिश की। लेकिन नशे की हालत में वह सफल नहीं हो सका और मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

  • 9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम

    9 कमरों वाले स्पा सेंटर में पुलिस की दबिश 5 कमरों में मिले युवक युवतियां ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस टीम


    भोपाल । भोपाल में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे कथित अनैतिक देह व्यापार का पुलिस ने खुलासा किया है। पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी स्थित Pink Vibes Spa में पुलिस ने शनिवार रात छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की थी। कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर के पांच कमरों में युवक युवतियां आपत्तिजनक परिस्थितियों में मिले। पुलिस ने मौके से 8800 रुपये नकद मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है।

    पुलिस के मुताबिक इंद्रपुरी इलाके में संचालित स्पा सेंटर को लेकर लगातार जानकारी मिल रही थी कि वहां मसाज सेंटर की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले अपने स्तर पर इसकी पुष्टि करने की योजना बनाई। इसके लिए पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर के अंदर भेजा। अंदर पहुंचने के बाद जब संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई तो पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटर पर दबिश दी।

    पुलिस की तलाशी के दौरान स्पा सेंटर के कुल नौ कमरों में से पांच कमरों में युवक और युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। मौके पर मौजूद महिलाओं से महिला पुलिसकर्मियों की मदद से पूछताछ की गई। पूछताछ और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को स्पा सेंटर में अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस जांच में स्पा सेंटर से होने वाली कथित अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को अलग अलग प्रतिशत के हिसाब से कमीशन दिया जाता था। जांच में भुवन सिंह चंदेल को 20 प्रतिशत दीपक ठाकुर को 10 प्रतिशत पंकज त्रिपाठी को 15 प्रतिशत और देवीसिंह रजक को 5 प्रतिशत कमीशन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

    कार्रवाई के बाद पुलिस ने भुवन सिंह चंदेल दीपक ठाकुर पंकज त्रिपाठी और देवीसिंह रजक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धारा 3 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्पा सेंटर का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें अन्य कौन कौन लोग शामिल थे।

    इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब स्पा सेंटर से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि सेंटर पर आने वाले ग्राहकों और वहां काम करने वाले लोगों के बीच किस तरह संपर्क होता था तथा कथित अवैध गतिविधियों से होने वाली कमाई का नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच कर सकती है ताकि मामले से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

    पिपलानी थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने स्पा सेंटरों की गतिविधियों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जता रही है।

  • शिवपुरी में प्राचार्य के कमरे की तलाशी में मिली स्मैक की 14 पुड़िया विभाग ने किया निलंबित पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत शुरू की कार्रवाई

    शिवपुरी में प्राचार्य के कमरे की तलाशी में मिली स्मैक की 14 पुड़िया विभाग ने किया निलंबित पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत शुरू की कार्रवाई


    शिवपुरी । शिवपुरी में सरकारी कृषि प्रशिक्षण केंद्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शासकीय कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया की टेबल की दराज से स्मैक की 14 पुड़िया बरामद होने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राचार्य की टेबल से नशीला पदार्थ मिलने की खबर सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है।

    पुलिस के अनुसार 9 सितंबर को कोतवाली पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में स्मैक की पुड़िया रखी हुई हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और केंद्र परिसर में जांच शुरू की। इसके बाद प्राचार्य के कमरे की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्राचार्य की टेबल की दराज में सफेद पॉलिथीन के भीतर कागज में लिपटी हुई 14 पुड़िया मिलीं। पुलिस ने मौके पर ही बरामद पदार्थ की जांच और तौल की प्रक्रिया पूरी की।

    पुलिस के मुताबिक पुड़ियों के भीतर भूरे रंग का पाउडर मिला जिसका कुल वजन 1.66 ग्राम बताया गया है। पुलिस ने इसे स्मैक बताते हुए जब्त कर लिया। बरामदगी की पूरी कार्रवाई को रिकॉर्ड करने के लिए वीडियोग्राफी भी कराई गई। मामले में पुलिस ने जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही संबंधित दस्तावेज भी तैयार किए।

    कार्रवाई के दौरान प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया से पंचनामा जब्ती पत्र और नोटिस पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार प्राचार्य ने इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हस्ताक्षर नहीं करने की स्थिति को भी अलग पंचनामा के माध्यम से दर्ज किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टेबल की दराज में मिली स्मैक वहां कैसे पहुंची और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नशीले पदार्थ की बरामदगी सरकारी संस्थान के परिसर से होने के कारण मामला और भी गंभीर माना जा रहा है। पुलिस बरामद पदार्थ की जांच और मामले से जुड़े तथ्यों को आगे बढ़ा रही है।

    इधर पुलिस कार्रवाई के बाद विभाग ने भी प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। विभागीय कार्रवाई के बाद अब मामले की जांच पुलिस के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी आगे बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि बरामद 14 पुड़िया किसके लिए रखी गई थीं और इनका इस्तेमाल या आपूर्ति किस उद्देश्य से की जानी थी। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस

    इंदौर में ब्यूटीशियन की संदिग्ध मौत होटल से शव ले जाने का VIDEO सामने आया फंदे के एंगल की जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल में 32 वर्षीय ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। होटल के कमरे में महिला की मौत के बाद सामने आए CCTV फुटेज ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। फुटेज में होटल के बाहर एक सफेद कार दिखाई दे रही है जिसके आसपास कुछ युवक मौजूद हैं। इनमें से दो युवक महिला के शव को कार में रखते हुए नजर आ रहे हैं। कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी कार के पास खड़ा दिखाई देता है। पुलिस अब होटल में महिला के पहुंचने से लेकर उसे अस्पताल ले जाने तक की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

    जानकारी के मुताबिक सोनिला बुधवार दोपहर दीपक खंडेलवाल के साथ होटल पहुंची थी। दोनों होटल के कमरा नंबर 101 में गए थे। सोनिला के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद दीपक होटल आया था। इसके बाद वह करीब 40 मिनट तक कमरे में रुका। कमरे से बाहर निकलने के बाद उसने होटल स्टाफ को बताया कि सोनिला बेहोश है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई।

    CCTV फुटेज में होटल के बाहर की गतिविधियां भी रिकॉर्ड हुई हैं। सफेद कार के आसपास कई युवक दिखाई दे रहे हैं। दो लोग महिला के शव को कार में रखते नजर आते हैं। इसी दौरान कारोबारी होटल के एक कर्मचारी को अपने साथ चलने का इशारा करता है लेकिन कर्मचारी उसके साथ जाने से मना कर देता है। महिला को बाद में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद सोनिला के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। बताया गया है कि वहां उनकी दीपक खंडेलवाल से कहासुनी हुई थी। इसके बाद दीपक अस्पताल से चला गया। घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों के जरिए उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    सोनिला के पति संजय ने बताया कि उनकी शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और दोनों की दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले परिवार इंदौर में रहने लगा था लेकिन पिछले करीब एक साल से संजय ब्यावरा में रह रहा था जबकि सोनिला इंदौर में रहती थी। दीपक को लेकर पूछे जाने पर संजय ने कहा कि वह उसे जानता है लेकिन फिलहाल इस मामले में बात नहीं करना चाहता। उसने करीब आठ दिन बाद पूरी बात बताने की बात कही है। परिवार की ओर से अभी तक दीपक पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है।

    पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस और डॉक्टरों के बीच हुई चर्चा में फंदे से मौत का एंगल सामने आया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ होने की उम्मीद है। पुलिस ने विसरा भी जांच के लिए भेजा है। शुरुआती जानकारी में जहर खाने की आशंका की भी चर्चा हुई थी लेकिन पुलिस फिलहाल सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    पुलिस ने होटल से DVR और जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। CCTV फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सोनिला होटल में किस परिस्थिति में पहुंची थी। दीपक कमरे में कितनी देर रहा और उसके बाहर निकलने के बाद महिला की स्थिति क्या थी। इसके अलावा अस्पताल तक पहुंचने के दौरान कौन कौन लोग मौजूद थे इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जांच जारी है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। दीपक खंडेलवाल पालदा क्षेत्र में पाइप का कारोबार करता है और घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में कई टीमें लगा चुकी है। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और CCTV जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि होटल के कमरे में आखिर हुआ क्या था।

  • पुलिस की भनक लगते ही जंगल में भागा शराब तस्कर बाइक मौके पर छोड़ी 55 लीटर शराब मिली 600 लीटर लाहन किया नष्ट

    पुलिस की भनक लगते ही जंगल में भागा शराब तस्कर बाइक मौके पर छोड़ी 55 लीटर शराब मिली 600 लीटर लाहन किया नष्ट


    जबलपुर । जबलपुर के पनागर इलाके में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल में चल रहे शराब बनाने के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पनागर से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर तिलगमा और भौरहा गांव के बीच घने जंगल में हाथ भट्टी लगाकर महुआ शराब तैयार की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में पहुंचकर जंगल और नाले के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की गतिविधि देखते ही वहां मौजूद एक आरोपी बाइक छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

    पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति वहां मौजूद था। पुलिस को देखते ही उसने बाइक वहीं छोड़ दी और घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया। बाइक की तलाशी लेने पर उसमें करीब 55 लीटर हाथ भट्टी से तैयार की गई महुआ शराब मिली। शराब को जब्त कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

    इसके बाद पुलिस टीम ने जंगल के अंदर और नाले के किनारे मौजूद संभावित ठिकानों की तलाश की। तलाशी के दौरान तीन बड़े ड्रम मिले जिनमें शराब बनाने के लिए सामग्री छिपाकर रखी गई थी। पुलिस को मौके पर करीब 600 लीटर लाहन मिला। इसके अलावा शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली भट्टियां और अन्य उपकरण भी वहां रखे हुए थे। इससे साफ हुआ कि जंगल में लंबे समय से अवैध शराब बनाने का काम चल रहा था।

    पुलिस ने मौके पर ही शराब बनाने के इस पूरे ठिकाने को नष्ट करने की कार्रवाई शुरू की। करीब 600 लीटर लाहन को मौके पर नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही अवैध शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली भट्टियों और अन्य सामान को भी हटाया गया ताकि दोबारा वहां शराब बनाने की गतिविधि शुरू न हो सके। पुलिस ने जब्त 55 लीटर महुआ शराब और मोटरसाइकिल को अपने कब्जे में ले लिया है।

    पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी की पहचान के लिए मौके से जब्त मोटरसाइकिल के रजिस्ट्रेशन नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि बाइक किसके नाम पर दर्ज है और जंगल में शराब बनाने के इस कारोबार से उसका क्या संबंध है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जंगल के भीतर लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ किया है कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।