Tag: Madhya Pradesh crime

  • पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार

    पड़ोस बना काल: नर्मदापुरम में मासूम बच्ची से पड़ोसी ने पार की मर्यादा, FIR दर्ज होते ही आरोपी फरार



    नई दिल्ली । नर्मदापुरम जिले के केसला थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक 50 वर्षीय व्यक्ति ने मानवता को ताक पर रखकर 11 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की। यह घटना 8 मई की शाम की है, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है।

    पड़ोसी की शर्मनाक करतूत: घर में अकेला पाकर की छेड़छाड़
    घटना उस वक्त हुई जब बच्ची की मां किसी जरूरी काम से सुखतवा गई हुई थी। घर में 11 साल की मासूम अपनी 5 साल की छोटी बहन के साथ अकेली थी। सूने घर और बच्चियों को अकेला देख पड़ोस में रहने वाले बुद्धू चाचा उर्फ नर्मदा प्रसाद की नीयत डोल गई।

    आरोपी चुपके से घर में दाखिल हुआ और मासूम बच्ची को बुरी नीयत से दबोच लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ ‘बैड टच’ और छेड़छाड़ शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बच्ची बुरी तरह घबरा गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और शोर मचाना शुरू कर दिया। मासूम की चीखें सुनकर आरोपी पकड़े जाने के डर से मौके से फरार हो गया।

    मां के लौटते ही खुला राज, पुलिस ने कसा शिकंजा
    शाम करीब 6 बजे जब मां घर लौटी, तो उसने अपनी बेटी को डरा-सहमा और रोता हुआ पाया। पूछने पर मासूम ने ‘बुद्धू चाचा’ की सारी सच्चाई बयां कर दी। अपनी कलेजे के टुकड़े के साथ हुई इस हरकत को सुनकर मां तुरंत उसे लेकर केसला थाने पहुंची।

    पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति:
    केस दर्ज: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और छेड़छाड़ की अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    आरोपी की पहचान: आरोपी नर्मदा प्रसाद सीपीई (CPE) में एक प्राइवेट कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। फरार आरोपी: वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार है। पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने आश्वासन दिया है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें पिछले दो दिनों से सक्रिय हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी

    सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी


    नई दिल्ली । सिवनी जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार रात एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई बाइक बरामद कर ली गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में अपराध और चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

    मामले की शुरुआत 7 मई को हुई, जब ग्राम बोरदेई, थाना डूंडासिवनी निवासी मोहम्मद आरिफ ने कोतवाली थाने में अपनी टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार उनकी बाइक मंगलीपेठ क्षेत्र से अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली गई थी, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपए बताई गई।

    पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला कायम किया और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने विकास सोनी नामक आरोपी को हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रवि लोधी के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास सोनी, उम्र 25 वर्ष, भगत सिंह वार्ड के टपरा मोहल्ला का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है और उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल पांच मामले दर्ज हैं।

    फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी रवि लोधी की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के साथ प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे और सौरभ ठाकुर की अहम भूमिका रही।

  • बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू

    बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू


    नई दिल्ली । बालाघाट के वारासिवनी में सूदखोरी और आदिवासियों की जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार अनिल अरोरा को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्ति दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिसमें बड़े वित्तीय और जमीन घोटाले के संकेत मिले हैं।

    सूदखोरी के जाल में फंसते रहे लो
    वारासिवनी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित सूदखोरी के नेटवर्क का अब बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी अनिल अरोरा पर आरोप है कि वह आम लोगों के साथ-साथ नौकरीपेशा वर्ग को भी ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज देकर शोषण करता था। बताया जा रहा है कि वह 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था, जिससे कई लोग कर्ज के जाल में फंसते चले गए।

    छापेमारी में मिले चौंकाने वाले दस्तावे
    पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली चेक, जमीन की रजिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज कथित तौर पर उसके संगठित अवैध कारोबार की ओर इशारा करते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का आरो
    मामले में सबसे गंभीर आरोप आदिवासी समुदाय की जमीनों को हड़पने का है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने कुछ लोगों के नाम का उपयोग कर आदिवासियों से सस्ते दामों पर जमीन खरीदी। इसके बाद उन्हीं जमीनों को बड़े कॉलोनाइजरों और गैर-आदिवासियों को ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया। अब तक इस तरह की करीब 6 रजिस्ट्रियां पुलिस के हाथ लगी हैं।

    कोर्ट ने भेजा जेल, जांच में बढ़ी सख्त
    शनिवार को कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए जेल भेज दिया। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    यह मामला न केवल सूदखोरी की गंभीर समस्या को उजागर करता है, बल्कि आदिवासी भूमि के अवैध लेन-देन और संगठित आर्थिक अपराध की ओर भी इशारा करता है। पुलिस की जांच से आने वाले समय में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।

  • छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप

    छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप


    नई दिल्ली । छिंदवाड़ा के खजरी ओवरब्रिज के पास एक युवक ने दिव्यांग कार चालक के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और हंगामा किया। खुद को फौजी बताने वाले आरोपी ने ‘पुलिस’ लिखी कार से आकर आधे घंटे तक उत्पात मचाया और लोगों के पहुंचने पर फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    ओवरब्रिज के पास सड़क पर आधे घंटे तक चला ड्रामा
    छिंदवाड़ा शहर के खजरी ओवरब्रिज के पास शनिवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ‘पुलिस’ लिखी कार में सवार होकर मौके पर पहुंचा और खुद को सेना का जवान बताने लगा। इसी दौरान उसने एक दिव्यांग कार चालक आश्रय जैन को निशाना बनाया और उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

    दिव्यांग चालक को कार से खींचने की कोशिश
    पीड़ित आश्रय जैन अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें रोक लिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवक ने उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। पीड़ित ने अपनी दिव्यांगता के बारे में भी बताया, लेकिन आरोपी ने कोई सुनवाई नहीं की और लगातार बदसलूकी करता रहा। इस दौरान करीब 30 मिनट तक सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

    भीड़ जुटते ही फरार हुआ आरोपी
    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जब लोगों ने आरोपी से उसका नाम और पहचान पूछी, तो वह घबरा गया और बिना जवाब दिए मौके से अपनी कार लेकर फरार हो गया। कार के आगे और पीछे ‘पुलिस’ लिखा होने के कारण शुरुआत में लोग भ्रमित भी हुए।

    पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत, जांच शुरू
    घटना के बाद पीड़ित आश्रय जैन कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपी पर मानसिक प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, वाहन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सड़क पर वर्दी और सरकारी पहचान के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

  • विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में


    नई दिल्ली । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में 1 अप्रैल की रात उस समय तनाव फैल गया जब टिकुरिया टोला से जवारे विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। श्रद्धालु भरजुना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अलग-अलग वाहनों से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान साइडिंग इलाके में पूर्व सरपंच सम्मी खान समेत 10 से 12 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ शुरू कर दी। घटना के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला
    जब श्रद्धालुओं ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो हमलावरों ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 7 से 8 लोग घायल हो गए थे। घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया था।

    पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
    घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पहले ही मुख्य आरोपी समीर खान उर्फ सम्मी सहित आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान दो और आरोपियों मोहम्मद अली (26) और विजय (26) के नाम सामने आए, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

    40 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
    लगातार तलाश के बाद बाबूपुर चौकी पुलिस ने शनिवार को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    इलाके में तनाव और सुरक्षा पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी न हो।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

    उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल


    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।

    घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

  • जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या

    जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के बाद 33 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार देर रात की है, जहां पांच बदमाशों ने युवक को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    जानिए क्‍या है मामला

    जानकारी के मुताबिक, हनुमानताल निवासी मोनू उर्फ सादिल शादियों में दूल्हे के लिए घोड़ी उपलब्ध कराने का काम करता था। सोमवार रात वह घमापुर इलाके में एक शादी समारोह में घोड़ी लेकर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ युवक बाइक से वहां से निकल रहे थे। भीड़ अधिक होने के कारण मोनू ने उन्हें घोड़ी से दूर रहने को कहा, ताकि कोई हादसा न हो। इसी बात को लेकर आरोपियों से उसका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

    बारात खत्म होने के बाद देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच मोनू घर लौटा। घोड़ी बांधकर जैसे ही वह घर के अंदर जाने लगा, तभी बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर कई वार किए और खून से लथपथ हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद राहगीरों ने घायल मोनू को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हनुमानताल और घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

    परिवार की जिम्मेदारी थी मृतक पर

    मृतक के भाई मोहम्मद साबिर के अनुसार, परिवार हमलावरों को नहीं जानता। विवाद की वजह सिर्फ इतनी थी कि मोनू ने घोड़ी से दूर रहने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि मोनू ही पूरे परिवार का सहारा था और शादी-विवाह में घोड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच में जीशान नाम के युवक और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई है। हनुमानताल थाना पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

    दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया में मंगलवार सुबह एक भाजपा पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब पार्षद मंदिर से लौट रहे थे। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई।

    ऐसे हुआ हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 के पार्षद कल्लू कुशवाहा रोज की तरह चौराहे पर टहलने पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी, जबकि दूसरी पीठ में जा लगी। गोली लगते ही वे मौके पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    कई आपराधिक मामले दर्ज थे

    दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन के मुताबिक, कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में मामला वर्चस्व की रंजिश से जुड़ा माना जा रहा है।

    पहले भी हत्या के मामले में मिली थी सजा

    कल्लू कुशवाहा 2022 में वार्ड नंबर 1 से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बाल किशन कुशवाहा की हत्या के मामले में कल्लू सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। वह करीब चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित

    पार्षद की हत्या के बाद नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में सभी पार्षदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला ने बताया कि बजट पहले ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) में पारित हो चुका है, इसलिए इसे स्वतः मंजूर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।