Tag: Madhya Pradesh crime

  • नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें

    नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें


    नरसिंहपुर मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को जबलपुर भोपाल नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिसे सामान्य सड़क दुर्घटना माना जा रहा था वह दरअसल अवैध रेत कारोबार की खूनी रंजिश का नतीजा निकला। छह दिन तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित सामूहिक हत्या थी जिसे दुर्घटना का रूप देने की पूरी तैयारी पहले से कर ली गई थी। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के मुताबिक अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। वारदात वाले दिन आरोपियों ने राजेंद्र लोधी की हर गतिविधि पर नजर रखी। उसकी लोकेशन लगातार मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती रही। जैसे ही राजेंद्र अपने साथियों के साथ तय स्थान पर पहुंचा वैसे ही पहले से हाईवे के दोनों ओर खड़े हाईवा वाहनों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कुचल दिया। इस हमले में राजेंद्र लोधी सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका इलाज जारी है।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर ए मिला जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और हत्या में इस्तेमाल हाईवा को हीरापुर बंदरोहा के जंगल से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया जिसके बाद एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी होती चली गई।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ अमित खरे भी इस साजिश का हिस्सा थे। आरोप है कि उन्होंने हत्या को सड़क हादसा दिखाने और सबूत मिटाने के तरीके बताए। वारदात के बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत में मौत की पुष्टि होने पर खुशी जताने जैसी बातें भी सामने आई हैं जो इस साजिश की गंभीरता को दर्शाती हैं।

    पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार राजेंद्र लोधी और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से अवैध रेत कारोबार और आर्थिक हितों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया और पांच लोगों की जान चली गई।

    पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। इस खुलासे के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े आपराधिक गठजोड़ पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

  • पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी

    पत्नी की हत्या के बाद फरार आरोपी पति की संदिग्ध मौत गंजबासौदा रेलवे ट्रैक पर मिला धड़ सिर की तलाश जारी


    इंदौर । इंदौर में चर्चित पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पत्नी की हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अखिलेश सैनी का संदिग्ध परिस्थितियों में गंजबासौदा के पास रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना है। शव धड़ के रूप में मिला है जबकि सिर गायब है। पुलिस ने शव की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में होने की बात कही है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों द्वारा पहचान की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार गंजबासौदा और पवई के बीच रेलवे ट्रैक पर एक शव पड़े होने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रेलवे पटरी पर केवल धड़ मिला जबकि सिर घटनास्थल पर नहीं था। पुलिस ने आसपास के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया लेकिन सिर बरामद नहीं हो सका। शव की जेब से आधार कार्ड सहित कुछ दस्तावेज और एक कथित सुसाइड नोट मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस नोट की सत्यता और उसके विषय की भी जांच कर रही है।

    इधर सूचना मिलने के बाद इंदौर पुलिस की टीम और अखिलेश के परिजन गंजबासौदा के लिए रवाना हो गए हैं ताकि शव की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के बाद फरार रहने के दौरान अखिलेश पिछले कई दिनों तक कहां रहा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    गौरतलब है कि 11 जुलाई को इंदौर स्थित सरकारी आवास में पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब उनके दोनों बच्चे स्कूल से लौटे और घर के भीतर मां को खून से लथपथ पड़ा पाया। घटना के बाद से ही पति अखिलेश सैनी फरार था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। उस पर घोषित इनाम भी बढ़ाकर बीस हजार रुपए कर दिया गया था।

    जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार बेटी ने पुलिस को बताया था कि पिता लंबे समय से मां पर बेबुनियाद शक करते थे और पहले भी कई बार उनके साथ मारपीट कर चुके थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद आरोपी ने कपड़े बदले और बच्चों के स्कूल जाकर उन्हें दूसरी जगह भेजने की कोशिश की थी। आरोप है कि वारदात के समय घर में टीवी की आवाज बहुत तेज कर दी गई थी ताकि शोर बाहर न जा सके।

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उर्मिला सैनी की हत्या को बेहद क्रूर बताया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में विशेष प्रकार के धारदार हथियार का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में कई तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए थे तथा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही थी।

    अब आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद यह मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस आत्महत्या हत्या या किसी अन्य संभावना सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही कथित सुसाइड नोट की फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही अखिलेश की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद

    पत्नी की हत्या छिपाने के लिए खरीदा जहरीला कोबरा: पोस्टमार्टम ने खोली साजिश की परतें, बैंक अफसर को उम्रकैद


    इंदौर । इंदौर के बहुचर्चित वर्ष 2019 के शिवानी हत्याकांड में करीब साढ़े छह साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपनी पत्नी की पहले गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद मौत को सर्पदंश से हुई प्राकृतिक मृत्यु दिखाने के लिए बेहद सुनियोजित साजिश रची। इस मामले में आरोपी को हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने और संरक्षित वन्यजीव की अवैध हत्या के मामले में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है।

    अभियोजन के अनुसार घटना एक दिसंबर 2019 को इंदौर के संचार नगर स्थित घर में हुई थी। आरोपी अपनी पत्नी शिवानी को अस्पताल लेकर पहुंचा और डॉक्टरों को बताया कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। लेकिन मृतका के परिजनों ने शुरू से ही इस पर संदेह जताया और हत्या की आशंका व्यक्त की। घटनास्थल पर एक मृत कोबरा मिलने से मामला और उलझ गया।

    जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले जिन्होंने पूरी कहानी बदल दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शिवानी की मौत सर्पदंश से नहीं बल्कि मुंह और गला दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों ने इस निष्कर्ष को मजबूत किया। बिस्तर, तकिए और अन्य सामग्री से मिले वैज्ञानिक प्रमाणों ने हत्या की पुष्टि की।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर से करीब 620 किलोमीटर दूर जाकर ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का जहरीला कोबरा खरीदकर लाया था। आरोप है कि उसने कई दिनों तक उसे घर में छिपाकर रखा और हत्या के बाद कोबरा का उपयोग सर्पदंश की झूठी कहानी गढ़ने के लिए किया। बाद में उसने कोबरा को भी मार दिया। अदालत ने इसे सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र माना।

    पुलिस जांच के दौरान आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अभियोजन ने मोबाइल रिकॉर्ड, कथित बातचीत, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उपलब्ध वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।

    मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू वन्यजीव संरक्षण कानून से भी जुड़ा रहा। जांच में कोबरा की अवैध हत्या की पुष्टि होने के बाद आरोपी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई। अदालत ने इस अपराध के लिए तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी अलग से कारावास का दंड दिया गया।

    इस फैसले के साथ मध्य प्रदेश के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल शिवानी हत्याकांड का न्यायिक अध्याय समाप्त हुआ। यह मामला इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि आधुनिक फोरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्य किस तरह जटिल आपराधिक मामलों की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

  • आधी रात कॉन्वेंट मिशन सेंटर पर धावा: लूट के बाद चार नर्सों से गैंगरेप, 28 साल पुरानी वारदात ने देश-दुनिया को झकझोरा

    आधी रात कॉन्वेंट मिशन सेंटर पर धावा: लूट के बाद चार नर्सों से गैंगरेप, 28 साल पुरानी वारदात ने देश-दुनिया को झकझोरा


    मध्य प्रदेश । साल 1998 में मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात आज भी प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में गिनी जाती है। आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले एक कॉन्वेंट मिशन सेंटर पर आधी रात हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर दिया। शुरुआत में यह मामला केवल डकैती का लगा लेकिन जांच आगे बढ़ी तो सामने आए तथ्यों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना की गूंज भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक सुनाई दी और मिशनरी संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

    22 सितंबर 1998 की रात करीब दो बजे मिशन सेंटर की घंटी बजी। बाहर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि उनके साथ एक बीमार बच्चा है जिसे तुरंत इलाज की जरूरत है। मानवता के नाते दरवाजा खोला गया लेकिन अगले ही पल पूरा माहौल बदल गया। हथियारों से लैस 26 से अधिक बदमाश परिसर में घुस आए और पूरे मिशन सेंटर को अपने कब्जे में ले लिया।

    बदमाशों ने वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की और कमरों की तलाशी लेते हुए नकदी तथा कीमती सामान लूट लिया। करीब दो घंटे तक परिसर में दहशत का माहौल बना रहा। बाहर गांव में सन्नाटा पसरा था जबकि अंदर चीख पुकार और हिंसा का दौर चलता रहा। लगातार आ रही आवाजों से कुछ ग्रामीण जागे और धीरे धीरे मिशन सेंटर की ओर पहुंचे। सुबह होने तक लोग परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए। मुख्य गेट टूटा हुआ था और अंदर का दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया।

    घटना के समय मिशन सेंटर के प्रभारी फादर वहां मौजूद नहीं थे। वे दूसरे गांव गए हुए थे। सूचना मिलने पर लौटे और हालात देखकर सीधे पुलिस थाने पहुंचे। शुरुआती शिकायत में डकैती का जिक्र किया गया क्योंकि रिपोर्ट दर्ज कराने वाला व्यक्ति घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था।

    जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ित चारों नर्सों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। उनके बयानों के बाद मामला पूरी तरह बदल गया। उन्होंने बताया कि लूटपाट के दौरान उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया। इसके बाद पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया और घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए। कपड़ों समेत अन्य सबूत जांच के लिए भेजे गए।

    यह घटना सामने आते ही पूरे झाबुआ जिले में सनसनी फैल गई। सामाजिक सेवा और स्वास्थ्य कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले मिशन सेंटर में हुई इस जघन्य वारदात ने प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया गया और मिशनरी संस्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई।

    इस मामले ने कई अहम सवाल खड़े किए। आखिर इतनी बड़ी संख्या में हथियारबंद बदमाश मिशन सेंटर तक कैसे पहुंच गए। वारदात के पीछे उनकी मंशा क्या थी। लूट के साथ इतनी क्रूर घटना को अंजाम क्यों दिया गया और इतनी बड़ी साजिश की भनक पहले क्यों नहीं लगी। इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने व्यापक जांच शुरू की और यह मामला मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित क्राइम फाइल्स में शामिल हो गया।

  • रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी

    रहस्यमयी गुमशुदगी से हत्या तक कर्ज प्रेम संबंध और एक फोन कॉल में उलझी नरसिंहपुर की सनसनीखेज कहानी


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी और सात दिन बाद तालाब से मिली लाश ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। शुरुआत में यह मामला गुमशुदगी या हादसे का माना जा रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। जांच में सामने आए एक फोन कॉल कर्ज के विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े कई पहलुओं ने इस हत्याकांड को और भी रहस्यमय बना दिया।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है। करेली निवासी 32 वर्षीय सपनेश पटेल शाम के समय अपने काम से लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक परिचित का फोन आया जिसमें उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए बुलाया गया। सपनेश तुरंत वहां जाने के लिए निकल गए लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। रात भर इंतजार करने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद मिला तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।

    अगले दिन परिवार ने रिश्तेदारों और दोस्तों के यहां तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस बीच गांव में तरह तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने बताया कि सपनेश पर पहले भी कर्ज था और संभव है कि वह फिर कहीं चला गया हो। हालांकि पुलिस ने हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि लापता होने से पहले सपनेश की आखिरी बातचीत उनके रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल से हुई थी। पूछताछ में सूर्यप्रकाश ने स्वीकार किया कि उसने ही सपनेश को शराब पार्टी के लिए बुलाया था लेकिन इसके बाद वह लगातार यही कहता रहा कि सपनेश शायद कर्ज के कारण कहीं चला गया होगा। उसके बयान पुलिस के संदेह को और गहरा करते गए।

    सात दिन बाद डूडा गांव के पास एक तालाब में ग्रामीणों ने एक शव देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों से पहचान कराई। शव सपनेश का ही था। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव सड़ चुका था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबसे बड़ा खुलासा किया। डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत डूबने से नहीं बल्कि गला दबाकर हत्या करने से हुई थी। गले पर तार जैसी किसी वस्तु से कसने के स्पष्ट निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

    इसी दौरान सपनेश के भाई ने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रकाश का उनके घर में लगातार आना जाना था और उसने कई बार उसे सपनेश की पत्नी के साथ बेहद घुलते मिलते देखा था। इस जानकारी के बाद जांच की दिशा बदल गई और पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि हत्या के पीछे असली वजह कर्ज थी या पारिवारिक संबंधों से जुड़ा कोई विवाद।

    फिलहाल इस सनसनीखेज मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। क्या हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या यह किसी विवाद का नतीजा थी। इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।

  • रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार

    रिश्तों का कत्ल: अस्पताल में डिलीवरी का दर्द झेल रही थी मां, घर पर कलयुगी दादा ने 4 साल की पोती को बनाया हवस का शिकार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और इंसानियत को पूरी तरह तार-तार कर दिया है। जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पन्नू का पुरा में एक कलयुगी दादा (बाबा) ने अपनी ही 4 साल की मासूम पोती/नातिन के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। यह घटना उस वक्त की है जब मासूम की मां अस्पताल में प्रसव पीड़ा झेल रही थी और एक नवजात शिशु को जन्म दे रही थी। परिवार ने जिस दादा के भरोसे अपनी 4 साल की बच्ची को घर पर छोड़ा था, उसी ने उसकी बेबसी का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी का माहौल व्याप्त है

    मासूम की तोतली जुबान ने खोला खौफनाक राज
    इस रूह कंपा देने वाले सच का खुलासा तब हुआ जब मां अस्पताल में डिलीवरी के बाद अपने नवजात बच्चे को लेकर घर लौटी। घर आते ही मां ने देखा कि उसकी 4 साल की मासूम बेटी अत्यंत पीड़ा में है और उसे लगातार ब्लीडिंग (रक्तस्राव) हो रही है। बेटी की यह हालत देखकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। घबराए परिजन आनन-फानन में बच्ची को लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टरों ने जब बच्ची का गंभीर परीक्षण किया, तो उन्होंने साफ तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि की। डॉक्टरों की बात सुनकर परिवार सन्न रह गया। इसके बाद जब डरी-सहमी मासूम बच्ची से उसकी मां ने दुलारते हुए पूछताछ की, तो बच्ची ने रोते हुए अपनी तोतली जुबान में जो दास्तान बयां की, उसे सुनकर मां का कलेजा फट गया। मासूम ने बताया कि उसकी मां की गैरमौजूदगी में उसके सगे दादा ने ही उसके साथ यह गंदा काम किया था।

    अस्पताल में इलाज जारी, आरोपी दादा की तलाश में पुलिस की दबिश
    बच्ची की स्थिति नाजुक होने के कारण परिजन उसे तुरंत जिला चिकित्सालय मुरैना लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की विशेष देखरेख में उसका उपचार और मेडिकल परीक्षण किया जा रहा है। चूंकि मामला बेहद गंभीर और आपराधिक था, इसलिए ड्यूटी डॉक्टर ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय जौरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना वक्त गंवाए जिला चिकित्सालय पहुंची और पीड़ित बच्ची की मां व अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है। एएसआई जेपी शर्मा के मुताबिक, घटना के बाद से ही कलयुगी आरोपी दादा घर से फरार है। पुलिस की कई टीमें गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून के शिकंजे से आरोपी ज्यादा दिन दूर नहीं रह पाएगा और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।

  • मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक

    मां से विवाद के चलते किया था बच्ची से रेप:आरोपी ताऊ बोला था-बहुत चपड़-चपड़ करती है; 6 साल की पीड़ित ICU में, हालत नाजुक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी बड़े पापा (ताऊ) ने अपनी ही 6 साल की मासूम भतीजी को अपनी हवस और दुश्मनी का शिकार बना डाला। इस खौफनाक वारदात के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने समाज के क्रूर चेहरे को उजागर कर दिया है। आरोपी ने मासूम के साथ यह दरिंदगी सिर्फ इसलिए की क्योंकि उसका बच्ची की मां से विवाद चल रहा था।

    पीड़ित बच्ची ने खुद अस्पताल में अपनी मां को रोते हुए इस बात की गवाही दी। मां के अनुसार, जब मासूम दर्द से तड़प रही थी और आरोपी से गिड़गिड़ाते हुए कह रही थी- “बड़े अब्बू छोड़ दो”, तब उस हैवान का दिल पसीजने के बजाय उसने बेहद क्रूरता से जवाब दिया- “तेरी मां ज्यादा चपड़-चपड़ करती है।” पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि वारदात से ठीक एक दिन पहले यानी 3 जून को आरोपी ने बच्ची की मां के साथ घरेलू विवाद को लेकर बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद 4 जून की रात उसने इस घिनौनी साजिश को अंजाम दिया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसका गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की।

    अस्पताल के बिस्तर पर बेहाल मां; तड़प रही मासूम और डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी
    इस समय 6 साल की वह मासूम रीवा के संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है, जहां उसकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में बेहद गंभीर चोटें आई हैं और उसे लगातार ब्लीडिंग हो रही है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम आईसीयू में चौबीसों घंटे उसकी सेहत और सांसों पर पैनी नजर रखे हुए है।

    अस्पताल के बाहर पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनी सुध-बुध खो चुकी मां ने सुबकते हुए कहा कि जिस बच्ची के हाथों में आज खिलौने होने चाहिए थे, उसके पूरे शरीर पर इलाज की सुइयां और दवाइयों की पाइपें लगी हुई हैं। मां ने रुंधे गले से कहा- “मेरी मासूम बच्ची ने किसी का क्या बिगाड़ा था? उस दरिंदे ने मेरी बेटी की हंसी और उसका बचपन सब कुछ छीन लिया। जब भी आईसीयू का दरवाजा खुलता है, मेरी धड़कनें थम जाती हैं। मेरी बस एक ही मांग है कि मेरी बेटी को न्याय मिले और दोषी को ऐसी खौफनाक सजा दी जाए जिसे देखकर आगे कोई ऐसा करने की हिम्मत न कर सके।”

    समाज में भारी आक्रोश; 30 मामलों का पुराना अपराधी है फरार आरोपी
    इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके और पड़ोसियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे समाज के मुंह पर तमाचा है। मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ बिना किसी नरमी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए नजीर बने।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी मुस्तैदी से आरोपी की तलाश में जुटी है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी का अपने भाई के साथ संपत्ति को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। आरोपी कोई आम व्यक्ति नहीं, बल्कि एक आदतन अपराधी है, जिस पर शहर के अलग-अलग थानों में मारपीट, चोरी और लूट जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। घटना के समय बच्ची का पिता भी एक अन्य लूट के मामले में जेल में बंद था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की कई टीमें जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं और अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

  • ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया

    ग्वालियर किले पर दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ के पर्यटक की मौत, ढलान पर ट्रक ने रौंदा; पहिया ऊपर से गुजर गया


    ग्वालियर । ग्वालियर किले की ऐतिहासिक सैर उस समय एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब छत्तीसगढ़ से आए एक पर्यटक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना सोमवार शाम किले के मुख्य गेट के पास उस समय हुई जब परिवार के साथ आए पर्यटक किला घूम रहे थे।

    मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सूरजपुर निवासी 35 वर्षीय प्रमोद देवगन के रूप में हुई है। वह अपने बहनोई और बहन के साथ ग्वालियर घूमने आए थे और घाटीगांव में अपने रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। सोमवार को पूरा परिवार ग्वालियर किला देखने पहुंचा था, लेकिन यह यात्रा उनके लिए आखिरी साबित हुई।

    जानकारी के अनुसार, शाम करीब चार बजे परिवार किले के मुख्य प्रवेश द्वार के पास पहुंचा ही था कि ढलान से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित हो गया। इसी दौरान ट्रक ने प्रमोद को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक का पहिया उनके सीने के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजन चीख-पुकार करने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद की और दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारे की कार के स्टाफ ने घायल को अपनी गाड़ी से तुरंत जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिवार के लिए यह हादसा किसी सदमे से कम नहीं था। बहनों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ ही पलों में पर्यटन का आनंद मातम में बदल गया और पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

    घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि हादसा ढलान और तेज रफ्तार के कारण हुआ, जिससे ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

    बहोड़ापुर थाना पुलिस के अनुसार, आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण सीधे फुटेज उपलब्ध नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस अब आसपास के अन्य मार्गों और कैमरों की मदद से ट्रक और चालक की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए गहरा दुख लेकर आया है, बल्कि ग्वालियर जैसे पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर गया है।

  • देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी

    देवसर में चोरी की कोशिश नाकाम, मकान में घुसे युवक को पकड़कर दी चेतावनी


    सिंगरौली (देवसर बाजार) सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र अंतर्गत देवसर बाजार बस स्टैंड रोड पर बुधवार सुबह दिनदहाड़े चोरी की कोशिश का मामला सामने आया। सूने मकान में घुसे एक युवक को मकान मालिक और स्थानीय लोगों ने मौके पर पकड़ लिया। हालांकि बाद में समझाइश और चेतावनी देकर उसे छोड़ दिया गया।
    जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक जोजो गुप्ता किसी रिश्तेदार के निधन के बाद नदी स्नान के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अकौरी गांव निवासी एक युवक ने घर को सूना देखकर उसमें प्रवेश कर लिया। बताया जा रहा है कि युवक घर के अंदर सामान खंगाल रहा था और चोरी की कोशिश कर रहा था।
    इसी बीच अचानक मकान मालिक वापस लौट आए। घर के अंदर युवक को देखकर उन्होंने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और युवक को पकड़ लिया। घटना के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई।
    स्थानीय लोगों ने युवक से पूछताछ की, जिसमें उसने नशे की लत के कारण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी की जेब से कुछ पैसे निकलते दिखाई दे रहे हैं।
    हालांकि, पूछताछ और समझाइश के बाद मकान मालिक और ग्रामीणों ने युवक को पुलिस के हवाले करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले में जियावन थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
    मकान मालिक जोजो गुप्ता ने बताया कि युवक नशे की हालत में था और पहली बार इस तरह पकड़ा गया था। इसी वजह से मानवता के आधार पर उसे छोड़ दिया गया। लेकिन घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
  • सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

    सतना में अवैध शराब का भंडाफोड़, 126 लीटर शराब और बाइक के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। सतना  जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और आबकारी विभाग ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन मामलों में कुल तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 126 लीटर अवैध शराब के साथ दो बाइक भी जब्त की गई हैं।
    पहली कार्रवाई कोलगवां थाना क्षेत्र की बाबूपुर चौकी पुलिस ने की, जहां गोरइया मोड़ के पास घेराबंदी कर दो सगे भाइयों को पकड़ा गया। आरोपी संदीप चौधरी (22) और संजय चौधरी (20), निवासी बराज, बाइक से अवैध शराब की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने उनकी बाइक (MP 19 ZF 7595) को रोककर तलाशी ली, जिसमें प्लास्टिक की बोरियों में भरी 6 पेटी देशी शराब बरामद हुई।
    बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 54 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपए आंकी गई है। वहीं आरोपियों की बाइक, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई जा रही है, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में दोनों भाइयों ने शराब की अवैध बिक्री के लिए सप्लाई की बात स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया।
    दूसरी कार्रवाई आबकारी विभाग ने जिगनहट क्षेत्र के पास की, जहां एक आरोपी को बड़ी खेप के साथ पकड़ा गया। आरोपी संतू कोल (27), निवासी जवाहर नगर गली नंबर-7, बाइक (MP 19 ZQ 3518) पर अवैध शराब लेकर जा रहा था। जांच के दौरान उसके पास से तीन बड़े थैलों में भरी 72 लीटर शराब बरामद हुई।
    आबकारी विभाग के अनुसार, जब्त शराब और बाइक की कुल कीमत लगभग 1 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया है।
    पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अवैध नेटवर्क पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।