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  • शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी

    शिवपुरी के मनियर में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने आए परिजन भी घायल, पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के मनियर क्षेत्र में घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। बुधवार 14 अक्टूबर की देर शाम शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना में महिलाओं और युवकों समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों और घटना के दौरान हुए घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।

    जानकारी के अनुसार मनियर निवासी पांचो बाई कुशवाह ने अपनी शिकायत में बताया कि 14 अक्टूबर की शाम वह अपनी सास भग्गो बाई के साथ घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान लच्छी राठौर अमन राठौर अंजू राठौर और परमा राठौर वहां पहुंचे। पांचो बाई का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते इन लोगों ने उनके साथ विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और कथित तौर पर उनके बेटे विकास तथा सास भग्गो बाई के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान परिवार के सदस्यों को चोटें आईं।

    आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की। पांचो बाई के अनुसार विवाद के बाद जब परिवार के सदस्य शिकायत करने के लिए जा रहे थे तभी दूसरे पक्ष के कुछ परिजन भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इस दौरान राकेश कुशवाह पंकज रचना और रजनी के साथ मारपीट की गई। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। घटना में कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। हालांकि किस व्यक्ति को कितनी चोट आई और मारपीट के दौरान घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया जा रहा है कि विवाद की वजह घर के बाहर लोडिंग वाहन खड़ा करने को लेकर हुई कहासुनी थी। वहीं शिकायत में पुरानी रंजिश का आरोप भी लगाया गया है। ऐसे में पुलिस को यह जांचना होगा कि घटना वाहन खड़ा करने को लेकर तत्काल हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से चला आ रहा कोई विवाद भी शामिल था। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। क्रॉस एफआईआर का मतलब है कि एक ही घटना के संबंध में दोनों पक्षों की शिकायतों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इससे पुलिस को दोनों पक्षों के आरोपों की जांच करने और घटना की परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

    मनियर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद को लेकर चर्चा है। घर के बाहर वाहन खड़ा करने जैसे मुद्दे पर शुरू हुई कहासुनी के मारपीट तक पहुंचने से कई लोग घायल हुए। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

  • सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार

    सड़क पर हंसिया लेकर मचाया हंगामा, दो भाइयों से गाली-गलौज और हमले की कोशिश, साथी बाइक लेकर फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर के कोर्ट रोड स्थित दुर्गा टॉकीज के पास बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथ में हंसिया लेकर पहुंचे एक युवक ने दो भाइयों के साथ गाली-गलौज करते हुए हमला करने का प्रयास किया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराते हुए दोनों भाइयों की ओर बढ़ा। अपनी सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे बाइक सवार दो युवक दुर्गा टॉकीज के पास पहुंचे थे। इनमें से एक युवक के हाथ में हंसिया था। आरोप है कि उसने नशे की हालत में सड़क पर हंसिया लहराना शुरू कर दिया और वहां खड़े नीरज शर्मा तथा उनके भाई के पास पहुंचकर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि युवक ने दोनों भाइयों पर हंसिया से हमला करने की कोशिश भी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

    बताया गया कि अपनी सुरक्षा के लिए नीरज शर्मा और उनके भाई ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसके हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने युवक के बंधे हुए पैर खोले और उसे अपने वाहन से थाने ले गई। मौके पर हुई इस कार्रवाई के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ लगी रही। हालांकि घटनास्थल पर युवक को पकड़ने के दौरान क्या-क्या हुआ इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    हंगामा करने वाले युवक की पहचान दीपक नामदेव निवासी कृष्णपुरम कॉलोनी के रूप में बताई गई है। वह बाइक पर एक अन्य युवक के साथ वहां पहुंचा था। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसके साथी के बारे में जानकारी जुटा सकती है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर सकती है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दीपक नामदेव ने नीरज शर्मा और उनके भाई पर हमला करने का प्रयास क्यों किया। जानकारी के अनुसार नीरज शर्मा ने भी आरोपी को पहचानने से इनकार किया है। ऐसे में विवाद की वजह सामने आना बाकी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान दोनों भाइयों के बयान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गा टॉकीज के पास रात के समय हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक के साथ मौके पर मौजूद दूसरे व्यक्ति की भूमिका भी स्पष्ट होना बाकी है।

  • होटल में बुलाकर कपड़े उतरवाए फिर वीडियो वायरल करने की धमकी, ग्वालियर में डेटिंग ऐप के जरिए ठगी का खुलासा

    होटल में बुलाकर कपड़े उतरवाए फिर वीडियो वायरल करने की धमकी, ग्वालियर में डेटिंग ऐप के जरिए ठगी का खुलासा


    ग्वालियर । ग्वालियर में डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती कर एक युवक को होटल में बुलाने और फिर अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बदमाशों ने युवक को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद नकदी और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए उससे करीब 1.38 लाख रुपए वसूल लिए गए। आरोपी यहीं नहीं रुके और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 70 हजार रुपए और मांगने लगे। शिकायत के बाद ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मुरैना से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
    पुलिस के अनुसार माधौगंज की लड्डूवाली गली में रहने वाले 28 वर्षीय युवक ने बताया कि वह ग्राइंडर डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करता है। 8 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे उसकी हरियाणा नाम की प्रोफाइल से बातचीत शुरू हुई। बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम राहुल बताया और युवक को सिटी सेंटर के पटेल नगर स्थित होटल गोल्डन लीफ में मिलने के लिए बुलाया। युवक शाम करीब चार बजे होटल पहुंचा तो उसे कमरा नंबर 206 में ले जाया गया। वहां पहले से रची गई साजिश के तहत उसके साथ मारपीट की गई। कुछ ही देर में चार अन्य युवक भी कमरे में पहुंच गए। उन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए युवक को जेल भेजने की धमकी दी।
    आरोप है कि पांचों युवकों ने पीड़ित को बंधक बना लिया और बेल्ट से उसकी पिटाई की। इस दौरान उसके गाल और दाहिने पैर में चोटें आईं। इसके बाद आरोपियों ने उसके कपड़े उतरवाकर मोबाइल से अश्लील वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे पांच लाख रुपए मांगे गए। अचानक सामने आई इस स्थिति से घबराए युवक ने आरोपियों को अपनी जेब में रखे आठ हजार रुपए दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने उसका एटीएम कार्ड और पासवर्ड अपने कब्जे में लेकर खाते से 30 हजार रुपए निकाल लिए। एक क्यूआर कोड के जरिए भी 30 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
    पीड़ित के मुताबिक इसके बाद आरोपी उसे सफेद क्रेटा कार में बैठाकर सिरोल की ओर ले गए। वहां युवक ने अपनी एक दोस्त से संपर्क किया और उसकी मदद से रकम ट्रांसफर कराई। आरोपियों ने संबंधित घर पहुंचकर 70 हजार रुपए नकद भी लिए। रात करीब साढ़े नौ बजे युवक को होटल के बाहर छोड़ दिया गया। हालांकि इसके बाद भी उसे राहत नहीं मिली। आरोपी लगातार संपर्क कर 70 हजार रुपए और मांगने लगे। रकम नहीं देने पर अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी गई। लगातार मिल रही धमकियों के कारण परेशान युवक ने आखिरकार क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
    मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई। डीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार और डीएसपी मनीष यादव के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार रात मुरैना के अंबाह बायपास रोड से दो आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिभान उर्फ करुआ गुर्जर निवासी ग्राम पिपरई और सोनू गुर्जर निवासी ग्राम पिपरई के रूप में हुई है। दोनों गांव पिपरई क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि हरिभान ने ही राहुल नाम से फर्जी पहचान बनाकर युवक से संपर्क किया था।
    एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि डेटिंग ऐप के जरिए युवक को होटल बुलाने और अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर रकम वसूलने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह मामला ऑनलाइन दोस्ती के दौरान पहचान की पुष्टि करने और निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग या धमकी मिलने पर पीड़ित को डरकर चुप रहने के बजाय पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
  • ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू

    ऑटो में बैठना पड़ा भारी, 20 रुपए की जगह 20 हजार मांगने लगे बदमाश, विरोध पर यात्री की कमर में घोंपा चाकू


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में दूसरे जिले से आए एक यात्री के साथ लूट और चाकूबाजी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑटो चालक और उसके साथी ने यात्री से तय किराए के 20 रुपए की जगह 20 हजार रुपए की मांग की। यात्री ने जब इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो दोनों ने उसके साथ गाली गलौज और मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया और घायल यात्री की जेब से 500 रुपए निकाल लिए। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घायल यात्री की हालत गंभीर बताई गई है और उसका अस्पताल में इलाज जारी है।
    जानकारी के मुताबिक सिंगरौली जिले के माडा गांव में रहने वाले 25 वर्षीय दिलकेश शाह 9 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे जबलपुर पहुंचे थे। उन्हें यहां से महाराष्ट्र के पुणे जाना था। बस स्टैंड से तीन पत्ती चौक पहुंचने के बाद वह रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो में सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। दिलकेश ने उनसे रेलवे स्टेशन जाने का किराया पूछा तो चालक ने 20 रुपए बताया। किराया तय होने के बाद दिलकेश ऑटो में बैठ गए।
    करीब 15 मिनट बाद ऑटो स्टेशन रोड पर पहुंचा। दिलकेश जब ऑटो से उतरे और चालक को तय किए गए 20 रुपए देने लगे तो दोनों युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने उनसे 20 हजार रुपए की मांग शुरू कर दी। दिलकेश ने जब कहा कि रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए 20 रुपए किराया तय हुआ था तो इतनी बड़ी रकम क्यों दें। इस बात पर दोनों युवक भड़क गए और उनके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे।
    विवाद बढ़ने पर एक आरोपी ने चाकू निकाल लिया और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। अपनी जान बचाने के लिए दिलकेश वहां से भागने लगे लेकिन नाबालिग आरोपी ने उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। चाकू दिलकेश की कमर में लगा जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमलावरों ने घायल यात्री की जेब से 500 रुपए भी निकाल लिए। इसी बीच दिलकेश की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। भीड़ जुटती देख दोनों आरोपी मौके से भाग गए।
    घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल दिलकेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। घटना दूसरे जिले से आए यात्री के साथ होने के कारण पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
    सिविल लाइन थाना प्रभारी शशि धुर्वें के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संबंधित नंबर का ऑटो शुभम बेन चलाता है। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी लेकिन वह वहां नहीं मिला। पुलिस लगातार उसकी तलाश करती रही और शनिवार सुबह एक पहाड़ी से शुभम बेन तथा उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस के मुताबिक शुभम बेन की उम्र 26 वर्ष है और वह गोरखपुर क्षेत्र के मांडवा का निवासी है। संबंधित ऑटो नाबालिग की मां के नाम पर पंजीकृत बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू और लूटे गए रुपए बरामद करने के साथ ऑटो भी जब्त कर लिया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। इस घटना ने शहर में यात्रियों की सुरक्षा और किराए के नाम पर होने वाली कथित जबरन वसूली को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
  • ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग

    ‘दृश्यम-3’ देखने के बाद घर लौटा PG डॉक्टर, मां से की बात फिर EX-गर्लफ्रेंड के फ्लैट पर पहुंचकर कर दी फायरिंग


    भोपाल । भोपाल में एक्स गर्लफ्रेंड डॉक्टर श्वेता ठाकुर पर फायरिंग करने वाले पीजी डॉक्टर नवीन रोहिला की वारदात से पहले की गतिविधियों से मामले की कई कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक फायरिंग से कुछ घंटे पहले नवीन अपने दोस्तों के साथ दृश्यम-3 फिल्म देखने गया था। फिल्म देखने के बाद वह रात करीब 9:30 बजे घर लौटा और मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की। परिवार से बातचीत के दौरान उसकी गतिविधियां सामान्य नजर आ रही थीं। इसके कुछ समय बाद वह श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा जहां दोनों के बीच विवाद हुआ और नवीन ने कथित तौर पर तीन राउंड फायर कर दिए।

    फायरिंग में श्वेता की जान बाल बाल बची। पुलिस के मुताबिक गोली उसकी कनपटी को छूकर निकल गई। इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे श्वेता के कजिन अभिषेक ठाकुर को भी गोली लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। फायरिंग करने के बाद नवीन ने खुद भी आत्महत्या की कोशिश की। वह घायल अवस्था में मिला जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सीने हाथ और पेट पर छर्रे लगने जैसे घाव मिले हैं। फिलहाल उसका सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि नवीन और श्वेता के बीच करीब सात साल से संबंध थे। नवीन मूल रूप से राजगढ़ का रहने वाला है और करीब सात साल से भोपाल में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान उसकी मुलाकात श्वेता से हुई थी। नवीन ने आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज से बीएचएमएस की पढ़ाई पूरी की और फिलहाल पीजी सेकंड ईयर में अध्ययन कर रहा था। श्वेता भी डॉक्टर है और दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई है।

    पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में अनबन चल रही थी। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि श्वेता रिश्ता खत्म कर किसी दूसरे युवक से शादी करना चाहती थी। पुलिस का कहना है कि नवीन इस फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रहा था। श्वेता के दूसरे युवकों से बातचीत करने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच फोन पर बहस होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नवीन श्वेता के फ्लैट पर पहुंचा और वहां विवाद के बाद फायरिंग की घटना हुई।

    घटना से पहले नवीन की कुछ गतिविधियां सामान्य होने की बात परिवार की ओर से कही गई है। उसने अपनी भतीजी के लिए एक टॉय कार भी राजगढ़ कूरियर की थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ फिल्म देखने गया और घर लौटकर मां से वीडियो कॉल पर बात की। परिवार के मुताबिक बातचीत के दौरान ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे अंदाजा हो कि वह कुछ गंभीर कदम उठाने वाला है। इसके बाद अचानक हुई फायरिंग की घटना से परिवार भी स्तब्ध है।

    नवीन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां भाई और भाभी हैं। अब पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल चैट और घटना से पहले की गतिविधियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और विवाद किस बात को लेकर बढ़ा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्वेता और अभिषेक के घायल होने के साथ नवीन के भी अस्पताल में भर्ती होने से मामला गंभीर बना हुआ है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

  • वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप

    वेंटिलेटर पर थी 23 साल की दीक्षा, बोल नहीं पाई तो भाई के हाथ पर लिखे तीन नामों के संकेत, ससुराल पर गंभीर आरोप


    जबलपुर ।जबलपुर में 23 वर्षीय नवविवाहिता की इलाज के दौरान मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मायके वालों ने दीक्षा पांडे की मौत को लेकर उसके पति अक्षय उर्फ सतीष मिश्रा सास उमा मिश्रा और ननद सोनम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शादी के करीब डेढ़ साल बाद भी बच्चा नहीं होने को लेकर दीक्षा को लगातार ताने दिए जा रहे थे। हालत बिगड़ने के बाद उसे जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां वह वेंटिलेटर पर थी। बोलने की स्थिति में नहीं होने के कारण उसने भाई से लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    दीक्षा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर की रहने वाली थी। करीब डेढ़ साल पहले उसकी शादी छतरपुर निवासी अक्षय से हुई थी। अक्षय सीआरपीएफ में नागपुर में पदस्थ है। परिवार के मुताबिक 24 सितंबर को अक्षय दीक्षा को लेकर छतरपुर आया था। इसके बाद 27 सितंबर को परिवार के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दोनों हटा थाना क्षेत्र के ग्राम पाटन स्थित चाचा ससुर के घर पहुंचे थे।

    मायके पक्ष के अनुसार 29 सितंबर की दोपहर दीक्षा अपनी मां से फोन पर बातचीत कर रही थी। इसी दौरान उसकी ननद सोनम से विवाद होने की बात सामने आई। भाई भूपेंद्र का आरोप है कि सोनम दीक्षा को जबरन घर से बाहर ले जाने लगी। परिवार का दावा है कि फोन पर बातचीत के दौरान उसकी मां ने दीक्षा की आवाज सुनी थी। इसके बाद कथित तौर पर उसका मुंह दबाने और गला दबाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    घटना के बाद दीक्षा की हालत गंभीर बताई गई और उसे जबलपुर के बड़ेरिया प्राइम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा। जानकारी मिलने के बाद उसका भाई भूपेंद्र झांसी से जबलपुर पहुंचा। दीक्षा बोल नहीं पा रही थी इसलिए भाई ने उससे लिखकर बातचीत करने की कोशिश की।

    भूपेंद्र के मुताबिक इसी दौरान दीक्षा ने अपनी हथेली पर पेन से S U और A अक्षर लिखे। मायके वालों ने इन अक्षरों को सोनम उमा और अक्षय के नाम से जोड़ते हुए दावा किया कि दीक्षा ने अपनी हालत के बावजूद आरोपियों की ओर संकेत करने की कोशिश की थी। परिवार ने इसे घटना से जुड़ा अहम संकेत बताया है। हालांकि इन अक्षरों का वास्तविक अर्थ क्या था और इन्हें किस संदर्भ में लिखा गया था यह जांच का विषय है।

    मायके पक्ष ने दीक्षा के गले पर निशान होने का भी दावा किया है। परिवार का आरोप है कि बच्चा नहीं होने की वजह से उसे ससुराल में मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। परिजनों के मुताबिक लगातार तनाव के कारण दीक्षा कुछ समय अपने पति के साथ नागपुर में रहने लगी थी। उनका आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी उसे फोन के जरिए परेशान किया जाता था।

    दीक्षा को 30 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद तहसीलदार की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार सोमवार को झांसी में अंतिम संस्कार करेगा।

    पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गोहलपुर थाना प्रभारी रीतेश पांडे के अनुसार घटनास्थल हटा थाना क्षेत्र में आता है। गोहलपुर पुलिस ने जीरो पर मर्ग कायम किया है और मर्ग डायरी जांच के लिए हटा थाने भेजी जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब परिवार के आरोपों के साथ घटनास्थल और मेडिकल साक्ष्यों की भी जांच करेगी।

  • NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह

    NH-46 पर अचानक पलटा गुड़ से भरा मिनी ट्रक, 35 साल के हेल्पर की मौत, नींद का झोंका बना हादसे की वजह


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में रविवार दोपहर नेशनल हाईवे 46 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के कलोथरा गांव के पास गुड़ से भरा एक मिनी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और पलट गया। हादसे में वाहन में सवार हेल्पर की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मिनी ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार मिनी ट्रक क्रमांक MP 33 G 7642 गुड़ लेकर मुरैना से शिवपुरी की ओर आ रहा था। रविवार दोपहर कलोथरा गांव के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। इसके बाद मिनी ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसा इतना जोरदार था कि वाहन का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठा हेल्पर अंदर फंस गया।

    दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में सुभाषपुरा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त केबिन में फंसे हेल्पर को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक की पहचान 35 वर्षीय पूरन जाटव के रूप में हुई है। वह करमाज कला गांव का रहने वाला था और मिनी ट्रक पर हेल्पर का काम करता था। बताया गया है कि यह वाहन इंद्रजीत चावला के नाम पर है। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह चालक को नींद का झोंका आना हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है। दुर्घटना की वास्तविक वजह पता लगाने के लिए पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है। वाहन की स्थिति और सड़क से जुड़े पहलुओं को भी देखा जा रहा है।

    हादसे के बाद चालक के मौके से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की लापरवाही या किसी अन्य वजह से वाहन अनियंत्रित हुआ था या नहीं। इसके साथ ही पुलिस आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

    NH-46 पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में मिनी ट्रक के पलटने से कुछ समय के लिए मौके पर भी अफरा तफरी की स्थिति बन गई। राहत और बचाव के बाद पुलिस ने वाहन को सुरक्षित करवाया। फिलहाल सुभाषपुरा पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

  • राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे

    राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार वरुण की तलाश तेज, आगरा से वृंदावन पहुंचा आरोपी, 50 हजार का इनाम और 12 टीमें पीछे


    भोपाल । भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस की जांच में वरुण की ताजा लोकेशन उत्तर प्रदेश के वृंदावन में मिली है। यह जगह भोपाल से करीब 612 किलोमीटर दूर है। इससे पहले उसकी लोकेशन आगरा और आगरा से वृंदावन जाने वाले रास्ते पर ट्रेस हुई थी। पुलिस अब CCTV फुटेज और तकनीकी लोकेशन के आधार पर उसके पूरे रूट को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

    जांच में सामने आए नए CCTV फुटेज में वरुण बाइक से स्टेशन के आसपास जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक स्टेशन तक पहुंचने के लिए उसने दो अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल किया था। इससे पहले सामने आए फुटेज में वह पैदल जाता हुआ भी दिखाई दिया था। पुलिस को शक है कि वारदात के बाद वरुण लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके।

    पुलिस के अनुसार पिछले 24 घंटे में वरुण की गतिविधियां आगरा वृंदावन रोड और आसपास के इलाकों में सामने आई हैं। टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल गया। वह किसी एक स्थान पर ज्यादा देर नहीं रुक रहा है और यात्री वाहनों का इस्तेमाल कर लगातार जगह बदल रहा है। यही वजह है कि उसकी सटीक लोकेशन तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

    वरुण की तलाश के लिए मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में पुलिस की 12 टीमें लगाई गई हैं। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और संभावित मददगारों की जानकारी भी जुटा रही है। इसी सिलसिले में भोपाल पुलिस की एक टीम पटियाला पहुंची थी। वहां वरुण की बहन से पूछताछ कर उसके संपर्क और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई गई। पुलिस के मुताबिक परिवार से भी लंबे समय से उसका संपर्क नहीं था।

    जांच में एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि हत्या के बाद वरुण राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ लेकर गया था। आगरा पहुंचने के बाद उसने यह मोबाइल एक परिचित को दे दिया था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल की गतिविधियों और वरुण से जुड़ी तकनीकी जानकारी खंगाली। इसी आधार पर उसकी गतिविधियों का ट्रेल आगरा और मथुरा क्षेत्र तक पहुंचा।

    राकेश अग्रवाल की 30 सितंबर की रात भोपाल के सूरज नगर स्थित घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि हत्या धारदार सर्जिकल ब्लेड से की गई। वारदात के बाद से ही उनका केयरटेकर वरुण फरार है। अब पुलिस CCTV फुटेज तकनीकी लोकेशन और उसके संपर्कों को जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि वृंदावन से आगे वह किस दिशा में गया है। पुलिस का फोकस उसे जल्द पकड़ने के साथ हत्या के पीछे की पूरी वजह सामने लाने पर भी है।

  • सिवनी में 22 वर्षीय मुस्कान की हत्या का खुलासा, मां-मामा पर गला दबाने और हादसा दिखाने के लिए करंट लगाने का आरोप

    सिवनी में 22 वर्षीय मुस्कान की हत्या का खुलासा, मां-मामा पर गला दबाने और हादसा दिखाने के लिए करंट लगाने का आरोप


    मध्य प्रदेश: के सिवनी जिले में 22 वर्षीय युवती मुस्कान उईके की हत्या का मामला सामने आया है। कुरई थाना क्षेत्र के सतोसा गांव में 30 सितंबर को मक्के के खेत से एक अज्ञात युवती का शव मिला था। पुलिस जांच में शव की पहचान मुस्कान उईके के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, मुस्कान आवरघनी स्थित एक रिजॉर्ट में काम करती थी और 28 सितंबर की शाम काम से लौटने के बाद घर वापस आई थी। इसके बाद वह मोबाइल पर काफी देर तक किसी से बात कर रही थी। इसी बात को लेकर उसकी मां सुनीता उईके से विवाद हुआ था। पुलिस का आरोप है कि विवाद के दौरान मां और मामा अनिल धुर्वे ने उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

    पुलिस के अनुसार, 30 सितंबर को खेत में मिले शव पर चोटों के साथ बिजली के करंट से झुलसने के निशान भी थे। शव की पहचान शुरू में नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों और रिजॉर्ट में पूछताछ शुरू की तथा वहां आने-जाने वाले लोगों की जानकारी और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान पता चला कि मुस्कान 28 सितंबर की शाम से घर नहीं लौटी थी। कपड़ों, हुलिए और अन्य जानकारी के आधार पर शव की पहचान मुस्कान के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ शुरू की और मामले की जांच आगे बढ़ाई।

    जांच के दौरान पुलिस ने मुस्कान की मां सुनीता उईके और मामा अनिल धुर्वे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात स्वीकार की। आरोप है कि 28 सितंबर की रात मोबाइल पर किसी से बात करने को लेकर मुस्कान को टोका गया था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों ने उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी जान ले ली। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घटना को छिपाने के लिए शव पर बिजली का करंट लगाया। इसके बाद शव को पास के मक्के के खेत में ले जाकर फेंक दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि शव पर करंट के निशान इस तरह बनाए गए थे कि मौत को दुर्घटना का रूप दिया जा सके। जांच के दौरान घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला गया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मुस्कान की मां ने शव को पहचानने से इनकार किया था, लेकिन पूछताछ और सामने आए साक्ष्यों के बाद उसने हत्या से जुड़ी जानकारी स्वीकार की। मामले की जांच में पुलिस ने मृतका के रिजॉर्ट में काम करने की जानकारी और उसके घर से गायब होने की समय-सीमा को भी महत्वपूर्ण माना।

    पुलिस ने इस मामले में सुनीता उईके और अनिल धुर्वे को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में कुरई और बरघाट पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम ने भी काम किया। 30 सितंबर को अज्ञात युवती के शव से शुरू हुई जांच में पुलिस ने उसकी पहचान मुस्कान के रूप में की और इसके बाद पूछताछ तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी मां और मामा को आरोपी बनाया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।

  • नदी में मानव अवशेष मिलने से सनसनी, कमर के नीचे का हिस्सा बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    नदी में मानव अवशेष मिलने से सनसनी, कमर के नीचे का हिस्सा बरामद, जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में नदी के अंदर मानव शरीर का निचला हिस्सा मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मामला रन्नौद थाना क्षेत्र का है जहां अकाझिरी और गुरुकुदवाया गांव के बीच बहने वाली नदी में ग्रामीणों की नजर मानव शरीर के अवशेष पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नदी से मिले अवशेष को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि अवशेष किसी महिला के हैं या पुरुष के।

    पुलिस के मुताबिक नदी में कमर से नीचे का हिस्सा मिला है। शरीर का पेट वाला हिस्सा धड़ और सिर मौके पर मौजूद नहीं था। शरीर के अन्य हिस्से नहीं मिलने के कारण मामला और भी उलझ गया है। पुलिस अब नदी के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। टीम का प्रयास है कि शरीर के बाकी हिस्सों का पता लगाया जा सके ताकि मृतक की पहचान करने में मदद मिल सके और मौत की परिस्थितियों को समझने के लिए जरूरी सुराग हासिल किए जा सकें।

    मानव शरीर का हिस्सा मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के लोग भी नदी के पास पहुंचने लगे। घटना को लेकर ग्रामीणों में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और अवशेष को सुरक्षित तरीके से पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से जुड़े दूसरे तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक स्थिति के बारे में कुछ स्पष्ट हो सकेगा।

    प्रारंभिक जांच में नदी में मौजूद मगरमच्छ को लेकर भी एक संभावना सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि नदी में मौजूद मगरमच्छ ने शव के कुछ हिस्सों को खा लिया हो सकता है। इसी वजह से शरीर का बाकी हिस्सा मौके पर नहीं मिला हो ऐसी संभावना जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इसे केवल शुरुआती जांच के दौरान सामने आया एक संभावित कारण माना जा रहा है। शरीर के अन्य हिस्से मिलने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही इस पहलू की सच्चाई स्पष्ट होगी।

    पुलिस मौत की वजह को लेकर भी कई एंगल से जांच कर रही है। यह किसी हादसे का मामला है या व्यक्ति की किसी अन्य कारण से मौत हुई है या फिर मामला आपराधिक घटना से जुड़ा है इसकी पड़ताल की जा रही है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों के दौरान लापता हुए लोगों की जानकारी जुटा रही है। गांवों में ऐसे परिवारों से संपर्क किया जा रहा है जिनके किसी सदस्य के लापता होने की सूचना हो सकती है।

    मृतक की पहचान के लिए पुलिस को शरीर के अन्य हिस्सों के मिलने का इंतजार है। इसके साथ ही पोस्टमार्टम जांच और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से भी पहचान की दिशा में काम किया जाएगा। पुलिस नदी और आसपास के इलाकों में लगातार तलाश कर रही है। फिलहाल महिला या पुरुष की पहचान नहीं होने और शरीर के कई हिस्से गायब होने के कारण यह मामला रहस्य बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।