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  • जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में

    जबलपुर के भेड़ाघाट में ‘जहरीला प्रसाद’ बना काल, पिस्ता बर्फी खाने से एक की मौत, 18 अब भी अस्पताल में


    जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कार धानी जबलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल भेड़ाघाट से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यहां आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में वितरित किए गए प्रसाद को खाने के बाद 19 लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इनमें से एक पीड़ित भेड़ाघाट निवासी इंद्रपाल पटेल ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाकी 18 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है जिनमें से कुछ की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पहले की है जब भेड़ाघाट क्षेत्र में एक धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आयोजन के समापन पर प्रसाद के रूप में पिस्ता बर्फी बांटी गई जिसे भेड़ाघाट चौराहे स्थित मिठाई की दुकानों से मंगाया गया था। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद लोगों को घबराहट उल्टी दस्त और तेज पेट दर्द जैसी शिकायतें होने लगीं। देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थिति गंभीर होते देख सभी बीमार लोगों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग का मामला बताया। चिकित्सकों के अनुसार दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से शरीर में तेजी से संक्रमण फैल सकता है जिससे जान का खतरा भी उत्पन्न हो जाता है। इंद्रपाल पटेल की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भेड़ाघाट चौराहे पर स्थित मिठाई दुकानों बीकानेर स्वीट्स और राजस्थान स्वीट्स पर दबिश दी। टीम ने संदिग्ध पिस्ता बर्फी और अन्य मिठाइयों के सैंपल जब्त कर लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि लापरवाही या मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल की गई सामग्री खराब थी या भंडारण और स्वच्छता में किसी प्रकार की अनदेखी की गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सामूहिक आयोजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्रोत की जांच अवश्य सुनिश्चित करें। इस दर्दनाक घटना ने धार्मिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक श्रद्धालु की मौत और कई लोगों की जिंदगी अस्पताल में जूझती हालत में होना पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि लापरवाही की छोटी सी चूक भी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

  • शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली

    शिवपुरी वकील हत्याकांड: सुपारी देकर कराई गई थी हत्या, शॉर्ट एनकाउंटर में 3 आरोपी गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हुए सनसनीखेज वकील हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। करेरा में अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है।

    जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या जमीन विवाद के चलते कराई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कमलेश शर्मा, सुनील शर्मा और नीरज शर्मा ने कथित रूप से साजिश रचकर सुपारी दी थी। इसके बाद सुपारी किलर के रूप में गोलू रावत, पपेंद्र रावत और जहीर को वारदात को अंजाम देने के लिए लगाया गया।

    घटना गुरुवार को हुई थी। अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अपने घर से कोर्ट के लिए निकले थे। जैसे ही वे न्यायालय परिसर के पास पहुंचे, बाइक सवार अज्ञात हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। हमलावर वारदात के बाद बाइक से फरार हो गए थे।

    हत्या के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपी पपेंद्र रावत ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में कार्रवाई की। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य दो आरोपियों को भी धर दबोचा गया।

    पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। मामले में साजिशकर्ताओं और शूटरों के बीच हुई लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

    इस हत्याकांड से अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। दिनदहाड़े कोर्ट परिसर के पास हुई हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में अस्पताल में जारी है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों या अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

  • मुरैना में 12 राउंड फायरिंग से दहला केन्थरी, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

    मुरैना में 12 राउंड फायरिंग से दहला केन्थरी, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल


    मुरैना । मुरैना जिले के चंबल अंचल में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सराय छोला थाना क्षेत्र के केन्थरी गांव में गुरुवार शाम बदमाशों ने ससुर और दामाद को घेरकर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित पक्ष ने वारदात से एक दिन पहले ही थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए जान का खतरा बताया था लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजागांव गोलियों की आवाज से दहल उठा और दो लोग खून से लथपथ हो गए।

    घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 24 वर्षीय देवेंद्र गुर्जर और उनके 50 वर्षीय ससुर औतार गुर्जर को सुनियोजित तरीके से घेरकर करीब 12 राउंड फायरिंग की गई। चश्मदीदों के अनुसार अचानक चली गोलियों से इलाके में अफरा तफरी मच गई। देवेंद्र की जांघ को चीरती हुई गोली निकल गई जबकि औतार गुर्जर के पैर के आर पार गोली लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से पांच खाली खोखे बरामद किए हैं।

    इस खूनी वारदात की जड़ें एक दिन पहले हुई मारपीट में बताई जा रही हैं। बुधवार को नेशनल हाईवे 44 पर आरोपी गीताराम गिर्राज और छोटू गुर्जर ने देवेंद्र के साथ मारपीट की थी। आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। देवेंद्र ने सराय छोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। यदि आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी होती तो शायद यह जानलेवा हमला टल सकता था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई है। सीएसपी दीपाली चन्दौरिया के अनुसार घायलों के बयान दर्ज करने के लिए टीम ग्वालियर भेजी गई है। उन्होंने माना कि पुरानी रंजिश और मारपीट की घटना के चलते ही फायरिंग हुई। हालांकि पुलिस का यह कहना कि वे आरोपियों को पकड़ने जाने ही वाले थे लेकिन उससे पहले वारदात हो गईपीड़ित परिवार को स्वीकार्य नहीं है। ग्रामीणों में भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है।

    घटनाक्रम पर नजर डालें तो बुधवार को मारपीट और धमकी उसी रात एफआईआर लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं; और गुरुवार शाम खुलेआम घेराबंदी कर 12 राउंड फायरिंगयह सिलसिला पुलिस की सुस्ती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। चंबल क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं की पुनरावृत्ति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समय पर की गई पुलिस कार्रवाई ऐसी वारदातों को रोक सकती है। केन्थरी गांव की यह घटना न केवल दो जिंदगियों को खतरे में डाल गई बल्कि कानून व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर गई।

  • ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी

    ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ प्यार में मिले धोखे ने एक महिला को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया। बहोड़ापुर इलाके की रहने वाली वैष्णवी उर्फ प्राची ने सिरौल थाना क्षेत्र स्थित ‘ईस्ट मैरेडियन मल्टी’ के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले प्राची ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने सिसकते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया और उसके परिवार को ठहराया है।

    मंदिर में रचाई थी शादी फिर खुला कड़वा सच करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पुरानी छावनी निवासी राजू से मंदिर में शादी की थी। दोनों ने स्टांप पर भी अपने रिश्ते को प्रमाणित किया था और किराये के फ्लैट में साथ रह रहे थे। प्राची को लगा था कि उसने अपना संसार बसा लिया है लेकिन जल्द ही उसके सामने एक ऐसा सच आया जिसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

    ससुराल में मारपीट और आखिरी फैसला पति की पहली शादी की सच्चाई जानने के बाद जब प्राची न्याय मांगने के लिए राजू के घर पहुंची तो वहां सहानुभूति के बजाय उसे प्रताड़ना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजू की पहली पत्नी और उसके पिता ने प्राची के साथ जमकर मारपीट की। इसी अपमान और धोखे से आहत होकर प्राची अपने फ्लैट पर वापस आई और पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।

    पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के हाथ वह वीडियो भी लगा है जिसे प्राची ने मरने से ठीक पहले बनाया था। पुलिस अब इस मामले में आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

  • ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप

    ऑल इंडिया मुशायरे में दबंगई, गला दबाकर शायर को पीटा, नकदी और सामान लूटने का आरोप


    खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा उस समय अफरातफरी और हिंसा में बदल गया जब मंच पर ही एक पत्रकार और शायर पर कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया गया। 8 फरवरी 2026 की देर रात जम जम मार्केट में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के नामवर शायर शामिल हुए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था और श्रोता शायरी का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक माहौल बिगड़ गया।

    बताया गया है कि कार्यक्रम में बतौर शायर आमंत्रित अबूबकर जिया, जो पेशे से पत्रकार भी हैं, ने जब अपनी प्रस्तुति दी तो श्रोताओं ने उन्हें सराहा। इसी दौरान रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच 25 से 30 लोगों का एक समूह मंच पर चढ़ आया। आरोप है कि इन लोगों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और आयोजकों से सवाल किया कि उन्हें सम्मान क्यों नहीं दिया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंच पर पहुंचे कुछ लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान अबूबकर जिया को निशाना बनाया गया। उनके साथ धक्का मुक्की की गई, गला दबाने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। स्थिति कुछ समय के लिए इतनी गंभीर हो गई कि वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

    पीड़ित का आरोप है कि हमले के दौरान उनकी जेब में रखे करीब 3200 रुपये नकद, प्रेस कार्ड, एक पेन और हाथ घड़ी भी छीन ली गई। साथ ही उनके साथ मारपीट कर अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना ने कार्यक्रम की गरिमा को ठेस पहुंचाई और शहर में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

    मौके पर मौजूद कुछ जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने बीच बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जिला सदर और पार्षद रियाजुद्दीन, पार्षद वारिस चौबे, पार्षद असलम, पार्षद शकील वक्त, पार्षद पति अदीब बावा, एडवोकेट शाहरुख मिर्जा और पत्रकार रईस खान सहित अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर अबूबकर जिया को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्हें पीछे के रास्ते से कार्यक्रम स्थल से हटाया गया।

    घटना के बाद अबूबकर जिया ने थाना कोतवाली खरगोन में आवेदन देकर संबंधित लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, जानलेवा हमले और गाली गलौज की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।इस घटना ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की हिंसक घटना से शहर के बुद्धिजीवी और साहित्य प्रेमी आहत हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर में सनसनीखेज हत्याकांड: फोटो स्टूडियो कर्मचारी की गला रेतकर हत्या, अवैध संबंधों के शक में तफ्तीश शुरू

    इंदौर । मध्य प्रदेश स्वच्छता में नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला प्रकाश में आया है। हमलावरों ने युवक की गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को सुनसान इलाके में फेंक कर फरार हो गए। मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी खोजराम पिता लखन नारंगे के रूप में हुई है, जो इंदौर में एक फोटो स्टूडियो में काम कर अपनी आजीविका चला रहा था।

    वारदात का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी तब लगी जब राहगीरों ने बाणगंगा क्षेत्र के एक एकांत स्थान पर लहूलुहान हालत में शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही बाणगंगा थाना पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि युवक की हत्या कहीं और की गई या फिर सुनसान इलाके का फायदा उठाकर उसे वहीं मौत के घाट उतारा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवा दिया है।

    अवैध संबंधों के एंगल पर टिकी जांच फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस के रडार पर कई संदिग्ध बिंदु हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से गला रेतकर हत्या की गई है, वह किसी रंजिश या आवेश का परिणाम लग रही है। पुलिस इस मामले में ‘अवैध संबंधों’ के एंगल को प्रमुखता से देख रही है। पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह आखिरी बार किसके संपर्क में था और स्टूडियो से निकलने के बाद वह कहाँ गया था।

    खोजराम मूलतः छत्तीसगढ़ का रहने वाला था, ऐसे में पुलिस उसके साथियों और स्टूडियो के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि किसी पुरानी दुश्मनी या विवाद का सुराग मिल सके। बाणगंगा थाना पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • कलयुगी पति का खौफनाक चेहरा: कुल्हाड़ी से पत्नी की निर्मम हत्या, शव झाड़ियों में फेंककर फरार

    कलयुगी पति का खौफनाक चेहरा: कुल्हाड़ी से पत्नी की निर्मम हत्या, शव झाड़ियों में फेंककर फरार


    पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शाहनगर थाना अंतर्गत ग्राम खमतरा में एक कलयुगी पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

    घटना ग्राम खमतरा के रामपुर खजुरी हार क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां 40 वर्षीय मीरा बाई का शव 8 फरवरी को झाड़ियों में संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला की हत्या धारदार हथियार से की गई है।

    पुलिस जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाला सच सामने आया। मृतका की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके पति निर्भय सिंह राठौर ने ही की थी। आरोपी ने आपसी विवाद के चलते कुल्हाड़ी से पत्नी पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के इरादे से शव को झाड़ियों में फेंक दिया और फरार हो गया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी पति निर्भय सिंह राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक तौर पर हत्या का कारण आपसी कलह बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है।

    इस निर्मम हत्या की खबर सामने आने के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का व्यवहार पहले भी अक्सर आक्रामक रहता था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस हद तक चला जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • सात फेरों का खूनी अंत: शराबी पति ने पत्नी पर दागीं 3 गोलियां, मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया।

    सात फेरों का खूनी अंत: शराबी पति ने पत्नी पर दागीं 3 गोलियां, मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया।

    ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित दर्पण कॉलोनी उस वक्त दहल उठी जब शनिवार रात करीब 10 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से सन्नाटा चीर गया। यह आवाज किसी बाहरी हमले की नहीं बल्कि घर के भीतर पनप रहे उस गुस्से की थी जिसने एक सुहागिन का सुहाग ही कातिल बना दिया। सोनू तोमर नाम के युवक ने अपनी पत्नी रुचि तोमर के साथ हुए मामूली विवाद के बाद आपा खो दिया और अपनी पिस्टल से एक के बाद एक आधा दर्जन राउंड फायर झोंक दिए। रुचि के शरीर में तीन गोलियां लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में कोहराम मच गया। जब परिजन कमरे की ओर भागे तो वहां का मंजर खौफनाक था। रुचि खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी और आरोपी सोनू मौके से फरार हो चुका था। मृतका के ससुर ने तत्काल पुलिस को सूचना दी जिसके बाद एफएसएल (FSL) की टीम और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोनू तोमर शराब की लत का शिकार था और कोई काम-धंधा नहीं करता था। घर का खर्च उसके पिता की पेंशन और किराये की आय से चलता था।

    आरोपी ने पुलिस पूछताछ में जो दलील दी वह चौंकाने वाली है। उसका कहना था कि घर में आए दिन कलेश होता था और उसे खुद खाना बनाने से लेकर साफ-सफाई तक का काम करना पड़ता था। शनिवार की रात भी खाना बनाने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद धक्का-मुक्की तक जा पहुंचा और अंततः हत्या में बदल गया। हालांकि पुलिस इस थ्योरी की गहनता से जांच कर रही है क्योंकि हत्या के पीछे की असल वजह अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

    इस वारदात ने दो मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छीन लिया है। 11 साल का आदित्य और 14 साल की राधिका अब उस सदमे में हैं जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को घर के पास से ही गिरफ्तार कर लिया है लेकिन वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अभी बरामद होना बाकी है। ग्वालियर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।

  • शहडोल में माफिया राज: अफसरों की हर चाल पर गुर्गों की नजर; खनिज विभाग के सामने से ट्रैक्टर लेकर फरार हुए रेत तस्कर

    शहडोल में माफिया राज: अफसरों की हर चाल पर गुर्गों की नजर; खनिज विभाग के सामने से ट्रैक्टर लेकर फरार हुए रेत तस्कर


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेत माफिया अब कानून की सरहदों को पूरी तरह लांघ चुका है। जिले में रेत का कोई वैध ठेका न होने के बावजूद अवैध रेत का साम्राज्य इस कदर फैला है कि माफिया अब सीधे तौर पर सरकारी अमले से टकराने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में यह बात सामने आई है कि माफियाओं ने प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक मजबूत रेकी तंत्र खड़ा कर दिया है, जिसकी मदद से वे कार्रवाई से पहले ही सतर्क हो जाते हैं।

    खनिज निरीक्षक के सामने से भाग निकले ट्रैक्टर ताजा मामला उस समय का है जब खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले अपनी टीम के साथ सिंहपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन की सूचना पर पहुंचे थे। रात के अंधेरे में जब टीम ने रेत से लदे ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, तो माफिया बेखौफ होकर ट्रैक्टरों को भगा ले गए। इस दौरान दो बाइक सवारों ने जानबूझकर खनिज अमले की गाड़ी के सामने बाधा उत्पन्न की ताकि ट्रैक्टरों को भागने का पर्याप्त समय मिल सके। यह घटना स्पष्ट करती है कि माफिया अब पूरी रणनीति और सुरक्षा घेरे के साथ अवैध कारोबार कर रहे हैं।

    ऑफिस के बाहर तैनात हैं गुप्तचर जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रेत माफिया ने खनिज विभाग के कार्यालय के बाहर अपने जासूस तैनात कर रखे हैं। ये गुर्गे विभाग की हर गाड़ी के निकलने की सूचना तुरंत अपने आकाओं को देते हैं। हाल ही में खनिज अमले ने कार्यालय के ठीक सामने से एक युवक को रेकी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच करने पर पता चला कि वह लगातार अधिकारियों के मूवमेंट की लोकेशन और तस्वीरें माफियाओं को भेज रहा था।

    खूनी खेल का इतिहास और बढ़ता खतरा शहडोल में रेत माफियाओं का इतिहास काफी हिंसक रहा है। इससे पहले अवैध उत्खनन रोकने पहुंचे एक पटवारी और एक पुलिस एएसआई को ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतारने जैसी सनसनीखेज वारदातें हो चुकी हैं। हाल ही में एक तहसीलदार पर भी हमले का प्रयास किया गया था। इन घटनाओं के बावजूद जिले में अवैध रेत का परिवहन थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो प्रशासन की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान है। खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले का कहना है कि तमाम बाधाओं और रेकी के बावजूद विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन माफियाओं का सूचना तंत्र इतना सक्रिय है कि वे अक्सर चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं।