Tag: Madhya Pradesh crime

  • बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी

    बहन से विवाद कर रहा था जीजा बचाव करने पहुंचे साले के पेट में घोंपा चाकू हमला करने के बाद मौके से फरार हुआ आरोपी


    शिवपुरी । शिवपुरी में पारिवारिक विवाद ने गुरुवार रात हिंसक रूप ले लिया। श्रीराम कॉलोनी के बाल्मीकि मोहल्ले में एक युवक पर उसके जीजा ने चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू लगने से 30 वर्षीय अनिल उर्फ अन्नी बाल्मीकि गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    बताया गया है कि विवाद की शुरुआत आरोपी धर्मेंद्र करोसिया और उसकी पत्नी के बीच पुराने पारिवारिक विवाद को लेकर हुई थी। अनिल की पत्नी काजल बाल्मीकि के मुताबिक उसकी ननद की शादी अशोकनगर निवासी धर्मेंद्र करोसिया से हुई थी। बाद में दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उनका तलाक हो गया। तलाक के बाद अनिल की ननद करीब सात महीने से शिवपुरी में अपने भाई और भाभी के साथ रह रही थी। आरोप है कि इसी बात को लेकर धर्मेंद्र नाराज रहता था और अक्सर शिवपुरी आकर विवाद करता था।

    गुरुवार रात करीब 8 बजे धर्मेंद्र एक बार फिर उनके घर पहुंचा। वहां उसने अपनी पूर्व पत्नी से विवाद शुरू कर दिया। घर में विवाद बढ़ता देख अनिल भी मौके पर पहुंच गया। अनिल के मुताबिक धर्मेंद्र उसकी बहन पर चाकू से हमला करने की कोशिश कर रहा था। बहन को बचाने के लिए वह दोनों के बीच आ गया। इसी दौरान धर्मेंद्र ने कथित तौर पर चाकू से अनिल के पेट में वार कर दिया।

    चाकू लगते ही अनिल गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। हमले के बाद आरोपी धर्मेंद्र मौके से फरार हो गया। घटना के बाद घर में अफरा तफरी मच गई। परिजन घायल अनिल को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। पेट में चाकू लगने के कारण उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने घायल युवक के बयान दर्ज किए हैं। इसके आधार पर आरोपी धर्मेंद्र करोसिया के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

    पुलिस इस पूरे मामले में पारिवारिक विवाद और तलाक के बाद चल रहे तनाव को भी जांच का हिस्सा बना रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी और उसकी पूर्व पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान अनिल के बीच में आने पर उस पर चाकू से हमला किया गया।

    फिलहाल घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस आरोपी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। घटना ने इलाके में भी सनसनी फैला दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को भी सामने लाया जाएगा।

  • शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत

    शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध को लेकर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी विभाग की टीम के बीच विवाद हो गया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर पहुंची महिलाओं ने कथित तौर पर लाठियां उठा लीं और पुलिस तथा आबकारी कर्मचारियों की ओर बढ़ गईं। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पहले से ही शराब दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं वहां पहुंचीं और दुकान बंद कराने की मांग करने लगीं। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने लाठियां हाथ में ले लीं और टीम की ओर बढ़ने लगीं। हालात को देखते हुए पुलिस और आबकारी कर्मचारियों ने पीछे हटना उचित समझा। दोपहर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस मौके पर मौजूद रही।

    शिवपुरी जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध पिछले करीब एक महीने से अलग अलग इलाकों में जारी है। महिलाओं की ओर से अवैध और कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। पिछोर और खनियाधाना क्षेत्र में भी महिलाओं ने शराब के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर महिलाओं ने शराब बेचने वालों के ठिकानों से कच्ची और अवैध शराब बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दी थी। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम की स्थिति भी बनी।

    अमोला क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सरकारी शराब दुकानों को लेकर लगातार विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। 8 सितंबर को नया अमोला नंबर दो में महिलाओं ने शराब दुकान में पहुंचकर शराब की पेटियां बाहर निकाल दी थीं और उनमें आग लगा दी थी। इसके बाद 9 सितंबर को भी महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर देर शाम तक मौके पर डटी रहीं। आबकारी विभाग की ओर से पांच दिन में दुकान हटाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ था।

    इसी दौरान देर रात थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां दुकान के भीतर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालने की बात सामने आई। इसके अगले दिन अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी टीम के बीच विवाद हो गया। लगातार तीन दिनों से सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    लगातार हो रहे विरोध के बीच शराब ठेकेदारों ने भी जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि नया अमोला थरखेड़ा अमोल मायापुर और खोड़ की सरकारी शराब दुकानों में पिछले तीन दिनों के दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि दुकानों की सुरक्षा नहीं हो पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने इन परिस्थितियों के बीच शराब दुकानों के लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही है।

    अब प्रशासन के सामने एक ओर महिलाओं की शराब विरोधी मांग और दूसरी ओर शराब ठेकेदारों की सुरक्षा तथा कारोबार से जुड़ी शिकायतें हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और विरोध कर रही महिलाओं की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • फ्रिज खोला तो सामने आया नशे का काला कारोबार, जबलपुर पुलिस ने 24 नशीले इंजेक्शन किए जब्त

    फ्रिज खोला तो सामने आया नशे का काला कारोबार, जबलपुर पुलिस ने 24 नशीले इंजेक्शन किए जब्त


    जबलपुर । जबलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गोरखपुर थाना पुलिस ने सेठीनगर निवासी बड़कू सोनकर को उसके घर से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनमें 11 बुप्रेनोरफिन और 13 फेनिरामाइन मैलेट के इंजेक्शन शामिल हैं। पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिले 3950 रुपए भी जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के मुताबिक 9 सितंबर को गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेठीनगर निवासी बड़कू सोनकर अपने घर से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर दबिश देने के लिए पहुंच गई। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी नशीले इंजेक्शनों को किसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रख सकता है।

    पुलिस टीम ने घर की तलाशी शुरू की। इसी दौरान आंगन में निर्माणाधीन कमरे में रखा एक फ्रिज पुलिस के निशाने पर आया। फ्रिज की तलाशी लेने पर उसके अंदर एक थैला मिला। जब पुलिस ने थैला खोला तो उसमें प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन रखे हुए थे। गिनती करने पर कुल 24 इंजेक्शन बरामद हुए। इनमें 11 इंजेक्शन बुप्रेनोरफिन के जबकि 13 इंजेक्शन फेनिरामाइन मैलेट के बताए गए हैं।

    पुलिस ने मौके से नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से प्राप्त 3950 रुपए भी जब्त किए। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह इन प्रतिबंधित इंजेक्शनों को नशे के आदी लोगों को बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई कहां से मिलती थी और इस अवैध कारोबार में उसके साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं।

    जांच के दौरान पुलिस को आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला है। पुलिस के अनुसार बड़कू सोनकर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से छह से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट के साथ सट्टा एक्ट एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं। इस वजह से पुलिस आरोपी से पूछताछ में पुराने मामलों और नशे के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद इंजेक्शन किस माध्यम से आरोपी तक पहुंचे थे और इनकी सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से नशीले इंजेक्शनों की अवैध सप्लाई से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

    थाना प्रभारी नितिन कमल के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप

    इंदौर में होटल के कमरे में ब्यूटिशियन की संदिग्ध मौत कारोबारी के साथ पहुंची थी महिला मुंह से झाग निकलने के बाद मौत से मचा हड़कंप


    इंदौर । इंदौर के तिलक नगर इलाके में एक होटल के कमरे में 32 वर्षीय ब्यूटिशियन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। महिला की पहचान सोनाली शर्मा के रूप में हुई है। वह एक पाइप कारोबारी के साथ होटल में रुकी थी। कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई और कारोबारी उसे अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद कारोबारी अस्पताल से चला गया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    पुलिस के मुताबिक सोनाली बुधवार दोपहर करीब दो बजे तिलक नगर स्थित एलएक्स होटल पहुंची थी। उसके साथ पाइप कारोबारी दीपक खंडेलवाल भी था। दोनों ने होटल में कमरा लिया था। कुछ समय बाद दीपक कमरे से बाहर आया और होटल स्टाफ को महिला की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उसने बताया कि महिला को अस्पताल ले जाना है। इसके बाद वह सोनाली को अक्षत अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    महिला की मौत के बाद कारोबारी उसे अस्पताल में छोड़कर वहां से चला गया। इधर होटल के कमरे में कोई हलचल नहीं होने पर स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। महिला की हालत को देखते हुए शुरुआती तौर पर जहर खाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस के अनुसार महिला के मुंह से झाग निकल रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ली है। अब फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि महिला होटल में कब पहुंची और उसके साथ कौन कौन मौजूद था। होटल में ठहरने के दौरान क्या हुआ इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    सोनाली के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिंक सिटी पार्लर में काम करती थी। इसी पार्लर के जरिए उसकी पहचान दीपक खंडेलवाल से हुई थी। पिता के मुताबिक कारोबारी पहले भी दो बार सोनाली के घर आ चुका था। बुधवार को सोनाली घर से पार्लर जाने की बात कहकर निकली थी। इसके बाद वह कारोबारी के साथ होटल पहुंची।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सोनाली अपने पति से अलग रह रही थी। उसका पति करीब एक साल से अलग रह रहा है और ड्राइवर का काम करता है। सोनाली की दो बेटियां हैं जिनकी उम्र 8 और 14 साल बताई गई है।

    तिलक नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कारोबारी दीपक खंडेलवाल की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशना चाहती है। होटल की सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल पुलिस मौत की वजह और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

  • कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज

    कृषि प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के कमरे से स्मैक बरामद पुलिस ने 14 पुड़िया जब्त कीं NDPS एक्ट में केस दर्ज


    शिवपुरी । शिवपुरी में कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ प्राचार्य की टेबल से कथित तौर पर स्मैक की 14 पुड़िया बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से कुल 1.66 ग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया है। मामले में कृषि प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य लक्ष्मीनारायण चौरसिया उम्र 59 वर्ष के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान प्राचार्य का मोबाइल फोन और कार्यालय में लगे सीसीटीवी सिस्टम की डीवीआर भी जब्त की है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार को कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे शहर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मोबाइल फोन पर सूचना मिली कि कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में एक कर्मचारी के पास स्मैक की पुड़िया मौजूद हैं और उन्हें छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ तत्काल कृषि प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे।

    पुलिस जब केंद्र पहुंची तो प्राचार्य कक्ष में लक्ष्मीनारायण चौरसिया मौजूद मिले। वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि प्राचार्य की टेबल की दराज में नशीले पदार्थ की पुड़िया रखी हुई हैं। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में टेबल की दराज की जांच की गई। दराज में सफेद पॉलिथीन के अंदर कागज में लिपटी हुई कई पुड़िया मिलीं। बताया गया कि कर्मचारियों ने इन पुड़ियों को दराज से निकालकर टेबल पर रख दिया था।

    पुलिस ने मौके पर पुड़ियों की गिनती की तो कुल 14 पुड़िया मिलीं। इसके बाद पुलिस ने तौल कांटा और जांच किट मंगवाई। पुड़ियों को खोलकर जांच की गई तो उनमें भूरे रंग का पाउडर मिला जिसे पुलिस ने स्मैक बताया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौल करने पर नशीले पदार्थ का कुल वजन 1.66 ग्राम पाया गया। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई ताकि जब्ती की प्रक्रिया को रिकॉर्ड में रखा जा सके।

    पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान प्राचार्य ने पंचनामा और जब्ती पत्र सहित नोटिस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनके हस्ताक्षर नहीं करने की बात का अलग से पंचनामा तैयार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने प्राचार्य के मोबाइल फोन के साथ कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी जब्त की है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बरामद नशीला पदार्थ वहां कैसे पहुंचा और इससे जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल से मिलने वाली जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल

    फर्जी IAS मामले में नया VIDEO वायरल: विधानसभा में प्रोबेशनर होने का दावा, कथित ठगी के बाद अब सहेलियों की भूमिका पर सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में फर्जी IAS बनकर कथित तौर पर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए VIDEO सामने आने के बाद पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। अशोकनगर के चंदेरी से शुरू हुए इस मामले की कड़ियां अब भोपाल तक पहुंच चुकी हैं और विधानसभा परिसर में बनाए गए एक VIDEO ने तृप्ति की कथित फर्जी अफसर वाली पहचान पर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। VIDEO में तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर के बाहर घूमती और ब्लॉग बनाती नजर आ रही है। लाल साड़ी में दिखाई दे रही तृप्ति को उसकी एक सहेली सीनियर अधिकारी बताती है जबकि तृप्ति खुद को प्रोबेशनर बताते हुए मजाक में कहती नजर आती है कि उनकी हरकतों को देखकर कोई उन्हें अधिकारी नहीं मानेगा।

    विधानसभा परिसर के बाहर शूट किए गए VIDEO में तृप्ति की सहेली कहती है कि वे विधानसभा अटेंड करने आई हैं और उन्होंने अपना पहला ब्लॉग बनाने का फैसला किया है। बातचीत के दौरान तृप्ति और उसकी सहेलियों के बीच हंसी मजाक भी होता है। एक सहेली कहती है कि वे दोनों प्रोबेशनर्स हैं जबकि तृप्ति पहले से उनकी सीनियर हैं। तृप्ति भी इस बातचीत में खुद को सीनियर बताते हुए अपनी सहेलियों के साथ दोस्ताना व्यवहार करने की बात कहती है। यह VIDEO सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या ऐसे वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों का इस्तेमाल लोगों के बीच खुद को असली सरकारी अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था।

    तृप्ति पर आरोप है कि वह अलग अलग जगहों पर खुद को IAS अधिकारी और मध्य प्रदेश पर्यटन निगम की बड़ी अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतती थी। चंदेरी में उसके खिलाफ चार युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख 80 हजार रुपए लेने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जांच के दौरान भोपाल में भी उसके खिलाफ 39 लाख 17 हजार रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। शिकायत के अनुसार एक व्यक्ति से होटल और रिसॉर्ट की संपत्ति लीज पर दिलाने के नाम पर 35 लाख 30 हजार रुपए और नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 87 हजार रुपए लिए गए।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तृप्ति के पास कथित तौर पर सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री मौजूद थी। पुलिस को CBI लिखा पहचान पत्र और सरकारी लेटरहेड जैसे दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा भारत सरकार लिखा एक इनोवा वाहन भी पुलिस जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल लोगों पर सरकारी अधिकारी होने का प्रभाव डालने के लिए किया जाता था या नहीं।

    पुलिस जांच में मंत्रालय और IAS अधिकारियों के नामों की सूची मिलने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि तृप्ति जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के नाम लेकर खुद को उनके करीब बताती थी जिससे लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और कितने लोग इसके प्रभाव में आए।

    भोपाल के मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो होटल रिसॉर्ट की लीज दिलाई गई और न ही नौकरी लग सकी। पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर केवल 1 लाख रुपए लौटाए गए जबकि बाकी रकम को लेकर विवाद बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में तृप्ति के भाई और अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    विधानसभा परिसर के VIDEO सामने आने के बाद अब पुलिस की नजर तृप्ति के पूरे नेटवर्क पर है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि उसकी सहेलियों और अन्य सहयोगियों को कथित फर्जी पहचान के बारे में कितनी जानकारी थी। चंदेरी से भोपाल तक फैले मामलों और विधानसभा परिसर के VIDEO ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में पुलिस पूछताछ और जांच से इस कथित फर्जी IAS नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी

    पत्नी से कहासुनी के बाद कमरे में गया था विनोद, कुछ देर बाद फंदे पर मिला शव; भोपाल के कृषक नगर में सनसनी


    भोपाल । भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। कृषक नगर में रहने वाले 55 वर्षीय लोडिंग ऑटो चालक विनोद कुशवाहा ने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ देर पहले ही विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा था। पत्नी ने उसके शराब पीकर आने का विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद जब परिजनों ने कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला। घटना के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना मिलने पर निशातपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया। पुलिस अब आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजहों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान विनोद कुशवाहा पिता लालूराम कुशवाहा के रूप में हुई है। वह निशातपुरा के कृषक नगर में अपने परिवार के साथ रहता था और लोडिंग ऑटो चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था। उसके परिवार में पत्नी एक बेटा और दो बेटियां हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि विनोद लंबे समय से शराब का सेवन करता था। शराब पीने के बाद उसका व्यवहार कई बार बदल जाता था और घर में पत्नी तथा बच्चों के साथ विवाद की स्थिति बन जाती थी।

    परिजनों के मुताबिक परिवार के लोग विनोद को शराब छोड़ने के लिए लगातार समझाते थे। पत्नी और बच्चों की ओर से उसे शराब से दूर रहने की सलाह दी जाती थी लेकिन वह कई बार इस बात पर नाराज हो जाता था। शराब छोड़ने की बात को लेकर भी घर में कहासुनी होने की जानकारी पुलिस को दी गई है। रविवार देर रात भी विनोद शराब के नशे में घर पहुंचा। पत्नी ने जब शराब पीकर आने पर आपत्ति जताई तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद विनोद अपने कमरे में चला गया और परिवार के लोग भी कुछ देर बाद शांत हो गए।

    कुछ समय बीतने के बाद परिजनों को विनोद की कोई गतिविधि नजर नहीं आई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। विनोद फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी में पत्नी से विवाद और शराब की लत को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।

    विनोद की मौत से परिवार सदमे में है। एक ओर घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजन टूट गए हैं तो दूसरी ओर इस घटना ने शराब की लत से पैदा होने वाले पारिवारिक तनाव और उसके गंभीर परिणामों को भी सामने ला दिया है। फिलहाल निशातपुरा पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • 17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच

    17 वर्षीय किशोर हत्याकांड में पुलिस के सामने नई चुनौती तीन सर्चिंग के बाद मिली सिर्फ पॉलीथिन, 12 लाख के ट्रांजैक्शन की भी जांच


    भोपाल । भोपाल के श्यामला हिल्स इलाके में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। हत्या के बाद किशोर के शरीर के एक हिस्से को काटकर छोटे तालाब में फेंके जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन बार तालाब में सर्चिंग की लेकिन अब तक उस अंग की बरामदगी नहीं हो सकी है। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पॉलीथिन जरूर मिली लेकिन उसमें वह अंग नहीं था जिसकी तलाश की जा रही थी। अब पुलिस आरोपियों के बयानों के साथ उनके बैंक खातों मोबाइल फोन कॉल डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क और कथित आर्थिक लालच की वास्तविकता सामने लाई जा सके।

    पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वारदात की साजिश 5 अगस्त को रची थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त की रात किशोर को 100 रुपए देने का लालच देकर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद किलोल पार्क के आसपास उसकी हत्या कर दी गई। जांच में यह भी सामने आया कि शरीर के हिस्से को काटने के लिए नया शेविंग ब्लेड खरीदा गया था जबकि हत्या में इस्तेमाल छुरी एक विधि विवादित बालक अपने साथ लेकर आया था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी जोहेब खान के साथ आमिर और तीन विधि विवादित बालकों को पकड़ा है।

    हत्या के बाद किशोर के शरीर के काटे गए अंग को छोटे तालाब में फेंकने की बात आरोपियों ने पुलिस को बताई थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने तालाब में तीन अलग अलग बार सर्चिंग की। हर बार उस इलाके के आसपास तलाश की गई जहां आरोपियों ने अंग फेंकने की बात कही थी। तलाशी के दौरान एक पॉलीथिन मिली और आरोपियों ने दावा किया कि इसी पॉलीथिन में अंग को बांधकर तालाब में फेंका गया था। हालांकि जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पॉलीथिन के अंदर वह अंग मौजूद नहीं था।

    अब पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि पानी के बहाव के कारण वह दूसरी जगह पहुंच गया हो या कई दिनों तक पानी में रहने के कारण जैविक अपघटन हो गया हो। पानी में मौजूद जीव जंतुओं और अन्य प्राकृतिक कारणों से भी उसके नष्ट होने की संभावना पर जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी संभावना को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। तालाब की गहराई पानी के बहाव और आसपास की भौगोलिक स्थिति को समझकर आगे की सर्चिंग की रणनीति तैयार की जा रही है।

    मामले की जांच में आर्थिक लेन देन भी पुलिस के लिए अहम कड़ी बन गया है। मुख्य आरोपी जोहेब के बैंक खाते में 12 लाख रुपए आने की सूचना सामने आई थी लेकिन पुलिस की तस्दीक में खाते में इतनी रकम जमा होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों की लेन देन हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वारदात से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की ओर से आरोपियों को कोई रकम मिली थी।

    पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के संपर्क में कौन लोग थे और वारदात से पहले तथा बाद में उनकी किस किस व्यक्ति से बातचीत हुई। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि कथित आर्थिक लालच की जानकारी आरोपियों को कहां से मिली और क्या इसके पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी।

    पूछताछ में आरोपियों के व्यवहार को लेकर भी पुलिस ने जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों में घटना को लेकर पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं दिखे और वे कथित तौर पर घटना के बारे में सामान्य तरीके से बात कर रहे थे। अब जांच एजेंसियां उनके आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर मामले की पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं।

    फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से की बरामदगी और हत्या के पीछे के वास्तविक मकसद की पूरी पुष्टि करना है। तीन बार तालाब में तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस मामले में आने वाले दिनों में बैंक लेन देन और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े नए सुराग सामने आने की उम्मीद है।

  • इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी

    इंदौर के दोहरे हत्याकांड में मासूम की गवाही पर टिकी नजर, घटना के तुरंत बाद रिकॉर्ड हुआ बयान जांच में बनेगा अहम कड़ी


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुए मां बेटी हत्याकांड की जांच में अब 8 साल के मासूम बेटे का बयान बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिता सुनील चौहान ने पहले पत्नी अनीता की हत्या की और इसके बाद दोनों बच्चों को हिंगोनिया तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 वर्षीय बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 वर्षीय बेटा अजय किसी तरह अपनी जान बचाकर तालाब से बाहर निकल आया। इसके बाद उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना के बाद पुलिस ने बच्चे का बयान मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब 2 मिनट 8 सेकंड का है। बाद में बच्चे का बयान अदालत में भी दर्ज कराया गया। घटना और बच्चे के पुलिस को दिए बयान की जानकारी की पुष्टि कई रिपोर्टों में हुई है।

    पुलिस के अनुसार तालाब में फेंके जाने के बाद बच्चे ने अपनी जान बचाने के लिए खुद को मृत होने का आभास दिया और मौका मिलते ही पानी से बाहर निकलकर सड़क की ओर पहुंचा। वहां गश्त कर रही पुलिस टीम की नजर उस पर पड़ी। गीले कपड़ों और घबराए हुए बच्चे ने पुलिस को जो जानकारी दी उसके बाद तालाब में तलाश अभियान शुरू किया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद उसकी बहन का शव बरामद किया गया। इस तरह घटना के तुरंत बाद सामने आया बच्चे का बयान पुलिस के लिए शुरुआती जांच का महत्वपूर्ण आधार बना।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अदालत में 8 साल के बच्चे की गवाही कितनी महत्वपूर्ण होगी। कानूनी तौर पर केवल उम्र कम होने की वजह से किसी बच्चे की गवाही को खारिज नहीं किया जाता। अदालत यह देखती है कि बच्चा सवाल समझने और उनके जवाब तार्किक तरीके से देने में सक्षम है या नहीं। यदि अदालत को लगता है कि बच्चा घटनाक्रम को समझने और सही तरीके से बताने की क्षमता रखता है तो उसकी गवाही को साक्ष्य के रूप में महत्व दिया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत ही करेगी और बयान की विश्वसनीयता दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के साथ परखी जाएगी।

    इस मामले में घटना के तुरंत बाद दिया गया बयान भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बच्चे ने घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस को जानकारी दी थी। ऐसे बयान की जांच करते समय पुलिस और अदालत परिस्थितियों तथा दूसरे साक्ष्यों से उसका मिलान कर सकती है। वीडियो रिकॉर्डिंग भी जांच में उपयोगी हो सकती है लेकिन केवल वीडियो बन जाना अपने आप में पर्याप्त नहीं माना जाता। डिजिटल रिकॉर्ड को कानून के मुताबिक सुरक्षित और प्रमाणित तरीके से अदालत के सामने पेश करना जरूरी होगा।

    मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्य आरोपी के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच होगी। इन सभी साक्ष्यों को एक साथ देखकर अदालत यह तय करेगी कि अभियोजन पक्ष के आरोप किस हद तक साबित होते हैं। इसलिए बच्चे का बयान महत्वपूर्ण होने के बावजूद पूरे मामले का फैसला केवल एक साक्ष्य के आधार पर नहीं बल्कि समग्र साक्ष्य के आधार पर होगा।

    इस घटना का सबसे संवेदनशील पहलू मासूम की मानसिक स्थिति भी है। उसने अपनी मां और बहन को खोया है और खुद भी जानलेवा परिस्थिति से बचकर निकला है। ऐसे हादसे का बच्चे के मन पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक उसे सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल देना जरूरी है। परिवार को उससे बार बार घटना पूछने के बजाय उसे भावनात्मक सहारा देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बाल मनोवैज्ञानिक या काउंसलर की मदद भी ली जा सकती है।

    इस पूरे मामले में एक तरफ पुलिस हत्या के आरोपों से जुड़े साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है तो दूसरी तरफ मासूम के भविष्य और मानसिक सुरक्षा की चुनौती भी सामने है। मां और बहन की मौत के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। ऐसे में अदालत में न्याय की प्रक्रिया के साथ उसकी देखभाल और पुनर्वास पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी होगा। आरोपी सुनील चौहान के खिलाफ पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया

    बर्थडे मनाने निकला परिवार, लौटकर आई मौत! 8 साल के मासूम ने बताया- पापा ने मां को चाकू मारा, बहन को तालाब में डुबोया


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव में हुई एक खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद अपने ही दो बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस घटना में 10 साल की बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 साल का बेटा अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। इसके बाद बच्चा किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और उसने जो घटनाक्रम बताया उससे पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने आरोपी पिता सुनील चौहान को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान 32 वर्षीय अनीता बाई के रूप में हुई है। उसका पति सुनील चौहान करीब 37 साल का है और पेशे से ड्राइवर है। बताया जा रहा है कि परिवार कुछ समय पहले ही झलारिया गांव में किराए के मकान में रहने आया था। मकान मालिक विक्रम चौधरी के मुताबिक घटना वाली रात सुनील अपनी पत्नी को जन्मदिन मनाने की बात कहकर रात करीब साढ़े नौ से दस बजे के बीच घर से बाहर लेकर गया था। उस समय दोनों बच्चे घर पर ही थे। कुछ देर बाद सुनील वापस आया और दोनों बच्चों को भी अपने साथ ले गया।

    इसके बाद घटनाक्रम ने बेहद भयावह रूप ले लिया। 8 साल के अजय के मुताबिक उसके माता-पिता के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसकी मां गंभीर रूप से घायल होकर तड़प रही थी और इसके बाद उसके पिता ने कथित तौर पर उसका गला भी दबाया। हालांकि हत्या की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच के बाद ही होगी।

    अजय के मुताबिक इसके बाद उसका पिता उसे और उसकी बहन माही को हिंगोनिया के पास स्थित तालाब पर ले गया। वहां दोनों बच्चों को पानी में फेंक दिया गया। अजय किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहा। इसके बाद वह अकेला पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। बच्चे की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी और कुछ समय बाद उसे झलारिया गांव से पकड़ लिया।

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर अनीता का शव बरामद किया गया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया। रातभर चले तलाशी अभियान के बाद 10 साल की माही का शव भी तालाब से बरामद कर लिया गया। शुरुआती जांच में अनीता के शरीर पर चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को गला घोंटने के भी संकेत मिले हैं। वहीं माही की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका है। मौत की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी।

    मृतका के मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि अनीता और सुनील के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। अनीता के पिता सुखराम के मुताबिक सुनील पहले भी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था और कई साल पहले उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी की गई थी। परिजनों का कहना है कि विवाद नया नहीं था और घरेलू हिंसा की घटनाएं पहले भी सामने आती रही थीं।

    परिजनों के अनुसार सुनील अनीता पर शक करता था और उसके दूसरे लोगों से बातचीत करने को लेकर विवाद करता था। करीब 20 दिन पहले भी मारपीट के बाद अनीता बच्चों के साथ इंदौर आई थी। परिवार की एक और बेटी अनुष्का भी सुनील के साथ नहीं रहती थी और दादा-दादी के पास रहती थी। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ भी मारपीट की जाती थी।

    वहीं सुनील की रिश्तेदार मालती कौशल ने अनीता के चरित्र को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अनीता का व्यवहार अच्छा था और उन्होंने कभी उसके चरित्र को लेकर ऐसी कोई बात नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार अलग-अलग रहता था इसलिए उन्हें घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

    पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या अचानक हुए विवाद के बाद हुई या आरोपी ने पहले से इसकी योजना बनाई थी। पुलिस घटना की पूरी टाइमलाइन के साथ हत्या के कारण और आरोपी के बयानों की भी जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना में एक मां और उसकी 10 साल की बेटी की जान चली गई जबकि 8 साल का बेटा इस भयावह घटना का प्रत्यक्षदर्शी बन गया है।