Tag: Madhya Pradesh crime

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

    उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल


    उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया।

    घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

  • जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या

    जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के बाद 33 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार देर रात की है, जहां पांच बदमाशों ने युवक को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    जानिए क्‍या है मामला

    जानकारी के मुताबिक, हनुमानताल निवासी मोनू उर्फ सादिल शादियों में दूल्हे के लिए घोड़ी उपलब्ध कराने का काम करता था। सोमवार रात वह घमापुर इलाके में एक शादी समारोह में घोड़ी लेकर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ युवक बाइक से वहां से निकल रहे थे। भीड़ अधिक होने के कारण मोनू ने उन्हें घोड़ी से दूर रहने को कहा, ताकि कोई हादसा न हो। इसी बात को लेकर आरोपियों से उसका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

    बारात खत्म होने के बाद देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच मोनू घर लौटा। घोड़ी बांधकर जैसे ही वह घर के अंदर जाने लगा, तभी बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर कई वार किए और खून से लथपथ हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद राहगीरों ने घायल मोनू को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हनुमानताल और घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

    परिवार की जिम्मेदारी थी मृतक पर

    मृतक के भाई मोहम्मद साबिर के अनुसार, परिवार हमलावरों को नहीं जानता। विवाद की वजह सिर्फ इतनी थी कि मोनू ने घोड़ी से दूर रहने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि मोनू ही पूरे परिवार का सहारा था और शादी-विवाह में घोड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच में जीशान नाम के युवक और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई है। हनुमानताल थाना पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

    दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया में मंगलवार सुबह एक भाजपा पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब पार्षद मंदिर से लौट रहे थे। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई।

    ऐसे हुआ हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 के पार्षद कल्लू कुशवाहा रोज की तरह चौराहे पर टहलने पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी, जबकि दूसरी पीठ में जा लगी। गोली लगते ही वे मौके पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    कई आपराधिक मामले दर्ज थे

    दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन के मुताबिक, कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में मामला वर्चस्व की रंजिश से जुड़ा माना जा रहा है।

    पहले भी हत्या के मामले में मिली थी सजा

    कल्लू कुशवाहा 2022 में वार्ड नंबर 1 से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बाल किशन कुशवाहा की हत्या के मामले में कल्लू सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। वह करीब चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित

    पार्षद की हत्या के बाद नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में सभी पार्षदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला ने बताया कि बजट पहले ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) में पारित हो चुका है, इसलिए इसे स्वतः मंजूर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

  • शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी में दबंगई: पुरानी रंजिश में पिता-पुत्रों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा, सरेराह गोली चलाने का भी सनसनीखेज आरोप

    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिल्लारपुर में आपसी रंजिश के चलते खूनी संघर्ष का मामला सामने आया है। यहाँ एक ही परिवार के तीन सदस्यों (पिता और उसके दो बेटों) ने मिलकर एक युवक पर प्राणघातक हमला कर दिया। घटना के दौरान न केवल लाठी डंडों का इस्तेमाल हुआ बल्कि पीड़ित पक्ष ने आरोपियों पर दहशत फैलाने के लिए गोली चलाने की कोशिश करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    घर के बाहर खड़े युवक पर अचानक हमला
    प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 11 मार्च की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। ग्राम सिल्लारपुर निवासी 30 वर्षीय कांतेश ओझा अपने घर के बाहर खड़े थे तभी गाँव के ही प्रमोद केवट अपने दो बेटों शिवम केवट और सागर केवट के साथ वहाँ पहुँच गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी जिसे लेकर आरोपियों ने पहुँचते ही गाली गलौज शुरू कर दी। जब कांतेश ने अभद्र भाषा का विरोध किया तो पिता और बेटों ने आपा खो दिया और सुनियोजित तरीके से उन पर हमला बोल दिया।

    परिजनों ने बीच बचाव कर बचाई जान

    आरोपियों ने कांतेश को घेरकर लाठी डंडों और लात घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में कांतेश के बाएं हाथ की कलाई पीठ और दाहिने पैर की पिंडली में गंभीर चोटें आई हैं। चीख पुकार सुनकर कांतेश की पत्नी छाया ओझा और माँ हसमुखी ओझा तुरंत मौके पर पहुँचीं। महिलाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर बीच बचाव किया तब कहीं जाकर आरोपी वहाँ से हटे। भागते समय आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

    गोली चलाने के आरोप से सनसनी
    इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब घायल के भाई हरगोविंद झा ने सनसनीखेज दावा किया कि विवाद के दौरान आरोपियों ने गोली चलाने का भी प्रयास किया था ताकि इलाके में दहशत पैदा की जा सके। घटना के तुरंत बाद घायल कांतेश को 108 एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल ले जाया गया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने करैरा थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई।

    पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी प्रमोद केवट शिवम केवट और सागर केवट के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद से गाँव में तनाव का माहौल है जिसे देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।

  • सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में

    सिंगरौली में छात्र की हत्या से भड़का जनाक्रोश, उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन फूंका; आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में 15 वर्षीय छात्र की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। मोरवा थाना क्षेत्र में लापता छात्र का शव जंगल में मिलने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना से नाराज भीड़ ने देर रात थाने के सामने जमकर हंगामा किया और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    जानकारी के अनुसार साईं नगर वार्ड क्रमांक 8 निवासी 15 वर्षीय पवन शाह 9 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे घर से बाहर निकला था। वह बिना बताए घर से गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजनों ने मोरवा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्र की तलाश शुरू कर दी थी।

    इसी बीच पुलिस को जंगल में एक शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान पवन शाह के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र की बेरहमी से हत्या की गई थी और आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को गिरफ्तार किया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। रामनिवास शाह ने भी मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी का गठन किया है, जो तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा।

    उधर छात्र की हत्या की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा भड़क उठा। देर रात बड़ी संख्या में लोग मोरवा थाने के सामने जमा हो गए और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और आक्रोशित लोगों ने एक पुलिस वाहन में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके बाद किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

    नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया।

    मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

  • बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या

    बैतूल में सनसनी: फागुन मेले की खुशियाँ मातम में बदलीं, पुरानी रंजिश में युवक की चाकू गोदकर हत्या


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ लोक संस्कृति और उल्लास के प्रतीक फागुन मेले के दौरान हिंसा का खूनी खेल खेला गया। जिले के आठनेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम हिरादेही में आयोजित फागुन मेले में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली जबकि एक अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।

    यह घटना 5 मार्च की शाम की है जब पूरा गाँव मेले की रौनक में डूबा हुआ था। जानकारी के अनुसार ग्राम बैरमढाना निवासी 25 वर्षीय राम प्रसाद कवडे उस दिन दोपहर में अपनी मौसी रनौती धुर्वे के घर हिरादेही आया हुआ था। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जब मेले का उत्साह चरम पर था अचानक मौसी के घर के सामने सड़क पर चीख पुकार और झगड़े की आवाजें सुनाई देने लगीं। जब राम प्रसाद बाहर निकला तो उसने देखा कि पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोग हिंसक हो उठे थे।

    विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने धारदार चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बीच बचाव करने आया एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मेले में मौजूद भीड़ इस अचानक हुए हमले से स्तब्ध रह गई। सूचना मिलते ही आठनेर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने फरियादी राम प्रसाद की शिकायत पर मामला दर्ज कर तत्काल घेराबंदी शुरू की।

    पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को दबोच लिया। जाँच के दौरान यह बात सामने आई कि इस जघन्य अपराध में मुख्य आरोपी के साथ दो अन्य किशोर नाबालिग भी शामिल थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जाँच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई जा रही है जो मेले के खुशनुमा माहौल में अचानक भड़क उठी।

    इस घटना ने एक ओर जहाँ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं वहीं दूसरी ओर मेले के दौरान उमड़ने वाली भीड़ में छिपे अपराधियों के मंसूबों को भी उजागर किया है। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

  • सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दबिश देकर अजीत उपाध्याय प्रबुद्ध शुक्ला और एक अन्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। तीनों आरोपियों को पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उस मामले में की गई है जिसमें एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार अलग अलग स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व इलाके में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार एक पिस्टल जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी जिले के कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट धमकी अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को शहर में लाकर उनका जुलूस भी निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और आरोपियों को पैदल घुमाया गया ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियार कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन किन घटनाओं में किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के Chhindwara जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौंसर नागपुर मार्ग पर स्थित सतनूर के पास नेशनल हाईवे 547 पर आरटीओ बैरियर के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पति पत्नी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और देखते ही देखते गुस्से की लहर फैल गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आरटीओ की सख्ती और अव्यवस्थित कार्रवाई के कारण आए दिन सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैरियर के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने से हादसों का खतरा बना रहता है।

    दंपति की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे 547 पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने आरटीओ के एक वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

    मौके पर शुरुआती दौर में केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे जो बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारी और कथित दलाल मौके से गायब हो गए जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही।

    लोगों का कहना है कि यदि बैरियर पर व्यवस्था दुरुस्त होती और यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।