कहां और कैसे हुआ आयोजन
मैदान पर उतरे सांसद
विजेताओं को मिले पुरस्कार
युवाओं को दिया संदेश
भविष्य की योजनाएं

कहां और कैसे हुआ आयोजन
मैदान पर उतरे सांसद
विजेताओं को मिले पुरस्कार
युवाओं को दिया संदेश

एक पेड़ से निकला बड़ा विचार
पूरी तरह जनसहयोग से हुआ विकास
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का समर्थन

घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर थाना पुलिस और सीएसपी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव बना रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गोरखपुर क्षेत्र में जॉनसन स्कूल कैंपस के पीछे स्थित चर्च में क्रिसमस कार्यक्रम के नाम पर शहर के अलग-अलग छात्रावासों से करीब 70 दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। चर्च के अंदर बच्चों से प्रार्थना कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी ने हिंदू संगठनों को सूचना दी कि इन बच्चों को लालच देकर धर्मांतरण के उद्देश्य से लाया गया है।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता चर्च पहुंच गए और आरोप लगाने लगे कि दिव्यांग बच्चों को भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बच्चों को जिस छात्रावास से लाया गया वहां से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई।विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और स्थिति को संभाला।पुलिस ने मौके से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में भी लिया है जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बच्चों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें खाने-पीने का लालच देकर चर्च के कार्यक्रम में लाया गया था। संगठन के पदाधिकारी विकास खरे ने कहा कि बच्चों को बताया गया था कि वे सिर्फ क्रिसमस की तैयारी में शामिल होने जा रहे हैं लेकिन चर्च में कथित रूप से धार्मिक बातें कराई जा रही थीं और हनुमान चालीसा को गलत बताया गया। उनका दावा है कि हर साल 25 दिसंबर के आसपास इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।वहीं चर्च की ओर से महिला लीला जोसफ ने सभी आरोपों को खारिज किया है।उन्होंने बताया कि यह एक सामान्य ईशू कार्यक्रम था जिसमें ब्लाइंड बच्चों को अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों-मेडिकल कॉलेज के पास सिविल लाइन और बायपास इलाके से-आमंत्रित किया गया था। उनका कहना है कि बच्चों को संबंधित संस्थाओं की अनुमति से ही लाया गया था और धर्मांतरण जैसा कोई उद्देश्य नहीं था।
सीएसपी एमडी नगोतिया ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके छात्रावास वापस भेज दिया गया है।पुलिस अब चर्च में कार्यक्रम आयोजित करने वालों और जिन दिव्यांग छात्रावासों से बच्चों को लाया गया था दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी भी पक्ष की ओर से कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है लेकिन पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


साइक्लोथॉन की शुरुआत अरेरा क्लब से हुई। इसके बाद रैली सीएम हाउसवन विहार नेशनल पार्क और सैर सपाटा होते हुए वापस अरेरा क्लब पहुंचकर संपन्न हुई। हरे-भरे रास्तों से गुजरती यह साइकिल रैली सुबह के समय शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आयोजकों के अनुसारइस इवेंट में कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि सबसे कम उम्र की प्रतिभागी 11 वर्षीय अरण्य चौहान रहीं। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और जोश सभी के लिए प्रेरणादायक बना। अफसरों ने भी माना कि बच्चों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश मिलता है।
प्रतियोगिता में पारीकी पांडला अक्षर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 मिनट में 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल किया। यह समय इस वर्ष के आईएएस सर्विस मीट साइकिलिंग इवेंट का सर्वश्रेष्ठ समय भी रहा। उनकी जीत का जश्न साथियों और अन्य अधिकारियों ने अनोखे अंदाज में मनाया। सम्मान स्वरूप कई अफसरों ने मौके पर ही पुश-अप्स लगाकर विजेता का हौसला बढ़ायाजिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।दूसरे स्थान पर एडिशनल कमिश्नर भोपाल शिवराज सिंह वर्मा और अभय सिंह संयुक्त रूप से रहे। दोनों ने 45 मिनट में रेस पूरी की। वहींतीसरा स्थान ईशान सुमन सिंह को मिलाजिन्होंने 47 मिनट में रेस पूरी कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया।
आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खासतौर पर अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। साइक्लोथॉन के बाद अरेरा क्लब में दिनभर खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा।इनमें क्विजडम्ब कराडेटग ऑफ वॉरबैडमिंटनटेबल टेनिसपूलबिलियर्ड्सब्रिजऔर रैपिड चेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।अधिकारियों और उनके परिजनों ने इन खेलों मेंउत्साह के साथ भाग लेकर आपसी सौहार्द और टीम भावना का परिचय दिया।
शाम को अरेरा क्लब में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी और प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें विभिन्न हाउस और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्विस मीट के पहले दिन गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। वहींबोट क्लब में आयोजित रोइंग इवेंट के दौरान अधिकारियों ने हाथों से चप्पू चलाकर बड़े तालाब में जमकर मस्ती की।मुख्य सचिव अनुराग जैन भी सर्विस मीट की गतिविधियों में शामिल हुए और क्रिकेट सहित अन्य खेलों का आनंद लिया। कुल मिलाकरआईएएस सर्विस मीट का यह आयोजन फिटनेसमनोरंजन और आपसी मेलजोल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आयाजिसने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

सुबह से ही स्टेशन पर उमड़ा उत्साह
सुविधाओं से लैस है भोपाल मेट्रो
टाइमिंग, किराया और ट्रिप की जानकारी
पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

अमर पैलेस कॉलोनी निवासी मुस्कान गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार रात पुरानी बात को लेकर फिर बहस हो गई। उसने कहा कि कुछ दिनों पहले, 4 दिसंबर को, नौकरी पर जाने की बात को लेकर पति अरुण राणे से झगड़ा हुआ था और तब भी उसने मारपीट की थी। बुधवार को वही विवाद दोबारा निकल आया और गुस्से में पति ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तेज दर्द शुरू हो गया। इसी दौरान सास सोनू राणे ने उसका बाल पकड़कर खींचा और लगातार अपशब्द कहे।
दर्द बढ़ने पर मुस्कान ने अपनी दादी मंगीबाई को फोन किया। दादी तुरंत घर पहुँचीं और उसे अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद पीड़िता ने पुलिस में पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मुस्कान ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसने अरुण राणे से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद से ही विवाद और मारपीट की घटनाएँ बढ़ती जा रही थीं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यूनिवर्सिटी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि कैंपस में 8 बॉयज और 2 गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें प्रतिष्ठित केटरर्स भोजन उपलब्ध कराते हैं। फूड मेन्यू छात्रों की फूड कमेटी तय करती है, और फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। पानी की गुणवत्ता ISO 10500 मानकों के अनुसार नियमित रूप से जांची जाती है, जिसके लिए ओजोनाइजर, सैंड फिल्टर और वॉटर सॉफ्टनर लगाए गए हैं। प्रबंधन ने यह भी बताया कि जल्द ही कैंपस में फूड और वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।
पीलिया फैलने की खबरों पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि कुल 17,121 छात्रों में से केवल 35 विद्यार्थियों में ही पीलिया के लक्षण पाए गए, जिन्हें तुरंत मेडिकल सुविधा दी गई। संस्थान में 24×7 डॉक्टर, नर्सें और 8-बेड की मेडिकल यूनिट मौजूद है। गंभीर मामलों में छात्रों को मान्यता प्राप्त अस्पतालों, जैसे चिरायु अस्पताल, भेजा गया। छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट न देने के आरोप को भी असत्य बताया गया।
VIT ने सुरक्षा और अनुशासन संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। संस्था ने कहा कि किसी अधिकारी को रोका नहीं गया, न ही छात्रों को धमकाया गया। यूनिवर्सिटी के अनुसार विरोध के दौरान अफवाहों के चलते छात्रों ने एक एम्बुलेंस, बस, कारें और लैब उपकरणों को नुकसान पहुंचाया, CCTV सिस्टम तोड़ दिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई। इन घटनाओं से कर्मचारियों की जान भी खतरे में पड़ी।
अंत में विश्वविद्यालय ने कहा कि शो-कॉज नोटिस गलत सूचनाओं पर आधारित है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। साथ ही, तथ्यात्मक सुनवाई का अवसर देने का अनुरोध भी किया गया। VIT भोपाल ने अपनी उपलब्धियों-डॉक्टरेट फैकल्टी, वैश्विक MoUs, आधुनिक लैब्स और प्लेसमेंट रिकॉर्ड-का उल्लेख करते हुए कहा कि वह हमेशा सभी मानकों का पालन करता आया है।