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  • बैतूल में इंसानियत की मिसाल: अजय कोरी ने CPR देकर बचाई युवक की जान, CCTV में कैद हुआ जीवनदान का पल

    बैतूल में इंसानियत की मिसाल: अजय कोरी ने CPR देकर बचाई युवक की जान, CCTV में कैद हुआ जीवनदान का पल


    बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत और तत्परता की मिसाल पेश कर दी। कॉलेज चौक इलाके में अचानक एक युवक को हार्ट अटैक आने से उसकी हालत बिगड़ गई और वह बाइक पर बैठे बैठे ही बेहोश होकर गिरने लगा। कुछ ही पलों में स्थिति बेहद गंभीर हो गई लेकिन मौके पर मौजूद एक युवक की सूझबूझ और हिम्मत ने एक जिंदगी को बचा लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह संतुलन खोकर गिरने लगा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह बेसुध हो चुका था। ऐसे नाजुक समय में पास ही दुकान पर खड़े अजय कोरी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत स्थिति को संभाला। उन्होंने तुरंत युवक को जमीन पर लिटाया और उसे CPR कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया।

    अजय कोरी की यह त्वरित कार्रवाई ही उस युवक के लिए जीवनदान साबित हुई। कुछ ही देर में युवक की सांसें फिर से चलने लगीं और उसकी हालत में सुधार आने लगा। इस दौरान आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी मदद की और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग दिया। अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    इस पूरी घटना का वीडियो पास की एक दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे अजय कोरी बिना घबराए पूरी समझदारी के साथ CPR दे रहे हैं और धीरे धीरे युवक की हालत में सुधार होता दिख रहा है। यह दृश्य न सिर्फ भावुक कर देने वाला है बल्कि यह भी सिखाता है कि आपात स्थिति में सही समय पर उठाया गया कदम किसी की जान बचा सकता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि अजय कोरी ने जिस तरह से सूझबूझ दिखाई वह काबिल ए तारीफ है। उनकी इस बहादुरी और मानवता के जज्बे की हर तरफ सराहना हो रही है। कई लोगों का मानना है कि अगर आम लोग भी CPR जैसी प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों को सीख लें तो ऐसी कई जानें बचाई जा सकती हैं।

    यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और सही समय पर की गई मदद किसी के लिए नई जिंदगी बन सकती है। अजय कोरी ने न केवल एक व्यक्ति की जान बचाई बल्कि समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश किया है कि आपात स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना कितना जरूरी है।

  • देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां घने जंगल के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर भारी मात्रा में सुतली बम, बारूद और पटाखा बनाने की सामग्री जब्त की है। हालांकि अभी तक इस अवैध फैक्ट्री के संचालक का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के पोलखाल जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आदिवासी क्षेत्र के घने जंगल में टीन शेड के नीचे दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। इसकी सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा।

    पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में एडिशनल एसपी एच.एन. बाथम, उदयनगर थाना प्रभारी सी.एल. रायकवार और अधिकारी बी.डी. वीरा सहित पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जब पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो वहां टीन शेड के नीचे पटाखे बनाने का काम चल रहा था और कई मजदूर भी मौके पर मौजूद मिले।

    छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सुतली बम और बारूद से भरे पैकेट बरामद हुए। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, धागे, केमिकल और अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक मौके से हजारों की संख्या में सुतली बम और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

    फिलहाल बरामद सामग्री की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

    प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि घने जंगल में फैक्ट्री संचालित करने के पीछे मकसद प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचना हो सकता है। फिलहाल पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है और फैक्ट्री संचालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,

    गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान एक महिला ने गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा कर दिया। कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही महिला जब इस बार भी खाली हाथ रह गई तो उसने वहीं खड़े होकर जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान वह जीभ निकालकर अजीब हरकतें करने लगी जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एजेंसी के गेट के पास खड़ी होकर जोर जोर से चिल्ला रही है और कर्मचारियों से बार बार गैस सिलेंडर देने की मांग कर रही है। इसी दौरान वह जीभ निकालकर डरावनी आवाजें भी निकालने लगती है। उसकी हरकतों को देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसे माता आना बता दिया और कहने लगे कि महिला पर देवी का साया आ गया है। हालांकि कई लोग उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश करते भी दिखाई दिए।

    बताया जा रहा है कि महिला पिछले कई दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही थी। बार बार आने के बावजूद जब उसे सिलेंडर नहीं मिला तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से और हताशा में उसने एजेंसी के गेट को पकड़कर जोर जोर से हिलाना भी शुरू कर दिया और उसे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य उपभोक्ता और कर्मचारी भी उसकी स्थिति देखकर हैरान रह गए।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए बार बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी वजह से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

    इस पूरे मामले को लेकर जौरा के एसडीएम शुभम शर्मा का कहना है कि हाल ही में गैस बुकिंग के सर्वर में तकनीकी समस्या आ गई थी जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अब सर्वर की समस्या ठीक कर दी गई है और एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं के नंबर के अनुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं।

    एसडीएम ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और महिला को किस वजह से परेशानी हुई इसकी भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि देर तक चले इस पूरे हंगामे के बाद भी महिला को उस समय गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया और उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

  • दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

    दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में हुई इस त्रासदी ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि समाज में फैल रहे डिजिटल प्रेम और उसके घातक परिणामों को भी उजागर किया है। शनिवार रात पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद मृतका के प्रेमी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    शादी से इनकार बना मौत की वजह

    पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से जो सच निकलकर सामने आया है वह बेहद विचलित करने वाला है। जानकारी के अनुसार जौन्हार निवासी इस नाबालिग किशोरी का जिगना क्षेत्र के रहने वाले नीरज पाल नामक युवक से पिछले करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी उस पर अटूट विश्वास करती थी और उससे विवाह करना चाहती थी। लेकिन जब किशोरी ने शादी का प्रस्ताव रखा तो नीरज पाल ने अपनी असलियत दिखाते हुए उसे ठुकरा दिया। आरोपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है और वह उससे शादी नहीं कर सकता। धोखे और उपेक्षा के इसी सदमे को मासूम किशोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई।

    मोबाइल कॉल डिटेल और FSL रिपोर्ट ने खोले राज

    यह घटना 26 दिसंबर की है जब किशोरी अपने ही घर के कमरे में पंखे के फंदे से लटकी पाई गई थी। शुरुआत में यह केवल आत्महत्या का मामला लग रहा था लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने कहानी बदल दी। पुलिस ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जिससे नीरज पाल के साथ उसके लंबे संबंधों की पुष्टि हुई। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से मिला। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई जिससे यह साबित हो गया कि आत्महत्या से पहले किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे।

    कानूनी शिकंजे में आरोपी नीरज पाल

    इन पुख्ता वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़ोनी थाना पुलिस ने नीरज पाल को इस मौत का जिम्मेदार माना है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने न केवल एक नाबालिग का शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए अपराधी कितना भी बचने की कोशिश करे वह बच नहीं सकता।

  • खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत

    खरगोन ट्रेंचिंग ग्राउंड की आग पर काबू, धुएं से सांस लेने में तकलीफ के बाद दो वर्षीय बच्चे की मौत


    खरगोन । मध्यप्रदेश खरगोन जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेर में लगी आग को प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद नियंत्रित कर लिया है। आग बुझाने के बाद भी कई दिनों तक कचरे से धुआं निकलता रहा जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसी बीच धुएं के कारण सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने के बाद अस्पताल से इंदौर रेफर किए गए दो वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से इलाके में शोक और चिंता का माहौल बन गया है।

    प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए।

    कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए।

    उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।

    इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है।

    प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।

  • गादेर घाटी में बड़ा हादसा टला: LPG टैंकर कंटेनर से टकराया, गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस-फायर टीम ने संभाली स्थिति

    गादेर घाटी में बड़ा हादसा टला: LPG टैंकर कंटेनर से टकराया, गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस-फायर टीम ने संभाली स्थिति


    गुना । मध्यप्रदेश के गुना जिले की गादेर घाटी में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर कंटेनर से टकरा गया और टक्कर के बाद टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया क्योंकि चलती गाड़ी से गैस लीक होने की सूचना मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते पुलिस और फायर फाइटर्स की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    जानकारी के अनुसार एलपीजी गैस से भरा टैंकर गुना के विजयपुर क्षेत्र की ओर से बनारस की तरफ जा रहा था। इसी दौरान गादेर घाटी क्षेत्र में किसी कारणवश टैंकर सामने चल रहे कंटेनर से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर में लगे वाल्व और पाइपलाइन के हिस्से से गैस का रिसाव शुरू हो गया। जैसे ही आसपास के लोगों और राहगीरों को गैस की तेज गंध का एहसास हुआ इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी।

    सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी। साथ ही एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात को भी नियंत्रित कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की चिंगारी या दुर्घटना की संभावना को टाला जा सके। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और संबंधित विभागों को भी तुरंत सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।

    फायर फाइटर्स की टीम मौके पर पहुंचते ही सक्रिय हो गई और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने सावधानीपूर्वक टैंकर की जांच की और रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस और फायर विभाग के कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता के साथ काम करते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए रखी।

    प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और फायर फाइटर्स की सूझबूझ के चलते गैस रिसाव की स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जाता तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में कुछ समय तक निगरानी रखी और यह सुनिश्चित किया कि गैस का रिसाव पूरी तरह बंद हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह दुर्घटना टक्कर के कारण हुई है हालांकि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यातायात भी सामान्य कर दिया गया है। समय पर की गई कार्रवाई और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

  • सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार

    सिलेंडर ब्लास्ट से दहला खजुराहो, परिवार का घर मलबे में तब्दील, प्रशासन से मदद की गुहार


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक जोरदार हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। राजनगर नगर परिषद के वार्ड नंबर 14 रानीपुरा में रहने वाले राजन कोरी के घर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पल भर में उनका घर मलबे में बदल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की तीव्रता से घर का पक्का लेंटर गिर गया, दीवारें ढह गईं और लोहे का गेट भी फटकर दूर जा गिरा। हालांकि हादसे के समय परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई। लेकिन घर का पूरा सामान, छत और संरचना पूरी तरह नष्ट हो गई है।

    घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल फैल गया। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। पीड़ित परिवार ने आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग करते हुए प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, ताकि वे फिर से अपना घर बना सकें।

    परिवार के सदस्य मजदूरी और कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उन्होंने पिछले चार-पांच सालों में अपनी मेहनत से यह घर बनाया था। सिलेंडर ब्लास्ट ने उनकी मेहनत को पल भर में नष्ट कर दिया। परिवार के लिए यह घटना मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

    स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों से उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को जल्द ही मदद और राहत प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने घर और जीवन को फिर से व्यवस्थित कर सकें।

  • बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल

    बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल


    बैतूल । बैतूल नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ की लेन में घुस गया और सामने से आ रहे बाइक सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और छह वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना रविवार को हाईवे पर स्थित झिटापाटी जोड़ के समीप घटित हुई। मूलत नर्मदापुरम के रहने वाले विकास राव 36 वर्ष अपनी पत्नी और छह साल के बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहरखेड़ा गांव की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि विकास अपने एक परिचित के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। नागपुर की ओर जा रहा एक भारी भरकम कंटेनर अचानक अपना संतुलन खो बैठा। रफ्तार इतनी तेज थी कि कंटेनर डिवाइडर से टकराने के बाद उसे लांघकर विपरीत दिशा रॉन्ग साइड वाली लेन में चला गया। इसी दौरान सामने से आ रहे विकास राव की मोटरसाइकिल सीधे कंटेनर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने विकास राव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी और मासूम बेटे का उपचार जारी है जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आरोपी कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रविवार की छुट्टी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

  • पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित

    पुलिया से 20 फीट नीचे गिरी गर्भवती महिला, अस्पताल पहुंचते ही दिया बच्ची को जन्म; हादसे के बाद भी मां-बेटी सुरक्षित


    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गंभीर सड़क हादसे के बाद भी मां और नवजात की जान सुरक्षित बच गई। जिले के भगवानपुरा क्षेत्र में स्थित सिरवेल के पास शुक्रवार को एक पुलिया पर बड़ा हादसा हो गया। एक अज्ञात बाइक की टक्कर के बाद बाइक सवार दंपती पुलिया से करीब 20 फीट नीचे जा गिरे। हादसे में गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।

    मिली जानकारी के अनुसार दंपती बाइक से अस्पताल की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि महिला गर्भवती थी और उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए परिवार के सदस्य उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सिरवेल के पास बनी पुलिया पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दंपती सीधे पुलिया से नीचे जा गिरे।

    करीब 20 फीट नीचे गिरने के कारण दोनों को चोटें आईं, वहीं गर्भवती महिला की हालत को लेकर आसपास मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल दंपती की मदद की। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए महिला को उठाकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत जरूरी इंतजाम किए और कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह खबर सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि हादसे की गंभीरता को देखते हुए सभी को मां और बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता थी।

    डॉक्टरों के अनुसार हादसे के बावजूद मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। फिलहाल महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। परिवार के सदस्यों ने भी राहत जताई है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी मां और बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।

    इस घटना के बाद पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद महिला ने सुरक्षित बच्ची को जन्म दिया। वहीं पुलिस अज्ञात बाइक चालक की तलाश में जुटी हुई है और मामले की जांच की जा रही है।